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India will prosper only when development reaches every corner of the country: PM Modi #ParivartanRally
Bihar needs 'Vikas-Raj' not 'Jungle-Raj': PM Modi #ParivartanRally
Youth of Bihar can do wonders. They are extremely talented: PM #ParivartanRally
Those who practise casteism & do vote bank politics can never think of developing Bihar: PM #ParivartanRally
I have a dream that by 2022, every Indian must have their homes, 24/7 electricity & water: PM #ParivartanRally
'Mahaswarthbandhan' has ruined Bihar. NDA is dedicated to development of Bihar: PM Modi #ParivartanRally
Bihar has no place for 'Shaitan': PM #ParivartanRally
According to police, there have been over 4000 kidnapping cases. This proves the situation of Bihar under 'Jungle-Raj': PM

भारत माता की जय, भारत माता की जय

मिथिला पावन धरती के नमन करै छी। मंच पर विराजमान केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्रीमान रविशंकर प्रसाद जी, भाजपा के लोकप्रिय सांसद श्रीमान नित्यानंद राय जी, लोजपा के नेता श्री रामचंद्र पासवान जी, भाजपा के सांसद श्रीमान कीर्ति आज़ाद जी, भाई मुकेश सहनी जी और जिनको हमने जीवन भर एक तपस्वी के रूप में काम करते देखा है, पांच-पांच पीढ़ी राजनीति में जिनसे प्रेरणा लेती रही है, वैसे कैप्टन निशाद जी आज हमें आशीर्वाद देने आये हैं, मैं उनका बहुत आभारी हूँ कल्याणपुर से लोजपा के उम्मीदवार प्रिंस राज, वारिसनगर से लोजपा के उम्मीदवार चंद्रशेखर यादव, समस्तीपुर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमती रेणु कुशवाहा जी, रालोसपा के उम्मीदवार कुमार आनंद, मोरवा से भाजपा के उम्मीदवार सुरेश राय, सरायरंजन से भाजपा के उम्मीदवार श्री रंजीत निर्गुणी जी, मोइउद्दीन नगर से भाजपा के उम्मीदवार सत्येन्द्र सिंह जी, विभूतिपुर से लोजपा के उम्मीदवार रमेश कुमार राय, रोसड़ा से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमती मंजू हजारी जी, हसनपुर से रालोसपा के उम्मीदवार श्री विनोद चौधरी जी और मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव।

चारों तरफ़ जहाँ भी मेरी नज़र पहुँचती है, मुझे लोग ही लोग नज़र आ रहे हैं। इतनी भयंकर गर्मी में आप घंटों से तपस्या कर रहे हैं। आपमें से किसी को कुछ भी नहीं चाहिए फिर भी आप लोग इतना कष्ट उठा रहे हैं। इतने भयंकर ताप में तप रहे हैं क्योंकि आप बिहार की बेहाली से परेशान हैं और बिहार को बचाना चाहते हैं। मेरे प्यारे भाईयों-बहनों, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं आपकी तपस्या कभी बेकार जाने नहीं दूंगा। बिहार के भाग्य को बदलने के लिए आपने जो यज्ञ शुरू किया है, इस यज्ञ में मेरी भी कुछ आहूति होगी।

समस्तीपुर की धरती, हम सब के प्रेरक एवं जिनका जीवन दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित लोगों के लिए प्रेरणा रहा है, ऐसे जननायक स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की इस जन्मभूमि को मैं प्रणाम करता हूँ। मैं उनसे प्रार्थना करता हूँ कि वे जहाँ हैं, वहीँ से हमें आशीर्वाद दें ताकि हम आपके सपनों को पूरा कर सकें।

आज 8 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि है। ये राजनीति का रंग देखिये, सत्ता सुख के लिए राजनीति में रंग बदलने वाले लोगों को देखिये, उनके कारनामे देखिये ये वही लोग हैं जो कर्पूरी ठाकुर का नाम लेकर गरीबों के कल्याण की बातें करते थे, कांग्रेस के खिलाफ़ जंग लड़ने की बातें करते थे; ये लोग कभी जयप्रकाश नारायण के नाम के साये में अपना राजनीतिक कार्यक्रम चलाते थे। जयप्रकाश नारायण ने कांग्रेस के कुशासन एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ़ एक जंग छेड़ा था, देश के नौजवानों को प्रेरणा दी थी। कल तक जो लोकनायक के गीत गाते थे, कर्पूरी ठाकुर की बातें सुनाते थे, आज वे कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए हैं। मैं कल्पना कर सकता हूँ कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर, राम मनोहर लोहिया जी की आत्मा जहाँ भी होगी, इन लोगों के आचरण के कारण उनकी आत्मा सबसे ज्यादा दुखी होती होगी।

कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देने का सही समय यह चुनाव है। ऐसे लोगों को उखाड़ कर फेंक देना ही कर्पूरी ठाकुर को सही श्रद्धांजलि होगी। मेरे बिहारवासी, आप बताएं कि बिहार में प्रगति, यहाँ का विकास होना चाहिए कि नहीं? नौजवानों को रोजगार मिलना चाहिए कि नहीं? कांग्रेस के नेता हों, लालू जी हों, यहाँ के मुख्यमंत्री जी हों, ये तीनों लोगों को जानना जरुरी है। कांग्रेस ने बिहार में 35 साल सरकार चलाई लेकिन क्या 35 साल राज करने के बाद भी बिहार का भला हुआ? जो 35 साल कुछ नहीं कर पाए, वे 5 साल में कुछ कर पाएंगे? लालू जी और यहाँ के मुख्यमंत्री जी, बड़ा भाई और छोटा भाई, बड़ा भाई ऐसा है जो छोटे भाई को कभी हत्यारा तो कभी तोता कहता है; इन्होंने बिहार में 25 साल राज किया लेकिन अगर 25 साल में कुछ नहीं कर पाए, वे 5 साल में कुछ कर पाएंगे क्या? इन तीनों ने मिलाकर बिहार में 60 साल राज किया है। 60 साल में कुछ भला हुआ क्या?

आप देखिये कि पहले ये तीनों एक-दूसरे के खिलाफ़ लड़ते थे, एक-दूसरे को बदनाम करते थे लेकिन आज ये तीनों सत्ता के लिए मिल गए बिहार की भलाई के लिए पहले कभी ये एक हुए क्या? ये सिर्फ़ सत्ता के लिए इकट्ठे हुए हैं। आप मुझे बताईये कि महास्वार्थबंधन के ये सारे कट्टे-बट्टे जब आपके पास वोट मांगने आएं तो इन्हें अपने काम का हिसाब देना चाहिए कि नहीं? बिहार को क्या वादे किये थे, और कौन-कौन से वादे पूरे किए, ये उन्हें बताना चाहिए कि नहीं? मुझे बताईये कि चुनाव के इतने दिन हो गए, ये अपने काम का हिसाब दे रहे हैं क्या? जो अपने 60 साल के काम का हिसाब नहीं दे रहे हैं, उन्हें फिर से 5 साल के लिए मौका देना चाहिए क्या?

आज पहली बार दिल्ली में ऐसी सरकार आई है जो बिहार के लिए समर्पित है, बिहार का भाग्य बदलने के लिए समर्पित है और ये मैं आज से नहीं कह रहा। 2013 में सितम्बर महीने में भाजपा का अधिवेशन हुआ था। उस अधिवेशन का मेरा कोई भाषण निकाल कर देख ले, उसमें मैंने कहा था कि अगर हमें हिंदुस्तान का भाग्य बदलना है तो भारत के हर कोने, हर राज्य का विकास होना जरुरी है। अगर सिर्फ भारत के पश्चिमी छोर का विकास हो और पूर्वोत्तर का न हो तो भारत कभी महान नहीं बन सकता है। केरल, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब आदि आगे बढे और अगर उड़ीसा, बिहार, बंगाल, असम, पूर्वोत्तर क्षेत्र पीछे रह जाए तो मेरा देश कभी आगे बढेगा क्या? मैं मानता हूँ कि अगर हिंदुस्तान को आगे ले जाना है तो पूर्वी हिंदुस्तान को और गति, और ताक़त देनी पड़ेगी।

बिहार के लिए घोषित 1 लाख 65 हज़ार का विकास का पैकेज सिर्फ़ बिहार का भला करेगा ऐसा नहीं है, ये पैकेज जब बिहार की धरती पर काम में आएंगे तो ये पूरे हिंदुस्तान की शक्ल-सूरत बदलने में मदद करेंगे। एक बार बिहार आगे बढ़ गया तो हिंदुस्तान कभी पीछे नहीं रह सकता। ये ताक़त है बिहार की। इसलिए मेरी पूरी कोशिश है कि बिहार के नौजवान को अवसर कैसे मिले, बिहार को ताक़त कैसे मिले। बिहार की शक्ति अभूतपूर्व है। अभी मैं अमेरिका गया था वहां मुझे बिहार के नागरिकों का एक दल मुझसे मिला। जब मेरा उनसे परिचय हुआ तो एक से बढकर एक होनहार लोग मेरे देश के नौजवान अमेरिका में इतना काम कर रहे हैं और खासकर बिहार के, इतना आनंद हुआ देखकर। जब उनसे बातें हुई तो उन्होंने यही कहा कि साहब हम आशा कर रहे हैं कि चुनाव के बाद बिहार की काया-पलट होनी शुरू हो जाएगी। मैंने अमेरिका में भी बिहार की चिंता करने वाले बिहार के लोगों को देखा। मुझे लगा कि जिस राज्य के पास ऐसे सामर्थ्यवान, शक्तिवान नौजवान हो, वो राज्य कभी पीछे नहीं रह सकता।

हम बिहार की सभी आवश्यकताओं पर बल दे रहे हैं। चुनाव और राजनीति में उन राजनेताओं को हम भली-भांति जानते हैं जिन्होंने जातिवाद और सम्प्रदायवाद का जहर घोला है। ये जातिवाद और सम्प्रदायवाद का जहर फैलाकर राजनीति करने वाले लोग कभी भी बिहार का भला नहीं कर पाएंगे। और इसलिए बिहार को जो जंगलराज झेलना पड़ा है, उसके बाद मैं यह पूछना चाहता हूँ कि क्या हमें यह जंगलराज फिर से वापस लाना है? भाईयों-बहनों, अगर बिहार को आगे ले जाना है तो बिहार को चाहिए – विकासराज। जंगलराज से पीछा छुड़ाईए और विकासराज का रास्ता पकड़िए और मैं आपके पास विकास की सौगात लेकर आया हूँ।

मैं हैरान हूँ कि पिछले दिनों से महास्वार्थबंधन के लोग ऐसे गुस्से में हैं कि उन्होंने बिहार के यदुवंश के लोगों को घोर अपमानित कर दिया और क्या खाते हैं, ऐसा बोला है कि मैं तो अपने मुख से बोल नहीं सकता। ये पाप मैं नहीं कर सकता। जब यदुवंश के लोगों और मीडिया ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने कहा कि मेरे अन्दर शैतान आ गया था, इसलिए मैंने ऐसा बोला। अब मेरे मन में सवाल है कि सारी दुनिया में अरबों-खरबों लोग हैं, हिंदुस्तान में करोड़ों लोग हैं, बिहार में करोड़ों लोग हैं लेकिन मुझे आश्चर्य हो रहा है कि शैतान को इन्हीं का ठिकाना मिला क्या, यही पता मिला क्या।

आप देखिये कि अगर आपको हार्ट अटैक आता है और आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर कहता है कि आपकी ये आदत गलत है, बुरी है इसके कारण ये हुआ है। अगर आपको डायबिटिज है और आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर कहता है कि आपकी ये आदत गलत है, खाने का ये स्वभाव ख़राब है, काम करने की यह पद्धति गलत है और इसके कारण आपको डायबिटिज हुआ है। लालू जी, बिहार जानना चाहता है कि आपमें ऐसी कौन सी बुराई है जो शैतान आपके अन्दर प्रवेश कर गया। शैतान को यही ठिकाना क्यों मिला, यह बड़ी खोज का विषय है। बिहार की जनता खोज कर निकाले कि इन्हीं के पास शैतान क्यों गया। हमें उनलोगों को चुनना है जिनके पास इंसान और इंसानियत हो। जिनके पास शैतान आकर बसते हों, ऐसे लोगों के लिए बिहार में जगह नहीं है। मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ कि आप भाजपा के नेतृत्व में एनडीए के गठबंधन, जो बिहार के विकास के लिए काम करना चाहती है, को आशीर्वाद दें।

आप मुझे बताएं कि बिहार को रास्ते, अस्पताल, शिक्षक चाहिए कि नहीं? गरीबों को स्कूल, घर, नौजवान को रोजगार चाहिए कि नहीं? हमारा एक ही एजेंडा है कि बिहार विकास करे और इतना आगे बढे कि पूरा हिंदुस्तान आगे बढ़ जाए। मैं इसी सपने के साथ आपके पास आया हूँ। बिहार के लिए घोषित पैकेज बिहार के इतिहास की सबसे बड़ी घटना है और वो इसलिए है क्योंकि मैं बिहार की ताक़त को भली-भांति जानता हूँ। मैं तो कहता हूँ कि बिहार का पानी और बिहार की जवानी, इन दोनों का अगर सही उपयोग हो तो सिर्फ़ बिहार नहीं, पूरा हिंदुस्तान बदल जाएगा। यहाँ इतना पानी है लेकिन वही पानी कभी विनाश करता है तो कभी दूसरे इलाके में सूखे के लिए मजबूर करता है क्योंकि 60 साल यहाँ जिन्होंने राज किया, उन्हें यहाँ के पानी की परवाह नहीं थी। यहाँ की जवानी हिंदुस्तान या दुनिया में जहाँ भी जाती है, हिंदुस्तान का नाम रौशन कर देती है लेकिन उस जवानी को पलायन करना पड़ता है। अगर उन्हें बिहार में अवसर मिले तो बिहार बदल जाएगा कि नहीं? इसलिए भाईयों-बहनों, बिहार का पानी भी काम आना चाहिए और बिहार की जवानी भी काम आनी चाहिए।

मैं आज आपके पास विकास का मंत्र लेकर आया हूँ। हमारा सपना गरीबों को घर देने का है, उन घरों में बिजली पहुँचाने का सपना है। गरीबों की बातें करने वाले लोगों को कभी यह विचार आया था कि हमारी गरीब माताओं को खुले में शौच जाना पड़ता है और उन्हें अपमानित महसूस करना पड़ता है। गरीबों की बातें करने वाले लोगों ने कभी यह सोचा कि उनके लिए कम-से-कम शौचालय ही बना दें। इनमें से किसी को गरीबों के बारे में बात करने का अधिकार नहीं है जो 60 साल सरकार चलाने के बाद गरीबों को शौचालय तक नहीं दे पाए, वो हमें गरीबी सिखाने आए हैं।

इंदिरा गाँधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था और कहा था कि गरीबों के लिए बैंक अकाउंट खोलने होंगे, बैंकों का पैसा गरीबों को मिलना चाहिए। आप मुझे बताईये कि गरीबों को बैंक तक जाने का मौका मिला था क्या? बैंक के दरवाजे गरीब ने कभी देखे थे क्या? 60 साल तक गरीब बैंकों से दूर रहा। हमने एक साल के भीतर देश के सभी नागरिकों का बैंकों में खाता खुलवा दिया। गरीबों के लिए काम कैसे क्या जाता है, ये इसका उदाहरण है। आने वाले दिनों में मुझे गरीबों को रहने के लिए घर देना है। 2022 में जब देश की आज़ादी के 75 वर्ष होंगे तो देश के हर परिवार के पास अपना घर हो, ये सपना पूरा करने के लिए मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए।

भाईयों-बहनों, आपके मुख्यमंत्री ने 2010 चुनाव में आपको बिजली देने का वादा किया था? बिजली मिली? उन्होंने ये कहा था कि अगर बिजली नहीं दूंगा तो 2015 में वोट मांगने नहीं आऊंगा, ये कहा था? अभी फिर से वोट मांगने आये न? बिजली आई क्या? उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ये अहंकार की भाषा देखिये, घर में बिजली नहीं पहुँचाने के बावजूद वे आज फिर से वोट मांगने आये हैं। ये झूठे और खोखले वादे करके बिहार को फिर से जंगलराज बनाने के खेल खेले जा रहे हैं।

मुझे बताईये कि जंगलराज में सबसे बड़ा उद्योग कौन सा चला – अपहरण का उद्योग, अपहरण करो और फिर फ़िरौती मांगो। क्या फिर से अपहरण का राज चलने देना है? जनवरी महीने से जुलाई तक बिहार सरकार की पुलिस के आंकड़े के अनुसार 4000 अपहरण की घटनाएँ घटी हैं। आने वाले दिनों में दुर्गापूजा का अवसर आएगा। जब जंगलराज था तो लोग शाम में रामलीला देखने नहीं जा पाते थे क्योंकि डर लगता था कि कहीं कोई आकर के तकलीफ़ न कर जाए। कोई नई गाड़ी नहीं खरीद सकता था क्योंकि डर था कि अगर किसी नेता को पता लग गया तो गाड़ी जाएगी, पैसा भी जाएगा और मांगने जाऊंगा तो पिटाई होगी वो अलग। यही कारोबार चला था न? मैं इससे मुक्ति के लिए आपके पास आया हूँ। हमें फिर से जंगलराज आने नहीं देना है।

मैं आपके पास विकास के लिए वोट मांगने आया हूँ। मुझे विश्वास है कि ये जो जन सैलाब मैं देख रहा हूँ, मैं साफ़ कहता हूँ कि बिहार की जनता ने अहंकारवादियों का जो हाल लोकसभा के चुनाव में किया, उनका उससे भी बुरा हाल होने वाला है। कांग्रेस का अहंकार सातवें आसमान पर था। एक समय था जब जनता ने इन्हें लोकसभा में 440 सदस्य दिए थे, लेकिन अहंकार इतनी सीमा पर पहुंचा कि इसी जनता-जनार्दन ने उन्हें 40 पर लाकर बिठा दिया। जो लोग अहंकार में जी रहे हैं, वे समझें कि ये जनता-जनार्दन सबकुछ जानती है। जनता गलतियों को माफ़ करती है लेकिन धोखा कभी माफ़ नहीं करती।

बिहार का भाग्य बदलने के लिए और इसे विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए पहली बार दिल्ली से सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चलने आई है। हमें आशीर्वाद दीजिए और हमारे सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाईए। सभी मेरे साथ मुट्ठी बंद करके बोलें –
भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद

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Our Tricolour is a symbol of India's unity, India's integrity and India's diversity: PM
August 10, 2022
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“Our Tricolour is a reflection of the pride of our past, the commitment of our present, and also the dreams of the future”
“Our national flag itself has been a symbol of the country's textile industry, the country's khadi and our self-reliance.”
“Our Tricolor is a symbol of India's unity, India's integrity and India's diversity”
“These campaigns of public participation will strengthen the foundation of New India”

आप सभी को आज़ादी के अमृत महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।

अब से कुछ ही दिन बाद देश अपनी आज़ादी के 75 वर्ष पूरे कर रहा है, और हम सब इस ऐतिहासिक स्वतन्त्रता दिवस की पुरजोर तैयारी भी कर रहे हैं। हिंदुस्तान के हर कोने में तिरंगा ही तिरंगा छाया हुआ है। गुजरात का भी कोई कोना ऐसा नहीं है, जो उमंग से भरा हुआ ना हो। और सूरत ने तो इसमें चार चांद लगा दिए हैं। आज पूरे देश का ध्यान सूरत पर है। सूरत की तिरंगा यात्रा से एक तरह से लघु भारत के दर्शन हो रहे हैं या शायद ही हिन्‍दुस्‍तान का कोई कोना ऐसा नहीं होगा, जिसके लोग सूरत में न बसते हों और आज एक प्रकार से पूरा हिन्‍दुस्‍तान सूरत की धरती पर तिरंगा यात्रा के अंदर शामिल हुआ है। और ये भी खुशी की बात है समाज का हर वर्ग शामिल है। तिरंगे में जोड़ने की कितनी ताकत है, ये आज सूरत में हम देख रहे हैं। सूरत ने अपने व्यापार-कारोबार, अपने उद्योगों के कारण दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आज सूरत में हो रही तिरंगा यात्रा, दुनिया भर में भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।

साथियों,

आपने तिरंगा यात्रा में भारत माता की झांकी के साथ-साथ देश की संस्कृति और पहचान से जुड़ी झांकियों को भी शामिल किया है। विशेष रूप से, बेटियों द्वारा शौर्य प्रदर्शन और युवाओं की जो भागीदारी है, वो वाकई-वाकई अद्भुत है। सूरत के लोगों ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम की भावना को तिरंगा यात्रा में जीवंत कर दिया है। कोई वस्त्र विक्रेता है, दुकानदार है, कोई लूम्स का कारीगर है, कोई सिलाई या एम्ब्रायडरी का कारीगर है, कोई ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ा है, कोई हीरे-जवाहरात से जुड़ा हुआ है। सूरत की पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्री, सूरत के लोगों ने इस आयोजन को बहुत भव्य बना दिया है। हर घर तिरंगा अभियान की इस जनभागीदारी के लिए, और इस विशेष तिरंगा यात्रा के लिए मैं आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। मैं विशेष रूप से, सांवर प्रसाद बुधिया जी, और 'साकेत- सेवा ही लक्ष्य' ग्रुप से जुड़े सभी वॉलंटियर्स की सराहना करता हूँ, जिन्होंने ये पहल शुरू की। संसद में मेरे साथी सी आर पाटिल जी का सहयोग, इस पहल को और सशक्त बना रहा है।

साथियों,

हमारा राष्ट्रीय ध्वज अपने आपमें देश के वस्त्र उद्योग, देश की खादी और हमारी आत्मनिर्भरता का एक प्रतीक रहा है। इस क्षेत्र में सूरत ने हमेशा से आत्मनिर्भर भारत के लिए आधार तैयार किया है। सूरत के वस्त्र उद्योग ने भारत की उद्योग भावना का, भारत के स्किल और भारत की समृद्धि का प्रतिनिधित्व किया है। इसलिए, ये तिरंगा यात्रा अपने आप में उस गौरव और प्रेरणा को भी समेटे हुए है।

साथियों,

भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में गुजरात ने गौरवशाली योगदान का अपना एक अलग ही स्वर्णिम अध्याय लिखा है। गुजरात ने बापू के रूप में आज़ादी की लड़ाई को नेतृत्व दिया। गुजरात ने लौह पुरुष सरदार पटेल जी जैसे नायक दिये, जिन्होंने आज़ादी के बाद एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बुनियाद रची। बारडोली आंदोलन और दांडी यात्रा से निकले संदेश ने, पूरे देश को एकजुट कर दिया था। गुजरात के इसी गौरवशाली अतीत का एक अभिन्न हिस्सा हमारा सूरत है और इसकी विरासत है।

साथियों,

भारत का तिरंगा केवल तीन रंगों को ही स्वयं में नहीं समेटे है। हमारा तिरंगा, हमारे अतीत के गौरव को, हमारे वर्तमान की कर्तव्यनिष्ठा को, और भविष्य के सपनों का भी एक प्रतिबिंब है। हमारा तिरंगा भारत की एकता का, भारत की अखंडता का और भारत की विविधता का भी एक प्रतीक है। हमारे सेनानियों ने तिरंगे में देश के भविष्य को देखा, देश के सपनों को देखा, और इसे कभी झुकने नहीं दिया। आज आजादी के 75 वर्ष बाद जब हम नए भारत की यात्रा शुरू कर रहे हैं, तो तिरंगा एक बार फिर भारत की एकता और चेतना का प्रतिनिधित्व कर रहा है। मुझे खुशी है कि, देश भर में हो रही तिरंगा यात्राओं में, हर घर तिरंगा अभियान में देश की वो शक्ति और भक्ति एक साथ झलक रही है। 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच भारत के हर घर में होगा तिरंगा, भारत के हर घर में फहराएगा तिरंगा। समाज के हर वर्ग, हर जाति-मत-पंथ के लोग स्वतः स्फूर्त एक ऐसे भाव के साथ एकता की पहचान के साथ, नए सपने और संकल्‍पों के साथ पूरा देश जुड़ रहा है। ये पहचान है- भारत के कर्तव्यनिष्ठ नागरिक की। ये पहचान है- माँ भारती की संतान की। महिला-पुरुष, नौजवान, बुजुर्ग, जो जिस भूमिका में है, इस अभियान में अपना सहयोग दे रहा है, अपना कर्तव्य निभा रहा है। मुझे संतोष है कि हर घर तिरंगा अभियान की वजह से कितने ही गरीबों की, बुनकरों की, हैंडलूम में काम करने वालों की अतिरिक्त आय भी हो रही है। आजादी के अमृत महोत्सव में इस तरह के आयोजन हमारे संकल्पों को एक नई ऊर्जा देंगे। जनभागीदारी के ये अभियान नए भारत की बुनियाद को मजबूत करेंगे। इसी विश्वास के साथ, आप सभी को, गुजरात को, पूरे देश को और खास करके मेरे सूरत के लोगों को खूब-खूब शुभकामनाएँ, और सूरत एक बार जो ठान लेता है तो कभी पीछे नहीं हटता। यह सूरत की विशेषता है, सूरत जिस तरह आगे बढ़ रहा है, सूरत जिस तरह प्रगति की नई-नई उंचाई पार कर रहा है, उसके मूल में यह मेरे सूरत के लोग हैं, यह मेरे सूरत के भाई-बहन हैं, आज यह तिरंगा यात्रा का अद्भूत दृश्य देश के लिए भी प्रेरक बनेगा।

मेरी आप सभी को खूब-खूब शुभकामनाएँ।

धन्यवाद!