2022 ರ ಹೊತ್ತಿಗೆ ವಸತಿ ಇಲ್ಲದವರಿಗೆ ಮನೆ ನಿರ್ಮಿಸಲು ಸರಕಾರ ಬದ್ಧವಾಗಿದೆ: ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಪುಲ್ವಾಮಾ ದಾಳಿಯ ಅಪರಾಧಿಗಳು ಭಾರಿ ಬೆಲೆ ಪಾವತಿಸಲಿದ್ದಾರೆ : ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಯವತ್ಮಾಳ್ ನಲ್ಲಿ ಆರಂಭವಾದ ಯೋಜನೆಗಳು ಹೊಸ ಉದ್ಯೋಗಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸಲು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತದೆ ಮತ್ತು ಬಡವರ ಸಬಲೀಕರಣಗೊಳಿಸುತ್ತದೆ: ಪ್ರಧಾನಿ

ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿಯವರು  ಇಂದು ಮಹಾರಾಷ್ಟ್ರದ ಯವತ್ಮಾಳ್ ಗೆ  ಭೇಟಿ ನೀಡಿದರು.  ಅವರು ರಾಜ್ಯದಲ್ಲಿ ಅನೇಕ ಯೋಜನೆಗಳನ್ನು ಅನಾವರಣಗೊಳಿಸಿದರು. ಕೇಂದ್ರ ಸಚಿವ ಶ್ರೀ ನಿತಿನ್ ಗಡ್ಕರಿ ಮತ್ತು ಮಹಾರಾಷ್ಟ್ರದ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ದೇವೇಂದ್ರ ಫಡ್ನವಿಸ್ ಅವರೂ ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.
ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿಯವರು ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿ ಆವಾಸ್ ಯೋಜನೆಯ (PMAY) ಆಯ್ದ ಫಲಾನುಭವಿಗಳಿಗೆ  ಮನೆಯ ಕೀಲಿಗಳನ್ನು ಹಸ್ತಾಂತರಿಸಿದರು.  “PMAY ಯೋಜನೆಯಡಿಯಲ್ಲಿ ಯವತ್ಮಾಳ್ ನಲ್ಲಿ  ಸುಮಾರು 14500 ಮನೆಗಳನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸಲಾಗಿದೆ” ಎಂದು ಹೇಳಿದರು. “2022ರಷ್ಟರಲ್ಲಿ ಸರ್ವರಿಗೂ ವಸತಿ ಎನ್ನುವ ಗುರಿಯನ್ನು ನಾವು ಸಾಧಿಸುತ್ತೇವೆ. ಈ ಕಾಂಕ್ರೀಟ್ ಮನೆಗಳು  ಇಲ್ಲಿ ವಾಸಿಸುವ ಜನರಿಗೆ ಧೃಡವಾದ ಕನಸುಗಳಿಗೆ ಕಾರಣವಾಗುತ್ತವೆ”
 
ಅವರು   ಮಹಾರಾಷ್ಟ್ರ ರಾಜ್ಯದ ಗ್ರಾಮೀಣ  ಜೀವನಾಧಾರ ಅಭಿಯಾನದಡಿಯಲ್ಲಿ ಮಹಿಳಾ ಎಸ್.ಜಿ.ಜಿ.ಗಳಿಗೆ ಪ್ರಮಾಣಪತ್ರಗಳು / ಚೆಕ್ ಗಳನ್ನು ವಿತರಿಸಿದರು.
 
ಯವತ್ಮಾಳದ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವು  ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯ ಪಂಚಧರಗಳಾದ ಮಕ್ಕಳಿಗೆ ಶಿಕ್ಷಣ, ಯುವಜನರಿಗೆ ಜೀವನೋಪಾಯ, ಹಿರಿಯ ನಾಗರಿಕರಿಗೆ ಔಷಧ, ರೈತರಿಗೆ ನೀರಾವರಿ ಮತ್ತು ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಕುಂದುಕೊರತೆಗಳ ವಿಚಾರಣೆ ಇವುಗಳು ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬರಿಗೂ ಸಿಗುವಂತೆ ಮಾಡುವ ಪ್ರಯತ್ನದ ಮುಂದುವರಿದ ಭಾಗ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿಗಳು ಹೇಳಿದರು.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಯವರು  ಒಂದು ಗುಂಡಿಯನ್ನು ಒತ್ತುವ ಮೂಲಕ  500 ಕೋಟಿ ರೂಪಾಯಿ ಮೌಲ್ಯದ ರಸ್ತೆಗಳ ಯೋಜನೆಯ ಶಂಕುಸ್ಥಾಪನೆಯನ್ನು ಮಾಡಿದರು. ಹಮ್ಸಫರ್ ಅಜ್ನಿ (ನಾಗ್ ಪುರ್) – ಪುಣೆ ರೈಲ್ವೆಯ   ವಿಡಿಯೋ ಲಿಂಕ್ ಮೂಲಕ ಉದ್ಘಾಟಿಸಿದರು. ಅವರು ಸಂಪರ್ಕವು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯ ಸಫಲತೆಗೆ ಮತ್ತು ರಸ್ತೆ ಮತ್ತು ರೈಲ್ವೆ ಯೋಜನೆಗಳು ಯವತ್ಮಾಳ ಮತ್ತು ಸುತ್ತಮುತ್ತಲಿನ ಪ್ರದೇಶಗಳ ಒಟ್ಟಾರೆ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೆ ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತದೆ ಎಂದು ಒತ್ತಿ ಹೇಳಿದರು.
 
ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಸಭೆಯೊಂದರಲ್ಲಿ ಮಾತನಾಡಿದ ಅವರು,   “ನಾವು ಪುಲ್ವಾಮಾ ದಾಳಿಯಿಂದಾಗಿ ತೀವ್ರ ದುಃಖದಲ್ಲಿರುವೆವು ಮತ್ತು ಸಂಕಟಕ್ಕೆ ಒಳಗಾಗಿರುವೆವು. ಮಹಾರಾಷ್ಟ್ರದ ಇಬ್ಬರು ಕೆಚ್ಚೆದೆಯ ಪುತ್ರರು ತಮ್ಮ ಜೀವವನ್ನು  ದೇಶಕ್ಕಾಗಿ ತ್ಯಾಗ ಮಾಡಿದ್ದಾರೆ.   ಅವರ ತ್ಯಾಗವು ವ್ಯರ್ಥವಾಗಿ ಹೋಗುವುದಿಲ್ಲ. ಮುಂದಿನ ಕಾರ್ಯವನ್ನು  ನಿರ್ಧರಿಸಲು ಸಮಯ, ಸ್ಥಳ ಮತ್ತು ವಿಧಾನವನ್ನು ಆಯ್ಕೆ ಮಾಡಲು ನಾವು ಭದ್ರತಾ ಪಡೆಗಳಿಗೆ ಸಂಪೂರ್ಣ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ನೀಡಿರುವೆವು. ನಮ್ಮ ಕನಸು ಸಾಕಾರಗೊಂಡಿದ್ದರೆ ಅಥವಾ ದೇಶವನ್ನು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೊಳಿಸಲು ಸಾಧ್ಯವಾಗುತ್ತಿರುವುದಾದರೆ  ಅದಕ್ಕೆ ನಮ್ಮ ಧೀರ ಯೋಧರ ತ್ಯಾಗವೇ ಕಾರಣ”
 
ಸಿಕ್ಕಲ್ ಜೀವಕೋಶದ ರೋಗದ ಬಗ್ಗೆ ಸಂಶೋಧನೆ ನಡೆಸಲು,  ಚಂದ್ರಪುರದಲ್ಲಿ  ಸಂಶೋಧನಾ ಕೇಂದ್ರವನ್ನು  ನಿರ್ಮಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿಯವರು ಹೇಳಿದರು.

 

ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಸಹಸ್ರಕುಂಡ್ ವಸತಿ ಶಾಲೆಯು ಪ್ರಧಾನ  ಮಂತ್ರಿಯವರಿಂದ ಉದ್ಘಾಟಿಸಲ್ಪಟ್ಟಿತು.   ಈ ಶಾಲೆಯ ಕ್ಯಾಂಪಸ್ 15 ಎಕರೆ ಪ್ರದೇಶವಾಗಿದ್ದು ಎಲ್ಲಾ ಆಧುನಿಕ ಸೌಲಭ್ಯಗಳನ್ನು ಹೊಂದಿದೆ.  ಬುಡಕಟ್ಟು ಮಕ್ಕಳ ಆಶಯವನ್ನು ಈ ಶಾಲೆಯು ಪೂರ್ಣಗೊಳಿಸುತ್ತದೆ ಎಂದು ಅವರು ಭರವಸೆ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದರು. ಇದು ಬುಡಕಟ್ಟು ಪ್ರದೇಶಗಳಾದ್ಯಂತ 1000   ಏಕಲವ್ಯ ಮಾದರಿ ಮಾದರಿ ವಸತಿ ಶಾಲೆಗಳನ್ನು ಸ್ಥಾಪಿಸುವ ಅವರ ಉದ್ದೇಶದ ಒಂದು ಭಾಗವಾಗಿದೆ.

 

ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿಯವರು ಹೇಳಿದರು   “ನಾವು ವಿಶೇಷವಾಗಿ ಜನಧನದಿಂದ ವನಧನ ವರೆಗೆ ಬುಡಕಟ್ಟಿನವರ ಪ್ರಗತಿಗಾಗಿ ವಿಶೇಷವಾಗಿ ಬದ್ಧರಾಗಿರುತ್ತೇವೆ.  ಜನಧನವು  ಬಡವರ ಆರ್ಥಿಕತೆಗೆ ಸಹಾಯ ಮಾಡಿದರೆ  ವನಧನವು ಸಣ್ಣ ಅರಣ್ಯ ಉತ್ಪನ್ನಗಳ ಮೂಲಕ  ಬಡವರಿಗೆ ಹೆಚ್ಚುವರಿ ಆದಾಯ ತರುವಲ್ಲಿ ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತವೆ. ಸಣ್ಣ ಅರಣ್ಯ ಉತ್ಪನ್ನಗಳಿಗೆ  ಬುಡಕಟ್ಟು ಜನರಿಗೆ  ಉತ್ತಮ ಆದಾಯ ತರುವಲ್ಲಿ ನೆರವು ನೀಡಲು ನಾವು  ವನ್ ಧನ್ ಕೇಂದ್ರಗಳನ್ನು  ಸ್ಥಾಪಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ    ನಾವು  ಬಿದಿರನ್ನೂ ಸಹ ಮರ ಎಂದು ಡಿನೋಟಿಫೈ ಮಾಡಿರುವೆವು ಇದರಿಂದ ಬುಡಕಟ್ಟು ಜನರು   ಬಿದಿರು  ಮತ್ತು ಅದರ ಉತ್ಪನ್ನಗಳಿಂದ ಆದಾಯ ಪಡೆಯಬಹುದು .  

 

ನಮ್ಮ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ಸಂಗ್ರಾಮದಲ್ಲಿ ಬುಡಕಟ್ಟು ಜನಾಂಗದ ನಾಯಕರು ಮಾಡಿದ ತ್ಯಾಗವನ್ನು ನೆನಪಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿಗಳು ನಾವು ಅವರ ನೆನಪುಗಳನ್ನು ದೇಶದಾದ್ಯಂತ ವಸ್ತುಸಂಗ್ರಹಾಲಯಗಳಲ್ಲಿ ಮತ್ತು ಸ್ಮಾರಕಗಳಲ್ಲಿ ಸಂರಕ್ಷಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ ಎಂದು ಹೇಳಿದರು. 

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।