Solutions to all the problems is in development: PM Modi in West Bengal

Published By : Admin | April 7, 2016 | 20:07 IST
I have come here so ensure proper education for children, opportunities for youth and for development: PM Modi
I have only three agendas: Development, fast-paced development & all-round development
For 34 years the Left front ruled and ruined Bengal; TMC stands for Terror, Maut, Corruption: PM Modi
Left and Congress contest against one another in Kerala but in spite of ideological differnces are allies in West Bengal: PM
After coming to power, Mamata Di said Maa, Maati, Manush but now it's all about only Maut and Money: PM
Solutions to all the problems is in development: PM Modi in West Bengal
We will ensure overall development of Bengal and eliminate all the problems people face in the state: PM
 

मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए आसनसोल के मेरे प्यारे भाईयों एवं बहनों 

आज मैं सुबह से पश्चिम बंगाल में दौरा कर रहा हूँ। टीवी पर आता है कि इस बार जून महीने में जो गर्मी पड़ती है, वो गर्मी अप्रैल महीने में शुरू हो गई है और इतनी भयंकर गर्मी के बीच पश्चिम बंगाल में चुनावी गर्मी है और आप लोगों का इतना जबर्दस्त उत्साह है। दिल्ली में बैठकर किसी को अंदाजा नहीं सकता कि पश्चिम बंगाल के चुनाव का मिजाज़ क्या है, यहाँ के लोगों का इरादा क्या है। मैंने ऐसा उत्साह पश्चिम बंगाल में कभी देखा नहीं था। मैं आप लोगों से एक शिकायत करना चाहता हूँ जब 2014 में लोकसभा का चुनाव था और मैं ख़ुद प्रधानमंत्री का उम्मीदवार था और इसी मैदान में आया था और तब इसकी आधी भीड़ भी नहीं थी। आज पश्चिम बंगाल का भविष्य तय करने के लिए आप जो उत्साह दिखा रहे हैं, ये मेरी शिकायत नहीं है, आपका अभिनंदन है। 

लेफ़्ट और टीएमसी और उसके पीछे भाग रही कांग्रेस, आने वाले दिनों में ये सभा देखने के बाद सोचेंगे कि कौन से गुंडे हैं जिनको आसनसोल भेजा जाए ताकि ये लोग मतदान न कर सकें, घपलेबाजी हो, हिंसा हो। ये सभा दीदी की भी नींद खराब कर देंगे और लेफ़्ट और सोनिया जी की भी नींद खराब कर देंगे। आप लोगों ने पूरे पश्चिम बंगाल को ये सन्देश दिया है कि अब पश्चिम बंगाल इन दोनों से मुक्ति चाहता है। क्या मिला पश्चिम बंगाल को? 34 साल तक लेफ्ट वालों ने बंगाल की प्रतिष्ठा, सम्मान को मिट्टी में मिला दिया और जब बाद में दीदी आई तो उन्होंने कहा था कि मां, माटी और मानुष लेकिन हमने 5 साल में हर दिन देखा – मौत का कारोबार, पैसों का कारोबार। 

यहाँ जिस प्रकार से बंगाल के लोगों के साथ धोखा किया गया, शारदा चिटफंड को कोई भूल सकता है क्या? गरीबों के पैसे डूबे हैं और ये पाप करने वाले जेलों में होने चाहिए थे, दीदी को ऐसे लोगों के खिलाफ़ कठोर कदम उठाने चाहिए थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। ये सरकार गरीबों का धन लूटने वालों पर मेहरबानी करने वाली सरकार है। गरीब बेचारा कुछ सपने देखकर पैसे रखता था, बेटी की शादी हो या बच्चों की पढ़ाई लेकिन इन लुटेरों ने गरीब के पैसे हज़म कर लिये और उन्हें बेघर बना दिया। 

जब अच्छी एवं ईमानदार सरकार होती है तो गरीबों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं बनाती हैं। इन्होंने चिटफंड चलाया और हम प्रधानमंत्री जन-धन योजना लेकर आए; उन्होंने चिटफंड के नाम पर गरीबों से पैसे बनाए और हमने बिना पैसे गरीबों के खाते खोल दिए और मुफ़्त में अकाउंट खोलने की व्यवस्था कर दी। हमने गरीबों को रूपये कार्ड दिया ताकि उनके परिवार में कभी कोई संकट आ गया तो उसमें 2 लाख का बीमा होगा और परिवार को ये पैसा मिल जाएगा। अनेकों को ये मिला भी और जन-धन योजना के तहत हमने हिंदुस्तान के करोड़ों गरीबों के लिए बैंक के दरवाजे खोल दिए। असम हो, उड़ीसा हो, बंगाल हो, इन्होंने कहीं के गरीबों को नहीं छोड़ा। गरीबों को लूटने वालों को क्या चुनाव जीतना चाहिये? 

मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ कि जिन-जिन लोगों ने गरीबों के पेट पर लात मारी है, ऐसे लोगों को इस चुनाव में एक पल के लिए भी स्वीकार नहीं करना चाहिए। 34 साल तक बंगाल में लेफ़्ट वालों की सरकार रही और उन्होंने बंगाल को बर्बाद कर दिया। दूर जाने की जरुरत नहीं है, 5 साल पहले चुनाव में कांग्रेस के नेता ने लेफ़्ट के खिलाफ़ क्या-क्या बोला था, ये आप वीडियो निकाल के सुन लो तो पता चल जाएगा कि लेफ़्ट वाले क्या करते थे और ये अजूबा देखो कि कांग्रेस वाले लेफ़्ट का कुर्ता पकड़ कर चल पड़े। जिस कांग्रेस पार्टी ने पहली बार केरल में लेफ़्ट की सरकार को धारा 356 लगाकर भंग कर दिया था और जिस कांग्रेस को लेफ़्ट के प्रति गुस्सा रहता था, आज पूरी कांग्रेस पार्टी लेफ़्ट के चरणों में जाकर बैठ गई है। ये जनता-जनार्दन जब देती है तो छप्पर फाड़कर देती है लेकिन जब ये लेती है तो कूड़े-कचरे की तरह साफ़ कर देती है। 

एक जमाना था जब कांग्रेस पार्टी 400 लोगों के साथ संसद में बैठती थी और जनता का गुस्सा ऐसा फूटा कि वे 40 पर आ गए। आज कांग्रेस की हालत देखो कि जीने-मरने के लिए लेफ़्ट के सामने झुकना पड़ा है और इनकी बेईमानी देखो - विचारधारा से अगर झगड़ा होता है तो ये केरल में भी होना चाहिए और वहां भी आमने-सामने लड़ना चाहिए लेकिन कांग्रेस का कमाल देखो कि केरल में वे कम्युनिस्ट को गाली दे रहे हैं और उनसे लड़ रहे हैं और बंगाल में कम्युनिस्ट को कंधे पर बिठाकर नाच रहे हैं। समझ नहीं आ रहा कि केरल में कुश्ती और बंगाल में दोस्ती? ये आप लोगों की आँखों में धूल झोंक रहे हैं। केरल में दोनों एक-दूसरे को गालियां देते हैं और बंगाल में कहते हैं कि बहुत अच्छे हैं और सबका भला करेंगे। 

एक जमाना था जब दीदी भ्रष्टाचार का नाम सुनती थी तो कुर्सी फेंक कर चली जाती थी लेकिन अब दीदी को क्या हो गया, ऐसा परिवर्तन कैसे आ गया। वो तो भ्रष्टाचार के खिलाफ़ रोड पर निकलती थीं, लाठियां झेलती थीं; आज इतना बड़ा स्कैंडल आ गया, टेंडर का सौदा होता है, नोटों की थप्पियाँ दी जा रही हैं और सब कैमरा पर है लेकिन इसके बावजूद दीदी ने कोई कदम नहीं उठाया। इसका मतलब है कि अब दीदी भ्रष्टाचार से एडजस्ट हो गई हैं; अब दीदी को ये सब ठीक लग रहा है। ये लुटते रूपये जनता के हैं और ये लूट बंद होना चाहिए। ये चुनाव एक ऐसा मौका है जब ऐसा करने वालों को राजनीति से हमेशा के लिए विदा कर देना चाहिए। 

मैं कभी कभी सोचता हूँ कि ये टीएमसी क्या है – टी फॉर टेरर, एम फॉर मौत और सी फॉर करप्शन। पांच सालों में टीएमसी का यह सीधा-सीधा मतलब निकल कर आया है। जब हम छोटे थे और लेफ़्ट वाले चुनाव जीतते थे तो हम लोगों से पूछते थे कि ये लेफ़्ट वाले चुनाव कैसे जीतते हैं तो समझदार लोग मुझे बताते थे कि यहाँ का चुनाव साइंटिफिक रिजीम करके जीता जाता था। साइंटिफिक रिजीम तो मैंने सुना था लेकिन दीदी के राज़ में मैं देख रहा हूँ - साइंटिफिक करप्शन। टेंडर का कारोबार टेंडर निकलने से पहले तय हो जाता है। 

अभी कोलकाता में करप्शन का भंडा फूट गया। विवेकानंद ब्रिज अनेकों की ज़िन्दगी को तबाह कर गया जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है लेकिन दीदी मौत पर भी राजनीति कर रही हैं। ब्रिज गिरा है, लाशें पड़ी हैं, घायल लोग कराह रहे हैं और दीदी मदद करने के नाम पर कुछ नहीं बोलती हैं और कहती हैं इस ब्रिज का कॉन्ट्रैक्ट तो लेफ़्ट वालों ने दिया था। मैं पूछता हूँ कि अगर ये ब्रिज बन जाता तो आप उद्घाटन करने जाती कि नहीं और आप ब्रिज बनाने के क्रेडिट लेने की कोशिश करती कि नहीं। अगर लेफ़्ट वालों ने पाप किया तो उस पाप को आपने आगे क्यों बढ़ाया। पूरे पश्चिम बंगाल में जो लेफ़्ट वाले करके गए, उसे ही आगे बढ़ाने का काम दीदी कर रही हैं और इसलिए पश्चिम बंगाल को लेफ़्ट और दीदी, दोनों से मुक्ति चाहिए। 

जिस प्रकार से टेरर का माहौल बनाया जा रहा है, अपने विरोधियों को ख़त्म करने की कोशिश हो रही है, ये लोकतंत्र और उसके प्रति आस्था का प्रतीक नहीं है। इस चुनाव में जो डिबेट चल रही है, उससे मैं हैरान हूँ। वो पूछते हैं कि ममता जी के राज़ में कितनी हत्याएं हुईं तो ममता जी कहती हैं कि आपके राज़ में इतनी हत्याएं हुईं, लेफ़्ट वाले कहते हैं कि आपके ज़माने में इतनी बलात्कार की घटनाएँ हुईं तो ममता जी कहती हैं कि आपके ज़माने में इतनी हुईं, दोनों के बीच दंगों की गिनती हो रही है। मैं पूछता हूँ कि चुनाव में यही डिबेट चलेगा क्या? ये आरोप-प्रत्यारोप गलत है। अच्छा होता कि ये कहते कि लेफ़्ट वालों ने इतना रास्ता बनाया था और हमने उससे ज्यादा बना दिया; लेफ़्ट वालों ने इतने स्कूल खोले थे और हमने उससे ज्यादा स्कूल खोल दिए, ये स्पर्धा होनी चाहिए थी लेकिन यहाँ स्पर्धा इस बात की हो रही है कि कौन ज्यादा बुरा है। 

भाईयों-बहनों, हमारी सरकार को 2 साल होने को आए हैं। आपने कभी अपने सांसद बाबुल सुप्रियो जो मेरी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री हैं, उनके ऊपर एक भी आरोप सुना है क्या? 2 साल से हम बैठे हैं, हमने एक भी पाप नहीं किया, ऐसे सरकार चलाई जाती है। हमारी सभी समस्याओं का समाधान चुनावी खोखलेबाजी से नहीं होने वाला है। मेरा 3 एजेंडा है – पहला विकास, दूसरा तेज़ गति से विकास और तीसरा चारों तरफ विकास, जिस पर मैं पिछले साल से काम कर रहा हूँ और यहाँ भी करना चाहता हूँ। आप मुझे सेवा करने का मौका दीजिए। हमारी सभी समस्याओं का समाधान विकास में है। 

आप हैरान होंगे कि ये पश्चिम बंगाल इतना प्यारा और प्रगतिशील था कि अंग्रेजों को भी कोलकाता में आकर अपना काम करने का मन कर गया था, ऐसा शानदार और जानदार हुआ करता था हमारा बंगाल। बंगाल पूरे देश को दिशा दिखाता था लेकिन आज इस बंगाल की स्थिति देखिये। सुभाष भाई के भतीजे, चन्द्र कुमार बोस भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं और दीदी ऐसी घबरा गई हैं और दीदी ने ऐसा टेरर दिया है कि कोई चन्द्र बोस को दफ्तर खोलने की जगह नहीं दे रहा है। लोग कहते हैं कि हम वोट दे देंगे लेकिन जब तक दीदी हैं तब तक हम आपको मकान नहीं दे पाएंगे वर्ना हम जिंदा नहीं रह पाएंगे। ये लोकतंत्र है क्या? 

आसनसोल सुंदर नगरी के रूप में जाना जाता था। अभी भारत सरकार पूरे देश में लगातार स्पर्धा करती है और ज्यूरी निष्पक्षता से उसकी जाँच करती है। 2016 के शुरू में इस देश के 72 शहरों में सफ़ाई को लेकर स्पर्धा हुई। दो महीने का समय दिया गया कि आपको क्या-क्या करना है। आपको जानकर दुःख होगा कि आसनसोल उस सूची में नीचे से दूसरे पायदान पर था। दीदी ने आसनसोल को ऐसा बना दिया कि पूरे हिंदुस्तान में इसकी इज्ज़त को मिट्टी में मिला दिया। आसनसोल एक औद्योगिक नगरी रही है, साफ़-सुथरा होना चाहिए लेकिन न बंगाल की सरकार को परवाह है और न यहाँ बैठे हुए लोगों को परवाह है। 

मैं कहता हूँ कि आप इन लोगों से मुक्ति लेकर बंगाल में भाजपा को स्वीकार करें। दिल्ली पूरी ताक़त लगाएगा और जितनी बुराईयाँ यहाँ पिछले कई वर्षों से हैं, उसे निकालने के लिए मैं कंधे से कंधा मिलकर काम करूँगा। साइंटिफिक रिजीम और साइंटिफिक करप्शन; पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट के नाम पर सारा कारोबार हड़प लिया जाता है। कोयले की कालाबाजारी में सिंडिकेट का क्या नाता है और ये सिंडिकेट लेफ़्ट वालों ने शुरू किया और तृणमूल वालों ने उसे आगे बढ़ाया है। मैंने पहले भी कहा है कि जिन्होंने देश का कोयला भी नहीं छोड़ा, उन्हें हम नहीं छोड़ेंगे। आपने कुछ दिन पहले देखा होगा कि कोयले की कालाबाजारी करने वाले कुछ लोगों को सजा भी हो गई और जेल भी हो गया और अब आगे औरों की भी बारी है। 

हमने करप्शन के खिलाफ़ लड़ाई चलाई है और मैं जानता हूँ कि मैं जितना इन चीजों को ठीक करता हूँ, उतना इन लोगों को परेशानी ज्यादा होती है। इसलिए वे जोर से चिल्लाते हैं क्योंकि उनको पता है कि अब उनके जेल में जाने के दिन आ रहे हैं। विकास की बात को छोड़कर और बातें जो उठाई जा रही हैं, उसका मूल कारण यही है कि मुसीबत अब उनके कदमों तक पहुँचने की तयारी कर रही है। कहीं भी जोर से आवाज़ सुनाई दे तो समझ लेना कि मोदी ने कोई ऐसा कदम उठाया है जिससे बेईमान लोगों के लिए परेशानी आनी शुरू हो गई है। 

मैं आपके पास वोट मांगने आया हूँ। मुझे वोट चाहिए – बच्चों की पढ़ाई के लिए, नौजवानों की कमाई के लिए, बुजुर्गों की दवाई के लिए, अच्छी शिक्षा के लिए, अच्छे जीवन के लिए, विकास के लिए। आप पूरी तरह समर्थन देकर भाजपा के उम्मीदवारों को विजयी बनाईए। 

बहुत-बहुत धन्यवाद!
Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

Popular Speeches

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
ISRO Successfully Tests CE20 Cryogenic Engine At Uprated 220 KN Thrust For C32 Stage Of Upcoming LVM3 Mission

Media Coverage

ISRO Successfully Tests CE20 Cryogenic Engine At Uprated 220 KN Thrust For C32 Stage Of Upcoming LVM3 Mission
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Let us turn the ambition of BRICS into action and our collective strength into global solutions: PM Modi at the BRICS Business Forum
September 11, 2026

Excellencies,
BRICS Business Community के leaders,
innovators और friends,

नमस्कार!

BRICS Business Forum में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

इस वर्ष हम BRICS के ट्वेंटी years मना रहे हैं। 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी, तो इसमें केवल चार देश थे। आज BRICS और BRICS partners मिलाकर, ट्वेंटी वन countries का हमारा परिवार है।

आज BRICS के देश विश्व की फिफ्टी पर्सेन्ट पाप्युलेशन, फॉर्टी पर्सेन्ट GDP, और ट्वेंटी-फाइव पर्सेन्ट से अधिक ट्रेड को रिप्रेज़ेन्ट करते हैं। इतना ही नहीं, इन वर्षों में, जहाँ ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है, वहीं BRICS देशों की combined GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है। यानि, BRICS की economic strength दुनिया की तुलना में करीब दुगनी रफ्तार से बढ़ी है।

ब्रिक्स देश ग्लोबल इनोवेशन और सोल्युशंस के लिए महत्वपूर्ण सेंटर्स भी बन रहे है। Grassroots से लेकर frontier technologies तक, हमारे देशों में इनोवेशन की नई संभावनाएँ आकार ले रहीं हैं। BRICS की बढ़ती scale, speed और optimism हमारे बीच साफ दिखाई दे रही है। भारत में आयोजित यह Forum, अब तक का सबसे बड़ा BRICS Business Forum है।

Friends,

भारत की BRICS अध्यक्षता की theme है, “बिल्डिंग फॉर रेज़िलियेन्स, इनोवेशन, को-ऑपरेशन एण्ड सस्टेनिबिलिटी”

पिछले बारह वर्षों में, भारत ने इस मंत्र को अपनी इकनॉमिक और ट्रेड पॉलिसी का आधार बनाया है। रेज़िलियेन्स की बात करें, तो भारत ने एनर्जी से लेकर टेक्नॉलजी तक, सप्लाई चैन्स को अधिक diversified और reliable बनाया है। इसी resilience का परिणाम है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी, भारत आज growth और stability का भरोसा दे रहा है।

हम roads, railways, ports और airports का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। साथ ही शिप-बिल्डिंग, सेमीकन्डक्टर, quantum, क्रिटिकल मिनरल्स, और बायो-टेक जैसे स्ट्रैटीजिक क्षेत्रों में नई क्षमताएँ तैयार कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में भारत, global businesses के लिए नए अवसरों का केंद्र बन रहा है। इसलिए, Make in India, Innovate with India, and Scale for the World.

Friends,

आज भारत में एक startup revolution हो रहा है। दो लाख से अधिक startups, और एक सौ बीस से अधिक unicorns के साथ, भारत आज ग्लोबल सोल्युशंस का हब बन रहा है। इसकी एक झलक आपको “BRICS Bharat Innovates expo” में दिखाई देगी।

हमारे startups, AI से education और healthcare को transform कर रहे हैं, Green Hydrogen और Batteries पर काम कर रहे हैं, और डिफेन्स और स्पेस में भी नए frontiers पार कर रहे हैं। अब हमें BRICS के माध्यम से भी, इन world-class innovations को global markets तक पहुंचाना है।

Friends,

भारत की innovation story की एक और विशेषता है- Innovation at Population Scale. भारत की Unified Payments Interface (UPI) ने population scale पर, financial inclusion और digital transactions को नई गति दी है।

आज विश्व के फिफ्टी पर्सेन्ट real time payments, इसी टेक्नॉलजी पर होते हैं। और इस digital layer पर नए सोल्युशंस बनाने के लिए, हमने इंडस्ट्री और start-ups को एक open ecosystem दिया है। हमें गर्व है कि भारत के इस world-class ecosystem को कई देश अपना रहे हैं। BRICS देशों के innovators भी, इस experience के आधार पर, अपने देशों के लिए नए सोल्युशंस तैयार कर सकते हैं।

Friends,

आज जब दुनिया में trade barriers बढ़ रहे हैं, भारत economic bridges बना रहा है। 2014 के बाद से हमने दुनिया के करीब 40 countries के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। BRICS में भी हमारी approach यही है, barriers को कम करना, और businesses के लिए अवसर बढ़ाना।

इसलिए, हमारी अध्यक्षता में, हमने एग्रीकल्चर, हेल्थ, skills और smart-grids जैसे क्षेत्रों में, नए को-ऑपरेशन नेटवर्क का गठन किया है। Start-ups और SMEs को, मार्केट और फाइनैन्स से जोड़ने के लिए, हमने BRICS इन्क्युबेटर नेटवर्क, BRICS MSME पोर्टल, और BRICS Startup Innovation Fund जैसी पहलें की हैं।

इन सभी को-ऑपरेशन frameworks का लाभ आप सभी उठा सकते हैं। और हमारे देशों के बीच इनवेस्टमेंट और टैलेंट का आदान-प्रदान बढ़ा सकते हैं।

Friends,

ग्लोबल ट्रेड तभी आगे बढ़ सकता है जब sea lanes सेक्योर हों, supply routes open हों, और seafarers safe हों। और इसलिए, भारत freedom of navigation, और seafarers की safety का दृढ़ समर्थक है।

BRICS Women’s Business Alliance भी हमारे विज़न का अहम हिस्सा है। हम चाहते हैं कि women entrepreneurs, हमारी growth story को lead करें। हमें बहुत खुशी है कि भारत में आयोजित इस alliance की meeting में, करीब 200 women business leaders ने भाग लिया।

Friends,

आज जब BRICS अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है, BRICS Business Council से मेरा आग्रह रहेगा, क्या आप BRICS देशों के बीच top 10 trade barriers हटाने के लिए रिपोर्ट बना सकते हैं? क्या हम हर वर्ष सौ BRICS startups को दूसरे BRICS markets में स्केल करने के लिए सपोर्ट कर सकते हैं? क्या हम अपने businesses के बीच हज़ार नई partnerships विकसित कर सकते है? इन तीनों मापदंडों पर हमें हर वर्ष अपनी progress को review करना है।

आइए, BRICS के ambition को action में, और collective strength को global solutions में बदलें। BRICS आगे बढ़े, और दुनिया को भी आगे बढ़ाए।

आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।