പുനരുല്‍പ്പാദന ഊർജ്ജ മേഖലകളിൽ ഞങ്ങളുടെ സഹകരണം ശക്തിപ്പെടുത്താൻ ഞങ്ങൾ തീരുമാനിച്ചു. അന്താരാഷ്ട്ര സൗര സഖ്യത്തില്‍ ചേരുന്നതിനുള്ള സൗദിയുടെ തീരുമാനത്തെ സ്വാഗതം ചെയുന്നു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
"കഴിഞ്ഞ ആഴ്ച പുൽവാമയിലെ ക്രൂരമായ ഭീകര ആക്രമണം, മനുഷ്യകുലത്തിന് വിരുദ്ധമാണ്: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
തീവ്രവാദത്തിന്റെ അടിത്തറയെ വിഘടിപ്പിക്കുകയും, ഭീകരതക്ക് ലഭിക്കുന്ന പിന്തുണ ഇല്ലാതാക്കുകയും, ഭീകരവാദികളെയും അവരെ പിന്തുണക്കുന്നവരെയും ശിക്ഷിക്കുക എന്നതും വളരെ അത്യാവശ്യമാണെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി മോദി

Your 
रॉयल हाईनेस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल-अज़ीज़ अल सौद,

सदेकी, 
मरहबा बिकुम फिल हिंद।

फ्रेंड्स,

भारत में उनके पहले राजकीय दौरे पर रॉयल हाईनेस और उनके डेलीगेशन का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत और सऊदी अरब के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध सदियों पुराने हैं। और यह सदैव सौहार्द-पूर्ण और मैत्री-पूर्ण रहे हैं। हमारे लोगों के बीच के घनिष्ठ और निकट संपर्क हमारे देशों के लिए एक सजीव सेतु यानि living bridge है। हिज मेजेस्टी की, और रॉयल हाईनेस आपकी, व्यक्तिगत रुचि और मार्गदर्शन से हमारे द्विपक्षीय सबंधों में और भी प्रगाढ़ता, मधुरता और शक्ति आई हैं। आज, 21वीं सदी में, सऊदी अरब, भारत के सबसे मूल्यवान strategic partners में है। यह हमारे विस्तृत पड़ोस में है, एक करीबी दोस्त है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत भी है।

2016 में सऊदी अरब की मेरी यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को विशेष रूप से, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में कई नए आयाम दिए थे। आपसे अर्जेन्टीना में 2 माह पहले हुई मुलाकात के परिणाम-स्वरूप सुरक्षा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में हमारी strategic partnership के सार ने नया विस्तार लिया है। मुझे खुशी है कि आपके सुझाव की रूपरेखा के अनुसार, हम द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल की स्थापना के लिए सहमत हुए हैं। इनसे हमारे संबंधों को मज़बूती, गति और प्रगति का लाभ मिलेगा।

फ्रेंड्स,

आज हमने द्विपक्षीय संबंधों के सभी विषयों ​​पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। हमने अपने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का निश्चय किया है। हमारे अर्थतंत्र में साऊदी अरब से संस्थागत निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए, हम एक ढांचा स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। मैं भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में सऊदी अरब के निवेश का स्वागत करता हूँ।

Your Royal Highness,

आपके 'विज़न 2030' और आपके नेतृत्व में हो रहे आर्थिक सुधार, भारत के प्रमुख कार्यक्रमों जैसे कि 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्ट-अप इंडिया' के पूरक हैं। हमारे ऊर्जा संबंधों को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में तब्दील करने का समय आ गया है। दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी और स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व में सऊदी अरब की भागीदारी, हमारे ऊर्जा संबंधों को buyer-seller relation से बहुत आगे ले जाती है। हम अक्षय ऊर्जा के क्षेत्रों में अपने सहयोग को मज़बूत करने पर सहमत हुए हैं। हम इंटरनेशनल सोलर अलायंस में सऊदी अरब का स्वागत करते हैं। परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग, विशेष-रूप से वाटर डीसेलिनेशन और स्वास्थ्य के लिए, हमारे सहयोग का एक और आयाम होंगे।

विशेषकर अपने strategic वातावरण के संदर्भ में, हमने आपसी रक्षा सहयोग को मज़बूत करने और उसका विस्तार करने पर भी सफल चर्चा की है। पिछले साल भारत साऊदी अरब में प्रतिष्ठित जनाद्रियाह समारोह में 'गेस्ट ऑफ ऑनर' था। आज हमने अपने सांस्कृतिक संबंधों को और मज़बूत करने का लक्ष्य रखा है। व्यापार और पर्यटन को बढ़ाने हेतु साऊदी अरब के नागरिकों के लिए ई-वीज़ा का विस्तार किया जा रहा है। भारतीयों के लिए हज़ कोटे में वृद्धि के लिए हम His Majesty और Royal Highness के आभारी हैं। 2.7 मिलियन भारतीय नागरिकों की सऊदी अरब में शान्तिपूर्ण और उपयोगी उपस्थिति हमारे बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। रॉयल हाइनेस ने साऊदी अरब की प्रगति में उनके सकारात्मक योगदान की प्रशंसा की है। आपने हमेशा उनकी भलाई का ख्याल रखा है। इसके लिए उनका आभार और दुआएं आपके साथ हैं।

फ्रेंड्स,

पिछले हफ्ते पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला, इस मानवता विरोधी खतरे से दुनिया पर छाए कहर की एक और क्रूर निशानी है। इस खतरे से प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है। आतंकवाद का इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट करना और इसको समर्थन समाप्त करना और आतंकवादियों और उनके समर्थकों को सजा दिलाना बहुत जरूरी है। साथ ही अतिवाद के खिलाफ सहयोग और इसके लिए एक मज़बूत कार्ययोजना की भी ज़रूरत है, ताकि हिंसा और आतंक की ताकतें हमारे युवाओं को गुमराह न कर सकें। मुझे खुशी है कि सऊदी अरब और भारत इस बारे में साझा विचार रखते हैं।

फ्रेंड्स,

पश्चिम एशिया और खाड़ी में शांति और स्थिरता सुनिचित करने में हमारे दोनों देशों के साझा हित हैं। आज हमारी बातचीत में, इस क्षेत्र में हमारे कार्यों में तालमेल लाने और हमारी भागीदारी को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति हुई है। हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि counter terrorism, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और मजबूत द्विपक्षीय सहयोग दोनों देशों के लिए लाभप्रद रहेंगे।

Your Royal Highness,

आपकी यात्रा ने हमारे रिश्तों के तेज विकास को एक नया आयाम दिया है। मैं एक बार फिर, हमारे निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए रॉयल हाईनेस का शुक्रिया अदा करता हूँ। मैं उनके और प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों की भारत में सुखद प्रवास की कामना भी करता हूँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

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Prime Minister shares a Sanskrit Subhashitam emphasising that well-ordered standards must guide human conduct
May 20, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today shared a Sanskrit Subhashitam, noting that righteous conduct is like a lamp that illuminates not only an individual but the entire society. Shri Modi highlighted that adopting this very ideal, the people of our country are engaged in nation-building today with complete restraint, capability, and devotion to duty.

The Prime Minister posted on X:

"श्रेष्ठ आचरण वह दीपक है, जिससे व्यक्ति के साथ-साथ समाज भी आलोकित होता है। इसी आदर्श को अपनाते हुए हमारे देशवासी आज पूरे संयम, सामर्थ्य और कर्तव्यनिष्ठा से राष्ट्र निर्माण में जुटे हुए हैं।

तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ।
ज्ञात्वा शास्त्रविधानोक्तं कर्म कर्तुमिहार्हसि।।"

The determination of what ought to be done and what ought not to be done should not rest upon subjective opinion or momentary impulse but upon a well-ordered standard grounded in the Śāstra, which imparts direction and discipline to conduct. Therefore, a person ought to act in accordance with that established system of standards, so that one's conduct becomes balanced, validated and meaningful.