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क्रम संख्या
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समझौता ज्ञापन/समझौता:/संधि का नाम
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रूसी संघ की ओर से प्रदानकर्ता
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भारत की ओर से प्रदानकर्ता
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1.
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2019-23 अवधि के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच परामर्श के लिए प्रोटोकॉल
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महामहिम श्री सर्जेई लेवरोव,रूसी संघ के विदेश मंत्री
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श्रीमती सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री, भारत
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2.
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रूसी संघ के आर्थिक विकास मंत्रालय तथा भारत परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय संस्थान (नीति आयोग) के बीच समझौता ज्ञापन
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महामहिम श्री मैक्सिम ओरेश्किन, रूसी संघ के आर्थिक विकास मंत्री
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डॉ. राजीव कुमार, उपाध्यक्ष,नीति आयोग
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3.
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मानव अंतरिक्षयान कार्यक्रम के क्षेत्र में संयुक्त गतिविधियों पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) तथा रूस की संघीय अंतरिक्ष एजेंसी ‘रोसकोसमोस’ के बीच समझौता ज्ञापन
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श्री दिमित्री रोगोजिन,
निदेशक रोसकोसमोस
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श्री विजय गोखले, विदेश सचिव, भारत
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4.
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भारतीय और रूसी रेल के बीच सहयोग ज्ञापन
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श्री ओलेग बेलोजेरोव,
जेएससी रूसी रेलवे के सीईओ-अध्यक्ष
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श्री विजय गोखले विदेश सचिव, भारत
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5.
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परमाणु क्षेत्र में प्राथमिकता तथा सहयोग क्षेत्र के क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना
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श्री एलेक्सी लिखाचेव
महानिदेशक, रोसातोम
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श्री के.एन. व्यास, सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग
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6.
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परिवहन शिक्षा में विकास सहयोग पर रूस के परिवहन मंत्रालय और भारतीय रेलवे के बीच समझौता ज्ञापन
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महामहिम श्री निकोले कुदाशेव
भारत में रूसी संघ के राजदूत
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श्री डी.बी.वेंकटेश वर्मा
रूस में भारत के राजदूत
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7.
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सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम क्षेत्र में सहयोग पर भारत के राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) तथा रूसी लघु और मध्यम व्यवसाय निगम (आरएसएमबी) के बीच समझौता ज्ञापन
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श्री अलेक्जेंडर ब्रेवरमेन, महानिदेशक,रूसी लघु और मध्यम व्यवसाय निगम
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श्री डी.बी.वेंकटेश वर्मा
रूस में भारत के राजदूत
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8.
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रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ), पीजेएससी फोसाग्रो (फोसएग्रो) तथा भारतीय पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) के बीच उर्वरक क्षेत्र में सहयोग समझौता
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श्री किरील दिमित्रीव
महानिदेशक रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष
फोस एग्रो के सीईओ आंद्रे गुरयेव
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श्री डी.बी.वेंकटेश वर्मा
रूस में भारत के राजदूत
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Media Coverage
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और साथ ही, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा हुई। इस मुद्दे पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी।
कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी/एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। एलपीजी की खरीद के लिए स्रोतों में विविधता लाई जा रही है, जिसके तहत विभिन्न देशों से नई आपूर्ति शुरू की गई है। इसी तरह, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी अलग-अलग देशों से प्राप्त की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं, और एलपीजी की जमाखोरी तथा कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए 'एंटी-डायवर्जन' (गलत इस्तेमाल रोकने संबंधी) प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं।
पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने के लिए भी पहल की गई है। भारी गर्मियों के महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, 7-8 जीडब्ल्यू क्षमता वाले गैस-आधारित बिजली संयंत्रों को गैस पूलिंग तंत्र से छूट देने और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयला पहुंचाने के लिए रेक की संख्या बढ़ाने जैसे उपाय भी किए गए हैं।
इसके अलावा, कृषि, नागर विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई।
उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, जरूरतों को पूरा करने हेतु यूरिया का उत्पादन बनाए रखने और डीएपी/एनपीकेएस आपूर्तिकर्ताओं के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय करने जैसे विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे दैनिक निगरानी, छापेमारी और कड़ी कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाएं।
पिछले एक महीने से खाद्य पदार्थों की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कीमतों की लगातार निगरानी करने और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बातचीत करने, तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू करने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों की कीमतों की भी निगरानी की जा रही है।
ऊर्जा, उर्वरकों और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए हमारे स्रोतों में वैश्विक स्तर पर विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं; साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहलें और निरंतर कूटनीतिक प्रयास भी किए जा रहे हैं।
संकट में बढ़ोतरी के बीच प्रभावी जानकारी के प्रसार और जन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तरों पर बेहतर समन्वय, रीयल-टाइम संचार और सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिए आवश्यक सामानों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ और रबी मौसमों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत जानकारी और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी के सुचारू प्रवाह पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।
Chaired a meeting of the Cabinet Committee on Security (CCS). Reviewed the steps being taken by various Ministries and Departments in the wake of the ongoing West Asia conflict and also discussed the next set of initiatives to be taken. Aspects relating to sectors like energy,… pic.twitter.com/vb0UluPbtu
— Narendra Modi (@narendramodi) April 1, 2026

