Entire world is now discussing global warming and ways to mitigate it: PM Modi
Two landmark initiatives emerged in #COP21. India & France played key roles in those: PM
International Solar Alliance will impact generations in a big way: PM Modi
US, India, France took initiative of innovation; let is innovate and protect our environment: PM
India expressed keenness on solar alliance. France was very helpful, did everything possible to bring all nations together: PM
Solar alliance to ensure that the world gets more energy: PM Modi

मंच पर वि‍राजमान फ्रांस के राष्‍ट्रपति‍ श्रीमान ओलांद फ्रांस से आए हुए Senior Ministers हरि‍याणा के Governor श्री, मुख्‍यमंत्री श्री, श्रीमान पीयुष गोयल जी फ्रांस का Delegation और वि‍शाल संख्‍या में आए हुए प्‍यारे भाइयों और बहनों!

पि‍छले एक वर्ष से सारी दुनि‍याँ में इस बात की चर्चा थी कि‍ Global Warming के सामने दुनि‍याँ कौन से कदम उठाए कि‍न बातों का संकल्‍प करे? और उसकी पूर्ति‍ के लिए कौन से रास्‍ते अपनाएं? पेरि‍स में होने वाली COP 21 के संबंध में पूरी दुनि‍याँ में एक उत्‍सुकता थी, संबधि‍त सारे लोग अपने-अपने तरीके से उस पर प्रभाव पैदा करने का प्रयास कर रहे थे, और करीब-करीब दो सप्‍ताह तक दुनि‍याँ के सभी देशों ने मि‍ल करके, इन वि‍षयों के जो जानकार लोग हैं वो वि‍श्‍व के सारे वहॉं इकट्ठे आए चर्चाएं की और इस बड़े संकट के सामने मानव जाति‍ की रक्षा कैसे करें, उसके लि‍ए संकल्‍पबद्ध हो करके आगे बढ़े।

COP 21 के नि‍र्णयों के संबंध में तो वि‍श्‍व में भली- भॉंति‍ बातें पहुँची हैं लेकि‍न पेरि‍स की धरती पर एक तरफ जब COP 21 की चर्चाएं चल रहीं थीं तब दो महत्‍त्‍वपूर्ण initiatives लि‍ए गए। इन दोनों महत्‍त्‍वपूर्ण initiatives में भारत और फ्रांस ने बहुत ही महत्‍त्‍वपूर्ण भमि‍का नि‍भाई है एक initiative एक तरफ तो Global Warming की चिन्‍ता है, मानवजाति‍ को पर्यावरण के संकटों से रक्षित करना है और दूसरी तरफ मानवजाति‍ के आवश्‍यकताओं की पूर्ति‍ भी करनी है। जो Developing Countries हैं उन्‍हें अभी वि‍कास की नई ऊँचाइयों को पार करना बाकी है और ऊर्जा के बि‍ना वि‍कास संभव नहीं होता है। एक प्रकार से ऊर्जा वि‍कास यात्रा का अहमपूर्ण अंग बन गयी है। लेकि‍न अगर fossil fuel से ऊर्जा पैदा करते हैं तो Global Warming की चिन्‍ता सताती है और अगर ऊर्जा पैदा नहीं करते हैं तो, न सि‍र्फ अंधेरा छा जाता है जि‍न्‍दगी अंधेरे में डूब जाती है। और ऐसी दुवि‍धा में से दुनियाँ को बचाने का क्‍या रास्‍ता हो सकता है? और तब जा करके अमेरि‍का, फ्रांस भारत तीनों ने मि‍लकरके एक initiative लि‍या है और वो initiative है innovation का। नई खोज हो, नए संसाधन नि‍र्माण हों, हमारे वैज्ञानि‍क, हमारे Technicians हमारे Engineers वो नई चीजें ले करके आएं जोकि‍ पर्यावरण पर प्रभाव पैदा न करती हों। Global Warming से दुनि‍याँ को बचाने का रास्‍ता दि‍खती हों और ऐसे साधनों को वि‍कसि‍त करें जो affordable हो sustainable हो और गरीब से गरीब व्‍यक्‍ति‍ की पहुँच में हो। तो innovation के लि‍ए एक बहुत बड़ा अभि‍यान चलाने की दि‍शा में अमेरि‍का, फ्रांस और भारत दुनि‍याँ के ऐसी सभी व्‍यवस्‍थाओं को साथ ले करके आगे बढ़ने का बड़ा महत्‍तवपूर्ण निर्णय कि‍या उसको launch कि‍या गया। President Obama, President Hollande और मैं और UN General Secretary और Mr. Bill Gates , हम लोग उस समारोह में मौजूद थे और एक नया initiative प्रारंभ कि‍या। दूसरा एक महत्‍त्‍वपर्ण निर्णय हुआ है जि‍सका आने वाले दसकों तक मानव जीवन पर बड़ा ही प्रभाव रहने वाला है।

दुनि‍याँ में कई प्रकार के संगठन चल रहे हैं। OPEC countries का संगठन है G-20 है G-4 है, SAARC है, European Union है, ASEAN Countries हैं, कई प्रकार के संगठन दुनि‍याँ में बने हुए हैं। भारत ने एक वि‍चार रखा वि‍श्‍व के सामने कि‍ अगर Petroleum पैदावार करने वाले देश इकट्ठे हो सकते हैं, African countries एक हो सकते हैं, European Countries एक हो सकते हैं, क्‍यों न दुनि‍याँ में ऐसे देशों का संगठन खड़ा कि‍या जाए जि‍न देशों ने 300 दि‍वस से ज्‍यादा वर्ष में सूर्य का प्रकाश प्राप्‍त होता है।

ये सूर्य, ये बहुत बड़ी शक्‍ति‍ का स्रोत है सारे जीवन को चलाने में, सृष्‍टि‍ को चलाने में सूर्य की अहम् भूमि‍का है। क्‍यों न हम उसको एक ताकत के रूप में स्‍वीकार करके वि‍श्‍व कल्‍याण का रास्‍ता खोजें। 300 से अधि‍क दि‍वस, सूर्य का लाभ मि‍लता है ऐसे दुनि‍या में करीब-करीब 122 देश हैं। और इसलि‍ए वि‍चार आया क्‍यों न हम 122 देशों का जो कि‍ सूर्य शक्‍ति‍ से प्रभावि‍त हैं उनका एक संगठन गढ़ें। भारत ने इच्‍छा प्रकट की फ्रांस के राष्‍ट्रपति‍ जी ने मेरी पूरी मदद की, हम कंधे से कंधा मि‍लाकरके चले, दुनि‍याँ के देशों का संपर्क कि‍या और नवंबर महीने में पेरि‍स में जब conference चल रही थी, 30 नवंबर को दुनि‍याँ के सभी राष्‍ट्रों के मुखि‍या उस समारोह में मौजूद थे और एक International Solar Alliance इस नाम की संस्‍था का जन्‍म हुआ।

उसमें इस बात का भी निर्णय हुआ कि‍ इसका Global Secretariat ‍हि‍न्‍दुस्‍तान में रहेगा। ये International Solar Alliance इसका Headquarter गुड़गॉंव में बन रहा है। ये हरि‍याणा ‘कुरूक्षेत्र’ की धरती है, गीता का संदेश जहॉं से दि‍या, उस धरती से वि‍श्‍व कल्‍याण का एक नया संदेश इस Solar Alliance के रूप में हम पहुँचा रहे हैं।

बहुत कम लोगों को अंदाज होगा कि‍ आज ये जो घटना घट रही है उसका मानवजाति‍ पर कि‍तना बड़ा प्रभाव पैदा होने वाला है, इस बात को वही लोग समझ सकते हैं जो छोटे-छोटे Island पर बसते हैं, छोटे-छोटे Island Countries हैं और जि‍नके ऊपर ये भय सता रहा है कि‍ समुंदर के अगर पानी की ऊँचाई बढ़ती है तो पता नहीं कब उनका देश डूब जाएगा, पता नहीं वो इस सृष्‍टि‍ से समाप्‍त हो जाएंगे, दि‍न रात इन छोटे-छोटे देशों को चि‍न्‍ता हो रही है। जो देश समुद्र के कि‍नारे पर बसे हैं, उन देशों को चि‍न्‍ता हो रही है कि‍ अगर Global Warming के कारण समुद्र की सतह बढ़ रही है तो पता नहीं हमारे मुम्‍बई का क्‍या होगा, चेन्‍नई का क्‍या होगा? और दुनि‍याँ के ऐसे कई देश होंगे जि‍नके ऐसे बड़े-बड़े स्‍थान जो समु्द्र के कि‍नारे पर हैं उनके भाग्‍य का क्‍या होगा? सारा वि‍श्‍व चि‍न्‍ति‍त है। और मैं पि‍छले एक साल में, ये Island Countries हैं जो छोटे-छोटे उनके बहुत से नेताओं से मि‍ला हूँ, उनकी पीड़ा को मैंने भली-भॉंति‍ समझा है। क्‍या भारत इस कर्तव्‍य को नहीं नि‍भा सकता?

हमारे देश में जीवनदान एक बहुत बड़ा पुण्‍य माना जाता है। आज मैं कह सकता हूँ कि‍ International Solar Alliance उस जीवनदान का पुण्‍य काम करने वाला है, जो आने वाले दशकों के बाद दुनि‍याँ पर उसका प्रभाव पैदा करने वाला है। सारा वि‍श्‍व कहता है कि‍ Temperature कम होना चाहि‍ए, लेकि‍न Temperature कम करने का रास्‍ता भी सूर्य का Temperature ही है। एक ऊर्जा से दूसरी ऊर्जा का संकट मि‍टाया जा सकता है। और इसलि‍ए वि‍श्‍व को ऊर्जा के आवश्‍यकता की पूर्ति‍ भी हो, innovation का काम भी हो और सोलर को ले करके जीवन के क्षेत्र कैसे प्रभावि‍त हों उस दि‍शा में काम करने के लि‍ए बना है।

ये बात सही है कि‍ International Solar Alliance इसका Headquarters हि‍न्‍दुस्‍तान में हो रहा है, गुडगॉंव में हो रहा है, लेकि‍न ये Institution हि‍न्‍दुस्‍तान की Institution नहीं है ये Global Institution है, ये Independent Institution है। जैसे अमेरि‍का में United Nations है, लेकि‍न वो पूरा वि‍श्‍व का है। जैसे WHO है, पूरे वि‍श्‍व का है। वैसे ही ये International Solar Alliance का Headquarter ये पूरे वि‍श्‍व की धरोहर है और ये Independent चलेगा। अलग-अलग देश के लोग इसका नेतृत्‍व करेंगे, अलग-अलग देश के लोग इसकी जि‍म्‍मेदारी संभालेंगे, उसकी एक पद्धति‍ वि‍कसि‍त होगी लेकि‍न आज उसका Secretariat बन रहा है, उस Secretariat के माध्‍यम से इस बात को हम आगे बढ़ना चाहते हैं।

भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में परंपरागत प्राकृति‍क संसाधनों उपयोग करने का बीड़ा उठाया है। भारत ने जब ये कहा कि‍ हम 175Giga Watt, Renewable Energy की तरफ जाना चाहते हैं, तब दुनि‍याँ के लि‍ए बड़ा अचरज था। भारत में Giga Watt शब्‍द भी नया है, जब हम Mega Watt से आगे सोच भी नहीं पाते थे। हम आज Giga Watt पर सोच रहे हैं और 175 Giga Watt Solar Energy, Wind Energy, Nuclear Energy, Biomass से होने वाली Energy इन सारे स्रोतों को Hydro Energy ये हम उपलब्‍ध कराना चाहते हैं और मुझे खुशी है कि‍ आज भारत 5000 MW से ज्‍यादा solar energy उसने install कर दी। ये इतने कम समय में जो काम हुआ है वो उस commitment का परिणाम है कि क्या भारत मानव जाति के कल्याण के लिए मानव जाति की रक्षा के लिए, प्रकृति की रक्षा के लिए, ये पूरी जो सृष्टि है उस पूरी सृष्टि की रक्षा के लिए, भारत कोई अपना योगदान दे सकता है क्या? उस योगदान को देने के लिए ये बीड़ा उठाया है।

मैं फ्रांस के राष्ट्रपति का हृदय से आभारी हूँ कि इस चिंता के समय में global warming पर्यावरण के मुद्दे इसके समाधान के जो रास्ते है उनकी सोच भारत की सोच से बहुत मिलती जुलती है क्यों कि फ्रांस की values और भारत के values काफी समान है और इसलिए पिछले वर्ष April के महीने में हम दोनों मिले थे तो हमने तय किया था कि हम COP 21 के समय एक किताब निकालेंगे और विश्व के अंदर परंपरागत रूप से इन issues को कैसे देखा गया इस पर research करेंगे। और हम दोनों ने मिल कर के उस किताब की प्रस्तावना लिखी है और विश्व के सामने उन्ही के मूलभूत चिंतन क्या थे ये प्रस्तुत किया।

ये चीजें इसलिए हम कर रहे हैं कि मानव जाति को इस संकट से बचने के जो रस्ते खोजे जा रहे हैं, वो एक सामूहिक रूप से प्रयत्न हो, innovative रूप से प्रयत्न हो और परिणाम वो निकले जो मानव जाति की आवश्यकता है उसकी पूर्ति भी करे लेकिन प्रकृति को कोई नुकसान न हो। हम वो लोग हैं जिनके पूर्वजो ने, इस धरती से हमें प्यार करना सिखाया है। हमें कभी भी प्रकृति का शोषण करने के लिए नहीं सिखाया गया, हमें पौधे में भी परमात्मा होता है यह बचपन से सिखया गया। ये हमारी परंपरा है। अगर ये परंपरा है तो हमें विश्व को उसका लाभ पहुंचे उस दिशा में हमें कुछ कर दिखाना चाहिए और उसी के तहत आज international solar alliance का हम लोगों ने एक Secretariat का आरम्भ कर रहे हैं। और भविष्य में भव्य भवन के रूप में उसका निर्माण हो, एक स्वंत्रत इमारत तैयार हो, उसके लिए शिलन्यास भी कर रहे है और इस काम के लिए आप पधारे इसका मैं बहुत बहुत आभारी हूँ।

मेरे लिए ख़ुशी की बात है कि solar alliance का निर्माण हो रहा हो आज हमें Delhi से यहाँ आना था हम by road भी आ सकते थे, helicopter से भी आ सकते थे, लकिन हम दोनों ने मिलकर तय किया कि अच्छा होगा की हम Metro से चले जाएँ और आज आप के बीच हमें Metro से आने का अवसर मिला।

मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूँ कि उन्होंने आज Metro में आने के लिए सहमति जताई और हम Metro का सफ़र करते करते आपके बीच पहुंचे क्योंकि वो भी एक सन्देश है क्योंकि global warming के सामने लड़ाई लड़ने के जो तरीके हैं उसमें ये भी एक तरीका है। मैं विश्वास करता हूँ कि ये प्रयास बहुत ही सुखद रहेगा। कल भारत प्रजासत्ता पर्व मनाने जा रहा है, इस प्रजसत्ता पर्व की पूर्व संध्या पर मैं देशवासियों को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूँ और अधिकार और कर्तव्य इन दोनों को संतुलित करते हुए हम देश को आगे बढ़ाएंगे यही मेरी शुभकामना है।

बहुत बहुत धन्यवाद्।

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Text of PM Modi's speech at a public meeting in Cuttack, Odisha
May 20, 2024
Jagannath temple in Puri is not safe under BJD rule. 'Ratna Bhandar' keys have been missing for the last 6 years: PM Modi
Your enthusiasm is telling that Odisha is going to create a new history after 25 years, says PM Modi while addressing a rally in Cuttack
Cuttack is a catalyst for increasing the capabilities and capacities of Bharat to make it a developed nation: PM Modi

जय जगन्नाथ !

जय जगन्नाथ !

जय जगन्नाथ !

जय श्रीराम !

जय श्रीराम !

एठी उपस्थित समस्त मान्यगण व्यक्तिनंकू मोर नमस्कार! देवी मां चामुंडा, चंडी मंदिर, डमडमणी पीठ, मां भट्टारिका, प्रभु नीलमाधव की धरती पर आप जनता-जनार्दन के दर्शन करके मेरा जीवन धन्य हो गया। यहां इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें आई हैं, हमारे नौजवान जो फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं, वो तो उमंग से भरे हुए नजर आ रहे हैं। आपका उत्साह-आपका जोश ये दिखा रहा है कि 25 साल बाद ओडिशा नया इतिहास रचने जा रहा है। ओडिशा में 10 जून को भाजपा का पहला सीएम शपथ लेगा, ये तय है। और आपके आशीर्वाद से तीसरी बार मोदी सरकार दिल्ली में शपथ लेगी, ये भी तय है।

भाइयों और बहनों,

कटक, देश के सबसे पुराने शहरों में से एक है। यहां इतिहास भी है, विरासत भी है। यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस, उत्कल गौरव मधुसूदन दास, उत्कलमणि गोपबंधु दास, उत्कल केसरी हरेकृष्ण महताब ऐसे अनेक महानुभावों की प्रेरणा है। ये आधुनिक शिक्षा की नगरी है। ये विकसित भारत का सामर्थ्य बढ़ाने वाली धरती है।

साथियों,

जिस कटक का जिस ओडिशा का इतना बड़ा महत्व है उसे क्या कोई ऐसा व्यक्ति संभाल सकता है जिसको ओडिशा की संस्कृति की समझ न हो? जिसको यहां की मिट्टी की संवेदना की समझ न हो? BJD को आपने इस शताब्दी के 24-25 साल देकर देखे हैं और आपने देखा है कि परिणाम क्या निकला। अब अगले 25 वर्ष ओडिशा के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। (यहां बहुत सारे लोग अपने कुछ न कुछ चित्र पेंटिंग लेकर के आए हैं। जरा एसपीजी के लोग सारा कलेक्ट कर लीजिए, जो नौजवान और बच्चे कुछ लाए हैं पीछे अपना नाम पता लिख दें। मैं जरूर आपको चिट्ठी भेजूंगा। ये सुभाष बाबू बन के आया है नौजवान। बोलिए भारत माता की, भारत माता की। जिसको जो देना है अभी दे दो बाद में मुझे कोई रह जाए ऐसा ना हो जय श्री राम, जय श्री राम।) ओडिशा को अब BJD की Slow रफ्तार सरकार पीछे छोड़कर डबल इंजन वाली भाजपा सरकार चुननी है। और मेरा आपसे आग्रह है अभी मीडिया वालों ने, कुछ लोगों ने शुरू कर दिया है कि यहां हंग असेंबली बनेगी, हंग असेंबली बनेगी। यह सरासर गपबाजी है, यहां भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने वाली है। और भाजपा ही अगले 25 वर्ष में उड़ीसा को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी।

साथियों,

ओडिशा, BJD के भ्रष्टाचारी रैकेट से यहां के लोग तंग आ गए हैं। जो BJD, चिटफंड जैसे फर्ज़ीवाड़े से गरीब लोगों को धोखा देती है, BJD ने ओडिशा को क्या दिया? अगर BJD ने ओडिशा को दिया है तो Land mafia दिया है, sand mafia दिया है, coal mafia दिया है, mining mafia दिया है। BJD के विधायक और मंत्री 24X7 इसी में लगे हुए हैं। ऐसे में यहां इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास संभव है क्या? संभव है क्या? यहां इन्वेस्टमेंट आ सकता है क्या? यहां रोज़गार बन सकता है क्या? मैं तो हैरान हूं, मेरे यहां गुजरात में शायद उड़ीसा का कोई ऐसा ब्लॉक नहीं होगा, वहां के लोग गुजरात में आकर के रोजी रोटी ना कमाते हों। जो प्रदेश इतना समृद्ध है उस प्रदेश को ऐसे बर्बाद करने वाले लोगों को यह चुनाव तो सजा करने के लिए चुनाव है उन लोगों को।

भाइयों और बहनों,

BJD सरकार कैसे काम करती है, इसका कच्चा-चिट्ठा अब जनता के सामने आ रहा है। जबसे मोदी सरकार बनी है, तबसे ओडिशा के विकास के लिए मैंने रिकॉर्ड पैसा दिल्ली से यहां भेजा है, पहले टैक्स का जितना पैसा केंद्र सरकार से ओडिशा को आता था, मोदी ने उससे 3 गुना ज्यादा पैसा ओडिशा को दिया है। कांग्रेस की सरकार के दौरान जब पुरानी खनन नीति थी तब ओडिशा को करीब 5 हज़ार करोड़ रुपए मिलते थे। मोदी ने नई खनन नीति बनाई। आज ओडिशा को खनन से ही लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपए की आय हो रही है। अब आप सोचिए कांग्रेस के जमाने में 5000 करोड़, मोदी के जमाने में 50 हजार करोड़ रुपया यहां मिलता है इसके अतिरिक्त डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन के तहत भी ओडिशा को 26 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक मिल चुके हैं। यानि मोदी सरकार यहां पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा पैसा भेज रही है। लेकिन ओडिशा में BJD की भ्रष्ट सरकार इस पैसा का गोलमाल कर रही है। मैं ओडिशा के करीब-करीब हर जिले में जा चुका हूं। यहां सड़क, बिजली, पानी, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल हर चीज़ का अभाव है। तो ये पैसा किसकी जेब में गया? यहां कटक में ही देखिए, जलभराव का कितना बड़ा संकट हर साल रहता है? मैं यहां हाईवे के, रेलवे के इतने सारे प्रोजेक्ट्स भेजता हूं। लेकिन BJD के नेताओं को जब तक कट-कमीशन नहीं मिलता तब तक वो हर प्रोजेक्ट को लटकाए रखते हैं। BJD नेता, अपने करीबी ठेकेदारों को ही ठेके दिलवाकर, आपको हर तरफ से लूट रहे हैं। आप मुझे बताइए, ओडिशा के साथ ये लूट बंद होनी चाहिए या नहीं? ऐसा नहीं दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइए ये लूट बंद होनी चाहिए? यह लूट बंद होनी चाहिए? यह लूट कौन बंद करेगा? यह लूट बंद कौन करेगा? यह लूट बंद कौन करेगा? मोदी मोदी को मत करो, यह आपका एक वोट है ना वो ये लूट बंद करेगा। आपके वोट की ताकत है जो उड़ीसा का भाग्य बदल सकती है।

भाइयों और बहनों,

BJD के इस भ्रष्टाचार का बहुत बड़ा नुकसान आप नौजवानों को ही हो रहा है। यहां से नौजवानों को पलायन करना पड़ता है। BJD सरकार यहां निवेश के लिए उचित माहौल नहीं बना पाई। एक माफिया है जो हर सेक्टर पर कब्ज़ा करके बैठा हुआ है, वो यहां कंपटीशन आने ही नहीं देता। 10 जून को हमारी सरकार आने दीजिए, भाजपा सरकार इस माफिया की कमर तोड़ने वाली है।

साथियों,

मोदी सरकार शिक्षा-कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत पर बल दे रही है। 10 साल में ओडिशा को IIM, आईजर ब्रह्मपुर… इंस्‍टीट्यूट ऑफ कैमिकल टैक्नॉलॉजी भुवनेश्वर, ऐसे अनेक संस्थान मिले। टेक्नॉलॉजी और टेक्सटाइल से लेकर इथेनॉल तक हर सेक्टर में मोदी सरकार ने बड़े लक्ष्य रखे हैं। इससे कटक में भी उद्योगों की संभावनाएं बढ़ेंगी। और अभी हमारे मित्र महताब जी मुझे बता रहे थे यहां पहले इतने उद्योग थे, एक के बाद एक सबको ताले लग गए। यहां का आर्थिक जीवन तबाह हो गया और इससे यहां के नौजवानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। और इसलिए साथियों, हमें यहां निवेश चाहिए, हमें उद्योग चाहिए, हमें पुराने उद्योगों का पुनर्जीवन चाहिए। साथियों और वह जब होगा और मैं आपको दिलाता हूं विश्वास, ये भाजपा में ताकत है वह कर सकती है। मैं उड़िया वासियों को वादा करता हूं, मेरे पास लंबे समय तक एक राज्य को चलाने का अनुभव है। भले मैं दिल्ली में प्रधानमंत्री रहूंगा लेकिन उड़ीसा में जो बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा, उड़ीसा में जो बीजेपी की सरकार बनेगी उसको कभी भी कोई तकलीफ नहीं आने दूंगा।

साथियों,

BJD सरकार को कटक के लोगों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। कटक चारों तरफ नदियों से घिरा है। लेकिन यहां पीने के पानी की समस्या है। मोदी नल से जल देना चाहता है लेकिन ये रोड़े अटकाते हैं। मोदी ने देश के गांव और शहरों में गरीबों के 4 करोड़ पक्के घर बनाए हैं। आने वाले सालों में 3 करोड़ और नए घर बनाने की गारंटी दी है। ओडिशा में भी करीब 30 लाख गरीबों के घर बने हैं। लेकिन BJD आपके लिए नए घर बनाने में लगातार अड़चनें पैदा कर रही है। गरीब को पक्का घर मिलने से रोके, ऐसा काम आपका दुश्मन ही कर सकता है।

भाइयों और बहनों,

आप यहां डबल इंजन की भाजपा सरकार बनाइए तो आपका बिजली का बिल भी ज़ीरो होगा और बिजली से कमाई भी होगी। ये कमाल मोदी सरकार की, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से होगा। और उसकी रजिस्ट्री चल रही है आप अभी भी रजिस्ट्री करवा सकते हैं ऑनलाइन जाकर के। घर की छत पर सोलर पैनल के लिए मोदी सरकार आपको 75 हजार रुपये से ज्यादा देगी हर घर के ऊपर। और अतिरिक्त बिजली भाजपा सरकार यहां जो बनेगी वह आपसे खरीदेगी। अब मुझे बताइए आपको डबल मुनाफा हुआ कि नहीं हुआ। डबल फायदा हुआ कि नहीं हुआ। पैसे की बचत हुई कि नहीं हुई। वह पैसे आपके बच्चों के काम आएंगे कि नहीं आएंगे?

साथियों,

ओडिशा भाजपा ने माताओं-बहनों के लिए जो गारंटियां दी हैं, आज उनकी पूरे देश में चर्चा हो रही है। सुभद्रा योजना से माताओं-बहनों को बहुत मदद मिलेगी। आप कल्पना कीजिए, 10 साल पहले तक माताओं-बहनों के बैंक खाते तक नहीं थे। अब ऐसी-ऐसी शानदार योजनाएं भाजपा माताओं-बहनों के नाम पर ला रही हैं। मोदी की एक और गारंटी, देश की 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का मेरा संकल्प है। तीन करोड़ लखपति दीदी बनेगी, आप कल्पना कर सकते हैं हमारी इकोनॉमी कितनी तेज चलेगी। लखपति दीदियों ने हर साल एक लाख रुपये से ज्यादा की आय और वो भी स्वाभिमान के साथ। आशा और आंगनबाड़ी से जुड़ी बहनों के लिए भी ओडिशा भाजपा ने बहुत बड़ी घोषणा की है। आंगनबाड़ी से जुड़ी बहनों को 12 हज़ार रुपए तक की सैलरी मिलेगी, ये ओडिशा भाजपा ने कहा है। इसके साथ-साथ जब यहां आयुष्मान योजना लागू होगी तो कटक के किसी भी परिवार को अपने बुजुर्गों के इलाज के लिए कोई चिंता नहीं करनी पड़ेगी। ये दिल्ली में जो बेटा बैठा है न वो करेगा। बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की गारंटी, ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,

विकास और विरासत, ये भाजपा का एजेंडा है। आपने देखा कि दिल्ली में जो जी-20 का शिखर सम्मेलन हुआ, उसमें दुनियाभर के दिग्गज नेता आए थे और सबको मोदी ने कोणार्क के चक्र के सामने खड़ा किया। कोणार्क के चक्र के सामने फोटो निकाली और उनके घरों में आज कोणार्क का सूर्य चक्र पहुंच गया। इससे पूरी दुनिया में कोणार्क का गौरव बढ़ा है। लेकिन BJD सरकार को ओडिशा की धरोहर की कोई चिंता नहीं है। जगन्नाथ जी के श्री रत्न भंडार को लेकर जो कुछ हो रहा है, उससे पूरा ओडिशा बहुत गुस्से में है। अब लोग कहते हैं कि श्री रत्न भंडार की चाबी तमिलनाडु चली गई है। अभी किसने भेजी है भाई तलमलनाडु। ये तमिलनाडु कौन ले गया है। ऐसे लोगों को माफ करोगे क्या? जिस तरह श्री रत्न भंडार की चाबी खो गई और फिर जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया और इस मामले पर बहुत बड़े गंभीर सवाल उठते हैं। लेकिन मैं उड़ीसा के मेरे भाई बहनों को कहना चाहता हूं, साथियों ये मोदी है मैं सोमनाथ की धरती से आया हूं। जगन्नाथ की धरती की पूजा कर रहा हूं और मेरे लिए जितने भगवान सोमनाथ दादा के आशीर्वाद है इतने ही महाप्रभु जगन्नाथ जी के आशीर्वाद है। मुझ पर सोमनाथ दादा का भी कर्ज है मुझ पर महाप्रभु जगन्नाथ जी का भी कर्ज है। और इसलिए मैं उड़ीसा के एक-एक नागरिक को गारंटी देता हूं आप आश्वस्त रहिए यहां भाजपा सरकार बनते ही यह चाबी का राज खोला जाएगा। जांच रिपोर्ट आपके सामने आएगी और अगर किसी ने गड़बड़ की है तो मोदी किसी को छोड़ता नहीं है।

भाइयों और बहनों,

ये चुनाव ओडिशा के विकास और ओडिया गौरव को बचाने का है। इसलिए, ये जितने भी हमारे साथी MLA का चुनाव लड़ रहे हैं। उन सबको चुन करके हमें ओडिशा की सरकार, बीजेपी की सरकार बनानी है। सारे एमएलए के उम्मीदवार आगे आ जाएं। एमएलए के उम्मीदवार आगे आ जाएं। यह चुनाव देश को एक मजबूत सरकार देने का भी है इसलिए कटक से मित्र भर्तृहरि महताब जी को इस बार बहुत बड़ी लीड से दिल्ली भेजना है और इनको मिला हर वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में आएगा। तो ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे, हर पोलिंग बूथ जीतेंगे।

बोलिए भारत माता की,

भारत माता की,

भारत माता की।

बहुत-बहुत धन्यवाद