Text of PM’s address at the Civic Reception in Mauritius

Published By : Admin | March 12, 2015 | 18:30 IST

इतनी बारिश और आज Working Day उसके बावजूद भी यह नजारा - मैं आपके प्‍यार के लिए मैं आपका सदा सर्वदा ऋणी रहूंगा। मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि मॉरीशियस ने मुझे जीत लिया है। अपना बना लिया है और जब आपने मुझे अपना बनाया है तो मेरी जिम्‍मेवारी भी बढ़ जाती है। और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं इस जिम्‍मेवारी को निभाने में भारत कोई कमी नहीं रखेगा।

मैं मॉरीशियस के सभी नागरिकों का अभिनंदन करता हूं। दुनिया का कोई भी व्‍यक्ति आज के मॉरीशियस को अगर देखेगा, मॉरीशियस के इतिहास को जानेगा, तो उसके मन में क्‍या विचार आएगा? उसके मन में यही विचार आएगा कि सौ साल पहले जो यहां मजदूर बनकर आए थे, जिनको लाया गया था, उन लोगों ने इस धरती को कैसा नंदनवन बना दिया है! इस देश को कैसी नई ऊंचाईयों पर ले गए हैं! और तब मेहनत तो आपने की है, पसीना तो आपने बहाया है, कष्‍ट तो आपके पूर्वजों ने झेले हैं, लेकिन Credit हमारे खाते में जाती है। क्‍योंकि हर किसी को लगता है कि भई यह कौन लोग हैं? वो हैं जो हिंदुस्‍तान से आए थे ना, वो हैं।

20.5 PM's at civic reception in Mauritius (2)

और दुनिया को हिंदुस्‍तान की पहचान होगी कि दुनिया के लिए जो मजदूर था, जिसे खेतों से उठाकर के लाया गया था। जबरन लाया गया था। वो अगर जी-जान से जुड़ जाता है तो अपने आप धरती पर स्‍वर्ग खड़ा कर देता है। यह काम आपने किया है, आपके पूर्वजों ने किया है और इसलिए एक हिंदुस्‍तानी के नाते गर्व महसूस करता हूं और आपको नमन करता हूं, आपका अभिनंदन करता हूं, आपके पूर्वजों को प्रणाम करता हूं।

कभी-कभार आम अच्‍छा है या नहीं है, यह देखने के लिए सारे आम नहीं देखने पड़ते। एक-आधा आम देख लिया तो पता चल जाता है, हां भई, फसल अच्‍छी है। अगर दुनिया मारिशियस को देख ले तो उसको विश्‍वास हो जाएगा हिंदुस्‍तान कैसा होगा। वहां के लोग कैसे होंगे। अगर sample इतना बढि़या है, तो godown कैसा होगा! और इसलिए विश्‍व के सामने आज भारत गर्व के साथ कह सकता है कि हम उस महान विरासत की परंपरा में से पले हुए लोग हैं जो एक ही मंत्र लेकर के चले हैं।

जब दुनिया में भारत सोने की चिडि़या कहलाता था। जब दुनिया में सुसंस्‍कृ‍त समाज के रूप में भारत की पहचान थी, उस समय भी उस धरती के लोगों ने कभी दुनिया पर कब्‍जा करने की कोशिश नहीं की थी। दूसरे का छीनना यह उसके खून में नहीं था। एक सामान्‍य व्‍यक्ति भी वही भाषा बोलता है जो एक देश का प्रधानमंत्री बोलता है। इतनी विचारों की सौम्यता, सहजता ऐसे नहीं आती है, किताबों से नहीं आती हैं, यह हमारे रक्‍त में भरा पड़ा है, हमारे संस्‍कारों में भरा पड़ा है। और हमारा मंत्र था “वसुधैव कुटुम्‍बकम्”। पूरा विश्‍व हमारा परिवार है इस तत्‍व को लेकर के हम निकले हुए लोग हैं और इसी के कारण आज दुनिया के किसी भी कोन में कोई भारतीय मूल का कोई व्‍यक्ति गया है तो उसने किसी को पराजित करने की कोशिश नहीं की है, हर किसी को जीतने का प्रयास किया है, अपना बनाने का प्रयास किया है।

2014 का साल मॉरिशियस के लिए भी महत्‍वपूर्ण था। भारत के लिए भी महत्‍वपूर्ण था। भारत ने बहुत सालों से मिली-जुली सरकारें बना करती थी, गठबंधन की सरकारें बनती थी। एक पैर उसका तो एक पैर इसका, एक हाथ उसका तो एक हाथ इसका। मॉरिशियस का भी वही हाल था। यहां पर भी मिली-जुली सरकार बना करती थी।

2014 में जो हिंदुस्‍तान के नागरिकों ने सोचा वही मॉरिशियस के नागरिकों ने सोचा। हिंदुस्‍तान के नागरिकों ने 30 साल के बाद एक पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनाई। मॉरिशियस के लोगों ने भी पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार दी। और इसका मूल कारण यह है कि आज की जो पीढ़ी है, वो पीढ़ी बदलाव चाहती है। आज जो पीढ़ी है वो विकास चाहती है, आज जो पीढ़ी है वो अवसर चाहती है, उपकार नहीं। वो किसी के कृपा का मोहताज नहीं है। वो कहता है मेरे भुजा में दम है, मुझे मौका दीजिए। मैं पत्‍थर पर लकीर ऐसी बनाऊंगा जो दुनिया की ज़िन्दगी बदलने के काम आ सकती है। आज का युवा मक्‍खन पर लकीर बनाने का शौकीन नहीं है, वो पत्‍थर पर लकीर बनाना चाहता है। उसकी सोच बदली है उसके विचार बदले है और उसके मन में जो आशाएं आकांक्षाए जगी है, सरकारों का दायित्‍व बनता है वो नौजवानों की आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए राष्‍ट्र को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाएँ।

और मैं आज जब आपके बीच में आया हूं मेरी सरकार को ज्‍यादा समय तो नहीं हुआ है, लेकिन मैं इतना विश्‍वास से कह रहा हूं कि जिस भारत की तरफ कोई देखने को तैयार नहीं था और देखते भी थे, तो आंख दिखाने के लिए देखते थे। पहली बार आज दुनिया भारत को आंख नहीं दिखा दे रही है, भारत से आंख मिलाने की कोशिश कर रही है। सवा सौ करोड़ का देश, क्‍या दुनिया के भाग्‍य को बदलने का निमित्त नहीं बन सकता? क्‍या ऐसे सपने नहीं संजोने चाहिए? सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, जगत हिताय च । जिस मंत्र को लेकर के हमारे पूर्वजों ने हमें पाला-पौसा है। क्‍या समय की मांग नहीं है, कि हम अपने पुरुषार्थ से, अपने पराक्रम से, अपनी कल्पनाशीलता से जगत को वो चीज़ें दें जिनके लिए जगत सदियों से तरसता रहा है? और मैं विशवास दिलाता हूँ, यह ताकत उस धरती में है। उन संस्कारों में है, जो जगत को समस्यायों के समाधान के लिए रास्‍ता दे सकते हैं।

20.5 PM's at civic reception in Mauritius (5)

आज पूरा विश्‍व और विशेषकर के छोटे-छोटे टापुओं पर बसे हुए देश इस बात से चिंतित है कि 50 साल, सौ साल के बाद उनका क्‍या होगा। Climate Change के कारण कहीं यह धरती समंदर में समा तो नहीं जाएगी? सदियों ने पूर्वजों ने परिश्रम करके जिसे नंदनवन बनाया, कहीं वो सपने डूब तो नहीं जाएंगे? सपने चकनाचूर हो नहीं जाएंगे क्‍या? सारी दुनिया Global Warming के कारण चिंतित है। और टापूओं पर रहने वाले छोटे-छोटे देश मुझे जिससे मिलना हुआ उनकी एक गहन चिंता रहती है कि यह दुनिया समझे अपने सुख के लिए हमें बलि न चढ़ा दे, यह सामान्‍य मानव सोचता है। और इसलिए, कौन सा तत्‍व है, कौन सा मार्गदर्शन है, कौन सा नेतृत्‍व है, जो उपभोग की इस परंपरा में से समाज को बचाकर के सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय जीवन की प्रशस्ति के लिए आगे आए? जब ऐसे संकट आते हैं तब भारत ही वो ताकत है जिस ताकत ने सदियों पहले... जब महात्‍मा गांधी साबरमती आश्रम में रहते थे, साबरमती नदी पानी से भरी रहती थी, लबालब पानी था। 1925-30 का कालखंड था, लेकिन उसके बावजूद भी अगर कोई महात्‍मा गांधी को पानी देता था और जरूरत से ज्‍यादा देता था, तो गांधी जी नाराज होकर कहते “भाई पानी बर्बाद मत करो, जितना जरूरत का है उतना ही दीजिए, अगर उसको आधे ग्लिास की जरूरत है तो पूरा ग्लिास भरकर मत दीजिए।“ नदी भरी पड़ी थी पानी सामने था, लेकिन सोच स्‍वयं के सुख की नहीं थी, सोच आने वाली पीढि़यों के सुख की थी और इसलिए गांधी हमें प्रशस्‍त करते थे कि हम उतना ही उपयोग करे जितना हमारी जरूरत है। अगर दुनिया गांधी के इस छोटे से सिद्धांत को मान लें कि हम जरूरत से ज्‍यादा उपभोग न करे, तो क्‍या Climate का संकट पैदा होगा क्‍या? बर्फ पिघलेगी क्‍या? समंदर उबलेंगे क्‍या? और मॉरिशियस जैसे देश के सामने जीने-मरने का संकट पैदा होगा क्‍या? नहीं होगा। यह छोटी सी बात।

हम उस परंपरा के लोग हैं जिस परंपरा में प्रकृति से प्रेम करना सिखाया गया है। हमी तो लोग हैं, जिन्‍हें “पृथ्‍वी यह माता है”, यह बचपन से सिखाया जाता है। शायद दुनिया में कोई ऐसी परंपरा नहीं होगी जो “पृथ्‍वी यह माता है” यह संकल्‍प कराती हो। और इतना ही नहीं बालक छोटी आयु में भी जब बिस्‍तर से नीचे पैर रखता है तो मां यह कहती है कि “देखो बेटे, जब बिस्‍तर से जमीन पर पैर रखते हो तो पहले यह धरती मां को प्रणाम करो। उसकी क्षमा मांगों, ताकि तुम उसके सीने पर पैर रख रहे हो।“ यह संस्‍कार थे, यही तो संस्‍कार है, जो धरती माता की रक्षा के लिए प्रेरणा देते थे और धरती माता की रक्षा का मतलब है यह प्रकृति, यह पर्यावरण, यह नदियां, यह जंगल... इसी की रक्षा का संदेश देते हैं। अगर यह बच जाता है, तो Climate का संकट पैदा नहीं होता है। हम ही तो लोग हैं जो नदी को मां कहते हैं। हमारे लिए जितना जीवन में मां का मूल्‍य है, उतना ही हमारे यहां नदी का मूल्‍य है। अगर जिस पल हम यह भूल गए कि नदी यह मां हैं और जब से हमारे दिमाग में घर कर गया कि आखिर नदी ही तो H2O है और क्‍या है। जब नदी को हमने H2O मान लिया, पानी है, H2O... जब नदी के प्रति मां का भाव मर जाता है, तो नदी की रखवाली करने की जिम्‍मेदारी भी खत्‍म हो जाती है।

यह संस्‍कार हमें मिले हैं और उन्‍हीं संस्‍कारों के तहत हम प्रकृति की रक्षा से जुड़े हुए हैं। हमारे पूर्वजों ने हमें कहा है – मनुष्‍य को प्रकृति का दोहन करना चाहिए। कभी आपने बछड़े को उतनी ही दूध पीते देखा होगा, जितना बछड़े को जरूरत होगी। मां को काटने का, गाय को काटने का प्रयास कोई नहीं करता है। और इसलिए प्रकृति का भी दोहन होना चाहिए, प्रकृति को शोषण नहीं होना चाहिए। “Milking of Nature” हमारे यहां कहा गया है। “Exploitation of the Nature is a Crime.” अगर यह विचार और आदर्शों को लेकर के हम चलते हैं, तो हम मानव जिस संकट से जूझ रहा है, उस संकट से बचाने का रास्‍ता दे सकते हैं।

हम वो लोग हैं जिन्‍होंने पूरे ब्रह्माण को एक परिवार के रूप मे माना है। आप देखिए छोटी-छोटी चीजें होती हैं लेकिन जीवन को कैसे बनाती हैं। पूरे ब्रह्माण को परिवार मानना यह किताबों से नहीं, परिवार के संस्‍कारों से समझाया गया है। बच्‍चा छोटा होता है तो मां उसको खुले मैदान में ले जाकर के समझाती है कि “देखो बेटे, यह जो चांद दिखता है न यह चांद जो है न तेरा मामा है”। कहता है कि नहीं कहते? आपको भी कहा था या नहीं कहा था? क्‍या दुनिया में कभी सुना है जो कहता है सूरज तेरा दादा है, चांद तेरा मामा है, यानी पूरा ब्रह्माण तेरा परिवार है। यह संस्‍कार जिस धरती से मिलते हैं, वहां प्रकृति के साथ कभी संघर्ष नहीं हो सकता है, प्रकृति के साथ समन्‍वय होता है। और इसलिए आज विश्‍व जिस संकट को झेल रहा है, भारतीय चिंतन के आधार पर विश्‍व का नेतृत्व करने का समय आ गया है। Climate बचाने के लिए दुनिया हमें न सिखाये।

दुनिया, जब मॉरिशस कहेगा, ज्‍यादा मानेगी। उसका कारण क्‍या है, मालूम है? क्‍योंकि आप कह सकते हो कि “भई मैं मरने वाला हूं, मैं डूबने वाला हूं”। तो उसका असर ज्‍यादा होता है और इसलिए विश्‍व को जगाना.. मैं इन दिनों कई ऐसे क्षेत्रों में गया। मैं अभी फिजी में गया तो वहां भी मैं अलग-अलग आईलैंड के छोटे-छोटे देशों से मिला था। अब पूरा समय उनकी यही पीड़ा थी, यही दर्द था कोई तो हमारी सुने, कोई तो हमें बचाएं, कोई तो हमारी आने वाली पीढि़यों की रक्षा करे। और जो दूर का सोचते हैं उन्‍होंने आज से शुरू करना पड़ता है।

20.5 PM's at civic reception in Mauritius (3)

भाईयों-बहनों भारत आज विश्‍व का सबसे युवा देश है। 65% Population भारत की 35 साल से कम उम्र की है। यह मॉरिशियस 1.2 Million का है, और हिंदुस्‍तान 1.2 Billion का है। और उसमें 65% जनसंख्‍या 35 साल से कम है। पूरे विश्‍व में युवाशक्ति एक अनिवार्यता बनने वाला है। दुनिया को Workforce की जरूरत पड़ने वाली है। कितना ही ज्ञान हो, कितना ही रुपया हो, कितना ही डॉलर हो, पौंड हो, संपत्ति के भंडार हो, लेकिन अगर युवा पीढ़ी के भुजाओं का बल नहीं मिलता है, तो गाड़ी वहीं अटक जाती है। और इसलिए दुनिया को Youthful Manpower की आवश्‍यकता रहने वाली है, Human Resource की आवश्‍यकता रहने वाली है। भारत आज उस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है कि आने वाले दिनों में विश्‍व को जिस मानवशक्ति की आवश्‍यकता है, हम भारत में ऐसी मानवशक्ति तैयार करें जो जगत में जहां जिसकी जरूरत हो, उसको पूरा करने के लिए हमारे पास वो काबिलियत हो, वो हुनर हो, वो सामर्थ्‍य हो।

और इसलिए Skill Development एक Mission mode में हमने आरंभ किया है। दुनिया की आवश्‍यकताओं का Mapping करके किस देश को आने वाले 20 साल के बाद कैसे लोग चाहिए, ऐसे लोगों को तैयार करने का काम आज से शुरू करेंगे। और एक बार भारत का नौजवान दुनिया में जाएगा तो सिर्फ भुजाएं लेकर के नहीं जाएगा, सिर्फ दो बाहू लेकर के नहीं जाएगा, दिल और दिमाग लेकर के भी जाएगा। और वो दिमाग जो वसुधैव कुटुम्‍बकम् की बात करता है। जगत को जोड़ने की बात करता है।

और इसलिए आने वाले दिनों में फिर एक बार युग का चक्‍कर चलने वाला है, जिस युग के चक्‍कर से भारत का नौजवान विश्‍व के बदलाव में दुनिया में फैलकर के एक catalytic agent के रूप में अपनी भूमिका का निर्माण कर सके, ऐसी संभावनाएं पड़ी है। उन संभावनाओं को एक अवसर मानकर के हिंदुस्‍तान आगे बढ़ना चाहता है। दुनिया में फैली हुई सभी मानवतावादी शक्तियां भारत को आशीर्वाद दें ता‍कि इस विचार के लोग इस मनोभूमिका के लोग विश्‍व में पहुंचे, विश्‍व में फैले और विश्‍व कल्‍याण के मार्ग में अपनी-अपनी भूमिका अदा करे। यह जमाना Digital World है। हर किसी के हाथ में मोबाइल है, हर कोई selfie ले रहा है। Selfie ले या न ले, बहुत धक्‍के मारता है मुझे। जगत बदल चुका है। Selfie लेता हैं, पलभर के अंदर अपने साथियों को पहुंचा देता है “देखो अभी-अभी मोदी जी से मिलकर आ गया।“ दुनिया तेज गति से बदल रही है। भारत अपने आप को उस दिशा में सज्ज कर रहा है और हिंदुस्‍तान के नौजवान जो IT के माध्‍यम से जगत को एक अलग पहचान दी है हिंदुस्‍तान की।

वरना एक समय था, हिंदुस्‍तान की पहचान क्‍या थी? मुझे बराबर याद है मैं एक बार ताइवान गया था। बहुत साल पहले की बात है, ताइवान सरकार के निमंत्रण पर गया था। तब तो मैं कुछ था नहीं, मुख्‍यमंत्री वगैरह कुछ नहीं था, ऐसे ही... जैसे यहां एक बार यहाँ मॉ‍रिशियस आया था। कुछ लोग हैं जो मुझे पुराने मिल गए आज। तो पांच-सात दिन का मेरा Tour था जो उनका Computer Engineer था वो मेरा interpretor था, वहां की सरकार ने लगाया था। तो पांच-सात दिन मैं सब देख रहा था, सुन रहा था, पूछ रहा था, तो उसके मन में curiosity हुई। तो उसने आखिरी एक दिन बाकी था, उसने मुझे पूछा था। बोला कि “आप बुरा न माने तो एक सवाल पूछना चाहता हूं।“ मैंने कहा “क्या?” बोले.. “आपको बुरा नहीं लगेगा न?“ मैंने कहा “पूछ लो भई लगेगा तो लगेगा, तेरे मन में रहेगा तो मुझे बुरा लगेगा।“ फिर “नहीं नहीं..” वो बिचारा भागता रहा। मैंने फिर आग्रह किया “बैठो, बैठो। मुझे बताओ क्‍या हुआ है।“ तो उसने मुझे पूछा “साहब, मैं जानना चाहता हूं क्‍या हिंदुस्‍तान आज भी सांप-सपेरों का देश है क्‍या? जादू-टोना वालों का देश है क्‍या? काला जादू चलता है क्‍या हिंदुस्‍तान में?” बड़ा बिचारा डरते-डरते मुझे पूछ रहा था। मैंने कहा “नहीं यार अब वो जमाना चला गया। अब हम लोगों में वो दम नहीं है। हम अब सांप से नहीं खेल सकते। अब तो हमारा devaluation इतना हो गया कि हम Mouse से खेलते हैं।“ और हिंदुस्‍तान के नौजवान का Mouse आज Computer पर click कर करके दुनिया को डुला देता है। यह ताकत है हमारे में।

हमारे नौजवानों ने Computer पर करामात करके विश्‍व के एक अलग पहचान बनाई है। विश्‍व को भारत की तरफ देखने का नजरिया बदलना पड़ा है। उस सामर्थ्‍य के भरोसे हिंदुस्‍तान को भी हम आगे बढ़ाना चाहते हैं।

20.5 PM's at civic reception in Mauritius (1)

एक जमाना था। जब Marx की theory आती थी तो कहते थे “Haves and Have nots” उसकी theory चलती थी। वो कितनी कामगर हुई है, उस विचार का क्‍या हुआ वो सारी दुनिया जानती है मैं उसकी गहराई में नहीं जाना चाहता। लेकिन मैं एक बात कहना चाहता हूं आज दुनिया Digital Connectivity से जो वंचित है और जो Digital World से जुड़े हुए हैं, यह खाई अगर ज्‍यादा बढ़ गई, तो विकास के अंदर बहुत बड़ी रूकावट पैदा होने वाली है। इसलिए Digital Access गरीब से गरीब व्‍यक्ति तक होना आने वाले दिनों में विकास के लिए अनिवार्य होने वाला है। हर किसी के हाथ में मोबाइल फोन है।

हर किसी को दुनिया के साथ जुड़ने की उत्‍सुकता... मुझे याद है मैं जब गुजरात में मुख्‍यमंत्री था तो एक आदिवासी जंगल में एक तहसील है वहां मेरा जाना नहीं हुआ था। बहुत पिछड़ा हुआ इलाका था interior में था, लेकिन मेरा मन करता था कि ऐसा नहीं होना चाहिए मैं मुख्‍यमंत्री रहूं और यह एक इलाका छूट जाए, तो मैंने हमारे अधिकारियों से कहा कि भाई मुझे वहां जाना है जरा कार्यक्रम बनाइये। खैर बड़ी मुश्किल से कार्यक्रम बना अब वहां तो कोई ऐसा प्रोजेक्‍ट भी नहीं था क्‍या करे। कोई ऐसा मैदान भी नहीं था जहां जनसभा करे, तो एक Chilling Centre बना था। दूध रखने के लिए, जो दूध बेचने वाले लोग होते हैं वो Chilling Centre में दूध देते हैं, वहां Chilling Plant में Chilling होता है फिर बाद में बड़ा Vehicle आता है तो Dairy में ले जाता है। छोटा सा प्रोजेक्‍ट था 25 लाख रुपये का। लेकिन मेरा मन कर गया कि भले छोटा हो पर मुझे वहां जाना है। तो मैं गया और उससे तीन किलोमीटर दूर एक आम सभा के लिए मैदान रखा था, स्‍कूल का मैदान था, वहां सभा रखी गयी। लेकिन जब मैं वहां गया Chilling Centre पर तो 20-25 महिलाएं जो दूध देने वाली थी, वो वहां थी, तो मैंने जब उद्घाटन किया.. यह आदिवासी महिलाएं थी, पिछड़ा इलाका था। वे सभी मोबाइल से मेरी फोटो ले रही थी। अब मेरे लिए बड़ा अचरज था तो मैं कार्यक्रम के बाद उनके पास गया और मैंने उनसे पूछा कि “मेरी फोटो लेकर क्‍या करोगे?” उन्‍होंने जो जवाब दिया, वो जवाब मुझे आज भी प्रेरणा देता है। उन्‍होंने कहा कि “नहीं, नहीं यह तो जाकर के हम Download करवा देंगे।“ यानी वो पढ़े-लिखे लोग नहीं थे, वो आदिवासी थे, दूध बेचकर के अपनी रोजी-रोटी कमाते थे, लेकिन वहां की महिलाएं हाथ से मोबाइल से फोटो निकाल रही हैं, और मुझे समझा रही है कि हम Download करा देंगे। तब से मैंने देखा कि Technology किस प्रकार से मानवजात के जीवन का हिस्‍सा बनती चली जा रही है। अगर हमने विकास के Design बना लिये हैं तो उस Technology का महत्‍व हमें समझना होगा।

और भारत Digital India का सपना देख कर के चल रहा है। कभी हिंदुस्‍तान की पहचान यह बन जाती थी कोई भी यहां अगर किसी को कहोगे भारत... “अरे छोड़ो यार, भ्रष्‍टाचार है, छोड़ो यार रिश्‍वत का मामला है।“ ऐसा सुनते हैं न? अब सही करना है। अभी-अभी आपने सुना होगा, यह अखबार में बहुत कम आया है। वैसे बहुत सी अच्‍छी चीजें होती है जो अखबार टीवी में कम आती है। एक-आध कोन में कहीं आ जाती है। भारत में कोयले को लेकर के भ्रष्‍टाचार की बड़ी चर्चा हुई थी। CAG ने कहा था एक लाख 76 हजार करोड़ के corruption की बात हुई थी। हमारी सरकार आई और सुप्रीम कोर्ट ने 204 जो खदानें थी उसको रद्द कर दिया। कोयला निकालना ही पाबंदी लग गई। अब बिजली के कारखाने कैसे चलेंगे? हमारे लिए बहुत जरूरी था कि इस काम को आगे बढ़ाएं। हमने एक के बाद एक निर्णय लिए, तीने महीने के अंदर उसमें Auction करना शुरू कर दिया और 204 Coal Blocks खदानें जो ऐसे ही कागज पर चिट्ठी लिखकर के दे रही है यह मदन भाई को दे देना, यह मोहन भाई को दे देना या रज्‍जू भाई को... ऐसा ही दे दिया। तो सुप्रीम ने गलत किया था, हमने उसका Auction किया था। अब तक सिर्फ 20 का Auction हुआ है। 204 में से 20 का Auction हुआ है। और 20 के Auction में दो लाख करोड़ से ज्‍यादा रकम आई है।

Corruption जा सकता है या नहीं जा सकता है? Corruption जा सकता है या नहीं जा सकता है? अगर हम नीतियों के आधार पर देश चलाएं, पारदर्शिता के साथ चलाएं, तो हम भ्रष्‍टाचार से कोई भी व्‍यवस्‍था को बाहर निकाल सकते हैं और भ्रष्‍टाचार मुक्‍त व्‍यवस्‍थाओं को विकसित कर सकते हैं। हिंदुस्‍तान ने बीड़ा उठाया है, हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

भारत विकास की नई ऊंचाईयों पर जा रहा है। भारत ने एक सपना देखा है “Make In India” हम दुनिया को कह रहे हैं कि आइये हिंदुस्‍तान में पूंजी लगाइये, हिंदुस्‍तान में Manufacturing कीजिए। भारत में आपको Low Cost Manufacturing होगा, Skilled Manpower मिलेगा। Zero loss का माहौल मिलेगा। Redtape की जगह Red Carpet मिलेगा। आइये और आप अपना नसीब आजमाइये और मैं देख रहा हूं आज दुनिया का भारत में बहुत रूचि लगने लगी। दुनिया के सारे देश जिनको पता है कि हां भारत एक जगह है, जहां पूंजी निवेश कर सकते हैं, वहां Manufacturing करेंगे और दुनिया के अंदर Export करेंगे।

बहुत बड़ी संभावनाओं के साथ देश विकास की ऊंचाईयों को पार कर रहा है। मुझे विश्‍वास है कि आप जो सपने देख रहे हो वो कहीं पर भी बैठे होंगे, लेकिन आप आज कहीं पर भी क्‍यों न हो, लेकिन कौन बेटा है जो मां को दुखी देखना चाहता है? सदियों पहले भले वो देश छोड़ा हो, लेकिन फिर भी आपके मन में रहता होगा कि “भारत मेरी मां है। मेरी मां कभी दुखी नहीं होनी चाहिए।“ यह आप भी चाहते होंगे। जो आप चाहते हो। आप यहां आगे बढि़ए, प्रगति कीजिए और आपने जो भारत मां की जिम्‍मेवारी हमें दी है, हम उसको पूरी तरह निभाएंगे ताकि कभी आपको यह चिंता न रहे कि आपकी भारत माता का हाल क्‍या है। यह मैं विश्‍वास दिलाने आया हूं।

20 PM Modi floral tribute at Gandhi Statue at Mahatama Gandhi institute of Mauritius (1)

मैं कल से यहां आया हूं, जो स्‍वागत सम्‍मान दिया है, जो प्‍यार मिला है इसके लिए मैं मॉरीशियस का बहुत आभारी हूं। यहां की सरकार का आभारी हूं, प्रधानमंत्री जी का आभारी हूं, आप सबका बहुत आभार हूं। और आपने जो स्‍वागत किया, जो सम्‍मान दिया इसके लिए मैं फिर एक बार धन्‍यवाद करता हूं। और आज 12 मार्च आपका National Day है, Independence Day है। और 12 मार्च 1930 महात्‍मा गांधी साबरमती आश्रम से चले थे, दांडी की यात्रा करने के लिए। और वो दांडी यात्रा कोई कल्‍पना नहीं कर सकता था कि नमक सत्‍याग्रह पूरी दुनिया के अंदर एक क्रांति ला सकता है। जिस 12 मार्च को दांडी यात्रा का प्रारंभ हुआ था उसी 12 मार्च को महात्‍मा गांधी से जुड़े हुए पर्व से मॉरिशियस की आजादी का पर्व है। मैं उस पर्व के लिए आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, बहुत बधाई देता हूं।

फिर एक बार आप सबका बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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উত্তর প্রদেশকি হরদোইদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে শঙ্গাবা মতমদা প্রধান মন্ত্রীনা পিখিবা ৱারোল
April 29, 2026
This transformative infrastructure project will boost connectivity and drive progress across Uttar Pradesh: PM
Just as Maa Ganga has been the lifeline of UP and this country for thousands of years, similarly, in this era of modern progress, this expressway passing near her, will become the new lifeline of UP's development: PM
Recently, I had the opportunity to dedicate the Delhi-Dehradun Expressway to the nation.
I had then remarked that these emerging expressways are the lifelines shaping the destiny of a developing India, and these modern pathways are today heralding India's bright future: PM
Ganga Expressway will not only connect one end of UP to the other, it will also bring limitless possibilities of the NCR closer: PM

ভারত মাতা কি জয়।

গঙ্গা মৈয়া কি জয়।

গঙ্গা মৈয়া কি জয়।

উত্তর প্রদেশকি রাজ্যপাল, অনন্দিবেন পতেল, উত্তর প্রদেশকি মুখ্য মন্ত্রী শ্রী য়োগী আদিত্যনাথ, উপ মুখ্য মন্ত্রী কেসৱা প্রসাদ মৌর্য়, ব্রিজেস পাথক, কেন্দ্রগী মন্ত্রীমন্দলদা লৈবিরিবা ঐহাক্কি মরুপ জিতিন প্রসাদ অমদি পঙ্কজ চৌধরিজি, য়ু.পি. সরকারগী মন্ত্রীশিং, সাংসদ অমসুং লেজিস্লেতিব এসেম্বলীগী মীহুৎশিং, অতৈ মীয়ামগী মীহুৎশিং অমদি ঐহাক্কী নুংশিজরবা ইচিল-ইনাও অমসুং ইচে-ইচলশিং ময়াম অমা মফম অসিদা তিনবিরি।

 

খ্বাইদগী ইহান হান্না ঐহাক্না ভগবান নরসিংহগী শেংলবা লম অসিবু ইকায় খুম্নজরি। ইমা গঙ্গানা মফম অসিদগী কিলোমিতর খরখক্তদা মহাক্কি থৌজাল পিবিদুনা চৎলি। মরম অদুনা মফম পুম্নমক অসি তিরথ চৎপাগী মফম অমদগী হেনবা নত্তে। অদুগা ঐহাক্না থাজৈ মদুদি উত্তর প্রদেশকি এক্সপ্রেশৱেগী থৌজাল অসিসু ইমা গঙ্গাগী থৌজাল অমনি। হৌজিক্তি অদোম্না পূং খরখক্তদা শঙ্গমদা য়ৌবা ঙম্লে, অমসুং কাশিদা লৈবা বাবাদা চৎলবা মতুংদা হল্লকপা য়ারে।

মরুপশিং,

ইমা গঙ্গানা চহি লিশিং কয়াদগী উত্তর প্রদেশ অমসুং লৈবাক অসিগী পুন্সি মহিং ওইদুনা লাকলিবা অদুগুম্না মোদর্ন প্রোগ্রেশকি মতম অসিদা মহাক্কি মনাক্তা চৎলিবা এক্সপ্রেশৱে অসিনা উত্তর প্রদেশকি চাওখৎ-থৌরাংগী অনৌবা পুন্সি মহিং অমা ওইরগনি। মসিসু অঙকপা থৌদোক অমনি মদুদি হৌখিবা নুমীৎ মরি-মঙা অসিদা ঐহাক ইমা গঙ্গাগী কম্পেনিদা লৈরি। এপ্রিল ২৪দা ঐহাক বঙ্গালদা লৈবা মতমদা ইমা গঙ্গাদা চৎখি, মদুগী মতুংদা ঙরাং ঐহাক কাসিদা লৈখি। ঙসি অয়ুক ঐহাক্না অমুক হন্না বাবা বিশ্বনাথ, ইমা অন্নপুরনা, অমসুং ইমা গঙ্গা চৎপগী লাইবক ফবা অমা ফংজরে। অদুগা হৌজিক, ইমা গঙ্গাগী মমিং থোনবা এক্সপ্রেশৱে অসি শঙ্গাবগী খুদোংচাবা ফংজরে। উত্তর প্রদেশ সরকারনা এক্সপ্রেশৱে অসিগী মমিং ইমা গঙ্গাগী মমিং থোনবদা ঐ হরাওই। মসিনা ঐখোয়গী চাওখৎ-থৌরাংগী মীৎয়েং অদু উৎলি অমসুং ঐখোয়গী হেরিতেজসু উৎলি। উত্তর প্রদেশকি মীওই লাখ কয়াবু গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদা নুংঙাইবা ফোঙদোকচরি ।

মরুপশিং,

ঙসি অসি গনতন্ত্রগী থৌরমদসু মরুওইবা নুমীৎ অমনি। হৌজিক বঙ্গালদা ভোৎ থাদবগী অনিশুবা তাঙ্কক চত্থরি, অমসুং রিপোরতশিংনা ভোৎ থাদবগী চাং য়াম্না ৱাংনা উবা ফংলি। অহানবা ফেজগুম্না মীয়াম্না মশিং য়াম্না ভোৎ থাদনবা লাকলি, অমসুং সোসিয়েল মীদিয়াদা শাংলবা ক্যুগী ইমেজশিং শন্দোকলি। বঙ্গালদা ভোৎ থাদবা অসি অকিবা লৈতবা এতমোশ্ফিয়ার অমদা পাঙথোক্লি, হৌখিবা চহি তরাগী খুজিং ৬-৭ অসিদা খনবদা ৱাবা থৌদোক অমনি। মীয়ামনা অকিবা লৈতনা মখোয়গী ভোৎ থাদরি। মসি লৈবাক অসিগী সংবিধান অমসুং লৈবাক অসিগী মপাঙ্গল কনখৎলকলিবা গনতন্ত্রগী গুন লৈবা খুদম অমনি। ঐহাক্না বঙ্গালগী অথোইবা মীয়াম্বু মখোয়গী হকশিংগী মতাংদা অসুক য়াম্না চেকশিন্না অমসুং মশিং য়াম্না ভোৎ থাদবগীদমক থাগৎপা ফোঙদোকচরি। ভোৎ থাদবা লোয়দ্রিঙৈদা হৌজিকসু পূং কয়া লেপ্লি, অমসুং গনতন্ত্রগী কুম্মৈ অসিদা চপ মান্নবা থৌনাগা লোয়ননা বঙ্গালগী মীয়ামদা শরুক য়ানবা ঐনা তকশিল্লি।

 

মরুপশিং,

মতম খরগী মমাঙদা বিহারদা মীখল পাংথোকখিবা মতমদা বিজেপি-এন.দি.এ.না অচৌবা মায়পাকাপা অমা মায়পাকাখি, মসিনা পুৱারি অমা শেমখি। ঙরাং খক্তদা গুজরাৎতা ম্যুনিসিপাল কোরপোরেশনশিং, ম্যুনিসিপালিতিশিং, দিস্ত্রিক্তা পঞ্চায়ৎশিং, তাওন পঞ্চায়ৎশিং, অমসুং তেহসিল পঞ্চায়ৎকি মীখলগী ফলশিং লাওথোকখ্রে। অদুগা অদোম উত্তর প্রদেশকি ঐহাক্কি ইচিল-ইনাওশিং, ম্যুনিসিপালিতি অমসুং পঞ্চায়ৎকি চাদা ৮০দগী ৮৫ ফাওবা বি.জে.পি. অমসুং ঐহাক্না থাজবা থম্লি মদুদি বি.জে.পি.না রাজ্য মঙা অসিদাসু পুৱারি ওইরবা মায়পাকপগী হেৎরিক অমা ফংলগনি। মে ৪গী ফলশিং অসিনা চাওখৎলবা ভারত অমগী রিজোল্ব মপাঙ্গল কনখৎহল্লগনি অমসুং লৈবাক অসিগী চাওখৎপদা অনৌবা ইনর্জি ইনজেক্ত তৌরগনি।

মরুপশিং,

লৈবাক অসিগী খোঙজেল য়াংনা চাওখৎনবগীদমক, ঐখোয়না মোদর্ন ইনফ্রাস্ত্রকচরসু য়াম্না থুনা শেমগৎকদবনি। ২০২১গী দিসেম্বরদা ঐহাক শাহজাহানপুরদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেগী য়ুমফমদা লাকখি। চহি মঙা শুদ্রি, অদুগা অদোম্না উবিরমগনি, লৈবাক অসিগী খ্বাইদগী চাওবা এক্সপ্রেশৱেশিংগী মনুংদা অমা ওইরিবা উত্তর প্রদেশকি খ্বাইদগী শাংবা গ্রীন কোরিদোর এক্সপ্রেশৱে অসি চহি মঙাগী মনুংদা লোয়শিনখ্রে। ঙসি, মসি হারদোইদসু শঙ্গাবা হৌরি। মসি খক্তা নত্তনা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে শাবগী থবক লোয়রবা মতুংদা মসিগী শাংদোকপগী থবকসু হৌখ্রে। অথুবা মতমদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি মীরুৎকি মপানদা হরিদ্বার ফাওবা শাংদোক্লগনি। মসিবু মখা তানা শিজিন্ননবগীদমক ফররুখাবাদা লিঙ্ক্ এক্সপ্রেশৱে শাগনি, মসিবু অতোপ্পা এক্সপ্রেশৱেশিংগা শম্নহনগনি। মসি দবল ইনজিন সরকারগী মীৎয়েংনি! মসি বি.জে.পি.গী সরকারগী থবক্কি খোঙজেলনি! মসি বি.জে.পি.গী সরকারগী থবক তৌবগী মওংনি!

 

ইচিল-ইনাও অমসুং ইচল-ইচেশিং,

নুমীৎ খরনিগী মমাঙদা ঐহাক্না দিল্লী-দেহরাদুন এক্সপ্রেশৱে শঙ্গাবগী খুদোংচাবা ফংজখি। ঐহাক্না মতম অদুদা হায়খি মদুদি নৌনা শাবা এক্সপ্রেশৱেশিং অসি চাওখৎলকলিবা ভারতকি পাম লায়নাশিংনাি, অমসুং মোদর্ন পাম লায়নাশিং অসিনা ঙসি ভারতকি মঙাল নাইরবা তুংলমচৎকি পাওজেল পিরি।

মরুপশিং,

লম্বি অমগীদমক চহি তরাগী খুজিং কয়া ঙাইদুনা লৈবা মতম অদু লোয়খ্রে! লাওথোকখ্রবা মতুংদা ফাইলশিং অসি চহি কয়া লেংদনা লৈগনি! মীখলগী য়ুম্ফম থোনগনি, মদুগী মতুংদা সরকারশিং লাক্কনি অমসুং চৎকনি, অদুবু থবক অদুগাি খুদম অমত্তাা লৈরমলোই। করিগুম্বা মতমদা মকোক থোঙবা ওফিসিএলশিং না অরিবা ফাইলশিং থিনবা চহি অনি থবক তৌবা তাখি। দবল ইনজিন সরকার অমদা য়ুমফম শ্তোনশিং থম্মি, অমসুং হৌদোকপগী থৌরমশিংসু মতম চা না পাংথোকই। মরম অসিনা, ঙসি য়ু.পি.গী এক্সপ্রেশৱেদগী হেন্না য়াংনা করিগুম্বা অমত্তাা লৈরবদি, মসি য়ু.পি.গী চাওখৎপগী খোঙজেলনি।

মরুপশিং,

মসিগী এক্সপ্রেশৱে অসি খোঙজেল য়াংনা চেনবা লম্বি খক্তামক নত্তে। মসি অনৌবা ওইথোকপা য়াবশিং, অনৌবা মংলানশিং, অমসুং অনৌবা খুদোংচাবশিংগী থোঙ অমনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি চাওরাক্না কিলোমীতর ৬০০ শাংই। মসিনা ৱেস্তরন য়ু.পি.দা লৈবা মীরুৎ, বুলন্দশাহর, হাপুর, অমরোহা, শম্ভল, অমসুং বদাওন কোন্সিল্লি; সেন্ৎরেল য়ু.পি.দা লৈবা শাহজাহানপুর, হারদোই, উন্নাও, অমসুং রায় বরেলি; প্রতাপগর অমসুং প্রয়াগ্রাজগা লোয়ননা নোংপোক য়ু.পি.গী অতোপ্পা অকোয়বদা লৈবা জিলাশিংগা লোয়ননা য়ু.পি. গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা মফমশিং অসিদা লৈরিবা মীওই লাখ কয়াগী পুন্সিদা অহোঙবা পুরক্লগনি।

 

মরুপশিং,

হায়রিবা মফমশিং অসি গঙ্গা তুরেল অমসুং মসিগী মনাক নকপদা লৈবা লমহাংদা খোঙহামদবা লৈমায়না থৌজাল ফংলে। অদুবু মমাঙগী সরকারশিং না লৌমীশিংবু য়েংশিনবিদবনা মরম ওইদুনা মখোয় অৱাবা তারবা মতমদা থুংলখি! লৌমীশিংগী মহৈ-মরোংশিং অচৌবা কৈথেলশিংদা য়ৌবা ঙমখিদে। কোল্দা শ্তোরেজ ফেসিলিতি অমসুং লোজিশ্তিক্সকি অৱাৎপা লৈখি। লৌমীশিং না মখোয়গী কন্না হোৎনজমলগীদমক মতিক চাবা মমল পিখিদে। হৌজিক খুদোংচাদবশিং অসি য়াম্না থুনা কোকহনবা ঙম্লগনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা অতেনবা মতমগী মনুংদা অচৌবা কৈথেলশিংদা য়ৌবা ঙম্লগনি। মফম অসিদা লৌউ-শিংউগীদমক্তা দরকার ওইবা ইনফ্রাস্ত্রকচর শেমগৎলগনি, মসিনা ঐখোয়গী লৌমীশিংগী শেন্থোক হেনগৎহনগনি।

মরুপশিং,

গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা উত্তর প্রদেশকি মতোন অমখক্কা অতোপ্পা ময়ায় অমগা শম্নহনবতা নত্তনা মসিনা এন.সি.আর.গী অচৌবা পোতেন্সিয়েলসু নক্না পুরক্লগনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদা গাড়ীশিং চেনবা খক্তা নত্ত না মসিগী বেঙ্কতা অনৌবা ইন্দস্ত্রিগী খুদোংচাবশিংসু শেমগৎলগনি। মসিগীদমক্তা হরদোইগুম্বা অতোপ্পা জিলাশিংদা ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরশিং শেমগৎলি। মসিনা হরদোই, শাহজাহানপুর, অমসুং উন্নাও য়াওনা জিলা ১২ পুম্নমক্তা অনৌবা ইন্দস্ত্রিশিং পুরক্লগনি। ফার্মাসিয়ুতিকেল অমসুং তেক্সতাইলগুম্বা তোঙান তোঙানবা সেক্তরশিংদা ক্লস্তরশিং শেমগৎলগনি। নহারোলশিংগীদমক অনৌবা থবক ফংনবগী খুদোংচাবশিংসু শেমগৎলগনি।

মরুপশিং,

ঐখোয়গী নহারোলশিং মশামক্না মুদ্রা য়োজনা অমসুং ও.দি.ও.পি.গুম্বা স্কীমশিংগী শক্তিগা লোয়ননা অনৌবা রেকোরদশিং থম্লি। মফম অসিদা অপিকপা ইন্দস্ত্রিশিং অমসুং এম.এস.এম.ই. কনেক্তিবিতি ফগৎহনবনা মখোয়গীদমক্তসু অনৌবা লম্বি হাংদোক্লগনি। মীরুৎকি শান্ন-খোৎনবগী ইন্দস্ত্রি, শম্ভলগী খুৎ-শা হৈবা, বুলন্দশহরগী সেরামীক, হরদোইগী হেন্দলুম, উন্নাওগী লেদর, অমসুং প্রতাপগরগী অম্লাগী পোৎথোকশিং পুম্নমক অসি নেশ্নেল অমসুং ইনতরনেশ্নেল মারকেৎতা অচৌবা মওংদা য়ৌরগনি। মসিনা ইমুং লাখ কয়াগী শেন্থোক হেনগৎহনগনি। ঐঙোন্দা হায়বিয়ু, মমাঙগী এস.পি.গী সরকারনা হারদোই অমসুং উন্নাওগুম্বা জিলাশিংদা ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরশিং শাবগী ৱাখল ফাওবা খনবা ঙম্লমগদ্রা? ঐখোয়গী হারদোইদা চৎপাা এক্সপ্রেশৱে অমা কনাগুম্বা অমনা খনবিরমগনি? মসিগী থবক অসি বি.জে.পি.গী সরকারগী মখাদা খক্তদা ওইথোকপা য়াই।

 

মরুপশিং,

মতম অমদা উত্তর প্রদেশ অসি তুং কোয় না চৎপা অমসুং অনাবা লৈবা রাজ্য অমা ওই না লৌনরমমী। ঙসিদি চপ মান্নবা উত্তর প্রদেশ অসি দোল্লর ত্ৃলিয়ন ১গী ইকোনোমী অমা ওইনাবা মাংলোমদা চঙশিল্লি। মসি অচৌবা পান্দম অমনি। অদুবু মসিগী মতুংদা লৈরিবা শেম শাবা অসিদি চপ মান্ননা চাওই। মরমদি উত্তর প্রদেশতা অসিগুম্বা অচৌবা পোতেন্সিয়েল লৈরি। উত্তর প্রদেশতা লৈবাক অসিগী খ্বাইদগী চাওবা নহা ওইরিবা মীশিংগী পোতেন্সিয়েল লৈরি। মসিগী পাঙ্গল অসি ঐখোয়না উত্তর প্রদেশপু মেন্যুফেকচরিং হবা অমা ওইহন্নবা শিজিন্নরি। উত্তর প্রদেশতা অনৌবা ইন্দস্ত্রিশিং অমসুং ফেক্তারিশিং লিংখৎলগনি। মফম অসিদা অচৌবা ইনভেস্তমেন্তশিং লাকপা মতমদা খক্তদা ইকোনোমীক প্রোগ্রেশকি থোঙ হাংদোক্কনি, নহারোলশিংদা থবক ফংবগী খুদোংচাবা পিরগনি।

ইচিল-ইনাও অমসুং ইচল-ইচেশিং,

মসিগী মীৎয়েং অসি ৱাখলদা থমদুনা চহি কয়াদগী লেপ্ত না থবক পায়খত্তুনা লাকলি। মতম অমদা মায়গ্রেসনগীদমক্তা খঙনরম্বা উত্তর প্রদেশ অসি হৌজিক্তি ইনভেস্তর্স সমীৎ অমসুং ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরগীদমক খঙনরে হায়বা অদোম পুম্নমক্না মশামক্না উবা ফংলি। লৈবাক শিনবা থুংনা অমসুং মালেমগী কম্পেনিশিংনা উত্তর প্রদেশকি ইনভেস্তর শমীৎতা শরুক য়ারি। উত্তর প্রদেশতা লুপা কোতি লিশিং কয়া শেল থাদরি। করিগুম্বা ঙসি মালেমদা ভারত অসি অনিসুবা খ্বাইদগী চাওবা মোবাইল ফোন মেন্যুফেকচরর ওইরবদি, মসিদা উত্তর প্রদেশকি মশক থোকপা কন্ত্রীব্য়ুশন অমা লৈরি। ঙসিদি ভারতনা পুথোকপা মোবাইল ফোনশিংগী শরুক অহুম থোকপগী অমদি ঐখোয়গী রাজ্যদা শাবনি। নুমীৎ খরনিগী মমাঙদা ঐহাক্না নোইদাদা সেমিকন্দক্তর প্লান্ত অমগী য়ুম্ফম থোনখি।

মরুপশিং,

ময়াম পুম্নমক্না খঙবিরিবা অদুনি মদুদি এ.আই.গী মতম অসিদা সেমিকন্দক্তরশিং অসি অচৌবা লম অমা ওইরক্লি। মসিদাসু মাংজিল থানবা উত্তর প্রদেশনা মাংলোমদা চঙশিল্লি। তুংদা ঙমখৈ লৈতবা খুদোংচাবশিং লৈবা পাক চাওরবা লম অমা উত্তর প্রদেশকি মীয়ামগীদমক হাংদোক্লি।

 

মরুপশিং,

উত্তর প্রদেশকি ইন্দস্ত্রিগী চাওখৎ-থৌরাং অসিসু ভারতকি স্ত্রেতেজিক পাঙ্গল ওইরক্লি। ঙসি লৈবাক অসিগী দিফেন্স কোরিদোর অনিগী মনুংদা অমদি উত্তর প্রদেশতা লৈরে। অচৌবা দিফেন্স কম্পেনিশিং না মফম অসিদা ফেক্তারিশিং লিংখৎলি। মালেমগী ওইনা শকখঙলবা ব্রহমোশগুম্বা মীশাইলশিং উত্তর প্রদেশতা শারি। দিফেন্স ইক্বিপমেন্তশিং শাবদা মথৌ তাবা অপিকপা শরুকশিং শপ্লাই তৌনবা এম.এস.এম.ই. মসিনা উত্তর প্রদেশকি এম.এস.এম.ই. অপিকপা জিলাশিংদসু হৌজিক্তি নহারোলশিংনা অচৌবা ইন্দস্ত্রিশিংদা য়াওবগী মংলান মংফাওনহনবা ঙম্লে।

মরুপশিং,

ঙসি উত্তর প্রদেশ অসি অসুক য়াম্না য়াংনা চাওখৎলক্লি মরমদি উত্তর প্রদেশনা অরিবা রাজনিতিদা অহোঙবা পুরকপগা লোয়ননা অনৌবা মশক অমা শেমগৎলে । নিংশিংবিয়ু, মতম অমদা উত্তর প্রদেশ অসি পোৎচৈশিংগীদমক খঙনরম্মি। ঙসিদি চপ মান্নবা রাজ্য অদু লৈবাক অসিদা খ্বাইদগী য়াম্না এক্সপ্রেশৱে লৈবা রাজ্য ওইরে। হান্নদি য়ুমলোননরিবা জিলাশিং ফাওবা চৎপাদা অৱাবা ওইরম্মি। অদুবু ঙসিদি উত্তর প্রদেশতা ইনতরনেশ্নেল এয়রপোরৎ মঙা য়াওনা এয়রপোরৎ ২১ লৈরে । নোইদা ইনতরনেশনেল এয়ারপোরতসু হৌদোকখ্রে। নোইদা ইনতরনেশ্নেল এয়রপোরৎ অসি গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদগী পূং খরগী মনুংদা চৎলগা লৈ।

মরুপশিং,

ঐখোয়গী উত্তর প্রদেশ অসি ভগবান রাম অমসুং ভগবান কৃষ্ণগী লমনি। অদুবু মমাঙগী সরকারশিংগী থবকশিং না মরম ওইদুনা ক্রাইম অমসুং জঙ্গল রাজ অসি য়ু.পি. য়ু.পি.গী মাফিয়াশিংদা ফিল্মশিং শেমখি। অদুবু হৌজিক্তি লৈবাক শিনবা থুংনা য়ু.পি.গী লো অমসুং ওরদর অসি খুদম ওই না পনখ্রে।

 

মরুপশিং,

শক্তি মাংখ্রবা অমসুং রিসোর্স লৌথোকপগী থবক্তা য়াওরবা সমাজৱাদি পার্তিনা উত্তর প্রদেশকি প্রোগ্রেশ অসিবু নুংঙাইহনবা ঙমদ্রি। মখোয়না উত্তর প্রদেশপু অমুক হন্না হৌখিবা মতমদা পুশিল্লকপা পামলি। মখোয়না খুন্নাই অসিবু অমুক হন্না খায়দোকপা অমসুং খায়দোকপা পাম্মী।

মরুপশিং,

সমাজৱাদি পার্তি অসি চাওখৎ-থৌরাংগী মায়োক্তা অমসুং নুপীগী মায়োক্তা লৈবা অনিমক ওইরি। হন্দক্কী মতম অসিদা লৈবাক অসিনা সমাজৱাদি পার্তি অমসুং কংগ্রেশগুম্বা পার্তিশিংগী অশেংবা মওং মতৌ অদু অমুক হন্না উবা ফংলে। কেন্দ্রদা লৈবা এন.দি.এ.গী সরকারনা পার্লিয়ামেন্ততা নারি শক্তি বন্ধন এমেন্দমেন্ত হৌদোকখি। করিগুম্বা মসিগী এমেন্দমেন্ত অসি পাস তৌরম্লবদি, নুপীশিংনা ২০২৯গী মীখলদগী হৌনা লেজিস্লেতিবা এশেম্বালি অমসুং লোক শভাদা রিজরবেশন ফংলমগনি! ঐখোয়গী ইমা অমসুং ইচে মশিং য়াম্না এম.পি., এম.এল.এ. ওইরমগনি অমসুং দিল্লী অমসুং লখনৌদা য়ৌরম্লগনি। অমসুং মদুসু, অতোপ্পা ক্লাস অমত্তগী সিৎ হন্থহনদনা! অদুবু সমাজৱাদি পার্তিনা মসিগী এমেন্দমেন্ত বিল অসিগী মায়োক্তা ভোৎ থাদখি।

মরুপশিং,

মসিগী বিল অসিনা রাজ্য পুম্নমক্কি সিৎশিং হেঙ্গৎলম্লগনি। ঐখোয়না পার্লিয়ামেন্ততা ময়েক শেঙনা হায়খি মদুদি রাজ্য পুম্নমক্কি সিৎশিং অসি চপ মান্নবা চাংদা হেনগৎলগনি। অদুবু উত্তর প্রদেশপু লান্না লমজিংদুনা রাজনিতি তৌরিবা দি.এম.কে.গুম্বা পার্তিশিংনা উত্তর প্রদেশকি সিৎশিং হেনগৎলক্কনি হায়বগী ৱাফম অসি য়ানিংদবা ফোঙদোকখি। অদোম্না উবিরমগনি, সমাজৱাদি পার্তিনা পার্লিয়ামেন্ততা মখোয়গী খোঞ্জেল অদু ইকোক নোঞ্জরম্মি। এস.পি.গী মেম্বরশিং অসিনা অদোমগী ভোৎ লৌদুনা পার্লিয়ামেন্ততা চৎলু, মদুগী মতুংদা পার্লিয়ামেন্ততা উত্তর প্রদেশকি মীয়াম্বু লান্না লমজিংবিরিবা মীওইশিংগা লোয়ননা লেপ্লি। মরম অসিনা উত্তর প্রদেশকি মীয়ামনা সমাজৱাদি পার্তিনা কৈদৌঙৈদা অহোঙবা পুরকপা ঙম্লোই হায়না হায়রি। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এন্তি-ৱুমেন পোলিতিক্সতা য়াওগনি। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এপিজমেন্ত অমসুং ক্রিমিনেলশিংগা লোয়ননা লৈরনি। এস.পি.না কৈদৌঙৈদসু নেপোতিজম অমসুং কাশ্তিজমগী মথকতা ৱাংখৎপা ঙম্লোই। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এন্তি-দিবেলপমেন্ত পোলিতিক্সতা য়াওগনি। উত্তর প্রদেশনা এস.পি. অমসুং মসিগী মরুপশিংদগী চেকশিনগদবনি।

মরুপশিং,

ঙসি লৈবাক অসিনা ৱারেপ অমখক্তংগা লোয়ননা মাংলোমদা চঙশিল্লি- চাওখৎলবা ভারতকি ৱারেপ! মসিগী ৱারেপ অসি মপুঙ ফাহনবদা উত্তর প্রদেশকি মরুওইবা থৌদাং লৈরি। ঙসি মালেম পুম্বসি করমনা লৈবগে হায়বদু অদোম পুম্নমক্না উবিরমগনি—

লান, তংদু লৈতাবা অমসুং তংদু লৈতাদবদা থুংলখি। অচৌবা লৈবাকশিংগী ফীভম অসি য়াম্না শাথিনা শোকহল্লি। অদুম ওইনমক ভারতনা চাওখৎপগী লম্বিদা চপ মান্নবা খোঙজেলদা মাংলোমদা চঙশিল্লি। মপানগী য়েক্নবশিংনা মসি পামদে। মখোয়গী শক্তিগী লমহাংদা খোঙহামদবা ইনতরনেল ফোরশ খরনা ভারতপু শোকহন্নবা হোৎনরি। অদুম ওইনমক, ঐখোয়না শাফবখক্তা নত্তনা চাওখৎ-থৌরাংগী লমদা অনৌবা মায়লশ্তোনশিংসু ফংলি। ঐখোয়না আৎমনিরভর ভারত অভিয়ান অসি মাংলোমদা পুখৎলি। ঐখোয়না খ্বাইদগী মোদর্ন ইনফ্রাস্ত্রকচর শেমগৎলি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি মায়কৈ অসিদা অতোপ্পা অচেৎপা খোঙথাং অমনি। ঐহাক্না থাজবা থমলি মদুদি উত্তর প্রদেশকি মীয়ামনা মখোয়গী কন্না হোতনবা অমসুং তেলেন্তকি খুৎথাংদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেনা ঐখোয়গী য়ুমথোঙদা পুরক্কদবা ওইথোকপা য়াবশিং অদু খঙলগনি। মসিগী ৱারেপ অসিগা লোয়ননা অদোম পুম্নমকপু থম্মোই শেঙনা নুংঙাইবা ফোঙদোকচরি। অদোম্বু য়াম্না থাগৎচরি!

ভারত মাতা কি জয়।

ভারত মাতা কি জয়।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

অদোম্বু হন্না হন্না থাগৎচরি!