NDA's 6 sutras for development of Bihar-for people: Education, Employment, Medical facilities; for state: Power, Water, Roads: PM
If hitting out at Modi develops Bihar, then I'm ready to take all allegations: PM Modi
For NDA biggest of the grounds seem minute while for 'Mahaswarthbandhan' even a small pandal becomes huge: PM Modi
People of Bihar do not spare the one's who betrays the state. Nitish Kumar would be wiped off in the elections: PM
Lies spread by Nitish & Lalu are unveiling the truth of reservation: PM Modi
People of Bihar would press the button of development. They would vote for the NDA: PM
The term 'Darbhanga Module' was used after blasts in Mumbai & Pune, innocent policewoman had to face consequences: PM

मंच पर विराजमान यहाँ के सभी वरिष्ठ नेतागण। चुनाव में कुशेश्वर स्थान से लोजपा के उम्मीदवार धनंजय कुमार, लोजपा के उम्मीदवार विनोद साहनी, बेनीपुर से भाजपा के उम्मीदवार गोपाल जी ठाकुर, अलीनगर से भाजपा के उम्मीदवार लाल जी यादव, दरभंगा ग्रामीण से हम पार्टी के उम्मीदवार नौशाद आलम जी, दरभंगा नगर से भाजपा के उम्मीदवार संजय जी, हयागढ़ से लोजपा के उम्मीदवार आर। के। चौधरी जी, बहादूरपुर से भाजपा के उम्मीदवार हरीश साहनी, और केवटी से भाजपा के उम्मीदवार अशोक यादव, झाले से भाजपा के उम्मीदवार द्विवेश कुमार मिश्रा, विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाईयों एवं बहनों।

दरभंगा के ई पावन मिथिला भूमि के नमन करै छी। बाबा कुशेश्वर के ई पावन धरती पर आई के गौरवान्वित महसूस काय रहल छी। दरभंगा की जो पहचान है – पग-पग पोखर पान मखान, सरस बोल मुस्की मुस्कान; विद्या, वैभव, शांति प्रतीक, ललित नगर मिथिला ठीक। आप सबके दिल से अभिनंदन करै छी।

आज मैं सबसे पहले अपने प्रिय मित्र कीर्ति आज़ाद के खिलाफ़ शिकायत करना चाहता हूँ। मेरी शिकायत ये है कि जब कीर्ति स्वयं चुनाव लड़ रहे थे, मैं लोकसभा का चुनाव लड़ रहा था, तब तो आधी भीड़ भी नहीं थी और आज क्या कमाल कर दिया आप लोगों ने। जहाँ भी मेरी नज़र पहुँचती है, लोग ही लोग नज़र आते हैं। दरभंगा का मैदान भी छोटा पड़ गया है, ये चुनाव ऐसा है कि एनडीए वालों के लिए मैदान छोटा पड़ता है और महास्वार्थबंधन वालों के लिए पंडाल भी बड़ा हो जाता है।

भाईयों-बहनों, इस चुनाव अभियान का ये मेरा आखिरी कार्यक्रम है। पिछली बार मैं जब दरभंगा आया था, समय-सीमा के कारण 12-15 मिनट ही बोल पाया था, मेरे मन में भी कसक थी कि जिस मिथिला की भूमि को अटल जी इतना प्यार करते थे, वहां इतनी कम देर लेकिन आज मैं आपसे जी भर कर मिलने आया हूँ। मुझे बिहार के हर कोने में जाने और एक से बढ़कर एक रैलियों को संबोधित करने का अवसर मिला। इसे क्या कहें, चुनाव सभा, जन सभा, रैली, रैला कहें, मुझे तो लगता है कि ये मेला है, परिवर्तन का मेला है।

दिल्ली में बैठकर पॉलिटिकल पंडित हिसाब लगाते हैं कि 2% इधर जाएगा तो ये होगा, 2% उधर जाएगा तो ये होगा। पंडित जी, अपने पुराने हिसाब-किताब बंद कर दो, बिहार नया इतिहास लिखने जा रहा है। ये पुराने समीकरण और नई गिनतियाँ अब नहीं चलेंगी। बिहार की जनता ने बिहार की तो सेवा की है, इस चुनाव के माध्यम से देश की बहुत बड़ी सेवा की है। जातिवाद और संप्रदायवाद का ज़हर हमारे लोकतंत्र में खरोच पैदा कर रहा है लेकिन इस चुनाव में बिहार का नौजवान नेतृत्व कर विकास के मुद्दे पर लड़ रहा है। इस चुनाव के बाद हिन्दुस्तान की सभी पॉलिटिकल पार्टियों को विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा और इसका क्रेडिट बिहार के लोगों को जाता है। इस चुनाव में बिहार का माहौल देश के भविष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

मैं आज सार्वजनिक रूप से प्रधान देवक के रूप में बिहार के नागरिकों का सर झुका कर अभिनंदन करता हूँ। मैं जहाँ-जहाँ गया, एनडीए के लोग जहाँ-जहाँ गए, बिहार की जनता ने पलकें बिछाकर हम सभी का स्वागत किया, इसलिए मैं आप सभी को सर झुका कर धन्यवाद करता हूँ। दूसरी बात कि पहले के मतदान के सारे रिकॉर्ड बिहार के चार चरणों ने तोड़ दिए, भारी मतदान किया, माओवादियों के बम-बंदूक की धमकी के बावजूद अभूतपूर्व मतदान किया। इससे लोकतंत्र में जो विश्वास बढ़ा है, इसके लिए मैं बिहार की जनता को नमन करता हूँ। तीसरी बात, पहले बिहार में जब भी चुनाव होता था तो ये ख़बर आती थी कि इतने पोलिंग बूथ लूटे गए, इतनी गोलीबारी हुई, इतनी हत्याएं हुईं लेकिन इस बार के शांतिपूर्ण चुनाव के लिए बिहार के मतदाताओं का ह्रदय से अभिनंदन करता हूँ।

भाईयों-बहनों, इस चुनाव में हम विकास का मुद्दा लेकर पहले दिन से चले, लोकसभा के चुनाव में भी हमारा मुद्दा विकास था लेकिन हम आशा करते थे कि जिन्होंने यहाँ 60 साल राज किया, मैडम सोनिया जी ने 35 साल राज किया, 15 साल तक लालू जी और 10 साल तक नीतीश जी ने राज किया; ये हमारे साथ विकास के मुद्दों पर चर्चा करते, बिहार की बर्बादी के कारण और बिहार से नौजवानों के पलायन का जवाब देते लेकिन अभी भी वे 1990 के कालखंड में जी रहे हैं। उन्हें पता नहीं है कि ये 21वीं सदी चल रही है और 1990 में पैदा हुआ बच्चा आज बिहार का भाग्य बदलने को लालायित है।

दो महीने से चुनाव का अभियान चल रहा है लेकिन लालू जी हो या नीतीश जी या मैडम सोनिया जी, ये लोग बिहार के विकास पर कुछ भी नहीं बोलते। बिहार के भविष्य की किसी योजना के बारे में बात नहीं करते। 25 साल इन्होंने सरकार चलाई, ये कोई कम समय नहीं होता। एक बालक में भी 25 साल के बाद अपने माँ-बाप का पेट भरने की ताक़त आ जाती है। आप मुझे बताईये, 25 साल की इनकी सरकार में किसी का भी कोई भला हुआ? मेरी सरकार को अभी 25 महीने नहीं हुए हैं और ये लोग मेरा हिसाब मांग रहे हैं। ख़ुद का 25 साल का हिसाब देने का तैयार नहीं हैं; और हमसे हिसाब मांग रहे हैं।

चुनाव लोकतंत्र का पर्व होता है और यह पर्व लोकतंत्र को ताक़तवर बनाता है। सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात और अपनी नीतियां बतानी होती हैं और जो सरकार में हैं उन्हें अपना हिसाब देना होता है। 2019 में जब मैं लोकसभा चुनाव के लिए आपसे वोट मांगने आऊंगा, तो मेरा फ़र्ज बनता है कि मैं आपको अपने 5 सालों का हिसाब दूँ और आपका हक़ बनता है कि आप मुझसे हिसाब मांगें। लेकिन इन लोगों को देखो, इन्हें मोदी पर कीचड़ उछालने के सिवा और कोई काम ही नहीं है। रोज नए-नए आरोप और गालियां गढ़ी जाती है, क्या इससे बिहार का भला होगा क्या? लालू जी, नीतीश जी, अगर मोदी पर आरोप लगाने से या कीचड़ उछालने से बिहार का भला होता है तो मैं मौजूद हूँ, आपको जो कहना है कहिये। बिहार का भला हो तो मैं ये झेलने के लिए तैयार हूँ।

मेरा जीवन बिहार के काम आए, इससे बड़ा भाग्य मेरा क्या हो सकता है। लालू जी, नीतीश जी, कान खोलकर सुन लीजिये, अहंकार ने आपके आँखों पर ऐसी पट्टी बांध दी है कि आप देख नहीं पाओगे, आप जितना कीचड़ उछालोगे, कमाल उतना ही ज्यादा खिलने वाला है। पहले चरण से लेकर चौथे चरण तक लगातार मतदान करने वालों की संख्या बढ़ी है और एक बात जो बाहर नहीं आई है, मुझे भी आश्चर्य लगा कि हर चरण के बाद 12-15 पोलिंग बूथ ऐसे थे जहाँ मतदान के बाद लालू जी और नीतीश जी के कार्यकर्ताओं के बीच झगड़े हुए, कहीं हाथापाई हुई, धमकियाँ हुई; मतदान पूरा होने के बाद अगर ये तुरंत लड़ना शुरू कर देते हैं तो आगे क्या होगा, आप समझ सकते हैं।

पिछले दो महीनों से चुनाव अभियान चल रहा है लेकिन क्या आपने लालू जी, नीतीश जी और राहुल जी को एक साथ मंच पर देखा, पत्रकार परिषद् में देखा, कार्यकर्ता की मीटिंग में देखा? आप उनसे सवाल पूछिये, उनके दरबारी तो पूछेंगे नहीं। जो तीन लोग चुनावी अभियान में एकसाथ नहीं आए, वो बाद में क्या साथ आएंगे और साथ में चलेंगे। जिन्हें ख़ुद पर विश्वास नहीं है, वो आपका भला नहीं कर सकते।

मुझे अपने विश्वस्त सूत्रों से पता चला, उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने उनसे पूछा कि क्या हमारा मुख्यमंत्री नहीं बन सकता है, क्या आपका बेटा नहीं बन सकता है, लालू जी के मुंह में पानी आ गया, उनको ख़ुशी होने लगी कि हाँ, संभावना दिखती है; दूसरे ने पूछा कि अगर चुनाव हार जाते हैं तो विपक्ष का नेता कौन बनेगा; इस पर लालू जी ने जवाब दिया कि मैंने तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनने पर समर्थन देने का वाद किया है न कि विपक्ष के नेता बनने का वादा। लालू जी ने कहा कि चुनाव हारने पर तो विपक्ष का नेता हमारा बेटा बनेगा। मैं सार्वजनिक रूप से मैं लालू जी से पूछना चाहता हूँ कि आप बिहार की जनता को बताओ कि विपक्ष का नेता कौन होगा, लालू जी का बेटा होगा या नीतीश बाबू होंगे, क्योंकि आपका चुनाव हारना तय है। ये मेरी मांग है आपसे।

मैं आपको एक पुरानी घटना याद कराना चाहता हूँ। जब मुंबई में बम धमाके हुए तो हमारे देश में आतंकी दुनिया के लिए एक शब्द चल पड़ा था - दरभंगा मॉड्युल, और कारण ये थे कि कुछ लोग यहाँ बैठ कर हिन्दुस्तान में आतंकवाद फ़ैलाने का षड़यंत्र रच रहे हैं। यहाँ पर एक जाबांज पुलिस अधिकारी महिला थी, दलित कन्या थी, उसने हिन्दुस्तान के निर्दोष नागरिकों की रक्षा के लिए आतंकवादी गतिविधि करने वाले लोगों की कार ढूंढने की कोशिश की। इस महास्वार्थबंधन के निकट के नेता के घर तक आतंकवाद के तार जाने लगे थे, तब सरकार में बैठे लोगों ने आतंकवाद से जुड़े नेताओं पर कदम नहीं उठाया लेकिन उस पुलिस अफसर को यहाँ से जाने और बिहार छोड़ने के लिए मज़बूर कर दिया। आप देश की रक्षा के साथ समझौता करने वाले और आतंकवादियों पर कृपा करने वाले लोगों को पटना में सरकार में बिठाएंगे क्या?

बिहार का भाग्य बदलने के लिए भाजपा, एनडीए का आप समर्थन करें, इसके लिए मैं आपके पास वोट मांगने आया हूँ। भाईयों-बहनों, मेरे पास एक जानकारी है, सही है या गलत पता नहीं क्योंकि समय के अभाव के कारण मैं वेरीफाई नहीं कर पाया, 1990 में लालू जी की सरकार ने बिहार के लोक सेवा आयोग से मैथिलि भाषा को निकाल दिया था, लालू जी ने मैथिलि भाषा का अपमान किया लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली में एनडीए की सरकार बनने के तुरंत बाद 2002 में संविधान की 8वीं सूची में इसे स्थान दिया गया। हम अपमानित करना नहीं बल्कि सम्मानित करना जानते हैं।  

हमने 1 लाख 25 हज़ार करोड़ का पैकेज और 40 हज़ार करोड़ पुराना वाला जो कागज़ पर पड़ा था जिसकी न कोई फाइल थी, न बजट था लेकिन बिहार के प्रति मेरा यह प्यार है, बिहार के लिए हमें कुछ करना है, हमने निर्णय लिया इसे देने का। हमने सब मिलाकर 1 लाख 65 हज़ार करोड़ का पैकेज दिया जो बिहार का भाग्य बदलने और यहाँ के लोगों का जीवन बदलने की ताकत रखता है। विकास के बिना बिहार की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। बिहार एक ज़माने में हिन्दुस्तान का सिरमौर हुआ करता था लेकिन 25 साल में जंगलराज और जंतर-मंतर ने बिहार को बर्बाद कर दिया। इन दोनों की जुगलबंदी वो भी बर्बाद कर देगी जो कुछ बिहार में अब बचा हुआ है।

कोई स्कूटर अगर छोटे से गड्ढ़े में फंस जाए तो 3-4 लोग निकालें तो निकल जाता है लेकिन अगर स्कूटर कुएं में गिरा हो तो उसको निकालने के लिए ट्रेक्टर की ज़रुरत होती है। 25 साल की इनकी सरकार ने बिहार को ऐसे गड्ढ़े में डाल दिया है जिसे निकालने के लिए दो-दो इंजन की जरुरत है। पटना और दिल्ली के दो इंजन लगेंगे तब यह बिहार गड्ढ़े में से बाहर आएगा। एक इंजन बिहार में जो नई सरकार बनेगी वो और दूसरा इंजन दिल्ली में मेरी सरकार जो आपने बनाई है।

भाईयों-बहनों, हम चुनाव के मैदान में विकास के मुद्दे को लेकर आए थे। लालू जी और नीतीश जी के पास विकास का ‘व’ बोलने की कोई जगह नहीं है और इसलिए उन्होंने चुनाव को जातिवाद के रंग में रंगने का नाटक किया। आरक्षण को लेकर महीने भर चीखते-चिल्लाते रहे, दिल्ली में उनके दरबारी भी इसी बात को बढ़ाते रहे। इन्होंने एक काल्पनिक भय पैदा किया और आरक्षण के नाम पर हौवा खड़ा किया। उनकी हर बात में बस आरक्षण था। जब एक दिन मुझे लगा कि इनका गुब्बारा बहुत बड़ा हो गया है तो मैंने एक छोटी सी सुई लगा दी और उनका पूरा गुब्बारा नीचे आ गया। उनकी सारी पोल खुल गई है।

यही लालू जी और नीतीश जी ने आरक्षण पर पुनर्विचार करने की मांग की थी। उन्हें चिंता अपनी कुर्सी की थी और जब मैंने उनका वीडियो निकाल दिया तो पिछले एक हफ़्ते से आरक्षण का नाम लेना भूल गए। बिजली की तो वो कोई बात ही नहीं करते क्योंकि उन्हें डर है कि अगर बोल दिया तो लोग उनसे हिसाब मांगेंगे क्योंकि 2010 में नीतीश जी ने कहा था कि अगर घर-घर बिजली नहीं पहुंचाऊंगा तो 2015 में अगले चुनाव में वोट मांगने नहीं आऊंगा। बिजली नहीं तो वोट नहीं, ऐसे उन्होंने कहा था कि नहीं? उन्होंने अपना वादा तोड़ा है, आपसे धोखा किया है। जो जनता से धोखा कर सकते हैं, जनता उन्हें कभी स्वीकार नहीं करती।

बिहार की जनता जब देती है तो छप्पर फाड़ कर देती है; कांग्रेस को 35 साल तक दिया और जब लेती है तो चुन-चुन कर साफ़ कर देती है। जब लालू जी को दिया तो जी भर दिया लेकिन जब लालू जी पर गुस्सा आया तो फ़िर किसी को बचने नहीं दिया। अब बारी आई अहंकार की, बिहार अहंकार को बर्दाश्त नहीं कर सकता और अब अहंकार की विदाई की बारी है। नीतीश बाबू ने कहा था कि अगर किसी का भ्रष्टाचार पकड़ा गया तो उसकी मिल्कियत जब्त कर ली जाएगी और उसके घर में स्कूल खोला जाएगा। नीतीश जी रोज इस बात का ढोल पीटते थे। लोगों को क्यों मूर्ख बना रहे हैं? जेडीयू के मंत्री कैमरा के सामने घूस लेते पकड़े गए। ये अभी से ऐसा काम कर रहे हैं तो चुनाव के बाद क्या करेंगे। बिहार बेचने का एडवांस लिया जा रहा है। अब नीतीश बाबू बताएं कि उनका घर कब्ज़े में किया क्या, उनके घर में स्कूल खोला?

भाईयों-बहनों, बिहार में आप लोगों के लिए मेरा तीन सूत्रीय कार्यक्रम है – पढ़ाई, कमाई और दवाई। बिहार के गरीब से गरीब बच्चे को अच्छी एवं सस्ती शिक्षा मिलनी चाहिए। हर मां अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती है, लेकिन बिहार में पढ़ाई की इतनी हालत खराब है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए माँ-बाप को अपनी ज़मीन गिरवी रखनी पड़ती है। ये हमें शोभा देता है क्या? इसलिए मेरा संकल्प है, बिहार के बच्चों को सस्ती एवं अच्छी पढ़ाई। मेरा दूसरा सपना है, कमाई; नौजवान के लिए रोजगार। बिहार में नौजवान को अपना राज्य और अपने माँ-बाप को छोड़ना पड़ता है। बिहार के नौजवान को यहीं पर रोजगार का अवसर मिलना चाहिए और ये पलायन बंद होना चाहिए। इसलिए मेरा दूसरा संकल्प है, बिहार के नौजवानों के लिए कमाई। मेरा तीसरा सपना है, दवाई; बुजुर्गों के लिए सस्ती दवाई, दवाखाना और डॉक्टर होना चाहिए।

बिहार राज्य के लिए तीन कार्यक्रम है - बिजली, पानी एवं सड़क। बिजली आएगी तो कारखाने लगेंगे, और इससे रोजगार मिलेगा। बिजली के लिए अकेले दरभंगा को मैंने पौने 400 करोड़ आवंटित कर दिये हैं। बिहार को जो सौभाग्य मिला है, वो किसी और राज्य को नहीं मिला है; बिहार की दो ताक़त है - बिहार का पानी और बिहार की जवानी। ये दोनों पूरे हिन्दुस्तान का भाग्य बदल सकती हैं। किसान को अगर पानी मिल जाए तो वो मिट्टी में से सोना पैदा कर सकता है। हमारा दूसरा संकल्प है - खेतों में पानी, उद्योगों को पानी और पीने का पानी पहुँचाना। तीसरा मेरा संकल्प है – सड़क; बिहार में सडकों का जाल हो। गाँव ज़िले से, ज़िला राज्य से, राज्य दिल्ली से जुड़ जाए, ऐसा नेटवर्क बनाना है ताकि बिहार का सीधा मार्ग विकास की ओर चल पड़े, इन कामों को लेकर मैं आगे बढ़ना चाहता हूँ।

विकास ही एक मंत्र है, विकास के लिए मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूँ। मैं आपसे वोट विकास के लिए मांगता हूँ। पहले चरण से लेकर चौथे चरण तक लगातार मतदान करने वालों की संख्या बढ़ी है और अब पांचवे चरण में आप सारे रिकॉर्ड तोड़ दोगे न? आप सब दस-दस परिवारों से वोट कराओ, भाजपा, एनडीए को वोट कराओ।  मेरे साथ बोलिये –

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!        

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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नमस्कार !

'विकसित राज्य से विकसित भारत अभियान' में आज हम मध्य प्रदेश के हमारे भाई-बहनों के साथ जुड़ रहे हैं। लेकिन इस पर बात करने से पहले मैं डिंडोरी सड़क हादसे पर अपना दुख व्यक्त करता हूं। इस हादसे में जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं। जो लोग घायल हैं, उनके उपचार की हर व्यवस्था सरकार कर रही है। दुख की इस घड़ी में, मैं मध्य प्रदेश के लोगों के साथ हूं।

साथियों,

इस समय एमपी की हर लोकसभा-विधानसभा सीट पर, विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प के साथ लाखों साथी जुड़े हैं। बीते कुछ दिनों से देश के अलग-अलग राज्यों ने ऐसे ही विकसित होने का संकल्प लिया है। क्योंकि भारत तभी विकसित होगा, जब राज्य विकसित होंगे। आज इस संकल्प यात्रा से मध्य प्रदेश जुड़ रहा है। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

कल से ही एमपी में 9 दिन का विक्रमोत्सव शुरु होने वाला है। ये हमारी गौरवशाली विरासत और वर्तमान के विकास का उत्सव है। हमारी सरकार विरासत और विकास को कैसे एक साथ लेकर चलती है, इसका प्रमाण उज्जैन में लगी वैदिक घड़ी भी है। बाबा महाकाल की नगरी कभी पूरी दुनिया के लिए काल गणना का केंद्र थी। लेकिन उस महत्व को भुला दिया गया था। अब हमने विश्व की पहली "विक्रमादित्‍य वैदिक घड़ी" फिर से स्थापित की है। ये सिर्फ अपने समृद्ध अतीत को पुन: याद करने का सिर्फ अवसर भर है, ऐसा नहीं है। ये उस कालचक्र की भी साक्षी बनने वाली है, जो भारत को विकसित बनाएगा।

 

साथियों,

आज, एमपी की सभी लोकसभा सीटों को, एक साथ लगभग 17 हज़ार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं मिली हैं। इनमें पेयजल और सिंचाई की परियोजनाएं हैं। इनमें बिजली, सड़क, रेल, खेल परिसर, सामुदायिक सभागार, और अन्य उद्योगों में जुड़े प्रोजेक्ट्स हैं। कुछ दिन पहले ही एमपी के 30 से अधिक रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर भी काम शुरु हुआ है। भाजपा की डबल इंजन सरकार ऐसे ही डबल स्पीड से विकास कर रही है। ये परियोजनाएं एमपी के लोगों का जीवन आसान बनाएंगी, यहां निवेश और नौकरियों के नए अवसर बनाएंगी। इसके लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।

साथियों,

आज चारों तरफ एक ही बात सुनाई देती है- अबकी बार, 400 पार, अबकी बार, 400 पार! पहली बार ऐसा हुआ है जब जनता ने खुद अपनी प्रिय सरकार की वापसी के लिए ऐसा नारा बुलंद कर दिया है। ये नारा बीजेपी ने नहीं बल्कि देश की जनता-जनार्दन का दिया हुआ है। मोदी की गारंटी पर, देश का इतना विश्वास भाव-विभोर करने वाला है।

लेकिन साथियों,

हमारे लिए ये सिर्फ तीसरी बार सरकार बनाने का सिर्फ लक्ष्य है, ऐसा नहीं है। हम तीसरी बार में, देश को तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए चुनाव में उतर रहे हैं। हमारे लिए सरकार बनाना अंतिम लक्ष्य नहीं है, हमारे लिए सरकार बनाना, देश बनाने का माध्यम है। यही हम मध्य प्रदेश में भी देख रहे हैं। बीते 2 दशक से निरंतर आप हमें अवसर दे रहे हैं। आज भी विकास के लिए कितनी उमंग, कितना उत्साह है, ये आपने नई सरकार के बीते कुछ महीनों में देखा है। और अभी मैं, मेरे सामने स्क्रीन पर देख रहा हूं, लोग ही लोग नज़र आ रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंस पर कार्यक्रम हो और 15 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हों, 200 से अधिक स्थानों पर जुड़े हों। ये घटना सामान्य नहीं है और मैं, मेरी आंखों से यहां सामने देख रहा हूं टीवी पर। कितना उत्साह है, कितना उमंग है, कितना जोश दिखाई दे रहा है, मैं फिर एक बार मध्यप्रदेश के भाइयों के इस प्यार को नमन करता हूं, आपके इस आशीर्वाद को प्रणाम करता हूं।

साथियों,

विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए डबल इंजन सरकार खेती, उद्योग और टूरिज्म, इन तीनों पर बहुत बल दे रही है। आज माँ नर्मदा वहां पर बन रही तीन जल परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है। इन परियोजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों में सिंचाई के साथ-साथ पेयजल की समस्या का भी समाधान होगा। सिंचाई के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में हम एक नई क्रांति होते देख रहे हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के लाखों परिवारों का जीवन बदलने वाला है। जब किसान के खेत तक पानी पहुंचता है, तो इससे बड़ी सेवा उसकी क्या हो सकती है। भाजपा सरकार और कांग्रेस की सरकार के बीच का क्या अंतर होता है, इसका उदाहरण सिंचाई योजना भी है। 2014 से पहले के 10 वर्षों में देश में लगभग 40 लाख हेक्टेयर भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाया गया था। लेकिन बीते 10 वर्ष के हमारे सेवाकाल में इसका दोगुना यानि लगभग 90 लाख हेक्टेयर खेती को सूक्ष्म सिंचाई से जोड़ा गया है। ये दिखाता है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता क्या है। ये दिखाता है कि भाजपा सरकार यानि गति भी, प्रगति भी।

साथियों,

छोटे किसानों की एक और बड़ी परेशानी, गोदाम की कमी की रही है। इसके कारण छोटे किसानों को औने-पौने दाम पर अपनी उपज मजबूरी में बेचनी पड़ती थी। अब हम भंडारण से जुड़ी दुनिया की सबसे बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं। आने वाले वर्षो में देश में हजारों की संख्या में बड़े गोदाम बनाए जाएंगे। इससे 700 लाख मीट्रिक टन अनाज के भंडारण की व्यवस्था देश में बनेगी। इस पर सरकार सवा लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने जा रही है।

साथियों,

हमारी सरकार गांव को आत्मनिर्भर बनाने पर बहुत बल दे रही है। इसके लिए सहकारिता का विस्तार किया जा रहा है। अभी तक हम दूध और गन्ने के क्षेत्र में सहकारिता के लाभ देख रहे हैं। भाजपा सरकार, अनाज, फल-सब्ज़ी, मछली, ऐसे हर सेक्टर में सहकारिता पर बल दे रही है। इसके लिए लाखों गांवों में सहकारी समितियों का, सहकारी संस्थानों का गठन किया जा रहा है।

कोशिश यही है कि खेती हो, पशुपालन हो, मधुमक्खी पालन हो, मुर्गीपालन हो, मछलीपालन हो, हर प्रकार से गांव की आय बढ़े।

साथियों,

गांव के विकास में अतीत में एक और बहुत बड़ी समस्या रही है। गांव की ज़मीन हो, गांव की प्रॉपर्टी हो, उसको लेकर अनेक विवाद रहते थे। गांव वालों को जमीन से जुड़े छोटे-छोटे काम के लिए तहसीलों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब ऐसी समस्याओं का हमारी डबल इंजन की सरकार, पीएम स्वामित्व योजना के जरिए स्थाई समाधान निकाल रही है। और मध्य प्रदेश तो स्वामित्व योजना के तहत बहुत अच्छा काम कर रहा है। मध्य प्रदेश में शत-प्रतिशत गांवों का ड्रोन से सर्वे किया जा चुका है। अभी तक 20 लाख से अधिक स्वामित्व कार्ड दिए जा चुके हैं। ये जो गांव के घरों के कानूनी दस्तावेज़ मिल रहे हैं, इससे गरीब कई तरह के विवादों से बचेगा। गरीब को हर मुसीबत से बचाना ही तो मोदी की गारंटी है। आज मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों मेँ साइबर तहसील कार्यक्रम का भी विस्तार किया जा रहा है। अब नामांतरण, रजिस्ट्री से जुड़े मामलों का समाधान डिजिटल माध्यम से ही हो जाएगा। इससे भी ग्रामीण परिवारों का समय भी बचेगा और खर्च भी बचेगा।

साथियों,

मध्य प्रदेश के नौजवान चाहते हैं कि एमपी देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में से एक बने। मैं एमपी के हर नौजवान को, विशेष रूप से फर्स्ट टाइम वोटर को कहूंगा कि, आपके लिए बीजेपी सरकार नए अवसर बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही। आपके सपने ही मोदी का संकल्प है। मध्य प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत का, मेक इन इंडिया का एक मज़बूत स्तंभ बनेगा। मुरैना के सीतापुर में मेगा लेदर एंड फुटवेयर क्लस्टर, इंदौर में रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री के लिए पार्क, मंदसौर के इंडस्ट्रियल पार्क का विस्तार, धार इंडस्ट्रियल पार्क का नया निर्माण, ये सब कुछ इसी दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं। कांग्रेस की सरकारों ने तो मैन्युफेक्चरिंग की हमारी पारंपरिक ताकत को भी बर्बाद कर दिया था। हमारे यहां खिलौना बनाने की कितनी बड़ी परंपरा रही है। लेकिन स्थिति ये थी कि कुछ साल पहले तक हमारे बाज़ार और हमारे घर विदेशी खिलौनों से ही भरे पड़े थे। हमने देश में खिलौना बनाने वाले अपने पारंपरिक साथियों को, विश्वकर्मा परिवारों को मदद दी। आज विदेशों से खिलौनों का आयात बहुत कम हो गया है। बल्कि जितने खिलौने हम आयात करते थे, उससे ज्यादा खिलौने आज निर्यात कर रहे हैं। हमारे बुधनी के खिलौना बनाने वाले साथियों के लिए भी अनेक अवसर बनने वाले हैं। आज बुधनी में जिन सुविधाओं पर काम शुरु हुआ है, उससे खिलौना निर्माण को बल मिलेगा।

भाइयों और बहनों,

जिनको कोई नहीं पूछता, उनको मोदी पूछता है। देश में ऐसे पारंपरिक काम से जुड़े साथियों की मेहनत का प्रचार करने का जिम्मा भी अब मोदी ने उठा लिया है। मैं देश-दुनिया में आपकी कला, आपके कौशल का प्रचार कर रहा हूं और करता रहूंगा। जब मैं विदेशी अतिथियों को कुटीर उद्योग में बने सामान उपहार के रूप में देता हूं, तो आपका भी प्रचार करने का पूरा प्रयास करता हूं। जब मैं लोकल के लिए वोकल होने की बात करता हूं, तो आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए घर-घर एक प्रकार से बात पहुंचाता हूं।

साथियों,

बीते 10 वर्षों में पूरे विश्व में भारत की साख बहुत अधिक बढ़ी है। आज दुनिया के देश भारत के साथ दोस्ती करना पसंद करते हैं। कोई भी भारतीय आज विदेश जाता है, तो उसको बहुत सम्मान मिलता है। भारत की इस बढ़ी हुई साख का सीधा लाभ निवेश में होता है, पर्यटन में होता है। आज अधिक से अधिक लोग भारत आना चाहते हैं। भारत आएंगे, तो एमपी आना तो बहुत स्वाभाविक है। क्योंकि एमपी तो अजब है, एमपी तो गजब है। पिछले कुछ वर्षों में ओंकारेश्वर और ममलेश्वर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। ओंकारेश्वर आदि गुरु शंकराचार्य की स्मृति में विकसित किए जा रहे एकात्म धाम के निर्माण में, ये संख्या और बढ़ेगी। उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ कुंभ भी होने वाला है। इंदौर के इच्छापुर से ओंकारेश्वर तक 4-लेन सड़क के बनने से श्रद्धालुओं को और सुविधा होगी। आज जिन रेल परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है, उससे भी मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी और सशक्त होगी। जब कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो खेती हो, पर्यटन हो या फिर उद्योग, हर किसी को लाभ होता है।

साथियों,

बीते 10 वर्ष में हमारी नारीशक्ति के उत्थान के रहे हैं। मोदी की गारंटी थी कि माताओं-बहनों के जीवन से हर असुविधा, हर कष्ट को दूर करने का ईमानदार प्रयास करुंगा। ये गारंटी मैंने पूरी ईमानदारी से पूरा करने का प्रयास किया है। लेकिन आने वाले 5 वर्ष हमारी बहनों-बेटियों के अभूतपूर्व सशक्तिकरण के होंगे। आने वाले 5 वर्षों में हर गांव में अनेक लखपति दीदियां बनेंगी। आने वाले 5 वर्षों में गांव की बहनें, नमो ड्रोन दीदियां बनकर, खेती मे नई क्रांति का आधार बनेंगी। आने वाले 5 वर्षों में बहनों की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार आएगा। हाल में एक रिपोर्ट आई है। इसके मुताबिक, बीते 10 वर्षों में गरीब कल्याण के लिए जो काम हुए हैं, उससे गांव के गरीब परिवारों की आय तेज़ी से बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक शहरों के मुकाबले गांव में आय ज्यादा तेज़ी से बढ़ रही है। बीते 10 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर आए हैं। यानि बीजेपी सरकार सही दिशा में काम कर रही है। मुझे विश्वास है कि मध्य प्रदेश ऐसे ही तेजी से विकास की नई ऊंचाई प्राप्त करता रहेगा। एक बार फिर आप सभी को विकास कार्यों की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। और आज आप इतनी बड़ी तादाद में वीडियो कांफ्रेंस वाले कार्यक्रम में आए, आपने नया इतिहास बना दिया है। मैं आप सब भाई-बहनों का ह्दय से धन्यवाद करता हूं।

धन्यवाद !