NDA's 6 sutras for development of Bihar-for people: Education, Employment, Medical facilities; for state: Power, Water, Roads: PM
If hitting out at Modi develops Bihar, then I'm ready to take all allegations: PM Modi
For NDA biggest of the grounds seem minute while for 'Mahaswarthbandhan' even a small pandal becomes huge: PM Modi
People of Bihar do not spare the one's who betrays the state. Nitish Kumar would be wiped off in the elections: PM
Lies spread by Nitish & Lalu are unveiling the truth of reservation: PM Modi
People of Bihar would press the button of development. They would vote for the NDA: PM
The term 'Darbhanga Module' was used after blasts in Mumbai & Pune, innocent policewoman had to face consequences: PM

मंच पर विराजमान यहाँ के सभी वरिष्ठ नेतागण। चुनाव में कुशेश्वर स्थान से लोजपा के उम्मीदवार धनंजय कुमार, लोजपा के उम्मीदवार विनोद साहनी, बेनीपुर से भाजपा के उम्मीदवार गोपाल जी ठाकुर, अलीनगर से भाजपा के उम्मीदवार लाल जी यादव, दरभंगा ग्रामीण से हम पार्टी के उम्मीदवार नौशाद आलम जी, दरभंगा नगर से भाजपा के उम्मीदवार संजय जी, हयागढ़ से लोजपा के उम्मीदवार आर। के। चौधरी जी, बहादूरपुर से भाजपा के उम्मीदवार हरीश साहनी, और केवटी से भाजपा के उम्मीदवार अशोक यादव, झाले से भाजपा के उम्मीदवार द्विवेश कुमार मिश्रा, विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाईयों एवं बहनों।

दरभंगा के ई पावन मिथिला भूमि के नमन करै छी। बाबा कुशेश्वर के ई पावन धरती पर आई के गौरवान्वित महसूस काय रहल छी। दरभंगा की जो पहचान है – पग-पग पोखर पान मखान, सरस बोल मुस्की मुस्कान; विद्या, वैभव, शांति प्रतीक, ललित नगर मिथिला ठीक। आप सबके दिल से अभिनंदन करै छी।

आज मैं सबसे पहले अपने प्रिय मित्र कीर्ति आज़ाद के खिलाफ़ शिकायत करना चाहता हूँ। मेरी शिकायत ये है कि जब कीर्ति स्वयं चुनाव लड़ रहे थे, मैं लोकसभा का चुनाव लड़ रहा था, तब तो आधी भीड़ भी नहीं थी और आज क्या कमाल कर दिया आप लोगों ने। जहाँ भी मेरी नज़र पहुँचती है, लोग ही लोग नज़र आते हैं। दरभंगा का मैदान भी छोटा पड़ गया है, ये चुनाव ऐसा है कि एनडीए वालों के लिए मैदान छोटा पड़ता है और महास्वार्थबंधन वालों के लिए पंडाल भी बड़ा हो जाता है।

भाईयों-बहनों, इस चुनाव अभियान का ये मेरा आखिरी कार्यक्रम है। पिछली बार मैं जब दरभंगा आया था, समय-सीमा के कारण 12-15 मिनट ही बोल पाया था, मेरे मन में भी कसक थी कि जिस मिथिला की भूमि को अटल जी इतना प्यार करते थे, वहां इतनी कम देर लेकिन आज मैं आपसे जी भर कर मिलने आया हूँ। मुझे बिहार के हर कोने में जाने और एक से बढ़कर एक रैलियों को संबोधित करने का अवसर मिला। इसे क्या कहें, चुनाव सभा, जन सभा, रैली, रैला कहें, मुझे तो लगता है कि ये मेला है, परिवर्तन का मेला है।

दिल्ली में बैठकर पॉलिटिकल पंडित हिसाब लगाते हैं कि 2% इधर जाएगा तो ये होगा, 2% उधर जाएगा तो ये होगा। पंडित जी, अपने पुराने हिसाब-किताब बंद कर दो, बिहार नया इतिहास लिखने जा रहा है। ये पुराने समीकरण और नई गिनतियाँ अब नहीं चलेंगी। बिहार की जनता ने बिहार की तो सेवा की है, इस चुनाव के माध्यम से देश की बहुत बड़ी सेवा की है। जातिवाद और संप्रदायवाद का ज़हर हमारे लोकतंत्र में खरोच पैदा कर रहा है लेकिन इस चुनाव में बिहार का नौजवान नेतृत्व कर विकास के मुद्दे पर लड़ रहा है। इस चुनाव के बाद हिन्दुस्तान की सभी पॉलिटिकल पार्टियों को विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा और इसका क्रेडिट बिहार के लोगों को जाता है। इस चुनाव में बिहार का माहौल देश के भविष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

मैं आज सार्वजनिक रूप से प्रधान देवक के रूप में बिहार के नागरिकों का सर झुका कर अभिनंदन करता हूँ। मैं जहाँ-जहाँ गया, एनडीए के लोग जहाँ-जहाँ गए, बिहार की जनता ने पलकें बिछाकर हम सभी का स्वागत किया, इसलिए मैं आप सभी को सर झुका कर धन्यवाद करता हूँ। दूसरी बात कि पहले के मतदान के सारे रिकॉर्ड बिहार के चार चरणों ने तोड़ दिए, भारी मतदान किया, माओवादियों के बम-बंदूक की धमकी के बावजूद अभूतपूर्व मतदान किया। इससे लोकतंत्र में जो विश्वास बढ़ा है, इसके लिए मैं बिहार की जनता को नमन करता हूँ। तीसरी बात, पहले बिहार में जब भी चुनाव होता था तो ये ख़बर आती थी कि इतने पोलिंग बूथ लूटे गए, इतनी गोलीबारी हुई, इतनी हत्याएं हुईं लेकिन इस बार के शांतिपूर्ण चुनाव के लिए बिहार के मतदाताओं का ह्रदय से अभिनंदन करता हूँ।

भाईयों-बहनों, इस चुनाव में हम विकास का मुद्दा लेकर पहले दिन से चले, लोकसभा के चुनाव में भी हमारा मुद्दा विकास था लेकिन हम आशा करते थे कि जिन्होंने यहाँ 60 साल राज किया, मैडम सोनिया जी ने 35 साल राज किया, 15 साल तक लालू जी और 10 साल तक नीतीश जी ने राज किया; ये हमारे साथ विकास के मुद्दों पर चर्चा करते, बिहार की बर्बादी के कारण और बिहार से नौजवानों के पलायन का जवाब देते लेकिन अभी भी वे 1990 के कालखंड में जी रहे हैं। उन्हें पता नहीं है कि ये 21वीं सदी चल रही है और 1990 में पैदा हुआ बच्चा आज बिहार का भाग्य बदलने को लालायित है।

दो महीने से चुनाव का अभियान चल रहा है लेकिन लालू जी हो या नीतीश जी या मैडम सोनिया जी, ये लोग बिहार के विकास पर कुछ भी नहीं बोलते। बिहार के भविष्य की किसी योजना के बारे में बात नहीं करते। 25 साल इन्होंने सरकार चलाई, ये कोई कम समय नहीं होता। एक बालक में भी 25 साल के बाद अपने माँ-बाप का पेट भरने की ताक़त आ जाती है। आप मुझे बताईये, 25 साल की इनकी सरकार में किसी का भी कोई भला हुआ? मेरी सरकार को अभी 25 महीने नहीं हुए हैं और ये लोग मेरा हिसाब मांग रहे हैं। ख़ुद का 25 साल का हिसाब देने का तैयार नहीं हैं; और हमसे हिसाब मांग रहे हैं।

चुनाव लोकतंत्र का पर्व होता है और यह पर्व लोकतंत्र को ताक़तवर बनाता है। सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात और अपनी नीतियां बतानी होती हैं और जो सरकार में हैं उन्हें अपना हिसाब देना होता है। 2019 में जब मैं लोकसभा चुनाव के लिए आपसे वोट मांगने आऊंगा, तो मेरा फ़र्ज बनता है कि मैं आपको अपने 5 सालों का हिसाब दूँ और आपका हक़ बनता है कि आप मुझसे हिसाब मांगें। लेकिन इन लोगों को देखो, इन्हें मोदी पर कीचड़ उछालने के सिवा और कोई काम ही नहीं है। रोज नए-नए आरोप और गालियां गढ़ी जाती है, क्या इससे बिहार का भला होगा क्या? लालू जी, नीतीश जी, अगर मोदी पर आरोप लगाने से या कीचड़ उछालने से बिहार का भला होता है तो मैं मौजूद हूँ, आपको जो कहना है कहिये। बिहार का भला हो तो मैं ये झेलने के लिए तैयार हूँ।

मेरा जीवन बिहार के काम आए, इससे बड़ा भाग्य मेरा क्या हो सकता है। लालू जी, नीतीश जी, कान खोलकर सुन लीजिये, अहंकार ने आपके आँखों पर ऐसी पट्टी बांध दी है कि आप देख नहीं पाओगे, आप जितना कीचड़ उछालोगे, कमाल उतना ही ज्यादा खिलने वाला है। पहले चरण से लेकर चौथे चरण तक लगातार मतदान करने वालों की संख्या बढ़ी है और एक बात जो बाहर नहीं आई है, मुझे भी आश्चर्य लगा कि हर चरण के बाद 12-15 पोलिंग बूथ ऐसे थे जहाँ मतदान के बाद लालू जी और नीतीश जी के कार्यकर्ताओं के बीच झगड़े हुए, कहीं हाथापाई हुई, धमकियाँ हुई; मतदान पूरा होने के बाद अगर ये तुरंत लड़ना शुरू कर देते हैं तो आगे क्या होगा, आप समझ सकते हैं।

पिछले दो महीनों से चुनाव अभियान चल रहा है लेकिन क्या आपने लालू जी, नीतीश जी और राहुल जी को एक साथ मंच पर देखा, पत्रकार परिषद् में देखा, कार्यकर्ता की मीटिंग में देखा? आप उनसे सवाल पूछिये, उनके दरबारी तो पूछेंगे नहीं। जो तीन लोग चुनावी अभियान में एकसाथ नहीं आए, वो बाद में क्या साथ आएंगे और साथ में चलेंगे। जिन्हें ख़ुद पर विश्वास नहीं है, वो आपका भला नहीं कर सकते।

मुझे अपने विश्वस्त सूत्रों से पता चला, उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने उनसे पूछा कि क्या हमारा मुख्यमंत्री नहीं बन सकता है, क्या आपका बेटा नहीं बन सकता है, लालू जी के मुंह में पानी आ गया, उनको ख़ुशी होने लगी कि हाँ, संभावना दिखती है; दूसरे ने पूछा कि अगर चुनाव हार जाते हैं तो विपक्ष का नेता कौन बनेगा; इस पर लालू जी ने जवाब दिया कि मैंने तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनने पर समर्थन देने का वाद किया है न कि विपक्ष के नेता बनने का वादा। लालू जी ने कहा कि चुनाव हारने पर तो विपक्ष का नेता हमारा बेटा बनेगा। मैं सार्वजनिक रूप से मैं लालू जी से पूछना चाहता हूँ कि आप बिहार की जनता को बताओ कि विपक्ष का नेता कौन होगा, लालू जी का बेटा होगा या नीतीश बाबू होंगे, क्योंकि आपका चुनाव हारना तय है। ये मेरी मांग है आपसे।

मैं आपको एक पुरानी घटना याद कराना चाहता हूँ। जब मुंबई में बम धमाके हुए तो हमारे देश में आतंकी दुनिया के लिए एक शब्द चल पड़ा था - दरभंगा मॉड्युल, और कारण ये थे कि कुछ लोग यहाँ बैठ कर हिन्दुस्तान में आतंकवाद फ़ैलाने का षड़यंत्र रच रहे हैं। यहाँ पर एक जाबांज पुलिस अधिकारी महिला थी, दलित कन्या थी, उसने हिन्दुस्तान के निर्दोष नागरिकों की रक्षा के लिए आतंकवादी गतिविधि करने वाले लोगों की कार ढूंढने की कोशिश की। इस महास्वार्थबंधन के निकट के नेता के घर तक आतंकवाद के तार जाने लगे थे, तब सरकार में बैठे लोगों ने आतंकवाद से जुड़े नेताओं पर कदम नहीं उठाया लेकिन उस पुलिस अफसर को यहाँ से जाने और बिहार छोड़ने के लिए मज़बूर कर दिया। आप देश की रक्षा के साथ समझौता करने वाले और आतंकवादियों पर कृपा करने वाले लोगों को पटना में सरकार में बिठाएंगे क्या?

बिहार का भाग्य बदलने के लिए भाजपा, एनडीए का आप समर्थन करें, इसके लिए मैं आपके पास वोट मांगने आया हूँ। भाईयों-बहनों, मेरे पास एक जानकारी है, सही है या गलत पता नहीं क्योंकि समय के अभाव के कारण मैं वेरीफाई नहीं कर पाया, 1990 में लालू जी की सरकार ने बिहार के लोक सेवा आयोग से मैथिलि भाषा को निकाल दिया था, लालू जी ने मैथिलि भाषा का अपमान किया लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली में एनडीए की सरकार बनने के तुरंत बाद 2002 में संविधान की 8वीं सूची में इसे स्थान दिया गया। हम अपमानित करना नहीं बल्कि सम्मानित करना जानते हैं।  

हमने 1 लाख 25 हज़ार करोड़ का पैकेज और 40 हज़ार करोड़ पुराना वाला जो कागज़ पर पड़ा था जिसकी न कोई फाइल थी, न बजट था लेकिन बिहार के प्रति मेरा यह प्यार है, बिहार के लिए हमें कुछ करना है, हमने निर्णय लिया इसे देने का। हमने सब मिलाकर 1 लाख 65 हज़ार करोड़ का पैकेज दिया जो बिहार का भाग्य बदलने और यहाँ के लोगों का जीवन बदलने की ताकत रखता है। विकास के बिना बिहार की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। बिहार एक ज़माने में हिन्दुस्तान का सिरमौर हुआ करता था लेकिन 25 साल में जंगलराज और जंतर-मंतर ने बिहार को बर्बाद कर दिया। इन दोनों की जुगलबंदी वो भी बर्बाद कर देगी जो कुछ बिहार में अब बचा हुआ है।

कोई स्कूटर अगर छोटे से गड्ढ़े में फंस जाए तो 3-4 लोग निकालें तो निकल जाता है लेकिन अगर स्कूटर कुएं में गिरा हो तो उसको निकालने के लिए ट्रेक्टर की ज़रुरत होती है। 25 साल की इनकी सरकार ने बिहार को ऐसे गड्ढ़े में डाल दिया है जिसे निकालने के लिए दो-दो इंजन की जरुरत है। पटना और दिल्ली के दो इंजन लगेंगे तब यह बिहार गड्ढ़े में से बाहर आएगा। एक इंजन बिहार में जो नई सरकार बनेगी वो और दूसरा इंजन दिल्ली में मेरी सरकार जो आपने बनाई है।

भाईयों-बहनों, हम चुनाव के मैदान में विकास के मुद्दे को लेकर आए थे। लालू जी और नीतीश जी के पास विकास का ‘व’ बोलने की कोई जगह नहीं है और इसलिए उन्होंने चुनाव को जातिवाद के रंग में रंगने का नाटक किया। आरक्षण को लेकर महीने भर चीखते-चिल्लाते रहे, दिल्ली में उनके दरबारी भी इसी बात को बढ़ाते रहे। इन्होंने एक काल्पनिक भय पैदा किया और आरक्षण के नाम पर हौवा खड़ा किया। उनकी हर बात में बस आरक्षण था। जब एक दिन मुझे लगा कि इनका गुब्बारा बहुत बड़ा हो गया है तो मैंने एक छोटी सी सुई लगा दी और उनका पूरा गुब्बारा नीचे आ गया। उनकी सारी पोल खुल गई है।

यही लालू जी और नीतीश जी ने आरक्षण पर पुनर्विचार करने की मांग की थी। उन्हें चिंता अपनी कुर्सी की थी और जब मैंने उनका वीडियो निकाल दिया तो पिछले एक हफ़्ते से आरक्षण का नाम लेना भूल गए। बिजली की तो वो कोई बात ही नहीं करते क्योंकि उन्हें डर है कि अगर बोल दिया तो लोग उनसे हिसाब मांगेंगे क्योंकि 2010 में नीतीश जी ने कहा था कि अगर घर-घर बिजली नहीं पहुंचाऊंगा तो 2015 में अगले चुनाव में वोट मांगने नहीं आऊंगा। बिजली नहीं तो वोट नहीं, ऐसे उन्होंने कहा था कि नहीं? उन्होंने अपना वादा तोड़ा है, आपसे धोखा किया है। जो जनता से धोखा कर सकते हैं, जनता उन्हें कभी स्वीकार नहीं करती।

बिहार की जनता जब देती है तो छप्पर फाड़ कर देती है; कांग्रेस को 35 साल तक दिया और जब लेती है तो चुन-चुन कर साफ़ कर देती है। जब लालू जी को दिया तो जी भर दिया लेकिन जब लालू जी पर गुस्सा आया तो फ़िर किसी को बचने नहीं दिया। अब बारी आई अहंकार की, बिहार अहंकार को बर्दाश्त नहीं कर सकता और अब अहंकार की विदाई की बारी है। नीतीश बाबू ने कहा था कि अगर किसी का भ्रष्टाचार पकड़ा गया तो उसकी मिल्कियत जब्त कर ली जाएगी और उसके घर में स्कूल खोला जाएगा। नीतीश जी रोज इस बात का ढोल पीटते थे। लोगों को क्यों मूर्ख बना रहे हैं? जेडीयू के मंत्री कैमरा के सामने घूस लेते पकड़े गए। ये अभी से ऐसा काम कर रहे हैं तो चुनाव के बाद क्या करेंगे। बिहार बेचने का एडवांस लिया जा रहा है। अब नीतीश बाबू बताएं कि उनका घर कब्ज़े में किया क्या, उनके घर में स्कूल खोला?

भाईयों-बहनों, बिहार में आप लोगों के लिए मेरा तीन सूत्रीय कार्यक्रम है – पढ़ाई, कमाई और दवाई। बिहार के गरीब से गरीब बच्चे को अच्छी एवं सस्ती शिक्षा मिलनी चाहिए। हर मां अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती है, लेकिन बिहार में पढ़ाई की इतनी हालत खराब है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए माँ-बाप को अपनी ज़मीन गिरवी रखनी पड़ती है। ये हमें शोभा देता है क्या? इसलिए मेरा संकल्प है, बिहार के बच्चों को सस्ती एवं अच्छी पढ़ाई। मेरा दूसरा सपना है, कमाई; नौजवान के लिए रोजगार। बिहार में नौजवान को अपना राज्य और अपने माँ-बाप को छोड़ना पड़ता है। बिहार के नौजवान को यहीं पर रोजगार का अवसर मिलना चाहिए और ये पलायन बंद होना चाहिए। इसलिए मेरा दूसरा संकल्प है, बिहार के नौजवानों के लिए कमाई। मेरा तीसरा सपना है, दवाई; बुजुर्गों के लिए सस्ती दवाई, दवाखाना और डॉक्टर होना चाहिए।

बिहार राज्य के लिए तीन कार्यक्रम है - बिजली, पानी एवं सड़क। बिजली आएगी तो कारखाने लगेंगे, और इससे रोजगार मिलेगा। बिजली के लिए अकेले दरभंगा को मैंने पौने 400 करोड़ आवंटित कर दिये हैं। बिहार को जो सौभाग्य मिला है, वो किसी और राज्य को नहीं मिला है; बिहार की दो ताक़त है - बिहार का पानी और बिहार की जवानी। ये दोनों पूरे हिन्दुस्तान का भाग्य बदल सकती हैं। किसान को अगर पानी मिल जाए तो वो मिट्टी में से सोना पैदा कर सकता है। हमारा दूसरा संकल्प है - खेतों में पानी, उद्योगों को पानी और पीने का पानी पहुँचाना। तीसरा मेरा संकल्प है – सड़क; बिहार में सडकों का जाल हो। गाँव ज़िले से, ज़िला राज्य से, राज्य दिल्ली से जुड़ जाए, ऐसा नेटवर्क बनाना है ताकि बिहार का सीधा मार्ग विकास की ओर चल पड़े, इन कामों को लेकर मैं आगे बढ़ना चाहता हूँ।

विकास ही एक मंत्र है, विकास के लिए मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूँ। मैं आपसे वोट विकास के लिए मांगता हूँ। पहले चरण से लेकर चौथे चरण तक लगातार मतदान करने वालों की संख्या बढ़ी है और अब पांचवे चरण में आप सारे रिकॉर्ड तोड़ दोगे न? आप सब दस-दस परिवारों से वोट कराओ, भाजपा, एनडीए को वोट कराओ।  मेरे साथ बोलिये –

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!        

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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तारकेश्वर महादेव की जय ! तारकेश्वर महादेव की जय !
आरामबाग वासि के आमार आंतरिक सुभेचा !
बोरोरा प्रोनाम एवं छोटो रा आमार भालोबाशा नेबेन !

सबसे पहले तो मैं मातृशक्ति को सामर्थ्य देने वाली इस भूमि को प्रणाम करता हूं। जहां बगल में ही खानाकुल में महान समाज सुधारक राजाराम मोहन राय जी ने जन्म लिया और नारीशक्ति के जीवन को नया सामर्थ्य दिया था। मैं खानाकुल की इस धरती को प्रणाम करता हूं। राजाराम मोहन राय की प्रेरणा से भारत की नारीशक्ति के कल्याण के लिए जी-जान से जुटा हुआ हूं।

भाइयों-बहनों, आप सभी इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आए हैं, हम आपके बहुत-बहुत आभारी हैं। यहां कुछ नौजवान बहुत सुंदर-सुंदर चित्र बनाकर के लाए थे, वहां एक बेटी इतनी देर से भगवान जगन्नाथ जी का चित्र लेकर आई थी। आप सब का क्योंकि ये धरती तो रग-रग में कला आर्ट ये यहां की विशेषता है। मैं आप सबका आभारी हूं। लेकिन मैं अनुभव कर रहा हूं कि भावी पीढ़ी और वर्तमान युवा पीढ़ी आपका ये प्यार इन सबके प्यार का एक प्रतीक है। और इसीलिए मैं हृदय से आप सबका धन्यवाद करता हूं।

साथियों,
अब से कुछ देर पहले मुझे यहां 7 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट का उद्घाटन और शिलान्यास करने का सौभाग्य मिला है। इनमें रेल, पोर्ट, पेट्रोलियम और जल शक्ति से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। मैं बंगाल के आप सभी लोगों को इन परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,
पश्चिम बंगाल, आज़ादी के आंदोलन की प्रेरणा स्थली रही है। गुलामी के विरुद्ध प्रखर नेतृत्व देने वाली यहां की हर संतान का सपना था कि भारत, विकास की नई ऊंचाई प्राप्त करे। आज मैं जब बंगाल आया हूं, तो कह सकता हूं कि आज का भारत, उनका ये सपना पूरा कर रहा है। बीते 10 साल में भारत, 11वें नंबर की इकॉनॉमी से ऊपर उठकर 5वें नंबर की आर्थिक ताकत बना है। G20 में कैसे भारत की जयजयकार हुई, ये हम सबने देखा है। आज भारत, स्पेस सेक्टर में अग्रणी बन रहा है। जो काम दुनिया का कोई देश नहीं कर पाया, वो हमारे चंद्रयान ने किया है। आज स्पोर्ट्स के क्षेत्र में भी भारत नए रिकॉर्ड बना रहा है। अब आज स्वतंत्र भारत में देश की समृद्धि और हमारा समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर फिर से पूरे गौरव से नई ऊंचाई प्राप्त कर रही है। और ये हम सभी का सौभाग्य है कि पांच सदियों के इंतजार के बाद, 500 साल के बाद प्रभु श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजे हैं। पश्चिम बंगाल में जिस तरह रामलला का स्वागत हुआ, श्रीराम के प्रति बंगाल के लोगों की जो आस्था है, उससे पूरा देश प्रभावित है, प्रेरित है।

साथियों,
देश की इन उपलब्धियों के बीच, बंगाल की स्थिति भी आज पूरा देश देख रहा है। मां-माटी-मानुष ये इसके ढोल पीटने वाली TMC ने संदेशखाली की बहनों के साथ जो किया है, वो देखकर पूरा देश दुखी है, आक्रोशित है। और मैं कह सकता हूं कि राजाराम मोहन राय की आत्मा जहां भी होगी, इन लोगों के इन कारनामों को लेकर अत्यंत दुखी हुई होगी। क्योंकि इन्होंने संदेशखाली में जो किया राजाराम की आत्मा आज रोती होगी। TMC के नेता ने संदेशखाली में बहनों-बेटियों के साथ दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं। जब संदेशखाली की बहनों ने अपनी आवाज़ बुलंद की, ममता दीदी से मदद मांगी, उन्हें बदले में क्या मिला? मुख्यमंत्री दीदी ने, बंगाल सरकार ने TMC के नेता को बचाने के लिए सारी शक्ति लगा दी। बीजेपी के दबाव में इन सारे नेताओं ने रात-दिन लड़ाई लड़ी, माताओं-बहनों के सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी, लाठियां खाई, मुसीबतें झेली, बीजेपी के दबाव में आखिरकार कल बंगाल पुलिस ने आपकी ताकत के सामने झुक करके उस आरोपी को गिरफ्तार करना पड़ा। TMC के राज में TMC का ये अपराधी नेता करीब-करीब दो महीने तक फरार रहा। कोई तो होगा न जो उनको बचाता होगा। क्या ऐसी टीएमसी को माफ करेंगे? ऐसी टीएमसी को माफ करेंगे? क्या माताओं-बहनों के साथ जो हुआ है, उसका बदला लेंगे कि नहीं लेंगे। लेंगे कि नहीं लेंगे। हर चोट का जवाब वोट से देना है। आज बंगाल की जनता यहां की मुख्यमंत्री दीदी से पूछ रही है। क्या कुछ लोगों का वोट, आपके लिए संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं से भी ज्यादा अहम हो गया है? अरे शर्म आनी चाहिए।

बंगाल के मेरे भाइयों और बहनों,
मुझे सबसे ज्यादा हैरानी इंडी गठबंधन के बाकी नेताओं को देखकर होती है। इंडी गठबंधन के बड़े-बड़े नेता, संदेशखाली पर आंख-कान-मुंह गांधी जी के तीन बंदर की तरह बंद करके बैठे हैं। पटना, बेंगलुरू, मुंबई, न जाने कहां-कहां ये साथ मिलकर बैठकें करते हैं, लेकिन क्या लेफ्ट और कांग्रेस ने यहां की सरकार, यहां के मुख्यमंत्री से जवाब मांगने की हिम्मत की क्या? इन लोगों से संदेशखाली की इन बहनों की तरफ एक नज़र देखा भी नहीं गया। और आपने देखा है, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने क्या है? आप सुनकर के चौंक जाएंगे। मेरी मताओं बहनों जो बंगाली में मेरा ट्रांसलेशन कर सकते हैं वो इन माताओं-बहनों को जरूर बताएं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते- अरे छोड़ो बंगाल में तो ये सबकुछ चलता रहता है। क्या ये बंगाल का अपमान है कि नहीं है। बंगाल की महान परंपरा का अपमान है कि नहीं है। बंगाल की महान संस्कृति का अपमान है कि नहीं है। बंगाल के वीर पुरुषों का अपमान है कि नहीं है। बंगाल के संस्कारप्रिय नागरिकों का अपमान है कि नहीं है। यही है सच्चाई कांग्रेस की, और इंडी गठबंधन की है।

साथियों,
इंडी गठबंधन के लिए, भ्रष्टाचारियों, परिवारवादियों और तुष्टीकरण करने वालों का साथ देना ही सबसे बड़ा काम है। TMC ने बंगाल में अपराध और भ्रष्टाचार का एक नया मॉडल पैदा कर दिया है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है, अपराध को बढ़ावा देती है, इतना ही नहीं अपराधियों को संरक्षण के बदले TMC नेताओं को भर-भर पर पैसे मिलते हैं। TMC ने यहां प्राइमरी टीचर्स की भर्ती में घोटाला किया, किया कि नहीं किया। घोटाला में किया कि नहीं किया। TMC ने यहां म्यूनिसिपैलिटी में भर्तियों में घोटाला किया कि नहीं किया, TMC ने यहां सरकारी समान की खरीद में घोटाला किया कि नहीं किया, TMC ने यहां गरीब को राशन देने में घोटाला किया कि नहीं किया, गरीब और मध्यम वर्ग की जमीन पर कब्जा करना हो, चिटफंड योजनाओं में घोटाला करना हो, बॉर्डर पर जानवरों की स्मगिलिंग करनी हो, TMC ने घोटाले और भ्रष्टाचार के लिए कोई क्षेत्र छोड़ा नहीं है। इसलिए देखो, TMC के मंत्रियों के घर से नोटों के ढेर निकल रहे हैं। नोटों के ढेर। आपने नोटों के ढेर देखे कि नहीं देखे। क्या कभी पहले नोटों के इतने बड़े ढेर देखे थे कभी, सिनेमा में भी देखे थे क्या। क्या कर दिया इन लोगों ने। और ऊपर से यहां की सरकार, केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी जांच करने से रोकने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। यहां की मुख्यमंत्री भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए धरने पर बैठ जाती हैं। TMC चाहती है कि केंद्र की योजनाओं में भी खूली लूट हो। मोदी इनकी मनमानी चलने नहीं दे रहा, इसलिए मोदी को TMC, अपना दुश्मन नंबर एक मानती है। अब आप मुझे बता दीजिए...मैं जरा आपको पूछता हूं। क्या ये TMC की लूट मैं चलने दूं क्या। ये TMC जो करती है वो करने दूं क्या। ये पैसा आपका है कि नहीं है। ये बंगाल के लोगों का पैसा है कि नहीं है। आपकी मेहनत का पैसा है कि नहीं है। क्या औरों को लूटने दूं क्या। अगर मैं लड़ाई लड़ता हूं तो सही करता हूं कि नहीं करता हूं। ये लुटेरों के पीछे कदम उठाता हूं अच्छा कर रहा हूं कि नहीं कर रहा हूं। मैं आज बंगाल को वादा कर रहा हूं, मेरी गारंटी है। ये लूटने वालों को लौटाना पड़ेगा। ये मोदी छोड़ने वाला नहीं है। और मोदी न इनकी गालियों से डरता है, इनके हमलों से डरने वाला रुकने वाला मोदी नहीं है। मैंने पश्चिम बंगाल की बहनों, पश्चिम बंगाल के गरीब, पश्चिम बंगाल के युवाओं को गारंटी दी है। मोदी की गारंटी है कि- जिसने गरीब को लूटा है, उसको लौटाना ही पड़ेगा।

साथियों,
TMC की सरकार के रवैये के कारण, पश्चिम बंगाल का विकास प्रभावित हो रहा है। TMC सरकार की सजा, यहां का गरीब और मिडिल क्लास भुगत रहा है। मैं आपको इसके कुछ प्रमाण देता हूं।
झारिया और रानीगंज कोलफील्ड का प्रोजेक्ट हमने लगभग 6 साल पहले शुरु किया था। लेकिन यहां की सरकार इसको आगे नहीं बढ़ने दे रही। 18 हज़ार करोड़ रुपए का जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो धामरा पाइपलाइन प्रोजेक्ट भी 4 साल से पेंडिंग पड़ा है। राज्य सरकार का सहयोग न मिलने के कारण, तारकेश्वर से बिष्णुपुर रेल लाइन का काम भी रुका हुआ है। हज़ारों करोड़ रुपए के ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार ने पैसा सेंक्शन कर दिया है, लेकिन काम नहीं हो पा रहा। यहां तक की TMC सरकार गरीबों के घर तक नहीं बनने दे रही है। पूरे देश में 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को पक्के घर मिल चुके हैं। वो पक्के घर में दिवाली होली मना रहे हैं, दुर्गापूजा कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के गरीब परिवारों के लिए भी केंद्र की भाजपा सरकार ने 45 लाख घर स्वीकृत किए हैं। इसके लिए 42 हज़ार करोड़ रुपए रिलीज़ भी किए गए हैं। लेकिन बंगाल में राज्य सरकार गरीबों के घर बनाने के लिए तेजी से काम नहीं कर रही। अड़ंगे डाल रही है, रुकावटें पैदा कर रही है। आप मुझे बताइए पैसे हैं तो गरीबों के घर बनने चाहिए कि नहीं बनने चाहिए। जल्दी से जल्दी बनने चाहिए कि नहीं बनने चाहिए। अच्छे से अच्छे बनने चाहिए कि नहीं बनने चाहिए। क्या ये TMC वाले बना सकते हैं क्या। अगर बनाएगा तो बीजेपी बनाएगी, अगर करेगा को मोदी करेगा। मेरी माताएं बहनें इतनी बड़ी तादाद में आई है आपको मैं बताना चाहता हूं। आप जानते हैं केंद्र सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने का अभियान चला रही है। हर घर में पाइप से पानी। 4 साल के भीतर ही, पूरे देश में 11 करोड़ नए परिवारों को नल से जल की सुविधा मिली है। लेकिन हर घर जल देने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार कछुए की रफ्तार से काम कर रही है। बताइए ऐसे लोगों को माफ किया जा सकता है क्या। माताएं-बहनें जो आपके घर पानी नहीं पहुंचने देते हैं उनका दाना-पानी बंद करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। करोगे क्या। आपके आशीर्वाद रहेंगे। साथियों, उसे माताओं-बहनों-बेटियों की परेशानियों से कोई मतलब नहीं है। केंद्र सरकार पैसा दे रही है, लेकिन यहां की सरकार उसका उपयोग भी नहीं कर रही।

साथियों,
हर उस योजना से, जिससे गरीब का भला होता हो, TMC सरकार उसके सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई है। मोदी ने हर गरीब परिवार को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की गारंटी दी है। आयुष्मान कार्ड से देशभर में करोड़ों गरीब परिवारों का मुफ्त इलाज हुआ है। इससे इन परिवारों को लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की बचत हुई है। लेकिन गरीब, SC/ST विरोधी TMC, यहां के सवा करोड़ परिवारों को इसका लाभ नहीं मिलने दे रही। आप मुझे बताइए गरीब को मुफ्त इलाज मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए। अगर बीमारी में सरकार उसके पैसे दे तो उसको लाभ मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए। अब देखिए गरीब विरोधी TMC वो भी नहीं करने देती। देश के करोड़ों लोगों को मोदी बीमारी में पैसा दे रहा है बंगाल में नहीं दे पा रहा है क्योंकि TMC मना कर रही है। TMC सरकार पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने में भी लगातार अड़ंगे लगा रही है। भारत सरकार के प्रयासों से यहां बंगाल के छोटे किसान के बैंक खातों में सीधे 11 हज़ार करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए हैं। लेकिन TMC सरकार की पूरी कोशिश है कि इस योजना का पैसा भी वो हड़प लें।

साथियों,
TMC सरकार, गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति के सशक्तिकरण में बहुत बड़ी रुकावट है। ये चार वर्ग जबतक सशक्त नहीं होंगे, तबतक पश्चिम बंगाल विकसित नहीं हो सकता। इसलिए आज केंद्र सरकार गरीब, किसान, नौजवान और महिला सशक्तिकरण पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है। ये भाजपा की ही सरकार है जिसने नारीशक्ति वंदन अधिनियम करके लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण दिया। ये भाजपा की ही सरकार है जिसने नमो ड्रोन दीदी अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत हम गांव की बहनों-बेटियों को आधुनिक ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। भाजपा की सरकार गांव-गांव में महिला स्वयं सहायता समूहों को लाखों करोड़ की मदद दे रही है जिससे उनकी आमदनी और बढ़े। हमने देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का भी संकल्प लिया है।

साथियों,
पश्चिम बंगाल विकसित होगा, तभी भारत भी विकसित होगा। इसके लिए, ये ज़रूरी है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की सभी सीटों पर कमल खिले। खिलेगा...खिलेगा...TMC को घमंड है कि उसके पास एक निश्चित वोटबैंक है। इस बार TMC का ये घमंड भी टूटेगा। इस बार मुस्लिम बहन-बेटियां भी TMC के गुंडाराज को उखाड़ फेंकने के लिए आगे आएंगी। इस लोकसभा चुनाव के नतीजे, पश्चिम बंगाल से TMC सरकार की विदाई का, उसके पराजय का काउंटडाउन शुरू करेंगे। मैं अभी देख रहा था सुवेंदु जी को और हमारे अध्यक्ष जी बता रहे थे अई बार...अई बार...अई बार...अई बार...
मैं आपका फिर आभार व्यक्त करूंगा कि आप हमें इतनी बड़ी संख्या में आशीर्वाद देने आए। आप अपने-अपने गांव जाएंगे, तो वहां सबको कहना कि मोदी जी ने प्रणाम कहा है। कहेंगे।
दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए...
भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !
वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे...
बहुत-बहुत धन्यवाद।