“RJD forced Congress to surrender its CM claim at gunpoint,” declared PM Modi in Bhagalpur
NDA aims to make Bihar a hub of textiles, tourism, and technology: PM Modi
‘A vote for NDA is a vote for Bihar’s stability and prosperity,’ says PM Modi in Bhagalpur

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

हो भाई, बहिन सब हम्में दानवीर कर्ण के ई चंपानगरी बाबा बूढ़ानाथ आरू मंदार पर्वत, बाबा बासुकीनाथ के ई पवित्र भूमि के प्रणाम करै छिये। अपने सबके आशीर्वाद चाही!!!

साथियों,

देश में दो ही ऐसी जगह है, जहां गंगा उत्तरवाहिनी होती है। एक बनारस और दूसरा भागलपुर। गंगा मइया के आदेश पर मैं बनारस के लोगों की सेवा कर रहा हूं। और आज यहां, मैं भागलपुर में NDA के अपने साथियों के लिए... गंगा मइया का आशीर्वाद लेने आया हूं... आप सबका आशीर्वाद लेने आया हूं। बनारस में हमें बाबा काशी विश्वनाथ की कृपा मिलती है, यहां अजगैबीनाथ बाबा के चरणों में हमें प्रणाम करने का सौभाग्य मिलता है। और इसीलिए भागलपुर आना मेरे लिए बहुत विशेष हो जाता है। साथियों, भागलपुर संघर्ष, संस्कार और सम्मान की धरती है। इसी धरती ने देश को वो सपूत दिए, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। तिलका मांझी ने बंदूक से नहीं, अपने साहस से अंग्रेजों के अहंकार को तोड़ा था। कादंबिनी गांगुली ने अपनी निष्ठा और समर्पण से बेटियों के लिए नया रास्ता खोला था। मैं इस धरती की इन महान विभूतियों को नमन करता हूं। विक्रमशीला की इस भूमि ने हर युग में देश और समाज को दिशा दिखाई है। एक बार फिर भागलपुर की धरती से पूरे बिहार को संदेश जा रहा है, फिर एक बार...NDA सरकार! फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार... बिहार में फिर से...सुशासन सरकार !

साथियों,

पहले चरण के मतदान की.. और मतदाताओं का जो उत्साह है.. और अब तक जो मुझे जानकारियां मिली हैं... मतदान की शानदार तस्वीर सामने आ रही हैं। हमारी माताएं-बहनें...बहुत उत्साह के साथ मतदान कर रही हैं। बिहार की बेटियां...जंगलराज से बिहार को दूर रखने के लिए आज दीवार बनकर खड़ी है। मतदान मिथक पर तरह से किले की तरह लाइन बना दी है। भारी मात्रा में मतदान कर रही है। सुशासन की सरकार में....बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है...माताओं और बहनों को सम्मान मिला है... और इसलिए वे भारी संख्या में वोट देने के आज सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। बिहार में कांग्रेस-RJD के लोगों ने अनेक दशकों तक सरकारें चलाईं.. लेकिन उनको कभी जीविका दीदी बनाने की याद नहीं आई... उनको लखपति दीदी बनाने के बारे में कभी सोचा ही नहीं... उन्हें पशुपालक बहनों के खाते में सीधा पैसा डालने का ख्याल ही नहीं आया... उनको कभी ये याद नहीं आया कि... बहनों का बैंक खाता खुलवाना है... उन्होंने ये भी नहीं सोचा.. कि आवास योजनाओं के घर बहनों के नाम पर कराना है...

साथियों,

ये काम NDA की डबल इंजन सरकार कर रही है। मोदी ने बहनों के जन-धन खाते खुलवाए... आज नीतीश जी की सरकार...सीधे दस-दस हज़ार रुपए, नए-नए रोजगार शुरू करने के लिए बहनों के खाते में जमा कर रही है। अभी तक एक करोड़ चालीस लाख बहनों के खाते में ये पैसा पहुंच चुका है। आप कल्पना कीजिए... अगर बिहार का सबसे भ्रष्ट परिवार...और देश का सबसे भ्रष्ट परिवार... जो दोनों आभी जमानत पर बाहर है, ये दोनों अगर सत्ता में होते... तो ये पैसे बहनों के खाते में नहीं, ये कांग्रेस-आरजेडी के नेताओं की तिजोरी में पहुंच जाते।

साथियों,

अभी तो सत्ता से इनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है.. तब भी एक दूसरे को नीचा दिखाने में जुटे हुए हैं। ये नाम के साथी हैं...काम तो एक-दूसरे को नीचे घसीटने का ही कर रहे हैं। आप मुझे बताइए साथियों... शहर में RJD वालों के इतने पोस्टर लगे हैं... आपने उनमें कांग्रेस के नामदार की एक भी तस्वीर देखी है क्या? दिखाई दिया है क्या.. अगर कहीं होगी भी....तो दूरबीन से देखे बिना दिखेगी नहीं। अब दूसरी तरफ आप लोग... कांग्रेस के नामदारों की रैलियां देखिए... उनमें कांग्रेस के नामदार...आरजेडी के नेता का नाम तक नहीं लेते। ऐसी छूआछूत..ऐसी छूआछूत कि एक दूसरे की छाया से उनको डर लगता है। आरजेडी के नेता जो घोषणा करते हैं...उस पर कांग्रेस के नेता चुप हो जाते हैं।

साथियों,

असल में बीते कुछ महीने से कांग्रेस के नेता दावा कर रहे थे कि...उनकी पार्टी बड़ी है और आरजेडी तो छोटी पिछलग्गु है। लेकिन आरजेडी वालों ने कांग्रेस के इस अहंकार को चुनौती दे दी। उनके नामदार के अहंकार को चुनौती दे दी, और उन्होंने तय कर लिया मैं तो मरूं तुझे मार कर के रहूंगा। ये एक दूसरे को मारने में लगे हैं। और कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर...सीएम पद की उम्मीदवारी चोरी कर ली। अब कांग्रेस के लोग आरजेडी से बदला लेने में जुटे हैं। ये जो कांग्रेस के नामदार हैं...वो काफी समय से गायब है। लोग बताते हैं कि ये तो बिहार आना भी नहीं चाहते थे... इनको जबरदस्ती यहां लाया गया है... लेकिन अब ये उल्टा आरजेडी को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। सत्ता के स्वार्थ के लिए जो अपने साथियों के साथ ऐसा दगा कर सकते हैं... वे बिहार के लोगों के हितैषी कभी नहीं हो सकते।

साथियों,

मोदी आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए काम कर रहा है... स्वदेशी को बढ़ावा दे रहा है...वोकल फॉर लोकल पर बल दे रहा है। ये जो आपलोग चीजें बनाते हैं ना.. मोदी कहता है ये पूरे हिंदुस्तान में बिकनी चाहिए... आप जो चीजें बनाते हैं... वो चीजें दुनिया में बिकनी चाहिए। अगर आपकी चीजें देश और दुनिया में बिकेगी.. तो यहां के लोगों को फायदा होगा कि नहीं होगा? आप जरा जवाब दीजिए फायदा होगा कि नहीं होगा? यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा कि नहीं मिलेगा? यहां के लोगों की कमाई बढ़ेगी कि नहीं बढ़ेगी? तो हम सब ने यहां की बनी हुई चीजों की खरीद करनी चाहिए कि नहीं करनी चाहिए? यहां बनी हुई चीजें बेचनी चाहिए कि नहीं बेचनी चाहिए? हम दिन रात गांव-गांव, गली-गली जाकर ये कह रहे हैं। हमारे अभियान से... यहां के रेशम उत्पादक... हमारे बुनकर भाई-बहन... हमारे कारीगर भाई-बहन, हमारे विश्वकर्मा साथियों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। भागलपुर का रेशम, मंजूशा आर्ट...मधुबनी की कला, दरभंगा का मखाना, मुजफ्फरपुर की लीची, ये सब हमारे गौरव हैं। हम एक जिला, एक उत्पाद अभियान के तहत, बिहार के हर जिले के उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने में जुटे हैं। लेकिन साथियों, क्या आपने कभी आरजेडी को आत्मनिर्भरता की बात करते सुना है क्या? क्या कांग्रेस के नेताओं को स्वदेशी की चर्चा करते सुना है क्या? जो यहां बनता है वो बिकना चाहिए उनके मुंह से निकलता है क्या? क्या दुश्मनी है गरीबों से? क्या दुश्मनी है छोटे-छोटे कारीगरों से? क्या दुश्मनी है जो गरीब लोग चीजें बनाते हैं उससे? आत्मनिर्भरता और स्वदेशी ये कांग्रेस और उनके साथियों ने उनकी डिक्शनरी में ये शब्द ही नहीं रख है। जंगलराज की जिस पाठशाला में ये RJD वाले पढ़े हैं ना... वहां अ से अपहरण...और अ से अत्याचार ही पढ़ाया जाता है। RJD के लोगों को फ से फिरौती और र से रंगदारी ही समझ आता है। उनकी पाठशाला में प से परिवारवाद सिखाया जाता है। घ से घोटाले की सीख दी जाती है। RJD का ककहरा है- कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, करप्शन और कुशासन।

साथियों,

कांग्रेस और RJD ने बिहार के समाज को भी बांटने का पाप किया है। RJD ने बिहार को...जातीय दंगों में झोंक दिया... तो कांग्रेस ने...मज़हबी दंगे करवाए, भड़काए। भागलपुर दंगों का दाग...कांग्रेस अपने दामन से कभी नहीं छुड़ा पाएगी। जैसे सीखों की हत्या का दाग कांग्रेस के दामन से मिट नहीं सकता वैसे ही भागलपुर के हत्याकांड का दाग कांग्रेस के दामन से कभी हट नहीं सकता। ये दंगे कांग्रेस के कुशासन का सबसे बड़ा प्रतीक हैं।

साथियों,

विनाश की राजनीति करने वालों को...आरजेडी-कांग्रेस वालों को बिहार का विकास पसंद ही नहीं है। आप से बेहतर ये कौन जानता है... कि इन्हीं दलों की कुनीतियों के कारण बिहार के नौजवानों को पलायन का अभिशाप सहना पड़ा... लेकिन NDA ने ठाना हुआ है बिहार का नौजवान... बिहार में काम करेगा...बिहार का नाम करेगा। ये NDA का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि बिहार...टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और टूरिज्म का हब बने। हमारा बिहार सिल्क के लिए जाना जाता है... हमारा प्रयास है कि बिहार अब सेमीकंडक्टर के लिए पहचाना जाए। इस बार संकल्प पत्र हमने जो आपके सामने रखा है... उसमें भी एक करोड़ रोजगार देने की घोषणा की गई है। ये सिर्फ घोषणा नहीं हैं... इसके लिए हमने एक पक्का रोडमैप भी तैयार किया है।

साथियों,

रोजगार के लिए एक अहम ज़रूरत...बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर की होती है। NDA की डबल इंजन सरकार...इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में बिहार का कायाकल्प कर रही है। इसका प्रमाण हमारा...विक्रमशिला पुल है। फोर लेन वाला ये ब्रिज ट्रैफिक जाम से राहत देगा और शहर की आवाजाही आसान कर देगा। इसी तरह, कोसी पर 7 किलोमीटर लंबा चार लेन का पुल बन रहा है। इससे दूरी भी घटेगी...समय और किराए-भाड़े की भी बचत होगी। आज बिहार का ऐसा कोई कोना नहीं है जहां निर्माण कार्य ना हो रहा हो... आज चारों तरफ हाईवे, एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड कॉरिडोर.बनाए जा रहे हैं। साथियों, हमारी सरकार ने बक्सर-भागलपुर हाईस्पीड कॉरिडोर को भी स्वीकृति दे दी है। इससे भागलपुर और आसपास के सभी जिलों को बहुत फायदा होगा। यहां हज़ारों करोड़ रुपए का नया निवेश आएगा।

साथियों,

आज बिहार में बिजली की बहुत अच्छी व्यवस्था हो रही है। बिहार के सामान्य परिवारों का बिजली बिल कम हुआ है... क्योंकि आज बिहार राज्य में ही काफी बिजली पैदा कर रहा है.. NDA की डबल इंजन सरकार, बिहार में बिजली के अनेक नए कारखाने भी लगा रही है। यहां पीरपैंती में एक बड़ा बिजली कारखाना बन रहा है। बक्सर और नवीनगर में भी बड़े-बड़े कारखाने लग रहे हैं। आज बिहार में ऐसे काम हो रहे हैं...इसलिए निवेशक यहां आने के लिए, यहां नई फैक्ट्रियां, नई कंपनियां खोलने के लिए आतुर हैं। लेकिन साथियों आपको बहुत सतर्क रहना है... अगर निवेशकों को किसी भी तरह की अस्थिरता की आशंका हो गई... RJD-कांग्रेस और लालझंडा गैंग इनका ये जंगलराज की अगर आहट भी मिल गई... तो निवेशक...उल्टे पांव वापस भाग जाएगा। बिहार के नौजवानों के लिए बन रहे अवसरों पर ब्रेक लग जाएगा। आपको...11 नवंबर को वोटिंग वाले दिन... इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए... एनडीए के पक्ष में भारी मतदान करना है।

साथियों,

बिहार के नौजवानों के लिए अवसरों से भरा एक और सेक्टर है...जिस पर हमारा बहुत अधिक फोकस है। ये सेक्टर है पर्यटन का, तीर्थ यात्राओं का...हैरिटेज टूरिज्म का है। यहां तो गंगा जी का किनारा भी है... यहां विक्रमशिला का गौरव भी है... अंग प्रदेश की इस धरती को इतिहास, आस्था और संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां की हर पहाड़ी, हर पहाड़ी हर घाट, हर मंदिर अपनी एक कहानी कहता है।

साथियों,

एनडीए सरकार ने बांका के मंदार पर्वत पर रोपवे सेवा शुरू की है। अब उज्जैन और काशी की तरह ही, अजगैबीनाथ कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है। मां गंगा की अमृत धारा...विकसित बिहार की धारा बन रही है। यहां जो डॉल्फिन मछली है...वो बहुत बड़ा आकर्षण है... साथियों, गंगा जी से हमारे नाविकों को, हमारे युवाओं को अधिक से अधिक कमाई के अवसर मिलें...ये टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट बढ़ने से ही संभव होगा। गंगा जी पर जो नदी-जलमार्ग बना है...इससे भागलपुर को बहुत फायदा होगा।

साथियों,

एक तरफ NDA सरकार, बिहार की धरोहर को दुनिया तक पहुंचाने में जुटी है... वहीं दूसरी तरफ...कांग्रेस वाले, RJD वाले.. हमारी आस्था का अपमान कर रहे हैं। आपने कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की बातें सुनी होंगी... उन्होंने छठ महापर्व को ड्रामा बताया है, नौटंकी बताया। अरे हमारी माताएं-बहनें छठ मैइया की तपस्या करती है, पानी तक नहीं लेती है। आप मुझे बताइए साथियों... छठ महापर्व का अपमान... बिहार का अपमान है कि नहीं नहीं है? माताओ-बहनों की तपस्या का अपमान है कि नहीं है? ये सूर्यपुत्र, अंगराज कर्ण की भूमि है। आपको अपनी शक्ति का परिचय करना है। बिहार के उज्ज्वल भविष्य का फैसला करना है। आपके बच्चों के भविष्य के लिए एनडीए की मजबूत सरकार बनाने के लिए आपके एक वोट की बहुत बड़ी ताकत है। और उस वोट की ताकत से एनडीए की मजबूत सरकार तो बनानी है, लेकिन छठ महापर्व का अपमान करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा भी करनी है।

साथियों,

जो लोग तुष्टिकरण के लिए हमारी आस्था का अपमान करते हैं... वो पर्यटन और तीर्थयात्रा पर बल दे ही नहीं सकते। ये RJD और कांग्रेस वाले...तुष्टिकरण के लिए घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। एक समय था...इन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए माओवादी आतंक को बढ़ावा दिया... अपहरण-फिरौती वालों के सिर पर हाथ रखा... उसका परिणाम बिहार की कई पीढ़ियों ने भुगता है। अब ये घुसपैठियों को बचाने में जुटे हैं। ये घुसपैठिए...देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं। आपको अपने एक वोट से...RJD-कांग्रेस वालों की हर साजिश का परमानेंट इलाज करना है।

साथियों,

आपको NDA के साथियों को विजयी बनाना है। जब बिहार की हर सीट पर एनडीए का उम्मीदवार जीतेगा... तो हर बूथ पर हर कार्यकर्ता का सम्मान बढ़ेगा... आपका वोट, मोदी को मिलेगा आपका वोट नीतीश जी को मिलेगा। आपको मेरा एक और काम करना है...आप जब आने वाले तीन-चार दिन लोगों के पास जाएंगे.. तो कहना है कि मोदी जी आए थे.. मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। कई लोग छठ महापर्व मनाने क लिए गांव आए हुए हैं। उनको भी मिलिए और कहिए कि मोदी जी ने कहा है कि अगर आपका वोट यहा है, तो वोट डालकर के जाइए, वोट डाले बिना जाना नहीं है। थोड़े दिन और रुक जाइए.. मैं मेरे सभी उम्मीदवारों से आग्रह करता हूं जरा आगे आ जाएं.. इस चुनाव में जो उम्मीदवार हैं वो आगे आ जाएं... मैं हरेक के पास नमस्ते करने के लिए जाना चाहता हूं। आप सब भारत माता की जय बोलकर के इस सब को विजय की गारंटी दे दीजिए...इस सबको आशीर्वाद दीजिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... बहुत बहुत धन्यवाद।

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।