“RJD forced Congress to surrender its CM claim at gunpoint,” declared PM Modi in Bhagalpur
NDA aims to make Bihar a hub of textiles, tourism, and technology: PM Modi
‘A vote for NDA is a vote for Bihar’s stability and prosperity,’ says PM Modi in Bhagalpur

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

हो भाई, बहिन सब हम्में दानवीर कर्ण के ई चंपानगरी बाबा बूढ़ानाथ आरू मंदार पर्वत, बाबा बासुकीनाथ के ई पवित्र भूमि के प्रणाम करै छिये। अपने सबके आशीर्वाद चाही!!!

साथियों,

देश में दो ही ऐसी जगह है, जहां गंगा उत्तरवाहिनी होती है। एक बनारस और दूसरा भागलपुर। गंगा मइया के आदेश पर मैं बनारस के लोगों की सेवा कर रहा हूं। और आज यहां, मैं भागलपुर में NDA के अपने साथियों के लिए... गंगा मइया का आशीर्वाद लेने आया हूं... आप सबका आशीर्वाद लेने आया हूं। बनारस में हमें बाबा काशी विश्वनाथ की कृपा मिलती है, यहां अजगैबीनाथ बाबा के चरणों में हमें प्रणाम करने का सौभाग्य मिलता है। और इसीलिए भागलपुर आना मेरे लिए बहुत विशेष हो जाता है। साथियों, भागलपुर संघर्ष, संस्कार और सम्मान की धरती है। इसी धरती ने देश को वो सपूत दिए, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। तिलका मांझी ने बंदूक से नहीं, अपने साहस से अंग्रेजों के अहंकार को तोड़ा था। कादंबिनी गांगुली ने अपनी निष्ठा और समर्पण से बेटियों के लिए नया रास्ता खोला था। मैं इस धरती की इन महान विभूतियों को नमन करता हूं। विक्रमशीला की इस भूमि ने हर युग में देश और समाज को दिशा दिखाई है। एक बार फिर भागलपुर की धरती से पूरे बिहार को संदेश जा रहा है, फिर एक बार...NDA सरकार! फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार... बिहार में फिर से...सुशासन सरकार !

साथियों,

पहले चरण के मतदान की.. और मतदाताओं का जो उत्साह है.. और अब तक जो मुझे जानकारियां मिली हैं... मतदान की शानदार तस्वीर सामने आ रही हैं। हमारी माताएं-बहनें...बहुत उत्साह के साथ मतदान कर रही हैं। बिहार की बेटियां...जंगलराज से बिहार को दूर रखने के लिए आज दीवार बनकर खड़ी है। मतदान मिथक पर तरह से किले की तरह लाइन बना दी है। भारी मात्रा में मतदान कर रही है। सुशासन की सरकार में....बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है...माताओं और बहनों को सम्मान मिला है... और इसलिए वे भारी संख्या में वोट देने के आज सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। बिहार में कांग्रेस-RJD के लोगों ने अनेक दशकों तक सरकारें चलाईं.. लेकिन उनको कभी जीविका दीदी बनाने की याद नहीं आई... उनको लखपति दीदी बनाने के बारे में कभी सोचा ही नहीं... उन्हें पशुपालक बहनों के खाते में सीधा पैसा डालने का ख्याल ही नहीं आया... उनको कभी ये याद नहीं आया कि... बहनों का बैंक खाता खुलवाना है... उन्होंने ये भी नहीं सोचा.. कि आवास योजनाओं के घर बहनों के नाम पर कराना है...

साथियों,

ये काम NDA की डबल इंजन सरकार कर रही है। मोदी ने बहनों के जन-धन खाते खुलवाए... आज नीतीश जी की सरकार...सीधे दस-दस हज़ार रुपए, नए-नए रोजगार शुरू करने के लिए बहनों के खाते में जमा कर रही है। अभी तक एक करोड़ चालीस लाख बहनों के खाते में ये पैसा पहुंच चुका है। आप कल्पना कीजिए... अगर बिहार का सबसे भ्रष्ट परिवार...और देश का सबसे भ्रष्ट परिवार... जो दोनों आभी जमानत पर बाहर है, ये दोनों अगर सत्ता में होते... तो ये पैसे बहनों के खाते में नहीं, ये कांग्रेस-आरजेडी के नेताओं की तिजोरी में पहुंच जाते।

साथियों,

अभी तो सत्ता से इनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है.. तब भी एक दूसरे को नीचा दिखाने में जुटे हुए हैं। ये नाम के साथी हैं...काम तो एक-दूसरे को नीचे घसीटने का ही कर रहे हैं। आप मुझे बताइए साथियों... शहर में RJD वालों के इतने पोस्टर लगे हैं... आपने उनमें कांग्रेस के नामदार की एक भी तस्वीर देखी है क्या? दिखाई दिया है क्या.. अगर कहीं होगी भी....तो दूरबीन से देखे बिना दिखेगी नहीं। अब दूसरी तरफ आप लोग... कांग्रेस के नामदारों की रैलियां देखिए... उनमें कांग्रेस के नामदार...आरजेडी के नेता का नाम तक नहीं लेते। ऐसी छूआछूत..ऐसी छूआछूत कि एक दूसरे की छाया से उनको डर लगता है। आरजेडी के नेता जो घोषणा करते हैं...उस पर कांग्रेस के नेता चुप हो जाते हैं।

साथियों,

असल में बीते कुछ महीने से कांग्रेस के नेता दावा कर रहे थे कि...उनकी पार्टी बड़ी है और आरजेडी तो छोटी पिछलग्गु है। लेकिन आरजेडी वालों ने कांग्रेस के इस अहंकार को चुनौती दे दी। उनके नामदार के अहंकार को चुनौती दे दी, और उन्होंने तय कर लिया मैं तो मरूं तुझे मार कर के रहूंगा। ये एक दूसरे को मारने में लगे हैं। और कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर...सीएम पद की उम्मीदवारी चोरी कर ली। अब कांग्रेस के लोग आरजेडी से बदला लेने में जुटे हैं। ये जो कांग्रेस के नामदार हैं...वो काफी समय से गायब है। लोग बताते हैं कि ये तो बिहार आना भी नहीं चाहते थे... इनको जबरदस्ती यहां लाया गया है... लेकिन अब ये उल्टा आरजेडी को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। सत्ता के स्वार्थ के लिए जो अपने साथियों के साथ ऐसा दगा कर सकते हैं... वे बिहार के लोगों के हितैषी कभी नहीं हो सकते।

साथियों,

मोदी आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए काम कर रहा है... स्वदेशी को बढ़ावा दे रहा है...वोकल फॉर लोकल पर बल दे रहा है। ये जो आपलोग चीजें बनाते हैं ना.. मोदी कहता है ये पूरे हिंदुस्तान में बिकनी चाहिए... आप जो चीजें बनाते हैं... वो चीजें दुनिया में बिकनी चाहिए। अगर आपकी चीजें देश और दुनिया में बिकेगी.. तो यहां के लोगों को फायदा होगा कि नहीं होगा? आप जरा जवाब दीजिए फायदा होगा कि नहीं होगा? यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा कि नहीं मिलेगा? यहां के लोगों की कमाई बढ़ेगी कि नहीं बढ़ेगी? तो हम सब ने यहां की बनी हुई चीजों की खरीद करनी चाहिए कि नहीं करनी चाहिए? यहां बनी हुई चीजें बेचनी चाहिए कि नहीं बेचनी चाहिए? हम दिन रात गांव-गांव, गली-गली जाकर ये कह रहे हैं। हमारे अभियान से... यहां के रेशम उत्पादक... हमारे बुनकर भाई-बहन... हमारे कारीगर भाई-बहन, हमारे विश्वकर्मा साथियों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। भागलपुर का रेशम, मंजूशा आर्ट...मधुबनी की कला, दरभंगा का मखाना, मुजफ्फरपुर की लीची, ये सब हमारे गौरव हैं। हम एक जिला, एक उत्पाद अभियान के तहत, बिहार के हर जिले के उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने में जुटे हैं। लेकिन साथियों, क्या आपने कभी आरजेडी को आत्मनिर्भरता की बात करते सुना है क्या? क्या कांग्रेस के नेताओं को स्वदेशी की चर्चा करते सुना है क्या? जो यहां बनता है वो बिकना चाहिए उनके मुंह से निकलता है क्या? क्या दुश्मनी है गरीबों से? क्या दुश्मनी है छोटे-छोटे कारीगरों से? क्या दुश्मनी है जो गरीब लोग चीजें बनाते हैं उससे? आत्मनिर्भरता और स्वदेशी ये कांग्रेस और उनके साथियों ने उनकी डिक्शनरी में ये शब्द ही नहीं रख है। जंगलराज की जिस पाठशाला में ये RJD वाले पढ़े हैं ना... वहां अ से अपहरण...और अ से अत्याचार ही पढ़ाया जाता है। RJD के लोगों को फ से फिरौती और र से रंगदारी ही समझ आता है। उनकी पाठशाला में प से परिवारवाद सिखाया जाता है। घ से घोटाले की सीख दी जाती है। RJD का ककहरा है- कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, करप्शन और कुशासन।

साथियों,

कांग्रेस और RJD ने बिहार के समाज को भी बांटने का पाप किया है। RJD ने बिहार को...जातीय दंगों में झोंक दिया... तो कांग्रेस ने...मज़हबी दंगे करवाए, भड़काए। भागलपुर दंगों का दाग...कांग्रेस अपने दामन से कभी नहीं छुड़ा पाएगी। जैसे सीखों की हत्या का दाग कांग्रेस के दामन से मिट नहीं सकता वैसे ही भागलपुर के हत्याकांड का दाग कांग्रेस के दामन से कभी हट नहीं सकता। ये दंगे कांग्रेस के कुशासन का सबसे बड़ा प्रतीक हैं।

साथियों,

विनाश की राजनीति करने वालों को...आरजेडी-कांग्रेस वालों को बिहार का विकास पसंद ही नहीं है। आप से बेहतर ये कौन जानता है... कि इन्हीं दलों की कुनीतियों के कारण बिहार के नौजवानों को पलायन का अभिशाप सहना पड़ा... लेकिन NDA ने ठाना हुआ है बिहार का नौजवान... बिहार में काम करेगा...बिहार का नाम करेगा। ये NDA का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि बिहार...टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और टूरिज्म का हब बने। हमारा बिहार सिल्क के लिए जाना जाता है... हमारा प्रयास है कि बिहार अब सेमीकंडक्टर के लिए पहचाना जाए। इस बार संकल्प पत्र हमने जो आपके सामने रखा है... उसमें भी एक करोड़ रोजगार देने की घोषणा की गई है। ये सिर्फ घोषणा नहीं हैं... इसके लिए हमने एक पक्का रोडमैप भी तैयार किया है।

साथियों,

रोजगार के लिए एक अहम ज़रूरत...बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर की होती है। NDA की डबल इंजन सरकार...इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में बिहार का कायाकल्प कर रही है। इसका प्रमाण हमारा...विक्रमशिला पुल है। फोर लेन वाला ये ब्रिज ट्रैफिक जाम से राहत देगा और शहर की आवाजाही आसान कर देगा। इसी तरह, कोसी पर 7 किलोमीटर लंबा चार लेन का पुल बन रहा है। इससे दूरी भी घटेगी...समय और किराए-भाड़े की भी बचत होगी। आज बिहार का ऐसा कोई कोना नहीं है जहां निर्माण कार्य ना हो रहा हो... आज चारों तरफ हाईवे, एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड कॉरिडोर.बनाए जा रहे हैं। साथियों, हमारी सरकार ने बक्सर-भागलपुर हाईस्पीड कॉरिडोर को भी स्वीकृति दे दी है। इससे भागलपुर और आसपास के सभी जिलों को बहुत फायदा होगा। यहां हज़ारों करोड़ रुपए का नया निवेश आएगा।

साथियों,

आज बिहार में बिजली की बहुत अच्छी व्यवस्था हो रही है। बिहार के सामान्य परिवारों का बिजली बिल कम हुआ है... क्योंकि आज बिहार राज्य में ही काफी बिजली पैदा कर रहा है.. NDA की डबल इंजन सरकार, बिहार में बिजली के अनेक नए कारखाने भी लगा रही है। यहां पीरपैंती में एक बड़ा बिजली कारखाना बन रहा है। बक्सर और नवीनगर में भी बड़े-बड़े कारखाने लग रहे हैं। आज बिहार में ऐसे काम हो रहे हैं...इसलिए निवेशक यहां आने के लिए, यहां नई फैक्ट्रियां, नई कंपनियां खोलने के लिए आतुर हैं। लेकिन साथियों आपको बहुत सतर्क रहना है... अगर निवेशकों को किसी भी तरह की अस्थिरता की आशंका हो गई... RJD-कांग्रेस और लालझंडा गैंग इनका ये जंगलराज की अगर आहट भी मिल गई... तो निवेशक...उल्टे पांव वापस भाग जाएगा। बिहार के नौजवानों के लिए बन रहे अवसरों पर ब्रेक लग जाएगा। आपको...11 नवंबर को वोटिंग वाले दिन... इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए... एनडीए के पक्ष में भारी मतदान करना है।

साथियों,

बिहार के नौजवानों के लिए अवसरों से भरा एक और सेक्टर है...जिस पर हमारा बहुत अधिक फोकस है। ये सेक्टर है पर्यटन का, तीर्थ यात्राओं का...हैरिटेज टूरिज्म का है। यहां तो गंगा जी का किनारा भी है... यहां विक्रमशिला का गौरव भी है... अंग प्रदेश की इस धरती को इतिहास, आस्था और संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां की हर पहाड़ी, हर पहाड़ी हर घाट, हर मंदिर अपनी एक कहानी कहता है।

साथियों,

एनडीए सरकार ने बांका के मंदार पर्वत पर रोपवे सेवा शुरू की है। अब उज्जैन और काशी की तरह ही, अजगैबीनाथ कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है। मां गंगा की अमृत धारा...विकसित बिहार की धारा बन रही है। यहां जो डॉल्फिन मछली है...वो बहुत बड़ा आकर्षण है... साथियों, गंगा जी से हमारे नाविकों को, हमारे युवाओं को अधिक से अधिक कमाई के अवसर मिलें...ये टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट बढ़ने से ही संभव होगा। गंगा जी पर जो नदी-जलमार्ग बना है...इससे भागलपुर को बहुत फायदा होगा।

साथियों,

एक तरफ NDA सरकार, बिहार की धरोहर को दुनिया तक पहुंचाने में जुटी है... वहीं दूसरी तरफ...कांग्रेस वाले, RJD वाले.. हमारी आस्था का अपमान कर रहे हैं। आपने कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की बातें सुनी होंगी... उन्होंने छठ महापर्व को ड्रामा बताया है, नौटंकी बताया। अरे हमारी माताएं-बहनें छठ मैइया की तपस्या करती है, पानी तक नहीं लेती है। आप मुझे बताइए साथियों... छठ महापर्व का अपमान... बिहार का अपमान है कि नहीं नहीं है? माताओ-बहनों की तपस्या का अपमान है कि नहीं है? ये सूर्यपुत्र, अंगराज कर्ण की भूमि है। आपको अपनी शक्ति का परिचय करना है। बिहार के उज्ज्वल भविष्य का फैसला करना है। आपके बच्चों के भविष्य के लिए एनडीए की मजबूत सरकार बनाने के लिए आपके एक वोट की बहुत बड़ी ताकत है। और उस वोट की ताकत से एनडीए की मजबूत सरकार तो बनानी है, लेकिन छठ महापर्व का अपमान करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा भी करनी है।

साथियों,

जो लोग तुष्टिकरण के लिए हमारी आस्था का अपमान करते हैं... वो पर्यटन और तीर्थयात्रा पर बल दे ही नहीं सकते। ये RJD और कांग्रेस वाले...तुष्टिकरण के लिए घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। एक समय था...इन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए माओवादी आतंक को बढ़ावा दिया... अपहरण-फिरौती वालों के सिर पर हाथ रखा... उसका परिणाम बिहार की कई पीढ़ियों ने भुगता है। अब ये घुसपैठियों को बचाने में जुटे हैं। ये घुसपैठिए...देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं। आपको अपने एक वोट से...RJD-कांग्रेस वालों की हर साजिश का परमानेंट इलाज करना है।

साथियों,

आपको NDA के साथियों को विजयी बनाना है। जब बिहार की हर सीट पर एनडीए का उम्मीदवार जीतेगा... तो हर बूथ पर हर कार्यकर्ता का सम्मान बढ़ेगा... आपका वोट, मोदी को मिलेगा आपका वोट नीतीश जी को मिलेगा। आपको मेरा एक और काम करना है...आप जब आने वाले तीन-चार दिन लोगों के पास जाएंगे.. तो कहना है कि मोदी जी आए थे.. मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। कई लोग छठ महापर्व मनाने क लिए गांव आए हुए हैं। उनको भी मिलिए और कहिए कि मोदी जी ने कहा है कि अगर आपका वोट यहा है, तो वोट डालकर के जाइए, वोट डाले बिना जाना नहीं है। थोड़े दिन और रुक जाइए.. मैं मेरे सभी उम्मीदवारों से आग्रह करता हूं जरा आगे आ जाएं.. इस चुनाव में जो उम्मीदवार हैं वो आगे आ जाएं... मैं हरेक के पास नमस्ते करने के लिए जाना चाहता हूं। आप सब भारत माता की जय बोलकर के इस सब को विजय की गारंटी दे दीजिए...इस सबको आशीर्वाद दीजिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... बहुत बहुत धन्यवाद।

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Fulfilling public aspirations is the core objective of this budget and the resolution of this government: PM Modi
March 09, 2026
India is working today on a vision of preventive and holistic health: PM
In recent years, the country’s health infrastructure has strengthened, with medical colleges opening in hundreds of districts and health services reaching every village through Ayushman Bharat and Arogya Mandirs: PM
Our Yoga and Ayurveda are becoming popular across the entire world: PM
We must accelerate linking our education system with the real-world economy and increase our focus on AI, automation, digital economy and design-driven manufacturing: PM
India is moving towards an innovation-driven economy: PM
As we prepare for futuristic technologies today; it is crucial that no daughter is held back due to a lack of opportunities: PM
In recent years, sports have been seen as a key pillar of national development; initiatives like Khelo India have energised the sports ecosystem and sports infrastructure is being strengthened nationwide: PM

साथियों,

बजट के बाद वेबिनार की इस सिरीज़ में आज ये चौथा और अहम वेबिनार है। Fulfilling aspirations of people, यानी जन आकांक्षाओं की पूर्ति, ये केवल एक चर्चा का विषय नहीं है, ये इस बजट का मूल ध्येय है और इस सरकार का संकल्प भी है। इन जन आकांक्षाओं की पूर्ति का बहुत बड़ा माध्यम Education, Skill, Health, Tourism, Sports, Culture ऐसे मूलभूत सेक्टर्स हैं। इसलिए इस वेबिनार में हम इन महत्वपूर्ण आयामों पर चर्चा कर रहे हैं। बजट घोषणाओं की implementation के लिए इन विषयों से जुड़े सभी Experts, Policymakers और Scholars, Entrepreneurs और मेरे युवा साथी आप सभी के विचार और सुझाव बहुत अहम हैं। मैं आप सभी का, इस चौथे बजट वेबिनार के इस सत्र में स्वागत करता हूं, अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

भारत आज Preventive और Holistic health के लिए एक विशाल विज़न पर काम कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है, सैकड़ों जिलों में नए-नए मेडिकल कॉलेज खुल गए हैं। आयुष्मान भारत योजना, आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक बढ़ाई गई है। हमारे योग और आयुर्वेद पूरी दुनिया में popular हो रहे हैं। आप सभी इसके विभिन्न पहलुओं पर आप संवाद अवश्य करेंगे, लेकिन एक अहम विषय, जिसका मैं जिक्र करना चाहूंगा, वो है केयर इकॉनमी। आने वाले दशक में देश में सीनियर सिटीजन्स की संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, आज वर्तमान में, दुनिया के कई देशों में केयरगिवर्स की भारी मांग है। इसलिए, अब हेल्थ सेक्टर में लाखों युवाओं के लिए, नई स्किल आधारित रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। मैं इस वेबिनार में उपस्थित, हेल्थ सेक्टर के एक्सपर्ट्स से आग्रह करूंगा, वो नए Training models और Partnerships विकसित करने पर सुझाव दें, ताकि देश में ट्रेनिंग इकोसिस्टम और ज्यादा मजबूत हो सके।

साथियों,

इसी से जुड़ा दूसरा विषय टेली-मेडिसीन का है। आज बड़ी संख्या में दूर-दराज के क्षेत्र के लोग भी इसका लाभ उठा रहे हैं ओर विश्वास बढ़ता चला जा रहा है। लेकिन मैं समझता हूं, इसमें अब भी जागरूरकता और सहजता बढ़ाए जाने की बहुत जरूरत है।

साथियों,

पिछले एक दशक में देश के माइंडसेट में एक बड़ा परिवर्तन आया है। आज गाँव, कस्बा, शहर की सीमाओं से परे, भारत का हर युवा कुछ नया करना चाहता है, उसमें कुछ कर गुजरने का जज्बा है। नई पीढ़ी का ये नया माइंडसेट, देश की सबसे बड़ी ताकत है, उज्जवल भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। इसे Capitalize करने के लिए हमें अपने एजुकेशन सिस्टम को निरंतर आधुनिक बनाए रखना है, अपग्रेड करते ही रहना है। नई एजुकेशन पॉलिसी ने इसके लिए जरूरी बेस तैयार कर दिया है। अब बहुत आवश्यक है कि हमारे करिकुलम मार्केट की जरूरतों के हिसाब से updated रहें! हमें हमारे एजुकेशन सिस्टम को Real World Economy से जोड़ने की प्रक्रिया और तेज करनी होगी, AI और Automation, Digital Economy और Design Driven Manufacturing, ऐसे विषयों पर हमें फोकस और बढ़ाना होगा।

साथियों,

देश में एजुकेशन को Employment और Enterprise से जोड़ने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। University Townships जैसे नए मॉडल्स में हमारे इसी अप्रोच का प्रतिबिंब है। आज भारत A.V.G.C. sector, यानी Animation, Visual Effects, Gaming और Comics को बढ़ावा दे रहा है। भारत इनोवेशन driven economy की ओर बढ़ रहा है। आज इस वेबिनार में देश के अनेक शिक्षाविद और एकेडमिक इंस्टिट्यूशन्स जुड़े हैं। मैं आपसे आग्रह करूंगा, इस वेबिनार में, अपने कैंपस को इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और रिसर्च ड्रिवन लर्निंग, उसको केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जरूर मंथन हो। इससे स्टूडेंट्स को रियल वर्ल्ड एक्सपोजर मिलेगा और स्किल इकोसिस्टम मजबूत होगा।

साथियों,

एक बहुत अहम विषय है STEM, यानी Science, Technology, Engineering और Mathematics. इस क्षेत्र में, ये बहुत गर्व का विषय है, ये हमारे देश में STEM के विषयों पर रूचि रखने में बेटियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज जब हम Futuristic Technologies के लिए तैयार हो रहे हैं, तो बहुत जरूरी है कि कोई भी बेटी, अवसरों के अभाव में रुक न जाए। वेबिनार में आप इस दिशा में जरूर चर्चा करें, हमें महिलाओं के Participation को बढ़ाने पर और ज़ोर देना होगा। हमें ऐसा रिसर्च इकोसिस्टम तैयार करना होगा, जहां यंग रिसर्चर्स को एक्सपेरिमेंट करने और नए आइडियाज पर काम करने का पूरा अवसर मिले।

साथियों,

युवा शक्ति तभी राष्ट्रीय शक्ति बनती है, जब वह स्वस्थ भी हो, अनुशासित भी हो और आत्मविश्वास से भरी हो। इसीलिए पिछले कुछ वर्षों में खेलों को राष्ट्रीय विकास की एक महत्वपूर्ण धारा के रूप में देखा गया है। खेलो इंडिया जैसी पहलों ने देश में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को नई ऊर्जा दी है। देशभर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। इस वेबिनार में आप सभी कुछ सवालों पर जरूर मंथन करें। जैसे, छोटी – छोटी जगहों से भी प्रतिभाओं की पहचान को और सटीक कैसे किया जाए, हजारों खिलाड़ियों को Structured Financial Support में सुधार कैसे हों, और तीसरी अहम बात, हमारी स्पोर्ट्स बॉडीज को और ज्यादा प्रोफेशनल कैसे बनाया जाए? अगले कुछ वर्षों में देश में कॉमनवेल्थ गेम्स होने जा रहे हैं, देश ओलंपिक आयोजन के प्रयास में जुटा है, ऐसे में हमें आज कम आयु के खिलाड़ियों को पहचान कर उन्हें तराशना होगा, तभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का परचम लहरा पाएगा।

साथियों,

टूरिज्म और कल्चर, रोजगार के नए अवसर बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। जब किसी स्थान पर टूरिज्म बढ़ता है तो उस स्थान या उस शहर की ब्रैंडिंग भी बढ़ जाती है। इससे उस शहर का ओवरऑल डवलपमेंट भी बहुत तेज होता है। भारत में ऐसे ऐतिहासिक स्थलों की कोई कमी नहीं है। लेकिन लंबे समय तक टूरिज्म कुछ चुनिंदा स्थानों तक ही सीमित रह गया। अब हमें देश के कोने-कोने में टूरिस्ट डेस्टिनेशंस को नए सिरे से डेवलप करने पर फोकस कर रहे हैं।

साथियों,

आप सभी, इस वेबिनार में, भारत के Tourism Ecosystem को मजबूत करने के लिए, होलिस्टिक अप्रोच पर जरूर चर्चा करें। Trained Guides, Hospitality skills, Digital connectivity, Community participation, स्वच्छता, टूरिज्म और इनसे जुड़े विषयों पर आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।

साथियों,

जब Institutions, Industry, Academia मिलकर काम करते हैं, तो परिवर्तन की गति तेज हो जाती है। बजट के बाद वेबिनार की जो ये सिरीज हुई है, मुझे विश्वास है उससे आने वाले समय के लिए ठोस दिशा मिलेगी। ऐसे ही प्रयासों से विकसित भारत की नींव और मजबूत होगी, और साथियों से बड़ा सुखद अनुभव है कि वेबिनार की परंपरा के कारण पोस्ट बजट और खासकर के implementation कर, मुझे जो बताया गया है कि इस वर्ष लाखों की तादाद में लोग, जो इन इन विषयों से जुड़े हुए हैं, एक्सपर्ट भी हैं, उसके लाभार्थी भी हैं, उसकी व्यवस्था से जुड़े हुए हैं, यानी एक प्रकार से जो-जो लोग driving force हैं, वे सभी लोग बड़ी सक्रियता के साथ वेबिनार में जुड़े। हमारे अफसर मुझे बता रहे थे कि बहुत उत्तम सुझाव आ रहे हैं, बहुत प्रैक्टिकल सुझाव आ रहे हैं, यानी एक प्रकार से समस्याओं का समाधान ही नहीं, नई ऊर्जा, नई गति के साथ आगे बढ़ने का हौसला भी देखने को मिलता है। मैं कहता हूं कि ये वेबिनार का बहुत ही सुखद अनुभव है, इसमें हिस्सा लेने वाले सभी वेबिनार में जिन जिन लोगों ने हिस्सा लिया है, सब अभिनंदन के अधिकारी हैं, धन्यवाद के पात्र हैं। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं, बहुत-बहुत धन्यवाद।

नमस्कार।