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India will prosper only when development reaches every corner of the country: PM Modi #ParivartanRally
Bihar needs 'Vikas-Raj' not 'Jungle-Raj': PM Modi #ParivartanRally
Youth of Bihar can do wonders. They are extremely talented: PM #ParivartanRally
Those who practise casteism & do vote bank politics can never think of developing Bihar: PM #ParivartanRally
I have a dream that by 2022, every Indian must have their homes, 24/7 electricity & water: PM #ParivartanRally
'Mahaswarthbandhan' has ruined Bihar. NDA is dedicated to development of Bihar: PM Modi #ParivartanRally
Bihar has no place for 'Shaitan': PM #ParivartanRally
According to police, there have been over 4000 kidnapping cases. This proves the situation of Bihar under 'Jungle-Raj': PM

भारत माता की जय, भारत माता की जय

मिथिला पावन धरती के नमन करै छी। मंच पर विराजमान केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्रीमान रविशंकर प्रसाद जी, भाजपा के लोकप्रिय सांसद श्रीमान नित्यानंद राय जी, लोजपा के नेता श्री रामचंद्र पासवान जी, भाजपा के सांसद श्रीमान कीर्ति आज़ाद जी, भाई मुकेश सहनी जी और जिनको हमने जीवन भर एक तपस्वी के रूप में काम करते देखा है, पांच-पांच पीढ़ी राजनीति में जिनसे प्रेरणा लेती रही है, वैसे कैप्टन निशाद जी आज हमें आशीर्वाद देने आये हैं, मैं उनका बहुत आभारी हूँ कल्याणपुर से लोजपा के उम्मीदवार प्रिंस राज, वारिसनगर से लोजपा के उम्मीदवार चंद्रशेखर यादव, समस्तीपुर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमती रेणु कुशवाहा जी, रालोसपा के उम्मीदवार कुमार आनंद, मोरवा से भाजपा के उम्मीदवार सुरेश राय, सरायरंजन से भाजपा के उम्मीदवार श्री रंजीत निर्गुणी जी, मोइउद्दीन नगर से भाजपा के उम्मीदवार सत्येन्द्र सिंह जी, विभूतिपुर से लोजपा के उम्मीदवार रमेश कुमार राय, रोसड़ा से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमती मंजू हजारी जी, हसनपुर से रालोसपा के उम्मीदवार श्री विनोद चौधरी जी और मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव।

चारों तरफ़ जहाँ भी मेरी नज़र पहुँचती है, मुझे लोग ही लोग नज़र आ रहे हैं। इतनी भयंकर गर्मी में आप घंटों से तपस्या कर रहे हैं। आपमें से किसी को कुछ भी नहीं चाहिए फिर भी आप लोग इतना कष्ट उठा रहे हैं। इतने भयंकर ताप में तप रहे हैं क्योंकि आप बिहार की बेहाली से परेशान हैं और बिहार को बचाना चाहते हैं। मेरे प्यारे भाईयों-बहनों, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं आपकी तपस्या कभी बेकार जाने नहीं दूंगा। बिहार के भाग्य को बदलने के लिए आपने जो यज्ञ शुरू किया है, इस यज्ञ में मेरी भी कुछ आहूति होगी।

समस्तीपुर की धरती, हम सब के प्रेरक एवं जिनका जीवन दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित लोगों के लिए प्रेरणा रहा है, ऐसे जननायक स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की इस जन्मभूमि को मैं प्रणाम करता हूँ। मैं उनसे प्रार्थना करता हूँ कि वे जहाँ हैं, वहीँ से हमें आशीर्वाद दें ताकि हम आपके सपनों को पूरा कर सकें।

आज 8 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि है। ये राजनीति का रंग देखिये, सत्ता सुख के लिए राजनीति में रंग बदलने वाले लोगों को देखिये, उनके कारनामे देखिये ये वही लोग हैं जो कर्पूरी ठाकुर का नाम लेकर गरीबों के कल्याण की बातें करते थे, कांग्रेस के खिलाफ़ जंग लड़ने की बातें करते थे; ये लोग कभी जयप्रकाश नारायण के नाम के साये में अपना राजनीतिक कार्यक्रम चलाते थे। जयप्रकाश नारायण ने कांग्रेस के कुशासन एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ़ एक जंग छेड़ा था, देश के नौजवानों को प्रेरणा दी थी। कल तक जो लोकनायक के गीत गाते थे, कर्पूरी ठाकुर की बातें सुनाते थे, आज वे कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए हैं। मैं कल्पना कर सकता हूँ कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर, राम मनोहर लोहिया जी की आत्मा जहाँ भी होगी, इन लोगों के आचरण के कारण उनकी आत्मा सबसे ज्यादा दुखी होती होगी।

कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देने का सही समय यह चुनाव है। ऐसे लोगों को उखाड़ कर फेंक देना ही कर्पूरी ठाकुर को सही श्रद्धांजलि होगी। मेरे बिहारवासी, आप बताएं कि बिहार में प्रगति, यहाँ का विकास होना चाहिए कि नहीं? नौजवानों को रोजगार मिलना चाहिए कि नहीं? कांग्रेस के नेता हों, लालू जी हों, यहाँ के मुख्यमंत्री जी हों, ये तीनों लोगों को जानना जरुरी है। कांग्रेस ने बिहार में 35 साल सरकार चलाई लेकिन क्या 35 साल राज करने के बाद भी बिहार का भला हुआ? जो 35 साल कुछ नहीं कर पाए, वे 5 साल में कुछ कर पाएंगे? लालू जी और यहाँ के मुख्यमंत्री जी, बड़ा भाई और छोटा भाई, बड़ा भाई ऐसा है जो छोटे भाई को कभी हत्यारा तो कभी तोता कहता है; इन्होंने बिहार में 25 साल राज किया लेकिन अगर 25 साल में कुछ नहीं कर पाए, वे 5 साल में कुछ कर पाएंगे क्या? इन तीनों ने मिलाकर बिहार में 60 साल राज किया है। 60 साल में कुछ भला हुआ क्या?

आप देखिये कि पहले ये तीनों एक-दूसरे के खिलाफ़ लड़ते थे, एक-दूसरे को बदनाम करते थे लेकिन आज ये तीनों सत्ता के लिए मिल गए बिहार की भलाई के लिए पहले कभी ये एक हुए क्या? ये सिर्फ़ सत्ता के लिए इकट्ठे हुए हैं। आप मुझे बताईये कि महास्वार्थबंधन के ये सारे कट्टे-बट्टे जब आपके पास वोट मांगने आएं तो इन्हें अपने काम का हिसाब देना चाहिए कि नहीं? बिहार को क्या वादे किये थे, और कौन-कौन से वादे पूरे किए, ये उन्हें बताना चाहिए कि नहीं? मुझे बताईये कि चुनाव के इतने दिन हो गए, ये अपने काम का हिसाब दे रहे हैं क्या? जो अपने 60 साल के काम का हिसाब नहीं दे रहे हैं, उन्हें फिर से 5 साल के लिए मौका देना चाहिए क्या?

आज पहली बार दिल्ली में ऐसी सरकार आई है जो बिहार के लिए समर्पित है, बिहार का भाग्य बदलने के लिए समर्पित है और ये मैं आज से नहीं कह रहा। 2013 में सितम्बर महीने में भाजपा का अधिवेशन हुआ था। उस अधिवेशन का मेरा कोई भाषण निकाल कर देख ले, उसमें मैंने कहा था कि अगर हमें हिंदुस्तान का भाग्य बदलना है तो भारत के हर कोने, हर राज्य का विकास होना जरुरी है। अगर सिर्फ भारत के पश्चिमी छोर का विकास हो और पूर्वोत्तर का न हो तो भारत कभी महान नहीं बन सकता है। केरल, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब आदि आगे बढे और अगर उड़ीसा, बिहार, बंगाल, असम, पूर्वोत्तर क्षेत्र पीछे रह जाए तो मेरा देश कभी आगे बढेगा क्या? मैं मानता हूँ कि अगर हिंदुस्तान को आगे ले जाना है तो पूर्वी हिंदुस्तान को और गति, और ताक़त देनी पड़ेगी।

बिहार के लिए घोषित 1 लाख 65 हज़ार का विकास का पैकेज सिर्फ़ बिहार का भला करेगा ऐसा नहीं है, ये पैकेज जब बिहार की धरती पर काम में आएंगे तो ये पूरे हिंदुस्तान की शक्ल-सूरत बदलने में मदद करेंगे। एक बार बिहार आगे बढ़ गया तो हिंदुस्तान कभी पीछे नहीं रह सकता। ये ताक़त है बिहार की। इसलिए मेरी पूरी कोशिश है कि बिहार के नौजवान को अवसर कैसे मिले, बिहार को ताक़त कैसे मिले। बिहार की शक्ति अभूतपूर्व है। अभी मैं अमेरिका गया था वहां मुझे बिहार के नागरिकों का एक दल मुझसे मिला। जब मेरा उनसे परिचय हुआ तो एक से बढकर एक होनहार लोग मेरे देश के नौजवान अमेरिका में इतना काम कर रहे हैं और खासकर बिहार के, इतना आनंद हुआ देखकर। जब उनसे बातें हुई तो उन्होंने यही कहा कि साहब हम आशा कर रहे हैं कि चुनाव के बाद बिहार की काया-पलट होनी शुरू हो जाएगी। मैंने अमेरिका में भी बिहार की चिंता करने वाले बिहार के लोगों को देखा। मुझे लगा कि जिस राज्य के पास ऐसे सामर्थ्यवान, शक्तिवान नौजवान हो, वो राज्य कभी पीछे नहीं रह सकता।

हम बिहार की सभी आवश्यकताओं पर बल दे रहे हैं। चुनाव और राजनीति में उन राजनेताओं को हम भली-भांति जानते हैं जिन्होंने जातिवाद और सम्प्रदायवाद का जहर घोला है। ये जातिवाद और सम्प्रदायवाद का जहर फैलाकर राजनीति करने वाले लोग कभी भी बिहार का भला नहीं कर पाएंगे। और इसलिए बिहार को जो जंगलराज झेलना पड़ा है, उसके बाद मैं यह पूछना चाहता हूँ कि क्या हमें यह जंगलराज फिर से वापस लाना है? भाईयों-बहनों, अगर बिहार को आगे ले जाना है तो बिहार को चाहिए – विकासराज। जंगलराज से पीछा छुड़ाईए और विकासराज का रास्ता पकड़िए और मैं आपके पास विकास की सौगात लेकर आया हूँ।

मैं हैरान हूँ कि पिछले दिनों से महास्वार्थबंधन के लोग ऐसे गुस्से में हैं कि उन्होंने बिहार के यदुवंश के लोगों को घोर अपमानित कर दिया और क्या खाते हैं, ऐसा बोला है कि मैं तो अपने मुख से बोल नहीं सकता। ये पाप मैं नहीं कर सकता। जब यदुवंश के लोगों और मीडिया ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने कहा कि मेरे अन्दर शैतान आ गया था, इसलिए मैंने ऐसा बोला। अब मेरे मन में सवाल है कि सारी दुनिया में अरबों-खरबों लोग हैं, हिंदुस्तान में करोड़ों लोग हैं, बिहार में करोड़ों लोग हैं लेकिन मुझे आश्चर्य हो रहा है कि शैतान को इन्हीं का ठिकाना मिला क्या, यही पता मिला क्या।

आप देखिये कि अगर आपको हार्ट अटैक आता है और आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर कहता है कि आपकी ये आदत गलत है, बुरी है इसके कारण ये हुआ है। अगर आपको डायबिटिज है और आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर कहता है कि आपकी ये आदत गलत है, खाने का ये स्वभाव ख़राब है, काम करने की यह पद्धति गलत है और इसके कारण आपको डायबिटिज हुआ है। लालू जी, बिहार जानना चाहता है कि आपमें ऐसी कौन सी बुराई है जो शैतान आपके अन्दर प्रवेश कर गया। शैतान को यही ठिकाना क्यों मिला, यह बड़ी खोज का विषय है। बिहार की जनता खोज कर निकाले कि इन्हीं के पास शैतान क्यों गया। हमें उनलोगों को चुनना है जिनके पास इंसान और इंसानियत हो। जिनके पास शैतान आकर बसते हों, ऐसे लोगों के लिए बिहार में जगह नहीं है। मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ कि आप भाजपा के नेतृत्व में एनडीए के गठबंधन, जो बिहार के विकास के लिए काम करना चाहती है, को आशीर्वाद दें।

आप मुझे बताएं कि बिहार को रास्ते, अस्पताल, शिक्षक चाहिए कि नहीं? गरीबों को स्कूल, घर, नौजवान को रोजगार चाहिए कि नहीं? हमारा एक ही एजेंडा है कि बिहार विकास करे और इतना आगे बढे कि पूरा हिंदुस्तान आगे बढ़ जाए। मैं इसी सपने के साथ आपके पास आया हूँ। बिहार के लिए घोषित पैकेज बिहार के इतिहास की सबसे बड़ी घटना है और वो इसलिए है क्योंकि मैं बिहार की ताक़त को भली-भांति जानता हूँ। मैं तो कहता हूँ कि बिहार का पानी और बिहार की जवानी, इन दोनों का अगर सही उपयोग हो तो सिर्फ़ बिहार नहीं, पूरा हिंदुस्तान बदल जाएगा। यहाँ इतना पानी है लेकिन वही पानी कभी विनाश करता है तो कभी दूसरे इलाके में सूखे के लिए मजबूर करता है क्योंकि 60 साल यहाँ जिन्होंने राज किया, उन्हें यहाँ के पानी की परवाह नहीं थी। यहाँ की जवानी हिंदुस्तान या दुनिया में जहाँ भी जाती है, हिंदुस्तान का नाम रौशन कर देती है लेकिन उस जवानी को पलायन करना पड़ता है। अगर उन्हें बिहार में अवसर मिले तो बिहार बदल जाएगा कि नहीं? इसलिए भाईयों-बहनों, बिहार का पानी भी काम आना चाहिए और बिहार की जवानी भी काम आनी चाहिए।

मैं आज आपके पास विकास का मंत्र लेकर आया हूँ। हमारा सपना गरीबों को घर देने का है, उन घरों में बिजली पहुँचाने का सपना है। गरीबों की बातें करने वाले लोगों को कभी यह विचार आया था कि हमारी गरीब माताओं को खुले में शौच जाना पड़ता है और उन्हें अपमानित महसूस करना पड़ता है। गरीबों की बातें करने वाले लोगों ने कभी यह सोचा कि उनके लिए कम-से-कम शौचालय ही बना दें। इनमें से किसी को गरीबों के बारे में बात करने का अधिकार नहीं है जो 60 साल सरकार चलाने के बाद गरीबों को शौचालय तक नहीं दे पाए, वो हमें गरीबी सिखाने आए हैं।

इंदिरा गाँधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था और कहा था कि गरीबों के लिए बैंक अकाउंट खोलने होंगे, बैंकों का पैसा गरीबों को मिलना चाहिए। आप मुझे बताईये कि गरीबों को बैंक तक जाने का मौका मिला था क्या? बैंक के दरवाजे गरीब ने कभी देखे थे क्या? 60 साल तक गरीब बैंकों से दूर रहा। हमने एक साल के भीतर देश के सभी नागरिकों का बैंकों में खाता खुलवा दिया। गरीबों के लिए काम कैसे क्या जाता है, ये इसका उदाहरण है। आने वाले दिनों में मुझे गरीबों को रहने के लिए घर देना है। 2022 में जब देश की आज़ादी के 75 वर्ष होंगे तो देश के हर परिवार के पास अपना घर हो, ये सपना पूरा करने के लिए मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए।

भाईयों-बहनों, आपके मुख्यमंत्री ने 2010 चुनाव में आपको बिजली देने का वादा किया था? बिजली मिली? उन्होंने ये कहा था कि अगर बिजली नहीं दूंगा तो 2015 में वोट मांगने नहीं आऊंगा, ये कहा था? अभी फिर से वोट मांगने आये न? बिजली आई क्या? उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ये अहंकार की भाषा देखिये, घर में बिजली नहीं पहुँचाने के बावजूद वे आज फिर से वोट मांगने आये हैं। ये झूठे और खोखले वादे करके बिहार को फिर से जंगलराज बनाने के खेल खेले जा रहे हैं।

मुझे बताईये कि जंगलराज में सबसे बड़ा उद्योग कौन सा चला – अपहरण का उद्योग, अपहरण करो और फिर फ़िरौती मांगो। क्या फिर से अपहरण का राज चलने देना है? जनवरी महीने से जुलाई तक बिहार सरकार की पुलिस के आंकड़े के अनुसार 4000 अपहरण की घटनाएँ घटी हैं। आने वाले दिनों में दुर्गापूजा का अवसर आएगा। जब जंगलराज था तो लोग शाम में रामलीला देखने नहीं जा पाते थे क्योंकि डर लगता था कि कहीं कोई आकर के तकलीफ़ न कर जाए। कोई नई गाड़ी नहीं खरीद सकता था क्योंकि डर था कि अगर किसी नेता को पता लग गया तो गाड़ी जाएगी, पैसा भी जाएगा और मांगने जाऊंगा तो पिटाई होगी वो अलग। यही कारोबार चला था न? मैं इससे मुक्ति के लिए आपके पास आया हूँ। हमें फिर से जंगलराज आने नहीं देना है।

मैं आपके पास विकास के लिए वोट मांगने आया हूँ। मुझे विश्वास है कि ये जो जन सैलाब मैं देख रहा हूँ, मैं साफ़ कहता हूँ कि बिहार की जनता ने अहंकारवादियों का जो हाल लोकसभा के चुनाव में किया, उनका उससे भी बुरा हाल होने वाला है। कांग्रेस का अहंकार सातवें आसमान पर था। एक समय था जब जनता ने इन्हें लोकसभा में 440 सदस्य दिए थे, लेकिन अहंकार इतनी सीमा पर पहुंचा कि इसी जनता-जनार्दन ने उन्हें 40 पर लाकर बिठा दिया। जो लोग अहंकार में जी रहे हैं, वे समझें कि ये जनता-जनार्दन सबकुछ जानती है। जनता गलतियों को माफ़ करती है लेकिन धोखा कभी माफ़ नहीं करती।

बिहार का भाग्य बदलने के लिए और इसे विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए पहली बार दिल्ली से सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चलने आई है। हमें आशीर्वाद दीजिए और हमारे सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाईए। सभी मेरे साथ मुट्ठी बंद करके बोलें –
भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद

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October 05, 2022
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PM dedicates AIIMS Bilaspur to the nation
PM inaugurates Government Hydro Engineering College at Bandla
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PM lays foundation stone of project for four laning of National Highway worth over Rs 1690 crores
“Fortunate to have been a part of Himachal Pradesh's development journey”
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“Made in India 5G services have started, and the benefits will be available in Himachal very soon”

জয় মাতা নয়না দেবী, জয় বজিয়ে বাবা। 

বিলাসপুরে এসেছি, আমার জীবন ধন্য হয়ে গেছে। আজ শুভ দশহরা, এই পবিত্র উৎসব উপলক্ষে মা নয়না দেবীর আশীর্বাদ পাওয়া আর আপনাদের মতো ভক্তদের সঙ্গে সাক্ষাতের সৌভাগ্য আমার হয়েছে। আপনাদের সকলকে আমার ‘রাম রাম’। কনে এইমস্‌ – এর জন্য আপনাদের সকলকে অনেক অনেক শুভেচ্ছা। 

হিমাচল প্রদেশের রাজ্যপাল মাননীয় শ্রী আরলেকরজী, হিমাচল প্রদেশের জনপ্রিয় মুখ্যমন্ত্রী শ্রী জয়রাম ঠাকুরজী, ভারতীয় জনতা পার্টির জাতীয় সভাপতি, আমাদের সকলের পথপ্রদর্শক এবং এই ভূমির সন্তান শ্রী জে পি নাড্ডাজী আমার কেন্দ্রীয় মন্ত্রিসভার সহযোগী ও সাংসদ শ্রী অনুরাগ সিং ঠাকুরজী, হিমাচল প্রদেশ ভারতীয় জনতা পার্টির অধ্যক্ষ ও সংসদে আমার সঙ্গী শ্রী সুরেশ কশ্যপজী, সাংসদ কিষাণ কাপুরজী, ভগিনী ইন্দু গোস্বামীজী, ডঃ সিকান্দর কুমারজী, অন্য মন্ত্রী, সাংসদ ও বিধায়কগণ আর এখানে আমাদের সবাইকে আশীর্বাদ দেওয়ার জন্য বিপুল সংখ্যায় সমাগত আমার প্রিয় হিমাচল প্রদেশের ভাই ও বোনেরা! আপনাদের সকলকে দেশবাসীকে বিজয়া দশমী উপলক্ষে অনেক অনেক শুভেচ্ছা। 

এই পবিত্র উৎসব সমস্ত অশুভ শক্তির বিরুদ্ধে জয়, অমৃতকালের জন্য আমরা যে ৫টি সংকল্প দেশের জন্য নিয়েছি, সেই সংকল্পগুলি বাস্তবায়নের লক্ষ্যে নতুন প্রাণশক্তি সঞ্চার করবে। আমার সৌভাগ্য যে আজ এই বিজয়া দশমীর দিনে হিমাচল প্রদেশের জনগণের উদ্দেশে স্বাস্থ্য, শিক্ষা, কর্মসংস্থান ও পরিকাঠামো খাতে কয়েক হাজার কোটি টাকার প্রকল্পগুলি উপহার দেওয়ার সু্যোগ পেয়েছি। আর সুযোগ পেয়েছি, এই বিজয়া দশমীর দিনেই বিজয়ার রণসিঙ্গাতে ফু দেওয়া, যা ভবিষ্যতে সমস্ত বিজয়ের সম্ভাবনাকে সূচিত করছে। বিলাসপুর তো শিক্ষা ও স্বাস্থ্য পরিষেবার ‘ডবল গিফ্‌ট’ পেয়েছে। কহলু’তে বন্দলে ধারার উপরে হাইড্রো কলেজ আর নীচে কনে’তে এইমস্‌ হাসপাতাল - এই দুটি এখন থেকে এই এলাকার পরিচয় হয়ে উঠবে। 

ভাই ও বোনেরা, 

এখানে এই উন্নয়নমূলক প্রকল্পগুলি আপনাদের উদ্দেশে সমর্পণের পর, যেমন জয়রামজী একটু আগেই বললেন, আমরা আরেকটি সাংস্কৃতিক ঐতিহ্যের সাক্ষী হয়ে উঠতে চলেছি। এছাড়া, অনেক বছর পর আমার আরেকবার কুল্লুর বিখ্যাত দশহরা উৎসবে অংশগ্রহণের সৌভাগ্য হবে। কয়েকশো দেবদেবীর সঙ্গে ভগবান রঘুনাথজীর যাত্রা সমারোহে সামিল হয়ে আমি দেশের জন্যও আশীর্বাদ প্রার্থনা করবো। আর আজ যখন বিলাসপুরে এসেছি, তখন অনেক পুরনো স্মৃতি জেগে ওঠা অত্যন্ত স্বাভাবিক। একটা সময় ছিল, যখন আমি এখানে ধুমলজী ও নাড্ডাজীর সঙ্গে পায়ে হেঁটে বাজার করতাম, ঘুরে বেড়াতাম। আমরা এখানে একটি বড় রথযাত্রা কর্মসূচিতে বিলাসপুরের অলিগলিতে শোভাযাত্রা করেছি। আর স্বর্ণ জয়ন্তী রথযাত্রা হ’ল, সেটিও এখানকার মেইন মার্কেট হয়ে এগিয়েছে এবং সেখানে একটি জনসভাও হয়েছিল। এছাড়াও, অনেকবার আমি এখানে এসেছি, আপনাদের সঙ্গে থেকেছি। 

হিমাচলের এই ভূমিতে কাজ করার সময় ক্রমাগত হিমাচল প্রদেশে উন্নয়ন যাত্রার সহযোগী হওয়ার সৌভাগ্য হয়েছে। একটু আগেই অনুরাগজী, আমাদের নাড্ডাজী এবং আমাদের মুখ্যমন্ত্রী জয়রামজী তাঁদের ভাষণে আমার প্রশংসায় পঞ্চমুখ হয়ে বলছিলেন যে, মোদীজী এটা করেছিলেন – ওটা করেছিলেন – এটা বলেছিলেন – ওটা বলেছিলেন। কিন্তু আমি সত্যি কথা বলছি, এখানে যা কিছু হচ্ছে, তা আমি নই, আপনারাই করেছেন, আপনাদের জন্যই হয়েছে। যদি আপনারা আমাকে আশীর্বাদ দিয়ে দিল্লিতে না পাঠাতেন, তা হলে এসব সম্ভব হ’ত না, আর হিমাচল প্রদেশে আমার সঙ্গী-সাথীদের যদি আশীর্বাদ না দিতেন, তা হলে অন্যরা এত দ্রুত এসব কাজ হতে দিত না। এসব তো জয়রামজী ও তাঁর টিম তৎপরতা দেখিয়ে দিল্লি থেকে আদায় করে ছেড়েছেন। এই এইমস্‌ হাসপাতাল, এখানকার সুড়ঙ্গ আপনাদের ভোটের শক্তিতেই হয়েছে। এই হাইড্রো ইঞ্জিনিয়ারিং কলেজ আর এই মেডিকেল ডিভাইস পার্কও আপনাদের ভোটের শক্তিতেই হয়েছে। সেজন্য আজ হিমাচল প্রদেশের প্রত্যাশাগুলির দিকে লক্ষ্য রেখে আমরা একের পর এক উন্নয়ন কর্মসূচি এগিয়ে নিয়ে যেতে পারছি। 

উন্নয়ন নিয়ে আমাদের দেশে দীর্ঘ সময় ধরে একটি বিকৃত ভাবনা প্রকট হয়ে উঠছিল। ভালো সড়ক, ভালো শিক্ষা প্রতিষ্ঠান, ভালো হাসপাতাল শুধু কিছু কিছু রাজ্যের রাজধানী আর দিল্লির আশেপাশে নির্মিত হ’ত। এর বাইরে হ’তই না। ব্যবসা-বাণিজ্য শিল্প প্রতিষ্ঠানও শুধু কিছু কিছু রাজ্যের রাজধানী আর দিল্লির আশেপাশে গড়ে উঠত। বিশেষ করে, দেশের পাহাড়ি রাজ্য ও প্রত্যন্ত এলাকাগুলিতে মৌলিক সুযোগ-সুবিধা দীর্ঘকাল অপেক্ষার পর পৌঁছতো। সেই পুরনো ভাবনার ফলেই দেশের উন্নয়নের ক্ষেত্রে একটি ভারসাম্যহীনতা সৃষ্টি হয়েছিল। এর ফলে, দেশের একটা বড় অংশ ও সেখানকার জনগণ অনেক সমস্যার সম্মুখীন হয়েছেন, অভাবের শিকার হয়েছেন। 

বিগত ৮ বছরে দেশ এখন সেই পুরনো ভাবনাকে পেছনে ফেলে নতুন ও আধুনিক ভাবনা নিয়ে এগিয়ে চলেছে। এখন দেখুন, দীর্ঘ সময় ধরে আমরা দেখেছি যে, এখানকার জনগণকে একটি বিশ্ববিদ্যালয়ের উপরই নির্ভরশীল থাকতে হ’ত। আর চিকিৎসা থেকে শুরু করে চিকিৎসা শাস্ত্র নিয়ে পড়াশুনা করতে হলে আইজিএমসি সিমলা এবং টাটা মেডিকেল কলেজের উপর নির্ভর করতে হ’ত। কোনও কঠিন রোগের চিকিৎসা আর শিক্ষা ও কর্মসংস্থানের জন্য হিমাচল প্রদেশের জনগণকে চন্ডীগড় কিংবা দিল্লি যেতে হ’ত। কিন্তু বিগত ৮ বছরে আমাদের ডবল ইঞ্জিন সরকার হিমাচলের উন্নয়ন গাথাকে নতুন মাত্রায় পৌঁছে দিয়েছে। আজ হিমাচলে কেন্দ্রীয় বিশ্ববিদ্যালয়, আইআইটি, আইআইআইটি এবং আইআইএম – এর মতো প্রতিষ্ঠানগুলিও গড়ে উঠেছে। দেশে চিকিৎসা শিক্ষা ও স্বাস্থ্যের সর্ববৃহৎ প্রতিষ্ঠান এইমস্‌-ও এখন বিলাসপুর তথা হিমাচল প্রদেশের জনগণের গর্বের বিষয় হয়ে উঠেছে। 

বিলাসপুর এইমস্‌ আরেকটি পরিবর্তনেরও প্রতীক। সেটি হ’ল – পরিবেশ-বান্ধব এইমস্‌। সমস্ত এইমস্‌ – এর মধ্যে সবচেয়ে সবুজ - প্রকৃতিপ্রেমী এইমস্‌। আমরা সকলে জানি, আগের সরকারগুলি ভোটের আগে শিলান্যাসের পাথর বসিতে যেত, আর ভোটের পর ভুলে যেত। আজও হিমাচল প্রদেশের অনেক জায়গায় এরকম পাথর খুঁজে বের করছেন আমাদের ধুমলজী। কোথায় কোথায় এরকম পাথর রয়েছে, কিন্তু কাজ হয়নি, সেগুলি খুঁজে সেই অসম্পূর্ণ উন্নয়নমূলক কাজগুলি সম্পূর্ণ করার লক্ষ্যে ধুমলজী কাজ করছেন। 

আমার মনে আছে, একবার রেলপথের সমীক্ষা করতে গিয়ে দেখি যে, আমাদের ঊনার কাছে একটি রেললাইন পাতার সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছিল ৩৫ বছর আগে। সংসদে ঘোষণা হয়েছিল, তারপর সব ফাইল বন্ধ। হিমাচলের কথা কে মনে রাখবেন ভাই! কিন্তু, এই হিমাচলের সন্তান এই হিমাচলকে কখনই ভুলতে পারবেন না। আমাদের সরকারের পরিচয় হ’ল যে, আমরা যে প্রকল্পের শিলান্যাস করি, তার উদ্বোধনও করি। আটকে দেওয়া, ঝুলিয়ে রাখা, বিভ্রান্ত করার যুগ আমরা পেরিয়ে এসেছি বন্ধুগণ! 

বন্ধুগণ,

দেশ রক্ষার ক্ষেত্রে সর্বদাই হিমাচলের অনেক বড় অবদান ছিল। যে হিমাচল প্রদেশের সৈনিকরা গোটা দেশের সুরক্ষার জন্য জীবন উৎসর্গ করে, এখন থেকে সেই সৈনিকদের পরিবার ও আত্মীয় স্বজনদের চিকিৎসার জন্য এইমস্‌ - এর মতো বড় হাসপাতাল গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা পালন করবে। ২০১৪ সাল পর্যন্ত হিমাচল প্রদেশে মাত্র ৩টি মেডিকেল কলেজ ছিল। এর মধ্যে ২টি ছিল সরকারের। আর বিগত ৮ বছরে হিমাচলে আরও ৫টি নতুন সরকারি মেডিকেল কলেজ গড়ে উঠেছে। ২০১৪ সাল পর্যন্ত এই রাজ্যে পোস্ট গ্র্যাজুয়েট সহ ৫০০ জন পড়ুয়ার আসন ছিল। আজ সেই সংখ্যা বেড়ে দ্বিগুণেরও বেশি, ১ হাজার ২০০-রও বেশি হয়েছে। এবার এই এইমস্‌ থেকেও প্রতি বছর অনেক নতুন চিকিৎসক, নার্স ও অন্যান্য চিকিৎসা কর্মী পাশ প্রশিক্ষণ নেবেন। সেজন্য আমি জয়রামজী ও তাঁর টিমকে ভারত সরকার আরোগ্য মন্ত্রী ও আরোগ্য মন্ত্রককে বিশেষভাবে শুভেচ্ছা জানাচ্ছি। আমাদের নাড্ডাজী যখন স্বাস্থ্য মন্ত্রী ছিলনে, তখনই তিনি এই সিদ্ধান্ত নিয়েছিলেন, আমি শিলান্যাস করেছিলাম। এরপর তো নাড্ডাজী আরও বড় দায়িত্ব নিলেন। তারপর, এল ভয়ঙ্কর বিশ্বব্যাপী করোনা মহামারী। তখনও হিমাচলের পাহাড়ে এই উন্নয়নমূলক কাজগুলি থেমে থাকেনি। আপনারা সকলে জানেন, তখন এই কাজ করে যাওয়া কতটা কঠিন ছিল। একেকটি জিনিসকে পাহাড়ে তুলে আনতে কত না সমস্যার সম্মুখীন হতে হ’ত। যে কাজ সমতল এলাকায় ১ ঘন্টায় হয়ে যায়, সেই কাজ এই পাহাড়ে সম্পন্ন করতে এক দিন লেগে যায়। তা সত্ত্বেও কেন্দ্রীয় সরকারের আরোগ্য মন্ত্রক ও জয়রামজীর নেতৃত্বে রাজ্য সরকারের টিম এই কাজ করে দেখিয়েছে। আজ এইমস্‌ – এর শুভ উদ্বোধন হ’ল। কিছুদিন ধরেই এখানে বিশ্বমানের চিকিৎসা পরিষেবা প্রদান শুরু হয়ে গেছে। 

শুধু মেডিকেল কলেজ নয়, জীবনদায়ী ওষুধ প্রস্তুত এবং রোগ-প্রতিরোধক টিকা উৎপাদনের ক্ষেত্রেও হিমাচল প্রদেশের ভূমিকাকে অনেক গুণ বিস্তারিত করা হচ্ছে। বাল্ক ড্রাগস্‌ পার্ক গড়ে তোলার জন্য দেশের মাত্র ৩টি রাজ্যকে বেছে নেওয়া হয়েছে। এর মধ্যে হিমাচল অন্যতম। তাই, এটি এই রাজ্যের শিশুদের উজ্জ্বল ভবিষ্যৎ সুনিশ্চিত করারও শিলান্যাস। এভাবে আমরা বর্তমান প্রজন্মের পাশাপাশি, ভবিষ্যৎ প্রজন্মের কথা মাথায় রেখে কাজ করে চলেছি। 

আজ চিকিৎসায় আধুনিক প্রযুক্তির ব্যবহার বেড়েছে। আধুনিক প্রযুক্তির নানা সরঞ্জাম উৎপাদনের জন্য একই রকমভাবে মেডিকেল ডিভাইস পার্কের জন্য যে ৪টি রাজ্যকে বেছে নেওয়া হয়েছে, তার মধ্যেও হিমাচল প্রদেশ অন্যতম। এত বড় দেশ, এত জনসংখ্যা, আমার হিমাচল প্রদেশ তো অনেক ছোট রাজ্য। কিন্তু, এটি বীরদের ভূমি। আর আমি এই রাজ্যের রুটি খেয়েছি। এই ঋণ আমাকে শোধ করতেই হ’ত। এর ফলে, বিশ্বের অনেক বড় বড় মানুষ এখানে আসবেন। নালাগড়ে কয়েক হাজার কোটি টাকা বিনিয়োগে নির্মীয়মান এই মেডিকেল ডিভাইস পার্কের শিলান্যাসের মাধ্যমে একটি নতুন অধ্যায়ের সূচনা হ’ল। এর পাশাপাশি, অনেক আনুষঙ্গিক সরঞ্জাম উৎপাদনের জন্য অতিক্ষুদ্র, ক্ষুদ্র ও মাঝারি শিল্পোদ্যোগও এই এলাকায় গড়ে উঠবে। ফলে, এই এলাকায় হাজার হাজার নবীন প্রজন্মের মানুষের কর্মসংস্থান হবে। 

বন্ধুগণ, 

হিমাচল প্রদেশের আরেকটি দিক রয়েছে, যাতে উন্নয়নের অনন্ত সম্ভাবনা সুপ্ত রয়েছে। সেটি হ’ল – স্বাস্থ্য ও পর্যটন। এখানকার আবহাওয়া, প্রকৃতি, পরিবেশ, ভেষজ বৃক্ষ ও লতাগুল্ম – এই সব কিছু সুস্বাস্থ্যের অনুকুল। আজ ভারত স্বাস্থ্য ও পর্যটনের ক্ষেত্রে বিশ্বের একটি বড় আকর্ষণের কেন্দ্র হয়ে উঠছে। যখন দেশের নানা প্রান্ত এবং বিশ্বের বিভিন্ন দেশ থেকে মানুষ চিকিৎসার জন্য আসতে চাইবেন, তখন এখানকার প্রাকৃতিক সৌন্দর্য ও উন্নত চিকিৎসা পরিষেবার কথা জেনে তাঁরা আরোগ্য লাভের পাশাপাশি, পর্যটনের কথা মাথায় রেখেও এখানে আসতে চাইবেন। এভাবে হিমাচল দু’ভাবেই উপকৃত হবে। 

বন্ধুগণ, 

কেন্দ্রীয় সরকার চাইছে যে, গরীব ও মধ্যবিত্তদের সুলভে উন্নত চিকিৎসা হোক। আর সেই চিকিৎসার জন্য যেন তাঁদের দূরে না যেতে হয়। সেজন্য আজ এইমস্‌ মেদিকেল কলেজ ছাড়াও, প্রতিটি জেলা হাসপাতালে ‘ক্রিটিকাল কেয়ার’ পরিষেবা এবং গ্রামে গ্রামে ক্রমাগত হেলথ অ্যান্ড ওয়েলনেস সেন্টার গড়ে তোলার কাজে জোর দিয়েছে। আয়ুষ্মান ভারত যোজনার মাধ্যমে হিমাচল প্রদেশের অধিকাংশ পরিবার ৫ লক্ষ টাকা পর্যন্ত বিনামূল্যে চিকিৎসার সুবিধা পাচ্ছেন। 

ইতিমধ্যেই এই প্রকল্পের মাধ্যমে সারা দেশে ৩ কোটি ৬০ লক্ষেরও বেশি দরিদ্র রোগীরা বিনামূল্যে চিকিৎসা পেয়েছেন। এদের মধ্যে দেড় লক্ষেরও বেশি সুফলভোগী আমার হিমাচল প্রদেশে আত্মীয়-পরিজন। দেশের মধ্যে এই দরিদ্র ও মধ্যবিত্তদের চিকিৎসা খাতে সরকার ইতিমধ্যে ৪৫ হাজার কোটি টাকারও বেশি খরচ করেছে। এখন আয়ুষ্মান ভারত যোজনা না থাকলে আমার এই গরীব ও মধ্যবিত্ত পরিবারের মানুষকে এই চিকিৎসার জন্য নিজেদের পকেট থেকে প্রায় ৯০ হাজার কোটি টাকা খরচ করতে হ’ত। আমাদের এই উদ্যোগে দরিদ্র ও মধ্যবিত্ত পরিবারের সদস্যদের উন্নত চিকিৎসার পাশাপাশি, বিপুল পরিমাণ অর্থ সাশ্রয়ও হয়েছে। 

বন্ধুগণ, 

আমার জন্য আরেকটি খুশির বিষয় হ’ল – সরকারের এ ধরনের প্রকল্পগুলির মাধ্যমে সবচেয়ে বেশি উপকৃত হয়েছেন আমাদের মা-বোন-কন্যারা। আমরা সকলে জানি, শরীরে যত কষ্টই থাকুক না কেন, আমাদের মা-বোনেরা স্বভাবগত কারণে কাউকে সেটা বলেন না, সহ্য করে যান। নিরলস কাজ করে যান, গোটা পরিবারকে সামলান। তাঁরা ভাবেন যে, ঋণ করে আমার চিকিৎসা করলে ছেলেমেয়েদের ভরণ-পোষণের জন্য টাকা কোথায় পাব। সেজন্য তাঁরা নীরবে কষ্ট সহ্য করে যেতেন। কিন্তু, তাঁদের এই সন্তান দেশের প্রধানমন্ত্রী হয়ে তাঁদের এই কষ্ট মেনে নিতে পারেনি। সেই ভাবনা থেকেই আয়ুষ্মান ভারত যোজনার জন্ম। আমাদের মা ও বোনেদের জীবনে এত কষ্ট না সহ্য করতে হয়। আমরা দেখেছি, এই আয়ুষ্মান ভারত যোজনা চালু হওয়ার ফলে ৫০ শতাংশেরও বেশি সুফলভোগী হয়েছেন আমাদের মা-বোন-কন্যারা। 

বন্ধুগণ, 

শৌচালয় নির্মাণ থেকে শুরু করে স্বচ্ছ ভারত অভিযান, বিনামূল্যে রান্নার গ্যাস সিলিন্ডার সরবরাহের জন্য উজ্জ্বলা যোজনা, বিনামূল্যে স্যানিটারি ন্যাপকিন সরবরাহ অভিযান, মাতৃ বন্দনা যোজনার মাধ্যমে প্রত্যেক গর্ভবতী মহিলার পুষ্টি সুনিশ্চিত করতে হাজার হাজার টাকা সাহায্য এবং প্রত্যেক বাড়িতে নলবাহিত জল পৌঁছে দেওয়ার অভিযান – এইসব কিছু আমাদের মা-বোনদের কষ্ট দূর করার কথা ভেবে চালু করা হয়েছে। আমাদের ডবল ইঞ্জিন সরকারের অনেক বড় অগ্রাধিকার হ’ল – মা, বোন ও কন্যাদের সুখ, সুবিধা, সম্মান, সুরক্ষা এবং সুস্বাস্থ্য সুনিশ্চিত করা। 

কেন্দ্রীয় সরকারের যত প্রকল্প রয়েছে, সেগুলিকে জয়রামজী এবং তাঁর গোটা টিম দ্রুতগতিতে হিমাচল প্রদেশে বাস্তবায়িত করে চলেছে। প্রত্যেক বাড়িতে নলবাহিত জল পৌঁছে দেওয়ার কাজ কত দ্রুত সম্পন্ন হয়েছে, তা আপনারা সকলেই দেখেছেন। বিগত সাত দশকে হিমাচল প্রদেশে যত বাড়িতে নলের মাধ্যমে জল পৌঁছেছে, তার দ্বিগুণেরও বেশি বাড়িতে মাত্র গত তিন বছরে পৌঁছে দেওয়া হয়েছে। এই তিন বছরে হিমাচল প্রদেশে ৮ লক্ষেরও বেশি নতুন পরিবারকে নল বাহিত জল পৌঁছে দেওয়া হয়েছে। 

ভাই ও বোনেরা, 

এই সাফল্যের জন্য সারা দেশে জয়রামজী ও তাঁর টিম অত্যন্ত প্রশংসিত। এই প্রশংসা বিবিধ সামাজিক সুরক্ষার প্রকল্প বাস্তবায়ন থেকে শুরু করে কেন্দ্রীয় সরকারের বিভিন্ন প্রকল্পের বিস্তারকে সুসম্পন্ন করার জন্যও। আজ হিমাচল প্রদেশে সম্ভবত এমন কোনও পরিবার নেই, যার কোনও না কোনও সদস্য পেনশন পান না। বিশেষ করে, অসহায়, জটিল কোনও রোগে আক্রান্ত সদস্য যে পরিবারগুলিতে রয়েছেন, তাঁদের জন্য পেনশন সুনিশ্চিত করা এবং চিকিৎসার খরচ বহন করা – অত্যন্ত প্রশংসনীয়। হিমাচল প্রদেশের হাজার হাজার পরিবারের সদস্যরা ‘এক পদ, এক পেনশন’ বাস্তবায়নের সুফলও পাচ্ছেন। 

বন্ধুগণ, 

হিমাচল প্রদেশ আজ অনেক সুযোগ-সুবিধা ও সম্ভাবনার প্রদেশ। আরেকটি কারণে আমি জয়রামজীকে শুভেচ্ছা জানাতে চাই। তা হ’ল – টিকাকরণের সাফল্য। হিমাচল প্রদেশ দেশের প্রথম রাজ্য, যেখানে ১০০ শতাংশ করোনা টিকাকরণ সম্পন্ন হয়েছে। ‘চলছে, চলবে’ – এই মনোভাব নিয়ে কাজ করার মানসিকতার ঊর্ধ্বে উঠে আপনারা দৃঢ় সংকল্প হয়ে যা ভাবেন – সেটাই করেন। 

এই রাজ্যে এখন হাইড্রো ইলেক্ট্রিক প্রকল্পের মাধ্যমে যথেষ্ট বিদ্যুৎ উৎপাদন হয়। উর্বর মাটি থেকে পর্যাপ্ত পরিমাণ ফল ও সব্জি উৎপাদিত হয়। আর এই রাজ্যে পর্যটন শিল্পে রয়েছে পরিসীম কর্মসংস্থানের সম্ভাবনা। এই সম্ভাবনাগুলি উন্নত যোগাযোগ ব্যবস্থার অভাবে বাস্তবায়িত করা যাচ্ছিল না। ২০১৪ সালের পর থেকে হিমাচল প্রদেশের গ্রামে গ্রামে যোগাযোগ ব্যবস্থার উন্নত পরিকাঠামো গড়ে তোলার কাজ চলছে। হিমাচল প্রদেশের সর্বত্র সড়ক প্রশস্তিকরণের কাজও চলছে। এই যোগাযোগ ব্যবস্থা উন্নয়ন খাতে ৫০ হাজার কোটি টাকারও বেশি খরচ করা হচ্ছে। পিঞ্জর থেকে নালাগড় মহাসড়ককে চারলেনে পরিণত করার কাজ যেদিন সম্পন্ন হবে, সেদিন নালাগড় ও বদ্দির শিল্পাঞ্চলগুলি যেমন লাভবান হবে, তেমনই চন্ডীগড় ও আম্বালা থেকে বিলাসপুর মান্ডি এবং মানালির দিকে যাঁরা সফর করবেন, তাঁরাও উন্নত পরিষেবা পাবেন। শুধু তাই নয়, আঁকা-বাঁকা পথ ধরে দীর্ঘ পথ সফরের সময় ও অর্থ সাশ্রয়ের জন্য গোটা হিমাচল প্রদেশে অনেক সুড়ঙ্গ পথ তৈরি করা হচ্ছে। 

বন্ধুগণ, 

ডিজিটাল যোগাযোগ ব্যবস্থা বিস্তারের ক্ষেত্রেও হিমাচল প্রদেশে বিগত ৮ বছরে অভূতপূর্ব কাজ হয়েছে। ভারতে তৈরি মোবাইল ফোন সুলভে পাওয়া যাচ্ছে। আর গ্রামে গ্রামে মোবাইল নেটওয়ার্ক পৌঁছেছে। উন্নত ফোর-জী যোগাযোগ ব্যবস্থার কারণে হিমাচল প্রদেশ ডিজিটাল লেনদেনের ক্ষেত্রেও দ্রুতগতিতে এগিয়ে চলেছে। ডিজিটাল ইন্ডিয়া প্রকল্পে দেশে সর্বাধিক উপকৃত রাজ্যগুলির মধ্যে আমার হিমাচল প্রদেশ অন্যতম। তা না হলে, নানা ধরণের বিল মেটানো থেকে শুরু করে, ব্যাঙ্কের কাজ, নানা ভর্তির ফর্ম, নানা প্রকার দরখাস্ত ভরা এরকম ছোট ছোট কাজের জন্য পাহাড় থেকে সমতলে আসতে হ’ত, বিভিন্ন অফিস ঘুরে ঘুরে জুতোর শুকতলা খসাতে হ’ত। একদিনে কাজ না হলে রাতে থেকে যেতে হ’ত। এখন দেশে প্রথমবার ভারতে তৈরি ফাইভ-জি মোবাইল পরিষেবাও শুরু হয়ে গেছে। অতিসত্ত্বর এর মাধ্যমে হিমাচল প্রদেশের মানুষ অনেক উপকৃত হবেন। 

ভারতে আগে ড্রোন নিয়ে যেত বাধা-নিষেধ ছিল, সেই নিয়ম পরিবর্তন করার পর, যে রাজ্যগুলি অনেক উপকৃত হয়েছে, হিমাচল তার অন্যতম। দেশে হিমাচল প্রদেশই প্রথম রাজ্য, যেখানে রাজ্যের জন্য ড্রোন নীতি রচনা করা হয়েছে। এখন ড্রোনের মাধ্যমে পণ্য পরিবহণ ক্রমে বাড়ছে। এর ফলে, যেমন কিন্নৌর থেকে আলু ড্রোনের মাধ্যমে তুলে এনে দ্রুত বড় বাজারে পৌঁছে দেওয়া যাচ্ছে, তেমনই রাজ্যের বিভিন্ন প্রান্ত থেকে ড্রোনের মাধ্যমে দ্রুত পচনশীল ফল তাজা অবস্থাতেই বাজারে পৌঁছে দেওয়া যাচ্ছে। ক্রেতা ও বিক্রেতা উভয়ই লাভবান হচ্ছেন। এ ধরনের উন্নয়নে প্রত্যেক নাগরিকের সুবিধা হচ্ছে। প্রত্যেকেই যাতে সমৃদ্ধ হন, সেই চিন্তা মাথায় রেখে আমাদের ডবল ইঞ্জিন সরকার কাজ করে চলেছে। এভাবেই আমরা উন্নত ভারত, উন্নত হিমাচল প্রদেশের সংকল্পকে বাস্তবায়িত করব। 

আমি অত্যন্ত আনন্দিত যে, বিজয়া দশমীর এই পবিত্র উৎসবে বিজয়নাদ ও রণসিঙ্গাতে ফু দিয়ে বিজয়ের সম্ভাবনা সুদৃঢ় করার সৌভাগ্যও আমার হয়েছে। আর এই সবকিছু আপনাদের সকলের এত ভালোবাসা ও আশীর্বাদের ফলেই সম্ভব হয়েছে। আমি আরেকবার এইমস্‌ সহ সমস্ত উন্নয়ন প্রকল্পের জন্য আপনাদের সকলকে অনেক অনেক শুভেচ্ছা জানাই। আপনারা সবাই আমার সঙ্গে দু’হাত তুলে উচ্চস্বরে বলুন – ভারতমাতা কি জয়, আরে উচ্চস্বরে বলুন – 

ভারতমাতা কি জয়,

ভারতমাতা কি জয়, 

ভারতমাতা কি জয়।

অনেক অনেক ধন্যবাদ