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India will prosper only when development reaches every corner of the country: PM Modi #ParivartanRally
Bihar needs 'Vikas-Raj' not 'Jungle-Raj': PM Modi #ParivartanRally
Youth of Bihar can do wonders. They are extremely talented: PM #ParivartanRally
Those who practise casteism & do vote bank politics can never think of developing Bihar: PM #ParivartanRally
I have a dream that by 2022, every Indian must have their homes, 24/7 electricity & water: PM #ParivartanRally
'Mahaswarthbandhan' has ruined Bihar. NDA is dedicated to development of Bihar: PM Modi #ParivartanRally
Bihar has no place for 'Shaitan': PM #ParivartanRally
According to police, there have been over 4000 kidnapping cases. This proves the situation of Bihar under 'Jungle-Raj': PM

भारत माता की जय, भारत माता की जय

मिथिला पावन धरती के नमन करै छी। मंच पर विराजमान केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्रीमान रविशंकर प्रसाद जी, भाजपा के लोकप्रिय सांसद श्रीमान नित्यानंद राय जी, लोजपा के नेता श्री रामचंद्र पासवान जी, भाजपा के सांसद श्रीमान कीर्ति आज़ाद जी, भाई मुकेश सहनी जी और जिनको हमने जीवन भर एक तपस्वी के रूप में काम करते देखा है, पांच-पांच पीढ़ी राजनीति में जिनसे प्रेरणा लेती रही है, वैसे कैप्टन निशाद जी आज हमें आशीर्वाद देने आये हैं, मैं उनका बहुत आभारी हूँ कल्याणपुर से लोजपा के उम्मीदवार प्रिंस राज, वारिसनगर से लोजपा के उम्मीदवार चंद्रशेखर यादव, समस्तीपुर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमती रेणु कुशवाहा जी, रालोसपा के उम्मीदवार कुमार आनंद, मोरवा से भाजपा के उम्मीदवार सुरेश राय, सरायरंजन से भाजपा के उम्मीदवार श्री रंजीत निर्गुणी जी, मोइउद्दीन नगर से भाजपा के उम्मीदवार सत्येन्द्र सिंह जी, विभूतिपुर से लोजपा के उम्मीदवार रमेश कुमार राय, रोसड़ा से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमती मंजू हजारी जी, हसनपुर से रालोसपा के उम्मीदवार श्री विनोद चौधरी जी और मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव।

चारों तरफ़ जहाँ भी मेरी नज़र पहुँचती है, मुझे लोग ही लोग नज़र आ रहे हैं। इतनी भयंकर गर्मी में आप घंटों से तपस्या कर रहे हैं। आपमें से किसी को कुछ भी नहीं चाहिए फिर भी आप लोग इतना कष्ट उठा रहे हैं। इतने भयंकर ताप में तप रहे हैं क्योंकि आप बिहार की बेहाली से परेशान हैं और बिहार को बचाना चाहते हैं। मेरे प्यारे भाईयों-बहनों, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं आपकी तपस्या कभी बेकार जाने नहीं दूंगा। बिहार के भाग्य को बदलने के लिए आपने जो यज्ञ शुरू किया है, इस यज्ञ में मेरी भी कुछ आहूति होगी।

समस्तीपुर की धरती, हम सब के प्रेरक एवं जिनका जीवन दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित लोगों के लिए प्रेरणा रहा है, ऐसे जननायक स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की इस जन्मभूमि को मैं प्रणाम करता हूँ। मैं उनसे प्रार्थना करता हूँ कि वे जहाँ हैं, वहीँ से हमें आशीर्वाद दें ताकि हम आपके सपनों को पूरा कर सकें।

आज 8 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि है। ये राजनीति का रंग देखिये, सत्ता सुख के लिए राजनीति में रंग बदलने वाले लोगों को देखिये, उनके कारनामे देखिये ये वही लोग हैं जो कर्पूरी ठाकुर का नाम लेकर गरीबों के कल्याण की बातें करते थे, कांग्रेस के खिलाफ़ जंग लड़ने की बातें करते थे; ये लोग कभी जयप्रकाश नारायण के नाम के साये में अपना राजनीतिक कार्यक्रम चलाते थे। जयप्रकाश नारायण ने कांग्रेस के कुशासन एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ़ एक जंग छेड़ा था, देश के नौजवानों को प्रेरणा दी थी। कल तक जो लोकनायक के गीत गाते थे, कर्पूरी ठाकुर की बातें सुनाते थे, आज वे कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए हैं। मैं कल्पना कर सकता हूँ कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर, राम मनोहर लोहिया जी की आत्मा जहाँ भी होगी, इन लोगों के आचरण के कारण उनकी आत्मा सबसे ज्यादा दुखी होती होगी।

कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देने का सही समय यह चुनाव है। ऐसे लोगों को उखाड़ कर फेंक देना ही कर्पूरी ठाकुर को सही श्रद्धांजलि होगी। मेरे बिहारवासी, आप बताएं कि बिहार में प्रगति, यहाँ का विकास होना चाहिए कि नहीं? नौजवानों को रोजगार मिलना चाहिए कि नहीं? कांग्रेस के नेता हों, लालू जी हों, यहाँ के मुख्यमंत्री जी हों, ये तीनों लोगों को जानना जरुरी है। कांग्रेस ने बिहार में 35 साल सरकार चलाई लेकिन क्या 35 साल राज करने के बाद भी बिहार का भला हुआ? जो 35 साल कुछ नहीं कर पाए, वे 5 साल में कुछ कर पाएंगे? लालू जी और यहाँ के मुख्यमंत्री जी, बड़ा भाई और छोटा भाई, बड़ा भाई ऐसा है जो छोटे भाई को कभी हत्यारा तो कभी तोता कहता है; इन्होंने बिहार में 25 साल राज किया लेकिन अगर 25 साल में कुछ नहीं कर पाए, वे 5 साल में कुछ कर पाएंगे क्या? इन तीनों ने मिलाकर बिहार में 60 साल राज किया है। 60 साल में कुछ भला हुआ क्या?

आप देखिये कि पहले ये तीनों एक-दूसरे के खिलाफ़ लड़ते थे, एक-दूसरे को बदनाम करते थे लेकिन आज ये तीनों सत्ता के लिए मिल गए बिहार की भलाई के लिए पहले कभी ये एक हुए क्या? ये सिर्फ़ सत्ता के लिए इकट्ठे हुए हैं। आप मुझे बताईये कि महास्वार्थबंधन के ये सारे कट्टे-बट्टे जब आपके पास वोट मांगने आएं तो इन्हें अपने काम का हिसाब देना चाहिए कि नहीं? बिहार को क्या वादे किये थे, और कौन-कौन से वादे पूरे किए, ये उन्हें बताना चाहिए कि नहीं? मुझे बताईये कि चुनाव के इतने दिन हो गए, ये अपने काम का हिसाब दे रहे हैं क्या? जो अपने 60 साल के काम का हिसाब नहीं दे रहे हैं, उन्हें फिर से 5 साल के लिए मौका देना चाहिए क्या?

आज पहली बार दिल्ली में ऐसी सरकार आई है जो बिहार के लिए समर्पित है, बिहार का भाग्य बदलने के लिए समर्पित है और ये मैं आज से नहीं कह रहा। 2013 में सितम्बर महीने में भाजपा का अधिवेशन हुआ था। उस अधिवेशन का मेरा कोई भाषण निकाल कर देख ले, उसमें मैंने कहा था कि अगर हमें हिंदुस्तान का भाग्य बदलना है तो भारत के हर कोने, हर राज्य का विकास होना जरुरी है। अगर सिर्फ भारत के पश्चिमी छोर का विकास हो और पूर्वोत्तर का न हो तो भारत कभी महान नहीं बन सकता है। केरल, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब आदि आगे बढे और अगर उड़ीसा, बिहार, बंगाल, असम, पूर्वोत्तर क्षेत्र पीछे रह जाए तो मेरा देश कभी आगे बढेगा क्या? मैं मानता हूँ कि अगर हिंदुस्तान को आगे ले जाना है तो पूर्वी हिंदुस्तान को और गति, और ताक़त देनी पड़ेगी।

बिहार के लिए घोषित 1 लाख 65 हज़ार का विकास का पैकेज सिर्फ़ बिहार का भला करेगा ऐसा नहीं है, ये पैकेज जब बिहार की धरती पर काम में आएंगे तो ये पूरे हिंदुस्तान की शक्ल-सूरत बदलने में मदद करेंगे। एक बार बिहार आगे बढ़ गया तो हिंदुस्तान कभी पीछे नहीं रह सकता। ये ताक़त है बिहार की। इसलिए मेरी पूरी कोशिश है कि बिहार के नौजवान को अवसर कैसे मिले, बिहार को ताक़त कैसे मिले। बिहार की शक्ति अभूतपूर्व है। अभी मैं अमेरिका गया था वहां मुझे बिहार के नागरिकों का एक दल मुझसे मिला। जब मेरा उनसे परिचय हुआ तो एक से बढकर एक होनहार लोग मेरे देश के नौजवान अमेरिका में इतना काम कर रहे हैं और खासकर बिहार के, इतना आनंद हुआ देखकर। जब उनसे बातें हुई तो उन्होंने यही कहा कि साहब हम आशा कर रहे हैं कि चुनाव के बाद बिहार की काया-पलट होनी शुरू हो जाएगी। मैंने अमेरिका में भी बिहार की चिंता करने वाले बिहार के लोगों को देखा। मुझे लगा कि जिस राज्य के पास ऐसे सामर्थ्यवान, शक्तिवान नौजवान हो, वो राज्य कभी पीछे नहीं रह सकता।

हम बिहार की सभी आवश्यकताओं पर बल दे रहे हैं। चुनाव और राजनीति में उन राजनेताओं को हम भली-भांति जानते हैं जिन्होंने जातिवाद और सम्प्रदायवाद का जहर घोला है। ये जातिवाद और सम्प्रदायवाद का जहर फैलाकर राजनीति करने वाले लोग कभी भी बिहार का भला नहीं कर पाएंगे। और इसलिए बिहार को जो जंगलराज झेलना पड़ा है, उसके बाद मैं यह पूछना चाहता हूँ कि क्या हमें यह जंगलराज फिर से वापस लाना है? भाईयों-बहनों, अगर बिहार को आगे ले जाना है तो बिहार को चाहिए – विकासराज। जंगलराज से पीछा छुड़ाईए और विकासराज का रास्ता पकड़िए और मैं आपके पास विकास की सौगात लेकर आया हूँ।

मैं हैरान हूँ कि पिछले दिनों से महास्वार्थबंधन के लोग ऐसे गुस्से में हैं कि उन्होंने बिहार के यदुवंश के लोगों को घोर अपमानित कर दिया और क्या खाते हैं, ऐसा बोला है कि मैं तो अपने मुख से बोल नहीं सकता। ये पाप मैं नहीं कर सकता। जब यदुवंश के लोगों और मीडिया ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने कहा कि मेरे अन्दर शैतान आ गया था, इसलिए मैंने ऐसा बोला। अब मेरे मन में सवाल है कि सारी दुनिया में अरबों-खरबों लोग हैं, हिंदुस्तान में करोड़ों लोग हैं, बिहार में करोड़ों लोग हैं लेकिन मुझे आश्चर्य हो रहा है कि शैतान को इन्हीं का ठिकाना मिला क्या, यही पता मिला क्या।

आप देखिये कि अगर आपको हार्ट अटैक आता है और आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर कहता है कि आपकी ये आदत गलत है, बुरी है इसके कारण ये हुआ है। अगर आपको डायबिटिज है और आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर कहता है कि आपकी ये आदत गलत है, खाने का ये स्वभाव ख़राब है, काम करने की यह पद्धति गलत है और इसके कारण आपको डायबिटिज हुआ है। लालू जी, बिहार जानना चाहता है कि आपमें ऐसी कौन सी बुराई है जो शैतान आपके अन्दर प्रवेश कर गया। शैतान को यही ठिकाना क्यों मिला, यह बड़ी खोज का विषय है। बिहार की जनता खोज कर निकाले कि इन्हीं के पास शैतान क्यों गया। हमें उनलोगों को चुनना है जिनके पास इंसान और इंसानियत हो। जिनके पास शैतान आकर बसते हों, ऐसे लोगों के लिए बिहार में जगह नहीं है। मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ कि आप भाजपा के नेतृत्व में एनडीए के गठबंधन, जो बिहार के विकास के लिए काम करना चाहती है, को आशीर्वाद दें।

आप मुझे बताएं कि बिहार को रास्ते, अस्पताल, शिक्षक चाहिए कि नहीं? गरीबों को स्कूल, घर, नौजवान को रोजगार चाहिए कि नहीं? हमारा एक ही एजेंडा है कि बिहार विकास करे और इतना आगे बढे कि पूरा हिंदुस्तान आगे बढ़ जाए। मैं इसी सपने के साथ आपके पास आया हूँ। बिहार के लिए घोषित पैकेज बिहार के इतिहास की सबसे बड़ी घटना है और वो इसलिए है क्योंकि मैं बिहार की ताक़त को भली-भांति जानता हूँ। मैं तो कहता हूँ कि बिहार का पानी और बिहार की जवानी, इन दोनों का अगर सही उपयोग हो तो सिर्फ़ बिहार नहीं, पूरा हिंदुस्तान बदल जाएगा। यहाँ इतना पानी है लेकिन वही पानी कभी विनाश करता है तो कभी दूसरे इलाके में सूखे के लिए मजबूर करता है क्योंकि 60 साल यहाँ जिन्होंने राज किया, उन्हें यहाँ के पानी की परवाह नहीं थी। यहाँ की जवानी हिंदुस्तान या दुनिया में जहाँ भी जाती है, हिंदुस्तान का नाम रौशन कर देती है लेकिन उस जवानी को पलायन करना पड़ता है। अगर उन्हें बिहार में अवसर मिले तो बिहार बदल जाएगा कि नहीं? इसलिए भाईयों-बहनों, बिहार का पानी भी काम आना चाहिए और बिहार की जवानी भी काम आनी चाहिए।

मैं आज आपके पास विकास का मंत्र लेकर आया हूँ। हमारा सपना गरीबों को घर देने का है, उन घरों में बिजली पहुँचाने का सपना है। गरीबों की बातें करने वाले लोगों को कभी यह विचार आया था कि हमारी गरीब माताओं को खुले में शौच जाना पड़ता है और उन्हें अपमानित महसूस करना पड़ता है। गरीबों की बातें करने वाले लोगों ने कभी यह सोचा कि उनके लिए कम-से-कम शौचालय ही बना दें। इनमें से किसी को गरीबों के बारे में बात करने का अधिकार नहीं है जो 60 साल सरकार चलाने के बाद गरीबों को शौचालय तक नहीं दे पाए, वो हमें गरीबी सिखाने आए हैं।

इंदिरा गाँधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था और कहा था कि गरीबों के लिए बैंक अकाउंट खोलने होंगे, बैंकों का पैसा गरीबों को मिलना चाहिए। आप मुझे बताईये कि गरीबों को बैंक तक जाने का मौका मिला था क्या? बैंक के दरवाजे गरीब ने कभी देखे थे क्या? 60 साल तक गरीब बैंकों से दूर रहा। हमने एक साल के भीतर देश के सभी नागरिकों का बैंकों में खाता खुलवा दिया। गरीबों के लिए काम कैसे क्या जाता है, ये इसका उदाहरण है। आने वाले दिनों में मुझे गरीबों को रहने के लिए घर देना है। 2022 में जब देश की आज़ादी के 75 वर्ष होंगे तो देश के हर परिवार के पास अपना घर हो, ये सपना पूरा करने के लिए मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए।

भाईयों-बहनों, आपके मुख्यमंत्री ने 2010 चुनाव में आपको बिजली देने का वादा किया था? बिजली मिली? उन्होंने ये कहा था कि अगर बिजली नहीं दूंगा तो 2015 में वोट मांगने नहीं आऊंगा, ये कहा था? अभी फिर से वोट मांगने आये न? बिजली आई क्या? उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ये अहंकार की भाषा देखिये, घर में बिजली नहीं पहुँचाने के बावजूद वे आज फिर से वोट मांगने आये हैं। ये झूठे और खोखले वादे करके बिहार को फिर से जंगलराज बनाने के खेल खेले जा रहे हैं।

मुझे बताईये कि जंगलराज में सबसे बड़ा उद्योग कौन सा चला – अपहरण का उद्योग, अपहरण करो और फिर फ़िरौती मांगो। क्या फिर से अपहरण का राज चलने देना है? जनवरी महीने से जुलाई तक बिहार सरकार की पुलिस के आंकड़े के अनुसार 4000 अपहरण की घटनाएँ घटी हैं। आने वाले दिनों में दुर्गापूजा का अवसर आएगा। जब जंगलराज था तो लोग शाम में रामलीला देखने नहीं जा पाते थे क्योंकि डर लगता था कि कहीं कोई आकर के तकलीफ़ न कर जाए। कोई नई गाड़ी नहीं खरीद सकता था क्योंकि डर था कि अगर किसी नेता को पता लग गया तो गाड़ी जाएगी, पैसा भी जाएगा और मांगने जाऊंगा तो पिटाई होगी वो अलग। यही कारोबार चला था न? मैं इससे मुक्ति के लिए आपके पास आया हूँ। हमें फिर से जंगलराज आने नहीं देना है।

मैं आपके पास विकास के लिए वोट मांगने आया हूँ। मुझे विश्वास है कि ये जो जन सैलाब मैं देख रहा हूँ, मैं साफ़ कहता हूँ कि बिहार की जनता ने अहंकारवादियों का जो हाल लोकसभा के चुनाव में किया, उनका उससे भी बुरा हाल होने वाला है। कांग्रेस का अहंकार सातवें आसमान पर था। एक समय था जब जनता ने इन्हें लोकसभा में 440 सदस्य दिए थे, लेकिन अहंकार इतनी सीमा पर पहुंचा कि इसी जनता-जनार्दन ने उन्हें 40 पर लाकर बिठा दिया। जो लोग अहंकार में जी रहे हैं, वे समझें कि ये जनता-जनार्दन सबकुछ जानती है। जनता गलतियों को माफ़ करती है लेकिन धोखा कभी माफ़ नहीं करती।

बिहार का भाग्य बदलने के लिए और इसे विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए पहली बार दिल्ली से सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चलने आई है। हमें आशीर्वाद दीजिए और हमारे सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाईए। सभी मेरे साथ मुट्ठी बंद करके बोलें –
भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद

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हिमाचल प्रदेशातील बिलासपूर येथे विविध विकास प्रकल्पांचा शुभारंभ करताना पंतप्रधानांनी केलेले भाषण
October 05, 2022
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PM dedicates AIIMS Bilaspur to the nation
PM inaugurates Government Hydro Engineering College at Bandla
PM lays foundation stone of Medical Device Park at Nalagarh
PM lays foundation stone of project for four laning of National Highway worth over Rs 1690 crores
“Fortunate to have been a part of Himachal Pradesh's development journey”
“Our government definitely dedicates the project for which we lay the foundation stone”
“Himachal plays a crucial role in 'Rashtra Raksha', and now with the newly inaugurated AIIMS at Bilaspur, it will also play pivotal role in 'Jeevan Raksha'”
“Ensuring dignity of life for all is our government's priority”
“Happiness, convenience, respect and safety of women are the foremost priorities of the double engine government”
“Made in India 5G services have started, and the benefits will be available in Himachal very soon”

जै माता नैणा देविया री, जै बजिए बाबे री।
बिलासपुरा आल्यो... अऊं धन्य ओइ गया, आज्ज...मिंजो.....दशैरे रे, इस पावन मौके पर, माता नैणा देविया रे, आशीर्वादा ने, तुहाँ सारयां रे दर्शना रा सौभाग्य मिल्या! तुहाँ सारयां जो, मेरी राम-राम। कने एम्स री बड़ी-बड़ी बदाई।

हिमाचलचे राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकरजी, हिमाचलचे लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी, भारतीय जनता पार्टीचे राष्ट्रीय अध्यक्ष, आपणा सर्वांचे मार्गदर्शक आणि याच भूमीचे सुपुत्र जेपी नड्डाजी, केंद्रीय मंत्रिमंडळातील माझे सहकारी आणि आपले खासदार अनुराग ठाकुरजी, हिमाचल भाजपाचे अध्यक्ष आणि संसदेतील माझे सहकारी सुरेश कश्यपजी, संसदेतील माझे सहकारी किशन कपूरजी, इंदु गोस्वामीताई, डॉ सिकंदर कुमारजी, इतर मंत्री, खासदार आणि आमदार, आणि मोठ्या संख्येने आम्हा सर्वांना आशीर्वाद देण्यासाठी आलेल्या माझ्या प्रिय बंधू आणि भगिनींनो ! तुम्हा सर्वांना, सर्व देशवासियांना विजयादशमी निमित्त अनेकानेक शुभेच्छा.

हे पवित्र पर्व, प्रत्येक वाईट गोष्टीवर मात करून, अमृत काळासाठी देशाने जो पंच प्रणचा संकल्प केला आहे, त्या मार्गावर चालण्यासाठी नवी ऊर्जा देईल. विजयादशमीच्या निमित्ताने हिमाचल प्रदेशच्या लोकांना आरोग्य, शिक्षण, रोजगार आणि पायाभूत विकासाशी संबंधित हजारो कोटी रुपये खर्चाच्या प्रकल्पांची भेट देण्याची संधी मला मिळाली आहे. हे माझे सौभाग्य आहे. आणि योगायोग बघा, विजयादशमी आहे आणि विजयाचे रणशिंग फुंकण्याची संधी मिळणे, हा भविष्यातील प्रत्येक विजयाचा शुभसंकेत आहे. बिलासपूरला तर आरोग्य आणि शिक्षणाची दुहेरी भेट मिळाली आहे. कहलूरा री... बंदले धारा ऊप्पर, हाइड्रो कालेज ... कने थल्ले एम्स... हुण एथी री पहचान हूणी !

बंधू आणि भगिनींनो,
इथे विकास योजनांचे लोकार्पण केल्यानंतर, जयरामजी म्हणाले, त्याप्रमाणे मी आणखी एका सांस्कृतिक वारशाचा साक्षीदार होणार आहे आणि खूप वर्षांनंतर मला पुन्हा एकदा कुल्लू दसरा सोहळ्याचा भाग बनण्याचे सौभाग्य लाभले आहे. शेकडो देवी-देवतांसह भगवान रघुनाथजींच्या यात्रेत सहभागी होऊन मी देशासाठी आशीर्वाद देखील मागणार आहे. आज बिलासपुरला आलो आहे तर जुन्या आठवणी ताज्या होणे अगदी स्वाभाविक आहे. एक काळ होता, इथे पायी फिरायचो. कधी मी, धूमल जी, नड्डा जी, पायी इथल्या बाजारातून जायचो. एका खूप मोठ्या रथयात्रेच्या कार्यक्रमात आम्ही बिलासपुरच्या गल्ल्यांमध्ये फिरलो आहोत. आणि तेव्हा सुवर्ण जयंती रथयात्रा इथून आणि ते देखील मुख्य बाजारपेठेतून गेली होती आणि तिथे जाहीर सभा झाली होती. आणि अनेकदा मी इथे आलो आहे, तुम्हा लोकांबरोबर राहिलो आहे.  

हिमाचलच्या या भूमीवर काम करत असताना मला नेहमीच हिमाचलच्या विकास यात्रेचा एक भाग बनण्याची संधी मिळाली आहे. आता मी ऐकत होतो, अनुरागजी अगदी मोठमोठ्याने बोलत होते, हे मोदीजींनी केले, हे मोदीजींनी केले, असे मोदीजी म्हणाले. आपले नड्डाजी देखील म्हणत होते, हे मोदीजींनी केले, हे मोदीजींनी केले आणि आपले मुख्‍यमंत्री जयरामजी देखील म्हणत होते, हे मोदीजींनी केले, मोदीजींनी केले. मी तुम्हाला सत्य सांगतो, कुणी केले, सांगू? हे जे काही होत आहे, ते तुम्ही केले आहे. तुमच्यामुळे झाले आहे. जर तुम्ही दिल्‍लीमध्ये केवळ मोदीजींना आशीर्वाद दिला असता आणि हिमाचलमध्ये मोदीजींच्या सहकाऱ्यांना आशीर्वाद दिला नसता तर या सर्व कामांमध्ये त्यांनी अडथळे निर्माण केले असते. हे जयराम जी आणि त्यांच्या टीमचे यश आहे. जे काम दिल्लीहून मी घेऊन येतो, ती कामे हे जलद गतीने पूर्ण करतात, म्हणून ती कामे होत आहेत. आणि हे एम्‍स उभे राहिले आहे, ती तुमच्या एका मताची ताकद आहे, भुयारी मार्ग बनला आहे, तो तुमच्या एका मताची ताकद आहे. जल अभियांत्रिकी महाविद्यालय उभे राहिले आहे, ती तुमच्या मताची ताकद आहे. मेडिकल डिवाइस पार्क बनत आहे, ते देखील तुमच्या एका मताची ताकद आहे. आणि म्हणूनच आज मी हिमाचलच्या अपेक्षा लक्षात घेऊन एकापाठोपाठ एक विकासकामे करतो आहे.

विकासाच्या बाबतीत आपण देशात प्रदीर्घ काळ एका विकृत विचारसरणीचा प्रभाव पाहिला आहे. काय होती ही विचारसरणी? चांगले रस्ते काही राज्ये आणि काही मोठ्या शहरांमध्येच असतील, दिल्लीच्या आसपास असतील. उत्तम शिक्षण संस्था मोठमोठ्या शहरांमध्येच असतील. चांगली रुग्णालये असतील तर ती दिल्लीतच असू शकतील, बाहेर असूच शकत नाहीत. उद्योग-धंदे उभे राहतील ते देखील मोठमोठ्या ठिकाणी उभे राहतील आणि विशेषतः देशातील डोंगराळ भागात मूलभूत सुविधा सर्वात शेवटी, अनेक वर्षांच्या प्रतीक्षेनंतर पोहचल्या. त्या जुन्या विचारांचा परिणाम असा झाला की देशात विकासाचा एक मोठा असमतोल निर्माण झाला. यामुळे देशाचा एक मोठा भाग, तिथले लोक यांच्यापर्यंत सुविधा पोहोचल्याच नाहीत.

गेल्या 8 वर्षांत देश आता ती जुनी विचारसरणी मागे सारून नव्या विचारांसह, आधुनिक विचारांसह पुढे जात आहे. आता पहा, मी जेव्हा इथे यायचो तेव्हा मी नेहमीच पहायचो, इथल्या एका विद्यापीठावरूनच जायचो. आणि उपचार असो किंवा वैद्यकीय शिक्षण, आयजीएमसी शिमला आणि टाटा वैद्यकीय महाविद्यालयावरच अवलंबून होते. गंभीर आजारांवरील उपचार असतील किंवा मग शिक्षण किंवा रोजगार, चंडीगढ़ आणि दिल्लीला जाणे हे तेव्हा हिमाचलसाठी मोजके पर्याय होते. मात्र गेल्या 8 वर्षांत दुहेरी इंजिनाच्या सरकारने हिमाचलच्या विकासगाथेला नव्या शिखरावर पोहोचवले आहे. आज हिमाचलमध्ये केंद्रीय विद्यापीठ देखील आहे, आयआयटी देखील आहे, ट्रिपल आयटी देखील आहे, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॅनेजमेंट सारख्या प्रतिष्ठित संस्था देखील आहेत. देशात वैद्यकीय शिक्षण आणि आरोग्यसंबंधी सर्वात मोठी संस्था एम्स देखील आता बिलासपुर आणि हिमाचलच्या जनतेच्या गौरवात वाढ घालते आहे.  

बिलासपुर एम्स आणखी एका बदलाचे प्रतीक आहे आणि एम्‍समध्येही ते ग्रीन एम्‍स नावाने ओळखले जाईल, पूर्णपणे पर्यावरणस्नेही एम्‍स, निसर्गस्नेही एम्स. आताच आमच्या सर्व सहकाऱ्यांनी सांगितले, याआधीची सरकारे पायाभरणीचा दगड ठेवायची आणि निवडणुका झाल्यावर विसरून जायची. आजही हिमाचलला जाल, आपल्या धूमलजींनी एकदा कार्यक्रम घेतला होता. कुठे कुठे दगड पडलेत, आणि असे दगड पडले होते, काम झाले नव्हते.  

मला आठवते आहे, मी एकदा रेल्वेच्या कामाचा आढावा घेत होतो, तुमच्या उनाजवळ रेल्वे वाहिनी टाकायची होती. हा निर्णय 35 वर्षांपूर्वी झाला होता, 35 वर्षांपूर्वी. संसदेत घोषणा झाली, पण नंतर फाइल बंद झाली. हिमाचलला कोण विचारतो? पण हा तर हिमाचलचा मुलगा आहे आणि हिमाचलला विसरू शकत नाही. आपल्या सरकारची ओळख अशी आहे की ते ज्या प्रकल्पाची मुहूर्तमेढ रोवते, त्याचे लोकार्पणही करते. अडकणे, रेंगाळणे, भरकटणे, ते युग गेले मित्रांनो!

मित्रांनो,

देशाच्या संरक्षणात हिमाचलचे नेहमीच मोठे योगदान राहिले आहे, देशाच्या संरक्षणासाठी लढणाऱ्या वीरांमुळे देशभरात ओळखले जाणारे हिमाचल आता या एम्सनंतर जीवन रक्षणातही महत्त्वाची भूमिका बजावणार आहे. 2014 सालापर्यंत हिमाचलमध्ये फक्त 3 वैद्यकीय महाविद्यालये होती, त्यापैकी 2 सरकारी होती. गेल्या 8 वर्षांत हिमाचलमध्ये 5 नवीन सरकारी वैद्यकीय महाविद्यालये बांधण्यात आली आहेत. 2014 पर्यंत केवळ 500 विद्यार्थी पदवी आणि पदव्युत्तर शिक्षण घेऊ शकत होते, आज ही संख्या 1200 पेक्षा जास्त म्हणजेच दुप्पटीपेक्षा अधिक झाली आहे. एम्समध्ये दरवर्षी अनेक नवीन डॉक्टर तयार होतील, नर्सिंगशी संबंधित तरुणांना येथे प्रशिक्षण मिळेल. मला विशेषत: जयरामजी यांच्या चमुचे, जयरामजी यांचे, आरोग्य मंत्री, केंद्र सरकार आणि आरोग्य मंत्रालयाचे अभिनंदन करायचे आहे. नड्डाजी आरोग्यमंत्री होते, त्यावेळी आम्ही निर्णय घेतला, तेव्हा नड्डाजींवर मोठी जबाबदारी आली, मी पायाभरणीही केली. या काळात कोरोनाचा भयंकर साथरोग आला आणि आपल्याला माहित आहे की हिमाचलमध्ये कोणतेही बांधकाम करायचे म्हटले तर किती कठीण असते. पर्वतावर प्रत्येक वस्तू आणणे किती अवघड असते. जे काम खाली तासाभरात होते, ते इथे डोंगरात करायला एक दिवस लागतो. असे असूनही, कोरोनाची अडचण असूनही, केंद्र सरकारच्या आरोग्य मंत्रालयाने आणि जयरामजींच्या राज्य सरकारच्या चमुने केलेले काम, आज एम्सच्या रुपाने समोर आहे, एम्सने काम सुरू केले आहे.

केवळ वैद्यकीय महाविद्यालयच नाही तर आम्ही आणखी वेगळ्या दिशेने वाटचाल केली आहे. औषधे आणि जीवनरक्षक लसींचा निर्माता म्हणूनही हिमाचलची भूमिका मोठ्या प्रमाणात विस्तारते आहे. बल्क ड्रग्ज पार्कसाठी देशातील फक्त तीन राज्यांची निवड करण्यात आली आहे. त्यापैकी एक कोणते राज्य आहे भावांनो, ते राज्य कोणते? हिमाचल आहे, तुम्हाला अभिमान वाटतो की नाही? तुमच्या मुलांच्या उज्ज्वल भविष्याचा हा पाया आहे की नाही? ही तुमच्या मुलांच्या उज्ज्वल भविष्याची हमी आहे की नाही? आम्ही मोठ्या ताकदीने काम करतो आणि आजच्या पिढीसाठी तसेच पुढच्या पिढीसाठीही करतो.

त्याचप्रमाणे मेडिकल डिव्हाईस पार्कसाठी 4 राज्यांची निवड करण्यात आली आहे. तिथे आज तंत्रज्ञानाचा मोठ्या प्रमाणावर औषधोपचारात वापर केला जात आहे. विशेष प्रकारची उपकरणे बनवण्यासाठी देशात चार राज्यांची निवड करण्यात आली आहे. एवढा मोठा भारत, एवढी मोठी लोकसंख्या, हिमाचल हे माझे छोटे राज्य आहे, पण ही वीरांची भूमी आहे आणि मी इथली भाकरी खाल्ली आहे, मला कर्जही फेडावे लागेल. आणि म्हणून चौथे मेडिकल डिव्हाईस पार्क कुठे बांधले जात आहे? हे चौथे मेडिकल डिव्हाईस पार्क कुठे बांधले जात आहे - तुमच्या हिमाचलमध्ये बांधले जाते आहे मित्रांनो. जगभरातून मोठी माणसे इथे येतील. नालागड येथील या मेडिकल डिव्हाईस पार्कची पायाभरणी हा त्याचाच एक भाग आहे. या डिव्हाईस पार्कच्या उभारणीसाठी येथे हजारो कोटी रुपयांची गुंतवणूक करण्यात येणार आहे. याच्याशी संबंधित अनेक छोटे-मोठे उद्योग जवळपास विकसित होतील. यामुळे येथील हजारो तरुणांना रोजगाराची संधी उपलब्ध होणार आहे.

मित्रांनो,

हिमाचलची आणखी एक बाजू आहे, यामध्ये विकासाच्या अनंत शक्यता दडलेल्या आहेत. ही वैद्यकीय पर्यटनाची जमेची बाजू आहे. इथले हवामान, इथले वातावरण, इथली वनौषधी उत्तम आरोग्यासाठी अतिशय उपयुक्त आहे. भारत हे आज वैद्यकीय पर्यटनाच्या दृष्टीने जगाचे मोठे आकर्षण केंद्र बनत आहे. देशातील आणि जगातील लोक वैद्यकीय उपचारांसाठी भारतात येऊ लागले की येथील नैसर्गिक सौंदर्य इतके अप्रतिम आहे की ते येथे येतील, एक प्रकारे त्यांना आरोग्याचाही फायदा होईल आणि पर्यटनालाही फायदा होईल. हिमाचलचा तर फायदाच फायदा आहे.

मित्रांनो,

गरीब आणि मध्यमवर्गीयांना कमीत कमी खर्चात उपचार मिळावेत, उपचार पद्धतीही चांगली असावी आणि त्यासाठी त्यांना फार दूर जावे लागणार नाही, असा केंद्र सरकारचा प्रयत्न आहे. म्हणून आज आम्ही एम्स वैद्यकीय महाविद्यालय, जिल्हा रुग्णालयांमध्ये अतिदक्षता सुविधा आणि गावागावात आरोग्य आणि आरोग्यसेवा केंद्रे बांधून अखंड संपर्क व्यवस्थेवर काम करत आहोत. यावर भर दिला जात आहे. आयुष्मान भारत योजनेंतर्गत हिमाचलमधील बहुतांश कुटुंबांना ५ लाख रुपयांपर्यंत मोफत उपचाराची सुविधा मिळत आहेत.

या योजनेंतर्गत देशभरात आतापर्यंत 3 कोटी 60 लाख गरीब रुग्णांवर मोफत उपचार करण्यात आले असून यापैकी दीड लाख लाभार्थी हे माझ्या हिमाचलमधील आहेत. देशातील या सर्वं नागरिकांच्या उपचारांवर सरकारने आतापर्यंत 45 हजार कोटी रूपयांपेक्षा जास्त खर्च केला आहे. जर आयुष्मान भारत योजना नसती तर त्याच्या जवळपास दुप्पट म्हणजे सुमारे 90 हजार कोटी रुपये या रुग्णांच्या कुटुंबीयांना त्यांच्या खिशातून द्यावे लागले असते. म्हणजेच गरीब आणि मध्यमवर्गीय कुटुंबाला उत्तम उपचारासह एवढ्या मोठ्या बचतीचाही लाभ झाला आहे.

मित्रांनो,

माझ्यासाठी आणखी एक समाधानाची बाब म्हणजे सरकारच्या अशा योजनांचा सर्वाधिक लाभ आपल्या माता, भगिनी, मुलींना मिळाला आहे. आणि आपल्याला माहीत आहे, आपल्या आई बहिणींचा एक स्वभाव आहे, कितीही वेदना झाल्या, कितीही शारिरीक त्रास झाला तरी त्या घरातील कोणाला सांगत नाहीत. ती सहनही करत राहते, कामसुद्धा करत राहते, पूर्ण कुटुंबाला सांभाळून घेते कारण तिच्या मनात असा विचार असतो की कुटुंबातील सदस्यांना, आपल्या मुलांना जर आपल्या आजाराची माहिती कळली तर ते कर्ज काढून माझे उपचार करतील आणि आई विचार करते की, मी थोडा काळ आजार सहन करेन पण मुलांवर कर्जाचा डोंगर होऊ देणार नाही. मी रूग्णालयात जाऊन खर्च करणार नाही. या मातांची चिंता कोण करणार? माझ्या मातांनी या यातना मुकाट्याने सहन करायच्या का? हा मुलगा मग काय कामाचा, या भावनेतूनच आयुष्मान भारत योजनेचा जन्म झाला आहे. ज्या योजनेमुळे माझ्या माता- भगिनींना आजारांच्या समस्या सहन कराव्या लागणार नाहीत. निव्वळ असहाय्यतेच्या भावनेतून त्यांना हे जीवन जगावे लागणार नाही. आयुष्मान भारत योजनेच्या अंतर्गत लाभान्वित होणाऱ्यांमध्ये माताभगिनींचे प्रमाण 50 टक्क्यांपेक्षा जास्त आहत. आमच्या माता भगिनी आणि कन्या आहेत.

मित्रांनो,

शौचालय बनवण्यासाठी सुरू केलेले स्वच्छ भारत अभियान असो, मोफत गॅस जोडणी देणारी उज्वला योजना असो, मोफत सॅनिटरी नॅपकिन देणारे अभियान असो, मातृवंदना योजनेच्या अंतर्गत प्रत्येक गर्भवतीला पोषक आहारासाठी हजारो रूपयांची मदत करण्याची योजना असो, किंवा प्रत्येक घरी पाणीपुरवठा करण्यासाठी आमचे हर घर जल अभियान असो, माझ्या माता भगिनींना सशक्त बनवण्यासाठी असलेली ही कामे आम्ही एकापाठोपाठ एक करत चाललो आहोत. माता-भगिनी-कन्यांना  सुख, सुविधा, सन्मान, सुरक्षा आणि आरोग्य पुरवण्यास दुहेरी इंजिनचे सरकारने, म्हणजे केंद्रात आणि राज्यात एकाच पक्षाच्या आमच्या सरकारने प्रथम प्राधान्य दिले आहे.

केंद्र सरकारने ज्या योजना तयार केल्या आहेत, त्या जयरामजी आणि त्यांच्या चमुतील सर्व सहकार्यांनी अतिशय वेगाने आणि कळकळीने साकारल्या आहेत आणि त्यांची व्याप्तीही वाढवली आहे. प्रत्येक घरात नळाने पाणीपुरवठा करण्याचे आमचे काम (हर घर नल से जल) येथे किती वेगाने झाले आहे, हे आमच्यासमोर आहे. गेल्या 7 दशकांमध्ये जितक्या नळ जोडण्या हिमाचल प्रदेशात दिल्या गेल्या आहेत, त्याच्या दुपटीहूनही अधिक नळ जोडण्या फक्त गेल्या तीन वर्षांत आम्ही दिल्या आहेत, लोकांना मिळाल्या आहेत. या तीन वर्षांत, 8.50 लाखांपेक्षा जास्त नवीन कुटुंबांना पाईपने पाण्याची सुविधा पुरवण्यात आली आहे.

बंधु आणि भगिनींनो,

जयरामजी आणि त्यांच्या सहकाऱ्यांचे आणखी एका बाबतीत संपूर्ण देश कौतुक करत आहे. सामाजिक सुरक्षेसाठी केंद्र सरकारचे प्रयत्न आणखी विस्तारित करण्यासाठी, हे कौतुक केले जात आहे. आज हिमाचल प्रदेशातील असे एखादेच कुटुंब असेल की ज्यात कोणत्या ना कोणत्या सदस्याला एखाद्या तरी निवृत्ती वेतनाची सुविधा मिळत नसेल. विशेषत: जे निराश्रित आहेत, एखाद्या गंभीर आजाराने ग्रासलेले आहेत, अशा कुटुंबांना निवृत्ती वेतन योजना आणि उपचारांसाठी खर्च देण्यासाठी अर्थसहाय्य करण्याचे प्रयत्न कौतुकास्पद आहेत. हिमाचल प्रदेशातील हजारो कुटुंबांना एक श्रेणी- एक निवृत्ती वेतन( वन रँक-वन पेन्शन) लागू झाल्यामुळेही मोठा लाभ झाला आहे.

मित्रांनो,

हिमाचल प्रदेश हे संधी देणारे राज्य आहे. आणि मी जयरामजींचे आणखी एका बाबीसाठी अभिनंदन करतो. लसीकरणाचे काम तर संपूर्ण देशातच सुरू आहे, परंतु लोकांच्या जीवनाच्या सुरक्षिततेसाठी हिमाचल प्रदेश असे पहिले राज्य आहे की ज्याने लसीकरणाचे काम शंभर टक्के पूर्ण केले आहे. करू, नंतर बघू वगैरे असा प्रकार नाही, एकदा निश्चय केला आहे तर काम पूर्ण करायचे आहे.

येथे वीज निर्माण होते पाण्यावर, फळे आणि भाजीपाल्यासाठी अत्यंत सुपीक जमीन आहे आणि रोजगाराच्या अगणित संधी देणारा पर्यटन व्यवसायही येथे आहे. या संधींचा लाभ घेण्यात केवळ चांगल्या संपर्काचा अभाव हाच एक सर्वात मोठा अडसर होता. पण 2014 नंतर उत्तमोत्तम पायाभूत सुविधा हिमाचल प्रदेशातील गावागावांपर्यंत पोहचवण्याचे प्रयत्न सुरू झाले आहेत. आज हिमाचल प्रदेशातील रस्ते रूंद करण्याचे कामही सर्वत्र सुरू आहे. यावेळी हिमाचल प्रदेशात रस्त्यांची संपर्क व्यवस्था तयार करण्याच्या कामांवर जवळपास 50 हजार कोटी रूपये खर्च करण्यात येत आहेत. पिंजौर ते नालागढ चारपदरी महामार्गाचे काम जेव्हा पूर्ण होईल, तेव्हा औद्योगिक क्षेत्र असलेल्या नालागढ आणि बद्दीला तर त्याचा लाभ मिळेलच, पण चंडीगढ आणि अंबालाहून विलासपूर, मंडी आणि मनालीच्या दिशेने जाणाऱ्या पर्यटकांसाठीही सुविधा वाढणार आहेत. इतकेच नव्हे तर, हिमाचल प्रदेशच्या लोकांना गोलगोल फिरणाऱ्या रस्त्यांपासून मुक्ती देण्यासाठी बोगद्यांचे जाळे पसरण्याचे काम सुरू आहे.

मित्रांनो,

डिजिटल संपर्काच्या बाबतीतही हिमाचल प्रदेशात अभूतपूर्व असे काम झाले आहे. गेल्या 8 वर्षात, मेड इन इंडिया मोबाईल फोन स्वस्त झाले आणि गावागावांत नेटवर्कही पोहचले. उत्कृष्ट 4 जी संपर्कामुळे हिमाचल प्रदेशात डिजिटल व्यवहारही अतिशय गतीने वाढत आहेत. डिजिटल इंडियाचा सर्वाधिक लाभ जर कुणाला होत असेल तर माझ्या हिमाचलच्या बंधु-भगिनींना होत आहे, माझ्या हिमाचलच्या नागरिकांना होत आहे. अन्यथा बिल भरण्यापासून ते बँकांशी संबंधित कामे असोत, प्रवेशाचे काम असो, अर्ज करायचा असो, अशा प्रत्येक लहानसहान कामांसाठी पहाड उतरून कार्यालयांमध्ये जावे लागत असे आणि त्यासाठी एक एक दिवस मोडत असे आणि कधी तर रात्रीही थांबावे लागत असे. आता तर देशात प्रथमच मेड इन इंडिया 5 जी सेवाही सुरू झाली आहे आणि तिचा लाभ हिमाचल प्रदेशला लवकरच मिळणार आहे.

भारताने ड्रोनसंबंधी जे नियम बनवले आहेत आणि त्यात बदल केला आहे. त्यानंतर ड्रोनसंबंधी धोरण बनवणारे देशातील पहिले राज्य म्हणून मी हिमाचल प्रदेशचे अभिनंदन करतो. आता मालवाहतुकीसाठी ड्रोनचा उपयोग खूप जास्त प्रमाणात वाढणार आहे. यात किन्नोरपर्यंतचे आमचे बटाटे आम्ही ड्रोनद्वारे मोठ्या बाजारात त्वरित आणू शकतो. आमची फळे खराब होत असत. आता ती ड्रोनद्वारे आम्ही उचलून आणू शकतो. अनेक प्रकारचे लाभ येत्या दिवसांत होणार आहेत. याच प्रकारचा विकास, ज्यामुळे प्रत्येक नागरिकाची सुविधा वाढेल, त्याला समृद्धीशी जोडले जाईल, यासाठी आम्ही प्रयत्न करत आहोत. हाच विकसित भारत, विकसित हिमाचल प्रदेशाचा संकल्प साकार करेल.

आज विजयादशमीच्या पवित्र पर्वानिमित्त विजय नाद करण्याचा मला संधी मिळाली याचा मला आनंद वाटतो. आपणा सर्वांच्या आशिर्वादाने हे करण्याची संधी मिळाली. मी एम्ससह सर्व विकास प्रकल्पांसाठी आपल्याला खूप खूप शुभेच्छा देतो. दोन्ही मुठी वळून माझ्याबरोबर बोला

भारत माता की जय पूर्ण ताकतीनिशी बोला

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

खूप खूप धन्यवाद.