پالیسی، تیز رفتار اور جامع ترقی کے لیے تکنیکی طور پر فعال، مربوط، سستے، لچکدار اور پائیدار لاجسٹکس ایکو سسٹم کو یقینی بنائے گی
اس کا مقصد لاجسٹکس کے اخراجات کو کم کرنا اور عالمی معیارات کو حاصل کرنا، لاجسٹکس کے شعبہ میں ہندوستان کی عالمی درجہ بندی کو بہتر بنانا، عالمی تجارت میں زیادہ حصہ حاصل کرنے میں مدد کرنا ہے
​​​​​​​لاجسٹکس کی بہتر کارکردگی سے ایم ایس ایم ای، کسانوں کو فائدہ ہوگا

وزیر اعظم جناب نریندر مودی کی صدارت میں مرکزی کابینہ نے قومی لاجسٹکس پالیسی کو منظوری دے دی ہے۔ یہ پالیسی لاجسٹکس کے شعبہ کے لیے ایک وسیع بین الضابطہ، بین شعبہ جاتی، کثیر دائرہ اختیار والی اور جامع پالیسی کے فریم ورک کا تعین کرتی ہے۔ یہ پالیسی پی ایم گتی شکتی قومی ماسٹر پلان کی تکمیل کرتی ہے۔ پی ایم گتی شکتی قومی ماسٹر پلان کا مقصد جہاں ایک طرف مربوط بنیادی ڈھانچے کی ترقی ہے، وہیں دوسری طرف قومی لاجسٹکس پالیسی ہموار کرنے کے عمل، ریگولیٹری فریم ورک، ہنرمندی کے فروغ، اعلیٰ تعلیم میں لاجسٹکس کو مرکزی دھارے میں لانے اور مناسب ٹیکنالوجیز کو اپنانے کے ذریعے لاجسٹک خدمات اور انسانی وسائل  کی کارکردگی کو بہتر کرنا ہے۔

اس کا مقصد تیز رفتار اور جامع ترقی کے لیے ایک تکنیکی طور پر قابل، مربوط، سستا، لچکدار، پائیدار اور قابل اعتماد لاجسٹکس ایکو سسٹم تیار کرنا ہے۔

پالیسی میں اہداف کا تعین کیا گیا ہے اور ان کے حصول کے لیے ایک تفصیلی ایکشن پلان کو اس میں شامل کیا گیا ہے۔ یہ اہداف درج ذیل ہیں:

  1. سال 2030 تک عالمی معیار کے مقابلے کے قابل ہونے کے لیے ہندوستان میں لاجسٹکس کی لاگت کو کم کرنا،
  2. سال 2030 تک سرفہرست 25 ممالک میں شامل ہونے کے لیے لاجسٹک پرفارمنس انڈیکس کی درجہ بندی کو بہتر بنانا، اور
  3. ایک مؤثر لاجسٹکس ایکو سسٹم کے لیے ڈیٹا پر مبنی فیصلے کی حمایت کا طریقہ کار تیار کرنا۔

قومی لاجسٹکس پالیسی ایک مشاورتی عمل کے ذریعے تیار کی گئی ہے جس میں حکومت ہند کی مختلف وزارتوں/ محکموں، صنعت کے متعلقین اور اکیڈمی کے ساتھ مشاورت کے کئی دور منعقد کیے گئے اور عالمی سطح پر رائج بہترین طور طریقوں کو ملحوظ نظر رکھا گیا۔

پالیسی کے نفاذ پر نظر رکھنے اور تمام متعلقین کی کوششوں کو مربوط کرنے کے لیے، پالیسی موجودہ ادارہ جاتی فریم ورک یعنی پی ایم گتی شکتی این ایم پی کے تحت بنائے گئے سکریٹریز کے بااختیار گروپ (ای جی او ایس) کا استعمال کرے گی۔ ای جی او ایس، نیٹ ورک پلاننگ گروپ (این پی جی) کی طرز پر ایک ’’سروسز امپروومنٹ گرو‘‘ (ایس آئی جی) بھی قائم کرے گا تاکہ لاجسٹک سیکٹر میں عمل کاریوں، ریگولیٹری اور ڈیجیٹل بہتری سے متعلق پیرامیٹرز کی نگرانی کی جاسکے جو این پی جی کے ٹی او آر کے تحت نہیں آتے ہیں۔

یہ پالیسی ملک میں لاجسٹک لاگت میں کمی کی راہ ہموار کرتی ہے۔ زیادہ سے زیادہ مقامی منصوبہ بندی کے ساتھ گوداموں کی مناسب ترقی، معیارات کو فروغ دینے، لاجسٹک ویلیو چین میں ڈیجیٹلائزیشن اور آٹومیشن اور بہتر ٹریک اور ٹریس میکانزم پر توجہ مرکوز کی جائے گی۔

اس کے علاوہ، مختلف متعلقین کے درمیان ہم آہنگی کو آسان بنانے اور مسائل کے فوری حل، ہموار ایگزم عمل، ہنر مند افرادی قوت کا ایک قابل روزگار مجموعہ تیار کرنے کے لیے انسانی وسائل کی ترقی کے لیے مزید اقدامات بھی پالیسی میں بیان کیے گئے ہیں۔

یہ پالیسی واضح طور پر مختلف اقدامات کے زمینی نفاذ کے لیے فوری طور پر ایک ایکشن ایجنڈا بھی پیش کرتی ہے۔ درحقیقت، اس پالیسی کے فوائد تک زیادہ سے زیادہ لوگوں کی ممکنہ رسائی کو یقینی بنانے کے لیے، پالیسی کے تحت اہم اقدامات بشمول یونیفائیڈ لاجسٹک انٹرفیس پلیٹ فارم (یو ایل آئی پی)، لاجسٹک خدمات کا پلیٹ فارم، گودام سے متعلق ای ہینڈ بک، پی ایم گتی شکتی پر تربیتی کورسز اور آئی -گاٹ پلیٹ فارم پر لاجسٹکس کو قومی لاجسٹکس پالیسی کے ساتھ شروع کیا گیا تھا۔ اس طرح زمینی عمل درآمد سے متعلق فوری تیاری کا اشارہ دیا گیا ہے۔

نیز، تمام ریاستوں اور مرکز کے زیر انتظام علاقوں کو مکمل طور پر شامل کیا گیا ہے۔ 14 ریاستوں نے پہلے ہی قومی لاجسٹک پالیسی کی طرز پر اپنی متعلقہ ریاستی لاجسٹک پالیسیاں تیار کر لی ہیں اور 13 ریاستوں کے لیے یہ مسودہ کے مرحلے میں ہے۔ مرکزی اور ریاستی سطح پر پی ایم گتی شکتی کے تحت ادارہ جاتی فریم ورک، جو پالیسی کے نفاذ کی نگرانی بھی کرے گا، پوری طرح سے کام کر رہا ہے۔ اس سے تمام متعلقین کے لیے پالیسی کو تیز رفتار بنانے اور مؤثر طریقے سے اپنانے کو یقینی بنایا جائے گا۔

یہ پالیسی بہت چھوٹی، چھوٹی اور اوسط درجے کی صنعتوں، اور دیگر شعبوں جیسے کہ زراعت اور اس سے منسلک شعبوں، تیزی سے آگے بڑھتے ہوئے صارفین کی اشیاٍء اور الیکٹرانکس کی مسابقت کو بڑھانے کی حمایت کرتی ہے۔ زیادہ پیشن گوئی، شفافیت اور معتبریت کے ساتھ، سپلائی چین میں ضیاع اور بڑی انوینٹری کی ضرورت میں کمی آئے گی۔

عالمی ویلیو چینز کا زیادہ سے زیادہ انضمام اور عالمی تجارت میں زیادہ حصہ داری کے علاوہ ملک میں تیز رفتار اقتصادی ترقی میں سہولت فراہم کرنا، اس پالیسی کاایک اور اہم مقصد ہے۔

اس سے عالمی معیارات حاصل کرنے اور ملک کی لاجسٹکس پرفارمنس انڈیکس کی درجہ بندی اور اس کے عالمی مقام کو بہتر بنانے کے لیے لاجسٹک لاگت میں کمی کی توقع ہے۔ یہ پالیسی ہندوستان کے لاجسٹک سیکٹر کو تبدیل کرنے، لاجسٹکس کی کارکردگی کو بہتر بنانے، لاجسٹک لاگت کو کم کرنے اور عالمی کارکردگی کو بہتر بنانے کے لیے ایک واضح سمت پیش کرتی ہے۔

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भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!