وزیر اعظم دیوگھر میں 16,000 کروڑ روپے سے زیادہ کے مختلف ترقیاتی پروجیکٹوں کا افتتاح کریں گے اور سنگ بنیاد رکھیں گے
یہ منصوبے بنیادی ڈھانچے کی ترقی کو نمایاں طور پر فروغ دیں گے، رابطے میں اضافہ کریں گے اور خطے میں زندگی گزارنے میں آسانی پیدا کریں گے
وزیر اعظم دیوگھر ہوائی اڈے کا افتتاح کریں گے، اس سے بابا بید ناتھ دھام سے براہ راست ہوائی رابطہ فراہم ہوگا
وزیر اعظم ایمس، دیوگھر میں مریضوں کے شعبہ اور آپریشن تھیٹر کی خدمات کو قوم کے نام وقف کریں گے
​​​​​​​وزیر اعظم بہار قانون ساز اسمبلی کی صد سالہ تقریبات کی اختتامی پروگرام سے خطاب کریں گے

نئی دہلی۔ 09 جولائی       وزیر اعظم جناب نریندر مودی 12 جولائی 2022 کو دیوگھر اور پٹنہ کا دورہ کریں گے۔دوپہر  تقریباً 1:15 بجے، وزیر اعظم دیوگھر میں 16,000 کروڑ روپے سے زیادہ کے مختلف ترقیاتی پروجیکٹوں کا افتتاح کریں گے اور سنگ بنیاد رکھیں گے۔ اس کے بعد تقریباً 2:40 بجے ، وہ بارہ جیوترلنگوں میں سے ایک بابا بید ناتھ مندر میں درشن اور پوجا کریں گے۔ شام 6 بجے کے قریب، وزیر اعظم پٹنہ میں بہار قانون ساز اسمبلی کی صد سالہ تقریبات کی اختتامی  پروگرام سے خطاب کریں گے۔

دیوگھر میں وزیر اعظم

بنیادی ڈھانچے کی ترقی کو فروغ دینے، کنکٹویٹی  بڑھانے اور خطے میں زندگی آسان بنانے کی سمت میں ایک قدم بڑھاتے ہوئے ، وزیر اعظم دیوگھر میں 16,000 کروڑ روپے سے زیادہ کے مختلف پروجیکٹوں کا سنگ بنیادرکھیں گے اور انہیں قوم کے نام وقف کریں گے۔ ان منصوبوں سے خطے میں سماجی و اقتصادی خوشحالی کو نمایاں طور پر بہتر بنانے میں مدد ملے گی۔

بابا بید ناتھ دھام ملک بھر کے عقیدت مندوں کے لیے ایک اہم مذہبی مقام ہے، جہاں  سے براہ راست رابطہ فراہم کرنے کے ایک اہم قدم کے طور پر وزیر اعظم دیوگھر ہوائی اڈے کا افتتاح کریں گے۔ اس کی تعمیر تقریباً 400 کروڑ روپے کی لاگت سے کی گئی ہے۔ ہوائی اڈے کی ٹرمینل کی  عمارت کی صلاحیت  سالانہ پانچ لاکھ سے زیادہ مسافروں کی ہے۔

دیوگھر میں واقع ایمس پورے خطے کےحفظان  صحت کے شعبے کے لیے ایک اعزاز ہے۔ ایمس دیوگھر میں خدمات کو مزید فروغ ملے گا کیونکہ وزیر اعظم ایمس، دیوگھر میں مریضوں کے شعبہ (آئی پی ڈی) اور آپریشن تھیٹر کی خدمات کو قوم کے نام وقف کریں گے۔ یہ ملک کے تمام حصوں میں حفظان صحت کی بہترین سہولیات تیار کرنے کے وزیر اعظم کے وژن کےعین  مطابق ہے۔

ملک بھر میں مذہبی اہمیت کے حامل مقامات پر عالمی معیار کے بنیادی ڈھانچے تیار کرنے اور ایسے تمام مقامات پر سیاحوں کے لیے سہولیات کو بہتر بنانے کے وزیر اعظم کے عزم کووزارت سیاحت کی اسکیم  پرساد کے تحت منظور شدہ پروجیکٹ ’’بیدیا ناتھ دھام، دیوگھر کی ترقی" کے اجزاء کے طور پر مزید فروغ ملے گا۔ وزیر اعظم کے ذریعہ افتتاح کیے جانے والے ان منصوبوں میں 2000 زائرین کی گنجائش والے زائرین کے دو بڑے اجتماعی ہال کی تعمیر جلسر جھیل کے سامنے اور شیو گنگا تالاب کی ترقی  وغیرہ شامل ہیں ۔ نئی سہولیات سے ہر سال بابا بید ناتھ دھام آنے والے لاکھوں عقیدت مندوں کے لیے سیاحت کے تجربے میں مزید بہتری آئے گی۔

وزیر اعظم  10,000 کروڑ روپے سے زائد کے متعدد سڑکوں کے منصوبوں کا افتتاح کریں گے  اور سنگ بنیاد رکھیں گے۔ جن منصوبوں کا افتتاح کیا جا رہا ہے ان میں این ایچ - 2  کے گورہر سے برواڑا سیکشن تک چھ لین کی تعمیر شامل ہیں۔ راج گنج-چاس سے این ایچ-32 کے مغربی بنگال سرحدی حصے تک کو چوڑا کرنا اور دیگر منصوبے شامل ہیں۔ اس کے علاوہ جن بڑے منصوبوں کا سنگ بنیاد رکھا جا رہا ہے ان میں این ایچ -80 کے مرزا چوکی-پھرکا سیکشن کو چار لین کا بنانا، این ایچ -98 کے ہری ہر گنج سے پروا موڑ سیکشن تک چار لین بنانا، این ایچ -23 کے کے پالما سے گملا سیکشن تک چار لین بنانا؛ این ایچ -75 کے کوچیری چوک سے پسکا موڑ سیکشن پر ایلیویٹڈ کوریڈور وغیرہ شامل ہیں۔ یہ منصوبے خطے میں رابطے کو مزید فروغ دیں گے اور عام لوگوں کے لیے نقل و حرکت میں آسانی کو یقینی بنائیں گے۔

وزیر اعظم خطے میں تقریباً  3000 کروڑ روپے کے توانائی کے بنیادی ڈھانچے کے مختلف منصوبوں کا افتتاح کریں گے اور سنگ بنیاد بھی رکھیں گے۔ ان میں گیل (جی اے آئی ایل) کی جگدیش پور-ہلدیہ-بوکارو-دھامرا پائپ لائن کا بوکارو-انگول سیکشن ،برہی، ہزاری باغ میں ایچ پی سی ایل کا نیا ایل پی جی بوٹلنگ پلانٹ اور بی پی سی ایل کے بوکارو ایل پی جی بوٹلنگ پلانٹ کا افتتاح شامل ہے۔اس کے علاوہ جھریا بلاک میں  پربت پور گیس کلیکٹنگ اسٹیشن، او این جی سی کے کول بیڈ میتھین (سی بی ایم) اثاثہ کا سنگ بنیاد رکھا جائے گا۔

وزیر اعظم ریلوے کے دو منصوبوں گوڈا-ہنسڈیہا الیکٹریفائیڈ سیکشن اور گڑھوا-مہوریہ کو قوم ڈبلنگ پروجیکٹ قوم کے نام وقف کریں گے۔ یہ منصوبے صنعتوں اور بجلی گھروں کو سامان کی بغیر کسی رکاوٹ کے نقل و حرکت کو آسان بنانے میں معاون ثابت ہوں گے۔ وہ دمکا سے آسنسول تک ٹرین کی آمدورفت میں آسانی کو بھی یقینی بنائیں گے۔ وزیر اعظم ریلوے کے تین منصوبوں کا سنگ بنیاد بھی رکھیں گے۔ رانچی ریلوے اسٹیشن کی تجدید ؛ جسی ڈیہہ بائی پاس لائن اور ایل ایچ بی کوچ  منٹنینس ڈپو، گوڈا کا افتتاح بھی کریں گے۔ رانچی کے مجوزہ سٹیشن میں عالمی معیار کی مسافر سہولیات ہوں گی جن میں فوڈ کورٹ، ایگزیکٹو لاؤنج، کیفے ٹیریا، ایئر کنڈیشنڈ ویٹنگ ہال وغیرہ شامل ہیں ۔ اس سے مسافروں کی آمد و رفت میں آسانی اور آرام کو یقینی بنایا جا سکےگا۔

پٹنہ میں پی ایم

وزیر اعظم بہار قانون ساز اسمبلی کی صد سالہ تقریبات کے اختتامی پروگرام سے خطاب کریں گے۔ وزیر اعظم شتابدی اسمرتی استمبھ کا افتتاح کریں گے جو بہار ودھان سبھا کے 100 سال کی یاد میں تعمیر کیا گیا ہے۔

وزیر اعظم ودھان سبھا میوزیم کا سنگ بنیاد رکھیں گے۔اس  میوزیم میں مختلف گیلریاں بہار میں جمہوریت کی تاریخ اور موجودہ شہری ڈھانچے کے ارتقاء کا مظہرہوں گی۔ اس میں ایک کانفرنس ہال بھی ہوگا جس میں 250 سے زائد افراد کی گنجائش ہوگی۔ وزیر اعظم اس موقع پر ودھان سبھا گیسٹ ہاؤس کا سنگ بنیاد بھی رکھیں گے۔

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।