പട്ന മെട്രോയുമായി ബന്ധപ്പെട്ട പ്രോജക്ടുകളും, ബറൗണിയിലെ അമോണിയ യൂറിയ കോംപ്ലെക്സും, പട്‌ന, മുസാഫർപുർ എൽ.പി.ജി. നെറ്വർക്കും പ്രധനമന്ത്രി മോദി ഉദ്‌ഘാടനം ചെയ്‍തു
നിങ്ങള്‍ ഓരോരുത്തരുടെയും മനസ്സിലുള്ള ആളല്‍ എനിക്കും അനുഭവപ്പെടുന്നു ‘: പുൽവാമ ഭീകരതയെക്കുറിച്ച് പ്രധാനമന്ത്രി നരേന്ദ്ര മോദി
അടിസ്ഥാന സൗകര്യങ്ങൾക്കായി പോരാടുന്നവരുടെ പദവി ഉയർത്താനാണ് നമ്മുടെ ലക്ഷ്യം: പ്രധാനമന്ത്രി

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

मंच पर उपस्थित सभी महानुभाव और विशाल संख्‍या में पधारे हुए मेरे प्‍यारे भाइयो और बहनों।

आप सब इतनी बड़ी भारी संख्‍या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए पधारे हैं, इसलिए मैं आपका सर झुका करके अभिनंदन करता हूं। मैं देख पा रहा हूं कि पटना से भी वीडियो के माध्‍यम से अनेक लोग जुड़े हैं। पटना और हजारीबाग में हो रहे कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को मैं प्रणाम करता हूं।

साथियो, आदि कुंभस्‍थली सिमरिया धाम जहां पर है, बिहार केसरी श्री कृष्‍ण सिंह ने जहां सत्‍याग्रह किया, राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर जैसे मनीषी जिसने देश को दिए; उस बेगुसराय की, बिहार की पवित्र माटी को मैं प्रणाम करता हूं। मैं देश के लिए अपना बलिदान देने वाले पटना के शहीद कांस्‍टेबल संजय कुमार सिन्‍हाऔर भागलपुर के शहीद रत्‍न कुमार ठाकुर को भी श्रद्धांजलि देता हूं। उनके परिवारजनों के साथ अपनी संवेदनाएं व्‍यक्‍त करता हूं। और मैं अनुभव कर रहा हूं आपकेऔर देशवासियों के दिल में कितनी आग है। जो आग आपके दिल में है, वही आग मेरे दिल में भी है। आज जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की पुण्‍य तिथि भी है। सामाजिक न्‍याय के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले कर्पूरी बाबू का आशीर्वाद हम सभी पर हमेशा बना रहेगा, इस कामना के साथ मैं उन्‍हें अपनी श्रद्धां‍जलि अर्पित करता हूं।

साथियो, आज बिहार के समग्र विकास के लिए हजारों करोड़ की दर्जनों परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्‍यास किया गया है। इसमें पटना को और इस शहर को समार्ट बनाने से जुड़े प्रोजेक्‍ट हैं। बिहार के औद्योगिक विकास और युवाओं को रोजगार से जुड़े प्रोजेक्‍ट हैं और बिहार के हर व्‍यक्ति के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं बढ़ाने वाली परियोजनाएं भी इसमें शामिल हैं। इन तमाम प्रोजेक्‍ट्स के लिए मैं आप सभी जनों को, नीतीश बाबू और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आज हमारे बीच भोला बाबू होते तो उन्‍हें बहुत ही प्रसन्‍नता होती।

साथियो, जैसे भारत के पश्चिमी छोर पर आर्थिक गतिविधियां होती हैं, उसकी बराबरी करने की, बल्कि मैं कहूंगा कि उससे भी आगे निकलने की ताकत हमारे बिहार और पूर्वी भारत में है। जिस प्रकार एनडीए सरकार बिहार समेत पूर्वी भारत के विकास के लिए, आधु‍निक infrastructure के लिए एक के बाद एक परियोजनाएं शुरू कर रही है; वो दिन दूर नहीं है जब ये क्षेत्र देश के विकास को नई रफ्तार देने वाला अहम क्षेत्र बन जाएगा।

भाइयो और बहनों, बिहार समेत पूर्वी भारत का कायाकल्‍प करने के लक्ष्‍य के साथ शुरू की गई अनेक परियोजनाओं में से एक प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना भी है। इस योजना के माध्‍यम से उत्‍तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा को गैस पाइप लाइन से जोड़ा जा रहा है। इस योजना के पहले चरण में जगदीशपुर-हल्दिया पाइप लाइन के पटना-फूलपुर सेक्‍शन का लोकार्पण थोड़ी देर पहले किया गया है। आपको याद होगा कि लगभग साढ़े तीन साल पहले, जुलाई 2015 में पटना से ही मैंने इसकी आधारशिला रखी थी। गैस पाइप लाइन की सुविधा को आगे बढ़ाते हुए हल्दिया-दुर्गापुर एलपीजी पाइप लाइन का भी विस्‍तार मुजफ्फरपुर और पटना तक किया जा रहा है। जिसका शिलान्‍यास भी आज किया गया है।

भाइयो और बहनों, इस परियोजना से तीन बड़े काम एक साथ होने जा रहे हैं। एक तो यहां बरौनी में जो फर्टिलाइजर का कारखाना फिर से चालू किया जा रहा है, उसको गैस उपलब्‍ध होगी; दूसरा- पटना में पाइप के माध्‍यम से घरों में गैस देने का काम होगा। पेट्रोल-डीजल की जगह सीएनजी से गाड़ियां चल पाएंगी। पटना में तो city gas distribution के प्‍लांट का उद्घाटन भी हो गया है। इससे वहां हजारों परिवारों को अब पाइप वाली गैस चूल्‍हे तक पहुंचने वाली है। इस परियोजना का तीसरा लाभ ये होगा कि जब यहां पर उद्योगों को पर्याप्‍त मात्रा में गैस मिलेगी, उससे gas based economy का नया ecosystem विकसित होगा, युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, यानी एक प्रकार से ऊर्जा गंगा परियोजना यहां के लोगों और विशेषकर मध्‍यम वर्ग के जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाने वाली है। सीएनजी का विस्‍तार होने से गाड़ियां चलाने वाले लोगों का खर्च कम होगा और पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला कुछ पैसा भी बचेगा। इसके अलावा पर्यावरण पर भी सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा।

साथियो, बरौनी का ये खाद कारखाना तो यहीं की संतान और यहां के प्रथम मुख्‍यमंत्री डॉक्‍टर श्रीकृष्‍ण सिंह को एक प्रकार से हमारी नम्र श्रद्धांजलि है। उन्‍होंने इसको यहां स्‍थापित करने के लिए अनेक प्रयास किए थे, लेकिन तकनीक पुरानी पड़ जाने के कारण ये बंद हो गया। अब जब यहां गैस पहुंचाने में सक्षम हुए हैं तो इसको गैस-आधारित बना दिया गया है।

भाइयो और बहनों, बरौनी के अलावा गोरखपुर, सिंदरी और उड़ीसा के तालचर में भी ऐसे कारखानों को पुनर्जीवित करने का काम तेजी से चल रहा है। ये सब कुछ संभव हो पा रहा है तो इसके पीछे है प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना।

साथियो, इन तमाम खाद कारखानों से यहां के किसान भाइयों को पर्याप्‍त खाद तो मिल ही पाएगी, युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। अपने किसान भाई-बहनों के लिए इस बजट में सरकार ने एक ऐतिहासिक योजना का ऐलान भी किया है। पीएम किसान सम्‍मान योजना के तहत अगले 10 वर्षों में साढ़े सात लाख करोड़ रुपये किसानों के खाते में सीधे जमा किए जाएंगे। इसका बहुत‍ बड़ा लाभ बिहार के भी किसानों को होगा। सोचिए, जब इतनी बड़ी राशि देश की ग्रामीण व्‍यवस्‍था में, ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था में सीधी पहुंचेगी, बिना किसी बिचौलिए के पहुंचेगी तो वो गांव को, गांव में रहने वालों को कितनी बड़ी ताकत देगी।

भाइयो और बहनों, जब कोई उद्योग लगता है तो आसपास रोजगार का एक पूरा वातावरण बन जाता है जिसका लाभ बिहार के साथ-साथ पूरे पूर्व भारत को होगा। इसी प्रकार बरौनी की रिफाइनरी के विस्‍तारीकरण से यहां कच्‍चे तेल के शोधन की क्षमता बढ़ेगी और बिहार के साथ-साथ नेपाल तक पेट्रोलियम से जुड़ी चीजें आसानी से सुलभ हो पाएंगी।

साथियो, हमारी सरकार द्वारा connectivity पर भी‍ विशेष बल दिया जा रहा है। आज यहां से रांची-पटना साप्‍ताहिक एक्‍सप्रेस को हरी झंडी दिखाई गई है। इसके अलावा बरौनी-कुमेदपुर, मुजफ्फरपुर-रक्‍सोल, फतुहा-इस्‍लामपुर, बिहार शरीफ-दनियावान रेल लाइनों के बिजलीकरण का काम पूरा हो चुका है1

साथियो, रेल के साथ-साथ हम शहरों में भी समान ट्रैफिक व्‍यवस्‍थाएं विकसित कर रहे हैं। मैं पटनावासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं क्‍योंकि पाटलिपुत्र अब मेट्रो रेल से जुड़ने वाला है। 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की इस परियोजना को वर्तमान के साथ-साथ भविष्‍य की जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। ये मेट्रो प्रोजेक्‍ट तेजी से विकसित हो रहे हैं, पटना शहर को और बुलंदी देगा, नई रफ्तार देगा। इसके साथ-साथ पटना रिवर फ्रंट के विकसित होने से पटना में रहने वाले लोग और वहां आने वाले पर्यटकों को एक अलग अनुभव मिलने वाला है।

साथियो, एनडीए सरकार की योजना का vision हमारी विकास यात्रा दो पटरियों पर एक साथ चल रही है। पहली पटरी है infrastructure से जुड़ी योजनाएं- औद्योगिक विकास, लोगों को आधुनिक सुविधाएं; और दूसरी पटरी है- उन वंचितों, शोषितों, पीड़ितों का जीवन आसान बनाना, जो पिछले 70 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन सुविधाओं से वंचित हैं। अपने उन भाई-बहनों के लिए पक्‍के घर बनाना, उनकी रसोई को धुंए से मुक्‍त करना, गैस कनेक्‍शन देना, उनके घरों को बिजली से रोशन करना, शौचालयों का निर्माण, उनको इलाज की सुविधा देना, दवाई का खर्च बचाना, बेटियों के लिए शिक्षा की व्‍यवस्‍था करना, ऐसी अनेक‍ योजनाएं हमारी सरकार ने चलाई हैं। न्‍यू इंडिया का रास्‍ता इन्‍हीं दो पटरियों से होते हुए गुजरता है। केंद्र सरकार की आवास योजनाओं के तहत बिहार में गरीबों के लिए 18 लाख सो अधिक घर बन चुके हैं। इसमें 50 हजार से अधिक यहीं, बेगुसराय में बने हैं।

इसी तरह अमृत मिशन के तहत बिहार के 27 शहरों जैसे- आरा, हाजीपुर, पटना, सासाराम, मो‍तिहारी, भागलपुर, मुंगेर, सिवान को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। आज भी पटना के साथ-साथ बिहार के दूसरे शहरों के लिए भी पीने का पानी, शौचालय से पानी के निकास के लिए और स्‍वच्‍छता से जुड़े 22 प्रोजेक्‍ट का शिलान्‍यास किया गया है। इसी प्रकार, करमालीचक, बाड़, सुलतानगंज और नोगठिया के लिए सीवरेज नेटवर्क और गंदे पानी की सफाई से जुड़े प्‍लांट जब तैयार हो जाएंगे तो इससे नमामि गंगे मिशन को और ताकत मिलेगी। हमारे ये शहर भी साफ-सुथरे रहेंगे, यहां का पानी स्‍वच्‍छ रहेगा।

भाइयो और बहनों, गैस आधारित अर्थव्‍यवस्‍था हो, connectivity हो, smart city हो, गंगाजी की सफाई की बात हो, ऐसी तमाम व्‍यवस्‍थाओं के साथ-साथ एनडीए सरकार ने गरीब और मध्‍यम वर्ग के स्‍वास्‍थ्‍य पर सबसे अधिक बल दिया है। बिहार में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की दृष्टि से आज एक ऐतिहासिक दिवस है। छपरा और पुर्णिया में अब नए मेडिकल कॉलेज बनने वाले हैं, वहीं भागलपुर और गया के मेडिकल कॉलेज को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके अलावा, बिहार में पटना एम्‍स के अलावा एक और एम्‍स बनाने पर काम चल रहा है। इन सारी सुविधाओं के विकसित होने के बाद बिहार के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्‍यकता कम हो जाएगी।

भाइयो और बहनों, मैं गरीब के उस दर्द को समझता हूं जब वो अपना इलाज इसलिए नहीं करता क्‍योंकि उसे घर चलाना होता है, बच्‍चों को पढ़ाना होता है। इसी स्थिति में उसकी बीमारी और गंभीर होती चली जाती है। देश के हर गरीब को इस चिंता से निकालने के लिए ही एनडीए सरकार ने आयुष्‍मान भारत योजना प्रधानमंत्री स्‍वास्‍थय योजना की शुरू की गई है। ये योजना पूरे देश के लगभग 50 करोड़ गरीब के लिए उम्‍मीद की किरण बन गई है। इसमें से पांच करोड़ से ज्‍यादा लोग, ये मेरे बिहार के हैं। अभी तक इस योजना को 150 दिन भी नहीं हुए हैं, इतने कम समय में ही देश के लगभग 12 लाख गरीब बहन-भाइयों को इससे मुफ्त इलाज की सुविधा मिल चुकी है। इसमें बिहार के भी साढ़े 12 हजार से अधिक लोगों को इलाज का लाभ मिला है। हाल ही में हमारी सरकार ने सामान्‍य वर्ग के गरीबों के लिए आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण की व्‍यवस्‍था की है। ये दूसरे वर्ग के आरक्षण को बनाए रखते हुए किया गया है।

साथियो, विकास और विश्‍वास के ये तमाम कार्य इसलिए संभव हो पा रहे हैं क्‍योंकि आपने एक मजबूत सरकार साढ़े चार वर्ष पहले बनाई, जो पूरी क्षमता के साथ, तेजी के साथ फैसले ले पाती है, फैसलों को जमीन पर उतार पाती है। और इसलिए एक बार फिर आप सभी को शुभकामनाओं के साथ इस विकास की योजनाएं नए बिहार की पहचान बनाएंगी, युवाओं को रोजगार देंगी, किसान को ताकत देंगी, पटना की नई पहचान बनेगी, आरोग्‍य की दृष्टि से स्‍वस्‍थ बिहार के सपने पूरे होंगे। इन सब बातों के लिए आप सबको अनेक-अनेक शुभकामनाएं। नितीश बाबू और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत अभिनंदन।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद। मेरे साथ जोर से बोलिए-

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!