Ek Hain To Safe Hain: PM Modi in Nashik, Maharashtra

Published By : Admin | November 8, 2024 | 12:10 IST
If Maharashtra moves ahead, India will also become more developed: PM Modi at Nashik
The Maha Aghadi parties should get the Congress to praise Veer Savarkar's sacrifice and martyrdom: PM Modi in Nashik
Ek Hain Toh Safe Hain: PM Modi in Nashik

भारत माता की,

भारत माता की,

भारत माता की।

जय भवानी ! जय भवानी !

प्रभु श्रीराम चा //पदस्पर्शाने // पवित्र //नाशिक नगरीला // माझा नमस्कार//

मैं भगवान त्रयंबकेश्वर और माता रेणुका को नमन करता हूं। आज महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार के पहले दिन मुझे नासिक की पुण्य भूमि पर आने का सौभाग्य मिला है। जब अयोध्या में राममंदिर की 500 साल की प्रतीक्षा पूरी हुई। जब प्रभु श्रीराम एक बार फिर वापस आए तो अयोध्या में प्राणप्रतिष्ठा से पहले 11 दिनों के मेरे व्रत अनुष्ठान की शुरुआत भी यहीं नासिक से हुई थी। मुझे कालाराम मंदिर में सफाई और सेवा का अवसर भी मिला था। आज एक बार फिर मैं विकसित महाराष्ट्र के लिए, विकसित भारत के लिए नासिक का आशीर्वाद लेने आया हूं। मैं देख रहा हूं, नासिक में जनता जनार्दन का ये विशाल जनसमूह। महाराष्ट्र का जन-जन कह रहा है- भाजपा-महायुति //आहे// तर गति आहे// महाराष्ट्राची //प्रगति आहे//

साथियों,

आज महाराष्ट्र के प्रख्यात साहित्यकार और कला जगत के मजबूत स्तंभ रहे पी एल देशपांडे जी की जन्मजयंती है। मैं उनका पुण्य स्मरण करता हूं, उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

साथियों,

आज हमारा महाराष्ट्र विकास कर रहा है, हमारा देश नए रिकॉर्ड बना रहा है, क्योंकि आज देश में गरीबों की चिंता करने वाली सरकार है। जब गरीब आगे बढ़ता है, तभी देश आगे बढ़ता है। इतने दशकों तक देश में कांग्रेस और उसके साथियों ने गरीबी हटाओ का नारा दिया! फिर भी गरीब रोटी, कपड़ा, मकान के लिए मोहताज रहा! लेकिन अब केवल 10 वर्षों के भीतर-भीतर, देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। ये कैसे हुआ? ये इसलिए हुआ, क्योंकि मोदी की नीयत सही है, मोदी गरीब का सेवक बनकर काम करता है। आपका सेवक बनकर काम करता है। ये इसलिए हुआ, क्योंकि गरीबी के खिलाफ ये लड़ाई केवल मोदी ने नहीं, देश के गरीब ने भी लड़ी, आप सबने लड़ी। आज महाराष्ट्र में 50 लाख से ज्यादा महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत राज्य के सवा करोड़ से ज्यादा घरों में नल से जल की सुविधा मिलने लगी है। आज महाराष्ट्र के लगभग 7 करोड़ जरूरतमंदों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है। राज्य के 26 लाख से ज्यादा गरीबों को पीएम आवास योजना का लाभ मिला है, उन्हें पक्के मकान दिए गए हैं। गरीबों के लिए ऐसे काम लगातार होते रहें, इसके लिए महाराष्ट्र में महायुति सरकार फिर से बननी जरूरी है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार में विकास की गति डबल होती है, साथ ही योजनाओं का लाभ भी डबल हो जाता है। महाराष्ट्र के किसान आज इसका अनुभव कर रहे हैं। यहां किसानों को एक ओर पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। साथ ही, नमो शेतकरी महा सम्मान निधि भी मिल रही है। यानी, सालाना 12 हजार रुपए की आर्थिक मदद! और मैं मेरे किसान साथियों को बताना चाहता हूं। जब महाराष्ट्र में फिर हमारी सरकार बनेगी, तो ये 12 हजार रुपए की मदद बढ़कर 15 हजार रुपए हो जाएगी। महाराष्ट्र के लाखों किसान परिवारों को इसका बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।

साथियों,

यहां सोयाबीन, कपास, धान और दूध उत्पादकों को भी आर्थिक मदद दी गई है। पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेडिंग बढ़ने से गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। 10 वर्षों में करीब 80 हजार करोड़ रुपए इथेनॉल की खरीद में किसानों को मिले हैं। देश का जो रुपया पेट्रोल खरीदने में विदेश चला जाता था, वो पैसा अब मेरे देश के किसानों को मिल रहा है, उनके पास जा रहा है।

साथियों,

मैं यहां के प्याज किसानों की भावनाएं भी समझता हूं। इसलिए प्याज के निर्यात में सहूलियत के लिए नीतियों में बदलाव किया गया है।

साथियों,

भारत की प्रगति के लिए महाराष्ट्र का तेजी से आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। महाराष्ट्र आगे बढ़ेगा, तभी भारत विकसित बनेगा। महाराष्ट्र किस स्पीड से आगे बढ़ सकता है, पिछले ढाई वर्ष में महायुति सरकार ने दिखाया है। आज देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स में महाराष्ट्र बहुत आगे है। यहां हाइवेज़ और एक्सप्रेसवेज़ बन रहे हैं। आधुनिक टेक्नालजी से जुड़े क्षेत्रों में महाराष्ट्र में निवेश हो रहा है। लेकिन आप मुझे बताइये, अगर कोई सरकार ये काम रोक दे तो क्या महाराष्ट्र आगे बढ़ पाएगा? हाथ तो हिला रहे हो, मुंह से भी तो बोलो। क्या महाराष्ट्र आगे बढ़ पाएगा? महाराष्ट्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल पाएंगे क्या? अगर ये काम रुके तो महाराष्ट्र काफी पीछे छूट जाएगा। कांग्रेस और उसके साथी यही चाहते हैं। उनका यही एजेंडा है। महाराष्ट्र में कोई भी बड़ा काम होता है, ये लोग उसका विरोध करने के लिए आ जाते हैं। इन्होंने अटल सेतु का विरोध किया। इन्होंने वाढवण पोर्ट पर भी रोक लगाने की कोशिश की। इन्होंने मेट्रो परियोजनाओं को लटकाया! अघाड़ी वालों ने समृद्धि महामार्ग का काम ठप्प करने का प्रयास किया। पिछले 5 वर्षों में शुरुआती ढाई साल महाअघाड़ी के महा-भ्रष्टाचार और लटकाने-अटकाने की भेंट चढ़ गए। इसलिए महाराष्ट्र के विकास की खातिर आपको अघाड़ी वालों को घुसने ही नहीं देना है। उनको सरकार से दूर रखना है।

साथियों,

महायुति सरकार के विकास के एजेंडे में नासिक को भी उतना ही महत्व मिल रहा है। आज आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर नासिक की तस्वीर को बदल रहा है। आज यहां जो हाईवे बन रहे हैं, ट्रांसपोर्ट के साधन तैयार हो रहे हैं, उनका बहुत बड़ा फायदा, 2026 के कुंभ में भी मिलेगा। नासिक का आईटी पार्क बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करेगा।

साथियों,

आज हमारा नासिक डिफेंस सेक्टर में भारत की आत्मनिर्भरता का बहुत बड़ा केंद्र भी बन रहा है। नासिक में लड़ाकू विमान और सुरक्षा उपकरण बनाए जा रहे हैं। आज नासिक के हर व्यक्ति को इस बात का गर्व भी है कि उनका ये शहर सशक्त भारत में इतनी अहम भूमिका निभा रहा है। लेकिन साथियों, दूसरी तरफ ये कांग्रेस और अघाड़ी वाले लोग भी हैं! ये देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई कोई मौका नहीं छोड़ते। इन लोगों ने डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में देश को पीछे करने के लिए क्या कुछ नहीं किया! इन्होंने HAL को लेकर तरह-तरह के झूठ फैलाए, विवाद खड़े करने की कोशिश की। इन्होंने फैक्टरियों के बाहर धरना-प्रदर्शन करवाए, कर्मचारियों को भड़काने की कोशिश की, लेकिन आज वही HAL रिकॉर्ड मुनाफे वाली कंपनी बनकर उभरी है। जब नीतियां स्पष्ट होती हैं, नीयत साफ होती है तो अच्छे परिणाम भी नासिक के मेरे भाई-बहन देख रहे हैं। डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत की ताकत बन रही है।

साथियों,

कांग्रेस और इसके साथियों को न बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान की परवाह है, ना कोर्ट की और ना ही देश की भावना की। ये सिर्फ दिखावे के लिए जेब में खाली पन्नों वाले संविधान की किताब लेकर घूमते हैं। आपने देखा होगा, उनकी पोल खुल गई। जब संविधान की रक्षा की बात आती है, जब संविधान के सम्मान की बात आती है, तो ये उल्टा ही काम करते हैं। ये कांग्रेस वाले ऐसे हैं, 75 साल तक जम्मू-कश्मीर में बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को लागू नहीं होने दिया। 75 साल तक देश में एक संविधान नहीं था। जम्मू-कश्मीर संविधान अलग था। वो बाबा साहेब आंबेडकर वाला नहीं था। और ये पाप कांग्रेस का था। कांग्रेस ने आर्टिकल-370 की ऐसी दीवार बना दी थी कि बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान वहां घुस ही नहीं सकता था। भाजपा-NDA ने आर्टिकल-370 को हटाया और एक देश एक संविधान लागू किया। और मेरी बाबासाहेब आंबेडकर को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। भारत का संविधान जम्मू-कश्मीर में लागू हुआ पूरा देश झूम उठा था, नाच उठा था। मैं जरा मेरे नासिक के लोगों से पूछना चाहता हूं। नासिक के लोग बताइए, आर्टिकल 370 हटने से आपको खुशी हुई या नहीं हुई? जरा जोर से बताइए, खुशी हुई कि नहीं हुई? ये कांग्रेस वालों के कान फट जाएं, ऐसे बोलिए खुशी हुई कि नहीं हुई? आपको खुशी हुई लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों के पेट में दर्द हो गया। आपने टीवी पर देखा होगा, 2-3 दिन पहले जम्मू कश्मीर की विधानसभा में कांग्रेस और इसके साथियों ने 370 फिर से लागू करने के लिए हंगामा किया। ये लोग फिर चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर से बाबासाहेब का संविधान हट जाए। ये लोग फिर चाहते हैं, कि वहां दलितों को, वाल्मीकि समाज को जो आरक्षण 75 साल बाद मिला है, उसे छीन लिया जाए। संविधान के विरुध, दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों के विरुद्ध इस साजिश में जितनी गुनहगार कांग्रेस है, उतने ही अघाड़ी के बाकी दल भी हैं।

साथियों,

चुनाव के समय पार्टियां अपने कामकाज का हिसाब देकर जनता के बीच जाती हैं। बीजेपी और महायुति भी लगातार अपने काम का हिसाब दे रही है। लेकिन बीजेपी का मुक़ाबला करने के लिए कांग्रेस के पास एक ही तरीका है। कांग्रेस और उसके साथियों की झूठ की दुकान! यही दुकान इन दिनों कांग्रेस और उसके चेलों ने महाराष्ट्र में लगाई है। कांग्रेस ने कर्नाटका, तेंलगाना और हिमाचल में भी यही दुकान सजाई थी। वहां क्या हाल हुआ? चुनाव खत्म हुए, दुकान का शटर गिर गया! वादे पूरा करना तो दूर कांग्रेस शासित राज्यों में हाल ये है कि सरकार चलाने के पैसे इनके पास नहीं हैं, तनख्वाह देने के पैसे नहीं हैं। खर्चों के लिए, और अपनी जेबें भरने के लिए जनता पर टैक्स बढ़ाया जा रहा है। जनता से वसूली हो रही है। जनता भी इनकी असलियत जान गई है। महाराष्ट्र की जनता भी देख रही है कि एक तरफ महायुति का घोषणापत्र है वहीं दूसरी तरफ महाअघाड़ी का घोटालापत्र है। क्योंकि, ये पक्का है जहां कांग्रेस और उसके साथी होंगे, वहां घोटाला होगा ही होगा। ये लोग ऐसी योजनाओं की घोषणा करते हैं, जिसमें ज्यादा से ज्यादा भ्रष्टाचार हो सके। आप महाराष्ट्र में इन लोगों को ये सारा पाप करने देंगे क्या? करने देंगे क्या? ये धोखेबाजी महाराष्ट्र की जनता के बीच चलेगी क्या?

साथियों,

पूरे देश ने कांग्रेस की हरकतों के कारण उसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कांग्रेस अब ऑल इंडिया कांग्रेस नहीं बची! कांग्रेस अब परजीवी कांग्रेस बन चुकी है। ये कांग्रेस पार्टी अब केवल बैसाखियों पर ही जिंदा है। महाराष्ट्र हो, उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, झारखंड हो, ज़्यादातर राज्यों में कांग्रेस दूसरी पार्टियों के सहारे ही चुनाव लड़ने की हालत में है। वो अपने पैरों पर खड़ी नहीं रह सकती। इसलिए साथियों, कांग्रेस ने राजनीति में खुद को बचाने के लिए अपना सबसे बड़ा हथियार चला है- ये हथियार है- ST-SC-OBC समाज की एकता तोड़ो और राज छीनो! कांग्रेस के लोग जनजातीय समूह, हमारे आदिवासी, ST को बांटना चाहते हैं। कांग्रेस के लोग हमारे गरीब भाई-बहन SC को बांटना चाहते हैं। कांग्रेस के लोग OBC को बांटना चाहते हैं।

साथियों,

कांग्रेस के रहते OBC कभी इतना एकजुट नहीं हो पाया। OBC को आरक्षण भी तभी मिला जब कांग्रेस सरकार से हटी। नेहरू जी के समय में कांग्रेस ने OBC को अलग-अलग जातियों में बांटकर रखा। फिर, इन्दिरा गांधी जी का भी वही रवैया था। बाद में राजीव गांधी जी आए, इन लोगों ने कभी OBC को एकजुट नहीं होने दिया। और 90 के दशक में जैसे ही OBC एकजुट हुआ, OBC एक ताकत बना। OBC अपने हकों के लिए जागरूक बना। OBC देश की भलाई के लिए कुछ करने के लिए आगे आया। और इसका पहला नतीजा क्या आया। जैसे OBC ताकतवर बना, भारत में उसके बाद कांग्रेस की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बननी बंद हो गई। उनका शटर गिर गया। और इसीलिए कांग्रेस का ऐसा गुस्सा है कि ये OBC, OBC, OBC आया और हमारी दुकान बंद होती गई। इसलिए कांग्रेस चाहती है, OBC समाज को कमजोर कर दो, उनकी एकजुटता को समाप्त कर दो। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि OBC कमजोर होगा, तभी कांग्रेस के लिए सत्ता का रास्ता खुलेगा। इसलिए कांग्रेस OBC को बांटकर उनमें दरारे पैदा करना चाहती हैं। यहां नासिक और इस क्षेत्र में कितनी ही OBC जातियां हैं। कुणबी, माली, वाणी, गुजर, कुंभार, न्हावी, सुतार, सोनार, देवडिगा, धाँगर, धनगरी, गवांडी, शेटवाल, माली, मालीस, नामदेव, अहीर, तंबोली, धावड , जाटगार, धाकड़ बैरागी, सैगर कितने सारे। कांग्रेस इन सारी जातियों को आपस में लड़ाना चाहती है। कांग्रेस चाहती है कि कुणबी जाति माली से लड़े, वाणी जाति गुजर से लड़े, कुंभार साथी न्हावी से लड़े। कांग्रेस चाहती है कि सुतार, सोनार से भिड़ जाए। कांग्रेस OBC के तौर पर आपको एकजुट नहीं होने देना चाहती। इसलिए वो चाहती है कि देवडिगा धाँगर से लड़े, धनगरी गवांडी से टकराए, नामदेव अहीर से उलझे। कांग्रेस का इरादा है, तंबोली धावड से झगड़ा करे, जाटगार सैगर से लड़ाई करे, आपकी एकजुटता को तबाह करने के लिए कांग्रेस मैदान में उतरी है। आपकी एकजुटता से, आपकी मजबूती से कांग्रेस को सबसे ज्यादा तकलीफ है। इसलिए वो चाहती है कि OBC अपनी एकजुटता खो दें और कांग्रेस के लिए सत्ता का रास्ता खुल जाए! मैं आपसे पूछता हूं, जब OBC अलग-अलग जातियों में बटेंगे तो कमजोर होंगे या नहीं होंगे? आपकी ताकत घटेगी या नहीं घटेगी? इसीलिए, आपको याद रखना है। मेरा तो एक ही मंत्र है, हम एक हैं, तो सेफ हैं। सच्चाई यही है कि कांग्रेस, OBC से नफरत करती है। आज OBC समाज का एक व्यक्ति लगातार 140 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद लेकर तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बना है, कांग्रेस को हजम नहीं हो रहा है। OBC, वो भी इतनी छोटी जाति का, वो कैसे प्रधानमंत्री बन गया। और 60 साल के बाद तीसरी बार बन गया। उनको नींद नहीं आ रही है। इसलिए गुस्सा OBC समाज पर निकाल रहे हैं।

साथियों,

यहां हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें-बेटियां आई हैं। आपको याद रखना है, ये महाअघाड़ी वाले, महाराष्ट्र की महिलाओं के सबसे बड़े दुश्मन हैं। आप जानते हैं, आज पूरे देश में महाराष्ट्र की एक योजना की बहुत चर्चा हो रही है, हरेक जुबान पर वो चर्चा है- माझी लाडकी बहिण योजना! हमारी बहन-बेटियों को इस योजना का लाभ हो रहा है। लेकिन, ये जो कांग्रेस और अघाड़ी वाले हैं, इन्हें इस योजना से बहुत तकलीफ हो रही है। इस योजना को बंद कराने के लिए ये लोग कोर्ट तक चले गए हैं।

भाइयों-बहनों,

बीजेपी और महायुति महिलाओं के सम्मान और प्रगति के लिए समर्पित है। केंद्र सरकार की नीतियों से आज महिलाएं सशक्त और समर्थ बन रही हैं। हम 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बना रहे हैं। महिलाएं आज ड्रोन दीदी बन रही हैं, देश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। आज हम गरीबों को प्रधानमंत्री आवास दे रहे हैं, तो वो भी घर की महिलाओं के ही नाम पर दिये जा रहे हैं। अभी केंद्र में नई सरकार बनने के 100 दिन के भीतर ही हमने 3 करोड़ नए घरों की भी मंजूरी दी है। अच्छा मेरा एक काम करोगे? जरा हाथ ऊपर करके बताइए, मेरा एक काम करोगे? पक्का करोगे? देखिए, चुनाव में आपलोग घर-घर जाने वाले हो, हर गांव जाएंगे, मोहल्ले में जाएंगे, लोगों से मिलेंगे। अगर आपको कहीं पर भी कोई परिवार अगर कच्चे घर में रह रहा है, कोई परिवार झोपड़पट्टी में रह रहा है तो उसको जाके कहना कि मोदी जी ने मुझे भेजा है। अब तेरा घर पक्का बन के रहेगा। ये कहेंगे? कहेंगे? और उसका नाम-पता लिखकर मुझे भेज देना। देखिए, आप ही मेरे लिए मोदी हैं। आप जाकर के वादा कर देना। मैंने ठान के रखा है, मैं गरीब के पक्के घर बनाऊंगा। हमने महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा पहुंचाने के लिए नारी वंदन अधिनियम भी पास कराया है। यानि, जिन बहन बेटियों को कांग्रेस ने इतने दशकों तक शौचालय और सुरक्षा तक से वंचित रखा, अब वही विकसित भारत का चेहरा बनेंगी।

साथियों,

ये चुनाव एक ओर महाराष्ट्र के भविष्य का चुनाव है। साथ ही, ये महाराष्ट्र के सम्मान का, और स्वाभिमान का चुनाव भी है। एक ओर बीजेपी और महायुति है, जिसके लिए मराठी संस्कृति और इतिहास ये हमारी आस्था के केंद्र हैं। हमारी केंद्र सरकार ने मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा दिया है। हमने मराठी को वो पहचान दी, ये महान भाषा जिसकी पहले हकदार है। हमने छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों की बात की, उनके सम्मान को आगे बढ़ाया। बीजेपी गर्व से कहती है कि वीर सावरकर हमारे प्रेरणास्रोत हैं। वीर सावरकर महाराष्ट्र और राष्ट्र के गौरव हैं। लेकिन दूसरी ओर, कांग्रेस और उसके पीछे लगे महाअघाड़ी के लोग, आप इनकी सोच और मानसिकता देखिए, कांग्रेस ने कभी मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा नहीं मिलने दिया। कांग्रेस के लोग घूम-घूमकर वीर सावरकर को गाली देते हैं, कांग्रेस के नेता गाली देते थे। महाराष्ट्र की धरती पर आकर वीर सावरकर का अपमान करते हैं! और मैंने सुना है कि महाराष्ट्र के अघाड़ी के कुछ नेताओं ने कांग्रेस के युवराज को बिठाया, उसको कहा भाई महाराष्ट्र में चुनाव जीतना है तुम वीर सावरकर को गाली देना अभी कुछ दिन बंद करो। उसके मुंह पे ताला लगाया, गाली देना बंद करो। और ये देखिए अघाड़ी वाले, सबसे बड़ा दुर्भाग्य ये है कि सावरकर की विरासत का दम भरने वाले कांग्रेस के साथ खड़े हैं। मैं कांग्रेस के महाअघाड़ी वाले साथियों को चुनौती देता हूं। ये चुनौती महाअघाड़ी वालों को है, ये पार्टियां, कांग्रेस के युवराज के मुंह से, कांग्रेस के नेताओं के मुंह से वीर सावरकर के 10 त्याग बलिदान के कम से कम 15 मिनट रोज अपने भाषण में जरा प्रशंसा करके दिखा दें। ये युवराज कभी भी वीर सावरकर की प्रशंसा करने की हिम्मत नहीं करेगा। वीर सावरकर के कालेपानी के वो दिन, काल कोठरी में बिताए उनका वो कठितम समय और देश की आजादी के लिए किया हुआ प्रण। कांग्रेस सब कुछ खारिज करती है। महाअघाड़ी वाले दल, कांग्रेस से वीर सावरकर के कालेपानी वाले दिनों की प्रशंसा करवाकर दिखाएं। आजादी की लड़ाई में वीर सावरकर ने कितने ही क्रांतिकारियों को प्रेरणा दी थी। महाअघाड़ी वाले दल...कांग्रेस से ऐसे प्रेरणादायी वीर सावरकर की तारीफ करवाकर दिखाएं।

साथियों,

देश और महाराष्ट्र की राजनीति में बाला साहेब ठाकरे का योगदान अतुलनीय है। लेकिन कांग्रेस के नेताओं के मुंह से बाला साहेब की प्रशंसा में भी एक शब्द नहीं निकलता। मैं महाअघाड़ी में कांग्रेस के दोस्तों को ये भी चुनौती देता हूं, वो कांग्रेस के नेताओं से, युवराज के मुंह से बाला साहब ठाकरे की, उनकी विचारधारा की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करके दिखाएं। आज 8 नवम्बर है। मैं दिन गिनूंगा, और महाअघाड़ी वालों से जवाब का इंतज़ार करूंगा कि वो वीर सावरकर जी की प्रशंसा करते हैं कि नहीं करते हैं, बालासाहेब ठाकरे के तप की प्रशंसा करते हैं कि नहीं करते हैं। महाराष्ट्र भी देखेगा और हम गिनेंगे, आप भी गिनना।

साथियों,

इस चुनाव में आपको बीजेपी और महायुति के उम्मीदवारों को विजयी बनाना है। मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, महाराष्ट्र में आने वाली सरकार बड़े फैसलों के लिए काम करेगी। आज प्रभु श्रीराम की तपोभूमि नासिक से हमारे चुनाव अभियान की ये शुरुआत ये प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से जरूर सफल होगी। हम सब मिलकर विकसित महाराष्ट्र का सपना पूरा करेंगे। आप यहां आए, इसके लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार प्रकट करता हूं।
(जो चुनाव लड़ रहे हैं, सभी उम्मीदवारों से आग्रह कि वे जरा आगे आ जाएं। जो चुनाव लड़ रहे हैं। आठवले जी आपको मेरे साथ रहना है वहां, यहां वापस नहीं आना है।)

मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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وزیرِ اعظم 27 اگست کو کھیلو انڈیا مکالمے میں نوجوانوں سے خطاب کریں گے
August 26, 2026
کھیلو انڈیا مکالمہ: کھیل، نوجوانوں کی قیادت، شہری ذمہ داری، رضاکارانہ خدمت، جسمانی تندرستی اور قوم کی تعمیر کو ایک مشترکہ پلیٹ فارم پر یکجا کرے گا
کھیلو انڈیا مکالمے کے تحت یوا سموا د پانچ اہم موضوعات پر توجہ مرکوز کرے گا: کھیل، اولمپکس میں کامیابی کی امنگیں، نوجوانوں کی قیادت، ترقی یافتہ بھارت اور منشیات سے پاک نوجوان

وزیرِ اعظم جناب نریندر مودی 27 اگست کو صبح 11 بجے ویڈیو کانفرنس کے ذریعے کھیلو انڈیا مکالمے سے خطاب کریں گے۔ اس پروگرام کا مقصد نوجوانوں کو بھارت کے کھیلوں کے سفر سے وابستہ ہونے، اپنی امنگوں کا اظہار کرنے اور نوجوانوں کی قیادت میں ایک مضبوط ترقی یافتہ بھارت کی تعمیر کے لیے اپنی تجاویز پیش کرنے کا موقع فراہم کرنا ہے۔

میرا یوا بھارت (ایم وائی بھارت) کی جانب سے قومی یومِ کھیل 2026 کی تقریبات کے ایک حصے کے طور پر منعقد ہونے والا یہ پروگرام ریاستوں اور مرکز کے زیرِ انتظام علاقوں کے ہر ضلع کے دو کالجوں میں نوجوانوں کی شرکت کے ساتھ ملک بھر میں منعقد کیا جائے گا۔ یہ پروگرام وزیرِ اعظم کے اس تصور کے مطابق منعقد کیا جا رہا ہے جس کا مقصد ایک صحت مند، نظم و ضبط کا پابند اور کھیلوں سے وابستہ ملک کی تعمیر کرنا ہے، جبکہ قومی ترقی کے ایجنڈے کے مرکز میں نوجوانوں کی امنگوں کو جگہ دینا ہے۔

ملک گیر کھیلو انڈیا مکالمہ کھیل، نوجوانوں کی قیادت، شہری ذمہ داری، رضاکارانہ خدمت، جسمانی تندرستی اور قوم کی تعمیر کو ایک مشترکہ پلیٹ فارم پر یکجا کرے گا۔ یہ نوجوانوں کو ملک کے کھیلوں سے متعلق عزائم کے ساتھ براہِ راست جڑنے کا موقع فراہم کرے گا، جبکہ اس بات کو یقینی بنائے گا کہ ان کی تجاویز اور نقطۂ نظر بھارت کے نوجوانوں اور کھیلوں کے نظام سے متعلق جاری گفتگو کا حصہ بنیں۔

قومی پروگرام کے بعد مقامی سطح پر ایسے پروگرام منعقد کیے جائیں گے جن میں نوجوان شرکاء، میرا یوا بھارت کے رضاکار، مقامی کھلاڑی اور عوامی نمائندے حصہ لیں گے۔ اس پہل کی ایک اہم خصوصیت کھیلوں میں دلچسپی رکھنے والے نوجوانوں اور بھارت کے سرکردہ کھلاڑیوں اور تمغہ جیتنے والوں کے درمیان براہِ راست تبادلۂ خیال ہوگا۔ پروگرام کا ایک مرکزی حصہ یوا سمواد ہوگا، جس میں نوجوان شرکاء کو اپنے خیالات، نقطۂ نظر اور امنگوں کا اظہار کرنے کی دعوت دی جائے گی۔ یہ مکالمہ پانچ موضوعات کے گرد ترتیب دیا جائے گا:

بہتر سہولیات، کوچنگ، کھیلوں کی سائنس اور سب کی شمولیت کے ذریعے بھارت کے کھیلوں کے نظام کو بہتر بنانا؛
سائنسی بنیادوں پر صلاحیتوں کی شناخت، شفاف انتخاب اور کھلاڑیوں کی طویل مدتی ترقی کے ذریعے 2036 کے اولمپکس کے لیے صلاحیتوں کو پروان چڑھانا؛
حکمرانی کے پلیٹ فارموں اور میرا یوا بھارت کی قیادت میں رضاکارانہ خدمات کے ذریعے نوجوانوں میں قائدانہ صلاحیتیں پیدا کرنا؛
شہری شعور، مستقبل کے لیے درکار مہارتوں اور منظم رضاکارانہ خدمات کو فروغ دے کر نوجوانوں کو ترقی یافتہ بھارت کی تعمیر کے لیے بااختیار بنانا؛
کھیلوں اور ہم عمر افراد کے باہمی رابطوں کے ذریعے منشیات کے استعمال کے خلاف جدوجہد کے لیے منشیات سے پاک نوجوان تحریک کو فروغ دینا، جسے وزیرِ اعظم کی جانب سے 2 اگست 2026 کو شروع کی گئی ملک گیر 100 ہفتوں کی مہم کے تحت ہر ہفتے کی جن بھاگیداری سرگرمیوں کے ذریعے مزید تقویت دی جائے گی۔