Entire world is now discussing global warming and ways to mitigate it: PM Modi
Two landmark initiatives emerged in #COP21. India & France played key roles in those: PM
International Solar Alliance will impact generations in a big way: PM Modi
US, India, France took initiative of innovation; let is innovate and protect our environment: PM
India expressed keenness on solar alliance. France was very helpful, did everything possible to bring all nations together: PM
Solar alliance to ensure that the world gets more energy: PM Modi

मंच पर वि‍राजमान फ्रांस के राष्‍ट्रपति‍ श्रीमान ओलांद फ्रांस से आए हुए Senior Ministers हरि‍याणा के Governor श्री, मुख्‍यमंत्री श्री, श्रीमान पीयुष गोयल जी फ्रांस का Delegation और वि‍शाल संख्‍या में आए हुए प्‍यारे भाइयों और बहनों!

पि‍छले एक वर्ष से सारी दुनि‍याँ में इस बात की चर्चा थी कि‍ Global Warming के सामने दुनि‍याँ कौन से कदम उठाए कि‍न बातों का संकल्‍प करे? और उसकी पूर्ति‍ के लिए कौन से रास्‍ते अपनाएं? पेरि‍स में होने वाली COP 21 के संबंध में पूरी दुनि‍याँ में एक उत्‍सुकता थी, संबधि‍त सारे लोग अपने-अपने तरीके से उस पर प्रभाव पैदा करने का प्रयास कर रहे थे, और करीब-करीब दो सप्‍ताह तक दुनि‍याँ के सभी देशों ने मि‍ल करके, इन वि‍षयों के जो जानकार लोग हैं वो वि‍श्‍व के सारे वहॉं इकट्ठे आए चर्चाएं की और इस बड़े संकट के सामने मानव जाति‍ की रक्षा कैसे करें, उसके लि‍ए संकल्‍पबद्ध हो करके आगे बढ़े।

COP 21 के नि‍र्णयों के संबंध में तो वि‍श्‍व में भली- भॉंति‍ बातें पहुँची हैं लेकि‍न पेरि‍स की धरती पर एक तरफ जब COP 21 की चर्चाएं चल रहीं थीं तब दो महत्‍त्‍वपूर्ण initiatives लि‍ए गए। इन दोनों महत्‍त्‍वपूर्ण initiatives में भारत और फ्रांस ने बहुत ही महत्‍त्‍वपूर्ण भमि‍का नि‍भाई है एक initiative एक तरफ तो Global Warming की चिन्‍ता है, मानवजाति‍ को पर्यावरण के संकटों से रक्षित करना है और दूसरी तरफ मानवजाति‍ के आवश्‍यकताओं की पूर्ति‍ भी करनी है। जो Developing Countries हैं उन्‍हें अभी वि‍कास की नई ऊँचाइयों को पार करना बाकी है और ऊर्जा के बि‍ना वि‍कास संभव नहीं होता है। एक प्रकार से ऊर्जा वि‍कास यात्रा का अहमपूर्ण अंग बन गयी है। लेकि‍न अगर fossil fuel से ऊर्जा पैदा करते हैं तो Global Warming की चिन्‍ता सताती है और अगर ऊर्जा पैदा नहीं करते हैं तो, न सि‍र्फ अंधेरा छा जाता है जि‍न्‍दगी अंधेरे में डूब जाती है। और ऐसी दुवि‍धा में से दुनियाँ को बचाने का क्‍या रास्‍ता हो सकता है? और तब जा करके अमेरि‍का, फ्रांस भारत तीनों ने मि‍लकरके एक initiative लि‍या है और वो initiative है innovation का। नई खोज हो, नए संसाधन नि‍र्माण हों, हमारे वैज्ञानि‍क, हमारे Technicians हमारे Engineers वो नई चीजें ले करके आएं जोकि‍ पर्यावरण पर प्रभाव पैदा न करती हों। Global Warming से दुनि‍याँ को बचाने का रास्‍ता दि‍खती हों और ऐसे साधनों को वि‍कसि‍त करें जो affordable हो sustainable हो और गरीब से गरीब व्‍यक्‍ति‍ की पहुँच में हो। तो innovation के लि‍ए एक बहुत बड़ा अभि‍यान चलाने की दि‍शा में अमेरि‍का, फ्रांस और भारत दुनि‍याँ के ऐसी सभी व्‍यवस्‍थाओं को साथ ले करके आगे बढ़ने का बड़ा महत्‍तवपूर्ण निर्णय कि‍या उसको launch कि‍या गया। President Obama, President Hollande और मैं और UN General Secretary और Mr. Bill Gates , हम लोग उस समारोह में मौजूद थे और एक नया initiative प्रारंभ कि‍या। दूसरा एक महत्‍त्‍वपर्ण निर्णय हुआ है जि‍सका आने वाले दसकों तक मानव जीवन पर बड़ा ही प्रभाव रहने वाला है।

दुनि‍याँ में कई प्रकार के संगठन चल रहे हैं। OPEC countries का संगठन है G-20 है G-4 है, SAARC है, European Union है, ASEAN Countries हैं, कई प्रकार के संगठन दुनि‍याँ में बने हुए हैं। भारत ने एक वि‍चार रखा वि‍श्‍व के सामने कि‍ अगर Petroleum पैदावार करने वाले देश इकट्ठे हो सकते हैं, African countries एक हो सकते हैं, European Countries एक हो सकते हैं, क्‍यों न दुनि‍याँ में ऐसे देशों का संगठन खड़ा कि‍या जाए जि‍न देशों ने 300 दि‍वस से ज्‍यादा वर्ष में सूर्य का प्रकाश प्राप्‍त होता है।

ये सूर्य, ये बहुत बड़ी शक्‍ति‍ का स्रोत है सारे जीवन को चलाने में, सृष्‍टि‍ को चलाने में सूर्य की अहम् भूमि‍का है। क्‍यों न हम उसको एक ताकत के रूप में स्‍वीकार करके वि‍श्‍व कल्‍याण का रास्‍ता खोजें। 300 से अधि‍क दि‍वस, सूर्य का लाभ मि‍लता है ऐसे दुनि‍या में करीब-करीब 122 देश हैं। और इसलि‍ए वि‍चार आया क्‍यों न हम 122 देशों का जो कि‍ सूर्य शक्‍ति‍ से प्रभावि‍त हैं उनका एक संगठन गढ़ें। भारत ने इच्‍छा प्रकट की फ्रांस के राष्‍ट्रपति‍ जी ने मेरी पूरी मदद की, हम कंधे से कंधा मि‍लाकरके चले, दुनि‍याँ के देशों का संपर्क कि‍या और नवंबर महीने में पेरि‍स में जब conference चल रही थी, 30 नवंबर को दुनि‍याँ के सभी राष्‍ट्रों के मुखि‍या उस समारोह में मौजूद थे और एक International Solar Alliance इस नाम की संस्‍था का जन्‍म हुआ।

उसमें इस बात का भी निर्णय हुआ कि‍ इसका Global Secretariat ‍हि‍न्‍दुस्‍तान में रहेगा। ये International Solar Alliance इसका Headquarter गुड़गॉंव में बन रहा है। ये हरि‍याणा ‘कुरूक्षेत्र’ की धरती है, गीता का संदेश जहॉं से दि‍या, उस धरती से वि‍श्‍व कल्‍याण का एक नया संदेश इस Solar Alliance के रूप में हम पहुँचा रहे हैं।

बहुत कम लोगों को अंदाज होगा कि‍ आज ये जो घटना घट रही है उसका मानवजाति‍ पर कि‍तना बड़ा प्रभाव पैदा होने वाला है, इस बात को वही लोग समझ सकते हैं जो छोटे-छोटे Island पर बसते हैं, छोटे-छोटे Island Countries हैं और जि‍नके ऊपर ये भय सता रहा है कि‍ समुंदर के अगर पानी की ऊँचाई बढ़ती है तो पता नहीं कब उनका देश डूब जाएगा, पता नहीं वो इस सृष्‍टि‍ से समाप्‍त हो जाएंगे, दि‍न रात इन छोटे-छोटे देशों को चि‍न्‍ता हो रही है। जो देश समुद्र के कि‍नारे पर बसे हैं, उन देशों को चि‍न्‍ता हो रही है कि‍ अगर Global Warming के कारण समुद्र की सतह बढ़ रही है तो पता नहीं हमारे मुम्‍बई का क्‍या होगा, चेन्‍नई का क्‍या होगा? और दुनि‍याँ के ऐसे कई देश होंगे जि‍नके ऐसे बड़े-बड़े स्‍थान जो समु्द्र के कि‍नारे पर हैं उनके भाग्‍य का क्‍या होगा? सारा वि‍श्‍व चि‍न्‍ति‍त है। और मैं पि‍छले एक साल में, ये Island Countries हैं जो छोटे-छोटे उनके बहुत से नेताओं से मि‍ला हूँ, उनकी पीड़ा को मैंने भली-भॉंति‍ समझा है। क्‍या भारत इस कर्तव्‍य को नहीं नि‍भा सकता?

हमारे देश में जीवनदान एक बहुत बड़ा पुण्‍य माना जाता है। आज मैं कह सकता हूँ कि‍ International Solar Alliance उस जीवनदान का पुण्‍य काम करने वाला है, जो आने वाले दशकों के बाद दुनि‍याँ पर उसका प्रभाव पैदा करने वाला है। सारा वि‍श्‍व कहता है कि‍ Temperature कम होना चाहि‍ए, लेकि‍न Temperature कम करने का रास्‍ता भी सूर्य का Temperature ही है। एक ऊर्जा से दूसरी ऊर्जा का संकट मि‍टाया जा सकता है। और इसलि‍ए वि‍श्‍व को ऊर्जा के आवश्‍यकता की पूर्ति‍ भी हो, innovation का काम भी हो और सोलर को ले करके जीवन के क्षेत्र कैसे प्रभावि‍त हों उस दि‍शा में काम करने के लि‍ए बना है।

ये बात सही है कि‍ International Solar Alliance इसका Headquarters हि‍न्‍दुस्‍तान में हो रहा है, गुडगॉंव में हो रहा है, लेकि‍न ये Institution हि‍न्‍दुस्‍तान की Institution नहीं है ये Global Institution है, ये Independent Institution है। जैसे अमेरि‍का में United Nations है, लेकि‍न वो पूरा वि‍श्‍व का है। जैसे WHO है, पूरे वि‍श्‍व का है। वैसे ही ये International Solar Alliance का Headquarter ये पूरे वि‍श्‍व की धरोहर है और ये Independent चलेगा। अलग-अलग देश के लोग इसका नेतृत्‍व करेंगे, अलग-अलग देश के लोग इसकी जि‍म्‍मेदारी संभालेंगे, उसकी एक पद्धति‍ वि‍कसि‍त होगी लेकि‍न आज उसका Secretariat बन रहा है, उस Secretariat के माध्‍यम से इस बात को हम आगे बढ़ना चाहते हैं।

भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में परंपरागत प्राकृति‍क संसाधनों उपयोग करने का बीड़ा उठाया है। भारत ने जब ये कहा कि‍ हम 175Giga Watt, Renewable Energy की तरफ जाना चाहते हैं, तब दुनि‍याँ के लि‍ए बड़ा अचरज था। भारत में Giga Watt शब्‍द भी नया है, जब हम Mega Watt से आगे सोच भी नहीं पाते थे। हम आज Giga Watt पर सोच रहे हैं और 175 Giga Watt Solar Energy, Wind Energy, Nuclear Energy, Biomass से होने वाली Energy इन सारे स्रोतों को Hydro Energy ये हम उपलब्‍ध कराना चाहते हैं और मुझे खुशी है कि‍ आज भारत 5000 MW से ज्‍यादा solar energy उसने install कर दी। ये इतने कम समय में जो काम हुआ है वो उस commitment का परिणाम है कि क्या भारत मानव जाति के कल्याण के लिए मानव जाति की रक्षा के लिए, प्रकृति की रक्षा के लिए, ये पूरी जो सृष्टि है उस पूरी सृष्टि की रक्षा के लिए, भारत कोई अपना योगदान दे सकता है क्या? उस योगदान को देने के लिए ये बीड़ा उठाया है।

मैं फ्रांस के राष्ट्रपति का हृदय से आभारी हूँ कि इस चिंता के समय में global warming पर्यावरण के मुद्दे इसके समाधान के जो रास्ते है उनकी सोच भारत की सोच से बहुत मिलती जुलती है क्यों कि फ्रांस की values और भारत के values काफी समान है और इसलिए पिछले वर्ष April के महीने में हम दोनों मिले थे तो हमने तय किया था कि हम COP 21 के समय एक किताब निकालेंगे और विश्व के अंदर परंपरागत रूप से इन issues को कैसे देखा गया इस पर research करेंगे। और हम दोनों ने मिल कर के उस किताब की प्रस्तावना लिखी है और विश्व के सामने उन्ही के मूलभूत चिंतन क्या थे ये प्रस्तुत किया।

ये चीजें इसलिए हम कर रहे हैं कि मानव जाति को इस संकट से बचने के जो रस्ते खोजे जा रहे हैं, वो एक सामूहिक रूप से प्रयत्न हो, innovative रूप से प्रयत्न हो और परिणाम वो निकले जो मानव जाति की आवश्यकता है उसकी पूर्ति भी करे लेकिन प्रकृति को कोई नुकसान न हो। हम वो लोग हैं जिनके पूर्वजो ने, इस धरती से हमें प्यार करना सिखाया है। हमें कभी भी प्रकृति का शोषण करने के लिए नहीं सिखाया गया, हमें पौधे में भी परमात्मा होता है यह बचपन से सिखया गया। ये हमारी परंपरा है। अगर ये परंपरा है तो हमें विश्व को उसका लाभ पहुंचे उस दिशा में हमें कुछ कर दिखाना चाहिए और उसी के तहत आज international solar alliance का हम लोगों ने एक Secretariat का आरम्भ कर रहे हैं। और भविष्य में भव्य भवन के रूप में उसका निर्माण हो, एक स्वंत्रत इमारत तैयार हो, उसके लिए शिलन्यास भी कर रहे है और इस काम के लिए आप पधारे इसका मैं बहुत बहुत आभारी हूँ।

मेरे लिए ख़ुशी की बात है कि solar alliance का निर्माण हो रहा हो आज हमें Delhi से यहाँ आना था हम by road भी आ सकते थे, helicopter से भी आ सकते थे, लकिन हम दोनों ने मिलकर तय किया कि अच्छा होगा की हम Metro से चले जाएँ और आज आप के बीच हमें Metro से आने का अवसर मिला।

मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूँ कि उन्होंने आज Metro में आने के लिए सहमति जताई और हम Metro का सफ़र करते करते आपके बीच पहुंचे क्योंकि वो भी एक सन्देश है क्योंकि global warming के सामने लड़ाई लड़ने के जो तरीके हैं उसमें ये भी एक तरीका है। मैं विश्वास करता हूँ कि ये प्रयास बहुत ही सुखद रहेगा। कल भारत प्रजासत्ता पर्व मनाने जा रहा है, इस प्रजसत्ता पर्व की पूर्व संध्या पर मैं देशवासियों को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूँ और अधिकार और कर्तव्य इन दोनों को संतुलित करते हुए हम देश को आगे बढ़ाएंगे यही मेरी शुभकामना है।

बहुत बहुत धन्यवाद्।

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नमस्कारम।

केरल में, केरलम में चुनाव प्रचार बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ये स्पष्ट है कि इस बार केरलम सिर्फ नई सरकार ही नहीं, नई व्यवस्था के लिए मन बना चुका है। इसमें बीजेपी-एनडीए के पक्ष में एक वेव चल रही है। ‘मेरा बूथ सबसे मज़बूत’ के मंत्र के साथ आप सभी बूथ पर काम कर रहे हैं, बीजेपी को मज़बूत कर रहे हैं। मैं आप सभी के अनुभव जानने के लिए बहुत उत्सुक हूं। चलिए, बातचीत की शुरुआत करते हैं। सबसे पहले कौन बात करने वाले हैं?

अनीता जी- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम अनीता कुमारी आर है। मैं तिरुवनंतपुरम ज़िले में चिरयिनकीझु में काम करती हूं बीजेपी के लिए। मैं एक आशा वर्कर भी हूं। मैं पिछले 15 साल बीजेपी में काम करती हूं। 19 साल से आशा वर्कर भी है। मैं बीजेपी में काम करने के लिए बहुत गर्व करती हूं और मैं संगठन मंडल की महासचिव भी हूं।

पीएम- अनीता जी, राजनीति के जो जानकार हैं वो कह रहे हैं कि तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं और केरलम की जनता दोनों में बहुत जोश है। और मैं कुछ दिन पहले पालक्काड में एक सभा के लिए गया था। त्रिशूर में एक रोड शो भी किया था। मुझे हर जगह पर केरलम के लोगों का एक नया उत्साह, बीजेपी के प्रति एक अलग जोश दिखा है। इसे केरलम की पॉलिटिक्स में टर्निंग पॉइंट भी बताया जा रहा है। आपका ग्राउंड पर एक्सपीरियंस क्या है? आप क्या अनुभव कर रहे हैं?

अनीता जी- मोदी जी, मैं एक कोस्टल एरिया से आ रही हूं। पिछले सालों में ये एरिया में बीजेपी के लिए एक बूथ इंचार्ज को मिलना भी मुश्किल था। पर आज-कल उन्हीं लोगों, वो मछली पकड़ने वाले लोगों बहुत ज़्यादा नंबर में बीजेपी में आ रहे हैं। आजकल मैं उनके साथ काम करती हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिन में बीजेपी को ये कोस्टल एरिया में एक मज़बूत पार्टी हम सब मिलकर बनाएंगे।


पीएम- अनीता जी, आपने काफी अच्छी जानकारी दी है। आपका उत्साह भी आपके शब्दों में दिखाई दे रहा है। देखिए तिरुवनंतपुरम ने एक रास्ता दिखाया है। लेफ्ट और कांग्रेस वालों को लगता था कि कुछ भी हो, कितना ही बड़ा मिसरूल हो, मिसमैनेजमेंट हो, केरलम में बारी-बारी उनको ही मौका मिलेगा। तिरुवनंतपुरम ने उस परसेप्शन को तोड़ा है। इसलिए आप देखिए यूडीएफ और एलडीएफ एक-दूसरे से ज़्यादा इस बार बीजेपी को टारगेट कर रहे हैं।

सुहृत्तुक्कले,

मेरे कुछ सुझाव हैं जो आने वाले कुछ दिनों में काम आ सकते हैं। आज-कल क्रिकेट का सीजन चल रहा है और केरलम के लोगों के लिए इसमें भी एक सीखने की चीज़ है। जैसे हम अक्सर संजू सैमसन की परफॉर्मेंस में देखते हैं। संजू सैमसन को हमने वर्ल्ड कप में देखा कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट में क्रंच सिचुएशन आती गई, नॉकआउट स्टेज आया, उनकी परफॉर्मेंस एकदम से पीक पर पहुंच गई। शुरू से लेकर लास्ट तक उनका फोकस, उनका कॉन्फिडेंस और उनकी इंटेंसिटी लगातार बढ़ती गई। यही एक सच्चे खिलाड़ी की पहचान होती है।

जब टीम को सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो, तब वो अपना बेस्ट करके दिखाए। इसलिए जब वोटिंग का दिन आए और अब जो जितने दिन बचे हैं, बहुत ज़्यादा दिन तो बचे नहीं हैं, हमारी सक्रियता और हमारा संपर्क हर घर तक और ज़्यादा मज़बूत होना चाहिए। पहले अगर 6 घंटे काम करते थे तो अब 9 घंटे करना चाहिए। पहले 9 घंटा काम करते थे तो 12 घंटा करना चाहिए। पहले अकेले करते थे तो अब पूरे परिवार को मैदान में उतारना चाहिए। घर के सब सदस्यों को काम में लगाना चाहिए।

देखिए आप बूथ में काम करने वाले कार्यकर्ता हैं और हमें बूथ को मज़बूत बनाना है। बूथ मज़बूत होगा तो विजय पक्का होगा। और इसके लिए तो मेरा आग्रह है आपको 9 अप्रैल से पहले अपने बूथ के हर परिवार के पास कम से कम तीन बार जाना है और घर में बैठकर एक-एक व्यक्ति से बात करना है। एक-एक मतदाता को भाजपा के लिए वोट कराने के लिए आपको उसे समझाना है। उन्हें बताइए कि बीते वर्षों में केरलम में सेंट्रल गवर्नमेंट की स्कीम्स पर, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के काम पर कैसे ये यूडीएफ-एलडीएफ वाले रुकावटें डालते गए। केरलम में ऐसी डबल इंजन सरकार चाहिए जो खुद भी काम करे और केंद्र के काम को भी आगे बढ़ाइए। अनीता जी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप जो भी क्षेत्र में काम करती है वहां पूरी तरह विजय प्राप्त कीजिए.. चलिए आगे चलते है अगले साथी कौन है।

विनीता जी- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम विनीता केके है। ज़िला वायनाड में मानंतवाडी में मैं रहती हूं। मैं वीबी जीरामजी में काम करती हूं और खेती भी करती हूं। आपके मैं 8 नंबर बूथ का अध्यक्ष हूं और आज आपके साथ बात करने में बहुत खुशी हुआ है।

पीएम- विनीता जी, मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि केरल के कोने में आपको काम करते देखना और आज आपसे बात करने का अवसर मिलना। आपसे मैं एक और बात जानना चाहता हूं। ये तो साफ-साफ नज़र आता है कि केरलम के लोग एलडीएफ और यूडीएफ की लूट से तंग आ चुके हैं। आप जब अपने बूथ पर लोगों से मिलते हैं तो वे बीजेपी से क्या एक्सपेक्ट करते हैं? क्या अपेक्षाएं हैं? वे केरलम में बीजेपी-एनडीए से कैसी सरकार की उम्मीद करते हैं?

विनीता जी- नमस्ते मोदी जी, जब हम घर-घर जाती हूं उस समय उधर के लोग कहते हैं कि हमारा केरल में मोदी जी जैसा एक सीएम चाहिए। मोदी मॉडल सत्ता चाहिए, सरकार चाहिए। केरल जो मुश्किलों में अब फंसी हुई है, इस मुश्किलों से बाहर आने के लिए हमें मोदी जी जैसा एक सीएम चाहिए और मोदी जी का सरकार जैसा सरकार चाहिए। केरल का लोग ये प्रतीक्षा में है।

पीएम- विनीता जी आप पब्लिक स्पीच देती हैं क्या? भाषण करती हैं क्या?

विनीता जी- थोड़ा-थोड़ा भाषण देती हूं और पिछले लोकल बॉडी इलेक्शन में कैंडिडेट भी थी। इसका एक्सपीरियंस है मेरे पास।

पीएम- विनीता जी आपको सुनकर के मैं सचमुच में बहुत मुझे आश्चर्य हुआ है कि आप अनुसूचित जनजाति समाज से और वो भी अत्यंत गरीब परिवार से और वो भी दैनिक मज़दूर के रूप में जीरामजी में काम करती हो और इतने बढ़िया तरीके से, इतने स्पष्ट शब्दों में आप शानदार बात करती हो। मुझे बहुत गर्व हुआ कि मेरी पार्टी में छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी इतने सामर्थ्यवान हैं। सबसे पहले तो मैं आगे बात करने से पहले आपको इस बात के लिए बहुत बधाई देता हूं।

पीएम- विनीता जी, आपने जो कहा मुझे बहुत सच लगता है क्योंकि मैं पिछले दिनों जब केरलम में आया और चुनाव रैलियों में जो मैंने वातावरण देखा, उससे मुझे साफ लगता है कि केरलम इस बार बीजेपी-एनडीए को अवसर देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमें केरलम की जनता के इस विश्वास को अब अटूट भरोसे में बदलना है।

मैं सभी केरलम के बूथ के कार्यकर्ताओं से आग्रह करना चाहूंगा और इसके लिए मैं आपसे कुछ बातें बताता रहता हूं जो आप अपने बूथ के मतदाताओं के बीच लेकर जा सकते हैं। आप अपने बूथ के लिए अगले 5 साल का रोडमैप बनाइए। बूथ के लोग जो परिवर्तन देखना चाहते हैं, इसमें उन अपेक्षाओं का ब्लूप्रिंट ही दिखाई देना चाहिए। बीजेपी-एनडीए सरकार उसके आधार पर आने वाले 5 वर्षों में इसके आधार पर काम करेगी। ये गारंटी मोदी की तरफ से आपको देनी है। आप लोगों को घर-घर जाकर के भरोसा दीजिए कि एक बार बीजेपी-एनडीए को ज़रूर वोट दें।

कांग्रेस और कम्युनिस्टों को आप सबने 75 साल दिए हैं। बीजेपी-एनडीए को 5 साल देकर देखिए। और बड़े विश्वास से बताइए, पूरे देश में हमें जहां-जहां मौका मिला है, हर राज्य में हमारे कार्यकर्ताओं ने वहां की अद्भुत सेवा की है। ये विश्वास के साथ बताइए। और विनीता जी, मैं तो चाहूंगा कि वहां के जो मीडिया वाले हैं वे आपकी और आपके सांसद की पब्लिक में डिबेट करवा दें। आप दोनों का आमने-सामने भाषण करवा दें। मैं पक्का मानता हूं, आप अपने सांसद से भी बहुत बढ़िया भाषण कर दोगी। चलिए आगे कौन साथी बात करेंगे।

श्रीकुमार- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम श्रीकुमार वी है। मैं 1998 से इंडियन आर्मी में काम किया। सिक्स मद्रास बसंतार यूनिट में था और 2016 में आर्मी से रिटायर होने के बाद अब बीजेपी में काम करता हूं। मैं मंडल सचिव हूं और पंदलम नगरपालिका म्युनिसिपैलिटी काउंसलर भी है।

पीएम- श्रीकुमार जी, आपने तो अपनी जवानी देश के लिए खपा दी है। एक सैनिक के नाते एक बहुत ही जज़्बे के साथ आपने देश के लिए जीवन जिया है। और मैंने देखा है कि जो पूर्व सैनिक हैं उनके दिल में देशभक्ति इतनी भरी रहती है कि वे हमेशा भाजपा को पसंद करते हैं। और आपने भाजपा के माध्यम से देश की सेवा जारी रखी है। इतना ही नहीं, आपको आपके वहां के लोगों ने भी सेवा करने का अवसर दिया, आपको चुन करके भेजा। मैं सबसे पहले तो आपको आपकी इस देशभक्तिपूर्ण प्रेरक यात्रा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

श्रीकुमार वी, केरल में जो स्टेटस को रहा है इससे सबसे ज्यादा बेचैन हमारे युवा रहे हैं। उनको लगता है कि एलडीएफ को सत्ता मिले या यूडीएफ को, यूथ की मजबूरी माइग्रेशन ही है। इसलिए वे इफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाली बीजेपी को मौका देना चाहते हैं। केरलम के युवा आपसे ज़रूर प्रेरणा लेते हैं, आपसे खुलकर के बातें भी करते होंगे। केरलम के युवा आपसे क्या कहते हैं?

पीएम- श्रीकुमार वी जी से हमारी बातचीत कट हो गई है, दोबारा कनेक्ट हो जाएगा तो श्रीकुमार वी जी के पास आऊंगा, तब तक हम आगे चलते हैं। आइए अब कौन बात करेंगे, श्रीकुमार वी जी से बाद में बात करेंगे।

दिलीप जी- नमस्कार मोदी जी.. मेरा नाम दिलीप कुमार है। मैं जिला मल्लापुरम, कोंडोट्टी से हूं। मैं 46वां बूथ का कार्यकर्ता हूं, मैं पिछले 15 साल से बीजेपी में कार्य कर रहा हूं। मेरे साथ मेरे पिता जी और माता जी भी हैं। हम सब आपके भाषण सुन रहे हैं।

पीएम- दिलीप कुमार जी सबसे पहले तो अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहिएगा अच्छा मुझे बताइए केरल में जिस तरह कांग्रेस और कम्युनिस्ट करप्शन और कम्युनिज्म फैला रहा है उससे भी लोगों में बहुत गुस्सा है क्योंकि वो समाज को बांटने का काम करते हैं, एक-दूसरे से लड़ाई लड़ाने का काम करते हैं। यूडीएफ और एलडीएफ दोनों में कट्टरपंथियों के वोट के लिओ होड़ लगी हुई है। और आपको तो मालूम है आज-कल हम साफ देख रहे हैं कि वो गांधी जी वाली कांग्रेस बची नहीं है अब एक ऐसी कांग्रेस है जो माओवादी मुस्लिम लीगी कांग्रेस बन गई है। आप जब लोगों से मिलते होंगे तो आपसे भी लोग इसी प्रकार से बहुत सी बाते करते होंगे। मैं जरूर जानना चाहता हूं कि जमीन की हकीकतें क्या है।

दिलीप जी- मोदी जी आपने ठीक कहा। केरल में कम्युनिस्ट और कांग्रेस ऐसा काम करता है। इसका बहुत अच्छा उदाहरण है वेंगरा विधानसभा क्षेत्र से जो मुस्लिम लीग का कैंडिडेट है। इन्होंने कहा मज़हब है, मज़हब है, मज़हब है मेरे लिए पहला इश्यू। मैं इसके लिए काम करता है। जो मुस्लिम कम्युनिटी को पिछले 10 साल में जो नहीं मिला हम अगले 5 साल में हम मुस्लिम कम्युनिटी के लिए काम करेगा, सिर्फ उस कम्युनिटी के लिए काम करेगा ऐसा बोला। इसलिए ये दोनों यूडीएफ और एलडीएफ कट्टरपंथियों के पीछे हैं, उसके वोट के लिए सब कुछ करता है, इसके साथ गठबंधन करता है। मगर केरल का मलप्पुरम डिस्ट्रिक्ट का लोग आपकी तरह मोदी जी के जैसा एक सीएम चाहता है, ऐसा एक सरकार चाहता है।

पीएम- दिलीप जी आपने एक बहुत गंभीर विषय उठाया है। एलडीएफ और यूडीएफ करप्शन और कम्युनलिज्म तो फैला ही रहे हैं। ये केरलम का डबल नुकसान कर रहे हैं। एक तरफ ये वोट के लिए फंडामेंटलिस्ट ताकतों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके एजेंडे से समाज को तोड़ने का ही काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ ये हमारी आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं। भगवान अयप्पा के भक्तों के साथ ये क्या कर रहे हैं? वहां जो गोल्ड है उसको लेकर एलडीएफ और यूडीएफ कैसे मिलकर बेईमानी कर रहे हैं? कोऑपरेटिव बैंकों में आपकी जमा पूंजी को कैसे बर्बाद कर रहे हैं? ये सब कुछ जनता देख रही है। और दिलीप जी आपने कहा कि मेरे जैसा मुख्यमंत्री। देखिए मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। केरलम का मेरा एक-एक कार्यकर्ता मेरे लिए तो मोदी है। और इसलिए केरलम की जनता हमारे कार्यकर्ताओं को जहां भी सेवा करने का मौका देती है, वो पूरे समर्पण भाव से सिर्फ और सिर्फ राज्य की जनता की सेवा के लिए अपने आप को खपा देते हैं।

सुहृत्तुक्कले,

मैं सभी बूथ के कार्यकर्ताओं से आज कुछ बातें जरूर कहूंगा आपको बूथ पर ये दोनों एलडीएफ और यूडीएफ उनके कम्युनल और करप्ट एजेंडे को घर-घर जाकर एक्सपोज करना है। घर में जाकर के बैठकर के एक-एक घटना लोगों को याद कराना है। और साथ-साथ कुछ काम और भी करना चाहिए। आपके बूथ में ऐसे हर काम जिसमें करप्शन के आरोप हैं उनको लोगों को बताइए.. हर किसी को बताइए.. ये पैसा आपका है आपके पैसे लूटे गए हैं। लोगों में इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और ये जनता को लूटने वालों के लिए जनता में नफरत पैदा होनी चाहिए।

मैं सभी बूथ के कार्यकर्ताओं को ये भी कहना चाहूंगा कि आप जब लोगों के बीच जाएं तो बड़े विश्वास के साथ बताइए कि हमारी सबका साथ सबका विकास ये नीति की कितनी ताकत है। मैंने तो देखा है दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं से मिलता हूं तो वो भी भारत में आज जो सरकार सबका साथ सबका विकास की बात कर रही है उसको बहुत एप्रेसिएट करते हैं। हमें घर-घर इस बात को पहुंचाना चाहिए बीजेपी की जो वेलफेयर स्कीम है आंकड़ो के साथ और मोबाइल फोन पर वीडियो-वीडियो ले जाकर के डेटा सहित तर्क भी चाहिए और तथ्य भी चाहिए सबको समझानी चाहिए.. और इसलिए गरीबों के घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो, नल हो ऐसी हर स्कीम का फायदा हर जाति, हर वर्ग के लोगों को कैसे मिल रहा है ये आप घर-घर जाकर के बताइए।

पीएम- दिलीप जी आप से बात करके बहुत अच्छा लगा। मैं कल्पना कर सकता हूं कि ऐसे समाज को तोड़ने वाली ताकतों के बीच में आप किस प्रकार से देशभक्ति का विचार लेकर के काम कर रहे हैं। आप भी बधाई के पात्र हैं वहां के सभी कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं। चलिए आगे चलते हैं, हमारे अगले साथी कौन हैं।

मुरलीधरन जी- नमस्ते मोदी जी, मैं एक सेवाविमुक्त मरीन इंजीनियर हूं। मैं बीजेपी का 151 बूथ का कार्यकर्ता हूं। मैं त्रिशूर ज़िला में नाट्टिका में काम करता हूं बीजेपी में।

पीएम- मुरलीधरन जी, आप तो इंजीनियर रहे हैं, सेवानिवृत्त हैं और जीवन के अनुभव लेकर के आज केरल के लोगों की सेवा करने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में अपना कार्य कर रहे हैं। ये सुनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। आपके पास तो काफी अनुभव है। मुरलीधरन जी बताइए। मुझे बताया गया है कि कांग्रेस ने दिल्ली में हुई एआई समिट में जो शर्मनाक हरकत की और उसको जिस तरह जस्टिफाई किया जा रहा है खुद आके कपड़े फाड़ दे दुनिया के सामने नंगा नाच करे ऐसा सब देखने के बाद केरलम के लोग बहुत नाराज है ऐसी हरकतें करने वाले केरलम में टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के पोटेंशियल को तो समझ ही नहीं सकते। इन विषयों को लेकर लोग आपसे जरूर बात करते होंगे अपना गुस्सा बताते होंगे अपने नए-नए विचार बताते होंगे। मैं आपसे सुनना चाहता हूं कि धरती पर से क्या आवाज आ रही है।

मुरलीधरन जी- केरल में ज़्यादा से ज़्यादा लोग ये जो घटना हुआ है इसके खिलाफ है। वो सोचते हैं कि हम एआई में आगे जाना चाहिए। हमें टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और पेट्रोलियम में बहुत अधिक आगे जाना चाहिए। इसका विकास होना चाहिए। केरल को भी फायदा मिलना चाहिए। ये जो कांग्रेस वाले ने किया वो गलत काम है ऐसा सोचता है। पर कुछ लोग ये भी जस्टिफाई करता है राजनीति के कारण। ऐसा घटनाओं को भी जस्टिफाई करता है। मगर ज़्यादा से ज़्यादा लोग हमारे सरकार के साथ है। वो कहता है कि ये गलत काम किया है कांग्रेस वालों ने।

पीएम- मुरलीधरन जी आपने सही बताया। टैलेंट, टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म ये विकसित केरलम के लिए बहुत बड़ी ताकत है, बहुत बड़े स्तंभ हैं। बीजेपी-एनडीए का फोकस इन्हीं सब बातों पर है। आधुनिक केरलम ये हमारा लक्ष्य है। विकसित केरलम ये हमारा लक्ष्य है। केरलम के टैलेंट को दुनिया भर में और बड़ी पहचान दिलाने के लिए हम नौजवानों को स्किल बना रहा है। इमर्जिंग सेक्टर्स को उनके लिए खोला जा रहा है।

सभी मेरे बूथ के कार्यकर्ता भाई-बहनों, हम एक तरफ देश को मज़बूत बना रहे हैं, देश की साख बढ़ा रहे हैं। वहीं कांग्रेस दुनिया में भारत की ऐसी इमेज बना रही है जिससे कि देश की बदनामी हो। आप देखिए दुनिया भर में ढेर सारे ऐसे देश हैं जहां केरलम के बच्चे काम कर रहे हैं। आजकल वेस्ट एशिया में युद्ध चल रहा है। वहां केरलम के भी हमारे लाखों परिवारजन वहां रहते हैं। लेकिन कांग्रेस वाले ऐसे स्टेटमेंट दे रहे हैं जिससे वहां के देश स्वाभाविक है नाराज़ होंगे, वहां के लोग नाराज़ होंगे। और उसके कारण केरलम के जो लोग वहां रहते हैं उनको कैसी मुसीबत आ सकती है, कितना बड़ा संकट आ सकता है। लेकिन ये अपनी राजनीति के कारण ऐसी गैर-जिम्मेवार बातें करते हैं। ये हमारे बच्चों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। ग्लोबल लेवल पर इंडिया की इमेज को भी नुकसान कर रहे हैं।

मुरलीधरन जी, आपने वहां भी देखा होगा कार्यकर्ता भी बताते होंगे। आप सबको भी सभी बूथ कार्यकर्ताओं को केरलम के लोगों को और भी कुछ बातें बतानी चाहिए। ये कांग्रेस पार्टी की स्टाइल क्या है। इनके शाही परिवार के लोग ये नामदार वहां आ जाते हैं। दो-चार झूठ फेंक देते हैं और बिना जिम्मेवारी भाग जाते हैं। इन्होंने हिमाचल में ऐसा किया। आज हिमाचल की सरकार ने हिमाचल को बर्बाद कर के रखा है। वे कर्नाटक में भी बड़ी-बड़ी बातें करके गए थे कर्नाटक को बर्बाद कर के रखा है। तेलंगाना की भी यही दशा है यानि ये झूठी बातें करना झूठे वादे करना और गप्पें फेंकते रहना और भाग जाना यही उनका तरीका है। और ये सारी जानकारियां उपलब्ध है आप लोगों को बताइए कि जहां-जहां इनके पैर पड़े हैं कैसा विनाश किया है अब ये केरलम के विनाश पर लगे हुए हैं।

साथियों,

मेरे लिए बहुत खुशी की बात है केरलम के ऐसे जुझारू, ऐसे निष्ठावान और एक प्रकार से मैं कहूंगा तपस्वी कार्यकर्ताओं से मुझे बात करने का मौका मिला है। मैं जानता हूं आप लोगों ने कितना सहन किया है। मैं जानता हूं आप लोगों ने कितना संघर्ष किया है और मेरे लिए खुशी की बात है कि आज आप अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत से जो प्रगति की है, अब विजय की राह पर चल पड़े हैं। मेरी तरफ से आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। आप सभी की बातों से मेरा विश्वास और मज़बूत हो गया है। केरलम इस बार नया इतिहास बनाने जा रहा है। हमें ये ध्यान रखना है, हमें हर बूथ जीतना है। हमें अपना बूथ जीतना है। सभी मेरे साथियों, आप अभी से देश में जहां भी केरलम के लोग हैं उनसे संपर्क कीजिए। उन्हें बताइए कि 9 अप्रैल को अगर उनका वोट केरलम में है तो वोट पड़ना चाहिए। और अगर उनका वोट केरलम में नहीं है तो वो अपने गांव में रिश्तेदारों को फोन करके आग्रह करके बताएं कि जहां-जहां उन्होंने गए हैं कितनी प्रगति देखी है।

केरलम की प्रगति के लिए वोट करने के लिए वो अपने परिवार को समझाए, अपने गांव वालों को समझाए, अपने दोस्तों को समझाए। और आपको हर परिवार में माताओं-बहनों के पास ज़रूर जाना है और माताओं को बहनों को कहना कि मोदी जी ने विशेष आग्रह किया है कि आप इस बार कमल के निशान पर वोट डालिए, एनडीए को बीजेपी को विजयी बनाइए और पहली बार केरलम में एनडीए-बीजेपी की सरकार बनाइए। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। शायद मैं परसों केरलम में आ रहा हूं तो फिर से एक बार आप सबके दर्शन करने का मौका मिल जाएगा। नमस्कारम।