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ഞങ്ങൾക്ക് എല്ലാ ബിംസ്റ്റെക് രാജ്യങ്ങളുമായി നയതന്ത്ര ബന്ധം മാത്രമല്ല ഉള്ളത്, എന്നാൽ നാഗരികത, ചരിത്രം, കല, ഭാഷ, പാചകം, സംസ്കാരം എന്നിവയിലും ഞങ്ങൾ ശക്തമായ ബന്ധം പുലർത്തുന്നു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
പ്രധാനമന്ത്രി മോദി: വ്യാപാര, സാമ്പത്തിക, ഗതാഗത, ഡിജിറ്റൽ, ജനങ്ങൾ തമ്മിലുള്ള ബന്ധം എന്നിവ ബിംസ്റ്റെക് മേഖലയിൽ വ്യാപിപ്പിക്കാനുള്ള വലിയൊരു അവസരമാണ്
ബിംസ്റ്റെക് ഉദ്‌ഘാടന സമ്മേളനം: തീവ്രവാദം, മയക്കുമരുന്ന് കടത്ത് തുടങ്ങിയ വെല്ലുവിളികളെ നേരിടാൻ പ്രധാനമന്ത്രി മോദി എല്ലാ അംഗരാജ്യങ്ങളുടെയും കൂടുതൽ പങ്കാളിത്തം ആവശ്യപ്പെട്ടു.

Your Excellency, राइट ओनरेबल

प्रधानमंत्री ओली जी,


बिम्सटेक सदस्य देशों से आए मेरे साथी leaders,सबसे पहले तो मैं इस चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मलेन की मेजबानी और सफल आयोजन के लिए नेपाल सरकार का, और प्रधानमंत्री ओली जी का ह्रदय से आभार प्रकट करना चाहता हूँ। हालांकि मेरे लिए यह पहला बिम्सटेक शिखर सम्मलेन है, लेकिन 2016 में मुझे गोवा में BRICS Summit के साथ बिम्सटेक रिट्रीट host करने का अवसर मिला था। गोवा में हमने जो Agenda For Action तय किया था, उसके अनुरूप हमारी teams ने प्रशंसनीय follow-up action लिया है। 


इसमें शामिल हैं:


पहली वार्षिक बिम्सटेक Disaster (डिजास्टर) Management Exercise का आयोजन। 

राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की दो मुलाकातें। 

बिम्सटेक Trade फेसीलिटेशन Agreement पर चर्चा में प्रगति।

 बिम्सटेक Grid (ग्रिड) इंटर-कनेकशन के विषय पर समझौता। 

इसके लिए मैं सभी देशों के delegations का अभिनंदन करता हूँ।


Excellencies

इस क्षेत्र के सभी देशों के साथ भारत के सिर्फ़ diplomatic संबंध नहीं हैं। हम सभी देश सदियों से सभ्यता, इतिहास, कला, भाषा, खान-पान और हमारे साझा संस्कृति के अटूट बंधनों से जुड़े हुए हैं।इस क्षेत्र के एक ओर महान हिमालय पर्वत श्रंखला है, और दूसरी ओर हिन्द और प्रशांत महासागरों के बीच स्थित बंगाल की खाड़ी।बंगाल की खाड़ी का यह क्षेत्र हम सभी के विकास, सुरक्षा और प्रगति के लिए विशेष महत्त्व रखता है। और इसलिए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि भारत की "नेबरहुड First” और "Act East”, दोनों नीतियों का संगम इसी बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में होता है।

 

Excellencies,

हम सभी विकासशील देश हैं। अपने-अपने देशों में शांति, समृद्धि और ख़ुशहाली हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।लेकिन आज के inter- -connected विश्व में यह काम कोई अकेले नहीं कर सकता है। हमें एक दूसरे के साथ चलना है, एक दूसरे का सहारा बनना है, एक दूसरे के प्रयासों का पूरक बनना है।मैं मानता हूँ कि सबसे बड़ा अवसर है Connectivity का – Trade connectivity, Economic connectivity, Transport connectivity, Digital connectivity, और पीपल-टू-पीपलconnectivity – सभी आयामों पर हमें काम करना होगा।बिम्सटेक में coastal shipping और motor vehicles समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए हम भविष्य में भी मुलाकात की मेज़बानी कर सकते हैं। हमारे एंटरप्रेनयर्स के बीच संपर्क और connectivity बढ़ाने के लिए भारत बिम्सटेक Start Up Conclave host करने के लिए तैयार है। हम सभी देश अधिकांशतः कृषि प्रधान हैं, और Climate Change की आशंकाओं से जूझ रहे हैं। इस संदर्भ में कृषि अनुसन्धान, शिक्षा और विकास पर सहयोग के लिए भारत, Climate Smart Farming Systems के विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन करेगा। Digital connectivity के क्षेत्र में भारत अपने National Knowledge Network को श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और नेपाल में बढ़ाने के लिए पहले से ही प्रतिबद्ध है। हम इसे म्यांमार और थाईलैंड में भी बढ़ाने का प्रस्ताव करते हैं।मैं आशा करता हूँ कि सभी बिम्सटेक देश इस वर्ष October में नई दिल्ली में आयोजित की जा रही India Mobile Congress में भागीदार होंगे। इस Congress में बिम्सटेक मिनिसटीरयल कोनक्लेव भी शामिल है। बिम्सटेक सदस्य देशों के साथ connectivity बढ़ाने में भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की अहम भूमिका होगी। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए Science and Technology Interventions in the North Eastern Regionनामक एक पेहल है। हम इस कार्यक्रम को बिम्सटेक सदस्य देशों के लिए extend करने का प्रस्ताव रखते हैं। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उर्जा, waste management, कृषि और capacity building को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।साथ ही, भारत के North Eastern Space Application Centre में बिम्सटेक सदस्य देशों के शोधकर्ताओं, छात्रों और professionals के लिए हम चौबीस scholarships भी देंगे।


Excellencies,

इस क्षेत्र के लोगों के बीच सदियों पुराने संपर्क हमारे संबंधों को एक मजबूत नींव प्रदान करते हैं। और इन संपर्कों की एक विशेष कड़ी है बौद्ध धर्म और चिंतन। August Twenty Twenty में भारत International Buddhist कोनक्लेव की मेज़बानी करेगा। मैं सभी बिम्सटेक सदस्य देशों को इस अवसर पर Guest of Honour के रूप में भागीदारी का निमंत्रण देता हूँ। हमारी युवा पीढ़ी के बीच संपर्क को प्रोत्साहन देने के लिए बिम्सटेक Youth Summit और बिम्सटेक Band Festival के आयोजन का प्रस्ताव भारत रखना चाहता है। इनके साथ हम बिम्सटेक Youth Water Sports का आयोजन भी कर सकते हैं।बिम्सटेक देशों के युवा छात्रों के लिए नालंदा विश्वविद्यालय में तीस scholarships और जिपमर institute में advanced medicine के लिए बारह research fellowships भी दी जाएंगी।साथ ही, भारत के आईटेक कार्यक्रम के तहत पर्यटन, पर्यावरण, disaster management, renewable energy, कृषि, trade और W.T.O जैसे विषयों पर सौ short term training courses भी offer किये जाएंगे।बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में कला, संस्कृति, सामुद्रिक कानूनों एवं अन्य विषयों पर शोध के लिए हम नालंदा विश्वविद्यालय में एक Centre for Bay of Bengal Studies की स्थापना भी करेंगे। इस केंद्र में हम सभी देशों की भाषाओं के एक-दूसरे से जुड़े तारों के बारे में भी research की जा सकती है। हम सभी देशों के अपने-अपने लंबे इतिहास, और इतिहास से जुड़े पर्यटन के potential का पूरी तरह लाभ उठाने के लिए ऐतिहासिक इमारतों और स्मारकों के पुनरुत्थान के लिए हम सहयोग कर सकते हैं।


Excellencies,

क्षेत्रीय integration तथा आर्थिक प्रगति और समृद्धि के लिए हमारे इन साझा प्रयासों की सफ़लता के लिए यह आवश्यक है कि हमारे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का वातावरण हो।हिमालय और बंगाल की खाड़ी से जुड़े हमारे देश, बार-बार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते रहते हैं। कभी बाढ़, कभी साईक्लोन, कभी भूकंप। इस सन्दर्भ में, एक दूसरे के साथ humanitarian assistance और disaster relief प्रयासों में हमारा सहयोग और समन्वय बहुत आवश्यक है। हमारे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति वैश्विक सामुद्रिक trade routes से जुड़ी है, और हम सभी की अर्थव्यवस्थाओं में भी Blue Economy का विशेष महत्त्व है। साथ ही, आने वाले digital युग में हमारी अर्थव्यवस्थाओं के लिए cyber economy का महत्त्व भी अधिकाधिक बढ़ेगा। यह स्पष्ट है कि हमारे क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग में इन सभी विषयों पर सहयोग मजबूत करने की दिशा में हमें ठोस कदम उठाने होंगे।और इसलिए, अगले महीने भारत में आयोजित की जा रही बिम्सटेक Multi-national Military Field Training Exercise और थल सेना प्रमुखों की कोनक्लेव का मैं स्वागत करता हूँ। भारत बिम्सटेक देशों की एक Tri Services Humanitarian Assistance and Disaster Relief Exercise की मेजबानी भी करेगा। दूसरी वार्षिक बिम्सटेक Disaster Management Exercise की मेज़बानी के लिए भी भारत तैयार है। हम disaster management के क्षेत्र में कार्यरत officials के लिए capacity building में भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं। भारत Blue Economy पर सभी बिम्सटेक देशों के युवाओं का एक Hackathon आयोजित करेगा। इससे Blue Economy की संभावनाओं और सहयोग पर focus किया जा सकेगा।

Excellencies,

हममें से कोई भी देश ऐसा नहीं है जिसने आतंकवाद और आतंकवाद के networks से जुड़े ट्रांस-नेशनल अपराधों और drug trafficking जैसी समस्याओं का सामना नहीं किया हो। नशीले पदार्थों से संबंधित विषयों पर हम बिम्सटेक frame-work में एक conference का आयोजन करने के लिए तैयार हैं। यह स्पष्ट है कि ये समस्याएं किसी एक देश की law and order समस्याएं नहीं हैं। इनका सामना करने के लिए हमें एकजुट होना होगा। और इसके लिए हमें यथोचित कानूनों और नियमों का frame-work खड़ा करना होगा। इस संदर्भ में, हमारे law-makers, विशेष रूप से महिला सांसदों का आपसी संपर्क सहायक साबित हो सकता है। मेरा प्रस्ताव है कि हमें बिम्सटेक Women पारला- -मेनटेरयंस Forum की स्थापना करनी चाहिए।


Excellencies,

पिछले दो दशकों में बिम्सटेक ने उल्लेखनीय प्रगति की है। परन्तु अभी हमारे सामने बहुत लम्बी यात्रा है। हमारे आर्थिक integration को और गहरा करने के लिए अभी बहुत संभावनाएं हैं। और यही हमारे लोगों की हमसे अपेक्षा भी है। यह चौथा शिखर सम्मलेन, हमारे जनमानस की अपेक्षाओं, आशाओं और अभिलाषाओं को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का बहुत अच्छा अवसर है। इस चौथे summit का डिक्लेरेशन बहुत से महत्वपूर्ण निर्णयों को अपने में समेटे हुए है। इनसे बिम्सटेक के संगठन और प्रक्रिया को बहुत बल मिलेगा। साथ ही, बिम्सटेक की प्रक्रियाओं को ठोस रूप और मजबूती के लिए इस summit की सफ़लता एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इसके लिए मैं मेज़बान देश, नेपाल सरकार, ओली जी, और सभी भागीदार leaders के नेतृत्व का हृदय से अभिनंदन करता हूँ। आगे भी भारत आपके साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने के लिए प्रतिबद्ध है।

धन्यवाद। 
बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

 

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Text of PM’s address at the inauguration of various development projects in Gorakhpur, UP
December 07, 2021
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Inaugurates AIIMS, Fertilizer Plant and ICMR Centre
Double engine Government doubles the speed of Developmental works: PM
“Government that thinks of deprived and exploited, works hard as well get results”
“Today's event is evidence of determination new India for whom nothing is impossible”
Lauds UP Government for the work done for the benefit of sugarcane farmers

भारत माता की –  जय, भारत माता की –  जय, धर्म अध्यात्म अउर क्रांति क नगरी गोरखपुर क, देवतुल्य लोगन के हम प्रणाम करत बानी। परमहंस योगानंद, महायोगी गोरखनाथ जी, वंदनीय हनुमान प्रसाद पोद्दार जी, अउर महा बलीदानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल क,ई पावन धरती के कोटि-कोटि नमन। आप सब लोग जवने खाद कारखाना, अउर एम्स क बहुत दिन से इंतजार करत रहली ह, आज उ घड़ी आ गईल बा ! आप सबके बहुत-बहुत बधाई।

मेरे साथ मंच पर उपस्थित उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी, उत्तर प्रदेश के यशस्वी कर्मयोगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉक्टर दिनेश शर्मा, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्री स्वतंत्रदेव सिंह जी, अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्रिमंडल में हमारी साथी, बहन अनुप्रिया पटेल जी, निषाद पार्टी के अध्यक्ष भाई संजय निषाद जी, मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी श्री पंकज चौधरी जी, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री श्री जयप्रताप सिंह जी, श्री सूर्य प्रताप शाही जी, श्री दारा सिंह चौहान जी, स्वामी प्रसाद मौर्या जी, उपेंद्र तिवारी जी, सतीश द्विवेदी जी, जय प्रकाश निषाद जी, राम चौहान जी, आनंद स्वरूप शुक्ला जी, संसद में मेरे साथीगण, यूपी विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यगण, और विशाल संख्या में हमें आर्शीवाद देने के लिए आए हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

जब मैं मंच पर आया तो मैं सोच रहा था ये भीड़ है। यहां नजर भी नहीं पहुंच रही है। लेकिन जब उस तरफ देखा तो मैं हैरान हो गया, इतनी बड़ी तादाद में लोग और में नहीं मानता हूं शायद उनको दिखाई भी नहीं देता होगा, सुनाई भी नहीं देता होगा। इतने दूर-दूर लोग झंडे हिला रहे हैं। ये आपका प्यार, ये आपके आर्शीवाद हमें आपके लिए दिन-रात काम करने की प्रेरणा देते हैं, ऊर्जा देते हैं, ताकत देते हैं। 5 साल पहले मैं यहां एम्स और खाद कारखाने का शिलान्यास करने आया था। आज इन दोनों का एक साथ लोकार्पण करने का सौभाग्य भी आपने मुझे ही दिया है। ICMR के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर को भी आज अपनी नई बिल्डिंग मिली है। मैं यूपी के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

गोरखपुर में फर्टिलाइजर प्लांट का शुरू होना, गोरखपुर में एम्स का शुरू होना, अनेक संदेश दे रहा है। जब डबल इंजन की सरकार होती है, तो डबल तेजी से काम भी होता है। जब नेक नीयत से काम होता है, तो आपदाएं भी अवरोध नहीं बन पातीं। जब गरीब-शोषित-वंचित की चिंता करने वाली सरकार होती है, तो वो परिश्रम भी करती है, परिणाम भी लाकर दिखाती है। गोरखपुर में आज हो रहा आयोजन, इस बात का भी सबूत है कि नया भारत जब ठान लेता है, तो इसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है।

साथियों,

जब 2014 में आपने मुझे सेवा का अवसर दिया था, तो उस समय देश में फर्टिलाइजर सेक्टर बहुत बुरी स्थिति में था। देश के कई बड़े- बड़े खाद कारखाने बरसों से बंद पड़े थे, और विदेशों से आयात लगातार बढ़ता जा रहा था। एक बड़ी दिक्कत ये भी थी कि जो खाद उपलब्ध थी, उसका इस्तेमाल चोरी-छिपे खेती के अलावा और भी कामों में गुप-चुप चला जाता था। इसलिए देशभर में यूरिया की किल्लत तब सुर्खियों में रहा करती थी, किसानों को खाद के लिए लाठी-गोली तक खानी पड़ती थी। ऐसी स्थिति से देश को निकालने के लिए ही हम एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़े। हमने तीन सूत्रों पर एक साथ काम करना शुरू किया। एक-    हमने यूरिया का गलत इस्तेमाल रोका, यूरिया की 100 प्रतिशत नीम कोटिंग की। दूसरा-   हमने करोड़ों किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके खेत को किस तरह की खाद की जरूरत है और तीसरा-  हमने यूरिया के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। बंद पड़े फर्टिलाइजर प्लांट्स को फिर से खोलने पर हमने ताकत लगाई। इसी अभियान के तहत गोरखपुर के इस फर्टिलाइजर प्लांट समेत देश के 4 और बड़े खाद कारखाने हमने चुने। आज एक की शुरुआत हो गई है, बाकी भी अगले वर्षों में शुरू हो जाएंगे।

साथियों,

गोरखपुर फर्जिलाइजर प्लांट को शुरू करवाने के लिए एक और भगीरथ कार्य हुआ है। जिस तरह से भगीरथ जी, गंगा जी को लेकर आए थे,वैसे ही इस फर्टिलाइजर प्लांट तक ईंधन पहुंचाने के लिए ऊर्जा गंगा को लाया गया है। पीएम ऊर्जा गंगा गैस पाइपलाइन परियोजना के तहत हल्दिया से जगदीशपुर पाइपलाइन बिछाई गई है। इस पाइपलाइन की वजह से गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट तो शुरू हुआ ही है, पूर्वी भारत के दर्जनों जिलों में पाइप से सस्ती गैस भी मिलने लगी है।

भाइयों और बहनों,

फर्टिलाइजर प्लांट के शिलान्यास के समय मैंने कहा था कि इस कारखाने के कारण गोरखपुर इस पूरे क्षेत्र में विकास की धुरी बनकर उभरेगा। आज मैं इसे सच होते देख रहा हूं। ये खाद कारखाना राज्य के अनेक किसानों को पर्याप्त यूरिया तो देगा ही, इससे पूर्वांचल में रोज़गार और स्वरोज़गार के हजारों नए अवसर तैयार होंगे। अब यहां आर्थिक विकास की एक नई संभावना फिर से पैदा होगी, अनेक नए बिजनेस शुरू होंगे। खाद कारखाने से जुड़े सहायक उद्योगों के साथ ही ट्रांसपोर्टेशन और सर्विस सेक्टर को भी इससे बढ़ावा मिलेगा।

साथियों,

गोरखपुर खाद कारखाने की बहुत बड़ी भूमिका, देश को यूरिया के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में भी होगी। देश के अलग-अलग हिस्सों में बन रहे 5 फर्टिलाइजर प्लांट शुरू होने के बाद 60 लाख टन अतिरिक्त यूरिया देश को मिलेगा। यानि भारत को हजारों करोड़ रुपए विदेश नहीं भेजने होंगे, भारत का पैसा, भारत में ही लगेगा।

साथियों,

खाद के मामले में आत्मनिर्भरता क्यों जरूरी है, ये हमने कोरोना के इस संकट काल में भी देखा है। कोरोना से दुनिया भर में लॉकडाउन लगे, एक देश से दूसरे देश में आवाजाही रुक गई, सप्लाई चेन टूट गई। इससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खाद की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गईं। लेकिन किसानों के लिए समर्पित और संवेदनशील हमारी सरकार ने ये सुनिश्चित किया कि दुनिया में फर्टिलाइज़र के दाम भले बढ़ें, बहुत बढ़ गए लेकिन वे बोझ हम किसानों की तरफ नहीं जाने देंगे। किसानों को कम से कम परेशानी हो। इसकी हमने जिम्मेवारी ली है। आप हैरान हो जाएंगे सुनके भाईयो- बहनों,  इसी साल N.P.K. फर्टिलाइज़र के लिए दुनिया में दाम बढने के कारण 43 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा सब्सिडी हमें किसानों के लिए बढ़ाना आवश्यक हुआ और हमने किया। यूरिया के लिए भी सब्सिडी में हमारी सरकार ने 33 हज़ार करोड़ रुपए की वृद्धि की। क्यों, कि दुनिया में दाम बढ़े उसका बोझ हमारे किसानों पर न जाये। अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में जहां यूरिया 60-65 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, वहीं भारत में किसानों को यूरिया 10 से 12 गुना सस्ता देने का प्रयास है।

भाइयों और बहनों,

आज खाने के तेल को आयात करने के लिए भी भारत, हर साल हज़ारों करोड़ रुपए विदेश भेजता है। इस स्थिति को बदलने के लिए देश में ही पर्याप्त खाद्य तेल के उत्पादन के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरु किया गया है। पेट्रोल-डीजल के लिए कच्चे तेल पर भी भारत हर वर्ष 5-7 लाख करोड़ रुपए खर्च करता है। इस आयात को भी हम इथेनॉल और बायोफ्यूल पर बल देकर कम करने में जुटे हैं। पूर्वांचल का ये क्षेत्र तो गन्ना किसानों का गढ़ है। इथेनॉल, गन्ना किसानों के लिए चीनी के अतिरिक्त कमाई का एक बहुत बेहतर साधन बन रहा है। उत्तर प्रदेश में ही बायोफ्यूल बनाने के लिए अनेक फैक्ट्रियों पर काम चल रहा है। हमारी सरकार आने से पहले यूपी से सिर्फ 20 करोड़ लीटर इथेनॉल, तेल कंपनियों को भेजा जाता था। आज करीब-करीब 100 करोड़ लीटर इथेलॉन, अकेले उत्तर प्रदेश के किसान, भारत की तेल कंपनियों को भेज रहे हैं। पहले खाड़ी का तेल आता था। अब झाड़ी का भी तेल आने लगा है।  मैं आज योगी जी सरकार की इस बात के लिए सराहना करूंगा कि उन्होंने गन्ना किसानों के लिए बीते सालों में अभूतपूर्व काम किया है। गन्ना किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, हाल में साढ़े 3 सौ रुपए तक बढ़ाया है। पहले की 2 सरकारों ने 10 साल में जितना भुगतान गन्ना किसानों को किया था, लगभग उतना योगी जी की सरकार ने अपने साढ़े 4 साल में किया है।

भाइयों और बहनों,

सही विकास वही होता है, जिसका लाभ सब तक पहुंचे, जो विकास संतुलित हो, जो सबके लिए हितकारी हो। और ये बात वही समझ सकता है, जो संवेदनशील हो, जिसे गरीबों की चिंता हो। लंबे समय से गोरखपुर सहित ये बहुत बड़ा क्षेत्र सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज के भरोसे चल रहा था। यहां के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को इलाज के लिए बनारस या लखनऊ जाना पड़ता था। 5 साल पहले तक दिमागी बुखार की इस क्षेत्र में क्या स्थिति थी, ये मुझसे ज्यादा आप लोग जानते हैं। यहां मेडिकल कॉलेज में भी जो रिसर्च सेंटर चलता था, उसकी अपनी बिल्डिंग तक नहीं थी।

भाइयों और बहनों,

आपने जब हमें सेवा का अवसर दिया, तो यहां एम्स में भी, आपने देखा इतना बड़ा एम्स बन गया। इतना ही नहीं रिसर्च सेंटर की अपनी बिल्डिंग भी तैयार है। जब मैं एम्स का शिलान्यास करने आया था तब भी मैंने कहा था कि हम दिमागी बुखार से इस क्षेत्र को राहत दिलाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे। हमने दिमागी बुखार फैलने की वजहों को दूर करने पर भी काम किया और इसके उपचार पर भी। आज वो मेहनत ज़मीन पर दिख रही है। आज गोरखपुर और बस्ती डिविजन के 7 जिलों में दिमागी बुखार के मामले लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो चुके हैं। जो बच्चे बीमार होते भी हैं, उनमें से ज्यादा से ज्यादा का जीवन बचा पाने में हमें सफलता मिल रही है। योगी सरकार ने इस क्षेत्र में जो काम किया है, उसकी चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। एम्स और ICMR रिसर्च सेंटर बनने से अब इंन्सेफ्लाइटिस से मुक्ति के अभियान को और मजबूती मिलेगी। इससे दूसरी संक्रामक बीमारियों, महामारियों के बचाव में भी यूपी को बहुत मदद मिलेगी।

भाइयों और बहनों,

किसी भी देश को आगे बढ़ने के लिए, बहुत आवश्यक है कि उसकी स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती हों, सर्व सुलभ हों, सबकी पहुंच में हों। वर्ना मैंने भी इलाज के लिए लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक चक्कर लगाते, अपनी जमीन गिरवी रखते, दूसरों से पैसों की उधारी लेते, हमने भी बहुत देखा है। मैं देश के हर गरीब, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, चाहे वो किसी भी वर्ग का हो, किसी भी क्षेत्र में रहता हो, इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए जी-जान से जुटा हूं। पहले सोचा जाता था कि एम्स जैसे बड़े मेडिकल संस्थान, बड़े शहरों के लिए ही होते हैं। जबकि हमारी सरकार, अच्छे से अच्छे इलाज को, बड़े से बड़े अस्पताल को देश के दूर-सुदूर क्षेत्रों तक ले जा रही है। आप कल्पना कर सकते हैं, आज़ादी के बाद से इस सदी की शुरुआत तक देश में सिर्फ 1 एम्स था, एक। अटल जी ने 6 और एम्स स्वीकृत किए थे अपने कालखंड में। बीते 7 वर्षों में 16 नए एम्स बनाने पर देशभर में काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य ये है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो। मुझे खुशी है कि यहां यूपी में भी अनेक जिलों में मेडिकल कॉलेज का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। और अभी योगी जी पूरा वर्णन कर रहे थे, कहां मेडिकल कॉलेज का काम हुआ है। हाल में ही यूपी के 9 मेडिकल कॉलेज का एक साथ लोकार्पण करने का अवसर आपने मुझे भी दिया था। स्वास्थ्य को दी जा रही सर्वोच्च प्राथमिकता का ही नतीजा है कि यूपी लगभग 17 करोड़ टीके के पड़ाव पर पहुंच रहा है।

भाइयों और बहनों,

हमारे लिए 130 करोड़ से अधिक देशवासियों का स्वास्थ्य, सुविधा और समृद्धि सर्वोपरि है। विशेष रूप से हमारी माताओं-बहनों-बेटियों की सुविधा और स्वास्थ्य जिस पर बहुत ही कम ध्यान दिया गया। बीते सालों में पक्के घर, शौचालय, जिसको आप लोग इज्जत घर कहते हैं। बिजली, गैस, पानी, पोषण, टीकाकरण, ऐसी अनेक सुविधाएं जो गरीब बहनों को मिली हैं, उसके परिणाम अब दिख रहे हैं। हाल में जो फैमिली हेल्थ सर्वे आया है, वो भी कई सकारात्मक संकेत देता है। देश में पहली बार महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक हुई है। इसमें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की भी बड़ी भूमिका है। बीते 5-6 सालों में महिलाओं का ज़मीन और घर पर मालिकाना हक बढ़ा है। और इसमें उत्तर प्रदेश टॉप के राज्यों में है। इसी प्रकार बैंक खाते और मोबाइल फोन के उपयोग में भी महिलाओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

साथियों,

आज आपसे बात करते हुए मुझे पहले की सरकारों का दोहरा रवैया, जनता से उनकी बेरुखी भी बार-बार याद आ रही है। मैं इसका जिक्र भी आपसे जरूर करना चाहता हूं। सब जानते थे कि गोरखपुर का फर्टिलाइजर प्लांट, इस पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए, यहां रोजगार के लिए कितना जरूरी था। लेकिन पहले की सरकारों ने इसे शुरू करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। सब जानते थे कि गोरखपुर में एम्स की मांग बरसों से हो रही थी। लेकिन 2017 से पहले जो सरकार चला रहे थे, उन्होंने एम्स के लिए जमीन देने में हर तरह के बहाने बनाए। मुझे याद है, जब बात आर या पार की हो गई, तब बहुत बेमन से, बहुत मजबूरी में पहले की सरकार द्वारा गोरखपुर एम्स के लिए जमीन आवंटित की गई थी।

साथियों,

आज का ये कार्यक्रम, उन लोगों को भी करारा जवाब दे रहा है, जिन्हें टाइमिंग पर सवाल उठाने का बहुत शौक है। जब ऐसे प्रोजेक्ट पूरे होते हैं, तो उनके पीछे बरसों की मेहनत होती है, दिन रात का परिश्रम होता है। ये लोग कभी इस बात को नहीं समझेंगे कि कोराना के इस संकट काल में भी डबल इंजन की सरकार विकास में जुटी रही, उसने काम रुकने नहीं दिया।

मेरे प्यारे भाईयों - बहनों,

लोहिया जी, जय प्रकाश नारायण जी के आदर्शों को, इन महापुरुषों के अनुशासन को ये लोग कब से छोड़ चुके हैं। आज पूरा यूपी भलिभांति जानता है कि लाल टोपी वालों को लाल बत्ती से मतलब रहा है, उनको आपके दुख-तकलीफ से कोई लेना देना नहीं है। ये लाल टोपी वालों को सत्ता चाहिए, घोटालों के लिए, अपनी तिजोरी भरने के लिए, अवैध कब्जों के लिए, माफियाओं को खुली छूट देने के लिए। लाल टोपी वालों को सरकार बनानी है, आतंकवादियों पर मेहरबानी दिखाने के लिए, आतंकियों को जेल से छुड़ाने के लिए। और इसलिए, याद रखिए, लाल टोपी वाले यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं, रेल अलर्ट। यानि खतरे की घंटी है!

साथियों,

यूपी का गन्ना किसान नहीं भूल सकता है कि योगी जी के पहले की जो सरकार थी उसने कैसे गन्ना किसानों को पैसे के भुगतान में रुला दिया था। किश्तों में जो पैसा मिलता था उसमें भी महीनों का अंतर होता था। उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों को लेकर कैसे-कैस खेल होते थे, क्या-क्या घोटाले किए जाते थे इससे पूर्वांचल और पूरे यूपी के लोग अच्छी तरह परिचित है।

साथियों,

हमारी डबल इंजन की सरकार, आपकी सेवा करने में जुटी है, आपका जीवन आसान बनाने में जुटी है। भाईयों – बहनों आपको विरासत में जो मुसीबतें मिली हैं। हम नहीं चाहते हैं कि आपको ऐसी मुसीबतें विरासत में आपके संतानों को देने की नौबत आये। हम ये बदलाव लाना चाहते हैं। पहले की सरकारों के वो दिन भी देश ने देखे हैं जब अनाज होते हुए भी गरीबों को नहीं मिलता था। आज हमारी सरकार ने सरकारी गोदाम गरीबों के लिए खोल दिए हैं और योगी जी पूरी ताकत से हर घर अन्न पहुंचाने में जुटे हैं। इसका लाभ यूपी के लगभग 15 करोड़ लोगों को हो रहा है। हाल ही में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को, होली से आगे तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

साथियों,

पहले बिजली सप्लाई के मामले में यूपी के कुछ जिले VIP थे, VIP। योगी जी ने यूपी के हर जिले को आज VIP बनाकर बिजली पहुंचाने का काम किया है।आज योगी जी की सरकार में हर गांव को बराबर और भरपूर बिजली मिल रही है। पहले की सरकारों ने अपराधियों को संरक्षण देकर यूपी का नाम बदनाम कर दिया था। आज माफिया जेल में हैं और निवेशक दिल खोल कर यूपी में निवेश कर रहे हैं। यही डबल इंजन का डबल विकास है। इसलिए डबल इंजन की सरकार पर यूपी को विश्वास है। आपका ये आशीर्वाद हमें मिलता रहेगा, इसी अपेक्षा के साथ एक बार फिर से आप सबको बहुत-बहुत बधाई।मेरे साथ जोर से बोलिये, भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! बहुत – बहुत धन्यवाद।