Published By : Admin |
October 5, 2018 | 14:40 IST
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نمبر شمار
مفاہمت نامے؍معاہدے؍سمجھوتے کانام
روس فیڈریشن کی جانب سے معاہدے پر دستخط کئے گئے
ہندوستان کی جانب سے معاہدے پر دستخط کئے گئے
1.
خارجی امور کی وزارت اور ایم ای اے کے درمیان 2023-2019 کے عرصے کیلئے مشاورتی پروٹوکال
رشین فیڈریشن کی وزارت خارجی امور کے وزیر جناب سرگئی لاؤروف
امور خارجہ کی وزیر محترمہ سشما سوراج
2.
روس فیڈریشن کی اقتصادی ترقی کے محکمے اور نیتی آیوگ (نیشنل انسٹی ٹیوشن فارٹرانسفارمنگ انڈیا کے درمیان مفاہمت نامہ
رشین فیڈریشن کے اقتصادی ترقی کے وزیر جناب میکسم اوریشن کن
نیتی آیوگ کے نائب صدر ڈاکٹر راجیو کمار
3.
ہندوستان خلائی تحقیق تنظیم (اسرو) اور فیڈرل اسپیس ایجنسی آف رشیاء‘‘روسوکام’’ کے مابین انسانی خلائی پروگرام کے میدان میں مشترکہ سرگرمیوں پر معاہدہ
ڈئرکٹر آف روسوکوم کے جناب دیمتری روگوزن
خارجہ سکریٹری جناب وجے گوکھلے
4.
ہندوستان اور روسی ریلوے کے مابین تعاون کا معاہدہ
روسی ریلوے کے سی ای او –چیئرمین جناب اولیگ بیلے زیروو
خارجہ سکریٹری جناب وجے گوکھلے
5.
نیوکلیائی میدان میں عملی منصوبے پر ترجیح اور نفاذ میں تعاون کے میدان میں سمجھوتہ
روزیٹوم کے ڈی جی جناب ایلیکسی لیکھا چیو
ڈی اے ای، سکریٹری، جناب کے وی ویاس
6.
ٹرانسپورٹ تعلیم میں ترقیاتی تعاون میں روسی ٹرانسپورٹ وزارت اور بھارتی ریلوے کے مابین مفاہمت نامہ
ہندوستان میں روسی فیڈریشن کے سفیر عزت مآب جناب نکولے کداشیو
روس میں ہندوستانی سفیر جناب ڈی بی وینکٹیش ورما
7.
قومی چھوٹے درجے کی صنعتوں کی کوآپریشن (این ایس آئی سی)، انڈیا اور روس کی چھوٹے اور درمیانہ درجے کی تجارتی کوآپریشنوں کے درمیان چھوٹی، درمیانہ اور انتہائی چھوٹی صنعتوں کے میدان میں آپسی تعاون کیلئے معاہدہ
روس کے چھوٹے اور درمیانہ درجے کی تجارتی کوآپریشنوں کے ڈائریکٹر جنرل جناب ایلیگزینڈر بریورمن
روس میں ہندوستانی سفیر جناب ڈی بی وینکٹیش ورما
8.
فرٹیلائزر شعبے میں تعاون رشین ڈائریکٹ انویسٹمنٹ فنڈ، (آر ڈی آئی ایف) اور بی جے ایس سی فوساگرو (پوش ایگرو) اور بھارتی پوٹاش لمیٹیڈ (آئی پی ایل) کے درمیان مفاہمت نامہ
روسی ڈائریکٹ انویسٹمنٹ فنڈ کے ڈائرکٹر جنرل جناب کِرل دیمتریو
Text of PM's remarks during ‘Karmayogi Sadhana Saptah’
April 02, 2026
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The core principle of governance we are following today is ‘Nagrik Devo Bhava” with focus on making public services more capable, more sensitive to citizens: PM
Today's India is aspirational, every citizen has dreams and goals, and upon all of us lies the responsibility to provide maximum support to fulfil them: PM
Before every decision, when we think what our duty demands, the impact of our decisions will multiply many times over by itself : PM
We must view our current efforts against the larger canvas of the future, how one decision can change lives of many citizens, how our individual transformation can lead to institutional transformation: PM
A better administrator, a better public servant, will be one who possesses a strong understanding of technology and data, this will form the very basis of decision-making: PM
We have to break silos and move forward with better coordination, shared understanding and a whole-of-government approach, only then will every mission succeed: PM
प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री पी. के. मिश्रा जी, कर्मयोगी भारत के चेयरमैन श्री एस. रामादोरई जी, कपैसिटी बिल्डिंग कमीशन की चैयरपर्सन एस. राधा चौहान जी, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों !
कर्मयोगी साधना सप्ताह के इस आयोजन के लिए आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 21वीं सदी के इस कालखंड में तेजी से बदलती व्यवस्थाएं, तेजी से बदलती दुनिया और उनके बीच उसी रफ्तार से आगे बढ़ता हमारा भारत, इसके लिए पब्लिक सर्विस को समय के अनुरूप निरंतर अपडेट करना जरूरी है। कर्मयोगी साधना सप्ताह, उसी प्रयास की एक अहम कड़ी है। आप सभी परिचित हैं, आज गवर्नेंस के जिस सिद्धांत को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसका मूल मंत्र है- नागरिक देवो भव:। इस मंत्र में समाहित भावना के साथ आज पब्लिक सर्विस को ज्यादा capable, नागरिकों के लिए ज्यादा sensitive बनाने पर फोकस किया जा रहा है। अब शासन को citizen-centric बनाकर एक नई पहचान दी जा रही है।
साथियों,
सफलता का एक बड़ा सिद्धांत ये भी है कि दूसरों की लकीर छोटी करने के बजाय, अपनी लकीर बड़ी करो। हमारे देश में आजादी के बाद से कई तरह संस्थाएं अलग-अलग फोकस के साथ काम कर रही थीं, लेकिन आवश्यकता थी एक ऐसी संस्था की, जिसका फोकस Capacity Building हो, जो सरकार में काम करने वाले हर कर्मचारी, हर कर्मयोगी का सामर्थ्य बढ़ाए। इसी सोच ने Capacity Building Commission-CBC को जन्म दिया। आज CBC के स्थापना दिवस पर ये नई शुरुआत, और iGOT मिशन कर्मयोगी की सफल भूमिका हमारे प्रयासों को कई गुना ऊर्जा दे रहे हैं। मुझे विश्वास है, इन प्रयासों से हम आधुनिक, सक्षम, समर्पित और संवेदनशील कर्मयोगियों की टीम बनाने में सफल होंगे।
साथियों,
कुछ सप्ताह पहले जब सेवा तीर्थ का लोकार्पण हो रहा था, तब भी मैंने आपके समक्ष विस्तार से विकसित भारत के संकल्प की चर्चा की थी। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें फास्ट इकोनॉमिक ग्रोथ चाहिए, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी चाहिए, हमें देश में बड़ी संख्या में skilled workforce तैयार करने होंगे, और इन लक्ष्यों की सफलता में हमारे पब्लिक इंस्टीट्यूशंस और पब्लिक सर्वेंट्स की भूमिका बहुत अहम है। हम सभी देख रहे हैं, महसूस भी कर रहे हैं कि आज का भारत कितना आकांक्षी है, Aspirational है। हर देशवासी के पास उसके अपने सपने हैं, अपने लक्ष्य हैं, और हम सभी पर उन सपनों को पूरा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट का दायित्व है। हमारी गवर्नेंस ऐसी हो कि देश के नागरिकों की Ease of Living, Quality of Life दिनों-दिन बेहतर होनी चाहिए, यही हमारी कसौटी है। और इसके लिए आपको हर दिन नया सीखने की जरूरत है, आपको कर्मयोगी की भावना में खुद को ढालने की जरूरत है।
साथियों,
जब हम प्रशासनिक सेवाओं में सुधार और बदलाव की बात करते हैं, तो उसका एक आशय है- Public Servants के व्यवहार में बदलाव। ये बात हम सब जानते हैं कि पुरानी व्यवस्था में ज़ोर अधिकारी होने पर ज्यादा होता था। लेकिन आज देश का ज़ोर कर्तव्य भावना पर ज्यादा है, पद नहीं, कार्य का महत्व बढ़े। संविधान भी हमारे कर्तव्यों से ही हमें अधिकार प्रदान करता है। हर फैसले से पहले, जब आप ये सोचेंगे कि आपकी duty क्या कहती है, तो आपके फैसलों का impact अपने आप कई गुना बढ़ जाएगा, और मैं आपसे एक बात फिर दोहराउंगा, हमें हमारे वर्तमान प्रयासों को भविष्य के एक बड़े canvas पर देखना चाहिए। 2047, विकसित भारत, यही canvas है हमारा, यही लक्ष्य है। हम आज जो काम कर रहे हैं, इसका असर देश की विकास यात्रा पर क्या होगा, हमारे एक निर्णय से कितने नागरिकों का जीवन बदल सकता है। हमारा एक individual transformation कैसे institutional transformation बन सकता है। ये प्रश्न हमारे हर प्रयास का हिस्सा होना चाहिए। अपने अनुभव से मैं ये कह सकता हूँ, इसके लिए आपको बहुत ऊर्जा चाहिए होती है, ये ऊर्जा हमें केवल और केवल सेवाभाव से मिल सकती है।
साथियों,
जब हम लर्निंग की बात करते हैं, तो आज के परिप्रेक्ष्य में टेक्नोलॉजी का महत्व बहुत बढ़ जाता है। आप सब देख रहे हैं, बीते 11 वर्षों में शासकीय और प्रशासकीय कामों में किस तरह टेक्नोलॉजी का इंटिग्रेशन हुआ है। हमने गवर्नेंस और डिलीवरी से लेकर इकोनॉमी तक, tech-revolution की ताकत देखी है। अब AI की दस्तक के बाद ये बदलाव और तेज होने वाला है। इसलिए, टेक्नोलॉजी को समझना और उसका सही उपयोग करना, ये पब्लिक सर्विस का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। अब बेहतर एड्मिनिस्ट्रेटर, बेहतर पब्लिक सर्वेंट वही होगा, जिसे टेक्नोलॉजी और डेटा की समझ होगी। यही आपके डिसीजन मेकिंग का आधार बनेगा। इसलिए, AI के क्षेत्र में capacity building और निरंतर learning को facilitate करने के लिए काम हो रहा है। इसमें आप सभी की भागीदारी और सहभागिता, दोनों बहुत महत्वपूर्ण हैं। मुझे उम्मीद है, कर्मयोगी साधना सप्ताह में इस विषय पर भी उतना ही फोकस किया जाएगा।
साथियों,
हमारे फेडरल स्ट्रक्चर में देश की सक्सेस का मतलब है- राज्यों की भी कलेक्टिव सक्सेस। हमने दशकों तक देश में राज्यों का categorization देखा है, क्या-क्या सुनते थे, अगड़े राज्य, पिछड़े राज्य, बीमारू राज्य, आज हम ऐसी सभी परिभाषाओं को खत्म कर रहे हैं। हमें राज्यों के बीच हर तरह के गैप्स को भरना है, और ये तभी होगा, जब हर राज्य एक जैसी intensity से काम करेगा। हमें silos को तोड़ना है, हमें बेहतर coordination और shared understanding के साथ आगे बढ़ना होगा। इसके लिए हमें whole of government approach की जरूरत है। सरकार और ब्यूरोक्रेसी दोनों इस अप्रोच को अपनाएंगे, तो हर मिशन में सफलता मिलेगी। साधना सप्ताह के द्वारा यही सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
साथियों,
हमें हमेशा ये याद रखना चाहिए, सामान्य मानवी के लिए स्थानीय ऑफिस ही सरकार का चेहरा होता है। आपकी कार्यशैली, आपका व्यवहार, इससे ही लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्थाओं में नागरिकों का भरोसा तय होता है। इसलिए, हम जो भी करें, जिस भी स्तर पर करें, हमें उस भरोसे को संभालकर रखना है। मैं एक बार फिर Capacity Building Commission की पूरी टीम को बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि कर्मयोगी साधना सप्ताह, विकसित भारत की हमारी यात्रा में एक अहम अध्याय बनेगा।