“Your dream is my resolve,” says PM Modi, dedicating his efforts to the youth and mothers of Bihar
PM Modi exposes RJD’s 15-year rule as a “zero report card” with no development or progress
NDA’s focus is on education, healthcare, income, justice and irrigation for all: PM Modi in Bihar
“Bihar’s women stand as the strongest wall against jungle raj,” says PM Modi in Araria
PM Modi reveals Congress-RJD feud, says they are now fighting publicly over leadership and failures

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

अररिया के ई पावन माटी पर मौजूद सब्भे भइया, बहिन आ बुजुर्ग जन के हम परनाम करै छी। आइ हम अहां सबके बीच प्रधान बन के नै अहां सभक बेटा, भाई आ परिवार के सदस्य बैन क आइल छी।

साथियों,

खड़गेश्वरी महाकाली... मां पूरनदेवी... मां कामाख्या... चौमुखी शिवलिंग महादेव...महामाया देवी....इन सभी दिव्य शक्तियों को नमन करते हुए...मैं आप सभी जनता-जनार्दन को प्रणाम करता हूं।

साथियों,

ये सारे नौजवान बहुत सारे पेंटिंग बनाकर के ले आए हैं.. जरा एसपीजी के लोग इसे कलेक्ट कर लीजिए। ये जो जो बच्चे चित्र बना के लाए हैं, अगर पीछे आपका नाम-पता होगा तो मेरे ऑफिस से आपको चिट्ठी मिल जाएगी.. सब कलेक्ट कर लीजिए भाई, उधर भी सबसे कलेक्ट कर लीजिए और फिर आप लोग आराम से बैठ जाइए। आप कितना समय हाथ ऊपर करके खड़े रहते हैं... आराम से बैठिए आप लोग...

मेरे मन में एक सवाल है... मैं सभी माताओं-बहनों से पूछूं क्या... मेरे मन में एक सवाल है... मैं पूछूं क्या... माताएं-बहनें जवाब देंगी... ये मुझे बताइए.. बहनें.. आब सुबह-सुबह इतनी बड़ी संख्या में आई है... तो घर के लोगों को आज खाना मिलेगा क्या... या तो आप सुबह चार बजे उठकर खाना बनाया होगा... लेकिन आपका ये प्यार, आपके आशीर्वाद ऐसा सौभाग्य शायद बहुत कम लोगों को मिलता होगा...
मैं माताओं बहनों आपको फिर से प्रणाम करता हूं... मैं देख रहा हूं कि इतना बड़ा पंडाल बनाया है। एक तो मैं आपलोगों की हिम्मत को दाद देता हूं... कोई इतना बड़ा पंडाल बनाने की हिम्मत नहीं करता है सोचता है कि लोग आएंगे कि नहीं आएंगे... आपने इतना बड़ा पंडाल भर दिया.. मैं देख रहा हूं कि जितने लोग पंडाल में हैं उससे ज्यादा बाहर है। और जब मैं हेलिकॉप्टर से देख रहा था बहुत बड़ी मात्रा में लोग पैदल चल के आ रहे थे, वो तो शायद पहुंचे भी नहीं होंगे.. ये दृश्य अपनेआप में चुनाव का नतीजा क्या होगा, ये डंके की चोट पर साफ कर देता है।

साथियों,

आज बिहार को विकसित बनाने के लिए...पहले चरण का वोट पड़ रहा है। माताएं बहनें आगे जगह ही नहीं है.. आप वहीं रुक जाइए... वहां जो व्यवस्था वाले हैं उनको वहीं रोकिए... मुझे क्षमा करना जगह नहीं है आप शायद मुझे देख नहीं पाते होंगे, इसके लिए मैं आपसे क्षमा मांगता हूं... लेकिन आप जहां हैं वहीं रुकिए...
आज पहले चरण का वोटिंग शुरू हो चुका है। सोशल मीडिया पर...बिहार के अलग-अलग कोने से शानदार तस्वीरें आ रही हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लगी हुई हैं। बिहार की माताएं-बहनें-बेटियां...बड़ी संख्या में बाहर निकल रही हैं वोट के लिए। बिहार के नौजवानों में भी अभूतपूर्व उत्साह है। मैं सभी मतदाताओं का अभिनंदन करता हूं। मेरा विनम्र आग्रह है। जिन साथियों ने अभी तक मतदान नहीं किया है... जो अभी तक अपने घर से निकले नहीं हैं। वे जल्द से जल्द वोट देने के लिए निकलें...

साथियों,

आज पूरे बिहार से एक ही आवाज़ आ रही है — एक ही आवाज आ रही है।
फिर एक बार,... फिर एक बार NDA सरकार…
फिर एक बार... फिर एक बार, फिर एक बार, सुशासन सरकार!
बिहार की इस भावना के पीछे...माताओं-बहनों की उम्मीदें हैं, नौजवानों के सपने हैं। और मेरे नौजवानों, ये मोदी की गारंटी लिखकर के रखो... आपका सपना ही... मेरे नौजवान साथियों लिखकर के रखो... आपका सपना ही मोदी का संकल्प है। जंगलराज वाले खुद को आपका माई-बाप कहते थे, अपने आपको शहंशाह मानते थे... ये तो मोदी है.. मेरा माई-बाप तो जनता-जनार्दन है… आप ही मेरे मालिक है, आप ही मेरा रिमोट कंट्रोल है… 140 करोड़ देशवासी, यही मेरा परिवार है, यही मेरे मालिक है। मेरा परिश्रम, दिन-रात खपने की मेरी कोशिश सिर्फ और सिर्फ आपके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ही है।

साथियों,

आज मैं आपको...आपके वोट की ताकत क्या होती है.. कभी-कभी हमको लगता है कि हां-हां मैं वोट देके आया, ऐसा नहीं है आपके वोट की बहुत बड़ी ताकत होती है। मैं आज आपको आपके वोट की ताकत बताना चाहता हूं… बताऊं… बताऊं... आपके वोट की ताकत क्या है बताऊं.. बताऊं.. देखिए, आपके दादा-दादी, नाना-नानी के एक वोट ने...बिहार को सामाजिक न्याय की भूमि बनाया था। लेकिन फिर 90 का दशक आया…और बिहार पर RJD के जंगलराज ने हमला कर दिया। और जंगलराज मतलब कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, करप्शन और कुशासन…ये जंगलराज की पहचान बन गई। और ये बिहार का दुर्भाग्य बन गया। आपके माता-पिता के सपने कुचल दिए गए।

साथियों,

आज, मेरे सामने माताओं-बहनों को देख रहा हूं.. नौजवानों का उत्साह और उमंग देख रहा हूं। जितने नौजवान आए हैं...आज मैं उन्हें एक आकड़ा देता हूं...आप इस आंकड़े को याद रखेंगे? जरा पूरी ताकत से जवाब दो भाई… ये आंकड़ा याद रखोगे… आप सब याद रखोगे..
ये आंकड़ा है—जीरो.. जीरो... शून्य...। याद रखोगे… जीरो.. शून्य.. ये आंकड़ा याद रखोगे... कौन सा आंकड़ा... जरा जोर से बोलिए.. कौन सा आंकड़ा… ये जंगलराज के दौरान बिहार में हुए विकास का रिपोर्ट कार्ड है। मेरे नौजवान साथियों....बिहार में जंगलराज की सरकार 1990 से लेकर साल 2005 तक 15 साल इस जंगलराज ने बिहार को तबाह कर दिया... सरकार चलाने के नाम पर तब सिर्फ आपको लूटा गया... और इसलिए मैं कहता हूं कि आपको ये आंकड़ा याद रखना है.. कौन सा आंकड़ा ? कौन सा आंकड़ा ?... अब मैं बताता हूं 15 साल के जंगलराज में बिहार में कितने एक्सप्रेसवे बने?... कितने एक्सप्रेस वे बने? जीरो.. जीरो मतलब शून्य..निल बटे सन्नाटा। क्या आप जानते हैं...15 साल के जंगलराज में बिहार में कोसी नदी पर कितने पुल बने? कितने पुल बने? जरा जोर से बताइए… कितने पुल बने? कितने पुल बने? देखिए पत्रकार मुस्कुरा रहे हैं आज.. जीरो...शून्य...एक भी नहीं बना। क्या आप जानते हैं...15 साल के जंगलराज में बिहार में कितने टूरिस्ट सर्किट विकसित हुए? कितने टूरिस्ट सर्किट विकसित हुए? जरा जोर से बताइए.. कितने टूरिस्ट सर्किट विकसित हुए? जीरो...शून्य..मतलब नील बटे सन्नाटा। क्या आप जानते हैं...15 साल के जंगलराज में बिहार में मेरे नौजवानों को खेलकूद के लिए मेरी बेटियों के खेलकूद के लिए कितने स्पोर्ट्स कॉंप्लेक्स डवलप हुए? कितने डवलप हुए? कितने डवलप हुए? जीरो मतलब शून्य..मतलब नील बटे सन्नाटा। क्या आप जानते हैं...15 साल के जंगलराज में बिहार में कितने मेडिकल कॉलेज बने?
जंगलराज में बिहार में कितने मेडिकल कॉलेज बने? जरा जोर से बताइए... कितने मेडिकल कॉलेज बने? जीरो...शून्य..साथियों, जंगलराज के उन 15 सालों में ना बिहार में एक भी IIT आई...ना ही IIM आया...ना ही एक भी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की यहां स्थापना हुई। पूरी एक पीढ़ी का.. नौजवान देखे पूरी एक पीढ़ी का भविष्य आरजेडी के नेता खा गए... खा गए दोस्तों...

साथियों,

NDA की सरकार में नीतीश जी ने बहुत मेहनत से बिहार को जंगलराज से बाहर निकाला है। 2014 में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद बिहार के विकास में नई तेजी आई है। पटना में IIT खुली है...बोधगया में IIM खुला है...पटना में एम्स खुला है...दरभंगा एम्स का काम तेज गति से चल रहा है...अब बिहार में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भी है...भागलपुर में ट्रिपल आईटी भी है। बिहार में एक नहीं दो नहीं बल्कि चार सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी स्थापित की गई है।

साथियों...

NDA सरकार में गंगा पर चार बड़े पुल बनाए गए हैं। वीर कुंवर सिंह सेतु...जेपी सेतु...श्रीकृष्ण सिंह सेतु...औंटा-सिमरिया सेतु...इसके अलावा महात्मा गांधी सेतु की पूरी तरह मरम्मत करके नया स्टील ब्रिज बनाया गया है। इसके अलावा गंगाजी पर 8 नए पुलों को बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कोसी नदी पर भी 3 पुल नए बनाए गए हैं और तीन नए पुल बनाने पर काम चल रहा है। हमारी सरकार ने बिहार के लिए 7 एक्सप्रेसवे मंजूर किए हैं जिनमें से एक का काम पूरा भी हो गया है।

साथियों,

यहां सीमांचल में भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। फारबिसगंज और दरभंगा के बीच रेल कनेक्टिविटी के लिए 90 साल इंतजार करना पड़ा है। तीन-तीन पीढ़ी को इंतजार करना पड़ा अब कई सालों बाद, फारबिसगंज और सहरसा भी आपस में कनेक्ट हो गए हैं। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से तो, इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली है। ये सारे उदाहरण बताते हैं कि बिहार का विकास अगर कोई कर सकता है तो एनडीए कर सकता है। भाजपा के साथ पूरी एनडीए की टीम मिलकर के कर सकती है।

साथियों,

और इसलिए हमें अपने नौजवानों को, अपनी बेटियों को, अपने नागरिकों को...बेहतर जीवन देना है। इसलिए, NDA सरकार..हर गरीब को पक्का घर दे रही है...हर ज़रूरतमंद को मुफ्त अनाज-मुफ्त इलाज दे रही है...नल दे रही है, नल से जल दे रही है.. मुद्रा योजना के....

((आप.. यहां जगह कम है..प्लीज आपलोग जरा वहीं रुकिए.. यहां जगह कम है साथियों आप वहीं रुकिए आगे मत आइए, मैं आपका उत्साह देख रहा हूं आपका जोश देख रहा हूं आपका ये प्यार मेरे सर आंखों पर.. आपका ये प्यार मेरे सर आंखों पर..))

साथियों,

मुद्रा योजना के तहत स्वरोजगार के लिए बिना बैंक गारंटी युवाओं को मदद दी जा रही है। बिहार के हमारे नौजवानों को मुद्रा लोन के करीब 3 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। लेकिन साथियों, हमारे इन प्रयासों के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी है...ये चुनौती, घुसपैठियों की। NDA सरकार पूरी कठोरता से और पूरी ईमानदारी से जो घुसपैठिये हैं एक-एक की पहचान कर रही है। और घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने में जुटी है...लेकिन ये RJD वाले, ये कांग्रेस वाले...ये लोग घुसपैठियों को बचाने में जुटे हैं। ये घुसपैठियों को बचाने के लिए भांति-भांत के झूठ फैलाते हैं। गप्पगोले फेंकते रहे हैं। लोगों को गुमराह करने के लिए राजनीतिक यात्राएं निकालते रहते हैं।

साथियों,

आप मुझे बताइए... आप मुझे जवाब देंगे नौजवानों... आप मुझे जवाब देंगे... पूछूं... आप मुजे बताइए...ये घुसपैठियों को बिहार से बाहर करना चाहिए या नहीं? घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए... जो जहां चाहे वहां भेजना चाहिए कि नहीं भेजना चाहिए।

साथियों,

RJD-कांग्रेस को अगर गलती से भी जहां-जहां मौका मिला है जब-जब मौका मिला है ये घुसपैठियों को पिछले दरवाजे से भारत का नागरिक बनाने में लगे रहे। वो सिर्फ आकर के किसी के घर में ठहर जाते हैं ऐसा नहीं है.. ये घुसपैठिए आपके खेतों पर कब्जा करते हैं...दुकानों-उद्योगों में घुसपैठियों को ही काम मिल जाता है आपके बच्चों को उनका काम का जो हक है वो हक ये घुसपैठिए छीन लेते हैं, उनको मिलना शुरू हो जाता है। और इसलिए मेरे नौजवानों, माताओं-बहनों... मेरे मुल्क के मालिको आप मुझे बताइए... ये घुसपैठिए जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए... इन घुसपैठियों को हटाना चाहिए कि नहीं हटाना चाहिए... साथियों घुसपैठियों का ठीक से हिसाब हो... आप मुझे बताइए इन घुसपैठियों का हिसाब कौन कर सकता है? जरा बताइए घुसपैठियों को कौन निकाल सकता है? इन घुसपैठियों को कौन निकाल सकता है? ये घुसपैठियों को कौन निकाल सकता है? घुसपैठियों को कौन निकाल सकता है? मोदी नहीं आपका एक वोट निकाल सकता है। आपका वोट.. आपके वोट की ताकत है वो घुसपैठियों को निकाल कर के रहेगी। और इसके लिए NDA की डबल इंजन सरकार बहुत जरूरी है।

साथियों,

कांग्रेस हो, RJD हो...इन्हें देश की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं है..इन्हें देश की आस्था से भी कोई मतलब नहीं है। इसलिए ये सबलोग...हमारी आस्था, हमारी संस्कृति का भी अपमान करते हैं। आपने देखा..कांग्रेस के जो नामदार हैं...वो बिहार आकर...छठी मैया की पूजा को ड्रामा बताते हैं ड्रामा। क्या ये छठी मैया का अपमान है कि नहीं है? हमारी आस्था का अपमान है कि नहीं है? हमारी माताएं-बहनें छठी मैया की आराधना में कितना तपस्या करती हैं। पानी तक नहीं पीती ये उसको नौटंकी कहते हैं... और आरजेडी वाले नामदार..ऐसी जब बातें आती हैं तो उनके मुंह पर ताला लग जाता है। यही नामदार..उछल-उछल कर के टीबी वालों को बुला-बुला कर के जब महाकुंभ चल रहा था तब महाकुंभ स्नान का मजाक उड़ाते थे। साथियों, ये राम मंदिर का विरोध करते हैं... प्रभु राम पर इनका विश्वास नहीं है...ये कोई ढकी-छुपी बात नहीं है..पूरा देश जानता है। इनकी आस्था नहीं थी...तो ये प्राण प्रतिष्ठा में नहीं आए...आए दिन इस पवित्र परंपरा का भी मज़ाक उड़ाते रहते हैं। चलो भाई ये घुसपैठिये के दबाव में हैं, वोटबैंक की राजनीति में हैं उनकी खुछ मजबूरिया हैं समझ गए। प्रभु राम से ऩफरत होगी.. हो सकता है। लेकिन जरा मैं एक और सवाल पूछता हूं। मेरे इस सवाल को जरा गंभीरता से सुनिए। आपको मालूम है ना कि जहां भगवान प्रभु राम का मंदिर बना है ना वहीं पर निषादराज का भी मंदिर बना है...वहीं पर महर्षि वाल्मीकि का भी मंदिर बना है.. वहीं पर माता शबरी जी का भी मंदिर बना है...ये जरा कांग्रेस-RJD वालों को मैं पूछना चाहता हूं कि भाई तुम्हे राम से गुस्सा है अरे रामजी के पास मत जाना, वहां निषादराज है वहां तो मत्था टेक के आ जाओ... वहां महर्षि वाल्मीकि जी है अरे वहां तो मत्था टेक के आ जाओ.. वहां तो माता शबरी है, अरे वहां तो चरण छू कर के आ जाओ... इनको निषादराज जी से महर्षि वाल्मीकि जी से माता शबरी से भी ऐतराज है। इससे पता चलता है कि ये लोग...दलितों-पिछड़ों से कितनी नफरत करते हैं।

साथियों,

NDA का एक ही संकल्प है... सबको पढ़ाई...सबको दवाई...सबकी कमाई...सबकी सुनवाई...और जहां पानी नहीं है खेतो में.वहां सिंचाई...NDA सरकार में इसी मंत्र पर चलते हुए हम कोसी और मेचि नदी को जोड़ रहे हैं...हज़ारों करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। लक्ष्य यही है कि बाढ़ की चुनौती कम और किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके।

साथियों,

यहां बहुत बड़ी मात्रा में दाल उगाई जाती है। हमारी सरकार ने दलहन किसानों के लिए बहुत बड़ी योजना बनाई है। इससे दलहन किसानों को बहुत लाभ होगा। अब तो आपकी सेवा में नया राष्ट्रीय मखाना बोर्ड भी है। ये मखाना की खेती को, नई बुलंदी देने वाला है।

साथियों,

यहां इस क्षेत्र में जूट की भी काफी खेती होती है। जूट किसानों के लिए जितना हमारी सरकार कर रही है...उतना पहले कभी नहीं हुआ।
आरजेडी कांग्रेस के दौर में एक समय ऐसा भी था...जब जूट किसानों को एक क्विंटल जूट के एक हजार रुपए भी नहीं मिलते थे। ये NDA सरकार है जिसने आपके हितों का हमेशा ध्यान रखा है। आज एक क्विंटल जूट का MSP...पांच हजार छह सौ पचास रुपए से ज्यादा हो चुका है। ...पांच हजार छह सौ उस समय एक हजार भी नहीं हुआ करता था।

साथियों,

जब केंद्र में RJD और कांग्रेस की सरकार थी...तब उन्होंने जूट किसानों को MSP के रूप में सिर्फ 400 करोड़ रुपए दिए। जबकि NDA सरकार...अभी तक 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा जूट किसानों को दे चुकी है। इसका बड़ा फायदा बिहार के जूट किसानों को हुआ है।

साथियों,

हमारी सरकार माताओं-बहनों की कमाई और दवाई के लिए भी अनेक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना इसका सशक्त उदाहरण है। इसके तहत...बिहार की एक करोड़ चालीस लाख बहनों के बैंक खाते में दस-दस हज़ार रुपए पहुंच चुके हैं। माताएं बहनें जरा ताली बजाकर के हमें बताइए... ये अच्छा हुआ है कि नहीं हुआ है। आपको ताकत मिली है कि नहीं मिली है। और हमने वादा किया है। जो भी कोई काम-धंधा शुरू करेंगे उनको आगे सरकार बनने के बाद फिर से पैसा मिलने वाला है। करेंगें ना.. हमें बिहार को आगे बढ़ाना है करेंगे ना... बिहार NDA ने, फिर से सरकार बनने के बाद, इस योजना का दायरा और बढ़ाने की घोषणा की है।

साथियों,

मुझे परसों ही..बिहार की बहनों से फोन कॉल पर बातचीत करने का अवसर मिला था। और मुझे बताया गया कि लाखों बहने उस समय हमसे जुड़ी हुई थीं और घंटे भर मैं बात करता रहा और जो मैंने उन्हें सुना.. एक-एक बहने जो मुझे बता रही थी... मुझे विश्वास हो गया है कि ये हमारी हमारी माताएं- बहनें समृद्ध बिहार बनाने का संकल्प ले चुकी हैं...और इसलिए...वो जंगलराज की वापसी भी कभी भी वापसी नहीं होने देंगे अब मेरा विश्वास और पक्का हो गया है। आज बिहार को जंगलराज से बचाने के लिए अगर सबसे बड़ा कोई किला है.. सबसे बड़ी दीवार है.. सबसे बड़ी संरक्षक है तो ये मेरी माताएं और बहने हैं। ये मेरी माताओं और बहनों की ताकत है, ये मेरी माताओं-बहनों की जागरूकता है।

साथियों,

कुछ दिनों पहले मैंने कांग्रेस और आरजेडी में जो झगड़े हो रहे हैं ना एक-दूसरे की टांग खींचने का जो काम चल रहा है। उसकी पोल खोल दी थी। ये पोल खुलने के बाद कांग्रेस- आरजेडी के बीच झगड़ा और भी बढ़ गया है। अभी हमने देखा...कांग्रेस ने तो अब उप-मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को ही...RJD के खिलाफ मोर्चे पर उतार दिया है। वो मीडिया को इंटरव्यू दे रहे हैं...और इंटरव्यू में क्या कह रहे हैं? वो इंटरव्यू में आरजेडी के जंगलराज की ही कलई खोल रहे हैं। वो कह रहे हैं कि जंगलराज में, दलितों-महादलितों और अति-पिछड़ों के साथ सबसे अधिक जुल्म हुआ है। साथियों, अभी तो ये शुरुआत है...चुनाव परिणाम आने दीजिए...ये कांग्रेस और आरजेडी के लोग एक-दूसरे के बाल नोचने वाले हैं...एक-दूसरे के..।

साथियों,

अररिया में 11 नवंबर को मतदान है। आपको मेरा एक काम करना है...करेंगे, मेरा एक काम करेंगे? पक्का करेंगे... अभी आपके पास तीन-चार दिन बचें हैं। घर-घर जाकर बताना कि अपने मोदी जी आए थे.. बताएंगे.. बताएंगे... और कहना कि मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है.. मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे... हर घर में पहुंचा देंगे... दूसरा भी एक काम करना है... छठ महापर्व के लिए जो लोग बाहर रहते गांव वासस आए हैं उनको कहना कि मोदी जी ने कहा है..कि अगर आपका यहां पर वोट है तो जल्दी मत जाना, वोट कर के ही जाना... करेंगे.. साथियों.. आपके उत्साह से पक्का है कि इस बार एनडीए की रिकॉर्ड विजय होने वाली है। भाजपा-एनडीए के हर कार्यकर्ता को पूरी ताकत से हर बूथ पर विजय होना है। एक भी बूथ ऐसा ना हो जहां एक वोट से भी हमें पीछे नहीं होना चाहिए... और भाइयों बहनों जब चुनाव का नतीजा आ जाएगा... तो दही-चूड़ा और मखाने की खीर के साथ हमें एनडीए की रिकॉर्ज विजय का उत्सव मनाना है।

साथियों,

आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए...हमारे साथियों को आशीर्वाद दिया... मैं सभी उम्मीदवारों से प्रार्थना करता हूं.. जरा आप यहां आ जाइए... बस वहीं खड़े हो जाइए... सबसे सब.. मैं सबसे मिलकर के आपको शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आप सब भारत मां की जय बोलकर के इनको आशीर्वाद दीजिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... बहुत-बहुत धन्यवाद...

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।