Golden Opportunity as PM Modi launches three gold schemes

Published By : Admin | November 5, 2015 | 15:12 IST
PM Narendra Modi launches three gold schemes
PM Narendra Modi launches first ever Indian gold coin
India has no reason to be described as a poor country; it has 20,000 tonnes of gold: PM Modi
Gold has been a source of women's empowerment in Indian society, says Prime Minister Modi
PM Narendra Modi highlights benefits of three gold schemes

उपस्थित सभी महानुभव।

हम बचपन से सुनते आए थे ‘सोने पे सुहागा’। लेकिन अब तक समझ नहीं था कि ‘सोने पर सुहागा’ होता क्‍या है। आज हमारे वित्‍त मंत्री जी ने हमें समझा दिया ‘सोने पर सुहागा’ क्‍या होता है। देश के लिए योजना सच्‍चे अर्थ में ‘सोने पे सुहागा’ इस भाव को चरित्रार्थ करती है। और हम ऐसे गरीब देश हैं जिसके पास 20 हजार टन सोना यूं ही पड़ा है। और शायद हमारी गरीबी का कारण भी यही है कि 20 हजार टन सोना पड़ा हुआ है। और इसलिए भारत को गरीब रहने का कोई कारण नहीं है, कोई कारण नहीं है। कोई logic नहीं समझा पा रहा कि हमें गरीब क्‍यों रहना चाहिए। अगर हम थोड़ी कोशिश करें, सही दिशा में कोशिश करें, तो हम.. हम पर जो Tag लगा है, उस Tag से मुक्ति पा सकते हैं। और उस रास्‍ते का एक महत्‍वपूर्ण, अहम कदम आज है कि ये Gold संबंधी भिन्‍न-भिन्न योजनाएं।

अब मैं बचपन से सुनता आया था लोगों से कि भई आधी रात को काम आता है। सोना रखो, आधी रात को काम आता है। कभी जरूरत पड़ जाए तो काम आ जाएगा; लेकिन मैंने सैकड़ों लोगों को पूछा कि भई कभी आपकी जिंदगी में ऐसी नौबत आई है क्‍या? मुझे अभी तक कोई मिला नहीं, जिसको आधी रात उसका उपयोग हुआ हो लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से उसके दिमाग में फिट है कि भई यह रखो कभी आधी रात काम आ जाएगा। और यह जो हमारे बने बनाए कुछ विचार ने घर कर लिया है, उसमें से समाज को बाहर लाना यह आसान काम नहीं है। आप समझा करके कितने ही पढ़े-लिखे व्‍यक्ति को कहोगे कि छोड़ों, आसान नहीं है। Even Reserve Bank के Governor को भी अपनी पत्‍नी कुछ मांगेगी तो Gold लाना ही पड़ेगा। जबकि उनका अर्थशास्‍त्र Gold के संबंध में अलग होगा, लेकिन गृहशास्‍त्र अलग होगा, तो यह जो अवस्‍था है उस अवस्‍था में कोई न कोई innovative, creative हमने व्‍यवस्‍थाएं विकसित करनी पड़ेगी। दूसरी एक सोच बनी हुई हैं हमारे देश में एक ऐसा Perception है दुनिया में कि भारत में महिलाओं के पास कुछ होता नहीं है। मकान है तो पति के नाम पर, पिता के नाम पर, गाड़ी है तो पति या बेटे के नाम पर, खेत है तो पिता के नाम महिलाओं के पास ? लेकिन बारीकी से देखेंगे तो सोना एक होता है जो महिला की ताकत का विषय होता है। यह ऐसे बनी हुई व्‍यवस्‍था नहीं है। कोई सिर्फ एक सामाजिक व्‍यवस्‍था का एक बहुत बड़ा ताकतवर हिस्‍सा रहा है, जो women empowerment बहुत बड़ा पहलू है। उसके नाम पर मकान नहीं होगा, लेकिन उसके पास यह संपत्ति उसके मालिक की होती है। और परिवार भी उसको question नहीं करता, बेटी भी question नहीं करती, यह तो मां का है। यह जो हमारा संस्‍कार का एक उत्‍तम पहलू भी है। जिसने women empowerment के लिए एक ऐसा सामाजिक जीवन में व्‍यवस्‍था विकसित की and with the help of gold यह हमारा structure विकसित हुआ है, तो उसको बरकरार भी रखना है। हमारी माताएं-बहनें उनके अंदर जो सुरक्षा का भाव है यह बरकरार रहना चाहिए। हम इस scheme में ये विश्‍वास अगर पहुंचाते हैं तो शायद इसकी सबसे ज्‍यादा सफलता का कारण महिलाएं बनेगी। दूसरा हमने देखा होगा हमारे यहां सम्‍पन्‍न परिवारों के family डॉक्‍टर होते हैं। even मध्‍यम वर्ग परिवार के भी family डॉक्‍टर होते हैं।लेकिन निम्‍म वर्ग, गरीब वर्ग परिवार के family डॉक्‍टर नहीं होते हैं। लेकिन हमारे देश में हर परिवार का family goldsmith होता है। कितना बड़ा विश्‍वास होता है। तीन-तीन, चार-चार पीढ़ी से वो सुनार, यानी वो अमेरिका में रहने गया होगा, लेकिन अपने गांव का सुनार है उसी को ढूंढेगा कि भई देखो जरा मैं यह भेजता हूं, कर देना। यह विश्‍वसनीयता एक बहुत बड़ी यानी सदियों की तपस्‍या से बनती है। उस ताकत को भी हमें पहचानना होगा। और इसलिए जब योजना के विषय में मेरे से चर्चा हो रही थी, तो श्रीमान दास को मैं कह रहा था कि जो गांव के छोटे-छोटे goldsmith हैं, वे हमारे एजेंड कैसे बन सकते हैं इस योजना के। एक समय ऐसा था 1968 goldsmith सरकार का सबसे बड़ा दुश्‍मन बना हुआ था। मैं गुजरात के पार्टन नामक शहर में बचपन में कुछ समय बिताया था। जिस गली में मैं रहता था वो सोने की गली थी। वहां एक सज्‍जन थे, उनका एक कार्यक्रम रहता था। सुबह अखबार आता था तो सिगरेट जलाते थे और अखबार में जहां भी मौराजी भाई का फोटो हो तो उसको जलाते थे। इतना गुस्‍सा, इतना गुस्‍सा वो करते थे, क्‍यों‍कि उनको लगता था कि भई हमारी तो सारी रोजी-रोटी चली गई। हम इस योजना के द्वारा ऐसी कैसे व्‍यवस्‍था विकसित करें ताकि उसको फिर एक एक बार empower करें। वो हमारा इस profession का एजेंट कैसे बने, क्‍योंकि उसका विश्‍वास है कि मैं किसी के लिए बुराई नहीं कर रहा हूं लेकिन बैंक से ज्‍यादा उसको अपने गांव के सुनार पर ज्‍यादा भरोसा है। वो बड़े से बड़े jewelry की showroom में जाएगा, लाने के बाद अपने सुनार के यहां जरा चैक कर ले भई। कितना ही बड़ा showroom होगा.. हमारे मेहुल भाई यहां बैठे हैं, लेकिन वो जाएगा। जाएगा अपने सुनार के पास जरा चैक तो करो, मैं ले तो आया हूं। ये एक हमारी इस व्‍यवस्‍था की एक बहुत बड़ी कड़ी बन सकती है। और यह स्‍ट्रक्‍चर already available है। हम उनको gold bond के लिए किस प्रकार से प्रेरित कर सकते है, उनको कैसे विश्‍वास दिला सकते हैं। हम एक decent line mechanism कैसे develop कर सकते हैं और मैं चाहूंगा कि Department के लोग इस पर सोचे, अगर यह हम कर पाएं तो शायद एकदम से यह बढ़ेगा। सरकार में कोई योजना बजट में आए और इतने कम समय में यह लागू हो जाए और Target तय किया है धनतेरस के पहले, क्‍योंकि भारत में शादी में सोने का जितना महत्‍व है, उससे ज्‍यादा धनतेरस को है। और सबसे ज्‍यादा import इन्‍हीं दिनों में हुआ होगा। क्‍योंकि लोगों को लगता होगा कि कोई बहुत बड़ा मार्केट खुलने वाला है तो हमको.. अब यह देखिए एक हजार टन सोना हर वर्ष हम import करते हैं और यह इतनी बड़ी शक्ति है हमारी अगर बिना उपयोग के पड़ी रहे किसी ने कोई बहुत बड़ा जलाशय बनाया हो dam बनाया हो, अरबों खरबों रुपये खर्च किये हो। लेकिन अगर canal network न हो और किसानों के पास पहुंचेगा नहीं तो क्‍या करना है उसको। यह हमारे 20 हजार टन सोने की यही हाल है जी। हमें इसको राष्‍ट्र की शक्ति में परिवर्तित करना है और सामाजिक सुरक्षा में अधिक बलवान बनाना है। इसके एक पहलू नहीं संभव है। यह सामाजिक सुरक्षा का जो पहलू है उसको हमें और Strengthen करना है। राष्‍ट्र की विकास यात्रा में वो एक बहुत बड़ा रोल प्‍ले कर सकते उस प्रकार का हमने विश्‍वास जताना है, mechanism बनाना है। आज एक चिंता तो लोगों को रहती है कि भई कहां रखें 15 दिन बाहर जाना है तो यह सब रखे कहां? रिश्‍तेदार के भी यहां रखें तो क्‍या रखें, कैसे उसको.. मन में चिंता रहती है। यह सुरक्षा का सबसे बड़ा Tension है वो इस योजना से मिट जाता है। उसको विश्‍वास बन जाता है कि यहां मेरा पैसा सुरक्षित है। कभी-कभार व्‍यक्ति Gold में इसलिए करता है कि रुपये के थैले कहां रखेंगे? इतनी छोटी जगह में Gold आ जाएगा तो इतने बड़े थैले वाला रुपये.. तो हम जानते है वो क्‍या होता है सब। लेकिन अगर आज वो उसके पास bond आ गया तो अपना चार कागज़ रख लें चोर भी आएगा तो वो हाथ नहीं लगाएगा। वो कहेगा यह कागज़ को क्‍या ले जाना, नहीं ले जाना भई, ये तो बेकार है। यानी सुरक्षा की guarantee है और यह वो बेच भी सकता है। सोना आधी रात को बिका हो, यह मुझे पता नहीं है। लेकिन मैं विश्‍वास से कहता हूं कि Gold Bond जरूरत पड़ने पर आधी रात को बेच सकते हैं, कहीं अस्‍पताल में जाना पड़ा ऑपरेशन करना पड़े, डॉक्‍टर कहता है पहले पैसे लाओ, Gold Bond दे दिया ऑपरेशन हो जाएगा। यह इतनी संभावनाएं तो सोने में नहीं है। यानी plus point है इसमें। हम इन चीजों को बड़ा articulate करके लोगों तक कैसे पहुंचाएं। उसी प्रकार से हमारा जो यह जमा जमाया ऐसे ही Gold पड़ा हुआ है। बैंक में आएगा और लम्‍बे समय के लिए आएगा तो वो jewellry के लिए चला जाएगा।

Jewellry के लिए चला जाएगा तो मैं मानता हूं jewellry क्षेत्र के लोगों को इस प्रकार से Gold सरलता से मिलेगा उनके सामने कोई question नहीं होंगे। एक jewellry के business वालों के लिए बैंक से direct requirement के अनुसार Gold मिल जाना locally ही मिल जाना यह अपने आप में हमारे jewellry के promotion के लिए बहुत सुविधा का कारण बनेगा और इसलिए जो jewellry की दुनिया से जुड़े हुए लोग हैं क्‍योंकि हम दुनिया के सबसे बड़े आज Gold consumer है। अभी मुझे कल कोई रिपोर्ट बता रहा था कि हमने चाइना को भी इसमें पीछे छोड़ दिया। शायद four-five hundred sixty two टन अब तक नौ महीने में शायद हमने Gold खरीदा है। और चाइना से five hundred forty eight पर खड़ा है। अगर इतना हम तेजी से कर रहे हैं, तो यह व्‍यवस्‍था हम बदलाव ला सकते हैं। monthly monitoring करके हम target तय कर सकते हैं कि इस month घरों का Gold बैंक में आएगा और उतनी मात्रा में बाहर से आना कम होगा। ये हम online monitoring व्‍यवस्‍था विकसित कर सकते थे, तो शायद हम इस सारी नई व्‍यवस्‍था को एक सचमुच में राष्‍ट्रहित में, राष्‍ट्र के‍ विकास के काम में इसको हम जोड़ सकते हैं। इसके साथ एक राष्‍ट्रीय स्‍वाभिमान का विषय भी है। क्‍या कारण है कि हम अभी भी विदेशी मार्के से सोना.. और आज भी पूछते हैं कि अच्‍छा वो मार्क का है। मुझे तो नाम याद नहीं, क्‍योंकि मेरा कोई ऐसे लेना-देना है नहीं, लेकिन सुनते आए हैं। अब वो विश्‍वास से कहेगा कि भई अशोक चक्र है क्‍या। मेरे देश को इस पर भरोसा है क्‍या। यह हमने brand popular करना चाहिए। अब हमने तय करना चाहिए कि हम अब विदेशी मार्क वाला बाजार में हम खुद ही नहीं देंगे। हम jewelry में होंगे, हम Gold बैचने वाले लोग होंगे, हम नहीं करेंगे। यह ठीक है कि अभी इस धनतेरस तो शायद सौ सवा सौ सेंटर पर ही मिलेगा शायद लेकिन वो धीरे-धीरे बढ़ेगा। तो जिन लोगों को धनतेरस पर सोना खरीदना है उनको कुछ जगह पर तो मिल ही जाएगा लेकिन आगे चल करके होगा, लेकिन एक राष्‍ट्रीय स्‍वाभिमान से जुड़ना चाहिए और हमें इसको बल देना चाहिए। और इतने कम समय में वित्‍त मंत्री और उनकी पूरी टीम ने पूरी scheme को workout किया, उसको launch किया। Technology भी इसमें है और manufacturing भी है। सारी व्‍यवस्‍थाएं नये सिरे से करनी पड़ी है। लेकिन सारी व्‍यवस्‍थाएं की और मैं जब इस coin को देखा शायद मैंने अपने रुपये वगैरह पर जो गांधी जी देखें हैं इसमें बहुत बढि़या उनका चित्र निकला है गांधी जी का, यानी जिसने भी इसका artwork किया है उसको मैं बधाई देता हूं। इतना यानी feeling आता है। आप देखेंगे तो ध्‍यान में आएगा। बहुत ही अच्‍छा artwork किया है यानी इसके लिए.. मेरा स्‍वभाव है, इन चीजों में मेरी रूचि होने के कारण मैं थोड़ा अलग प्रकार से देखता रहता हूं। लेकिन मैं बधाई देता हूं पूरी टीम को, अरूण जी को विशेष बधाई देता हूं। और देशवासियों को शुभकामनाएं देता हूं कि धनतेरस के इस पावन पर्व से और दिवाली के शुभकामनाओं के साथ भारत स्‍वर्णिम युग के लिए आगे बढ़े और आपका 20 हजार टन सोना भारत के स्‍वर्णिम युग की ओर जाने के लिए काफी है। ऐसा मेरा विश्‍वास है आइये भारत को स्‍वर्णिम युग बनाने के लिए जिनके पास सोना है, वो इस सुनहरे अवसर को न छोड़े और सोने पर सुहागा उसको फायदा वो भी उठाए। यही मेरी अपेक्षाएं और शुभकामनाएं हैं।

धन्‍यवाद।

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जय केरलम...
जय केरलम...
जय विकसिता केरलम
जय केरलम...

केरालथिले एंटे...
प्रियप्पेट्टा सहोदरी सहोदरनमारक्क…//
विनीथमाया//
नमस्कारम !

मैं कल्पाती श्री विशालाक्षी समेत श्री विश्वनाथ स्वामी जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं देख रहा हूं, इस बार केरलम में एक अलग ही माहौल है! केरलम बदलाव का संदेश दे रहा है। NDA की बढ़ती लोकप्रियता, बीजेपी के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास, आज आप सबका उत्साह और समर्थन, इतनी बड़ी संख्या में आपकी ये उपस्थिति। पालक्काड़ ये बता रहा है- केरलम का मूड अब एक मूवमेंट बन चुका है। अब केरलम के युवाओं का विश्वास है- बीजेपी और एनडीए। अब केरलम की महिलाओं का स्नेह है- बीजेपी और एनडीए। अब केरलम के किसानों का प्रेम है- बीजेपी और एनडीए।

एंडे सुहुर्तगले,

इस बदलाव के पीछे केरलम की जनता का आशीर्वाद है। इसके पीछे, केरलम बीजेपी के लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत है। हमारे कितने ही कार्यकर्ताओं ने यहां पॉलिटिकल वॉयलेंस के कारण अपना जीवन खोया है। मैं आज केरलम की मेरी पहली चुनाव सभा में उन सभी कार्यकर्ताओं को इस मंच से आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम् को सुंदरतम क्यों कहा जाता है, इसका अहसास हमें पालक्काड़ आते ही हो जाता है। हमारा पालक्काड़ केरलम का ये प्रवेश द्वार है। यहां प्रकृति की अद्भुत सुंदरता भी है। केरलम की प्राचीन जीवंत संस्कृति भी है और ये केरलम की प्रतिभा और परिश्रम का एक बड़ा केंद्र भी है। यहां कल्पाती मंदिर का महत्व बताते हुए काशी का उदाहरण दिया जाता है। काशी का सांसद होने के नाते ये मेरे लिए और भी विशेष है।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं इस पावन भूमि को नमन करता हूं। यहां के महान संत और समाज सुधारक

पूज्य श्री नारायण गुरु, पूज्य चत्तम्बी स्वामीकल, पूज्य मन्नत्त पद्मनाभन, पूज्य महात्मा अय्यनकाली और संत कुरियाकोस// एलियास चावरा, मैं इन महान विभूतियों को भी प्रणाम करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

दशकों से केरलम स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों के बीच फंसा हुआ है। एक ओर LDF, तो दूसरी ओर UDF। एक ओर कम्युनिस्ट, तो दूसरी ओर कांग्रेस।

एक भ्रष्ट, तो दूसरा महा-भ्रष्ट। एक सांप्रदायिक, तो दूसरा महा-सांप्रदायिक। LDF-UDF की सारी नीतियां केवल वोटबैंक पॉलिटिक्स के लिए ही होती हैं।

इन्हें केरलम के विकास की कोई परवाह नहीं। अब मैं आपको भरोसा देता हूं कि यहां बनने वाली बीजेपी-एनडीए सरकार केरलम का तेज विकास करेगी।

विकसित केरलम बनाएगी और ये मोदी की गारंटी है।

What remained unchanged will change.

Now Keralam will develop.

मारात्ततु इनी मारुम।

इनी केरलम वल़रुम

एंडे सुहुर्तगले,

LDF और UDF ने दशकों तक मिल-बांटकर केरलम को लूटा। इनके बीच एक टैक्टिकल समझौता रहा है। कुछ साल LDF वाले सरकार चलाएंगे, अपनी जेबें भरेंगे, उसके बाद, UDF वाले आकर लूटेंगे। इनके इस गठजोड़ में हमारा केरलम उलझकर रह गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

इन दिनों कम्युनिस्ट और कांग्रेस ने मिलकर एक नया propaganda शुरू किया है। कम्युनिस्ट कहते हैं कि- कांग्रेस बीजेपी की B टीम है! और कांग्रेस वाले कहते हैं- कम्युनिस्ट बीजेपी की B टीम है! यानी, LDF और UDF, इन लोगों ने भी मान लिया है। इस बार केरलम चुनाव में A टीम अगर कोई है, A टीम अगर कोई है...तो वो सिर्फ और सिर्फ बीजेपी ही है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में LDF-UDF दोनों ही बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। इसका मतलब ये कि ये दोनों भ्रष्टाचारी पार्टियां अगर किसी से डरी हुई हैं, तो वो है बीजेपी।

इन्हें बीजेपी का डर इसलिए है, क्योंकि इनको लगता है कि अगर बीजेपी यहां सरकार में आ गई, तो इनके सारे काले कारनामों का सच सामने आ जाएगा।

दशकों से LDF-UDF ने यहां बड़े-बड़े घोटाले किए हैं। लेकिन इन दलों की सरकारें कभी भी एक दूसरे पर कार्रवाई नहीं करती। ये आपके सामने सिर्फ झूठे बयान देती हैं। बीजेपी सरकार आई तो LDF-UDF के हर घोटालों की जांच कराएगी, केरलम की जनता को न्याय दिलाएगी। इसलिए, ये दोनों गठबंधन केरलम में बीजेपी सरकार बनने के डर से, इस जनसैलाब के समर्थन से, इनकी नींद हराम हो गई है, ये डर रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

चुनाव में पर्दे के पीछे कौन किसकी B टीम है, मैं केरलम के लोगों के सामने इसकी भी सच्चाई रखूंगा। कांग्रेस और कम्युनिस्ट पूरे देश में एक दूसरे से गठबंधन करते हैं। बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश से लेकर मणिपुर, त्रिपुरा, असम तक इन दोनों का गठबंधन है। इंडी अलायंस में साथ में हैं, दिल्ली में सरकार साथ में चलाई थी। तमिलनाडू में भी ये दोनों एक साथ अलायंस में हैं।

लेकिन यहां केरलम में कांग्रेस और लेफ्ट वाले एक दूसरे को झूठी गाली देते हैं। इसलिए आपको इन दोनों से ही सावधान रहना है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में टीम बीजेपी और टीम NDA सरकार बनाने के लिए मैदान में हैं।

हम केरलम की जनता के आशीर्वाद से, आप सबसे आशीर्वाद से यहां सरकार बनाएंगे। हम केरलम की सेवा में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। NDA का लक्ष्य है- केरलम के लोगों के सपने पूरे करना! हमने केंद्र में रहते हुए केरलम के विकास के लिए हर प्रयास किए हैं। जब कांग्रेस केंद्र सरकार में थी, तब केरलम को केंद्र से 10 साल में जितना पैसा मिला, हमने उससे 5 गुना ज्यादा बजट केरलम को दिया है। अर्बन development, रोड निर्माण, रेलवे का विकास एग्रिकल्चर development, जल जीवन मिशन, पीएम-आवास....

ये पैसा हर क्षेत्र के लिए दिया गया। लेकिन, यहां की राज्य सरकार ने इस पैसे का सही इस्तेमाल नहीं किया। इन पैसों पर आपका अधिकार था, उन्होंने लूटने का काम किया है।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम पर 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज हो गया है। 10 साल में ये कर्ज 3 गुने से ज्यादा बढ़ा है। ऐसे में केरलम के लोग सवाल पूछ रहे हैं। केरलम के हिस्से का, जनता की मेहनत का ये पैसा कहां जा रहा है? जवाब एक ही है- LDF वालों की जेबों में! जब यहां NDA सरकार आएगी, तो भ्रष्टाचारियों से ये पैसा वसूला जाएगा और केरलम की जनता के विकास में लगाया जाएगा।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम के पास भरपूर सामर्थ्य है। यहां प्राकृतिक संसाधन हैं, समुद्र है, खेती है, पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां के शिक्षित युवा, युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और क्षमता, ये सब केरलम की बहुत बड़ी पूंजी है। फिर भी केरलम आज पलायन की विभीषिका से जूझ रहा है। पिछले 10 वर्षों में यहां राज्य सरकार द्वारा कोई ऐसा बड़ा औद्योगिक प्रोजेक्ट नहीं शुरू हुआ, जिससे युवाओं को रोजगार मिलता।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस और लेफ्ट का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, ये जहां सत्ता में आते हैं, वहां सब चौपट करके ही जाते हैं। बंगाल में लेफ्ट ने क्या किया, ये पूरा देश जानता है। त्रिपुरा में लेफ्ट ने क्या किया, ये पूरा देश जानता है। कांग्रेस ने देश भर में क्या किया, ये भी सबने देखा है। इनके उसी कुचक्र में केरलम भी पिसता रहा है।
यहां सरकारी कर्मचारियों के वेतन में देरी की खबरें आती हैं। पेंशन के भुगतान में भी परेशानी की बातें सामने आती हैं। केरलम में नौकरी करने वाले परिवार की चिंता यही रहती है कि अगले महीने उनका वेतन आएगा या नहीं।

एंडे सुहुर्तगले,

हाल ही में भी केरल में सरकारी कर्मचारियों के DA और लीव सरेंडर के बकाया भुगतान को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। कांग्रेस इस सबके लिए लेफ्ट वालों पर हमला करती है। लेकिन, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहाँ भी हालात इतने ही बुरे हैं। पड़ोसी कर्नाटका को ही देख लीजिए। वहां भी विकास के ज़्यादातर काम रुक गए हैं। हिमाचल प्रदेश भी अब आर्थिक संकट में है।
यही कांग्रेस का गवर्नेंस मॉडल है।

एंडे सुहुर्तगले,

पालक्काड में यहां 22 साल तक लेफ्ट के MLA रहे। करीब पांच दशक कांग्रेस समर्थक MLA रहे। लेकिन इतने वर्षों में इस क्षेत्र का विकास नहीं हुआ। जैसे ही केंद्र में बीजेपी की सरकार आई, पालक्काड में केरलम को पहला IIT मिला। हम यहां रेलवे स्टेशन अपग्रेड करा रहे हैं। नेशनल हाईवे को आधुनिक बना रहे हैं। हम पालक्काड में स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी भी बनवा रहे हैं। इससे पालक्काड के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी ने हमेशा Women led development की अप्रोच को बढ़ावा दिया है। चाहे financial inclusion हो, healthcare हो या housing, आज केंद्र सरकार की योजनाओं में सबसे ज्यादा प्राथमिकता महिलाओं को मिलती है।
महिलाओं को विधानसभा और संसद में भागीदारी मिले, इसके लिए हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी पास किया।

एंडे सुहुर्तगले,

एनडीए ने अपने संकल्प की वजह से एक साधारण परिवार की बेटी को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाया है। दूसरी ओर कांग्रेस, पालक्काड में ही आपने देखा है। इनके नेता ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। कल ही कांग्रेस को अपने एक और नेता को महिला शोषण के गंभीर आरोप के बाद मजबूरी में पार्टी से निकालना पड़ा है। यही इन पार्टियों की सच्चाई है, जिससे केरलम की महिलाओं को सावधान रहना है।

यहां एक छोटी बच्ची बहुत बढ़िया कमल का निशान और मुझे भी पेंट कर दिया है। बेटी तुमने बनाया है। अच्छा शाबाश, मेरे एसपीजी के लोगों को दे दो, अगर तुम्हारा एड्रेश होगा, तो मैं तुम्हें चिट्ठी लिखूंगा।

एंडे सुहुर्तगले,

पिछले चुनाव में बीजेपी ने पालक्काड से, देश जिनके लिए गौरव करता है, दुनिया में जिनकी प्रतिष्ठा है, ऐसे हमारे मेट्रो मैन ई श्रीधरन जी को चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन वो यहां दूसरे नंबर पर रहे थे। और इन नतीजे से हम दिल्ली में जितने दुखी हुए, उससे ज्यादा पालक्काड के मेरे भाई-बहन दुखी हुए थे। इस बार शोभा सुरेंद्रन जी को बीजेपी ने अपना कैंडिडेट बनाया है। शोभा जी आप सभी की पुरानी परिचित हैं, आपके बीच रहकर उन्होंने जनसेवा का काम किया है। इस बार उन्हें रिकॉर्ड वोटों से विजयी बनाना है। और मेरे जो साथी बैठे हैं, उनको भी भारी मतों से विजयी बनाना है।

साथियों,

पालक्काड को केरलम का “नेल्लारा” कहा जाता है। इसकी ये पहचान बनाने के पीछे हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत है। लेकिन, केरलम का वही किसान आज संघर्ष कर रहा है। आप सब जानते हैं, धान की खरीद में यहां बार-बार देरी होती है, भुगतान समय पर नहीं मिलता। हजारों किसान इस अव्यवस्था से परेशान हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

किसानों की समस्याओं का समाधान भी अगर कोई कर सकता है तो सिर्फ और सिर्फ बीजेपी ही कर सकती है और बीजेपी कर के रहेगी। केंद्र सरकार की योजनाएं इसका सबूत हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत यहां के 27 लाख से अधिक किसानों को सीधे उनके खाते में पैसा मिला है। केंद्र सरकार ने पालक्काड के किसानों को लगभग 700 करोड़ रुपए देकर किसानों के खर्च को कम किया है। हमने धान के एमएसपी में भी भारी बढ़ोतरी की है।

इसका लाभ यहां के किसानों को हुआ है। लेकिन राज्य सरकार यहां किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें कर्ज में धकेल रही है। केरलम में BJP-NDA की सरकार आएगी, तो केरलम के किसानों की समस्याएं भी खत्म होंगी और
ये मोदी की गारंटी है।

एंडे सुहुर्तगले,

इस समय वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध पर सबकी नजर है। इस युद्ध का प्रभाव भारत पर कम से कम पड़े। इसके लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। यहां केरलम के बहुत सारे लोग युद्धग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से ही मैं ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों से लगातार बात कर रहा हूं, संपर्क में हूं। सारे ही देश युद्ध क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहां पर हमारे भाई-बहनों को कोई तकलीफ ना हो, इसके लिए भारतीय दूतावास भी दिन-रात काम कर रहा है। भारतीयों के हितों की सुरक्षा भाजपा-एनडीए सरकार के लिए सर्वोपरि है। वहीं इस संवेदनशील मामले में कांग्रेस जिस तरह की बयानबाजी कर रही है, वो भी आपको याद रखना है।

कांग्रेस जिस तरह के बयान दे रही है, वो खतरनाक हैं। कांग्रेस चाहती है कि खाड़ी देशों में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों की जिंदगी खतरे में पड़ जाए और फिर कांग्रेस इसका सियासी फायदा उठा सके।

यहां एक मेरा बाल मित्र चित्र बनाकर लाया है। बेटा आप गिर जाओगे, मैं मेरे एसपीजी को कहता हूं, वे चित्र ले लेंगे। और अगर आपका एड्रेस होगा तो मैं चिट्ठी लिखूंगा।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में भाजपा का एक ही संकल्प है- विकसित केरलम! NDA की गारंटी है- केरलम के युवाओं के सामने पलायन की मजबूरी समाप्त होगी। NDA की गारंटी है- हर युवा की प्रतिभा का सम्मान होगा। NDA की गारंटी है- सबका साथ, सबका विकास होगा। NDA की गारंटी है- आस्था के स्थान राजनीति और भ्रष्टाचार से मुक्त होंगे। NDA की गारंटी है- जो अभूतपूर्व विकास देश के अन्य हिस्सों में हुआ है, वही विकास अब केरलम की धरती पर भी दिखेगा।
एनडीए की गारंटी का मतलब है कि ये मोदी की भी गारंटी है। मेरे भाषण का आगे का हिस्सा बताने से पहले मैं सभी कैंडिडेट से प्रार्थना करता हूं कि सारे कैंडिडेट्स थोड़ा आगे आ जाएं। जो चुनाव लड़ रहे हैं, कैंडिडेट आगे आ जाएं। आगे आ जाएं सब लोग, चुनाव लड़ रहे सब लोग एक लाइन में खड़े हो जाएं ताकि मैं उनसे फिर मिल करके आपके पास आता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं एक बार फिर आप सभी यहां इतनी विशाल संख्या में आने के लिए, बीजेपी-एनडीए को आशीर्वाद देने के लिए हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

मेरे साथ बोलिए
भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय

वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्