Solutions to all the problems is in development: PM Modi in West Bengal

Published By : Admin | April 7, 2016 | 20:07 IST
ಶೇರ್
 
Comments
I have come here so ensure proper education for children, opportunities for youth and for development: PM Modi
I have only three agendas: Development, fast-paced development & all-round development
For 34 years the Left front ruled and ruined Bengal; TMC stands for Terror, Maut, Corruption: PM Modi
Left and Congress contest against one another in Kerala but in spite of ideological differnces are allies in West Bengal: PM
After coming to power, Mamata Di said Maa, Maati, Manush but now it's all about only Maut and Money: PM
Solutions to all the problems is in development: PM Modi in West Bengal
We will ensure overall development of Bengal and eliminate all the problems people face in the state: PM
 

मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए आसनसोल के मेरे प्यारे भाईयों एवं बहनों 

आज मैं सुबह से पश्चिम बंगाल में दौरा कर रहा हूँ। टीवी पर आता है कि इस बार जून महीने में जो गर्मी पड़ती है, वो गर्मी अप्रैल महीने में शुरू हो गई है और इतनी भयंकर गर्मी के बीच पश्चिम बंगाल में चुनावी गर्मी है और आप लोगों का इतना जबर्दस्त उत्साह है। दिल्ली में बैठकर किसी को अंदाजा नहीं सकता कि पश्चिम बंगाल के चुनाव का मिजाज़ क्या है, यहाँ के लोगों का इरादा क्या है। मैंने ऐसा उत्साह पश्चिम बंगाल में कभी देखा नहीं था। मैं आप लोगों से एक शिकायत करना चाहता हूँ जब 2014 में लोकसभा का चुनाव था और मैं ख़ुद प्रधानमंत्री का उम्मीदवार था और इसी मैदान में आया था और तब इसकी आधी भीड़ भी नहीं थी। आज पश्चिम बंगाल का भविष्य तय करने के लिए आप जो उत्साह दिखा रहे हैं, ये मेरी शिकायत नहीं है, आपका अभिनंदन है। 

लेफ़्ट और टीएमसी और उसके पीछे भाग रही कांग्रेस, आने वाले दिनों में ये सभा देखने के बाद सोचेंगे कि कौन से गुंडे हैं जिनको आसनसोल भेजा जाए ताकि ये लोग मतदान न कर सकें, घपलेबाजी हो, हिंसा हो। ये सभा दीदी की भी नींद खराब कर देंगे और लेफ़्ट और सोनिया जी की भी नींद खराब कर देंगे। आप लोगों ने पूरे पश्चिम बंगाल को ये सन्देश दिया है कि अब पश्चिम बंगाल इन दोनों से मुक्ति चाहता है। क्या मिला पश्चिम बंगाल को? 34 साल तक लेफ्ट वालों ने बंगाल की प्रतिष्ठा, सम्मान को मिट्टी में मिला दिया और जब बाद में दीदी आई तो उन्होंने कहा था कि मां, माटी और मानुष लेकिन हमने 5 साल में हर दिन देखा – मौत का कारोबार, पैसों का कारोबार। 

यहाँ जिस प्रकार से बंगाल के लोगों के साथ धोखा किया गया, शारदा चिटफंड को कोई भूल सकता है क्या? गरीबों के पैसे डूबे हैं और ये पाप करने वाले जेलों में होने चाहिए थे, दीदी को ऐसे लोगों के खिलाफ़ कठोर कदम उठाने चाहिए थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। ये सरकार गरीबों का धन लूटने वालों पर मेहरबानी करने वाली सरकार है। गरीब बेचारा कुछ सपने देखकर पैसे रखता था, बेटी की शादी हो या बच्चों की पढ़ाई लेकिन इन लुटेरों ने गरीब के पैसे हज़म कर लिये और उन्हें बेघर बना दिया। 

जब अच्छी एवं ईमानदार सरकार होती है तो गरीबों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं बनाती हैं। इन्होंने चिटफंड चलाया और हम प्रधानमंत्री जन-धन योजना लेकर आए; उन्होंने चिटफंड के नाम पर गरीबों से पैसे बनाए और हमने बिना पैसे गरीबों के खाते खोल दिए और मुफ़्त में अकाउंट खोलने की व्यवस्था कर दी। हमने गरीबों को रूपये कार्ड दिया ताकि उनके परिवार में कभी कोई संकट आ गया तो उसमें 2 लाख का बीमा होगा और परिवार को ये पैसा मिल जाएगा। अनेकों को ये मिला भी और जन-धन योजना के तहत हमने हिंदुस्तान के करोड़ों गरीबों के लिए बैंक के दरवाजे खोल दिए। असम हो, उड़ीसा हो, बंगाल हो, इन्होंने कहीं के गरीबों को नहीं छोड़ा। गरीबों को लूटने वालों को क्या चुनाव जीतना चाहिये? 

मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ कि जिन-जिन लोगों ने गरीबों के पेट पर लात मारी है, ऐसे लोगों को इस चुनाव में एक पल के लिए भी स्वीकार नहीं करना चाहिए। 34 साल तक बंगाल में लेफ़्ट वालों की सरकार रही और उन्होंने बंगाल को बर्बाद कर दिया। दूर जाने की जरुरत नहीं है, 5 साल पहले चुनाव में कांग्रेस के नेता ने लेफ़्ट के खिलाफ़ क्या-क्या बोला था, ये आप वीडियो निकाल के सुन लो तो पता चल जाएगा कि लेफ़्ट वाले क्या करते थे और ये अजूबा देखो कि कांग्रेस वाले लेफ़्ट का कुर्ता पकड़ कर चल पड़े। जिस कांग्रेस पार्टी ने पहली बार केरल में लेफ़्ट की सरकार को धारा 356 लगाकर भंग कर दिया था और जिस कांग्रेस को लेफ़्ट के प्रति गुस्सा रहता था, आज पूरी कांग्रेस पार्टी लेफ़्ट के चरणों में जाकर बैठ गई है। ये जनता-जनार्दन जब देती है तो छप्पर फाड़कर देती है लेकिन जब ये लेती है तो कूड़े-कचरे की तरह साफ़ कर देती है। 

एक जमाना था जब कांग्रेस पार्टी 400 लोगों के साथ संसद में बैठती थी और जनता का गुस्सा ऐसा फूटा कि वे 40 पर आ गए। आज कांग्रेस की हालत देखो कि जीने-मरने के लिए लेफ़्ट के सामने झुकना पड़ा है और इनकी बेईमानी देखो - विचारधारा से अगर झगड़ा होता है तो ये केरल में भी होना चाहिए और वहां भी आमने-सामने लड़ना चाहिए लेकिन कांग्रेस का कमाल देखो कि केरल में वे कम्युनिस्ट को गाली दे रहे हैं और उनसे लड़ रहे हैं और बंगाल में कम्युनिस्ट को कंधे पर बिठाकर नाच रहे हैं। समझ नहीं आ रहा कि केरल में कुश्ती और बंगाल में दोस्ती? ये आप लोगों की आँखों में धूल झोंक रहे हैं। केरल में दोनों एक-दूसरे को गालियां देते हैं और बंगाल में कहते हैं कि बहुत अच्छे हैं और सबका भला करेंगे। 

एक जमाना था जब दीदी भ्रष्टाचार का नाम सुनती थी तो कुर्सी फेंक कर चली जाती थी लेकिन अब दीदी को क्या हो गया, ऐसा परिवर्तन कैसे आ गया। वो तो भ्रष्टाचार के खिलाफ़ रोड पर निकलती थीं, लाठियां झेलती थीं; आज इतना बड़ा स्कैंडल आ गया, टेंडर का सौदा होता है, नोटों की थप्पियाँ दी जा रही हैं और सब कैमरा पर है लेकिन इसके बावजूद दीदी ने कोई कदम नहीं उठाया। इसका मतलब है कि अब दीदी भ्रष्टाचार से एडजस्ट हो गई हैं; अब दीदी को ये सब ठीक लग रहा है। ये लुटते रूपये जनता के हैं और ये लूट बंद होना चाहिए। ये चुनाव एक ऐसा मौका है जब ऐसा करने वालों को राजनीति से हमेशा के लिए विदा कर देना चाहिए। 

मैं कभी कभी सोचता हूँ कि ये टीएमसी क्या है – टी फॉर टेरर, एम फॉर मौत और सी फॉर करप्शन। पांच सालों में टीएमसी का यह सीधा-सीधा मतलब निकल कर आया है। जब हम छोटे थे और लेफ़्ट वाले चुनाव जीतते थे तो हम लोगों से पूछते थे कि ये लेफ़्ट वाले चुनाव कैसे जीतते हैं तो समझदार लोग मुझे बताते थे कि यहाँ का चुनाव साइंटिफिक रिजीम करके जीता जाता था। साइंटिफिक रिजीम तो मैंने सुना था लेकिन दीदी के राज़ में मैं देख रहा हूँ - साइंटिफिक करप्शन। टेंडर का कारोबार टेंडर निकलने से पहले तय हो जाता है। 

अभी कोलकाता में करप्शन का भंडा फूट गया। विवेकानंद ब्रिज अनेकों की ज़िन्दगी को तबाह कर गया जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है लेकिन दीदी मौत पर भी राजनीति कर रही हैं। ब्रिज गिरा है, लाशें पड़ी हैं, घायल लोग कराह रहे हैं और दीदी मदद करने के नाम पर कुछ नहीं बोलती हैं और कहती हैं इस ब्रिज का कॉन्ट्रैक्ट तो लेफ़्ट वालों ने दिया था। मैं पूछता हूँ कि अगर ये ब्रिज बन जाता तो आप उद्घाटन करने जाती कि नहीं और आप ब्रिज बनाने के क्रेडिट लेने की कोशिश करती कि नहीं। अगर लेफ़्ट वालों ने पाप किया तो उस पाप को आपने आगे क्यों बढ़ाया। पूरे पश्चिम बंगाल में जो लेफ़्ट वाले करके गए, उसे ही आगे बढ़ाने का काम दीदी कर रही हैं और इसलिए पश्चिम बंगाल को लेफ़्ट और दीदी, दोनों से मुक्ति चाहिए। 

जिस प्रकार से टेरर का माहौल बनाया जा रहा है, अपने विरोधियों को ख़त्म करने की कोशिश हो रही है, ये लोकतंत्र और उसके प्रति आस्था का प्रतीक नहीं है। इस चुनाव में जो डिबेट चल रही है, उससे मैं हैरान हूँ। वो पूछते हैं कि ममता जी के राज़ में कितनी हत्याएं हुईं तो ममता जी कहती हैं कि आपके राज़ में इतनी हत्याएं हुईं, लेफ़्ट वाले कहते हैं कि आपके ज़माने में इतनी बलात्कार की घटनाएँ हुईं तो ममता जी कहती हैं कि आपके ज़माने में इतनी हुईं, दोनों के बीच दंगों की गिनती हो रही है। मैं पूछता हूँ कि चुनाव में यही डिबेट चलेगा क्या? ये आरोप-प्रत्यारोप गलत है। अच्छा होता कि ये कहते कि लेफ़्ट वालों ने इतना रास्ता बनाया था और हमने उससे ज्यादा बना दिया; लेफ़्ट वालों ने इतने स्कूल खोले थे और हमने उससे ज्यादा स्कूल खोल दिए, ये स्पर्धा होनी चाहिए थी लेकिन यहाँ स्पर्धा इस बात की हो रही है कि कौन ज्यादा बुरा है। 

भाईयों-बहनों, हमारी सरकार को 2 साल होने को आए हैं। आपने कभी अपने सांसद बाबुल सुप्रियो जो मेरी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री हैं, उनके ऊपर एक भी आरोप सुना है क्या? 2 साल से हम बैठे हैं, हमने एक भी पाप नहीं किया, ऐसे सरकार चलाई जाती है। हमारी सभी समस्याओं का समाधान चुनावी खोखलेबाजी से नहीं होने वाला है। मेरा 3 एजेंडा है – पहला विकास, दूसरा तेज़ गति से विकास और तीसरा चारों तरफ विकास, जिस पर मैं पिछले साल से काम कर रहा हूँ और यहाँ भी करना चाहता हूँ। आप मुझे सेवा करने का मौका दीजिए। हमारी सभी समस्याओं का समाधान विकास में है। 

आप हैरान होंगे कि ये पश्चिम बंगाल इतना प्यारा और प्रगतिशील था कि अंग्रेजों को भी कोलकाता में आकर अपना काम करने का मन कर गया था, ऐसा शानदार और जानदार हुआ करता था हमारा बंगाल। बंगाल पूरे देश को दिशा दिखाता था लेकिन आज इस बंगाल की स्थिति देखिये। सुभाष भाई के भतीजे, चन्द्र कुमार बोस भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं और दीदी ऐसी घबरा गई हैं और दीदी ने ऐसा टेरर दिया है कि कोई चन्द्र बोस को दफ्तर खोलने की जगह नहीं दे रहा है। लोग कहते हैं कि हम वोट दे देंगे लेकिन जब तक दीदी हैं तब तक हम आपको मकान नहीं दे पाएंगे वर्ना हम जिंदा नहीं रह पाएंगे। ये लोकतंत्र है क्या? 

आसनसोल सुंदर नगरी के रूप में जाना जाता था। अभी भारत सरकार पूरे देश में लगातार स्पर्धा करती है और ज्यूरी निष्पक्षता से उसकी जाँच करती है। 2016 के शुरू में इस देश के 72 शहरों में सफ़ाई को लेकर स्पर्धा हुई। दो महीने का समय दिया गया कि आपको क्या-क्या करना है। आपको जानकर दुःख होगा कि आसनसोल उस सूची में नीचे से दूसरे पायदान पर था। दीदी ने आसनसोल को ऐसा बना दिया कि पूरे हिंदुस्तान में इसकी इज्ज़त को मिट्टी में मिला दिया। आसनसोल एक औद्योगिक नगरी रही है, साफ़-सुथरा होना चाहिए लेकिन न बंगाल की सरकार को परवाह है और न यहाँ बैठे हुए लोगों को परवाह है। 

मैं कहता हूँ कि आप इन लोगों से मुक्ति लेकर बंगाल में भाजपा को स्वीकार करें। दिल्ली पूरी ताक़त लगाएगा और जितनी बुराईयाँ यहाँ पिछले कई वर्षों से हैं, उसे निकालने के लिए मैं कंधे से कंधा मिलकर काम करूँगा। साइंटिफिक रिजीम और साइंटिफिक करप्शन; पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट के नाम पर सारा कारोबार हड़प लिया जाता है। कोयले की कालाबाजारी में सिंडिकेट का क्या नाता है और ये सिंडिकेट लेफ़्ट वालों ने शुरू किया और तृणमूल वालों ने उसे आगे बढ़ाया है। मैंने पहले भी कहा है कि जिन्होंने देश का कोयला भी नहीं छोड़ा, उन्हें हम नहीं छोड़ेंगे। आपने कुछ दिन पहले देखा होगा कि कोयले की कालाबाजारी करने वाले कुछ लोगों को सजा भी हो गई और जेल भी हो गया और अब आगे औरों की भी बारी है। 

हमने करप्शन के खिलाफ़ लड़ाई चलाई है और मैं जानता हूँ कि मैं जितना इन चीजों को ठीक करता हूँ, उतना इन लोगों को परेशानी ज्यादा होती है। इसलिए वे जोर से चिल्लाते हैं क्योंकि उनको पता है कि अब उनके जेल में जाने के दिन आ रहे हैं। विकास की बात को छोड़कर और बातें जो उठाई जा रही हैं, उसका मूल कारण यही है कि मुसीबत अब उनके कदमों तक पहुँचने की तयारी कर रही है। कहीं भी जोर से आवाज़ सुनाई दे तो समझ लेना कि मोदी ने कोई ऐसा कदम उठाया है जिससे बेईमान लोगों के लिए परेशानी आनी शुरू हो गई है। 

मैं आपके पास वोट मांगने आया हूँ। मुझे वोट चाहिए – बच्चों की पढ़ाई के लिए, नौजवानों की कमाई के लिए, बुजुर्गों की दवाई के लिए, अच्छी शिक्षा के लिए, अच्छे जीवन के लिए, विकास के लिए। आप पूरी तरह समर्थन देकर भाजपा के उम्मीदवारों को विजयी बनाईए। 

बहुत-बहुत धन्यवाद!
Explore More
76ನೇ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯೋತ್ಸವ ದಿನದಂದು ಕೆಂಪು ಕೋಟೆಯ ಮೇಲಿಂದ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಮಾಡಿದ ಭಾಷಣದ ಕನ್ನಡ ಭಾಷಾಂತರ

ಜನಪ್ರಿಯ ಭಾಷಣಗಳು

76ನೇ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯೋತ್ಸವ ದಿನದಂದು ಕೆಂಪು ಕೋಟೆಯ ಮೇಲಿಂದ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಮಾಡಿದ ಭಾಷಣದ ಕನ್ನಡ ಭಾಷಾಂತರ
Double-engine sarkar ensured faster progress in Gujarat: PM Modi

Media Coverage

Double-engine sarkar ensured faster progress in Gujarat: PM Modi
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Bhavnagar is emerging as a shining example of port-led development: PM Modi
September 29, 2022
ಶೇರ್
 
Comments
The Prime Minister lays foundation stone of the World’s First CNG Terminal
PM also inaugurates the Regional Science Centre in Bhavnagar
PM inaugurates various other projects including package 7 of Sauni Yojna link 2, 25 MW Palitana Solar PV Project, APPL Container project
PM lays foundation stone of projects including package 9 of Sauni Yohna link 2, Chorvadla Zone water supply project
“In its journey of 300 years, Bhavnagar has made a steady growth and has made its mark as the cultural capital of Saurashtra”
“In the last two decades, sincere efforts have been made to make Gujarat's coastline the gateway to India's prosperity”
“Bhavnagar is emerging as a shining example of port-led development”
“Lothal is the oldest port in the world and the construction of Lothal Maritime Museum will create a new identity for the place”
“Along the lines of empowerment of farmers, credit cards were issued to fishermen”
“Supporting those who have been left behind is a commitment of the double-engine government”
“Dreams and aspirations of the poor give me the energy to work continuously”

Wishing all the people of Bhavnagar a very Happy Navratri! First of all, I have to apologize to Bhavnagar for coming here after such a long period. This has happened for the first time. I apologize as I could not come before. I would never forget the blessings you showered on me and the love you have given me. I can see such a large number of people far and wide and that too on a scorching day. I bow to all of you.

This meeting in Bhavnagar is special today. On the one hand, the country has completed 75 years of independence while Bhavnagar is going to complete 300 years of its foundation day this year. In this journey of 300 years, Bhavnagar has made a mark for its steady growth as well as being the cultural capital of Saurashtra. Several projects worth crores of rupees have been either inaugurated or foundation stone has been laid here today to give a new dimension to this development journey. These projects will empower the identity of Bhavnagar, will give a new gift of irrigation to the farmers of Saurashtra and will further strengthen the ‘AatmaNirbhar Bharat’ campaign. With the establishment of Regional Science Center, Bhavnagar's identity as a city of education and culture will be further enriched. Many congratulations to all of you for all these projects.

Brothers and sisters,

Whenever I came to Bhavnagar, I emphasized one thing. The echo, which has been there in Surat, Vadodara and Ahmedabad since the last two to three decades, is now going to resonate in Rajkot, Jamnagar and Bhavnagar as well. I have strong faith in Saurashtra's prosperity because it has unprecedented potential for industry, agriculture and tourism. Today's program is a living proof of the efforts of the double engine government moving rapidly in this direction. Bhavnagar district is situated on the sea shore. Gujarat has the longest coastline in the country. But this vast coastline had become a kind of big challenge for the people due to lack of attention to coastal development for several decades after independence. The salt water of the sea was a curse for this place. The villages on the banks of the sea had become deserted. People started migrating to other cities. The youth going to Surat were forced to share one room with 10-15-20 people. It was a very pathetic situation.

Friends,

We have made sincere efforts in the last two decades to make Gujarat's coastline the gateway to India's prosperity. Many new employment opportunities have been created. We developed and modernized many ports in Gujarat. Gujarat today has three major LNG terminals and petrochemical hubs. Gujarat was the first state in the country where the first LNG terminal was built. We developed hundreds of coastal industries and many small and big industries in the coastal areas of the state. We also created a network of coal terminals to meet the energy demand of the industries. Today there are many power plants in the coastal areas of Gujarat which supply power not only to Gujarat, but to several states of the country as well.

We built fishing harbours to help our fishermen, promoted fish lending centers and fish processing. The strong network of fishing harbours that we built is also continuously being expanded and modernized. We have made the coastal ecosystem more secure and strengthened by developing mangrove forests in the coastal region of Gujarat. The then minister in the Government of India had once remarked that the coastal states of India should learn from Gujarat how mangroves can be developed. It is with the cooperation of all of you that this has been made possible in Gujarat.

We also continuously promoted aquaculture. Gujarat is one of the leading states of the country where great efforts have been made for the seaweed cultivation. Today, the coastline of Gujarat has become a medium of employment for lakhs of people, besides playing a big role in the import and export of the country. Today, Gujarat's coastline is emerging as synonymous with renewable energy and the hydrogen ecosystem. We have also tried to make Saurashtra an important center of energy. This region is becoming one of the biggest hubs to meet the energy needs of Gujarat and the country. Now many projects of solar energy are also being set up in this region. The solar power project, which was inaugurated in Palitana today, will provide affordable and adequate electricity to many families in the region. There was a time in Gujarat when people used to rejoice if there was electricity during dinner time. Many of the people who are 20-22 years old today would not be aware of that situation. When I became Chief Minister of Gujarat, I remember people started pleading with me from day one to at least ensure electricity during dinner time. All those miserable days are passé now, friends.

Today, new business opportunities are being created, industries and businesses are flourishing due to sufficient electricity. Bhavnagar is also going to benefit from the investment being made in Dholera for renewable energy, space and semiconductor industries. A neighboring area of ​​Bhavnagar is being developed and the day will not be far away when this entire region of Ahmedabad to Dholera and Bhavnagar will achieve new heights of development.

Brothers and sisters,

Today Bhavnagar is developing as an important center of port-led development. This port will ensure multimodal connectivity with different industrial regions across the country. This port will also be connected to the separate track being laid for goods trains and there will be better connectivity with other highways and railway networks. The PM GatiShakti National Master Plan is going to give a new thrust to these connectivity projects. In a way, this port of Bhavnagar will play an important role in the building of a self-reliant India and hundreds of new employment opportunities will be created here. There is going to be an expansion of business related to warehousing, transportation and logistics. The port will also cater to large projects like vehicle scrapping, container production and Dholera Special Investment Region. As a result, new employment will be created here and self-employment opportunities will be developed.

Friends,

Alang is known to have one of the largest ship breaking yards in the world. There is hardly anyone who is not aware of Alang. When the new vehicle scrapping policy of the Central Government to scrap old vehicles will be implemented, I say with full confidence that you will benefit the most. The reason being Alang has the expertise regarding scrapping as well as the knowledge of scrapping big ships. In such a situation, it can also become a big center of scrapping of other small vehicles along with ships. I do not need to remind my promising entrepreneurs of Bhavnagar that they will bring small vehicles from abroad and start scrapping them here.

Friends,

The iron derived from breaking ships is used extensively in the construction sector. Recently, we have seen how a major crisis can arise from over-dependence on a single country for containers. This is also a new as well as a big opportunity for Bhavnagar. On the one hand, India's share in global trade is increasing and on the other hand, the world is also looking for a reliable supplier of containers. The whole world needs millions of containers. The containers being built in Bhavnagar will also give energy to self-reliant India and will also create many employment opportunities here.

Friends,

When there is a sense of service towards the people in the mind and there is a will to bring change, then it is possible to achieve bigger goals. You are very much aware of the condition of vehicles from Surat to Bhavnagar. Hours of travel, road accidents and above all the cost of petrol and diesel! There were so many difficulties. Now there is less tension and there is saving of both time and money on transport fares. We fulfilled the dream of the Ghogha-Dahej ferry service despite so many hurdles. The distance between Saurashtra and Surat has been reduced from about 400 kms to less than 100 kms due to Ghogha-Hazira Ro-Ro ferry service. About three lakh passengers have used this service in a very short time. More than 80,000 vehicles have been transported and more than 40 lakh liters of petrol and diesel have been saved this year alone. In other words, you saved a lot of money. From today onwards, the way has been cleared for even big ships on this route.

Friends,

You can understand this great service for the common people, farmers and traders of this region. But all these things are happening without any hue and cry and without wasting money on massive advertisements, friends. It is because our motivation and goal has never been the temptation for power. We always consider power as a medium of service. This is our yagna of service. It is because of this spirit of service that we are getting so much love and blessings which keep on increasing continuously.

Friends,

Our efforts have not only facilitated transportation, but tourism has also got a boost. Unprecedented work is being done in the coastal areas of Gujarat to save its maritime heritage and make it a tourism destination. Probably, very few of you would be aware that the Maritime Museum being built in Lothal is going to create a name for itself in the world. Like the Statue of Unity, Lothal's Maritime Museum will also create the same identity. It is a matter of pride for us. The world's oldest port Lothal is on our Gujarat soil, it is on the edge of our Bhavnagar. Lothal has been an important center of our heritage and efforts are being made to bring it on the tourism map of the whole world. Along with Lothal, the eco-tourism circuit in Velavadar National Park is also going to benefit Bhavnagar, especially the small businessmen and traders.

Brothers and sisters,

The lives of both farmers and fishermen in Saurashtra have changed a lot in the last two decades. There was a time when fishermen's lives were often in danger due to lack of information. When I was the Chief Minister here, the fishermen were given a red basket with different buttons on it. In the event of an accident, an alert was sent directly to the Coast Guard's office by pressing the button resulting in immediate help. We have extended this service to the entire country after 2014. We gave subsidies to fishermen to modernize their boats and gave Kisan Credit Cards to fishermen like farmers.

Friends,

Today, I feel very satisfied when I see the change taking place due to Sauni Yojana. I remember launching the project in Rajkot. The media wrote that Modi ji had announced the project in view of the impending elections. Once elections are over, it will be forgotten. But I proved everyone wrong. Today the waters of the Mother Narmada are reaching everywhere we promised due to the Sauni Yojana. We are the people who live up to our words and who live for the society.

Friends,

When one part of the Sauni project is inaugurated, then the work on the other part begins simultaneously. We don't let the work stop. Even today, the part of the project which has been dedicated has led to water reaching many dams of Bhavnagar and Amreli districts. This is going to benefit the farmers of many villages of Gariadhar, Jesar and Mahuva talukas of Bhavnagar and Rajula and Khambha talukas of Amreli district. Another project has been renewed today to supply water to hundreds of villages and dozens of cities in Bhavnagar, Gir Somnath, Amreli, Botad, Junagadh, Rajkot and Porbandar districts.

Brothers and sisters,

It is the commitment of the double engine government to remove poverty and take forward those who have been left behind in development. When the poorest of the poor get resources, they start changing their fortunes. They work hard day and night and defeat poverty. We often used to organize Garib Kalyan Melas in Gujarat. During one such program, I had given a three wheeler cycle to a sister here in Bhavnagar. She was a Divyang and what did she tell me? Look at the spirit of the people of Bhavnagar and Gujaratis. I remember it vividly. That sister said that she did not know how to ride a bicycle and asked for an electric tricycle. This is the mood of my Gujarat and Bhavnagar. The trust that my sister had in her mind is my biggest asset, brothers. These dreams and aspirations of the poor give me the energy to work continuously. May this energy continue with your blessings, and your love continues to grow. And I must say today that it took me a few years to come here, I came late, but I have not come empty handed. I have come with all the outstanding dues of the previous years. And anyway, Bhavnagar has all the rights over me. One is reminded of Narseebaba’s ‘Ganthiya’ and ‘pedas’ of Das. While talking about ‘Ganthiya’, I am reminded of Harisingh Dada. Several years ago, when I was not active in politics and used to be a very small-time activist, it was Harisingh Dada who introduced me to ‘Ganthiya’. Whenever he would come to Ahmedabad, he would bring ‘Ganthiya’ for me. He used to care for me. Now that I am in Bhavnagar today, it is of no use today as the Navratri fasts are underway. But, the ‘Ganthiya’ of Bhavnagar is famous in the country and the world. It is not a small matter, friends. This is the strength of Bhavnagar. Friends, today I have come with many development projects. These projects will decide the future of the younger generation of Bhavnagar. These projects will brighten the future of Bhavnagar. No one will be able to imagine that these projects will usher in rapid development of Bhavnagar. These projects will benefit Saurashtra, Gujarat and the entire country. Brothers and sisters, I am deeply grateful to you for the love and blessings you have showered on me by coming in such huge numbers. Raise your both hands and speak with me with all your might:

Bharat Mata ki – Jai!

Bharat Mata ki – Jai!

Bharat Mata ki – Jai!

Thanks a lot!