Published By : Admin |
January 17, 2024 | 17:13 IST
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ملک بھر سے وکست بھارت سنکلپ یاترا کے ہزاروں مستفیدین تقریب میں شرکت کریں گے
وزیراعظم جناب نریندر مودی 18 جنوری 2024 کو ویڈیو کانفرنسنگ کے ذریعہ دن میں ساڑھے بارہ بجے وکست بھارت سنکلپ یاترا کے مستفیدین کے ساتھ بات چیت کریں گے۔ اس موقع پر وزیراعظم ایک اجتماع سے خطاب بھی کریں گے۔
ملک بھر سے وکست بھارت سنکلپ یاترا کے ہزاروں مستفیدین تقریب میں شرکت کریں گے۔ اس پروگرام میں مرکزی وزراء ، ارکان پارلیمنٹ، اسمبلی ممبران اور مقامی سطح کے نمائندے بھی شامل ہوں گے۔
15 نومبر 2023 کو اس کے آغاز کے بعد سے وزیراعظم نے ملک بھر میں وکست بھارت سنکلپ یاترا کے مستفیدین کے ساتھ مستقل طور پر بات چیت کی ہے۔ یہ بات چیت ویڈیو کانفرنسنگ کے ذریعہ پانچ مرتبہ ہوئی ہے۔ پہلی بات چیت 30 نومبر ،دوسری 9 دسمبر ، تیسری 16 دسمبر ، چوتھی 27 دسمبر 2023 اور پانچویں 8 جنوری 2024 کو ہوئی تھی۔ وزیراعظم نے لگا تار دو دن تک وکست بھارت سنکلپ یاترا کے مستفیدین کے ساتھ فیزیکل طور پر بات چیت کی۔ یہ بات چیت انہوں نے پچھلے مہینے وارانسی کے اپنے دورے کے دوران کی تھی۔
ملک بھر میں وکست بھارت سنکلپ یاترا اس مقصد کے ساتھ کی جا رہی ہے، تاکہ اس بات کو یقینی بنا کر حکومت کی اہم اسکیموں کی صد فیصد حصولی کو کامیاب بنایا جاسکے، جس سے کہ ان اسکیموں کے فائدے ایک مقررہ وقت میں سبھی نشان زد مستفیدین تک پہنچ سکیں۔
وکست بھارت سنکلپ یاترا میں شرکاء کی تعداد 15 کروڑ سے تجاوز کر گئی ہے۔ یہ یاترا کی کامیابی کا ایک ثبوت ہے، جس سے زمینی سطح پر ایک اچھا اور مثبت اثر پڑ رہا ہے، جو وکست بھارت کے ایک مشترکہ ویژن کی جانب ملک بھر کے عوام کو متحد کر رہا ہے۔
Press statement by the Prime Minister during the Joint Press Statement with the Prime Minister of Israel
February 26, 2026
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Your Excellency प्रधानमंत्री और मेरे मित्र नेतन्याहू, Mrs. Netanyahu, दोनों देशों के delegates, मीडिया के साथियों,
नमस्कार!
"शालोम"!
मेरे और भारतीय delegation के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू का एक बार फिर हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
नौ वर्ष पहले मुझे इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला था। एक बार फिर इजरायल की ऐतिहासिक भूमि पर कदम रखना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है।
कल मुझे इजरायल की पार्लियामेंट को भी संबोधित करने का अवसर मिला। वहां मुझे Speaker of the Knesset मेडल से भी सम्मानित किया गया। मैं इस सम्मान के लिए क्नेसेट, स्पीकर महोदय, मेरे मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू, और इसराइल के लोगों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। और इसे 140 करोड़ भारतवासी और भारत-इसराइल मित्रता को मैं समर्पित करता हूँ।
Friends,
हमारे संबंध गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, और मानवीय संवेदनाओं की मजबूत आधारशिला पर स्थापित हैं। हमारे रिश्ते समय की हर कसौटी पर खरे उतरे हैं।
आज हमने अपनी time tested साझेदारी को "Special Strategic Partnership” का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह निर्णय दोनों देशों के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
Friends,
आज की बैठक में हमने अपने सहयोग को नई दिशा और तेज़ गति देने पर चर्चा की। हमारा आर्थिक सहयोग growth, innovation और shared prosperity का इंजन बना हुआ है।
आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने पिछले वर्ष Bilateral Investment Agreement किया। हम शीघ्र ही एक mutually beneficial Free Trade Agreement को भी अंतिम रूप देंगे।
टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का केंद्र है। आज हमने Critical and Emerging Technologies Partnership स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे AI, Quantum और Critical Minerals जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।
मुझे खुशी है कि इजरायल में UPI के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है। Digital Health के क्षेत्र में भी हम अपने अनुभव साझा करते हुए लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रक्षा के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना विश्वसनीय सहयोग रहा है। पिछले वर्ष हुए MOU से इसमें नए आयाम जुड़ेंगे। हम मिलकर joint development, joint production, और transfer of technology की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
साथ ही हम civil nuclear energy और स्पेस जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
Friends,
दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग का लंबा और सफल इतिहास रहा है। आज हमने इस सहयोग को futuristic दिशा दिशा देने का संकल्प लिया है।
इजरायल के सहयोग से भारत में स्थापित Centres of Excellence आज हमारी मित्रता के उत्तम उदाहरण हैं। इनकी सफलता देखते हुए, हमने इनकी संख्या 100 तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए हम Villages of Excellence बनाने पर काम कर रहे हैं। इससे इजरायली टेक्नॉलजी, भारत के गाँव गाँव तक पहुँचेगी, और लाखों किसानों की आय और उत्पादकता में बहुत बढ़ोतरी होगी।
हम मिलकर future-ready farming solutions भी विकसित करेंगे। भारत में "India-Israel Innovation Centre for Agriculture” की स्थापना इस सहयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।
Friends,
हमारे people-to-people ties हमारे संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। 2023 में हुए Manpower mobility agreement के माध्यम से भारत ने इजरायल के construction और केयर-गिवर सेक्टर्स में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारतीय कामगारों ने अपनी मेहनत, प्रतिबद्धता और कौशल से विश्वास अर्जित किया है।
मुझे खुशी है कि इस सहयोग का विस्तार commerce और services जैसे क्षेत्रों में भी किया जा रहा है। दोनों देशों के युवाओं, researchers और innovators को जोड़ना हमारी मुख्य प्राथमिकता रहा है। इस दिशा में आज हम India-Israel Academic Forum की स्थापना कर रहे हैं।
Friends,
आज हमने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। क्षेत्रीय connectivity को बढ़ावा देते हुए, हम India Middle East Europe Economic Corridor "आई-मेक” और India Israel UAE USA यानी "आई-टू-यू-टू” पर नई गति से आगे बढ़ेंगे।
Friends,
भारत और इजरायल पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि-
आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है। किसी भी रूप में, किसी भी अभिव्यक्ति में, आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हम कंधे-से-कंधा मिलाकर आतंकवाद और उनके समर्थकों का विरोध करते रहे हैं, और आगे भी करते रहेंगे।
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से भारत के सीधे सुरक्षा हित जुड़े हैं। इसलिए हमने शुरुआत से ही संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। यही ग्लोबल साउथ और पूरी मानवता की पुकार है।
भारत की सोच स्पष्ट है:
Humanity must never become a victim of conflict. गाज़ा Peace Plan से शांति का एक रास्ता बना है। भारत ने इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है। भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।
Excellency, My Dear Friend,
आपकी आत्मीयता और गर्मजोशी ने मेरी यात्रा को यादगार बना दिया है। मैं एक बार फिर आपसे और इजरायल के लोगों से जो प्यार मिला है, जो स्नेह मिला है, जो सम्मान मिला है, इसके के लिए हृदय से बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूँ।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
"तोदा रब्बा”
नौ वर्ष पहले मुझे इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला था।
एक बार फिर इजरायल की ऐतिहासिक भूमि पर कदम रखना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है: PM @narendramodi