Solutions to all the problems is in development: PM Modi in West Bengal

Published By : Admin | April 7, 2016 | 20:07 IST
I have come here so ensure proper education for children, opportunities for youth and for development: PM Modi
I have only three agendas: Development, fast-paced development & all-round development
For 34 years the Left front ruled and ruined Bengal; TMC stands for Terror, Maut, Corruption: PM Modi
Left and Congress contest against one another in Kerala but in spite of ideological differnces are allies in West Bengal: PM
After coming to power, Mamata Di said Maa, Maati, Manush but now it's all about only Maut and Money: PM
Solutions to all the problems is in development: PM Modi in West Bengal
We will ensure overall development of Bengal and eliminate all the problems people face in the state: PM
 

मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए आसनसोल के मेरे प्यारे भाईयों एवं बहनों 

आज मैं सुबह से पश्चिम बंगाल में दौरा कर रहा हूँ। टीवी पर आता है कि इस बार जून महीने में जो गर्मी पड़ती है, वो गर्मी अप्रैल महीने में शुरू हो गई है और इतनी भयंकर गर्मी के बीच पश्चिम बंगाल में चुनावी गर्मी है और आप लोगों का इतना जबर्दस्त उत्साह है। दिल्ली में बैठकर किसी को अंदाजा नहीं सकता कि पश्चिम बंगाल के चुनाव का मिजाज़ क्या है, यहाँ के लोगों का इरादा क्या है। मैंने ऐसा उत्साह पश्चिम बंगाल में कभी देखा नहीं था। मैं आप लोगों से एक शिकायत करना चाहता हूँ जब 2014 में लोकसभा का चुनाव था और मैं ख़ुद प्रधानमंत्री का उम्मीदवार था और इसी मैदान में आया था और तब इसकी आधी भीड़ भी नहीं थी। आज पश्चिम बंगाल का भविष्य तय करने के लिए आप जो उत्साह दिखा रहे हैं, ये मेरी शिकायत नहीं है, आपका अभिनंदन है। 

लेफ़्ट और टीएमसी और उसके पीछे भाग रही कांग्रेस, आने वाले दिनों में ये सभा देखने के बाद सोचेंगे कि कौन से गुंडे हैं जिनको आसनसोल भेजा जाए ताकि ये लोग मतदान न कर सकें, घपलेबाजी हो, हिंसा हो। ये सभा दीदी की भी नींद खराब कर देंगे और लेफ़्ट और सोनिया जी की भी नींद खराब कर देंगे। आप लोगों ने पूरे पश्चिम बंगाल को ये सन्देश दिया है कि अब पश्चिम बंगाल इन दोनों से मुक्ति चाहता है। क्या मिला पश्चिम बंगाल को? 34 साल तक लेफ्ट वालों ने बंगाल की प्रतिष्ठा, सम्मान को मिट्टी में मिला दिया और जब बाद में दीदी आई तो उन्होंने कहा था कि मां, माटी और मानुष लेकिन हमने 5 साल में हर दिन देखा – मौत का कारोबार, पैसों का कारोबार। 

यहाँ जिस प्रकार से बंगाल के लोगों के साथ धोखा किया गया, शारदा चिटफंड को कोई भूल सकता है क्या? गरीबों के पैसे डूबे हैं और ये पाप करने वाले जेलों में होने चाहिए थे, दीदी को ऐसे लोगों के खिलाफ़ कठोर कदम उठाने चाहिए थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। ये सरकार गरीबों का धन लूटने वालों पर मेहरबानी करने वाली सरकार है। गरीब बेचारा कुछ सपने देखकर पैसे रखता था, बेटी की शादी हो या बच्चों की पढ़ाई लेकिन इन लुटेरों ने गरीब के पैसे हज़म कर लिये और उन्हें बेघर बना दिया। 

जब अच्छी एवं ईमानदार सरकार होती है तो गरीबों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं बनाती हैं। इन्होंने चिटफंड चलाया और हम प्रधानमंत्री जन-धन योजना लेकर आए; उन्होंने चिटफंड के नाम पर गरीबों से पैसे बनाए और हमने बिना पैसे गरीबों के खाते खोल दिए और मुफ़्त में अकाउंट खोलने की व्यवस्था कर दी। हमने गरीबों को रूपये कार्ड दिया ताकि उनके परिवार में कभी कोई संकट आ गया तो उसमें 2 लाख का बीमा होगा और परिवार को ये पैसा मिल जाएगा। अनेकों को ये मिला भी और जन-धन योजना के तहत हमने हिंदुस्तान के करोड़ों गरीबों के लिए बैंक के दरवाजे खोल दिए। असम हो, उड़ीसा हो, बंगाल हो, इन्होंने कहीं के गरीबों को नहीं छोड़ा। गरीबों को लूटने वालों को क्या चुनाव जीतना चाहिये? 

मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ कि जिन-जिन लोगों ने गरीबों के पेट पर लात मारी है, ऐसे लोगों को इस चुनाव में एक पल के लिए भी स्वीकार नहीं करना चाहिए। 34 साल तक बंगाल में लेफ़्ट वालों की सरकार रही और उन्होंने बंगाल को बर्बाद कर दिया। दूर जाने की जरुरत नहीं है, 5 साल पहले चुनाव में कांग्रेस के नेता ने लेफ़्ट के खिलाफ़ क्या-क्या बोला था, ये आप वीडियो निकाल के सुन लो तो पता चल जाएगा कि लेफ़्ट वाले क्या करते थे और ये अजूबा देखो कि कांग्रेस वाले लेफ़्ट का कुर्ता पकड़ कर चल पड़े। जिस कांग्रेस पार्टी ने पहली बार केरल में लेफ़्ट की सरकार को धारा 356 लगाकर भंग कर दिया था और जिस कांग्रेस को लेफ़्ट के प्रति गुस्सा रहता था, आज पूरी कांग्रेस पार्टी लेफ़्ट के चरणों में जाकर बैठ गई है। ये जनता-जनार्दन जब देती है तो छप्पर फाड़कर देती है लेकिन जब ये लेती है तो कूड़े-कचरे की तरह साफ़ कर देती है। 

एक जमाना था जब कांग्रेस पार्टी 400 लोगों के साथ संसद में बैठती थी और जनता का गुस्सा ऐसा फूटा कि वे 40 पर आ गए। आज कांग्रेस की हालत देखो कि जीने-मरने के लिए लेफ़्ट के सामने झुकना पड़ा है और इनकी बेईमानी देखो - विचारधारा से अगर झगड़ा होता है तो ये केरल में भी होना चाहिए और वहां भी आमने-सामने लड़ना चाहिए लेकिन कांग्रेस का कमाल देखो कि केरल में वे कम्युनिस्ट को गाली दे रहे हैं और उनसे लड़ रहे हैं और बंगाल में कम्युनिस्ट को कंधे पर बिठाकर नाच रहे हैं। समझ नहीं आ रहा कि केरल में कुश्ती और बंगाल में दोस्ती? ये आप लोगों की आँखों में धूल झोंक रहे हैं। केरल में दोनों एक-दूसरे को गालियां देते हैं और बंगाल में कहते हैं कि बहुत अच्छे हैं और सबका भला करेंगे। 

एक जमाना था जब दीदी भ्रष्टाचार का नाम सुनती थी तो कुर्सी फेंक कर चली जाती थी लेकिन अब दीदी को क्या हो गया, ऐसा परिवर्तन कैसे आ गया। वो तो भ्रष्टाचार के खिलाफ़ रोड पर निकलती थीं, लाठियां झेलती थीं; आज इतना बड़ा स्कैंडल आ गया, टेंडर का सौदा होता है, नोटों की थप्पियाँ दी जा रही हैं और सब कैमरा पर है लेकिन इसके बावजूद दीदी ने कोई कदम नहीं उठाया। इसका मतलब है कि अब दीदी भ्रष्टाचार से एडजस्ट हो गई हैं; अब दीदी को ये सब ठीक लग रहा है। ये लुटते रूपये जनता के हैं और ये लूट बंद होना चाहिए। ये चुनाव एक ऐसा मौका है जब ऐसा करने वालों को राजनीति से हमेशा के लिए विदा कर देना चाहिए। 

मैं कभी कभी सोचता हूँ कि ये टीएमसी क्या है – टी फॉर टेरर, एम फॉर मौत और सी फॉर करप्शन। पांच सालों में टीएमसी का यह सीधा-सीधा मतलब निकल कर आया है। जब हम छोटे थे और लेफ़्ट वाले चुनाव जीतते थे तो हम लोगों से पूछते थे कि ये लेफ़्ट वाले चुनाव कैसे जीतते हैं तो समझदार लोग मुझे बताते थे कि यहाँ का चुनाव साइंटिफिक रिजीम करके जीता जाता था। साइंटिफिक रिजीम तो मैंने सुना था लेकिन दीदी के राज़ में मैं देख रहा हूँ - साइंटिफिक करप्शन। टेंडर का कारोबार टेंडर निकलने से पहले तय हो जाता है। 

अभी कोलकाता में करप्शन का भंडा फूट गया। विवेकानंद ब्रिज अनेकों की ज़िन्दगी को तबाह कर गया जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है लेकिन दीदी मौत पर भी राजनीति कर रही हैं। ब्रिज गिरा है, लाशें पड़ी हैं, घायल लोग कराह रहे हैं और दीदी मदद करने के नाम पर कुछ नहीं बोलती हैं और कहती हैं इस ब्रिज का कॉन्ट्रैक्ट तो लेफ़्ट वालों ने दिया था। मैं पूछता हूँ कि अगर ये ब्रिज बन जाता तो आप उद्घाटन करने जाती कि नहीं और आप ब्रिज बनाने के क्रेडिट लेने की कोशिश करती कि नहीं। अगर लेफ़्ट वालों ने पाप किया तो उस पाप को आपने आगे क्यों बढ़ाया। पूरे पश्चिम बंगाल में जो लेफ़्ट वाले करके गए, उसे ही आगे बढ़ाने का काम दीदी कर रही हैं और इसलिए पश्चिम बंगाल को लेफ़्ट और दीदी, दोनों से मुक्ति चाहिए। 

जिस प्रकार से टेरर का माहौल बनाया जा रहा है, अपने विरोधियों को ख़त्म करने की कोशिश हो रही है, ये लोकतंत्र और उसके प्रति आस्था का प्रतीक नहीं है। इस चुनाव में जो डिबेट चल रही है, उससे मैं हैरान हूँ। वो पूछते हैं कि ममता जी के राज़ में कितनी हत्याएं हुईं तो ममता जी कहती हैं कि आपके राज़ में इतनी हत्याएं हुईं, लेफ़्ट वाले कहते हैं कि आपके ज़माने में इतनी बलात्कार की घटनाएँ हुईं तो ममता जी कहती हैं कि आपके ज़माने में इतनी हुईं, दोनों के बीच दंगों की गिनती हो रही है। मैं पूछता हूँ कि चुनाव में यही डिबेट चलेगा क्या? ये आरोप-प्रत्यारोप गलत है। अच्छा होता कि ये कहते कि लेफ़्ट वालों ने इतना रास्ता बनाया था और हमने उससे ज्यादा बना दिया; लेफ़्ट वालों ने इतने स्कूल खोले थे और हमने उससे ज्यादा स्कूल खोल दिए, ये स्पर्धा होनी चाहिए थी लेकिन यहाँ स्पर्धा इस बात की हो रही है कि कौन ज्यादा बुरा है। 

भाईयों-बहनों, हमारी सरकार को 2 साल होने को आए हैं। आपने कभी अपने सांसद बाबुल सुप्रियो जो मेरी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री हैं, उनके ऊपर एक भी आरोप सुना है क्या? 2 साल से हम बैठे हैं, हमने एक भी पाप नहीं किया, ऐसे सरकार चलाई जाती है। हमारी सभी समस्याओं का समाधान चुनावी खोखलेबाजी से नहीं होने वाला है। मेरा 3 एजेंडा है – पहला विकास, दूसरा तेज़ गति से विकास और तीसरा चारों तरफ विकास, जिस पर मैं पिछले साल से काम कर रहा हूँ और यहाँ भी करना चाहता हूँ। आप मुझे सेवा करने का मौका दीजिए। हमारी सभी समस्याओं का समाधान विकास में है। 

आप हैरान होंगे कि ये पश्चिम बंगाल इतना प्यारा और प्रगतिशील था कि अंग्रेजों को भी कोलकाता में आकर अपना काम करने का मन कर गया था, ऐसा शानदार और जानदार हुआ करता था हमारा बंगाल। बंगाल पूरे देश को दिशा दिखाता था लेकिन आज इस बंगाल की स्थिति देखिये। सुभाष भाई के भतीजे, चन्द्र कुमार बोस भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं और दीदी ऐसी घबरा गई हैं और दीदी ने ऐसा टेरर दिया है कि कोई चन्द्र बोस को दफ्तर खोलने की जगह नहीं दे रहा है। लोग कहते हैं कि हम वोट दे देंगे लेकिन जब तक दीदी हैं तब तक हम आपको मकान नहीं दे पाएंगे वर्ना हम जिंदा नहीं रह पाएंगे। ये लोकतंत्र है क्या? 

आसनसोल सुंदर नगरी के रूप में जाना जाता था। अभी भारत सरकार पूरे देश में लगातार स्पर्धा करती है और ज्यूरी निष्पक्षता से उसकी जाँच करती है। 2016 के शुरू में इस देश के 72 शहरों में सफ़ाई को लेकर स्पर्धा हुई। दो महीने का समय दिया गया कि आपको क्या-क्या करना है। आपको जानकर दुःख होगा कि आसनसोल उस सूची में नीचे से दूसरे पायदान पर था। दीदी ने आसनसोल को ऐसा बना दिया कि पूरे हिंदुस्तान में इसकी इज्ज़त को मिट्टी में मिला दिया। आसनसोल एक औद्योगिक नगरी रही है, साफ़-सुथरा होना चाहिए लेकिन न बंगाल की सरकार को परवाह है और न यहाँ बैठे हुए लोगों को परवाह है। 

मैं कहता हूँ कि आप इन लोगों से मुक्ति लेकर बंगाल में भाजपा को स्वीकार करें। दिल्ली पूरी ताक़त लगाएगा और जितनी बुराईयाँ यहाँ पिछले कई वर्षों से हैं, उसे निकालने के लिए मैं कंधे से कंधा मिलकर काम करूँगा। साइंटिफिक रिजीम और साइंटिफिक करप्शन; पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट के नाम पर सारा कारोबार हड़प लिया जाता है। कोयले की कालाबाजारी में सिंडिकेट का क्या नाता है और ये सिंडिकेट लेफ़्ट वालों ने शुरू किया और तृणमूल वालों ने उसे आगे बढ़ाया है। मैंने पहले भी कहा है कि जिन्होंने देश का कोयला भी नहीं छोड़ा, उन्हें हम नहीं छोड़ेंगे। आपने कुछ दिन पहले देखा होगा कि कोयले की कालाबाजारी करने वाले कुछ लोगों को सजा भी हो गई और जेल भी हो गया और अब आगे औरों की भी बारी है। 

हमने करप्शन के खिलाफ़ लड़ाई चलाई है और मैं जानता हूँ कि मैं जितना इन चीजों को ठीक करता हूँ, उतना इन लोगों को परेशानी ज्यादा होती है। इसलिए वे जोर से चिल्लाते हैं क्योंकि उनको पता है कि अब उनके जेल में जाने के दिन आ रहे हैं। विकास की बात को छोड़कर और बातें जो उठाई जा रही हैं, उसका मूल कारण यही है कि मुसीबत अब उनके कदमों तक पहुँचने की तयारी कर रही है। कहीं भी जोर से आवाज़ सुनाई दे तो समझ लेना कि मोदी ने कोई ऐसा कदम उठाया है जिससे बेईमान लोगों के लिए परेशानी आनी शुरू हो गई है। 

मैं आपके पास वोट मांगने आया हूँ। मुझे वोट चाहिए – बच्चों की पढ़ाई के लिए, नौजवानों की कमाई के लिए, बुजुर्गों की दवाई के लिए, अच्छी शिक्षा के लिए, अच्छे जीवन के लिए, विकास के लिए। आप पूरी तरह समर्थन देकर भाजपा के उम्मीदवारों को विजयी बनाईए। 

बहुत-बहुत धन्यवाद!
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মহামান্য,

মহামান্য অতিথিবৃন্দ,

নমস্কার।

ব্রিকস পরিবারের সকল সদস্যকে জানাই উষ্ণ অভ্যর্থনা।

আজ এই সভাগৃহটি বিভিন্ন মহাদেশ, সংস্কৃতি এবং উন্নয়ন যাত্রাকে একত্রিত করেছে। এটি ব্রিকসের ক্রমবর্ধমান শক্তি, আকর্ষণ এবং অভূতপূর্ব আত্মবিশ্বাসের এক প্রমাণ।

বন্ধুগণ,

ভারতের সভাপতিত্বে আমরা আমাদের সমস্ত প্রচেষ্টা স্থিতিস্থাপকতা, উদ্ভাবন, সহযোগিতা এবং স্থায়িত্বের চারটি স্তম্ভের উপর কেন্দ্রীভূত করেছি। আমি আনন্দিত যে আপনাদের সহযোগিতা ও সমর্থনে আমরা আমাদের এই অভিন্ন স্বপ্নকে একটি পারস্পরিক লাভজনক অংশীদারিত্বে রূপান্তরিত করতে সক্ষম হয়েছি।

আজ বিশ্বে উত্তেজনার সংখ্যা ক্রমাগত বাড়ছে, এবং এটি সাধারণ মানুষের জীবনে অত্যন্ত নেতিবাচক ও ব্যাপক প্রভাব ফেলছে।

মহামারী, জলবায়ু বিপর্যয় এবং সরবরাহ শৃঙ্খলের ব্যাঘাত দেখিয়েছে যে আজকের এই আন্তঃসংযুক্ত বিশ্বে কোনো সংকটই একটি অঞ্চলে সীমাবদ্ধ নয়। তাই, আমরা ব্রিকস গোষ্ঠীর মধ্যে স্থিতিস্থাপকতা বাড়ানোর উপর বিশেষ জোর দিয়েছি। সময়মতো প্রতিবন্ধকতাগুলো চিহ্নিত করা, সেগুলোর জন্য প্রস্তুত থাকা এবং অবিলম্বে পদক্ষেপ গ্রহণ করাও সমান গুরুত্বপূর্ণ।

এই বিষয়টি মাথায় রেখে, আমরা সংক্রামক রোগ প্রতিরোধ ও মোকাবিলার জন্য ব্রিকস সমন্বিত আগাম সতর্কীকরণ ব্যবস্থায় সম্মত হয়েছি। দুর্যোগ ব্যবস্থাপনার জন্য আগাম সতর্কীকরণ ডেটা একীকরণ নির্দেশিকা তৈরি করা হয়েছে। ব্রিকস লজিস্টিকস সাপ্লাই চেইন সহযোগিতা কাঠামো আমাদের সরবরাহ শৃঙ্খলকে আরও নির্ভরযোগ্য ও স্থিতিস্থাপক করে তুলতে সাহায্য করবে।

বন্ধুগণ,

উদ্ভাবনের অধীনে, ব্রিকস ইনকিউবেটর নেটওয়ার্ক আমাদের স্টার্ট-আপ এবং ইনকিউবেটরগুলোকে সংযুক্ত করবে। উদ্ভাবনী এবং সম্প্রসারণযোগ্য সমাধানগুলোকে উৎসাহিত করার জন্য, আমরা ব্রিকস স্টার্টআপ ইনোভেশন ফান্ড প্রস্তাব করেছি।

ডিজিটাল কৃষির উপর ব্রিকস নেটওয়ার্ক কৃষকদের জন্য নতুন সুযোগ তৈরি করবে। এর মাধ্যমে, এআই, ভূ-স্থানিক প্রযুক্তি এবং ডিজিটাল গণ-অবকাঠামো কৃষকদের প্রকৃত চাহিদার সঙ্গে সংযুক্ত হবে।

প্রযুক্তি এবং গুরুত্বপূর্ণ খনিজ সম্পদের অস্ত্রায়ন আমাদের সম্মিলিত অগ্রগতিকে বাধাগ্রস্ত করতে পারে। তাই, আমরা প্রযুক্তি গ্রহণে অন্তর্ভুক্তির উপর জোর দিয়েছি।

বন্ধুগণ,

ভারত ব্রিকস মঞ্চের মাধ্যমে বন্ধুত্ব, অংশগ্রহণ এবং সহযোগিতাকে উৎসাহিত করেছে।

আমাদের প্রচেষ্টা হলো এটা নিশ্চিত করা যে, ব্রিকস সহযোগিতা যেন শুধু অংশীদার দেশগুলির সরকারের মধ্যেই সীমাবদ্ধ না থাকে। আমাদের প্রত্যেক দেশের উদ্যোক্তা, কৃষক, গবেষক, নারী, যুবক এবং সাধারণ নাগরিকরাও যেন সক্রিয় অংশগ্রহণকারী হন।

ব্রিকস কানেক্ট-এর মাধ্যমে আমরা দক্ষতা, কর্মসংস্থান, কর্মক্ষেত্রে নারীর অংশগ্রহণ, সামাজিক সুরক্ষা এবং সক্ষমতা বৃদ্ধিকে উৎসাহিত করেছি।

ক্ষুদ্র উদ্যোগগুলোকে জ্ঞান, অর্থায়ন এবং নতুন বাজারের সাথে সংযুক্ত করার জন্য ব্রিকস এমএসএমই কো-অপারেশন পোর্টাল উদ্যোগটি চালু করা হয়েছে।

আমাদের শহরগুলোর মধ্যে সেরা অনুশীলনগুলো ভাগ করে নেওয়ার জন্য ব্রিকস আরবান মোবিলিটি হাব প্রতিষ্ঠা করা হয়েছে।

বন্ধুগণ,

ভারতীয় সভ্যতায় প্রকৃতিকে মায়ের মর্যাদা দেওয়া হয়। শত শত বছর ধরে আমরা বিশ্বাস করে এসেছি যে উন্নয়ন এবং পরিবেশ একে অপরের বিকল্প নয়, বরং পরিপূরক। ব্রিকসে আমরা মানব উন্নয়ন এবং পরিবেশের মধ্যে ভারসাম্যের উপরও জোর দিয়েছি।

এটাই স্থায়িত্বের ভিত্তি। এটি ভবিষ্যৎ প্রজন্মের প্রতি আমাদের দায়িত্বও বটে। আমরা এই দিকে অনেক ক্ষেত্রে অগ্রগতি করেছি।

আমরা স্মার্ট গ্রিড এবং শক্তি সঞ্চয়ের জন্য ব্রিকস ডিজিটাল সেন্টার অফ এক্সিলেন্স প্রতিষ্ঠা করেছি। এটি আমাদের পরিবেশবান্ধব শক্তি ব্যবস্থাকে আরও নির্ভরযোগ্য, কার্যকর এবং সহজলভ্য করতে সাহায্য করবে।

কৃষি-পরিবেশবিদ্যা এবং পুনরুজ্জীবনমূলক কৃষির সেন্টার অফ এক্সিলেন্সগুলো ঐতিহ্যগত জ্ঞানকে আধুনিক বিজ্ঞানের সঙ্গে সংযুক্ত করবে। সম্প্রদায়-ভিত্তিক জলবায়ু অভিযোজনের জন্য বিকশিত নীতিমালা দেশীয় জ্ঞানকে জলবায়ু কার্যক্রমের একটি গুরুত্বপূর্ণ ভিত্তি করে তুলবে।

বন্ধুগণ,

এই চারটি স্তম্ভকে এগিয়ে নিয়ে যাওয়ার মাধ্যমে আমরা ব্রিকসের মাধ্যমে অন্তর্ভুক্তিমূলক বৈশ্বিক প্রবৃদ্ধিকে উৎসাহিত করার চেষ্টা করেছি। আমরা বিশ্বাস করি যে ব্রিকসে বিকশিত সমাধানগুলোর সুফল শুধু ব্রিকসের মধ্যেই সীমাবদ্ধ থাকা উচিত নয়। এগুলো গ্লোবাল সাউথের চাহিদা অনুযায়ী অভিযোজনযোগ্য এবং সহজলভ্য হওয়া উচিত।

বন্ধুগণ,

আমার ব্যক্তিগত অভিজ্ঞতা থেকে আমি বলতে পারি যে ব্রিকসের প্রতি গ্লোবাল সাউথের দেশগুলোর আস্থা বেড়েছে, কারণ ব্রিকসে:

তাদের কথা শোনা হয়।

তাদের অভিজ্ঞতাকে সম্মান করা হয়।

এবং সমাধানগুলো তাদের জন্য নয়, বরং তাদের সঙ্গে নিয়েই তৈরি করা হয়।

ব্রিকসের শক্তি আমাদের বৈচিত্র্য এবং সহযোগিতার মধ্যেই নিহিত।

আমরা হয়তো ভিন্ন ভিন্ন বাস্তবতায় প্রোথিত, কিন্তু একত্রে আমরা সহযোগিতার মাধ্যমে উন্নতি করি এবং মানবতার জন্য বিকশিত হই।

আমাদের বৈচিত্র্যই হোক আমাদের পরিচয়, আমাদের সহযোগিতাই হোক আমাদের অনুপ্রেরণা, এবং আমাদের অগ্রগতি হোক সমগ্র মানবজাতির সেবায়।

আপনাদের সকলকে জানাই অসংখ্য ধন্যবাদ।