പ്രസിഡന്റ് പെസെഷ്കിയാൻ നിലവിലെ സ്ഥിതിഗതികൾ വിശദീകരിച്ചു
പ്രധാനമന്ത്രി അഗാധമായ ആശങ്ക പ്രകടിപ്പിക്കുകയും, സംഘർഷം ഒഴിവാക്കുന്നതിനും സംഭാഷണത്തിനും നയതന്ത്രത്തിനും സമാധാനം, സുരക്ഷ, സ്ഥിരത എന്നിവ പുനഃസ്ഥാപിക്കുന്നതിനുമുള്ള ആഹ്വാനം ആവർത്തിക്കുകയും ചെയ്തു​
ഇന്ത്യൻ സമൂഹത്തെ തിരികെ നാട്ടിലെത്തിക്കുന്നതിനു പിന്തുണ നൽകിയ പ്രസിഡന്റ് പെസെഷ്കിയനോടു പ്രധാനമന്ത്രി നന്ദി പറഞ്ഞു
വിവിധ മേഖലകളിൽ ഉഭയകക്ഷിസഹകരണം ശക്തിപ്പെടുത്തുന്നതിനുള്ള നടപടികളെക്കുറിച്ചു നേതാക്കൾ ചർച്ച നടത്തി

പ്രധാനമന്ത്രി ശ്രീ നരേന്ദ്ര മോദിയുമായി ഇറാൻ പ്രസിഡന്റ് മസൂദ് പെസെഷ്കിയൻ ഇന്നു ടെലിഫോൺ സംഭാഷണം നടത്തി.

പ്രസിഡന്റ് പെസെഷ്കിയാൻ മേഖലയിലെ നിലവിലെ സാഹചര്യങ്ങൾ, പ്രത്യേകിച്ച് ഇറാനും ഇസ്രയേലും തമ്മിലുള്ള സംഘർഷം സംബന്ധിച്ച വസ്തുതകളും കാഴ്ചപ്പാടും, പ്രധാനമന്ത്രിയോടു പങ്കുവച്ചു.

അടുത്തിടെ നടന്ന സംഘർഷങ്ങളിൽ ഇന്ത്യയുടെ തീവ്രമായ ആശങ്ക പ്രധാനമന്ത്രി പ്രകടിപ്പിച്ചു. ഇന്ത്യ സമാധാനത്തിന്റെയും മാനവികതയുടെയും പക്ഷത്താണെന്നു പ്രധാനമന്ത്രി അറിയിച്ചു. ഈ സാഹചര്യത്തിൽ, മുന്നോട്ടുള്ള വഴിയായി ഉടനടി സംഘർഷം ഒഴിവാക്കൽ, സംഭാഷണം, നയതന്ത്രം എന്നിവയുടെ ആവശ്യകതയ്ക്ക് പ്രധാനമന്ത്രി ഊന്നൽ നൽകി. മേഖലയിലെ സമാധാനം, സുരക്ഷ, സ്ഥിരത എന്നിവ എത്രയും വേഗം പുനഃസ്ഥാപിക്കുന്നതിനുള്ള ഇന്ത്യയുടെ പിന്തുണ അദ്ദേഹം ആവർത്തിച്ചു.

ഇന്ത്യൻ സമൂഹത്തിന്റെ സുരക്ഷിതമായ തിരിച്ചുവരവിനും പുനരധിവാസത്തിനും തുടർച്ചയായി നൽകുന്ന പിന്തുണയ്ക്കു പ്രസിഡന്റ് പെഷേഷ്കിയനോടു പ്രധാനമന്ത്രി നന്ദി പറഞ്ഞു. വ്യാപാര-സാമ്പത്തിക സഹകരണം, ശാസ്ത്ര-സാങ്കേതികവിദ്യ, ജനങ്ങൾ തമ്മിലുള്ള ബന്ധം എന്നിവയുൾപ്പെടെ വിവിധ മേഖലകളിൽ ഉഭയകക്ഷിസഹകരണം ശക്തിപ്പെടുത്തുന്നതിനായി തുടർന്നും പ്രവർത്തിക്കാനുള്ള പൊതുവായ പ്രതിജ്ഞാബദ്ധത ഇരുനേതാക്കളും ആവർത്തിച്ചു.

പരസ്പരബന്ധം തുടർന്നും മുന്നോട്ടുകൊണ്ടുപോകാൻ ഇരുനേതാക്കളും ധാരണയായി.

 

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This year’s Union Budget lays the roadmap for Viksit Bharat, driven by technology, reforms and finance: PM Modi
February 27, 2026
This year’s Union Budget lays the roadmap for Viksit Bharat, driven by technology, reforms and finance: PM
We have simplified processes, improved the Ease of Doing Business, expanded technology-led governance, and strengthened institutions; and even today, the country is riding the 'Reform Express': PM
In the past decade, we have had a very strong focus on infrastructure: PM
In the past decade, we have continued to maintain a very strong focus on infrastructure: PM
We have made a conscious decision that India's development will only be achieved by creating solid assets such as Highways, Railways, Ports, Digital Networks, and Power Systems: PM
These assets will continue to generate productivity for many decades to come. For this reason, Public Capital Expenditure is being continuously increased: PM
When Government, Industry, and Knowledge Partners move forward together, then Reforms change into Results, only then do announcements become achievements, on the ground: PM

 

नमस्कार !

इस साल के पहले Budget Webinar में, मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। बीते कुछ वर्षों में बजट वेबिनार, इसकी एक मजबूत परंपरा बन गई है। अक्सर बजट का आंकलन अलग-अलग पैरामीटर्स पर किया जाता है, कभी Stock Market की चाल पर बात होती है, कभी Income Tax प्रस्तावों पर चर्चा केंद्रित हो जाती है। सच्चाई ये है कि राष्ट्रीय बजट कोई short-term trading document नहीं होता, वह एक policy roadmap होता है। इसलिए बजट की प्रभावशीलता का आंकलन भी ठोस पैरामीटर्स पर किया जाना चाहिए। ऐसी नीतियां जो infrastructure का विस्तार करें, जो credit के प्रवाह को आसान बनाएं, जो Ease of Doing Business बढ़ाएं, जो governance में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाएं, जो जनता का जीवन आसान बनाएं, उनके लिए नए-नए अवसर बनाएं। बजट में इससे जुड़े निर्णय ही अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती देते हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि किसी भी Budget को अलग-थलग, stand alone करके नहीं देखा जाना चाहिए। Nation Building, राष्ट्र निर्माण, यही एक निरंतर प्रक्रिया होती है। हर Budget एक बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक चरण होता है, और हमारे सामने वो बड़ा लक्ष्य है साल 2047, 2047 तक विकसित भारत का निर्माण। हर Reform, हर आवंटन, हर बदलाव को इस लंबी यात्रा के हिस्से के रूप में ही देखा जाना चाहिए। और इसलिए, हर साल बजट के बाद होने वाले ये वेबिनार बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। मेरी अपेक्षा है कि ये वेबिनार केवल Ideas के आदान-प्रदान तक सीमित न रहें, बल्कि एक प्रभावी brainstorming exercise बनें। आपके अनुभव और व्यावहारिक चुनौतियों पर आधारित सुझाव, आर्थिक रणनीतियों को और बेहतर बनाने और समाधान खोजने में अवश्य मदद करेंगे। जब Industry, Academia, Analysts और Policymakers मिल करके सोचते हैं, तो योजनाओं का implementation और बेहतर होता है, result और सटीक मिलते हैं। इन वेबिनार्स की सीरीज के पीछे यही एक भावना है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अगर आप स्वयं के विषय में सोचे, तो आपके जीवन का बहुत अच्छा, महत्वपूर्ण कालखंड बीत चुका है। अब हम देश की विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण समय में हैं। ये वो समय है, जब हमारी अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है, और साथ ही भारत पिछले एक दशक में, भारत ने असाधारण Resilience दिखाई है, और ये संयोग से नहीं आई है, हमारी Resilience, Conviction-Driven Reforms की देन है। हमने Processes को सरल किया है, Ease of Doing Business को बेहतर बनाया है, Technology-Led Governance का विस्तार किया है, Institutions को मजबूत किया है, और आज भी ये देश Reform Express पर सवार है। इस Momentum को बनाए रखने के लिए हमें ना केवल पालिसी इंटेंट पर ध्यान देना है, बल्कि डिलीवरी एक्सीलेंस पर भी फोकस करना है। Reforms का मूल्यांकन घोषणा से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनके प्रभाव से होना चाहिए। हमें AI, Blockchain और डेटा Analytics का व्यापक उपयोग कर Transparency, Speed और Accountability बढ़ानी ही होगी, और साथ ही Grievance Redressal Systems से Impact की निरंतर Monitoring भी करनी होगी।

साथियों,

पिछले एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारा बहुत फोकस रहा है। हमने सोच-समझकर ये फैसला किया कि भारत का विकास हाईवेज, Railways, Ports, डिजिटल नेटवर्क, Power Systems, ऐसे अनेक, ऐसे अनेक, अब जैसे ठोस Assets को तैयार करके ही होगा। ये आने वाले कई दशकों तक Productivity पैदा करते रहेंगे। इससे, और इसी वजह से Public Capital Expenditure लगातार बढ़ाया जा रहा है। 11 साल पहले Public Capex के लिए बजट में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान था, मौजूदा बजट में ये बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। इतने बड़े पैमाने पर सरकारी निवेश होना Private Sector के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है।

साथियों,

अब समय है कि Industry और Financial Institutions भी नई ऊर्जा के साथ आगे आएं। हमें Infrastructure में ज्यादा भागीदारी चाहिए, Financing Models में ज्यादा Innovation चाहिए, और Emerging Sectors में ज्यादा मजबूत Collaboration चाहिए। इस दिशा में मेरा एक और सुझाव है, हमें Project Sanction Methodology और Appraisal Quality को और मजबूत करना होगा। हमें Cost-Benefit Analysis और Lifecycle Costing को सर्वोपरि रखते हुए Waste और Delays रोकने ही होंगे।

साथियों,

हम Foreign Investment Framework को और सरल कर रहे हैं। हमारा प्रयास सिस्टम को ज्यादा Predictable और Investor-Friendly बनाने का है। हम Long-Term Finance को बेहतर बनाने के लिए, Bond Markets को और ज्यादा सक्रिय बनाने की दिशा में भी कदम उठा रहे हैं। बॉन्ड की खरीद और बिक्री की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है।

साथियों,

हमें Bond Market Reforms को Long-Term Growth के Enablers के रूप में देखना होगा, हमें Predictability सुनिश्चित करनी होगी, Liquidity को गहरा करना होगा, नए Instruments लाने होंगे, और Risks का प्रभावी प्रबंधन करना होगा। तभी हम Sustained Foreign Capital आकर्षित कर पाएंगे। मुझे अपेक्षा है कि आप Global Best Practices से सीख लेकर, Foreign Investment Framework और Bond Markets को मजबूत करने के लिए स्पष्ट और ठोस सुझाव देंगे।

साथियों,

कोई भी Policy Framework तैयार कर सकती है, लेकिन उसकी सफलता आप सब पर निर्भर करती है। उद्योग जगत को Fresh Investment और Innovation के साथ आगे आना होगा। Financial Institutions और Analysts को Practical Solutions, Practical Solutions तैयार करने में मदद करनी होगी, और Market Confidence को मजबूत करना होगा। जब Government, Industry और Knowledge Partners एक साथ आगे बढ़ते हैं, तब Reforms Results में बदलते हैं। तभी Announcements जमीन पर Achievements बन जाते हैं। मेरा सुझाव है कि हम एक स्पष्ट Reform Partnership Charter विकसित करें। यह Government, Industry, Financial Institutions और Academia का साझा संकल्प हो। ये चार्टर, विकसित भारत की यात्रा का बहुत अहम दस्तावेज बनेगा।

साथियों,

मैं सभी Stakeholders, Financial Institutions, Markets, Industry, Professionals और Innovators से कहूंगा, इस बजट ने जो नए अवसर दिए हैं, उनका फायदा उठाएं, बजट द्वारा खोले गए नए अवसरों के साथ गहराई से जुड़ें। आपकी भागीदारी से योजनाओं का Implementation और बेहतर होगा, आपके फीडबैक और सहयोग से बेहतर नतीजे आएंगे। आइए, हम सब मिलकर Reform करें, Grow करें और ऐसा Future बनाएं, जो विकसित भारत का सपना जल्द से जल्द साकार हो।

मुझे पूरा विश्वास है, आज आप सब गहरा मंथन करेंगे, प्रक्रियाओं को सरल करने पर आपका ध्यान केंद्रित होगा और हम ये गलती ना करें, बजट के पहले भी हम आप सबसे कंसल्टेशन करते हैं, उसका मकसद अलग है, उसका मकसद होता है बजट और अच्छा बने। लेकिन अब बजट बन चुका है, अब बजट की चर्चा के लिए कार्यक्रम नहीं है, अब बजट में जो है उसको जमीन पर जल्दी से जल्दी उतारना, सरल से सरल मार्ग से उतारना और सबका, सभी स्टेकहोल्डर का लाभ हो, उनकी भागीदारी हो, इस बात को ध्यान में रख करके आप चर्चा करेंगे, मंथन करेंगे, तो ये वेबिनार सचमुच में वाइब्रेंट इकोनॉमी का दरवाजा खोल देंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद !

नमस्कार !