“Your dream is my resolve,” says PM Modi, dedicating his efforts to the youth and mothers of Bihar
PM Modi exposes RJD’s 15-year rule as a “zero report card” with no development or progress
NDA’s focus is on education, healthcare, income, justice and irrigation for all: PM Modi in Bihar
“Bihar’s women stand as the strongest wall against jungle raj,” says PM Modi in Araria
PM Modi reveals Congress-RJD feud, says they are now fighting publicly over leadership and failures

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

अररिया के ई पावन माटी पर मौजूद सब्भे भइया, बहिन आ बुजुर्ग जन के हम परनाम करै छी। आइ हम अहां सबके बीच प्रधान बन के नै अहां सभक बेटा, भाई आ परिवार के सदस्य बैन क आइल छी।

साथियों,

खड़गेश्वरी महाकाली... मां पूरनदेवी... मां कामाख्या... चौमुखी शिवलिंग महादेव...महामाया देवी....इन सभी दिव्य शक्तियों को नमन करते हुए...मैं आप सभी जनता-जनार्दन को प्रणाम करता हूं।

साथियों,

ये सारे नौजवान बहुत सारे पेंटिंग बनाकर के ले आए हैं.. जरा एसपीजी के लोग इसे कलेक्ट कर लीजिए। ये जो जो बच्चे चित्र बना के लाए हैं, अगर पीछे आपका नाम-पता होगा तो मेरे ऑफिस से आपको चिट्ठी मिल जाएगी.. सब कलेक्ट कर लीजिए भाई, उधर भी सबसे कलेक्ट कर लीजिए और फिर आप लोग आराम से बैठ जाइए। आप कितना समय हाथ ऊपर करके खड़े रहते हैं... आराम से बैठिए आप लोग...

मेरे मन में एक सवाल है... मैं सभी माताओं-बहनों से पूछूं क्या... मेरे मन में एक सवाल है... मैं पूछूं क्या... माताएं-बहनें जवाब देंगी... ये मुझे बताइए.. बहनें.. आब सुबह-सुबह इतनी बड़ी संख्या में आई है... तो घर के लोगों को आज खाना मिलेगा क्या... या तो आप सुबह चार बजे उठकर खाना बनाया होगा... लेकिन आपका ये प्यार, आपके आशीर्वाद ऐसा सौभाग्य शायद बहुत कम लोगों को मिलता होगा...
मैं माताओं बहनों आपको फिर से प्रणाम करता हूं... मैं देख रहा हूं कि इतना बड़ा पंडाल बनाया है। एक तो मैं आपलोगों की हिम्मत को दाद देता हूं... कोई इतना बड़ा पंडाल बनाने की हिम्मत नहीं करता है सोचता है कि लोग आएंगे कि नहीं आएंगे... आपने इतना बड़ा पंडाल भर दिया.. मैं देख रहा हूं कि जितने लोग पंडाल में हैं उससे ज्यादा बाहर है। और जब मैं हेलिकॉप्टर से देख रहा था बहुत बड़ी मात्रा में लोग पैदल चल के आ रहे थे, वो तो शायद पहुंचे भी नहीं होंगे.. ये दृश्य अपनेआप में चुनाव का नतीजा क्या होगा, ये डंके की चोट पर साफ कर देता है।

साथियों,

आज बिहार को विकसित बनाने के लिए...पहले चरण का वोट पड़ रहा है। माताएं बहनें आगे जगह ही नहीं है.. आप वहीं रुक जाइए... वहां जो व्यवस्था वाले हैं उनको वहीं रोकिए... मुझे क्षमा करना जगह नहीं है आप शायद मुझे देख नहीं पाते होंगे, इसके लिए मैं आपसे क्षमा मांगता हूं... लेकिन आप जहां हैं वहीं रुकिए...
आज पहले चरण का वोटिंग शुरू हो चुका है। सोशल मीडिया पर...बिहार के अलग-अलग कोने से शानदार तस्वीरें आ रही हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लगी हुई हैं। बिहार की माताएं-बहनें-बेटियां...बड़ी संख्या में बाहर निकल रही हैं वोट के लिए। बिहार के नौजवानों में भी अभूतपूर्व उत्साह है। मैं सभी मतदाताओं का अभिनंदन करता हूं। मेरा विनम्र आग्रह है। जिन साथियों ने अभी तक मतदान नहीं किया है... जो अभी तक अपने घर से निकले नहीं हैं। वे जल्द से जल्द वोट देने के लिए निकलें...

साथियों,

आज पूरे बिहार से एक ही आवाज़ आ रही है — एक ही आवाज आ रही है।
फिर एक बार,... फिर एक बार NDA सरकार…
फिर एक बार... फिर एक बार, फिर एक बार, सुशासन सरकार!
बिहार की इस भावना के पीछे...माताओं-बहनों की उम्मीदें हैं, नौजवानों के सपने हैं। और मेरे नौजवानों, ये मोदी की गारंटी लिखकर के रखो... आपका सपना ही... मेरे नौजवान साथियों लिखकर के रखो... आपका सपना ही मोदी का संकल्प है। जंगलराज वाले खुद को आपका माई-बाप कहते थे, अपने आपको शहंशाह मानते थे... ये तो मोदी है.. मेरा माई-बाप तो जनता-जनार्दन है… आप ही मेरे मालिक है, आप ही मेरा रिमोट कंट्रोल है… 140 करोड़ देशवासी, यही मेरा परिवार है, यही मेरे मालिक है। मेरा परिश्रम, दिन-रात खपने की मेरी कोशिश सिर्फ और सिर्फ आपके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ही है।

साथियों,

आज मैं आपको...आपके वोट की ताकत क्या होती है.. कभी-कभी हमको लगता है कि हां-हां मैं वोट देके आया, ऐसा नहीं है आपके वोट की बहुत बड़ी ताकत होती है। मैं आज आपको आपके वोट की ताकत बताना चाहता हूं… बताऊं… बताऊं... आपके वोट की ताकत क्या है बताऊं.. बताऊं.. देखिए, आपके दादा-दादी, नाना-नानी के एक वोट ने...बिहार को सामाजिक न्याय की भूमि बनाया था। लेकिन फिर 90 का दशक आया…और बिहार पर RJD के जंगलराज ने हमला कर दिया। और जंगलराज मतलब कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, करप्शन और कुशासन…ये जंगलराज की पहचान बन गई। और ये बिहार का दुर्भाग्य बन गया। आपके माता-पिता के सपने कुचल दिए गए।

साथियों,

आज, मेरे सामने माताओं-बहनों को देख रहा हूं.. नौजवानों का उत्साह और उमंग देख रहा हूं। जितने नौजवान आए हैं...आज मैं उन्हें एक आकड़ा देता हूं...आप इस आंकड़े को याद रखेंगे? जरा पूरी ताकत से जवाब दो भाई… ये आंकड़ा याद रखोगे… आप सब याद रखोगे..
ये आंकड़ा है—जीरो.. जीरो... शून्य...। याद रखोगे… जीरो.. शून्य.. ये आंकड़ा याद रखोगे... कौन सा आंकड़ा... जरा जोर से बोलिए.. कौन सा आंकड़ा… ये जंगलराज के दौरान बिहार में हुए विकास का रिपोर्ट कार्ड है। मेरे नौजवान साथियों....बिहार में जंगलराज की सरकार 1990 से लेकर साल 2005 तक 15 साल इस जंगलराज ने बिहार को तबाह कर दिया... सरकार चलाने के नाम पर तब सिर्फ आपको लूटा गया... और इसलिए मैं कहता हूं कि आपको ये आंकड़ा याद रखना है.. कौन सा आंकड़ा ? कौन सा आंकड़ा ?... अब मैं बताता हूं 15 साल के जंगलराज में बिहार में कितने एक्सप्रेसवे बने?... कितने एक्सप्रेस वे बने? जीरो.. जीरो मतलब शून्य..निल बटे सन्नाटा। क्या आप जानते हैं...15 साल के जंगलराज में बिहार में कोसी नदी पर कितने पुल बने? कितने पुल बने? जरा जोर से बताइए… कितने पुल बने? कितने पुल बने? देखिए पत्रकार मुस्कुरा रहे हैं आज.. जीरो...शून्य...एक भी नहीं बना। क्या आप जानते हैं...15 साल के जंगलराज में बिहार में कितने टूरिस्ट सर्किट विकसित हुए? कितने टूरिस्ट सर्किट विकसित हुए? जरा जोर से बताइए.. कितने टूरिस्ट सर्किट विकसित हुए? जीरो...शून्य..मतलब नील बटे सन्नाटा। क्या आप जानते हैं...15 साल के जंगलराज में बिहार में मेरे नौजवानों को खेलकूद के लिए मेरी बेटियों के खेलकूद के लिए कितने स्पोर्ट्स कॉंप्लेक्स डवलप हुए? कितने डवलप हुए? कितने डवलप हुए? जीरो मतलब शून्य..मतलब नील बटे सन्नाटा। क्या आप जानते हैं...15 साल के जंगलराज में बिहार में कितने मेडिकल कॉलेज बने?
जंगलराज में बिहार में कितने मेडिकल कॉलेज बने? जरा जोर से बताइए... कितने मेडिकल कॉलेज बने? जीरो...शून्य..साथियों, जंगलराज के उन 15 सालों में ना बिहार में एक भी IIT आई...ना ही IIM आया...ना ही एक भी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की यहां स्थापना हुई। पूरी एक पीढ़ी का.. नौजवान देखे पूरी एक पीढ़ी का भविष्य आरजेडी के नेता खा गए... खा गए दोस्तों...

साथियों,

NDA की सरकार में नीतीश जी ने बहुत मेहनत से बिहार को जंगलराज से बाहर निकाला है। 2014 में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद बिहार के विकास में नई तेजी आई है। पटना में IIT खुली है...बोधगया में IIM खुला है...पटना में एम्स खुला है...दरभंगा एम्स का काम तेज गति से चल रहा है...अब बिहार में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भी है...भागलपुर में ट्रिपल आईटी भी है। बिहार में एक नहीं दो नहीं बल्कि चार सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी स्थापित की गई है।

साथियों...

NDA सरकार में गंगा पर चार बड़े पुल बनाए गए हैं। वीर कुंवर सिंह सेतु...जेपी सेतु...श्रीकृष्ण सिंह सेतु...औंटा-सिमरिया सेतु...इसके अलावा महात्मा गांधी सेतु की पूरी तरह मरम्मत करके नया स्टील ब्रिज बनाया गया है। इसके अलावा गंगाजी पर 8 नए पुलों को बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कोसी नदी पर भी 3 पुल नए बनाए गए हैं और तीन नए पुल बनाने पर काम चल रहा है। हमारी सरकार ने बिहार के लिए 7 एक्सप्रेसवे मंजूर किए हैं जिनमें से एक का काम पूरा भी हो गया है।

साथियों,

यहां सीमांचल में भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। फारबिसगंज और दरभंगा के बीच रेल कनेक्टिविटी के लिए 90 साल इंतजार करना पड़ा है। तीन-तीन पीढ़ी को इंतजार करना पड़ा अब कई सालों बाद, फारबिसगंज और सहरसा भी आपस में कनेक्ट हो गए हैं। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से तो, इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली है। ये सारे उदाहरण बताते हैं कि बिहार का विकास अगर कोई कर सकता है तो एनडीए कर सकता है। भाजपा के साथ पूरी एनडीए की टीम मिलकर के कर सकती है।

साथियों,

और इसलिए हमें अपने नौजवानों को, अपनी बेटियों को, अपने नागरिकों को...बेहतर जीवन देना है। इसलिए, NDA सरकार..हर गरीब को पक्का घर दे रही है...हर ज़रूरतमंद को मुफ्त अनाज-मुफ्त इलाज दे रही है...नल दे रही है, नल से जल दे रही है.. मुद्रा योजना के....

((आप.. यहां जगह कम है..प्लीज आपलोग जरा वहीं रुकिए.. यहां जगह कम है साथियों आप वहीं रुकिए आगे मत आइए, मैं आपका उत्साह देख रहा हूं आपका जोश देख रहा हूं आपका ये प्यार मेरे सर आंखों पर.. आपका ये प्यार मेरे सर आंखों पर..))

साथियों,

मुद्रा योजना के तहत स्वरोजगार के लिए बिना बैंक गारंटी युवाओं को मदद दी जा रही है। बिहार के हमारे नौजवानों को मुद्रा लोन के करीब 3 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। लेकिन साथियों, हमारे इन प्रयासों के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी है...ये चुनौती, घुसपैठियों की। NDA सरकार पूरी कठोरता से और पूरी ईमानदारी से जो घुसपैठिये हैं एक-एक की पहचान कर रही है। और घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने में जुटी है...लेकिन ये RJD वाले, ये कांग्रेस वाले...ये लोग घुसपैठियों को बचाने में जुटे हैं। ये घुसपैठियों को बचाने के लिए भांति-भांत के झूठ फैलाते हैं। गप्पगोले फेंकते रहे हैं। लोगों को गुमराह करने के लिए राजनीतिक यात्राएं निकालते रहते हैं।

साथियों,

आप मुझे बताइए... आप मुझे जवाब देंगे नौजवानों... आप मुझे जवाब देंगे... पूछूं... आप मुजे बताइए...ये घुसपैठियों को बिहार से बाहर करना चाहिए या नहीं? घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए... जो जहां चाहे वहां भेजना चाहिए कि नहीं भेजना चाहिए।

साथियों,

RJD-कांग्रेस को अगर गलती से भी जहां-जहां मौका मिला है जब-जब मौका मिला है ये घुसपैठियों को पिछले दरवाजे से भारत का नागरिक बनाने में लगे रहे। वो सिर्फ आकर के किसी के घर में ठहर जाते हैं ऐसा नहीं है.. ये घुसपैठिए आपके खेतों पर कब्जा करते हैं...दुकानों-उद्योगों में घुसपैठियों को ही काम मिल जाता है आपके बच्चों को उनका काम का जो हक है वो हक ये घुसपैठिए छीन लेते हैं, उनको मिलना शुरू हो जाता है। और इसलिए मेरे नौजवानों, माताओं-बहनों... मेरे मुल्क के मालिको आप मुझे बताइए... ये घुसपैठिए जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए... इन घुसपैठियों को हटाना चाहिए कि नहीं हटाना चाहिए... साथियों घुसपैठियों का ठीक से हिसाब हो... आप मुझे बताइए इन घुसपैठियों का हिसाब कौन कर सकता है? जरा बताइए घुसपैठियों को कौन निकाल सकता है? इन घुसपैठियों को कौन निकाल सकता है? ये घुसपैठियों को कौन निकाल सकता है? घुसपैठियों को कौन निकाल सकता है? मोदी नहीं आपका एक वोट निकाल सकता है। आपका वोट.. आपके वोट की ताकत है वो घुसपैठियों को निकाल कर के रहेगी। और इसके लिए NDA की डबल इंजन सरकार बहुत जरूरी है।

साथियों,

कांग्रेस हो, RJD हो...इन्हें देश की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं है..इन्हें देश की आस्था से भी कोई मतलब नहीं है। इसलिए ये सबलोग...हमारी आस्था, हमारी संस्कृति का भी अपमान करते हैं। आपने देखा..कांग्रेस के जो नामदार हैं...वो बिहार आकर...छठी मैया की पूजा को ड्रामा बताते हैं ड्रामा। क्या ये छठी मैया का अपमान है कि नहीं है? हमारी आस्था का अपमान है कि नहीं है? हमारी माताएं-बहनें छठी मैया की आराधना में कितना तपस्या करती हैं। पानी तक नहीं पीती ये उसको नौटंकी कहते हैं... और आरजेडी वाले नामदार..ऐसी जब बातें आती हैं तो उनके मुंह पर ताला लग जाता है। यही नामदार..उछल-उछल कर के टीबी वालों को बुला-बुला कर के जब महाकुंभ चल रहा था तब महाकुंभ स्नान का मजाक उड़ाते थे। साथियों, ये राम मंदिर का विरोध करते हैं... प्रभु राम पर इनका विश्वास नहीं है...ये कोई ढकी-छुपी बात नहीं है..पूरा देश जानता है। इनकी आस्था नहीं थी...तो ये प्राण प्रतिष्ठा में नहीं आए...आए दिन इस पवित्र परंपरा का भी मज़ाक उड़ाते रहते हैं। चलो भाई ये घुसपैठिये के दबाव में हैं, वोटबैंक की राजनीति में हैं उनकी खुछ मजबूरिया हैं समझ गए। प्रभु राम से ऩफरत होगी.. हो सकता है। लेकिन जरा मैं एक और सवाल पूछता हूं। मेरे इस सवाल को जरा गंभीरता से सुनिए। आपको मालूम है ना कि जहां भगवान प्रभु राम का मंदिर बना है ना वहीं पर निषादराज का भी मंदिर बना है...वहीं पर महर्षि वाल्मीकि का भी मंदिर बना है.. वहीं पर माता शबरी जी का भी मंदिर बना है...ये जरा कांग्रेस-RJD वालों को मैं पूछना चाहता हूं कि भाई तुम्हे राम से गुस्सा है अरे रामजी के पास मत जाना, वहां निषादराज है वहां तो मत्था टेक के आ जाओ... वहां महर्षि वाल्मीकि जी है अरे वहां तो मत्था टेक के आ जाओ.. वहां तो माता शबरी है, अरे वहां तो चरण छू कर के आ जाओ... इनको निषादराज जी से महर्षि वाल्मीकि जी से माता शबरी से भी ऐतराज है। इससे पता चलता है कि ये लोग...दलितों-पिछड़ों से कितनी नफरत करते हैं।

साथियों,

NDA का एक ही संकल्प है... सबको पढ़ाई...सबको दवाई...सबकी कमाई...सबकी सुनवाई...और जहां पानी नहीं है खेतो में.वहां सिंचाई...NDA सरकार में इसी मंत्र पर चलते हुए हम कोसी और मेचि नदी को जोड़ रहे हैं...हज़ारों करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। लक्ष्य यही है कि बाढ़ की चुनौती कम और किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके।

साथियों,

यहां बहुत बड़ी मात्रा में दाल उगाई जाती है। हमारी सरकार ने दलहन किसानों के लिए बहुत बड़ी योजना बनाई है। इससे दलहन किसानों को बहुत लाभ होगा। अब तो आपकी सेवा में नया राष्ट्रीय मखाना बोर्ड भी है। ये मखाना की खेती को, नई बुलंदी देने वाला है।

साथियों,

यहां इस क्षेत्र में जूट की भी काफी खेती होती है। जूट किसानों के लिए जितना हमारी सरकार कर रही है...उतना पहले कभी नहीं हुआ।
आरजेडी कांग्रेस के दौर में एक समय ऐसा भी था...जब जूट किसानों को एक क्विंटल जूट के एक हजार रुपए भी नहीं मिलते थे। ये NDA सरकार है जिसने आपके हितों का हमेशा ध्यान रखा है। आज एक क्विंटल जूट का MSP...पांच हजार छह सौ पचास रुपए से ज्यादा हो चुका है। ...पांच हजार छह सौ उस समय एक हजार भी नहीं हुआ करता था।

साथियों,

जब केंद्र में RJD और कांग्रेस की सरकार थी...तब उन्होंने जूट किसानों को MSP के रूप में सिर्फ 400 करोड़ रुपए दिए। जबकि NDA सरकार...अभी तक 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा जूट किसानों को दे चुकी है। इसका बड़ा फायदा बिहार के जूट किसानों को हुआ है।

साथियों,

हमारी सरकार माताओं-बहनों की कमाई और दवाई के लिए भी अनेक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना इसका सशक्त उदाहरण है। इसके तहत...बिहार की एक करोड़ चालीस लाख बहनों के बैंक खाते में दस-दस हज़ार रुपए पहुंच चुके हैं। माताएं बहनें जरा ताली बजाकर के हमें बताइए... ये अच्छा हुआ है कि नहीं हुआ है। आपको ताकत मिली है कि नहीं मिली है। और हमने वादा किया है। जो भी कोई काम-धंधा शुरू करेंगे उनको आगे सरकार बनने के बाद फिर से पैसा मिलने वाला है। करेंगें ना.. हमें बिहार को आगे बढ़ाना है करेंगे ना... बिहार NDA ने, फिर से सरकार बनने के बाद, इस योजना का दायरा और बढ़ाने की घोषणा की है।

साथियों,

मुझे परसों ही..बिहार की बहनों से फोन कॉल पर बातचीत करने का अवसर मिला था। और मुझे बताया गया कि लाखों बहने उस समय हमसे जुड़ी हुई थीं और घंटे भर मैं बात करता रहा और जो मैंने उन्हें सुना.. एक-एक बहने जो मुझे बता रही थी... मुझे विश्वास हो गया है कि ये हमारी हमारी माताएं- बहनें समृद्ध बिहार बनाने का संकल्प ले चुकी हैं...और इसलिए...वो जंगलराज की वापसी भी कभी भी वापसी नहीं होने देंगे अब मेरा विश्वास और पक्का हो गया है। आज बिहार को जंगलराज से बचाने के लिए अगर सबसे बड़ा कोई किला है.. सबसे बड़ी दीवार है.. सबसे बड़ी संरक्षक है तो ये मेरी माताएं और बहने हैं। ये मेरी माताओं और बहनों की ताकत है, ये मेरी माताओं-बहनों की जागरूकता है।

साथियों,

कुछ दिनों पहले मैंने कांग्रेस और आरजेडी में जो झगड़े हो रहे हैं ना एक-दूसरे की टांग खींचने का जो काम चल रहा है। उसकी पोल खोल दी थी। ये पोल खुलने के बाद कांग्रेस- आरजेडी के बीच झगड़ा और भी बढ़ गया है। अभी हमने देखा...कांग्रेस ने तो अब उप-मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को ही...RJD के खिलाफ मोर्चे पर उतार दिया है। वो मीडिया को इंटरव्यू दे रहे हैं...और इंटरव्यू में क्या कह रहे हैं? वो इंटरव्यू में आरजेडी के जंगलराज की ही कलई खोल रहे हैं। वो कह रहे हैं कि जंगलराज में, दलितों-महादलितों और अति-पिछड़ों के साथ सबसे अधिक जुल्म हुआ है। साथियों, अभी तो ये शुरुआत है...चुनाव परिणाम आने दीजिए...ये कांग्रेस और आरजेडी के लोग एक-दूसरे के बाल नोचने वाले हैं...एक-दूसरे के..।

साथियों,

अररिया में 11 नवंबर को मतदान है। आपको मेरा एक काम करना है...करेंगे, मेरा एक काम करेंगे? पक्का करेंगे... अभी आपके पास तीन-चार दिन बचें हैं। घर-घर जाकर बताना कि अपने मोदी जी आए थे.. बताएंगे.. बताएंगे... और कहना कि मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है.. मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे... हर घर में पहुंचा देंगे... दूसरा भी एक काम करना है... छठ महापर्व के लिए जो लोग बाहर रहते गांव वासस आए हैं उनको कहना कि मोदी जी ने कहा है..कि अगर आपका यहां पर वोट है तो जल्दी मत जाना, वोट कर के ही जाना... करेंगे.. साथियों.. आपके उत्साह से पक्का है कि इस बार एनडीए की रिकॉर्ड विजय होने वाली है। भाजपा-एनडीए के हर कार्यकर्ता को पूरी ताकत से हर बूथ पर विजय होना है। एक भी बूथ ऐसा ना हो जहां एक वोट से भी हमें पीछे नहीं होना चाहिए... और भाइयों बहनों जब चुनाव का नतीजा आ जाएगा... तो दही-चूड़ा और मखाने की खीर के साथ हमें एनडीए की रिकॉर्ज विजय का उत्सव मनाना है।

साथियों,

आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए...हमारे साथियों को आशीर्वाद दिया... मैं सभी उम्मीदवारों से प्रार्थना करता हूं.. जरा आप यहां आ जाइए... बस वहीं खड़े हो जाइए... सबसे सब.. मैं सबसे मिलकर के आपको शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आप सब भारत मां की जय बोलकर के इनको आशीर्वाद दीजिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... बहुत-बहुत धन्यवाद...

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Prime Minister welcomes Param Vir Gallery at Rashtrapati Bhavan as a tribute to the nation’s indomitable heroes
December 17, 2025
Param Vir Gallery reflects India’s journey away from colonial mindset towards renewed national consciousness: PM
Param Vir Gallery will inspire youth to connect with India’s tradition of valour and national resolve: Prime Minister

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, has welcomed the Param Vir Gallery at Rashtrapati Bhavan and said that the portraits displayed there are a heartfelt tribute to the nation’s indomitable heroes and a mark of the country’s gratitude for their sacrifices. He said that these portraits honour those brave warriors who protected the motherland through their supreme sacrifice and laid down their lives for the unity and integrity of India.

The Prime Minister noted that dedicating this gallery of Param Vir Chakra awardees to the nation in the dignified presence of two Param Vir Chakra awardees and the family members of other awardees makes the occasion even more special.

The Prime Minister said that for a long period, the galleries at Rashtrapati Bhavan displayed portraits of soldiers from the British era, which have now been replaced by portraits of the nation’s Param Vir Chakra awardees. He stated that the creation of the Param Vir Gallery at Rashtrapati Bhavan is an excellent example of India’s effort to emerge from a colonial mindset and connect the nation with a renewed sense of consciousness. He also recalled that a few years ago, several islands in the Andaman and Nicobar Islands were named after Param Vir Chakra awardees.

Highlighting the importance of the gallery for the younger generation, the Prime Minister said that these portraits and the gallery will serve as a powerful place for youth to connect with India’s tradition of valour. He added that the gallery will inspire young people to recognise the importance of inner strength and resolve in achieving national objectives, and expressed hope that this place will emerge as a vibrant pilgrimage embodying the spirit of a Viksit Bharat.

In a thread of posts on X, Shri Modi said;

“हे भारत के परमवीर…
है नमन तुम्हें हे प्रखर वीर !

ये राष्ट्र कृतज्ञ बलिदानों पर…
भारत मां के सम्मानों पर !

राष्ट्रपति भवन की परमवीर दीर्घा में देश के अदम्य वीरों के ये चित्र हमारे राष्ट्र रक्षकों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं। जिन वीरों ने अपने सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा की, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन दिया…उनके प्रति देश ने एक और रूप में अपनी कृतज्ञता अर्पित की है। देश के परमवीरों की इस दीर्घा को, दो परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य विजेताओं के परिवारजनों की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्र को अर्पित किया जाना और भी विशेष है।”

“एक लंबे कालखंड तक, राष्ट्रपति भवन की गैलरी में ब्रिटिश काल के सैनिकों के चित्र लगे थे। अब उनके स्थान पर, देश के परमवीर विजेताओं के चित्र लगाए गए हैं। राष्ट्रपति भवन में परमवीर दीर्घा का निर्माण गुलामी की मानसिकता से निकलकर भारत को नवचेतना से जोड़ने के अभियान का एक उत्तम उदाहरण है। कुछ साल पहले सरकार ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कई द्वीपों के नाम भी परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे हैं।”

“ये चित्र और ये दीर्घा हमारी युवा पीढ़ी के लिए भारत की शौर्य परंपरा से जुड़ने का एक प्रखर स्थल है। ये दीर्घा युवाओं को ये प्रेरणा देगी कि राष्ट्र उद्देश्य के लिए आत्मबल और संकल्प महत्वपूर्ण होते है। मुझे आशा है कि ये स्थान विकसित भारत की भावना का एक प्रखर तीर्थ बनेगा।”