Government committed to ensuring a house to the homeless by 2022: PM Modi
Perpetrators of Pulwama attack will be made to pay heavy price: PM Modi
Projects launched in Yavatmal will help generate new jobs as well as empower the poor: PM

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ଆଜି ମହାରାଷ୍ଟ୍ରର ୟବତମାଳ ଗସ୍ତ କରିଥିଲେ । ସେ ରାଜ୍ୟରେ ଅନେକ ପ୍ରକଳ୍ପର ଶୁଭାରମ୍ଭ କରିଥିଲେ । ଏହି ଅବସରରେ କେନ୍ଦ୍ରମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନୀତିନ ଗଡ଼କରୀ ଏବଂ ମହାରାଷ୍ଟ୍ରର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ଦେବେନ୍ଦ୍ର ଫଡ଼ନାବିସ ମଧ୍ୟ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ମୋଦୀ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଆବାସ ଯୋଜନା (ପିଏମଏୱାଇ)ରେ ଚୟନ ହୋଇଥିବା ହିତାଧିକାରୀମାନଙ୍କ ନୂଆ ଆବାସର ଚାବି ବାଂଟିଥିଲେ । ସେ କହିଥିଲେ ଯେ ପିଏମଏୱାଇ ଅନ୍ତର୍ଗତ ୟବତମାଳରେ ପାଖାପାଖି 14,500 ନୂତନ ବାସଗୃହ ନିର୍ମାଣ କରାଯାଇଛି । ଆମେ 2022 ସୁଦ୍ଧା ସମସ୍ତଙ୍କ ପାଇଁ ଆବାସ ଲକ୍ଷ୍ୟ ହାସଲ କରିବୁ । କଂକ୍ରିଟ ନିର୍ମିତ ବାସଗୃହ ସୁଦୃଢ଼ ସ୍ୱପ୍ନର ମାର୍ଗ ପ୍ରଶସ୍ତ କରିବ ।
ସେ ମହାରାଷ୍ଟ୍ର ରାଜ୍ୟ ଗ୍ରାମୀଣ ଜୀବିକା ମିଶନ ଅନ୍ତର୍ଗତ ମହିଳା ସ୍ୱୟଂ ସହାୟିକା ଗୋଷ୍ଠୀଗୁଡ଼ିକୁ ପ୍ରମାଣପତ୍ର/ଚେକ ବିତରଣ କରିଥିଲେ ।
ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ଯେ ୟବତମାଳରେ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ବିକାଶର ପଂଚଧାରା-ପିଲାଙ୍କ ପାଇଁ ଶିକ୍ଷା, ଯୁବକମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଜୀବିକା, ବରିଷ୍ଠ ନାଗରିକଙ୍କ ପାଇଁ ଚିକିତ୍ସା, କୃଷକମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଜଳସେଚନ ଏବଂ ସାଧାରଣ ଅଭିଯୋଗର ସମାଧାନ ଉପଲବ୍ଧ କରାଇବା ଲାଗି ଆମ ପ୍ରୟାସର ସମ୍ପ୍ରସାରଣ ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ସୁଇଚ ଟିପି 500 କୋଟି ଟଙ୍କା ମୂଲ୍ୟର ଏକ ସଡ଼କ ପ୍ରକଳ୍ପର ଆଧାରଶୀଳା ରଖିଥିଲେ । ସେ ଭିଡିଓ ଲିଙ୍କ ଜରିଆରେ ହମସଫର ଅଜନୀ (ନାଗପୁର)-ପୁଣେ ଟ୍ରେନ ଚଳାଚଳକୁ ସବୁଜ ପତାକା ଦେଖାଇ ଶୁଭାରମ୍ଭ କରିଥିଲେ । ସେ ଜୋର ଦେଇ କହିଥିଲେ ଯେ ଯୋଗାଯୋଗ ବିକାଶର ଆଧାର । ସଡ଼କ ଏବଂ ରେଳବାଇ ପ୍ରକଳ୍ପ ଦ୍ୱାରା ୟବତମାଳ ଏବଂ ପାଶ୍ୱର୍ବର୍ତ୍ତୀ ଅଂଚଳରେ ସାମଗ୍ରୀକ ବିକାଶ ନିମନ୍ତେ ସହାୟତା ମିଳିପାରିବ ।

ଏକ ସାଧାରଣ ସଭାକୁ ସମ୍ବୋଧିତ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ଯେ “ଆମେ ପୁଲୱାମା ଆକ୍ରମଣ ଘଟଣା ପରେ ଗଭୀର ଦୁଃଖ ଏବଂ ଯନ୍ତ୍ରଣା ଦେଇ ଗତିକରୁଛୁ । ମହାରାଷ୍ଟ୍ରର ଦୁଇ ଜଣ ସାହସୀ ପୁତ୍ର ମଧ୍ୟ ରାଷ୍ଟ୍ର ପାଇଁ ନିଜ ଜୀବନ ବଳିଦାନ ଦେଇଛନ୍ତି । ଆମର ସମବେଦନା ଶୋକସନ୍ତପ୍ତ ପରିବାର ସହିତ ରହିଛି । ସେମାନଙ୍କ ବଳିଦାନ ବ୍ୟର୍ଥ ଯିବ ନାହିଁ । ଆମେ ସୁରକ୍ଷାବାହିନୀକୁ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନର ସମୟ, ସ୍ଥାନ ଏବଂ ପଦ୍ଧତି ନିର୍ଦ୍ଧାରଣ କରିବା ଲାଗି ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ସ୍ୱାଧୀନତା ଦେଇଛୁ । ଯଦି ଆମେ ଦେଖିଥିବା ସ୍ୱପ୍ନକୁ ପୂରଣ କରିବାରେ ସକ୍ଷମ ହୋଇପାରୁଛୁ କିମ୍ବା ରାଷ୍ଟ୍ରର ବିକାଶ କରିପାରୁଛୁ, ତା’ହେଲେ ଏହା ଆମ ସାହସୀ ସୈନିକମାନଙ୍କ ବଳିଦାନ କାରଣରୁ ସମ୍ଭବ ହୋଇପାରୁଛି ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ଯେ ସିକଲ ସେଲ ରୋଗ ଉପରେ ଗବେଷଣା ପାଇଁ ଚନ୍ଦ୍ରପୁରରେ ଏକ ଗବେଷଣା କେନ୍ଦ୍ର ନିର୍ମାଣ କରାଯାଉଛି ।

 

ଏହି ଅବସରରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ସହସ୍ରକୁଣ୍ଡ ଏକଲବ୍ୟ ମଡେଲ ଆବାସିକ ବିଦ୍ୟାଳୟର ଉଦଘାଟନ କରିଥିଲେ । ସ୍କୁଲ ପରିସର 15 ଏକର ଜମିରେ ବ୍ୟାପି ରହିଛି ଏବଂ ଏଥିରେ ସମସ୍ତ ଅତ୍ୟାଧୁନିକ ସୁବିଧା ରହିଛି । ସେ ଆଶା ବ୍ୟକ୍ତ କରିଥିଲେ ଯେ ଏହି ବିଦ୍ୟାଳୟ ଜନଜାତି ପିଲାମାନଙ୍କ ଆକାଂକ୍ଷାକୁ ପୂରଣ କରିବ । ଜନଜାତି କ୍ଷେତ୍ରରେ ଏକ ହଜାର ଏକଲବ୍ୟ ମଡେଲ ଆବାସିକ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରିବା ଲକ୍ଷ୍ୟର ଏହା ଏକ ଅଂଶବିଶେଷ ।

 

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ, ଆମେ ଜନଧନଠାରୁ ଆରମ୍ଭ କରି ବନଧନ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଜନଜାତିଙ୍କ ସାମଗ୍ରୀକ ବିକାଶ ଲାଗି ବିଶେଷ ଭାବେ ପ୍ରତିବଦ୍ଧ । ଗୋଟିଏ ପଟେ ଜନଧନ ଗରିବମାନଙ୍କ ଆର୍ଥିକ ଅନ୍ତର୍ଭୂକ୍ତିକରଣରେ ସହାୟତା କରିଛି, ଅନ୍ୟପଟେ ବନଧନ ଲଘୁ ବନଜାତ ଉତ୍ପାଦନ ଜରିଆରେ ଗରିବମାନଙ୍କୁ ଅତିରିକ୍ତ ଆୟ ଦେବାରେ ସହାୟତା କରୁଛି । ଆମେ ଲଘୁ ବନ ଉତ୍ପାଦନର ମୂଲ୍ୟ ବୃଦ୍ଧି ଲାଗି ବନଧନ କେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରୁଛୁ, ଯାହାଦ୍ୱାରା ଜନଜାତିମାନଙ୍କୁ ସେମାନଙ୍କ ଉତ୍ପାଦର ଉନ୍ନତ ମୂଲ୍ୟ ମିଳିପାରିବ । ଆମେ ବାଉଁଶକୁ ଗଛ ମାନ୍ୟତାରୁ ମଧ୍ୟ ମୁକ୍ତ କରିଛୁ, ଯାହାଦ୍ୱାରା ଜନଜାତିର ଲୋକମାନେ ବାଉଁଶ ଏବଂ ଏହାର ଉତ୍ପାଦନରୁ ନିଜ ଆୟରେ ବିବିଧତା ଆଣିପାରିବେ ।

 

ଆମ ସ୍ୱାଧୀନତା ସଂଗ୍ରାମରେ ଜନଜାତି ନାୟକଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ଦିଆଯାଇଥିବା ବଳିଦାନକୁ ସ୍ମରଣ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ଯେ ଆମେ ସାରା ଦେଶର ସଂଗ୍ରହାଳୟ ଏବଂ ସ୍ମାରକୀରେ ସେମାନଙ୍କ ସ୍ମୃତିକୁ ସଂରକ୍ଷିତ କରି ରଖୁଛୁ ।

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Jo khelega woh khilega, always cheer for Bharat: PM Modi meets India's CWG medallists

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You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।