Solutions to all the problems is in development: PM Modi in West Bengal

Published By : Admin | April 7, 2016 | 20:07 IST
I have come here so ensure proper education for children, opportunities for youth and for development: PM Modi
I have only three agendas: Development, fast-paced development & all-round development
For 34 years the Left front ruled and ruined Bengal; TMC stands for Terror, Maut, Corruption: PM Modi
Left and Congress contest against one another in Kerala but in spite of ideological differnces are allies in West Bengal: PM
After coming to power, Mamata Di said Maa, Maati, Manush but now it's all about only Maut and Money: PM
Solutions to all the problems is in development: PM Modi in West Bengal
We will ensure overall development of Bengal and eliminate all the problems people face in the state: PM
 

मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए आसनसोल के मेरे प्यारे भाईयों एवं बहनों 

आज मैं सुबह से पश्चिम बंगाल में दौरा कर रहा हूँ। टीवी पर आता है कि इस बार जून महीने में जो गर्मी पड़ती है, वो गर्मी अप्रैल महीने में शुरू हो गई है और इतनी भयंकर गर्मी के बीच पश्चिम बंगाल में चुनावी गर्मी है और आप लोगों का इतना जबर्दस्त उत्साह है। दिल्ली में बैठकर किसी को अंदाजा नहीं सकता कि पश्चिम बंगाल के चुनाव का मिजाज़ क्या है, यहाँ के लोगों का इरादा क्या है। मैंने ऐसा उत्साह पश्चिम बंगाल में कभी देखा नहीं था। मैं आप लोगों से एक शिकायत करना चाहता हूँ जब 2014 में लोकसभा का चुनाव था और मैं ख़ुद प्रधानमंत्री का उम्मीदवार था और इसी मैदान में आया था और तब इसकी आधी भीड़ भी नहीं थी। आज पश्चिम बंगाल का भविष्य तय करने के लिए आप जो उत्साह दिखा रहे हैं, ये मेरी शिकायत नहीं है, आपका अभिनंदन है। 

लेफ़्ट और टीएमसी और उसके पीछे भाग रही कांग्रेस, आने वाले दिनों में ये सभा देखने के बाद सोचेंगे कि कौन से गुंडे हैं जिनको आसनसोल भेजा जाए ताकि ये लोग मतदान न कर सकें, घपलेबाजी हो, हिंसा हो। ये सभा दीदी की भी नींद खराब कर देंगे और लेफ़्ट और सोनिया जी की भी नींद खराब कर देंगे। आप लोगों ने पूरे पश्चिम बंगाल को ये सन्देश दिया है कि अब पश्चिम बंगाल इन दोनों से मुक्ति चाहता है। क्या मिला पश्चिम बंगाल को? 34 साल तक लेफ्ट वालों ने बंगाल की प्रतिष्ठा, सम्मान को मिट्टी में मिला दिया और जब बाद में दीदी आई तो उन्होंने कहा था कि मां, माटी और मानुष लेकिन हमने 5 साल में हर दिन देखा – मौत का कारोबार, पैसों का कारोबार। 

यहाँ जिस प्रकार से बंगाल के लोगों के साथ धोखा किया गया, शारदा चिटफंड को कोई भूल सकता है क्या? गरीबों के पैसे डूबे हैं और ये पाप करने वाले जेलों में होने चाहिए थे, दीदी को ऐसे लोगों के खिलाफ़ कठोर कदम उठाने चाहिए थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। ये सरकार गरीबों का धन लूटने वालों पर मेहरबानी करने वाली सरकार है। गरीब बेचारा कुछ सपने देखकर पैसे रखता था, बेटी की शादी हो या बच्चों की पढ़ाई लेकिन इन लुटेरों ने गरीब के पैसे हज़म कर लिये और उन्हें बेघर बना दिया। 

जब अच्छी एवं ईमानदार सरकार होती है तो गरीबों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं बनाती हैं। इन्होंने चिटफंड चलाया और हम प्रधानमंत्री जन-धन योजना लेकर आए; उन्होंने चिटफंड के नाम पर गरीबों से पैसे बनाए और हमने बिना पैसे गरीबों के खाते खोल दिए और मुफ़्त में अकाउंट खोलने की व्यवस्था कर दी। हमने गरीबों को रूपये कार्ड दिया ताकि उनके परिवार में कभी कोई संकट आ गया तो उसमें 2 लाख का बीमा होगा और परिवार को ये पैसा मिल जाएगा। अनेकों को ये मिला भी और जन-धन योजना के तहत हमने हिंदुस्तान के करोड़ों गरीबों के लिए बैंक के दरवाजे खोल दिए। असम हो, उड़ीसा हो, बंगाल हो, इन्होंने कहीं के गरीबों को नहीं छोड़ा। गरीबों को लूटने वालों को क्या चुनाव जीतना चाहिये? 

मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ कि जिन-जिन लोगों ने गरीबों के पेट पर लात मारी है, ऐसे लोगों को इस चुनाव में एक पल के लिए भी स्वीकार नहीं करना चाहिए। 34 साल तक बंगाल में लेफ़्ट वालों की सरकार रही और उन्होंने बंगाल को बर्बाद कर दिया। दूर जाने की जरुरत नहीं है, 5 साल पहले चुनाव में कांग्रेस के नेता ने लेफ़्ट के खिलाफ़ क्या-क्या बोला था, ये आप वीडियो निकाल के सुन लो तो पता चल जाएगा कि लेफ़्ट वाले क्या करते थे और ये अजूबा देखो कि कांग्रेस वाले लेफ़्ट का कुर्ता पकड़ कर चल पड़े। जिस कांग्रेस पार्टी ने पहली बार केरल में लेफ़्ट की सरकार को धारा 356 लगाकर भंग कर दिया था और जिस कांग्रेस को लेफ़्ट के प्रति गुस्सा रहता था, आज पूरी कांग्रेस पार्टी लेफ़्ट के चरणों में जाकर बैठ गई है। ये जनता-जनार्दन जब देती है तो छप्पर फाड़कर देती है लेकिन जब ये लेती है तो कूड़े-कचरे की तरह साफ़ कर देती है। 

एक जमाना था जब कांग्रेस पार्टी 400 लोगों के साथ संसद में बैठती थी और जनता का गुस्सा ऐसा फूटा कि वे 40 पर आ गए। आज कांग्रेस की हालत देखो कि जीने-मरने के लिए लेफ़्ट के सामने झुकना पड़ा है और इनकी बेईमानी देखो - विचारधारा से अगर झगड़ा होता है तो ये केरल में भी होना चाहिए और वहां भी आमने-सामने लड़ना चाहिए लेकिन कांग्रेस का कमाल देखो कि केरल में वे कम्युनिस्ट को गाली दे रहे हैं और उनसे लड़ रहे हैं और बंगाल में कम्युनिस्ट को कंधे पर बिठाकर नाच रहे हैं। समझ नहीं आ रहा कि केरल में कुश्ती और बंगाल में दोस्ती? ये आप लोगों की आँखों में धूल झोंक रहे हैं। केरल में दोनों एक-दूसरे को गालियां देते हैं और बंगाल में कहते हैं कि बहुत अच्छे हैं और सबका भला करेंगे। 

एक जमाना था जब दीदी भ्रष्टाचार का नाम सुनती थी तो कुर्सी फेंक कर चली जाती थी लेकिन अब दीदी को क्या हो गया, ऐसा परिवर्तन कैसे आ गया। वो तो भ्रष्टाचार के खिलाफ़ रोड पर निकलती थीं, लाठियां झेलती थीं; आज इतना बड़ा स्कैंडल आ गया, टेंडर का सौदा होता है, नोटों की थप्पियाँ दी जा रही हैं और सब कैमरा पर है लेकिन इसके बावजूद दीदी ने कोई कदम नहीं उठाया। इसका मतलब है कि अब दीदी भ्रष्टाचार से एडजस्ट हो गई हैं; अब दीदी को ये सब ठीक लग रहा है। ये लुटते रूपये जनता के हैं और ये लूट बंद होना चाहिए। ये चुनाव एक ऐसा मौका है जब ऐसा करने वालों को राजनीति से हमेशा के लिए विदा कर देना चाहिए। 

मैं कभी कभी सोचता हूँ कि ये टीएमसी क्या है – टी फॉर टेरर, एम फॉर मौत और सी फॉर करप्शन। पांच सालों में टीएमसी का यह सीधा-सीधा मतलब निकल कर आया है। जब हम छोटे थे और लेफ़्ट वाले चुनाव जीतते थे तो हम लोगों से पूछते थे कि ये लेफ़्ट वाले चुनाव कैसे जीतते हैं तो समझदार लोग मुझे बताते थे कि यहाँ का चुनाव साइंटिफिक रिजीम करके जीता जाता था। साइंटिफिक रिजीम तो मैंने सुना था लेकिन दीदी के राज़ में मैं देख रहा हूँ - साइंटिफिक करप्शन। टेंडर का कारोबार टेंडर निकलने से पहले तय हो जाता है। 

अभी कोलकाता में करप्शन का भंडा फूट गया। विवेकानंद ब्रिज अनेकों की ज़िन्दगी को तबाह कर गया जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है लेकिन दीदी मौत पर भी राजनीति कर रही हैं। ब्रिज गिरा है, लाशें पड़ी हैं, घायल लोग कराह रहे हैं और दीदी मदद करने के नाम पर कुछ नहीं बोलती हैं और कहती हैं इस ब्रिज का कॉन्ट्रैक्ट तो लेफ़्ट वालों ने दिया था। मैं पूछता हूँ कि अगर ये ब्रिज बन जाता तो आप उद्घाटन करने जाती कि नहीं और आप ब्रिज बनाने के क्रेडिट लेने की कोशिश करती कि नहीं। अगर लेफ़्ट वालों ने पाप किया तो उस पाप को आपने आगे क्यों बढ़ाया। पूरे पश्चिम बंगाल में जो लेफ़्ट वाले करके गए, उसे ही आगे बढ़ाने का काम दीदी कर रही हैं और इसलिए पश्चिम बंगाल को लेफ़्ट और दीदी, दोनों से मुक्ति चाहिए। 

जिस प्रकार से टेरर का माहौल बनाया जा रहा है, अपने विरोधियों को ख़त्म करने की कोशिश हो रही है, ये लोकतंत्र और उसके प्रति आस्था का प्रतीक नहीं है। इस चुनाव में जो डिबेट चल रही है, उससे मैं हैरान हूँ। वो पूछते हैं कि ममता जी के राज़ में कितनी हत्याएं हुईं तो ममता जी कहती हैं कि आपके राज़ में इतनी हत्याएं हुईं, लेफ़्ट वाले कहते हैं कि आपके ज़माने में इतनी बलात्कार की घटनाएँ हुईं तो ममता जी कहती हैं कि आपके ज़माने में इतनी हुईं, दोनों के बीच दंगों की गिनती हो रही है। मैं पूछता हूँ कि चुनाव में यही डिबेट चलेगा क्या? ये आरोप-प्रत्यारोप गलत है। अच्छा होता कि ये कहते कि लेफ़्ट वालों ने इतना रास्ता बनाया था और हमने उससे ज्यादा बना दिया; लेफ़्ट वालों ने इतने स्कूल खोले थे और हमने उससे ज्यादा स्कूल खोल दिए, ये स्पर्धा होनी चाहिए थी लेकिन यहाँ स्पर्धा इस बात की हो रही है कि कौन ज्यादा बुरा है। 

भाईयों-बहनों, हमारी सरकार को 2 साल होने को आए हैं। आपने कभी अपने सांसद बाबुल सुप्रियो जो मेरी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री हैं, उनके ऊपर एक भी आरोप सुना है क्या? 2 साल से हम बैठे हैं, हमने एक भी पाप नहीं किया, ऐसे सरकार चलाई जाती है। हमारी सभी समस्याओं का समाधान चुनावी खोखलेबाजी से नहीं होने वाला है। मेरा 3 एजेंडा है – पहला विकास, दूसरा तेज़ गति से विकास और तीसरा चारों तरफ विकास, जिस पर मैं पिछले साल से काम कर रहा हूँ और यहाँ भी करना चाहता हूँ। आप मुझे सेवा करने का मौका दीजिए। हमारी सभी समस्याओं का समाधान विकास में है। 

आप हैरान होंगे कि ये पश्चिम बंगाल इतना प्यारा और प्रगतिशील था कि अंग्रेजों को भी कोलकाता में आकर अपना काम करने का मन कर गया था, ऐसा शानदार और जानदार हुआ करता था हमारा बंगाल। बंगाल पूरे देश को दिशा दिखाता था लेकिन आज इस बंगाल की स्थिति देखिये। सुभाष भाई के भतीजे, चन्द्र कुमार बोस भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं और दीदी ऐसी घबरा गई हैं और दीदी ने ऐसा टेरर दिया है कि कोई चन्द्र बोस को दफ्तर खोलने की जगह नहीं दे रहा है। लोग कहते हैं कि हम वोट दे देंगे लेकिन जब तक दीदी हैं तब तक हम आपको मकान नहीं दे पाएंगे वर्ना हम जिंदा नहीं रह पाएंगे। ये लोकतंत्र है क्या? 

आसनसोल सुंदर नगरी के रूप में जाना जाता था। अभी भारत सरकार पूरे देश में लगातार स्पर्धा करती है और ज्यूरी निष्पक्षता से उसकी जाँच करती है। 2016 के शुरू में इस देश के 72 शहरों में सफ़ाई को लेकर स्पर्धा हुई। दो महीने का समय दिया गया कि आपको क्या-क्या करना है। आपको जानकर दुःख होगा कि आसनसोल उस सूची में नीचे से दूसरे पायदान पर था। दीदी ने आसनसोल को ऐसा बना दिया कि पूरे हिंदुस्तान में इसकी इज्ज़त को मिट्टी में मिला दिया। आसनसोल एक औद्योगिक नगरी रही है, साफ़-सुथरा होना चाहिए लेकिन न बंगाल की सरकार को परवाह है और न यहाँ बैठे हुए लोगों को परवाह है। 

मैं कहता हूँ कि आप इन लोगों से मुक्ति लेकर बंगाल में भाजपा को स्वीकार करें। दिल्ली पूरी ताक़त लगाएगा और जितनी बुराईयाँ यहाँ पिछले कई वर्षों से हैं, उसे निकालने के लिए मैं कंधे से कंधा मिलकर काम करूँगा। साइंटिफिक रिजीम और साइंटिफिक करप्शन; पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट के नाम पर सारा कारोबार हड़प लिया जाता है। कोयले की कालाबाजारी में सिंडिकेट का क्या नाता है और ये सिंडिकेट लेफ़्ट वालों ने शुरू किया और तृणमूल वालों ने उसे आगे बढ़ाया है। मैंने पहले भी कहा है कि जिन्होंने देश का कोयला भी नहीं छोड़ा, उन्हें हम नहीं छोड़ेंगे। आपने कुछ दिन पहले देखा होगा कि कोयले की कालाबाजारी करने वाले कुछ लोगों को सजा भी हो गई और जेल भी हो गया और अब आगे औरों की भी बारी है। 

हमने करप्शन के खिलाफ़ लड़ाई चलाई है और मैं जानता हूँ कि मैं जितना इन चीजों को ठीक करता हूँ, उतना इन लोगों को परेशानी ज्यादा होती है। इसलिए वे जोर से चिल्लाते हैं क्योंकि उनको पता है कि अब उनके जेल में जाने के दिन आ रहे हैं। विकास की बात को छोड़कर और बातें जो उठाई जा रही हैं, उसका मूल कारण यही है कि मुसीबत अब उनके कदमों तक पहुँचने की तयारी कर रही है। कहीं भी जोर से आवाज़ सुनाई दे तो समझ लेना कि मोदी ने कोई ऐसा कदम उठाया है जिससे बेईमान लोगों के लिए परेशानी आनी शुरू हो गई है। 

मैं आपके पास वोट मांगने आया हूँ। मुझे वोट चाहिए – बच्चों की पढ़ाई के लिए, नौजवानों की कमाई के लिए, बुजुर्गों की दवाई के लिए, अच्छी शिक्षा के लिए, अच्छे जीवन के लिए, विकास के लिए। आप पूरी तरह समर्थन देकर भाजपा के उम्मीदवारों को विजयी बनाईए। 

बहुत-बहुत धन्यवाद!
Explore More
শ্ৰী ৰাম জনমভূমি মন্দিৰৰ ধ্বজাৰোহণ উৎসৱত প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ সম্বোধনৰ অসমীয়া অনুবাদ

Popular Speeches

শ্ৰী ৰাম জনমভূমি মন্দিৰৰ ধ্বজাৰোহণ উৎসৱত প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ সম্বোধনৰ অসমীয়া অনুবাদ
Commendable performance of India’s marine exports amid uncertain times

Media Coverage

Commendable performance of India’s marine exports amid uncertain times
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
উত্তৰ প্ৰদেশৰ হৰদোইত গংগা এক্সপ্ৰেছৱে’ৰ উদ্বোধনৰ সময়ত প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ ভাষণৰ মূল পাঠ
April 29, 2026
This transformative infrastructure project will boost connectivity and drive progress across Uttar Pradesh: PM
Just as Maa Ganga has been the lifeline of UP and this country for thousands of years, similarly, in this era of modern progress, this expressway passing near her, will become the new lifeline of UP's development: PM
Recently, I had the opportunity to dedicate the Delhi-Dehradun Expressway to the nation.
I had then remarked that these emerging expressways are the lifelines shaping the destiny of a developing India, and these modern pathways are today heralding India's bright future: PM
Ganga Expressway will not only connect one end of UP to the other, it will also bring limitless possibilities of the NCR closer: PM

ভাৰত মাতাৰ জয়।

গংগা মাতাৰ জয়।

গংগা মাতাৰ জয়।

উত্তৰ প্ৰদেশৰ ৰাজ্যপাল আনন্দিবেন পেটেল, মুখ্যমন্ত্ৰী যোগী আদিত্যনাথ জী, উপ মুখ্যমন্ত্ৰী কেশৱ প্ৰসাদ মৌৰ্য আৰু ব্রিজেশ পাঠক জী, কেন্দ্ৰীয় মন্ত্ৰীসভাত মোৰ সহকৰ্মী জিতিন প্ৰসাদ জী তথা পংকজ চৌধুৰী জী, উত্তৰ প্ৰদেশ চৰকাৰৰ মন্ত্ৰী, সাংসদ আৰু বিধায়ক, অন্যান্য জন প্ৰতিনিধি আৰু ইয়াত বিশাল সংখ্যাত উপস্থিত থকা মোৰ মৰমৰ ভাই-ভনীসকল।

সৰ্বপ্ৰথমে, মই ভগৱান নৰসিংহৰ এই পুণ্যভূমিক প্ৰণাম জনাইছো। ইয়াৰ পৰা কেইকিলোমিটাৰমান দূৰত মা গংগা সুন্দৰভাৱে বৈ গৈছে। সেয়েহে, এই সমগ্ৰ অঞ্চলটো কোনো তীৰ্থতকৈ কম নহয়। আৰু মই বিশ্বাস কৰোঁ যে উত্তৰ প্ৰদেশলৈ এক্সপ্ৰেছৱে’ৰ এই উপহাৰো মা গংগাৰ আশীৰ্বাদ। এতিয়া আপুনি কেইঘণ্টামানৰ ভিতৰতে সংগমলৈ যাব পাৰে আৰু কাশীত বাবাক সাক্ষাৎ কৰি উভতিও আহিব পাৰে।

 

বন্ধুসকল,

হাজাৰ হাজাৰ বছৰ ধৰি মা গংগা উত্তৰ প্ৰদেশ আৰু এই দেশৰ জীৱনৰেখা হিচাপে পৰিগণিত হৈ অহাৰ দৰে আধুনিক প্ৰগতিৰ এই যুগত, তেওঁৰ ওচৰলৈ যোৱা এই এক্সপ্ৰেছৱে উত্তৰ প্ৰদেশৰ উন্নয়নৰ নতুন জীৱনৰেখা হৈ উঠিব। এয়াও এক বিস্ময়কৰ কাকতালীয় ঘটনা যে যোৱা চাৰি-পাঁচ দিনত মই মা গংগাৰ ওচৰত আছিলো। ২৪ এপ্ৰিলত মই বংগত থাকি গংগাৰ দৰ্শন কৰাৰ পাছত কালি মই কাশীত আছিলো। আজি ৰাতিপুৱা মই পুনৰ বাবা বিশ্বনাথ, মা অন্নপূৰ্ণা আৰু মা গংগা দৰ্শন কৰাৰ সৌভাগ্য লাভ কৰিছো। আৰু এতিয়া মা গংগাৰ নামত নিৰ্মিত এই এক্সপ্ৰেছৱে উৎসৰ্গা কৰাৰ সুযোগ পালো। মই সুখী যে উত্তৰ প্ৰদেশ চৰকাৰে এই এক্সপ্ৰেছৱে’টোৰ নাম মা গংগাৰ নামেৰে ৰাখিছে। ই আমাৰ উন্নয়নৰ দৃষ্টিভংগী আৰু আমাৰ ঐতিহ্যৰ দৃষ্টিভংগীও প্ৰতিফলিত কৰে। গংগা এক্সপ্ৰেছৱে’ৰ বাবে মই উত্তৰ প্ৰদেশৰ কোটি কোটি লোকক অভিনন্দন জনাইছো।

 

বন্ধুসকল,

আজি গণতন্ত্ৰ উদযাপনৰ বাবেও এক গুৰুত্বপূৰ্ণ দিন। বংগত বৰ্তমান দ্বিতীয় পৰ্যায়ৰ ভোটদান চলি আছে, আৰু যি প্ৰতিবেদন আহিছে তাৰ পৰা ধাৰণা কৰা হৈছে যে বংগত ব্যাপকভাৱে ভোটদান হৈছে। প্ৰথম পৰ্যায়ৰ দৰে, জনসাধাৰণে ভোটদান কৰিবলৈ বৃহৎ সংখ্যাত নিজৰ ঘৰৰ পৰা ওলাই আহিছে, দীঘলীয়া শাৰীৰ ফটো ছ’চিয়েল মিডিয়াত বিয়পি পৰিছে। যোৱা ৬-৭ দশকত যি হোৱা নাছিল, যিটো কল্পনা কৰাটো কঠিন আছিল, এইবাৰ বংগত নিৰ্ভীক পৰিৱেশত ভোটদান অনুষ্ঠিত হৈছে। জনসাধাৰণে ভয় নোহোৱাকৈ ভোটদান কৰিছে। ই দেশৰ সংবিধান আৰু দেশৰ শক্তিশালী গণতন্ত্ৰৰ এক গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰতীক। নিজৰ অধিকাৰৰ প্ৰতি ইমান সচেতন আৰু বৃহৎ সংখ্যাত ভোটদান কৰাৰ বাবে মই বংগৰ মহান জনসাধাৰণৰ প্ৰতি কৃতজ্ঞতা প্ৰকাশ কৰিছো। ভোটদান সমাপ্ত হ’বলৈ বহু ঘণ্টা বাকী থকাৰ সময়তে, মই বংগৰ জনসাধাৰণক গণতন্ত্ৰৰ এই উৎসৱত একে উৎসাহেৰে অংশগ্ৰহণ কৰিবলৈ আহ্বান জনাইছো।

 

বন্ধুসকল,

কিছুদিন পূৰ্বে বিহাৰত নিৰ্বাচন অনুষ্ঠিত হোৱাৰ সময়ত বিজেপি এনডিএ-য়ে এক বৃহৎ বিজয় লাভ কৰি ইতিহাস ৰচনা কৰিছিল। কালিহে গুজৰাটৰ পৌৰ নিগম, পৌৰসভা, জিলা পঞ্চায়ত, নগৰ পঞ্চায়ত, তহচিল পঞ্চায়তৰ নিৰ্বাচনৰ ফলাফল আহিছে। আৰু আমাৰ উত্তৰ প্ৰদেশৰ জনসাধাৰণ সুখী হ'ব যে ৮০ৰ পৰা ৮৫ শতাংশ পৌৰসভা আৰু পঞ্চায়তত বিজেপিয়ে জয়লাভ কৰিছে। আৰু মই আত্মবিশ্বাসী যে এই পাঁচখন ৰাজ্যৰ নিৰ্বাচনতো বিজেপিয়ে ঐতিহাসিক বিজয়ৰ হেট্ৰিক ৰেকৰ্ড কৰিব। ৪ মে’ৰ ফলাফলে উন্নত ভাৰতৰ সংকল্পক শক্তিশালী কৰিব, দেশৰ উন্নয়নৰ গতি নতুন শক্তিৰে পূৰণ কৰিব।

 

বন্ধুসকল,

দেশৰ দ্ৰুত উন্নয়নৰ বাবে আমি দ্ৰুতগতিত আধুনিক আন্তঃগাঁথনিও নিৰ্মাণ কৰিব লাগিব। ২০২১ৰ ডিচেম্বৰত মই গংগা এক্সপ্ৰেছৱে’ৰ আধাৰশিলা স্থাপন কৰিবলৈ শ্বাহজাহানপুৰলৈ আহিছিলো। এতিয়া ৫ বছৰতকৈও কম সময় হৈছে, আৰু আপোনালোকে দেখিব, দেশৰ সৰ্ববৃহৎ এক্সপ্ৰেছৱে’সমূহৰ ভিতৰত অন্যতম, উত্তৰ প্ৰদেশৰ দীৰ্ঘতম গ্ৰীণ কৰিডৰ এক্সপ্ৰেছৱে’ ৫ বছৰৰ ভিতৰত সম্পূৰ্ণ হৈছে। আজি ইয়াক হাৰদোইৰ পৰাও উদ্বোধন কৰা হৈছে। কেৱল এয়াই নহয়, এফালে গংগা এক্সপ্ৰেছৱে’ৰ নিৰ্মাণ সম্পূৰ্ণ হোৱাৰ লগতে ইয়াৰ সম্প্ৰসাৰণৰ পৰিকল্পনাৰ কামো আৰম্ভ হৈছে। অতি সোনকালেই গংগা এক্সপ্ৰেছৱে’ মীৰাটৰ পৰা আগবাঢ়ি হৰিদ্বাৰলৈ সম্প্ৰসাৰিত হ’ব। ইয়াৰ অধিক উন্নত ব্যৱহাৰৰ বাবে ফাৰুখাবাদ লিংক এক্সপ্ৰেছৱে’ নিৰ্মাণ কৰি ইয়াক অন্যান্য এক্সপ্ৰেছৱে’ৰ সৈতেও সংযোগ কৰা হ’ব। এয়া হৈছে দ্বৈত ইঞ্জিন চৰকাৰৰ দৃষ্টিভংগী! এই গতিৰে বিজেপি চৰকাৰে কাম কৰিছে! এয়া বিজেপি চৰকাৰৰ কাম কৰাৰ পদ্ধতি!

 

ভাই-ভনীসকল,

মাত্ৰ কেইদিনমান পূৰ্বে মই দিল্লী-ডেৰাডুন এক্সপ্ৰেছৱে’ উৎসৰ্গা কৰাৰ সুযোগ পাইছিলো। তেতিয়া মই কৈছিলো যে এই নতুন এক্সপ্ৰেছৱে'সমূহ হৈছে উন্নয়নশীল ভাৰতৰ হস্তৰেখাসদৃশ আৰু এই আধুনিক হস্তৰেখাসমূহে আজি ভাৰতৰ বাবে এক উজ্জ্বল ভৱিষ্যতৰ সূচনা কৰিছে।

বন্ধুসকল,

সেই দিনবোৰ পাৰ হৈ গ’ল যেতিয়া এটা পথৰ বাবে কেইবা দশক ধৰি অপেক্ষা কৰিবলগীয়া হৈছিল! এবাৰ ঘোষণা কৰাৰ পাছত, ফাইলসমূহ বছৰ বছৰ ধৰি চলি থাকিল! নিৰ্বাচনৰ বাবে প্ৰতিবন্ধকতা আহি পৰিছিল, তাৰ পিছত চৰকাৰ আহিছিল আৰু গৈছিল, কিন্তু কামৰ কোনো চিহ্ন নাছিল। কেতিয়াবা, জ্যেষ্ঠ বিষয়াসকলে পুৰণি ফাইলবোৰ বিচাৰি উলিয়াবলৈ দুবছৰ ধৰি কঠোৰ পৰিশ্ৰম কৰিবলগীয়া হৈছিল। দ্বৈত ইঞ্জিন চৰকাৰত আধাৰশিলাও স্থাপন কৰা হয় আৰু উদ্বোধনো যথাসময়ত হয়। সেয়েহে, যদি আজি উত্তৰ প্ৰদেশৰ এক্সপ্ৰেছৱে’তকৈ দ্ৰুত গতি যদি কৰবাত আছে, তেন্তে সেয়া হৈছে উত্তৰ প্ৰদেশৰ উন্নয়নৰ গতি।

 

বন্ধুসকল,

এই এক্সপ্ৰেছৱে’ কেৱল উচ্চ গতিৰ পথ নহয়। ই হৈছে নতুন সম্ভাৱনা, নতুন সপোন, নতুন সুযোগৰ প্ৰৱেশদ্বাৰ। গংগা এক্সপ্ৰেছৱে’ প্ৰায় ৬০০ কিলোমিটাৰ দীঘল। পশ্চিম উত্তৰ প্ৰদেশৰ মীৰাট, বুলন্দচহৰ, হাপুৰ, আমৰোহা, সম্ভল আৰু বদাউন। মধ্য উত্তৰ প্ৰদেশৰ শ্বাহজাহানপুৰ, হৰদোই, উন্নাও, ৰায় বাৰেলী। পূব উত্তৰ প্ৰদেশৰ প্ৰতাপগড় আৰু প্ৰয়াগৰাজ তথা আন কাষৰীয়া জিলাসমূহৰ অধীনৰ এই অঞ্চলসমূহৰ কোটি কোটি লোকৰ জীৱন গংগা এক্সপ্ৰেছৱে’ৰ জৰিয়তে সলনি হ’ব।

 

বন্ধুসকল,

এই অঞ্চলবোৰ গংগা আৰু ইয়াৰ উপনৈসমূহৰ উৰ্বৰ মাটিৰে ধন্য। কিন্তু, আগৰ চৰকাৰসমূহে কৃষকসকলক যিধৰণে অৱহেলা কৰিছিল, কৃষকসকলক বিপথগামী কৰি পেলাইছিল! ইয়াৰ কৃষকসকলৰ শস্য ডাঙৰ ডাঙৰ বজাৰলৈ যাব পৰা নাছিল। শীতল ভাণ্ডাৰৰ অভাৱ আছিল। ৰছদপাতিৰ অভাৱ আছিল। কৃষকসকলে তেওঁলোকৰ কঠোৰ পৰিশ্ৰমৰ বাবে সঠিক মূল্য লাভ কৰা নাছিল। এতিয়া সেই সমস্যাবোৰো দ্ৰুতগতিত সমাধান হ'ব। গংগা এক্সপ্ৰেছৱেই কম সময়ৰ ভিতৰতে মুখ্য বজাৰসমূহলৈ প্ৰৱেশাধিকাৰ প্ৰদান কৰিব। ইয়াত কৃষিৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় আন্তঃগাঁথনিৰ বিকাশ হ'ব। ই আমাৰ কৃষকসকলৰ উপাৰ্জন বৃদ্ধি কৰিব।

 

বন্ধুসকল,

গংগা এক্সপ্ৰেছৱে'ই উত্তৰ প্ৰদেশৰ এটা প্ৰান্তৰ পৰা আনটো প্ৰান্তলৈ সংযোগ কৰিছে। ই এন. চি. আৰৰ সীমাহীন সম্ভাৱনাসমূহ ওচৰলৈ লৈ আহিব। গংগা এক্সপ্ৰেছৱে’ত কেৱল ৰে’ল চলাচল কৰাই নহয়, ইয়াৰ সমান্তৰালভাৱে নতুন ঔদ্যোগিক সুযোগ বিকশিত হ’ব। ইয়াৰ বাবে হাৰদোইৰ দৰে আন জিলাসমূহতো ঔদ্যোগিক কৰিডৰ বিকশিত কৰা হৈছে। ই হৰদোই, শ্বাহজাহানপুৰ, উন্নাওকে ধৰি ১২ খন জিলাতে নতুন উদ্যোগ আনিব। ভেষজ, বস্ত্ৰ আদিৰ দৰে বিভিন্ন খণ্ডৰ গোট বিকশিত কৰা হ’ব। যুৱক-যুৱতীসকলৰ বাবেও নতুন নিযুক্তিৰ সুযোগ সৃষ্টি কৰা হ’ব।

 

বন্ধুসকল,

আমাৰ যুৱক-যুৱতীসকলেও মুদ্ৰা যোজনা আৰু অ’ড’পিৰ দৰে আঁচনিৰ জৰিয়তে নতুন অভিলেখ গঢ়িছে। ইয়াত ক্ষুদ্ৰ উদ্যোগ, এমএছএমইসমূহে উৎসাহ লাভ কৰিছে। উন্নত সংযোগৰ সুবিধা প্ৰদান কৰিলে তেওঁলোকৰ বাবেও নতুন পথ মুকলি হ’ব। মীৰাটৰ ক্ৰীড়া উদ্যোগ, সম্ভলৰ হস্তশিল্প, বুলন্দচহৰৰ মৃৎশিল্প, হৰদোইৰ হস্ততাঁত, উন্নাওৰ চামৰা, প্ৰতাপগড়ৰ আমলা সামগ্ৰী, এই সকলোবোৰ দেশ আৰু বিশ্বৰ বজাৰলৈ ব্যাপকভাৱে আহিব। ইয়াৰ ফলত লাখ লাখ পৰিয়ালৰ উপাৰ্জন বৃদ্ধি পাব। আপোনালোকে মোক কওক, পূৰ্বৰ সমাজবাদী পাৰ্টী চৰকাৰে হাৰদোই, উন্নাওৰ দৰে জিলাসমূহত ঔদ্যোগিক কৰিডৰ নিৰ্মাণৰ কথা কল্পনা কৰিছিল নেকি? কোনোবাই কেতিয়াবা কল্পনা কৰিব পাৰিলেনে যে এক্সপ্ৰেছৱেও আমাৰ হৰদোইৰ মাজেৰে পাৰ হ’ব? এয়া কেৱল বিজেপি চৰকাৰৰ অধীনতহে সম্ভৱ।

 

বন্ধুসকল,

পূৰ্বতে উত্তৰ প্ৰদেশক পিছপৰা আৰু ৰুগীয়া প্ৰদেশ বুলি কোৱা হৈছিল। সেই একেই উত্তৰ প্ৰদেশ আজি ১ ট্ৰিলিয়ন ডলাৰৰ অৰ্থনীতিত পৰিণত হোৱাৰ দিশত আগবাঢ়িছে। সেইটো এটা ডাঙৰ লক্ষ্য। কিন্তু ইয়াৰ আঁৰতো সমানেই এক বৃহৎ প্ৰস্তুতি আছে। কিয়নো, উত্তৰ প্ৰদেশত এনে অসীম সম্ভাৱনা আছে। দেশৰ ইমান বৃহৎ যুৱ জনসংখ্যাৰ সম্ভাৱনা উত্তৰ প্ৰদেশত আছে। আমি এই শক্তি ব্যৱহাৰ কৰি উত্তৰ প্ৰদেশক এক উৎপাদন কেন্দ্ৰ হিচাপে গঢ়ি তুলিছো। উত্তৰ প্ৰদেশত নতুন উদ্যোগ আৰু কাৰখানা স্থাপন কৰা হ'ব, যেতিয়া ইয়াত বৃহৎ পৰিমাণৰ বিনিয়োগ আহিব, তেতিয়া ইয়াত অৰ্থনৈতিক প্ৰগতিৰ দুৱাৰ মুকলি হ'ব আৰু যুৱক-যুৱতীসকলৰ বাবে নিযুক্তিৰ সুযোগ সৃষ্টি হ'ব।

 

ভাই-ভনীসকল,

এই দৃষ্টিভংগীৰ আধাৰত, বছৰ বছৰ ধৰি নিৰন্তৰ কাম কৰা হৈছে। আপোনালোক সকলোৱে এইটোও উপলব্ধি কৰিছে যে পূৰ্বতে প্ৰব্ৰজনৰ বাবে পৰিচিত উত্তৰ প্ৰদেশ আজি বিনিয়োগকাৰী সন্মিলন আৰু ঔদ্যোগিক কৰিডৰৰ বাবে জনাজাত। দেশ আৰু বিশ্বৰ বিভিন্ন প্ৰান্তৰ কোম্পানীসমূহে উত্তৰ প্ৰদেশৰ বিনিয়োগকাৰী সন্মিলনত অংশগ্ৰহণ কৰে। উত্তৰ প্ৰদেশত হাজাৰ হাজাৰ কোটি টকা বিনিয়োগ কৰা হৈছে। আজি, যদি ভাৰত বিশ্বৰ দ্বিতীয় সৰ্ববৃহৎ মোবাইল নিৰ্মাতা হয়, তেন্তে ইয়াত উত্তৰ প্ৰদেশৰ এক বৃহৎ অৱদান আছে। আজি, ভাৰতে নিৰ্মাণ কৰি থকা আধা মোবাইল আমাৰ উত্তৰ প্ৰদেশত নিৰ্মাণ কৰা হৈছে। মাত্ৰ কেইসপ্তাহমান পূৰ্বে মই নয়ডাত ছেমিকণ্ডাক্টৰ প্ৰকল্পৰ আধাৰশিলাও স্থাপন কৰিছো।

 

বন্ধুসকল,

আপোনালোক সকলোৱে জানে যে এআইৰ এই যুগত ছেমিকণ্ডাক্টৰবোৰ ইমান ডাঙৰ ক্ষেত্ৰত পৰিণত হৈছে। ইউপিয়ে সেই ক্ষেত্ৰতো অগ্ৰগতি লাভ কৰিবলৈ আগবাঢ়ি আছে। ভৱিষ্যতে, উত্তৰ প্ৰদেশৰ জনসাধাৰণৰ বাবে অপৰিসীম সুযোগ থকা এক বিশাল ক্ষেত্ৰ মুকলি হ’ব।

বন্ধুসকল,

উত্তৰ প্ৰদেশৰ ঔদ্যোগিক বিকাশো আজি ভাৰতৰ কৌশলগত শক্তি হৈ পৰিছে। আজি দেশৰ দুটা প্ৰতিৰক্ষা কৰিডৰৰ ভিতৰত এটা উত্তৰ প্ৰদেশত আছে। বৃহৎ প্ৰতিৰক্ষা কোম্পানীসমূহে ইয়াত তেওঁলোকৰ কাৰখানা স্থাপন কৰি আছে। ব্ৰহ্ম’ছৰ দৰে মিছাইল, যাৰ সামৰ্থ্যক বিশ্বই স্বীকৃতি দিছে, আজি উত্তৰ প্ৰদেশত নিৰ্মাণ কৰা হৈছে। এমএছএমইসমূহে প্ৰতিৰক্ষা সঁজুলি নিৰ্মাণত প্ৰয়োজনীয় সৰু সৰু অংশৰ যোগানৰ বাবে কাম লাভ কৰে। ইয়াৰ পৰা উত্তৰ প্ৰদেশৰ এমএছএমই খণ্ড যথেষ্ট লাভান্বিত হৈছে। আনকি সৰু সৰু জিলাসমূহতো যুৱক-যুৱতীসকলে এতিয়া ডাঙৰ উদ্যোগসমূহত যোগদান কৰাৰ সপোন দেখিব পাৰে।

 

বন্ধুসকল,

আজি উত্তৰ প্ৰদেশে ইমান দ্ৰুত গতিত বিকাশ লাভ কৰিছে, কিয়নো উত্তৰ প্ৰদেশে পুৰণি ৰাজনীতিও সলনি কৰিছে, আৰু এক নতুন পৰিচয় সৃষ্টি কৰিছে। মনত ৰাখিব, উত্তৰ প্ৰদেশক এসময়ত গাঁতৰ বাবে পৰিচিত আছিল। আজি সেই উত্তৰ প্ৰদেশখনেই দেশৰ ভিতৰতে সৰ্বাধিক এক্সপ্ৰেছৱে থকা ৰাজ্য হিচাপে পৰিগণিত হৈছে। পূৰ্বতে ইয়াৰ চুবুৰীয়া জিলালৈ যোৱাটোও অতি কঠিন আছিল। কিন্তু আজি উত্তৰ প্ৰদেশত ২১টা বিমানবন্দৰ, ৫টা আন্তঃৰাষ্ট্ৰীয় বিমানবন্দৰ আছে। এতিয়া নয়ডা আন্তঃৰাষ্ট্ৰীয় বিমানবন্দৰো উদ্বোধন কৰা হৈছে। নয়ডা আন্তঃৰাষ্ট্ৰীয় বিমানবন্দৰ গংগা এক্সপ্ৰেছৱেৰ পৰা মাত্ৰ কেইঘণ্টামানৰ দূৰত্বত।

 

ভাই-ভনীসকল,

আমাৰ উত্তৰ প্ৰদেশ ভগৱান ৰাম আৰু ভগৱান কৃষ্ণৰ ভূমি। কিন্তু, পূৰ্বৰ চৰকাৰসমূহে তেওঁলোকৰ শোষণৰ বাবে অপৰাধ আৰু জংঘল ৰাজক উত্তৰ প্ৰদেশৰ পৰিচয় কৰি তুলিছিল। উত্তৰ প্ৰদেশৰ মাফিয়াসকলৰ ওপৰত চলচ্চিত্ৰ নিৰ্মাণ কৰা হৈছিল। কিন্তু, এতিয়া সমগ্ৰ দেশতে উত্তৰ প্ৰদেশৰ আইন-শৃংখলাৰ উদাহৰণ পোৱা গৈছে।

 

ভাই-ভনীসকল,

সম্পদ ভাগ-বতৰা কৰা যিসকল লোকে ক্ষমতা হেৰুৱাইছে, তেওঁলোকে উত্তৰ প্ৰদেশৰ এই প্ৰগতি পচন্দ কৰা নাই। তেওঁলোকে উত্তৰ প্ৰদেশক আকৌ এবাৰ পুৰণি যুগলৈ ঠেলি দিব বিচাৰে। তেওঁলোকে আকৌ এবাৰ সমাজক বিভাজন আৰু দ্বিখণ্ডিত কৰিব বিচাৰে।

বন্ধুসকল,

সমাজবাদী পাৰ্টি উন্নয়ন বিৰোধী আৰু মহিলা বিৰোধী। শেহতীয়াকৈ দেশখনে পুনৰ এবাৰ এছ পি আৰু কংগ্ৰেছৰ দৰে দলসমূহৰ প্ৰকৃত মুখ দেখিছে। কেন্দ্ৰৰ এন ডি এ চৰকাৰে সংসদত নাৰী শক্তি বন্দনা সংশোধনী আনিছিল। এই সংশোধনীখন গৃহীত হ’লে ২০২৯ চনৰ নিৰ্বাচনৰ পৰাই মহিলাসকলে বিধানসভা আৰু লোকসভাত সংৰক্ষণ লাভ কৰিব পাৰিলেহেঁতেন! আমাৰ বহু সংখ্যক মাতৃ আৰু ভগ্নী সাংসদ আৰু বিধায়ক হিচাপে দিল্লী-লক্ষ্ণৌত উপস্থিত হৈছিল। সেয়াও, আন কোনো শ্ৰেণীৰ আসন হ্ৰাস নকৰাকৈ! কিন্তু এছপিয়ে এই সংশোধনী বিধেয়কৰ বিৰুদ্ধে ভোটদান কৰিলে।

 

বন্ধুসকল,

এই বিধেয়কখনে সকলো ৰাজ্যৰ আসন বৃদ্ধি কৰিব পাৰে। আমি সংসদত স্পষ্টকৈ কৈছিলো যে সকলো ৰাজ্যতে সমান অনুপাতত আসন বৃদ্ধি হ’ব। কিন্তু ডিএমকেৰ দৰে দল, যিয়ে উত্তৰ প্ৰদেশক গালি পাৰি ৰাজনীতি কৰিছিল, তেওঁলোকৰ আপত্তি আছিল যে উত্তৰ প্ৰদেশৰ আসন কিয় বৃদ্ধি হ’ব? আপুনি দেখিছে, সমাজবাদী দলে সংসদত তেওঁৰ তেওঁৰ সুৰতেই কথা কৈছিল। এই এছ পিৰ লোকসকলে ইয়াৰ পৰা আপোনাৰ ভোট লৈ সংসদলৈ যায়, আৰু সংসদত উত্তৰ প্ৰদেশৰ জনসাধাৰণক গালি দিয়া লোকসকলৰ সৈতে থিয় দিয়ে। সেয়েহে, উত্তৰ প্ৰদেশৰ জনসাধাৰণে কয়, সমাজবাদী পাৰ্টি কেতিয়াও উন্নত হ’ব নোৱাৰে। এই লোকসকলে সদায় মহিলা বিৰোধী ৰাজনীতি কৰিব। এইবোৰ সদায় তুষ্টিকৰণ আৰু অপৰাধীৰ সৈতে থিয় দিব। এছ পি-য়ে কেতিয়াও পৰিয়ালবাদ আৰু জাতিবাদৰ ওপৰত উঠিব নোৱাৰে। এই লোকসকলে সদায় উন্নয়ন বিৰোধী ৰাজনীতি কৰিব। উত্তৰ প্ৰদেশে এছ পি আৰু ইয়াৰ মিত্ৰশক্তিৰ পৰা সাৱধান হ’ব লাগিব।

 

বন্ধুসকল,

আজি দেশখনে এটা সংকল্প লৈ আগবাঢ়ি আছে-উন্নত ভাৰতৰ সংকল্প! এই সংকল্প পূৰণ কৰাত উত্তৰ প্ৰদেশৰ এক বৃহৎ ভূমিকা আছে। আপোনালোক সকলোৱে লক্ষ্য কৰি আছে যে আজি সমগ্ৰ বিশ্ব কেনেকৈ যুদ্ধ, অস্থিৰতা আৰু অস্থিৰতাত আবদ্ধ হৈ আছে। বিশ্বৰ বৃহৎ দেশসমূহত পৰিস্থিতি অধিক বেয়া। অৱশ্যে, ভাৰতে একে গতিৰে উন্নয়নৰ পথত আগবাঢ়ি আছে। বাহিৰৰ শত্ৰুসকলে এইটো পচন্দ নকৰে। ভিতৰত বহি থকা কিছুমান লোকে ক্ষমতাৰ ভোকত ভাৰতক হেয়জ্ঞান কৰিবলৈ চেষ্টা কৰিছে। তথাপিও, আমি কেৱল সুৰক্ষিত নহয় বৰঞ্চ উন্নয়নৰ নতুন অভিলেখ স্থাপন কৰিছো। আমি আত্মনিৰ্ভৰ ভাৰত অভিযানক আগুৱাই লৈ গৈছো। আমি আধুনিক আন্তঃগাঁথনি নিৰ্মাণ কৰি আছো। গংগা এক্সপ্ৰেছৱে এই দিশত আন এক শক্তিশালী পদক্ষেপ। মই আত্মবিশ্বাসী যে উত্তৰ প্ৰদেশৰ জনসাধাৰণে তেওঁলোকৰ কঠোৰ পৰিশ্ৰম আৰু প্ৰতিভাৰে গংগা এক্সপ্ৰেছৱেই আমাৰ দুৱাৰমুখলৈ অনা সম্ভাৱনাবোৰ উপলব্ধি কৰি থাকিব। এই সংকল্পৰ সৈতে আপোনালোক সকলোকে বহুত বহুত অভিনন্দন। বহুত বহুত ধন্যবাদ!

 

ভাৰত মাতাৰ জয়।

ভাৰত মাতাৰ জয়।

বন্দে মাতৰম।

বন্দে মাতৰম।

বন্দে মাতৰম।

বন্দে মাতৰম।

বন্দে মাতৰম।

বহুত বহুত ধন্যবাদ!