उपस्थित सभी महानुभाव और मेरे परिवार के सभी सदस्य, बंधु गण, मैंने ये कहा कि मेरे परिवार के! दो कारण से - एक तो मैं बनारस का हो गया हूं और दूसरा बचपन से एक ही याद रही है, वो है, रेल। इसलिए रेल से जुड़ा हर व्यक्ति मेरे परिवार का सदस्य है और इस अर्थ में मैं परिवार जनों के बीच आज आया हूं। मुझे खुशी है कि आज यहां दो महत्वपूर्ण प्रकल्प, एक तो 4,500 horse power capacity का डीज़ल इजिंन राष्ट्र को समर्पित हो रहा है और ये हमारी capability है। भारत को आगे बढ़ना है, तो इस बात पर बल देना होगा कि हम, हमारे आत्मबल पर, हमारी शक्ति के आधार पर हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति करने का काम करें।

एक समय था, ये देश पेट भरने के लिए अन्न बाहर से लाता था। जब विदेशों से अन्न आता था, तब हमारा पेट भरता था। लेकिन इस देश में एक ऐसे महापुरूष हुए जिसने बेड़ा उठाया, देश के किसानों को ललकारा, आवाह्न किया, उनको प्रेरणा दी, जय जवान जय किसान का मंत्र दिया और देश के किसानों ने अन्न के भंडार भर दिए। आज हिंदुस्तान अन्न विदेशों में दे सके, ये ताकत आ गई है। वो काम किया था, इसी धरती के लाल, लाल बहादुर शास्त्री ने। अगर हमारे किसान देश को आत्मनिर्भर बना सकते हैं, अन्न के भंडार भर सकते हैं, तो देश की उस ताकत को पहचान करके हमने देश की उस युवा शक्ति का आवाह्न किया है - Make in India! हमारी जितनी आवश्यकताएं हैं, उसका निर्माण देश में क्यों नहीं होना चाहिए? क्या कमी है! जिस देश के पास होनहार नौजवान हों, 65 प्रतिशत 35 साल से कम उम्र के नौजवान हों, वो देश क्या नहीं कर सकता है?

इसलिए भाइयों, बहनों, लाल बहादुर शास्त्री का मंत्र था- जय जवान जय किसान और उन्होंने देश के अन्न के भंडार भर दिए। हम Make in India का मंत्र ले करके आए हैं इंडिजिनस! भारत की विधा से, भारत के संसाधनों से भारत अपनी चीज़ों को बनाए। आज, डिफेंस के क्षेत्र में हर चीज़ हम बाहर से लाते हैं। अश्रु गैस भी बाहर से आता है, बताईए! रोने के लिए भी बाहर से हमको साधन लाने पड़ते हैं। ये बदलना है मुझे और उसमें एक महत्वपूर्ण पहल आज आपके यहां से.. indigenous .. मुझे बताया गया, ये जो इंजिंन बना है, इसमें 96% कंपोनेंट यहीं पर बने हैं, आप ही लोगों ने बनाए हैं। मैंने कहा है कि वो 4% भी नहीं आना चाहिए। बताइए कैसे करोगे? उन्होंने कहा- हम बीड़ा उठाते हैं, हम करेंगे। डिफेंस..सब चीज़ें हम बाहर से ला रहे हैं, मोबाइल फोन बाहर से ला रहे हैं, बताईए! हमारे देश में हमें एक वायुमंडल बनाना है और इस पर हम कोशिश कर रहे हैं।

रेलवे! आप ने मुझे, जब से प्रधानमंत्री बना हूं, बार बार मेरे मुंह से रेलवे के बारे में सुना होगा। घूम फिर करके कहीं भी भाषण करता हूं तो रेलवे तो आ ही जाता है। एक तो बचपन से आदत है और दूसरा, मेरा स्पष्ट मानना है कि भारत में रेलवे देश को आगे ले जाने की इतनी बड़ी ताकत रखती है, लेकिन हमने उसकी उपेक्षा की है। मेरे लिए रेलवे एक बहुत बड़ी प्राथमिकता है। आप कल्पना कर सकते हो, इतना बड़ा infrastucture! इतनी बड़ी संख्या में manpower! इतना पुराना experience! और विश्व में सर्वाधिक लोगों को ले जाने लाने वाला ये इतना बड़ा organization हमारे पास हो। इसको अगर आधुनिक बनाया जाए, इसको अगर technology upgradation किया जाए, management perfection किया जाए। service oriented बनाया जाए तो क्या हिंदुस्तान की शक्ल सूरत बदलने में रेलवे काम नहीं आ सकती? भाइयों, बहनों मैं ये सपना देख करके काम कर रहा हूं। इसलिए रेलवे तो आगे बढ़ना ही है, लेकिन रेलवे के माध्यम से मुझे देश को आगे बढ़ाना है। और, अब तक क्या हुआ है, रेल मतलब- दो-पांच किलोमीटर नई पटरी डाल दो, एक आद दो नई ट्रेन चालू कर दो, इसी के आस-पास चला है। हम उसमें आमूल-चूल परिवर्तन चाहते हैं।

उसी प्रकार से human resource development. हम जानते हैं कि रेलवे में अभी भी बहुत लोगों को रोज़गार मिलने की संभावनाएं हैं। लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी है कि वे हिम्मत नहीं करते। अगर आर्थिक रूप से उनको मजबूत बनाया जाए तो हज़ारो नौजवान रेलवे अभी भी absorb कर सकता है, इतनी बड़ी ताकत है। इसलिए योग्य manpower के लिए हम चार युनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं, हिंदुस्तान के चार कोनों में। उस युनिवर्सिटी में जो आएंगे उन नौजवानों की शिक्षा दीक्षा होगी और उनको रेलवे के अंदर नौकरी मिलेगी। हमारे कई रेलवे के कर्मचारी हैं। उनकी संतानों को अगर वहां पर पढ़ने का अवसर मिलेगा तो अपने आप रेलवे में नौकरी करने के लिए उसकी सुविधा बढ़ जाएगी। उसको भटकना नहीं पड़ेगा। कुछ लोग अफवाहें फैलाते हैं। आप में से कई लोग होंगे जो 20 साल की उम्र के बाद, 22 साल की उम्र के बाद, पढ़ाई करने के बाद रेलवे से जुड़े होंगे। मैं जन्म से जुड़ा हुआ हूं। इसलिए आप लोगों से ज्यादा रेलवे के प्रति मेरा प्यार है, क्योंकि मेरा तो जीवन ही उसके कारण बना है। जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि रेलवे का privatization हो रहा है, वो सरासर गलत है। मुझ से ज्यादा इस रेलवे को कोई प्यार नहीं कर सकता और इसलिए ये जो गप्प चलाए जा रहे हैं, भाईयों, बहनों न ये हमारी इच्छा है, न इरादा है, न सोच है। हम इस दिशा में कभी जा नहीं सकते, आप चिंता मत कीजिए। हम क्या चाहते हैं - आज देश के गरीबों के लिए जो पैसा काम आना चाहिए, स्कूल बनाने के लिए, अस्पताल बनाने के लिए, रोड बनाने के लिए, गांव के अंदर गरीब आदमी की सुविधा के लिए, उन सरकारी खजाने के पैसे हर साल रेलवे में डालने पड़ते हैं। क्यों? रेलवे को जि़ंदा रखने के लिए। हम कितने साल तक हिंदुस्तान के गरीबों की तिजोरी से पैसे रेल में डालते रहेंगे? और अगर कहीं और से पैसा मिलता है, तो समझदारी इसमें है कि गरीबों के पैसे रेल में डालने के बजाए, जो धन्ना सेठ हैं, उनके पैसे रेल में डालने चाहिए। इसलिए कम ब्याज से आज दुनिया में पैसे मिलते हैं। हम उन पैसों को रेलवे के विकास के लिए लगाना चाहते हैं, जिसके कारण, आप जो रेलवे में काम कर रहे हैं, उनका भी भला होगा और हिंदुस्तान का भी भला होगा। रेलवे का privatization नहीं होने वाला है।

अब मुझे बताईए, ये युनियन वालों को मैं पूछना चाहता हूं कि रूपया रेलवे में आए, डालर आए, पाउंड आए, अरे आपको क्या फर्क पड़ता है भई! आपका तो पैसा आ रहा है। दूसरी बात, रेलवे के स्टेशन जितने हैं, हमारे.. अब मुझे बताइए, मुझे रेलवे युनिवर्सिटी बनानी है..अगर रेलवे युनिवर्सिटी में मुझे जापान से मदद मिलती है, चाइना से मदद मिलती है, टेक्नॉलोजी की मदद मिलती है, expertise की मदद मिलती है, तो लेनी चाहिए कि नहीं लेनी चाहिए? ज़रा बताईए, सच्चा बोलिए, दिल से बोलिए- लेनी चाहिए कि नहीं लेनी चाहिए? यही काम ये सरकार करना चाहती है भाईयों! और इतना ही नहीं इतना ही नहीं. आज हम देखें हमारे रेलवे स्टेशन कैसे हैं? रेलवे स्टेशन पर रेलवे में 12-12 घंटे प्लेटफार्म पर काम करने वाले रेलवे के कर्मचारी को बैठने के लिए जगह नहीं होती है। ये सच्चाई है कि नहीं है? उसको बेचारे को बैठ करके खाना खाना हो, उसके लिए जगह नहीं है। क्या हमारे रेलवे स्टेशन सुविधा वाले होने चाहिए कि नहीं होने चाहिए? रेलवे पर आने वाले लोगों को सुविधा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? मैंने सर्वे किया कि बनारस स्टेशन पे जितने पैसेंजर आते हैं, उनको बैठने के लिए सीट है क्या? और मैं हैरान हो गया कि बहुत कम सीट हैं। ज्यादातर बेचारे बूढ़े पैसेंजर भी घंटों तक रेलवे के इंतज़ार में खड़े रहते हैं। क्या उनको बैठने की सुविधा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? मैंने क्या किया, मेरे MPLAD का जो फंड था, मैंने रेलवे वालों को कहा, सबसे ज्यादा, जितनी बैंच लगा सकते हो, प्लेटफार्म पर लगाओ ताकि यहां गरीब से गरीब व्यक्ति को रेलवे के इंतज़ार में बैठा है तो उसको बैठने की जगह मिले। और मैंने सभी एमपी को कहा है, हिंदुस्तान भर में सभी रेलवे स्टेशन पर वो अपने MPLAD फंड में से पैसे लगा करके वहां पर वहां पर बैंचें डलवाएं ताकि रेलवे स्टेशन पर आने वाले पैसेंजर की सुविधा बढ़े। मुझे बताईए, ये सुविधा बढ़ेगी तो आशीर्वाद आपको मिलेगा कि नहीं मिलेगा? सीधी सीधी बात है, सब आपके फायदे के लिए हो रहा है भई। आप मुझे बताईए आज रेलवे स्टेशन जो हैं बड़े बड़े, heart of the city हैं! दो दो चार किलोमीटर लंबे स्टेशन हैं। नीचे तो आपकी मालिकी मुझे मंज़ूर है लेकिन रेलवे में आसमान में कोई इमारत बना देता है और रेलवे के खजाने में हजार करोड़, दो हजार करोड़ आज जाते हैं तो रेलवे मजबूत बनेगी कि नहीं बनेगी? वो प्लेटफार्म के ऊपर, हवा में, आकाश में अपनी इमारत बनाता है, रेलवे के फायदे में जाएगी कि नहीं जाएगी? मालिकी रेलवे की रहेगी कि नहीं रहेगी? रेलवे के कर्मचारियों का भला होगा कि नहीं होगा? हम जो विकास की दिशा ले करके चल रहे हैं, ये चल रहे हैं, privatization की हमारी दिशा नहीं है। हमें दुनिया भर का धन लाना है, रेलवे में लगाना है। रेलवे को बढ़ाना है, रेलवे को आगे ले जाना है और रेल के माध्यम से देश को आगे ले जाना है। हमारे देश में रेलवे को केवल यातायात का साधन माना गया था, हम रेलवे को देश के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी के रूप में देखना चाहते हैं।

इसलिए मेरे भाईयों, बहनों मैं देश भर के रेल कर्मचारियों को आज आग्रह करता हूं- आइए! हिंदुस्तान में सबसे उत्तम सेवा कहां की तो रेलवे की ये सपने को हम साकार करें। इन दिनों जो स्वच्छता का अभियान हमने चलाया है, कभी-कभार ट्विटर पर खबरें सुनने को मिलती हैं कि साहब मै पहले भी रेलवे में जाता था अब भी जाता हूं लेकिन अब जरा डिब्बे साफ-सुथरे नजर आते हैं, सफाई दिखती है देखिए लोगों को कितना संतोष मिलता है, आशीर्वाद मिलता है और ये कोई उपकार नहीं है, हमारी जिम्मेवारी का हिस्सा है। It is a part of our duty. धीरे-धीरे उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। हमारा पूरा रेलवे व्यवस्था तंत्र साफ-सुथरा क्यों न हो उसका सबसे ज्यादा लाभ गरीब लोगों को कैसे मिले, मैं तो देख रहा हूं. रेलवे Infrastructure का उपयोग देश के विकास में इतना हो सकता है जिसकी किसे ने कल्पना नहीं की थी। हमारे देश में पोस्ट ऑफिस का नेटवर्क और रेलवे का नेटवर्क इन दोनों का अगर बुद्धिपूर्वक उपयोग किया जाए तो हमारे देश के ग्रामीण विकास की वह धरोहर बन सकते हैं।

मैं उदाहरण देता हूं- रेलवे के पास बिजली होती है, कहीं पर भी जाइए रेलवे के पास बिजली का कनेक्शन है। हिंदुस्तान की हर जगह पर। रेलवे के पास Infrastructure है। छोटे-छोटे गांव पर भी, छोटे-छोटे स्टेशन बने हुए हैं, भले ही वहां पर एक ट्रेन आती हो तो भी कोई न कोई वहां बैठा है, कोई न कोई व्यवस्था है। बाकी 24 घंटे वो खाली पड़ा रहता है उसी प्रकार से पोस्ट ऑफिस गांव-गांव तक उसका नेटवर्क है लेकिन वो पुराने जमाने की चल रही है उसमें बदलाव लाना है ये मैंने तय किया है और बदलाव लाने वाला हूं। अब मुझे बताइए गांव के अंदर जो रेलवे के स्टेशन हैं वहां पर दिन में मुश्किल से एक ट्रेन आती है मेरे हिसाब से हजारों की तादाद में ऐसी जगहें हैं, जहां बिजली हो, जहां Infrastructure हो वहीं पर अगर एक-दो कमरे और बना दिए जाएं और उन कमरों में Skill Development की Classes शुरू की जाएं क्योंकि Skill Development करना है तो Machine tools चाहिए और Machine tools के लिए बिजली चाहिए लेकिन बिजली गांव में नहीं है लेकिन रेलवे स्टेशन पर है, गांव के बच्चे Daily रेलवे स्टेशन पर आएंगे और रेलवे स्टेशन पर जो दो कमरें बने हुए होंगे उनमें जो Tools लगे हुए होंगे। Turner, Fitter के Course चलेंगे। एक साथ हिंदुस्तान में Extra पैसे खर्च किए बिना रेलवे की मदद से देश में हजारों की तादाद में Skill Development Centres खड़े हो सकते हैं कि नहीं।

मेरे भाईयों-बहनों थोड़ा दिमाग का उपयोग करने की जरुरत है, आप देखिए चीजें बदलने वाली हैं। मैं रेलवे के मित्रों से कहना चाहता हूं ऐसे स्टेशनों को Identify कीजिए जहां पर बिजली की सुविधा है वहां पर सरकार अपने खर्चे सेदो-तीन कमरे और बना दे और वहां पर उस इलाके के जो 500-1000 बच्चे हो उनके लिए Skill Development के Institutions चलें। ट्रेन ट्रेन का और Institutions, Institutions का काम करें रेलवे को Income हो जाए और गांव के बच्चों का Skill Development हो जाए। एक साथ हम अनेक व्यवस्थाएं विकसित कर सकते हैं और उस दिशा में हम आगे बढ़ना चाहते हैं।

आज एक तो सोलर प्लांट भी इसके साथ जुड़ रहा है। आधुनिक Loco shed का Expansion हो रहा है, करीब 300 करोड़ रुपए जब पूरा होगा। 300 करोड़ रुपए की लागत से यहां Expansion होने के कारण इस क्षेत्र के अनेक नौजवानों को रोजगार की नई संभावनाएं बढ़ने वाली हैं।

मैं फिर एक बार रेल विभाग को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। श्रीमान सुरेश प्रभु जी के नेतृत्व में बहुत तेज गति से रेल का विकास होगा। आजादी के बाद जितना विकास हुआ है उससे ज्यादा विकास मुझे आने वाले दिनों में करना है। रेलवे के बैठे सभी मेरे साथियों आप सभी मेरे परिवारजन हैं और इसलिए मेरा आप पर हक बनता है, रेलवे वालों पर मेरा सबसे ज्यादा हक बनता है कि हम सब मिलकर के रेल को सेवा का एक बहुत बड़ा माध्यम बनाएं, सुविधा का माध्यम बनाएं और राष्ट्र की आर्थिक गति को तेज करने का एक माध्यम बना दें। उस विश्वास के साथ आगे बढ़ें, इसी एक अपेक्षा के साथ आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद.

Explore More
শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ

জনপ্রিয় ভাষণ

শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ
Indian Railways PSU to deliver first 20-coach train rake to Bangladesh in 2 months

Media Coverage

Indian Railways PSU to deliver first 20-coach train rake to Bangladesh in 2 months
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
‘রোজগার মেলা’-র আওতায় নিয়োগপত্র বিতরণকালে প্রধানমন্ত্রীর ভাষণের বঙ্গানুবাদ
May 23, 2026
India’s youth are playing a vital role in accelerating the journey towards a Viksit Bharat: PM
Rozgar Mela reflects our Government’s commitment to empowering the Yuva Shakti with new opportunities: PM
The world is excited by India’s youth and technological progress and today the global community wants to partner in India’s development journey: PM
Sectors like clean energy, critical minerals, green hydrogen, and sustainable manufacturing are advancing rapidly and partnerships in these areas are creating new opportunities: PM Modi
Every Indian is moving forward with the resolve of building a Viksit Bharat by 2047: PM Modi at Rozgar Mela
Today, Rapid transformation is clearly visible even in rural areas; Enhanced connectivity has opened new avenues for farmers, small traders, and students: PM
Viksit Bharat will be built by the efforts of such youth who view their work as a means of national service: PM Modi

বন্ধুগণ,

 

আজ সারা দেশের হাজার হাজার তরুণ-তরুণীর জন্য একটি অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ দিন। ৫১,০০০-এরও বেশি জন সরকারি চাকরির জন্য নিয়োগপত্র পেয়েছেন। আজ আপনারা সবাই দেশের উন্নয়ন যাত্রার গুরুত্বপূর্ণ অংশীদার, দায়িত্বশীল অংশীদার হয়ে উঠছেন। আপনারা রেল, ব্যাংকিং, প্রতিরক্ষা, স্বাস্থ্য, শিক্ষা এবং আরও অনেক ক্ষেত্রে নতুন দায়িত্ব গ্রহণ করতে চলেছেন। আগামী বছরগুলিতে একটি উন্নত ভারত গড়ার সংকল্প পূরণে আপনারা সকলেই এক গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা পালন করবেন।

 

বন্ধুগণ,

 

এই পর্যায়ে পৌঁছানোর জন্য আপনারা নিশ্চয়ই ব্যাপক প্রস্তুতি এবং কঠোর পরিশ্রম করেছেন। এই সাফল্যের জন্য আমি আপনাদের এবং আপনাদের পরিবারকে অভিনন্দন জানাই। আপনাদের এখানে নিয়ে আসার ক্ষেত্রে আপনাদের বাবা-মা এবং পরিবারের অবদান অমূল্য। কিন্তু শুধু তাই নয়, পরিবার যেমন অবদান রাখে, তেমনি আমাদের এখানে নিয়ে আসার ক্ষেত্রে সমাজও একটি বিশাল ভূমিকা পালন করে। আমরা শুধুমাত্র নিজেদের কারণে বা শুধুমাত্র আমাদের পরিবারের কারণে এই অবস্থানে পৌঁছাই না। এই বিশাল দেশের ১.৪ বিলিয়ন নাগরিকের অবদানও অপরিসীম। আর তাই, আমাদের নিজেদের প্রতি, আমাদের পরিবারের প্রতি এবং সমগ্র সমাজের প্রতি একটি দায়িত্ব রয়েছে। এবং আমি নিশ্চিত যে আপনারা এই সমস্ত কাজের জন্য নিজেদেরকে আরও বেশি সক্ষম করে তুলবেন। আপনাদের সকলের জন্য শুভকামনা রইল।

 

বন্ধুগণ,

 

আপনারা সবাই জানেন যে, মাত্র দুদিন আগে আমি পাঁচটি দেশ সফর করে ফিরেছি। যদিও এটি মাত্র পাঁচটি দেশের সফর ছিল, আমি কয়েক ডজন দেশের প্রধান সংস্থাগুলির নেতাদের সাথে কথা বলেছি, আলোচনা করেছি এবং দেখা করেছি, এবং আমি পুরোটা সময় ধরে একটি জিনিস ক্রমাগত অনুভব করেছি। বিশ্ব ভারতের যুবসমাজ এবং এর প্রযুক্তিগত অগ্রগতি নিয়ে অত্যন্ত উচ্ছ্বসিত। আজ, বিশ্ব ভারতের উন্নয়ন যাত্রার অংশ হতে চায়। ভারতও বিশ্বজুড়ে বিভিন্ন দেশের সঙ্গে অংশীদারিত্ব করছে। এর উদ্দেশ্য হল ভারতের যুবকদের সুযোগ ও কর্মসংস্থান প্রদান করা এবং তাদের সম্ভাবনাকে উন্মোচন করা। আমি সত্যিই চাই আমার দেশের যুবকদের বৈশ্বিক অভিজ্ঞতা হোক। এই সফরের সময়, যদি আমি নেদারল্যান্ডসের কথা বলি, সেমিকন্ডাক্টর, জল, কৃষি এবং উন্নত উৎপাদন নিয়ে আলোচনা হয়েছে - সুইডেনের সঙ্গে কৃত্রিম বুদ্ধিমত্তা (এ আই) এবং ডিজিটাল উদ্ভাবনে সহযোগিতা নিয়ে অনেক আলোচনা হয়েছে, - নরওয়ের সঙ্গে সবুজ প্রযুক্তি এবং সামুদ্রিক সহযোগিতা নিয়ে আলোচনা এগিয়েছে, সংযুক্ত আরব আমিরাতের সঙ্গে কৌশলগত শক্তি এবং প্রযুক্তি অংশীদারিত্বের বিষয়ে গুরুত্বপূর্ণ চুক্তি স্বাক্ষরিত হয়েছে, ইতালির সঙ্গে প্রতিরক্ষা, গুরুত্বপূর্ণ খনিজ, বিজ্ঞান ও প্রযুক্তির মতো অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ ক্ষেত্রে অংশীদারিত্বের চুক্তি স্বাক্ষরিত হয়েছে।

 

বন্ধুগণ,

 

এই সমস্ত চুক্তি থেকে ভারতের যুবসমাজ সরাসরি উপকৃত হবে। এবং আপনারা হয়তো লক্ষ্য করেছেন, এই সমস্ত বিষয় ভারতের জন্য একটি উজ্জ্বল ও সক্ষম ভবিষ্যৎ নিশ্চিত করে। কারণ প্রতিটি নতুন বিনিয়োগ, প্রতিটি প্রযুক্তিগত অংশীদারিত্ব, প্রতিটি শিল্প সহযোগিতা শুধু ভারতের যুবকদের জন্য নতুন সুযোগই নিয়ে আসে না, বরং অগণিত নতুন সুযোগও তৈরি করে।

 

আমার তরুণ বন্ধুরা,

 

আমাদের মনে রাখতে হবে যে, এই ক্ষেত্রগুলিতেই বিনিয়োগ এবং অংশীদারিত্বের মাধ্যমে এমন শিল্প তৈরি হবে যা আগামী তিন থেকে চার দশকে বিশ্বব্যাপী প্রবৃদ্ধিকে রূপ দেবে। এবং এতে ভারতের যুবসমাজ নিঃসন্দেহে একটি প্রধান ভূমিকা পালন করবে।

 

বন্ধুগণ,

 

আমি আপনাদের একটি উদাহরণ দিই যে কীভাবে ভারত বিশ্বের জন্য একটি বিশ্বস্ত সাপ্লাই চেইন পার্টনার হয়ে উঠছে। উদাহরণস্বরূপ, ডাচ সেমিকন্ডাক্টর কোম্পানি এএসএমএল, যে নামটি আপনাদের অনেকের কাছেই পরিচিত, তাদের একটি ভারতীয় কোম্পানি টাটা স্টিলের সঙ্গে একটি চুক্তি রয়েছে। ভারত বিশ্বের সেই কয়েকটি দেশের মধ্যে একটি যার সঙ্গে এই কোম্পানিটি চুক্তি স্বাক্ষর করেছে। এএসএমএল এবং টাটা ইলেকট্রনিক্সের মধ্যে এই একটি চুক্তিই ভারতে অগণিত নতুন কর্মসংস্থানের সুযোগ তৈরি করবে এবং পরবর্তী প্রজন্মের প্রযুক্তিতে ভারতের প্রবেশদ্বার খুলে দেবে। একইভাবে, সুইডেনের সঙ্গে প্রযুক্তি ও এআই অংশীদারিত্ব এবং সংযুক্ত আরব আমিরশাহীর সঙ্গে সুপারকম্পিউটিং সহযোগিতা ভারতের প্রযুক্তিগত সক্ষমতাকে উল্লেখযোগ্যভাবে শক্তিশালী করবে। এই চুক্তিগুলো নিঃসন্দেহে আমাদের যুবকদের জন্য নতুন সুযোগ তৈরি করবে।

 

বন্ধুগণ,

 

আজ, পরিচ্ছন্ন শক্তি, গুরুত্বপূর্ণ খনিজ, সবুজ হাইড্রোজেন এবং টেকসই উৎপাদন সম্পর্কিত ক্ষেত্রগুলিও দ্রুত বৃদ্ধি পাচ্ছে এবং এগিয়ে যাচ্ছে। এই সম্পর্কিত অংশীদারিত্বগুলি একটি নতুন অর্থনীতির জন্য নতুন সুযোগের দ্বার উন্মোচন করছে। সুইডেন, নরওয়ে এবং ইতালির মতো দেশগুলির সঙ্গে সবুজ রূপান্তর এবং টেকসই প্রযুক্তিতে সহযোগিতাও বাড়ছে। এটি পরিচ্ছন্ন উৎপাদন সম্পর্কিত ভবিষ্যৎ শিল্পগুলিতে ভারতের অবস্থানকে শক্তিশালী করবে। এছাড়াও, ভারত বন্দর, জাহাজ চলাচল এবং সামুদ্রিক পরিকাঠামো সম্পর্কিত চুক্তিগুলির উপর দ্রুত কাজ করেছে। সংযুক্ত আরব আমিরশাহী এবং নরওয়ের সঙ্গে অংশীদারিত্ব ভারতের জাহাজ নির্মাণ ইকোসিস্টেমকে শক্তিশালী করবে। এবং আপনারা জানেন, জাহাজ নির্মাণের জন্য প্রচুর পরিমাণে দক্ষ জনবলের প্রয়োজন হয়। এর মানে হল যে ভারতীয় প্রকৌশলী, প্রযুক্তিবিদ এবং দক্ষ কর্মীদের চাহিদা কল্পনাতীতভাবে বাড়তে চলেছে এবং অনেক সুযোগ তৈরি হবে।

 

বন্ধুগণ,

 

প্রতিটি নতুন অংশীদারিত্বের মাধ্যমে, আমরা ভারতীয় স্টার্টআপ, গবেষক এবং তরুণ পেশাদারদের বিশ্বের সঙ্গে সংযোগ স্থাপনের জন্য নতুন পথ তৈরি করছি। এটি ভারতীয় যুবকদের উন্নত দক্ষতা, বিশ্ব বাজার এবং বিকাশের নতুন নতুন সুযোগও প্রদান করবে। আজ, বিশ্ব সেই দেশগুলিকে সম্মান করে যারা উদ্ভাবন করে, নির্মাণ করে এবং বৃহৎ পরিসরে সরবরাহ করতে পারে। ভারত তিন দিকেই দ্রুতগতিতে এগিয়ে চলেছে, এবং এই পরিবর্তনের পেছনের সবচেয়ে বড় শক্তি হলো তোমরা সবাই, আমার তরুণ বন্ধুরা, ভারতের যুবসমাজ। আমি বিশ্বের যেখানেই যাই, ভারতের যুবশক্তি নিয়ে আলোচনা করে অনেক সময় কাটাই।

 

বন্ধুগণ,

 

আজ প্রত্যেক ভারতীয় এক দৃঢ় সংকল্প নিয়ে এগিয়ে চলেছে। এই সংকল্প হলো ২০৪৭ সালের মধ্যে একটি উন্নত ভারত গড়ে তোলা। এই লক্ষ্য অর্জনের জন্য দেশ বিভিন্ন খাতে বিনিয়োগ করছে। এবং এই বিনিয়োগ দেশের যুবকদের জন্য লক্ষ লক্ষ নতুন কর্মসংস্থানের সুযোগ তৈরি করছে। উদাহরণস্বরূপ, আজ ভারতে সেমিকন্ডাক্টর উৎপাদনের জন্য একটি সম্পূর্ণ সাপ্লাই চেইন তৈরি করা হচ্ছে। ভবিষ্যতে, ১০টি প্রধান ভারতীয় সেমিকন্ডাক্টর ইউনিট বিশ্বব্যাপী নিজেদের ছাপ ফেলবে। এগুলি বিপুল সংখ্যক ভারতীয় যুবকের সম্ভাবনা, তাদের মেধা, তাদের প্রতিশ্রুতি এবং স্বাভাবিকভাবেই, কর্মসংস্থানের সুযোগকে কাজে লাগাবে। ভারত জাহাজ নির্মাণ থেকে শুরু করে জাহাজ মেরামত ও ওভারহোলিং পর্যন্ত একটি ইকোসিস্টেমও তৈরি করছে। এর জন্য প্রায় ৭৫,০০০ কোটি টাকা বিনিয়োগ করা হচ্ছে। একইভাবে, আমরা ভারতের অভ্যন্তরে একটি সম্পূর্ণ এমআরও ইকোসিস্টেম, অর্থাৎ রক্ষণাবেক্ষণ, ওভারহোল এবং মেরামত সুবিধা তৈরি করছি। এটি দেশের বিমান যাতায়াত ক্ষেত্রকে ব্যাপকভাবে উপকৃত করবে এবং এটি অবশ্যই ভারতের যুবকদের জন্য নতুন কর্মসংস্থানের সুযোগ তৈরি করবে।

 

বন্ধুগণ,

 

ভারত আজ একটি প্রধান ইলেকট্রনিক্স উৎপাদনকারী দেশ। এবং আমরা ভারতের মধ্যেই সম্পূর্ণ ইলেকট্রনিক্স ভ্যালু চেইন গড়ে তুলছি। চলমান পিএলআই প্রকল্পের ফলে দেশে রেকর্ড পরিমাণ ইলেকট্রনিক্স উৎপাদন হচ্ছে এবং লক্ষ লক্ষ যুবক-যুবতীও কর্মসংস্থান পাচ্ছে।

 

বন্ধুগণ,

 

ভারতের সরকারি ও বেসরকারি ক্ষেত্র যৌথভাবে এই ধরনের অসংখ্য উদ্যোগে বিপুল পরিমাণে বিনিয়োগ করছে। এই বিনিয়োগ দেশের যুবকদের কর্মসংস্থান দিচ্ছে এবং তাদের স্বপ্ন পূরণ করছে। একজন সরকারি কর্মচারী হিসেবে, যা আজ আপনার নিয়োগপত্র পূরণ করার পর আপনার পরিচয় হয়ে উঠবে, আপনাকে সর্বদা মনে রাখতে হবে যে দেশের জন্য ব্যবসা-বাণিজ্যের সরলীকরণ কতটা গুরুত্বপূর্ণ।

 

বন্ধুগণ,

 

ভারতের উন্নয়ন ও কর্মসংস্থান সৃষ্টির ইতিহাসে এটি একটি সুপরিচিত সত্য, এবং আপনারা জানেন যে পরিকাঠামো এক্ষেত্রে একটি বিশাল ভূমিকা পালন করে। গ্রাম, ছোট শহর এবং প্রত্যন্ত অঞ্চলগুলো যখন উন্নয়নের সঙ্গে সংযুক্ত থাকে, তখনই একটি দেশের অগ্রগতির সুফল আরও বেশি মানুষের কাছে পৌঁছাতে পারে। গত ১২ বছরে রেলপথ, মহাসড়ক, বিমানবন্দর, লজিস্টিকস, বন্দর এবং ডিজিটাল পরিকাঠামো অভাবনীয় গতিতে প্রসারিত হয়েছে এবং প্রতিটি স্তরে উন্নয়ন চলছে। আজ, আপনি আপনার এলাকার যেকোনো দিকে ১০০ কিলোমিটার ভ্রমণ করলেই দেখতে পাবেন যে ভারত সরকারের কিছু না কিছু উন্নয়ণকর্ম চলছে। এমনকি গ্রামেও দ্রুত পরিবর্তন দৃশ্যমান হচ্ছে। বর্ধিত সংযোগ ব্যবস্থা কৃষক, ছোট ব্যবসায়ী এবং শিক্ষার্থীদের জন্য নতুন সম্ভাবনার দ্বার উন্মুক্ত করেছে। আজ লক্ষ লক্ষ পরিবারের স্থায়ী বাড়ি রয়েছে। এর অর্থ হলো, বিশ্বের অনেক দেশে ইতোমধ্যে যতগুলো নতুন বাড়ি রয়েছে, আমরা গত এক দশকে তার থেকে বহুগুণ বেশি বাড়ি তৈরি করেছি। শুধু তাই নয়, আমরা আমাদের পরিচ্ছন্নতা অভিযানের কথা কাউকে ভুলতে দিই না, এবং আমরাও ভুলি না। এতে শৌচাগার একটি অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা পালন করে, এবং আমরা সেদিকেও জোর দিচ্ছি। আজ কোটি কোটি বাড়িতে বিদ্যুৎ পৌঁছেছে। ছাদে উৎপাদিত সৌরশক্তির ক্ষেত্রে অনেক নতুন বিক্রেতা এসেছেন। এখন জল জীবন মিশনের দিকে তাকান, যা ট্যাপের জল সরবরাহ করছে। আমি লক্ষ্য করছিলাম যে আমি শহরগুলিতে পিএনজি সংযোগ বাড়াতে চেয়েছিলাম, কিন্তু আমরা যথেষ্ট প্লাম্বার খুঁজে পাচ্ছিলাম না; একটি ঘাটতি ছিল, কারণ বিপুল সংখ্যক প্লাম্বার জল জীবন মিশনে নিযুক্ত ছিলেন। এখন, এখানে আমাদের বিদ্যুতের জন্য বড় শহরগুলিতে দ্রুত পিএনজি সংযোগ বাড়াতে হয়েছিল, তাই আপনি কল্পনা করতে পারেন যে কখনও কখনও যখন লোকের প্রয়োজন হয়, তখন লোকের অভাব দেখা যায়।

 

বন্ধুগণ,

 

এই পরিবর্তনগুলোর প্রভাব শুধু সাধারণ নাগরিকদের সুবিধার মধ্যেই সীমাবদ্ধ নয়। গ্রামে গ্রামে রাস্তাঘাট পৌঁছেছে, ফলে বাজারে যাতায়াত সহজ হয়েছে। উন্নত বিদ্যুৎ সংযোগের ফলে ক্ষুদ্র শিল্পের বিকাশ ঘটেছে। গ্রামে গ্রামে কৃষিপণ্যের মূল্য সংযোজন শুরু হয়েছে। আগে মানুষ লাল লঙ্কা বিক্রি করত, কিন্তু এখন বিদ্যুৎ থাকায় তাঁরা লঙ্কার গুঁড়ো তৈরি করে, তা প্যাকেট করে বিক্রি করছেন। ফলস্বরূপ, গ্রামের ক্ষুদ্র শিল্পগুলো সমৃদ্ধ হচ্ছে। ডিজিটাল সংযোগ বৃদ্ধির ফলে গ্রামবাসীরা বিশ্বের সঙ্গে যুক্ত হচ্ছেন, আধুনিকতার সঙ্গে একীভূত হচ্ছেন। শহর ও গ্রামের মধ্যেকার পার্থক্য কমে আসছে, এবং এটি অর্থনীতির গতিকে ত্বরান্বিত করেছে। এই সবকিছুর ইতিবাচক প্রভাব দেশের যুবকদের জন্য একটি উজ্জ্বল ভবিষ্যৎ নিশ্চিত করে। শুধু কর্মসংস্থানই তৈরি হচ্ছে না, বরং জাতিও নতুন করে আত্মমর্যাদা ফিরে পেয়ে এগিয়ে যাচ্ছে এবং লক্ষ লক্ষ মানুষ নতুন সুযোগ পাচ্ছে।

 

বন্ধুগণ,

 

আজ ভারতের যুবকদের সামনে এগিয়ে যাওয়ার এবং তাঁদের স্বপ্ন পূরণ করার এমন সুযোগ রয়েছে যা আগে কখনও দেখা যায়নি। আমি কাউকে দোষ দিচ্ছি না, কিন্তু বাস্তবতা হলো সবকিছুই খুব দ্রুত গতিতে, বিশাল পরিসরে এবং বৈচিত্র্যে পরিপূর্ণ হয়ে ঘটছে। উৎপাদন, প্রযুক্তি, স্টার্টআপ, ডিজিটাল পরিষেবা, রেল, প্রতিরক্ষা, এমনকি মহাকাশসহ বিভিন্ন ক্ষেত্রে আমাদের জন্য অগণিত সুযোগ অপেক্ষা করছে। আমাদের প্রচেষ্টা হলো, যত বেশি সম্ভব তরুণ-তরুণী যেন এই নতুন সুযোগগুলো কাজে লাগাতে পারে এবং দেশের যুবসমাজ তাদের প্রতিভা প্রদর্শনের জন্য পর্যাপ্ত সুযোগ পায়। এজন্য, দক্ষতা উন্নয়ন, শিল্প-সংযুক্ত শিক্ষা এবং ভবিষ্যৎ প্রযুক্তির উপর ক্রমাগত জোর দেওয়া হচ্ছে। আইটিআইগুলোকে আধুনিকীকরণ করা হচ্ছে। জাতীয় দক্ষতা প্রশিক্ষণ প্রতিষ্ঠানগুলোকে শক্তিশালী করা হচ্ছে। পিএম সেতুর মতো উদ্যোগগুলো এই দিকেই কাজ করছে।

 

বন্ধুগণ,

 

গত কয়েক বছরে দেশে স্ব-কর্মসংস্থান এবং উদ্যোক্তা হওয়ার একটি নতুন সংস্কৃতি গড়ে উঠেছে। ভারত বিশ্বের তৃতীয় বৃহত্তম স্টার্টআপ ইকোসিস্টেম। এই পরিসংখ্যানটি মনে রাখবেন, দেশে ২ লক্ষ ৩০ হাজারেরও বেশি স্বীকৃত স্টার্টআপ রয়েছে। এবং তাদের মধ্যে তরুণরাও জড়িত। গুরুত্বপূর্ণ বিষয় হলো, এই পরিবর্তন শুধু বড় শহরগুলিতেই সীমাবদ্ধ নয়, এবং এতে আমি সবচেয়ে বেশি আনন্দিত। আজকাল টিয়ার-২ এবং টিয়ার-৩ শহরগুলির বহু তরুণ-তরুণীও স্টার্টআপ এবং উদ্ভাবনের জগতে তাদের শক্তি প্রদর্শন করছে; তাদের সম্ভাবনা উল্লেখযোগ্য। এই পরিবর্তন এখন দেশের অর্থনীতির একটি গুরুত্বপূর্ণ অংশ। এই পরিবর্তনে আমাদের নারীদের ভূমিকাও ক্রমাগত বাড়ছে। আজ বিপুল সংখ্যক নারী-নেতৃত্বাধীন স্টার্টআপের কথা শুনে আমি গর্বে ভরে যাই। আমি বিশ্বকে বলি যে আমাদের দেশে স্টার্টআপে নারীদের ভূমিকা উল্লেখযোগ্যভাবে বাড়ছে এবং বহু নারী এগিয়ে আসছেন। মুদ্রা প্রকল্পের অধীনে লক্ষ লক্ষ নারী আর্থিক সহায়তা পেয়েছেন। পিএম স্বনিধির মতো প্রকল্পগুলিও লক্ষ লক্ষ নারীকে স্বাবলম্বী হওয়ার সুযোগ দিয়েছে। আজকাল গ্রামে ও ছোট শহরগুলোতে আগের চেয়ে অনেক বেশি নারী নিজেরাই নতুন উদ্যোগ শুরু করছেন।

 

বন্ধুগণ,

 

এই নীতি ও সিদ্ধান্তের কথা সম্প্রচারের মাঝে, আপনাদের আরও একটি কথা অবশ্যই মনে রাখতে হবে। যেকোনো ব্যবস্থার প্রকৃত শক্তি তার জনগণের মধ্যেই নিহিত থাকে। জনগণই জনগণের শক্তি, জনগণের ক্ষমতা, এবং এই জনগণের ক্ষমতাই জাতীয় শক্তি সৃষ্টি করে। আপনারা যে ব্যবস্থার অংশ হতে চলেছেন, তা লক্ষ লক্ষ দেশবাসীর জীবন, তাদের আশা-আকাঙ্ক্ষার সঙ্গে সরাসরি সংযুক্ত। সরকারি চাকরি হলো মানুষের জীবনকে সহজ করার একটি মাধ্যম। আপনারা যে বিভাগেই কাজ করুন না কেন, আপনাদের আচরণ, সংবেদনশীলতা এবং দৃষ্টিভঙ্গি অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ হবে। দেশ আপনাদের উপর আস্থা রেখেছে। এখন আপনাদের কাজ, চালচলন, কথা এবং আচরণের মাধ্যমে সেই আস্থাকে আরও শক্তিশালী করা আপনাদের দায়িত্ব। দেশবাসীর হৃদয়ে এক নতুন বিশ্বাস পূর্ণ হবে এবং আপনাদের সান্নিধ্যে এসে তারা নতুন আশা নিয়ে এগিয়ে যাবে। অতএব, প্রত্যেক তরুণ কর্মযোগীর উচিত তাদের কাজকে একটি দায়িত্ব হিসেবে দেখা। আর আমার কাছে, আপনারা অনেক মূল্যবান। অতীতে আমরা শুনতাম, "সহস্রবাহু সম্পন্ন অমুক, সহস্রবাহু সম্পন্ন তমুক ।" আজ আপনারাই সরকারের বাহু, আপনারাই সরকারের শক্তি। যাঁরা ইতিমধ্যেই সরকারে আছেন, তাঁরা যেমন আছেন, তেমনি যাঁরা নতুন এসেছেন, তাঁরাও আছেন। আজ ভারতের জনগণের আকাঙ্ক্ষা দ্রুতগতিতে বাড়ছে, এবং আমি এটিকে উন্নয়নের একটি ইতিবাচক লক্ষণ বলে মনে করি। আমাদের জনগণের আকাঙ্ক্ষা বুঝতে হবে এবং সেই অনুযায়ী সমান দ্রুত গতিতে কাজ করতে হবে। এমন পরিস্থিতিতে, সরকারি চাকরিতে প্রবেশকারী তরুণদের ভূমিকা অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ হয়ে উঠেছে। আপনাদের অবশ্যই ক্রমাগত শিখতে হবে এবং নতুন প্রযুক্তি, নতুন ব্যবস্থা ও নতুন চাহিদার জন্য নিজেদের প্রস্তুত করতে হবে। এক্ষেত্রে আইগট কর্মযোগী প্ল্যাটফর্মটি খুব সহায়ক হবে। কর্মযোগী প্রারম্ভ-এর মতো মডিউলগুলি আপনাদের দায়িত্বগুলি বুঝতে অনেক সাহায্য করবে। আমি আপনাদের এর সর্বোচ্চ সুবিধা নিতে অনুরোধ করছি।

 

বন্ধুগণ,

 

আজ ভারতের যুবসমাজ বিশ্বের প্রতিটি ক্ষেত্রে নিজেদের ছাপ রাখছে। এই একই চেতনা, এই শক্তি জনসেবার ক্ষেত্রেও প্রতিফলিত হওয়া উচিত। এমন যুবকদের প্রচেষ্টাতেই একটি উন্নত ভারত গড়ে উঠবে, যারা তাদের কাজকে দেশ ও জনগণের সেবার মাধ্যম হিসেবে বিবেচনা করে। আমাদের দেশে বলা হয় যে, জনগণের সেবা করাই ঈশ্বরের সেবা। আমার পূর্ণ বিশ্বাস আছে যে, আজ নিয়োগপত্র প্রাপ্ত আমাদের তরুণ সহকর্মীরা ভারতের উন্নয়ন যাত্রায় নতুন গতি আনবে। আপনাদের কাজ এবং আপনাদের সিদ্ধান্ত একটি উন্নত ভারত গড়ার সংকল্পকে পূর্ণতা দেবে। এবং আপনারা সেই মন্ত্রটি কখনও ভুলবেন না। আমাদের মন্ত্র হলো: নাগরিকরাই ঈশ্বর। নাগরিকরাই ঈশ্বর। নাগরিকদের কল্যাণ আমাদের কর্তব্য। আবারও, আজ নিয়োগপত্র প্রাপ্ত সকল তরুণ-তরুণীকে তাদের ভবিষ্যৎ জীবনের জন্য এবং দেশসেবার এই সুযোগটি কাজে লাগানোর জন্য আমার আন্তরিক শুভেচ্ছা জানাই। আপনাদের সকলকে অনেক ধন্যবাদ।