Jungleraaj govt. had built an industry of kidnapping and extortion in Bihar: PM
They were railway ministers so long but has the demands of Munger been met: PM
We plan to do lot of work for Bihar and we need your help, you need to remove this disruptive govt: PM
Mahaswarthbandhan has looted Bihar for 60 years; we must not give them another chance: PM
Jungleraaj is at its peak in Bihar, there had been 4000 kidnappings between January to July this year: PM

भारत माता की जय

मंच पर विराजमान बिहार के हमारे वरिष्ठ साथी श्रीमान सुशील कुमार मोदी जी, बिहार विधान परिषद् के सदस्य श्रीमान कुशवाहा जी, हम पार्टी के अध्यक्ष और तारापुर से उम्मीदवार श्रीमान शकुनी चौधरी जी, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह, श्री पाटिल, पूर्व सांसद श्री सूरजभान सिंह, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के महासचिव श्रीमान शिवराज सिंह जी, मुंगेर की सांसद श्रीमती वीणा देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार जी, रालोसपा के जिलाध्यक्ष श्रीमान रणधीर सिंह, मुंगेर नगर निगम की मेयर श्रीमती कुमकुम देवी, मुंगेर नगर निगम की डिप्टी मेयर सुश्री बेबी चंकी, सूर्यगढ़ से उम्मीदवार श्री प्रेम रंजन जी, भाजपा से लखीसराय के विधानसभा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा जी, भाजपा मुंगेर से उम्मीदवार श्री प्रणव यादव जी, लोजपा से जमालपुर से उम्मीदवार श्री मानसुख कुंवर जी, सुभाष चन्द्र बोस जी, बहुत-बहुत धन्यवाद साथियों।

सभी को इस विराट जन समुदाय का आशीर्वाद मिला है और यह इस बात का सबूत है कि अब बिहार में क्या होने वाला है। एक सच बता दूँ, मैं गुजरात में कई वर्षों तक मुख्यमंत्री रहा और गुजरात में लम्बे अरसे तक लोगों ने भाजपा को सरकार बनाने का अवसर दिया लेकिन कभी सुबह 10-11 बजे ऐसी रैली करनी हो तो हम नहीं कर पाएंगे। हम शाम के समय का इंतज़ार करते हैं। मैं हैरान हूँ कि आप लोग सोते हो कि नहीं सोते हो। ये दृश्य अपने आप में इस बात का सबूत है कि हवा का रुख़ किस तरफ़ चल रहा है। देश के पोलिटिकल पंडितों को इस बार अपने सारे राजनीतिक समीक्षा के आधार बदलने के लिए बिहार ने मज़बूर कर दिया। लम्बे अरसे तक बिहार की राजनीति की चर्चा या तो कुछ नेताओं के इर्द-गिर्द रहती थी या कुछ जातियों के इर्द-गिर्द रहती थी; पहली बार बिहार का चुनाव युवाओं के जोश के आस-पास केन्द्रित हुआ है, पहली बार चुनाव विकास के विचार पर केन्द्रित हुआ है। मैं समझता हूँ कि हिंदुस्तान के सभी राजनीतिक पंडितों को इस बात पर मुहर लगाने के दिन आ गए हैं।

आज 8 अक्टूबर है। मुझे मुंगेर की उस धरती पर आने का सौभाग्य मिला है जहाँ योग को आधुनिक रूप दिया गया। पूरे विश्व को मुंगेर ने आकर्षित किया और यही मुंगेर जैसी कई योगपीठ है देश में जिसने दुनिया के 190 से ज्यादा देशों को योग मनाने के लिए प्रेरित किया। मैंने 8 अक्टूबर को याद इसलिए किया क्योंकि 1979 में इसी दिन हमने हमारे प्राणप्रिय नेता आदरणीय जयप्रकाश नारायण को खो दिया था। जयप्रकाश नारायण जी में मौत से भी मुकाबला करने की ताक़त थी। उन्होंने अंग्रेज़ों के नाकों में दम कर दिया था। आजादी के बाद वे सुशासन के लिए लड़ते रहे, भ्रष्टाचार से लड़ते रहे, देश के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन खपा दिया और संपूर्ण क्रांति का मंत्र लेकर के देश के नौजवानों में एक नई चेतना भर दी थी लेकिन जयप्रकाश बाबू, कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि हमारे बीच से चले गए।

कांग्रेस पार्टी ने इस देश में आपातकाल लगाया था। हिंदुस्तान को जेलखाना बना दिया था और जयप्रकाश नारायण जी को जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया था और यहीं उनकी बीमारी आई और उन्हें ले गई। दुर्भाग्य देखिये कि को कभी जयप्रकाश नारायण जी का गीत गाते थे, यही लोग उस कांग्रेस के साथ बैठे हैं जिस कांग्रेस ने जयप्रकाश बाबू को जेल के अन्दर बंद कर दिया था। ये स्वार्थ की राजनीति नहीं है तो क्या है; ये जयप्रकाश नारायण जी के साथ धोखा नहीं है तो क्या है। राम मनोहर लोहिया जीवनभर गैर-कांग्रेसी विचारों के लिए जूझते रहे। उसी राम मनोहर लोहिया का नाम लेने वाले लोग आज कांग्रेस द्वारा पिलाये गए पानी को पीकर के हमें कोसते हैं। इसलिए मैं कहने आया हूँ कि हमें बिहार के भाग्य को बदलना है और मेरा यह विश्वास है कि बिहार के ये नौजवान बिहार की तक़दीर भी बदलेंगे, बिहार की तस्वीर भी बदलेंगे।

मैं आज मुंगेर की इस धरती पर आया हूँ तो यह स्वाभाविक है कि मुझे नंदलाल बोस जी को स्मरण करना चाहिए। यहाँ बहुत कम लोगों को उनके विषय में सुनने का अवसर मिला होगा। तारापुर में जन्मे नंदलाल बोस, जिस प्रकार बाबा अम्बेदकर ने भारत को संविधान दिया, उस संविधान को नया रूप-रंग देने का काम मुंगेर के लाल नंदलाल बोस ने किया। अलग-अलग खण्डों में 22 चित्र, जो आज भी हमारे संविधान का मूल तत्त्व है, वे 22 चित्र, उसकी सजावट, उसका रंग-रोगन इसी मुंगेर की धरती के बेटे नंदलाल बोस ने किया था। मैं आज उनको आदरपूर्वक नमन करता हूँ। कला, संस्कृति, ये बिहार के रग-रग में हैं और जब भी मौका मिला, इसने अपना असली रूप दिखाया है इसलिए पूरा देश बिहार का गौरवगान करता है, बिहार का आदर और सम्मान करता है।

भाईयों-बहनों, जब मैं जयप्रकाश जी को याद करता हूँ तो स्वाभाविक... पुराना मुंगेर जिला था; अब तो उसके हिस्से हो गए। सिमरिया में राष्ट्रकवि दिनकर का जन्म हुआ था और उनकी वह कविता जिसने पूरे देश के नौजवानों को प्रेरित किया था, “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है”, इसी को लेकर के इतिहास का नौजवान चल पड़ा था। इस बार इस चुनाव में बिहार के भाग्य को बदलने के लिए संकल्प लेना पड़ेगा।

मेरा जन्म गुजरात की धरती पर हुआ है। ये वो धरती है जहाँ चरखाधारी मोहन महात्मा गाँधी का जन्म हुआ था। ये वो धरती है जहाँ के चक्रधारी द्वारकाधीश भगवन श्रीकृष्ण थे। और देखिये आज भी इस धरती पर द्वारकाधीश की परंपरा कैसी चल रही है। श्रीकृष्ण के संस्कारों की छाया उस धरती को कितनी प्रेरणा देती है, यही तो कारण है कि वहां हमारे यहाँ जो यदुवंशी लोग हैं जिन्होंने देश को श्वेत क्रांति दी और आज दूध के क्षेत्र में अमूल जैसी कई डेयरियाँ गुजरात की प्रसिद्ध है। भारत में श्वेत क्रांति का केंद्र बिंदु गुजरात बन गया था। श्रीकृष्ण की परंपरा को उन्होंने गौ-पालन करके निभाया।

लेकिन यहाँ के एक नेता क्या-क्या खा गए और उन्होंने यदुवंशियों का अपमान किया है। लालू जी चुनाव आते हैं, जाते हैं लेकिन आप ये मत भूलिये कि यही यदुवंश के लोग थे जो आपके साथ खड़े रहे थे और तब जाकर आपको सत्ता के सिंहासन तक जाने का अवसर मिला था। आज यदुवंश के लोग अगर आपको सवाल करते हैं तो आप उन पर क्या-क्या आरोप लगते हो। इतना गंभीर आरोप उन्होंने लगाया है कि यदुवंशी क्या खाते हैं। ये यदुवंश का अपमान है कि नहीं? ये बिहार का अपमान है कि नहीं? और जब यदुवंश का गुस्सा भड़क गया तो वो कह रहे हैं कि मेरे भीतर शैतान प्रवेश कर गया। मेरे मन में एक सवाल उठता है कि शैतान को यही ठिकाना मिला क्या, पूरे हिन्दुस्तान में, पूरे विश्व में कोई ठिकाना नहीं मिला; मिला तो सिर्फ़ लालू जी का ठिकाना मिला। मुझे बताईये, आपके घर, आपके गाँव, आपके मोहल्ले आया आपके शरीर में शैतान आने की हिम्मत कर सकता है? जैसे रिश्तेदार आता है और हम पहचान लेते हैं; उन्होंने शैतान को पहचान भी लिया। अब मुझे बताईये कि जहाँ शैतान रहने की हिम्मत कर सकता है, जहाँ शैतान को रहने के लिए अच्छी खातिरदारी मिल सकती है, ऐसे लोगों के लिए बिहार में कोई जगह हो सकती है क्या? इसलिए शैतान ने जिसका पता ढूंढ लिया है, उस पते पर कभी हम देखेंगे भी नहीं।

अब तो बिहार को बचाना है, इसे आगे बढ़ाना है। अब तक तो हम सोचते थे कि हमारी लड़ाई इंसानों से है, पहली बार पता चला कि इंसानों के अन्दर शैतान पहुँच जाता है और वो हमारे पीछे पड़ा हुआ है। आप कल्पना कीजिये, बिहार में आजादी के बाद राज किसने किया? 35 साल तक राज किया कांग्रेस ने, और 25 साल तक राज किया इन बड़े-छोटे भाईयों ने। जिन्होंने ये 60 साल बिहार को लूटा है, अब वो आकर के स्वार्थबंधन बना रहे हैं और छोटा नहीं, ‘महास्वार्थबंधन’। भाईयों-बहनों, क्या बिहार को और अधिक बर्बाद होने देना है? बिहार को तबाही से मुक्त कराना है? 60 साल तक जिन्होंने बिहार के भविष्य को रौंद डाला है, क्या ऐसे ‘महास्वार्थबंधन’ को अब बिहार में जगह देनी चाहिए? हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति होनी चाहिए कि नहीं?

इस कांग्रेस पार्टी की जब सामने से आने की ताकत ख़त्म हो गई है तो पिछले दरवाजे से आ गए हैं। आज कांग्रेस के नेता अपने किसी नेता का गुणगान गाने की ताकत खो चुके हैं। कांग्रेस का ऐसा हाल कभी देश ने देखा नहीं था और उसका कारण हिन्दुस्तान के किसी भी कोने में छोटा या बड़ा राजनेता हो; किसी कस्बे या विचारधारा का हो; सार्वजनिक जीवन में अहंकार कितना विनाश करता है, उसका उदाहरण कांग्रेस पार्टी है। ये जनता है, चुप रहती लेकिन समय आने पर चुन-चुन कर हिसाब चुकता करती है। लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस के अहंकार का क्या हुआ, ये सब जानते हैं इस बार बिहार के चुनाव में अहंकार कैसे पराजित होने वाला है, ये बिहार के नौजवान करके दिखाने वाले हैं।

कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि ये चुनाव सीधा-सीधा दो बातों पर है; निर्णय आपको करना है। एक तरफ जंगलराज है और एक तरफ विकासराज है। जंगलराज और विकासराज के बीच की लड़ाई है। आप मुझे बताईये कि जंगलराज फिर से आने देना चाहिए? अभी भनक आ गई है। बिहार सरकार के खुद के आंकड़े, जनवरी से जुलाई के आंकड़े कह रहे हैं कि बिहार में जंगलराज का जो सबसे बड़ा उद्योग लगा था वह था - अपहरण करो, फ़िरौती लो। जनवरी से जुलाई के आंकड़े जो बिहार सरकार ने घोषित किये हैं, उसके हिसाब से 4000 घटनाएं अपहरण की हुई हैं। अब आप मुझे बताईये कि क्या फिर से ये अपहरण के दिन आने देने हैं?

आपको याद है आने वाले दिनों में त्यौहार का मौसम है, दुर्गापूजा की धूम होगी, विजयादशमी का महोत्सव आएगा, रामलीला चलेगी; आपमें से बहुत लोग होंगे जिनका जन्म भी नहीं हुआ होगा या बहुत बचपन के दिन होंगे; दुर्गा मंडप में जाना हो और मां शाम को रोकती थी और कहती थी कि अब सूरज ढालने वाला है और बाहर नहीं जा सकते; मां को यहीं से नमन कर लो; ये दिन थे कि नहीं थे? रामलीला हुआ करती थी लेकिन शाम के समय में लोग जाने से डरते थे। त्यौहार के दिनों में कोई अगर नई गाड़ी खरीद ले तो बेचारे तो चिंता रहती थी कि यहाँ के किसी नेता को पता चल गया तो उसके चेले-चपाटे यहाँ से आकर के गाड़ी उठाकर ले जाएंगे। गाड़ी भी जाएगी, पैसे भी जाएंगे और मांगने गए तो जान भी चली जाएगी। ये दिन बिहार ने देखे हैं कि नहीं देखें हैं? इसलिए मैं कहता हूँ कि बिहार में चुनाव विकासराज के लिए होना चाहिए न कि जंगलराज के लिए।

भाईयों-बहनों, बिहार एक ऐसा प्रदेश है जहाँ कुछ इलाकों में इतना पानी है, जिस पानी के लिए हिन्दुस्तान के बहुत सारे इलाके तरसते हैं और बिहार एक ऐसा प्रदेश है जहाँ नौजवान भरे पड़े हैं। यहाँ किसी को कुछ भी न आए और सिर्फ़ यहाँ के पानी और जवानी पर ध्यान केन्द्रित कर दिया जाए तो बिहार का जीवन बदल जाएगा। यहाँ ऐसी सरकारें आई हैं जब बिहार का पानी भी बर्बाद हुआ और यहाँ की जवानी भी पलायन कर गई। मुझे बिहार का पानी और यहाँ की जवानी, इन दोनों पर मेरा भरोसा है जो न सिर्फ़ बिहार को बल्कि पूरे हिन्दुस्तान को बदलेंगे। मैं यह विश्वास लेकर यहाँ आया हूँ।

पानी का सही प्रबंध हो और जवानी को सही अवसर मिले; देश कहाँ से कहाँ पहुँच जाएगा लेकिन पानी गया तो गया और हम तो जानते हैं कि बिहार में एक और उद्योग चल पड़ा है, रेत की चोरी करने का सारी नदियों का कितना बुरा हाल है। नदी के किनारे पर रहने वाले लोग बालू चोरों के कारण कितने परेशान हैं, वो यहाँ के लोग भली-भांति जानते हैं। पानी तो नहीं बचा, बालू तक नहीं बचने दिया इन लोगों ने और यह बिहार की बर्बादी का कारण बना। ये आवश्यक है कि हमें बिहार के विकास की ओर ध्यान केन्द्रित करना है। मैं जरा पूछना चाहता हूँ इन नेताओं से कि मोदी-मोदी की माला जपते रहते हैं। आपका प्यार अलग है; आप मोदी-मोदी बोलते हो तो उनकी नींद खराब होती है।

भाईयों-बहनों, बिहार के ये दोनों महाशय रेल मंत्री थे कि नहीं? इतने साल रेल मंत्री रहे कि नहीं रहे? कोई मुझे बताये कि मुंगेर के रेल पुल का काम कर पाए? ये पूरा होना चाहिए कि नहीं? उन्होंने किया? वो तो बिहार के थे, रेल मंत्री रहे लेकिन मुंगेर का पुल नहीं बना; पटना का पुल लटका पड़ा है। ये इनके इरादे हैं और इसलिए मैं ये कहने आया हूँ कि हमें विकास की गाड़ी को तेज़ चलाना है। मैं आपको एक बात और बताना चाहता हूँ। 11वीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना, क्या हुआ? यहां के मुख्यमंत्री जी ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। 2010 के चुनाव में आपको बिजली देने का वादा किया था? अगर बिजली नहीं दूंगा तो 2015 में नहीं आऊंगा, वोट नहीं मांगूंगा; ये कहा था? उन्होंने वचन का पालन किया? आपके साथ धोखा किया कि नहीं? बिजली तो छोड़ो, उन्होंने कैसी सरकार चलाई है; मैं बता रहा हूँ।

11वीं और 12वीं पंचवर्षीय योजना, बिहार को गाँवों में बिजली के लिए 8215 करोड़ रुपये दिल्ली से मिले लेकिन ये लोग बिहार में ऐसी सरकार चला रहे हैं, 8000 करोड़ में से सिर्फ़ 1300 करोड़ का खर्च कर पाए। खर्च करने की भी ताकत नहीं है; न ताकत है और न इरादा है और जब तक उनका बंटवारा तय नहीं होता बात आगे चलती नहीं और इसलिए काम आगे रुकी पड़ी है। मैंने सपना देखा है कि 2022 में जब आज़ादी के 75 साल होंगे, मैं हिन्दुस्तान के हर गाँव में 24 घंटे बिजली पहुँचाना चाहता हूँ। मैं जहाँ जाता हूँ, बिजली की बात को आगे बढ़ा रहा हूँ और एक बार बिजली आती है तो सिर्फ़ दीया जलता है, ऐसा नहीं है; पूरी ज़िन्दगी रौशन हो जाती है, पीढ़ी रौशन हो जाती है; रोजगार मिलते हैं; शिक्षा मिलती है; कारखाने लगने लगते हैं; किसान को अपने उत्पाद में मूल्य वृद्धि का अवसर मिलता है और इसलिए बिजली को आगे बढ़ाना, बिजली से जीवन में सुधार लाना, एक बहुत बड़े काम का बीड़ा हमने उठाया है और काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पिछले 30 सालों में जितनी बिजली का उत्पादन नहीं हुआ, उतनी बिजली का उत्पादन हमने एक साल में करके दिखाया है। अगर काम करने वाली सरकार हो तो काम कैसे होता है, ये हमने करके दिखाया है।

मैं जंगलराज का उदाहरण देना चाहता हूँ। मैं आपको याद कराना चाहता हूँ। जनवरी 2014, याद कीजिये, सुकराबाद पुलिस स्टेशन; 70 साल के एक बुजुर्ग श्री देविका चौधरी जी को पुलिस उठाकर ले गई क्योंकि बिजली को बिल झूठा आया था (बिजली आई नहीं लेकिन बिजली को बिल जरूर आया)। सुकराबाद पुलिस स्टेशन में 70 साल के बुजुर्ग श्री देविका चौधरी जी को इतना मारा गया कि उनकी मौत हो गई। भाईयों-बहनों, पुलिस थाने में बुलाकर निर्दोष लोगों को मरने का कारोबार चला लेकिन इन नेताओं को कोई चिंता नहीं थी। एक ऐसी सरकार जो यहाँ के समाज और जीवन को तबाह कर रही है, इससे बिहार को बचाना है।

हमारी सरकार ने 1 लाख 65 हज़ार करोड़ रूपये का पैकेज बिहार के विकास के लिए दिया। उनको इससे भी बुरा लग गया। अब वे यह कोशिश करने लग गए कि ये पैकेज बिहार को न मिले। अब बिहार की जनता उन्हें पैकेज रोकने का अवसर नहीं देने वाली क्योंकि बिहार को अब विकास चाहिए। और हमने जो पैकेज कहा है, उसमें एक-एक चीज़ लिख-लिख कर कहा है, ज़िम्मेवारी के साथ कहा है। मुंगेर में पुल बनाना, 2300 करोड़ रूपया; नेशनल हाईवे – 80 मुंगेर सेक्शन को चार लेन करना, 1200 करोड़ रूपया; क्यूल-गया रेलवे लाइन 123 किमी, 1300 करोड़ रूपया; क्यूल-तिलैया रेलवे लाइन का विद्युतीकरण, 87 किमी, 85 करोड़ रूपया; तीन पहाड़ राजमहल सहित अम्मापाली हाट, क्यूल रेलवे लाइन का विद्युतीकरण आदि, 247 किमी और करीब-करीब 280 करोड़ रूपया। पैकेज में मुंगेर को क्या मिलेगा, इसका पूरा खांका बनाकर घोषित किया है और दिल्ली सरकार इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हमें मौका दीजिए। बिहार में मुझे रोड बनाना है, शिक्षा पर काम करना है, आरोग्य का काम करना है, बिजली का काम करना है, नदियों का काम करना है, किसानों के कल्याण का काम करना है। आप बस एक काम कर दीजिये, ये जो रूकावट करने वाली सरकार है, उसे हटा दीजिये और बिहार में यहाँ आकर शैतान बैठना नहीं चाहिए। अब शैतान को बिहार में नहीं बल्कि हिन्दुस्तान में कहीं पर भी ठिकाना नहीं मिलना चाहिए। इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि भारी संख्या में मतदान कीजिये, एनडीए के सभी साथी दलों के साथ भाजपा को विजयी बनाईये। मेरे साथ दोनों मुट्ठी बांधकर पूरी ताक़त से बोलिये-

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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LDF and UDF have looted Keralam for decades through a tacit understanding: PM Modi in Palakkad, Keralam
March 29, 2026
A BJP-NDA government in Keralam will ensure rapid development. This is Modi’s guarantee: PM Modi in Palakkad
The track record of the Congress and the Left shows that wherever they come to power, everything deteriorates: PM Modi
In Palakkad, PM Modi says that both the UDF and LDF are targeting the BJP because they fear the party will expose their past misdeeds
If the BJP comes to power, all the scams perpetrated by the LDF and UDF will be thoroughly investigated, and justice will be served: PM

जय केरलम...
जय केरलम...
जय विकसिता केरलम
जय केरलम...

केरालथिले एंटे...
प्रियप्पेट्टा सहोदरी सहोदरनमारक्क…//
विनीथमाया//
नमस्कारम !

मैं कल्पाती श्री विशालाक्षी समेत श्री विश्वनाथ स्वामी जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं देख रहा हूं, इस बार केरलम में एक अलग ही माहौल है! केरलम बदलाव का संदेश दे रहा है। NDA की बढ़ती लोकप्रियता, बीजेपी के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास, आज आप सबका उत्साह और समर्थन, इतनी बड़ी संख्या में आपकी ये उपस्थिति। पालक्काड़ ये बता रहा है- केरलम का मूड अब एक मूवमेंट बन चुका है। अब केरलम के युवाओं का विश्वास है- बीजेपी और एनडीए। अब केरलम की महिलाओं का स्नेह है- बीजेपी और एनडीए। अब केरलम के किसानों का प्रेम है- बीजेपी और एनडीए।

एंडे सुहुर्तगले,

इस बदलाव के पीछे केरलम की जनता का आशीर्वाद है। इसके पीछे, केरलम बीजेपी के लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत है। हमारे कितने ही कार्यकर्ताओं ने यहां पॉलिटिकल वॉयलेंस के कारण अपना जीवन खोया है। मैं आज केरलम की मेरी पहली चुनाव सभा में उन सभी कार्यकर्ताओं को इस मंच से आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम् को सुंदरतम क्यों कहा जाता है, इसका अहसास हमें पालक्काड़ आते ही हो जाता है। हमारा पालक्काड़ केरलम का ये प्रवेश द्वार है। यहां प्रकृति की अद्भुत सुंदरता भी है। केरलम की प्राचीन जीवंत संस्कृति भी है और ये केरलम की प्रतिभा और परिश्रम का एक बड़ा केंद्र भी है। यहां कल्पाती मंदिर का महत्व बताते हुए काशी का उदाहरण दिया जाता है। काशी का सांसद होने के नाते ये मेरे लिए और भी विशेष है।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं इस पावन भूमि को नमन करता हूं। यहां के महान संत और समाज सुधारक

पूज्य श्री नारायण गुरु, पूज्य चत्तम्बी स्वामीकल, पूज्य मन्नत्त पद्मनाभन, पूज्य महात्मा अय्यनकाली और संत कुरियाकोस// एलियास चावरा, मैं इन महान विभूतियों को भी प्रणाम करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

दशकों से केरलम स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों के बीच फंसा हुआ है। एक ओर LDF, तो दूसरी ओर UDF। एक ओर कम्युनिस्ट, तो दूसरी ओर कांग्रेस।

एक भ्रष्ट, तो दूसरा महा-भ्रष्ट। एक सांप्रदायिक, तो दूसरा महा-सांप्रदायिक। LDF-UDF की सारी नीतियां केवल वोटबैंक पॉलिटिक्स के लिए ही होती हैं।

इन्हें केरलम के विकास की कोई परवाह नहीं। अब मैं आपको भरोसा देता हूं कि यहां बनने वाली बीजेपी-एनडीए सरकार केरलम का तेज विकास करेगी।

विकसित केरलम बनाएगी और ये मोदी की गारंटी है।

What remained unchanged will change.

Now Keralam will develop.

मारात्ततु इनी मारुम।

इनी केरलम वल़रुम

एंडे सुहुर्तगले,

LDF और UDF ने दशकों तक मिल-बांटकर केरलम को लूटा। इनके बीच एक टैक्टिकल समझौता रहा है। कुछ साल LDF वाले सरकार चलाएंगे, अपनी जेबें भरेंगे, उसके बाद, UDF वाले आकर लूटेंगे। इनके इस गठजोड़ में हमारा केरलम उलझकर रह गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

इन दिनों कम्युनिस्ट और कांग्रेस ने मिलकर एक नया propaganda शुरू किया है। कम्युनिस्ट कहते हैं कि- कांग्रेस बीजेपी की B टीम है! और कांग्रेस वाले कहते हैं- कम्युनिस्ट बीजेपी की B टीम है! यानी, LDF और UDF, इन लोगों ने भी मान लिया है। इस बार केरलम चुनाव में A टीम अगर कोई है, A टीम अगर कोई है...तो वो सिर्फ और सिर्फ बीजेपी ही है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में LDF-UDF दोनों ही बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। इसका मतलब ये कि ये दोनों भ्रष्टाचारी पार्टियां अगर किसी से डरी हुई हैं, तो वो है बीजेपी।

इन्हें बीजेपी का डर इसलिए है, क्योंकि इनको लगता है कि अगर बीजेपी यहां सरकार में आ गई, तो इनके सारे काले कारनामों का सच सामने आ जाएगा।

दशकों से LDF-UDF ने यहां बड़े-बड़े घोटाले किए हैं। लेकिन इन दलों की सरकारें कभी भी एक दूसरे पर कार्रवाई नहीं करती। ये आपके सामने सिर्फ झूठे बयान देती हैं। बीजेपी सरकार आई तो LDF-UDF के हर घोटालों की जांच कराएगी, केरलम की जनता को न्याय दिलाएगी। इसलिए, ये दोनों गठबंधन केरलम में बीजेपी सरकार बनने के डर से, इस जनसैलाब के समर्थन से, इनकी नींद हराम हो गई है, ये डर रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

चुनाव में पर्दे के पीछे कौन किसकी B टीम है, मैं केरलम के लोगों के सामने इसकी भी सच्चाई रखूंगा। कांग्रेस और कम्युनिस्ट पूरे देश में एक दूसरे से गठबंधन करते हैं। बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश से लेकर मणिपुर, त्रिपुरा, असम तक इन दोनों का गठबंधन है। इंडी अलायंस में साथ में हैं, दिल्ली में सरकार साथ में चलाई थी। तमिलनाडू में भी ये दोनों एक साथ अलायंस में हैं।

लेकिन यहां केरलम में कांग्रेस और लेफ्ट वाले एक दूसरे को झूठी गाली देते हैं। इसलिए आपको इन दोनों से ही सावधान रहना है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में टीम बीजेपी और टीम NDA सरकार बनाने के लिए मैदान में हैं।

हम केरलम की जनता के आशीर्वाद से, आप सबसे आशीर्वाद से यहां सरकार बनाएंगे। हम केरलम की सेवा में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। NDA का लक्ष्य है- केरलम के लोगों के सपने पूरे करना! हमने केंद्र में रहते हुए केरलम के विकास के लिए हर प्रयास किए हैं। जब कांग्रेस केंद्र सरकार में थी, तब केरलम को केंद्र से 10 साल में जितना पैसा मिला, हमने उससे 5 गुना ज्यादा बजट केरलम को दिया है। अर्बन development, रोड निर्माण, रेलवे का विकास एग्रिकल्चर development, जल जीवन मिशन, पीएम-आवास....

ये पैसा हर क्षेत्र के लिए दिया गया। लेकिन, यहां की राज्य सरकार ने इस पैसे का सही इस्तेमाल नहीं किया। इन पैसों पर आपका अधिकार था, उन्होंने लूटने का काम किया है।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम पर 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज हो गया है। 10 साल में ये कर्ज 3 गुने से ज्यादा बढ़ा है। ऐसे में केरलम के लोग सवाल पूछ रहे हैं। केरलम के हिस्से का, जनता की मेहनत का ये पैसा कहां जा रहा है? जवाब एक ही है- LDF वालों की जेबों में! जब यहां NDA सरकार आएगी, तो भ्रष्टाचारियों से ये पैसा वसूला जाएगा और केरलम की जनता के विकास में लगाया जाएगा।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम के पास भरपूर सामर्थ्य है। यहां प्राकृतिक संसाधन हैं, समुद्र है, खेती है, पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां के शिक्षित युवा, युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और क्षमता, ये सब केरलम की बहुत बड़ी पूंजी है। फिर भी केरलम आज पलायन की विभीषिका से जूझ रहा है। पिछले 10 वर्षों में यहां राज्य सरकार द्वारा कोई ऐसा बड़ा औद्योगिक प्रोजेक्ट नहीं शुरू हुआ, जिससे युवाओं को रोजगार मिलता।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस और लेफ्ट का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, ये जहां सत्ता में आते हैं, वहां सब चौपट करके ही जाते हैं। बंगाल में लेफ्ट ने क्या किया, ये पूरा देश जानता है। त्रिपुरा में लेफ्ट ने क्या किया, ये पूरा देश जानता है। कांग्रेस ने देश भर में क्या किया, ये भी सबने देखा है। इनके उसी कुचक्र में केरलम भी पिसता रहा है।
यहां सरकारी कर्मचारियों के वेतन में देरी की खबरें आती हैं। पेंशन के भुगतान में भी परेशानी की बातें सामने आती हैं। केरलम में नौकरी करने वाले परिवार की चिंता यही रहती है कि अगले महीने उनका वेतन आएगा या नहीं।

एंडे सुहुर्तगले,

हाल ही में भी केरल में सरकारी कर्मचारियों के DA और लीव सरेंडर के बकाया भुगतान को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। कांग्रेस इस सबके लिए लेफ्ट वालों पर हमला करती है। लेकिन, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहाँ भी हालात इतने ही बुरे हैं। पड़ोसी कर्नाटका को ही देख लीजिए। वहां भी विकास के ज़्यादातर काम रुक गए हैं। हिमाचल प्रदेश भी अब आर्थिक संकट में है।
यही कांग्रेस का गवर्नेंस मॉडल है।

एंडे सुहुर्तगले,

पालक्काड में यहां 22 साल तक लेफ्ट के MLA रहे। करीब पांच दशक कांग्रेस समर्थक MLA रहे। लेकिन इतने वर्षों में इस क्षेत्र का विकास नहीं हुआ। जैसे ही केंद्र में बीजेपी की सरकार आई, पालक्काड में केरलम को पहला IIT मिला। हम यहां रेलवे स्टेशन अपग्रेड करा रहे हैं। नेशनल हाईवे को आधुनिक बना रहे हैं। हम पालक्काड में स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी भी बनवा रहे हैं। इससे पालक्काड के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी ने हमेशा Women led development की अप्रोच को बढ़ावा दिया है। चाहे financial inclusion हो, healthcare हो या housing, आज केंद्र सरकार की योजनाओं में सबसे ज्यादा प्राथमिकता महिलाओं को मिलती है।
महिलाओं को विधानसभा और संसद में भागीदारी मिले, इसके लिए हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी पास किया।

एंडे सुहुर्तगले,

एनडीए ने अपने संकल्प की वजह से एक साधारण परिवार की बेटी को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाया है। दूसरी ओर कांग्रेस, पालक्काड में ही आपने देखा है। इनके नेता ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। कल ही कांग्रेस को अपने एक और नेता को महिला शोषण के गंभीर आरोप के बाद मजबूरी में पार्टी से निकालना पड़ा है। यही इन पार्टियों की सच्चाई है, जिससे केरलम की महिलाओं को सावधान रहना है।

यहां एक छोटी बच्ची बहुत बढ़िया कमल का निशान और मुझे भी पेंट कर दिया है। बेटी तुमने बनाया है। अच्छा शाबाश, मेरे एसपीजी के लोगों को दे दो, अगर तुम्हारा एड्रेश होगा, तो मैं तुम्हें चिट्ठी लिखूंगा।

एंडे सुहुर्तगले,

पिछले चुनाव में बीजेपी ने पालक्काड से, देश जिनके लिए गौरव करता है, दुनिया में जिनकी प्रतिष्ठा है, ऐसे हमारे मेट्रो मैन ई श्रीधरन जी को चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन वो यहां दूसरे नंबर पर रहे थे। और इन नतीजे से हम दिल्ली में जितने दुखी हुए, उससे ज्यादा पालक्काड के मेरे भाई-बहन दुखी हुए थे। इस बार शोभा सुरेंद्रन जी को बीजेपी ने अपना कैंडिडेट बनाया है। शोभा जी आप सभी की पुरानी परिचित हैं, आपके बीच रहकर उन्होंने जनसेवा का काम किया है। इस बार उन्हें रिकॉर्ड वोटों से विजयी बनाना है। और मेरे जो साथी बैठे हैं, उनको भी भारी मतों से विजयी बनाना है।

साथियों,

पालक्काड को केरलम का “नेल्लारा” कहा जाता है। इसकी ये पहचान बनाने के पीछे हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत है। लेकिन, केरलम का वही किसान आज संघर्ष कर रहा है। आप सब जानते हैं, धान की खरीद में यहां बार-बार देरी होती है, भुगतान समय पर नहीं मिलता। हजारों किसान इस अव्यवस्था से परेशान हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

किसानों की समस्याओं का समाधान भी अगर कोई कर सकता है तो सिर्फ और सिर्फ बीजेपी ही कर सकती है और बीजेपी कर के रहेगी। केंद्र सरकार की योजनाएं इसका सबूत हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत यहां के 27 लाख से अधिक किसानों को सीधे उनके खाते में पैसा मिला है। केंद्र सरकार ने पालक्काड के किसानों को लगभग 700 करोड़ रुपए देकर किसानों के खर्च को कम किया है। हमने धान के एमएसपी में भी भारी बढ़ोतरी की है।

इसका लाभ यहां के किसानों को हुआ है। लेकिन राज्य सरकार यहां किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें कर्ज में धकेल रही है। केरलम में BJP-NDA की सरकार आएगी, तो केरलम के किसानों की समस्याएं भी खत्म होंगी और
ये मोदी की गारंटी है।

एंडे सुहुर्तगले,

इस समय वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध पर सबकी नजर है। इस युद्ध का प्रभाव भारत पर कम से कम पड़े। इसके लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। यहां केरलम के बहुत सारे लोग युद्धग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से ही मैं ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों से लगातार बात कर रहा हूं, संपर्क में हूं। सारे ही देश युद्ध क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहां पर हमारे भाई-बहनों को कोई तकलीफ ना हो, इसके लिए भारतीय दूतावास भी दिन-रात काम कर रहा है। भारतीयों के हितों की सुरक्षा भाजपा-एनडीए सरकार के लिए सर्वोपरि है। वहीं इस संवेदनशील मामले में कांग्रेस जिस तरह की बयानबाजी कर रही है, वो भी आपको याद रखना है।

कांग्रेस जिस तरह के बयान दे रही है, वो खतरनाक हैं। कांग्रेस चाहती है कि खाड़ी देशों में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों की जिंदगी खतरे में पड़ जाए और फिर कांग्रेस इसका सियासी फायदा उठा सके।

यहां एक मेरा बाल मित्र चित्र बनाकर लाया है। बेटा आप गिर जाओगे, मैं मेरे एसपीजी को कहता हूं, वे चित्र ले लेंगे। और अगर आपका एड्रेस होगा तो मैं चिट्ठी लिखूंगा।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में भाजपा का एक ही संकल्प है- विकसित केरलम! NDA की गारंटी है- केरलम के युवाओं के सामने पलायन की मजबूरी समाप्त होगी। NDA की गारंटी है- हर युवा की प्रतिभा का सम्मान होगा। NDA की गारंटी है- सबका साथ, सबका विकास होगा। NDA की गारंटी है- आस्था के स्थान राजनीति और भ्रष्टाचार से मुक्त होंगे। NDA की गारंटी है- जो अभूतपूर्व विकास देश के अन्य हिस्सों में हुआ है, वही विकास अब केरलम की धरती पर भी दिखेगा।
एनडीए की गारंटी का मतलब है कि ये मोदी की भी गारंटी है। मेरे भाषण का आगे का हिस्सा बताने से पहले मैं सभी कैंडिडेट से प्रार्थना करता हूं कि सारे कैंडिडेट्स थोड़ा आगे आ जाएं। जो चुनाव लड़ रहे हैं, कैंडिडेट आगे आ जाएं। आगे आ जाएं सब लोग, चुनाव लड़ रहे सब लोग एक लाइन में खड़े हो जाएं ताकि मैं उनसे फिर मिल करके आपके पास आता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं एक बार फिर आप सभी यहां इतनी विशाल संख्या में आने के लिए, बीजेपी-एनडीए को आशीर्वाद देने के लिए हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

मेरे साथ बोलिए
भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय

वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्