Jungleraaj govt. had built an industry of kidnapping and extortion in Bihar: PM
They were railway ministers so long but has the demands of Munger been met: PM
We plan to do lot of work for Bihar and we need your help, you need to remove this disruptive govt: PM
Mahaswarthbandhan has looted Bihar for 60 years; we must not give them another chance: PM
Jungleraaj is at its peak in Bihar, there had been 4000 kidnappings between January to July this year: PM

भारत माता की जय

मंच पर विराजमान बिहार के हमारे वरिष्ठ साथी श्रीमान सुशील कुमार मोदी जी, बिहार विधान परिषद् के सदस्य श्रीमान कुशवाहा जी, हम पार्टी के अध्यक्ष और तारापुर से उम्मीदवार श्रीमान शकुनी चौधरी जी, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह, श्री पाटिल, पूर्व सांसद श्री सूरजभान सिंह, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के महासचिव श्रीमान शिवराज सिंह जी, मुंगेर की सांसद श्रीमती वीणा देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार जी, रालोसपा के जिलाध्यक्ष श्रीमान रणधीर सिंह, मुंगेर नगर निगम की मेयर श्रीमती कुमकुम देवी, मुंगेर नगर निगम की डिप्टी मेयर सुश्री बेबी चंकी, सूर्यगढ़ से उम्मीदवार श्री प्रेम रंजन जी, भाजपा से लखीसराय के विधानसभा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा जी, भाजपा मुंगेर से उम्मीदवार श्री प्रणव यादव जी, लोजपा से जमालपुर से उम्मीदवार श्री मानसुख कुंवर जी, सुभाष चन्द्र बोस जी, बहुत-बहुत धन्यवाद साथियों।

सभी को इस विराट जन समुदाय का आशीर्वाद मिला है और यह इस बात का सबूत है कि अब बिहार में क्या होने वाला है। एक सच बता दूँ, मैं गुजरात में कई वर्षों तक मुख्यमंत्री रहा और गुजरात में लम्बे अरसे तक लोगों ने भाजपा को सरकार बनाने का अवसर दिया लेकिन कभी सुबह 10-11 बजे ऐसी रैली करनी हो तो हम नहीं कर पाएंगे। हम शाम के समय का इंतज़ार करते हैं। मैं हैरान हूँ कि आप लोग सोते हो कि नहीं सोते हो। ये दृश्य अपने आप में इस बात का सबूत है कि हवा का रुख़ किस तरफ़ चल रहा है। देश के पोलिटिकल पंडितों को इस बार अपने सारे राजनीतिक समीक्षा के आधार बदलने के लिए बिहार ने मज़बूर कर दिया। लम्बे अरसे तक बिहार की राजनीति की चर्चा या तो कुछ नेताओं के इर्द-गिर्द रहती थी या कुछ जातियों के इर्द-गिर्द रहती थी; पहली बार बिहार का चुनाव युवाओं के जोश के आस-पास केन्द्रित हुआ है, पहली बार चुनाव विकास के विचार पर केन्द्रित हुआ है। मैं समझता हूँ कि हिंदुस्तान के सभी राजनीतिक पंडितों को इस बात पर मुहर लगाने के दिन आ गए हैं।

आज 8 अक्टूबर है। मुझे मुंगेर की उस धरती पर आने का सौभाग्य मिला है जहाँ योग को आधुनिक रूप दिया गया। पूरे विश्व को मुंगेर ने आकर्षित किया और यही मुंगेर जैसी कई योगपीठ है देश में जिसने दुनिया के 190 से ज्यादा देशों को योग मनाने के लिए प्रेरित किया। मैंने 8 अक्टूबर को याद इसलिए किया क्योंकि 1979 में इसी दिन हमने हमारे प्राणप्रिय नेता आदरणीय जयप्रकाश नारायण को खो दिया था। जयप्रकाश नारायण जी में मौत से भी मुकाबला करने की ताक़त थी। उन्होंने अंग्रेज़ों के नाकों में दम कर दिया था। आजादी के बाद वे सुशासन के लिए लड़ते रहे, भ्रष्टाचार से लड़ते रहे, देश के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन खपा दिया और संपूर्ण क्रांति का मंत्र लेकर के देश के नौजवानों में एक नई चेतना भर दी थी लेकिन जयप्रकाश बाबू, कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि हमारे बीच से चले गए।

कांग्रेस पार्टी ने इस देश में आपातकाल लगाया था। हिंदुस्तान को जेलखाना बना दिया था और जयप्रकाश नारायण जी को जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया था और यहीं उनकी बीमारी आई और उन्हें ले गई। दुर्भाग्य देखिये कि को कभी जयप्रकाश नारायण जी का गीत गाते थे, यही लोग उस कांग्रेस के साथ बैठे हैं जिस कांग्रेस ने जयप्रकाश बाबू को जेल के अन्दर बंद कर दिया था। ये स्वार्थ की राजनीति नहीं है तो क्या है; ये जयप्रकाश नारायण जी के साथ धोखा नहीं है तो क्या है। राम मनोहर लोहिया जीवनभर गैर-कांग्रेसी विचारों के लिए जूझते रहे। उसी राम मनोहर लोहिया का नाम लेने वाले लोग आज कांग्रेस द्वारा पिलाये गए पानी को पीकर के हमें कोसते हैं। इसलिए मैं कहने आया हूँ कि हमें बिहार के भाग्य को बदलना है और मेरा यह विश्वास है कि बिहार के ये नौजवान बिहार की तक़दीर भी बदलेंगे, बिहार की तस्वीर भी बदलेंगे।

मैं आज मुंगेर की इस धरती पर आया हूँ तो यह स्वाभाविक है कि मुझे नंदलाल बोस जी को स्मरण करना चाहिए। यहाँ बहुत कम लोगों को उनके विषय में सुनने का अवसर मिला होगा। तारापुर में जन्मे नंदलाल बोस, जिस प्रकार बाबा अम्बेदकर ने भारत को संविधान दिया, उस संविधान को नया रूप-रंग देने का काम मुंगेर के लाल नंदलाल बोस ने किया। अलग-अलग खण्डों में 22 चित्र, जो आज भी हमारे संविधान का मूल तत्त्व है, वे 22 चित्र, उसकी सजावट, उसका रंग-रोगन इसी मुंगेर की धरती के बेटे नंदलाल बोस ने किया था। मैं आज उनको आदरपूर्वक नमन करता हूँ। कला, संस्कृति, ये बिहार के रग-रग में हैं और जब भी मौका मिला, इसने अपना असली रूप दिखाया है इसलिए पूरा देश बिहार का गौरवगान करता है, बिहार का आदर और सम्मान करता है।

भाईयों-बहनों, जब मैं जयप्रकाश जी को याद करता हूँ तो स्वाभाविक... पुराना मुंगेर जिला था; अब तो उसके हिस्से हो गए। सिमरिया में राष्ट्रकवि दिनकर का जन्म हुआ था और उनकी वह कविता जिसने पूरे देश के नौजवानों को प्रेरित किया था, “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है”, इसी को लेकर के इतिहास का नौजवान चल पड़ा था। इस बार इस चुनाव में बिहार के भाग्य को बदलने के लिए संकल्प लेना पड़ेगा।

मेरा जन्म गुजरात की धरती पर हुआ है। ये वो धरती है जहाँ चरखाधारी मोहन महात्मा गाँधी का जन्म हुआ था। ये वो धरती है जहाँ के चक्रधारी द्वारकाधीश भगवन श्रीकृष्ण थे। और देखिये आज भी इस धरती पर द्वारकाधीश की परंपरा कैसी चल रही है। श्रीकृष्ण के संस्कारों की छाया उस धरती को कितनी प्रेरणा देती है, यही तो कारण है कि वहां हमारे यहाँ जो यदुवंशी लोग हैं जिन्होंने देश को श्वेत क्रांति दी और आज दूध के क्षेत्र में अमूल जैसी कई डेयरियाँ गुजरात की प्रसिद्ध है। भारत में श्वेत क्रांति का केंद्र बिंदु गुजरात बन गया था। श्रीकृष्ण की परंपरा को उन्होंने गौ-पालन करके निभाया।

लेकिन यहाँ के एक नेता क्या-क्या खा गए और उन्होंने यदुवंशियों का अपमान किया है। लालू जी चुनाव आते हैं, जाते हैं लेकिन आप ये मत भूलिये कि यही यदुवंश के लोग थे जो आपके साथ खड़े रहे थे और तब जाकर आपको सत्ता के सिंहासन तक जाने का अवसर मिला था। आज यदुवंश के लोग अगर आपको सवाल करते हैं तो आप उन पर क्या-क्या आरोप लगते हो। इतना गंभीर आरोप उन्होंने लगाया है कि यदुवंशी क्या खाते हैं। ये यदुवंश का अपमान है कि नहीं? ये बिहार का अपमान है कि नहीं? और जब यदुवंश का गुस्सा भड़क गया तो वो कह रहे हैं कि मेरे भीतर शैतान प्रवेश कर गया। मेरे मन में एक सवाल उठता है कि शैतान को यही ठिकाना मिला क्या, पूरे हिन्दुस्तान में, पूरे विश्व में कोई ठिकाना नहीं मिला; मिला तो सिर्फ़ लालू जी का ठिकाना मिला। मुझे बताईये, आपके घर, आपके गाँव, आपके मोहल्ले आया आपके शरीर में शैतान आने की हिम्मत कर सकता है? जैसे रिश्तेदार आता है और हम पहचान लेते हैं; उन्होंने शैतान को पहचान भी लिया। अब मुझे बताईये कि जहाँ शैतान रहने की हिम्मत कर सकता है, जहाँ शैतान को रहने के लिए अच्छी खातिरदारी मिल सकती है, ऐसे लोगों के लिए बिहार में कोई जगह हो सकती है क्या? इसलिए शैतान ने जिसका पता ढूंढ लिया है, उस पते पर कभी हम देखेंगे भी नहीं।

अब तो बिहार को बचाना है, इसे आगे बढ़ाना है। अब तक तो हम सोचते थे कि हमारी लड़ाई इंसानों से है, पहली बार पता चला कि इंसानों के अन्दर शैतान पहुँच जाता है और वो हमारे पीछे पड़ा हुआ है। आप कल्पना कीजिये, बिहार में आजादी के बाद राज किसने किया? 35 साल तक राज किया कांग्रेस ने, और 25 साल तक राज किया इन बड़े-छोटे भाईयों ने। जिन्होंने ये 60 साल बिहार को लूटा है, अब वो आकर के स्वार्थबंधन बना रहे हैं और छोटा नहीं, ‘महास्वार्थबंधन’। भाईयों-बहनों, क्या बिहार को और अधिक बर्बाद होने देना है? बिहार को तबाही से मुक्त कराना है? 60 साल तक जिन्होंने बिहार के भविष्य को रौंद डाला है, क्या ऐसे ‘महास्वार्थबंधन’ को अब बिहार में जगह देनी चाहिए? हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति होनी चाहिए कि नहीं?

इस कांग्रेस पार्टी की जब सामने से आने की ताकत ख़त्म हो गई है तो पिछले दरवाजे से आ गए हैं। आज कांग्रेस के नेता अपने किसी नेता का गुणगान गाने की ताकत खो चुके हैं। कांग्रेस का ऐसा हाल कभी देश ने देखा नहीं था और उसका कारण हिन्दुस्तान के किसी भी कोने में छोटा या बड़ा राजनेता हो; किसी कस्बे या विचारधारा का हो; सार्वजनिक जीवन में अहंकार कितना विनाश करता है, उसका उदाहरण कांग्रेस पार्टी है। ये जनता है, चुप रहती लेकिन समय आने पर चुन-चुन कर हिसाब चुकता करती है। लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस के अहंकार का क्या हुआ, ये सब जानते हैं इस बार बिहार के चुनाव में अहंकार कैसे पराजित होने वाला है, ये बिहार के नौजवान करके दिखाने वाले हैं।

कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि ये चुनाव सीधा-सीधा दो बातों पर है; निर्णय आपको करना है। एक तरफ जंगलराज है और एक तरफ विकासराज है। जंगलराज और विकासराज के बीच की लड़ाई है। आप मुझे बताईये कि जंगलराज फिर से आने देना चाहिए? अभी भनक आ गई है। बिहार सरकार के खुद के आंकड़े, जनवरी से जुलाई के आंकड़े कह रहे हैं कि बिहार में जंगलराज का जो सबसे बड़ा उद्योग लगा था वह था - अपहरण करो, फ़िरौती लो। जनवरी से जुलाई के आंकड़े जो बिहार सरकार ने घोषित किये हैं, उसके हिसाब से 4000 घटनाएं अपहरण की हुई हैं। अब आप मुझे बताईये कि क्या फिर से ये अपहरण के दिन आने देने हैं?

आपको याद है आने वाले दिनों में त्यौहार का मौसम है, दुर्गापूजा की धूम होगी, विजयादशमी का महोत्सव आएगा, रामलीला चलेगी; आपमें से बहुत लोग होंगे जिनका जन्म भी नहीं हुआ होगा या बहुत बचपन के दिन होंगे; दुर्गा मंडप में जाना हो और मां शाम को रोकती थी और कहती थी कि अब सूरज ढालने वाला है और बाहर नहीं जा सकते; मां को यहीं से नमन कर लो; ये दिन थे कि नहीं थे? रामलीला हुआ करती थी लेकिन शाम के समय में लोग जाने से डरते थे। त्यौहार के दिनों में कोई अगर नई गाड़ी खरीद ले तो बेचारे तो चिंता रहती थी कि यहाँ के किसी नेता को पता चल गया तो उसके चेले-चपाटे यहाँ से आकर के गाड़ी उठाकर ले जाएंगे। गाड़ी भी जाएगी, पैसे भी जाएंगे और मांगने गए तो जान भी चली जाएगी। ये दिन बिहार ने देखे हैं कि नहीं देखें हैं? इसलिए मैं कहता हूँ कि बिहार में चुनाव विकासराज के लिए होना चाहिए न कि जंगलराज के लिए।

भाईयों-बहनों, बिहार एक ऐसा प्रदेश है जहाँ कुछ इलाकों में इतना पानी है, जिस पानी के लिए हिन्दुस्तान के बहुत सारे इलाके तरसते हैं और बिहार एक ऐसा प्रदेश है जहाँ नौजवान भरे पड़े हैं। यहाँ किसी को कुछ भी न आए और सिर्फ़ यहाँ के पानी और जवानी पर ध्यान केन्द्रित कर दिया जाए तो बिहार का जीवन बदल जाएगा। यहाँ ऐसी सरकारें आई हैं जब बिहार का पानी भी बर्बाद हुआ और यहाँ की जवानी भी पलायन कर गई। मुझे बिहार का पानी और यहाँ की जवानी, इन दोनों पर मेरा भरोसा है जो न सिर्फ़ बिहार को बल्कि पूरे हिन्दुस्तान को बदलेंगे। मैं यह विश्वास लेकर यहाँ आया हूँ।

पानी का सही प्रबंध हो और जवानी को सही अवसर मिले; देश कहाँ से कहाँ पहुँच जाएगा लेकिन पानी गया तो गया और हम तो जानते हैं कि बिहार में एक और उद्योग चल पड़ा है, रेत की चोरी करने का सारी नदियों का कितना बुरा हाल है। नदी के किनारे पर रहने वाले लोग बालू चोरों के कारण कितने परेशान हैं, वो यहाँ के लोग भली-भांति जानते हैं। पानी तो नहीं बचा, बालू तक नहीं बचने दिया इन लोगों ने और यह बिहार की बर्बादी का कारण बना। ये आवश्यक है कि हमें बिहार के विकास की ओर ध्यान केन्द्रित करना है। मैं जरा पूछना चाहता हूँ इन नेताओं से कि मोदी-मोदी की माला जपते रहते हैं। आपका प्यार अलग है; आप मोदी-मोदी बोलते हो तो उनकी नींद खराब होती है।

भाईयों-बहनों, बिहार के ये दोनों महाशय रेल मंत्री थे कि नहीं? इतने साल रेल मंत्री रहे कि नहीं रहे? कोई मुझे बताये कि मुंगेर के रेल पुल का काम कर पाए? ये पूरा होना चाहिए कि नहीं? उन्होंने किया? वो तो बिहार के थे, रेल मंत्री रहे लेकिन मुंगेर का पुल नहीं बना; पटना का पुल लटका पड़ा है। ये इनके इरादे हैं और इसलिए मैं ये कहने आया हूँ कि हमें विकास की गाड़ी को तेज़ चलाना है। मैं आपको एक बात और बताना चाहता हूँ। 11वीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना, क्या हुआ? यहां के मुख्यमंत्री जी ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। 2010 के चुनाव में आपको बिजली देने का वादा किया था? अगर बिजली नहीं दूंगा तो 2015 में नहीं आऊंगा, वोट नहीं मांगूंगा; ये कहा था? उन्होंने वचन का पालन किया? आपके साथ धोखा किया कि नहीं? बिजली तो छोड़ो, उन्होंने कैसी सरकार चलाई है; मैं बता रहा हूँ।

11वीं और 12वीं पंचवर्षीय योजना, बिहार को गाँवों में बिजली के लिए 8215 करोड़ रुपये दिल्ली से मिले लेकिन ये लोग बिहार में ऐसी सरकार चला रहे हैं, 8000 करोड़ में से सिर्फ़ 1300 करोड़ का खर्च कर पाए। खर्च करने की भी ताकत नहीं है; न ताकत है और न इरादा है और जब तक उनका बंटवारा तय नहीं होता बात आगे चलती नहीं और इसलिए काम आगे रुकी पड़ी है। मैंने सपना देखा है कि 2022 में जब आज़ादी के 75 साल होंगे, मैं हिन्दुस्तान के हर गाँव में 24 घंटे बिजली पहुँचाना चाहता हूँ। मैं जहाँ जाता हूँ, बिजली की बात को आगे बढ़ा रहा हूँ और एक बार बिजली आती है तो सिर्फ़ दीया जलता है, ऐसा नहीं है; पूरी ज़िन्दगी रौशन हो जाती है, पीढ़ी रौशन हो जाती है; रोजगार मिलते हैं; शिक्षा मिलती है; कारखाने लगने लगते हैं; किसान को अपने उत्पाद में मूल्य वृद्धि का अवसर मिलता है और इसलिए बिजली को आगे बढ़ाना, बिजली से जीवन में सुधार लाना, एक बहुत बड़े काम का बीड़ा हमने उठाया है और काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पिछले 30 सालों में जितनी बिजली का उत्पादन नहीं हुआ, उतनी बिजली का उत्पादन हमने एक साल में करके दिखाया है। अगर काम करने वाली सरकार हो तो काम कैसे होता है, ये हमने करके दिखाया है।

मैं जंगलराज का उदाहरण देना चाहता हूँ। मैं आपको याद कराना चाहता हूँ। जनवरी 2014, याद कीजिये, सुकराबाद पुलिस स्टेशन; 70 साल के एक बुजुर्ग श्री देविका चौधरी जी को पुलिस उठाकर ले गई क्योंकि बिजली को बिल झूठा आया था (बिजली आई नहीं लेकिन बिजली को बिल जरूर आया)। सुकराबाद पुलिस स्टेशन में 70 साल के बुजुर्ग श्री देविका चौधरी जी को इतना मारा गया कि उनकी मौत हो गई। भाईयों-बहनों, पुलिस थाने में बुलाकर निर्दोष लोगों को मरने का कारोबार चला लेकिन इन नेताओं को कोई चिंता नहीं थी। एक ऐसी सरकार जो यहाँ के समाज और जीवन को तबाह कर रही है, इससे बिहार को बचाना है।

हमारी सरकार ने 1 लाख 65 हज़ार करोड़ रूपये का पैकेज बिहार के विकास के लिए दिया। उनको इससे भी बुरा लग गया। अब वे यह कोशिश करने लग गए कि ये पैकेज बिहार को न मिले। अब बिहार की जनता उन्हें पैकेज रोकने का अवसर नहीं देने वाली क्योंकि बिहार को अब विकास चाहिए। और हमने जो पैकेज कहा है, उसमें एक-एक चीज़ लिख-लिख कर कहा है, ज़िम्मेवारी के साथ कहा है। मुंगेर में पुल बनाना, 2300 करोड़ रूपया; नेशनल हाईवे – 80 मुंगेर सेक्शन को चार लेन करना, 1200 करोड़ रूपया; क्यूल-गया रेलवे लाइन 123 किमी, 1300 करोड़ रूपया; क्यूल-तिलैया रेलवे लाइन का विद्युतीकरण, 87 किमी, 85 करोड़ रूपया; तीन पहाड़ राजमहल सहित अम्मापाली हाट, क्यूल रेलवे लाइन का विद्युतीकरण आदि, 247 किमी और करीब-करीब 280 करोड़ रूपया। पैकेज में मुंगेर को क्या मिलेगा, इसका पूरा खांका बनाकर घोषित किया है और दिल्ली सरकार इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हमें मौका दीजिए। बिहार में मुझे रोड बनाना है, शिक्षा पर काम करना है, आरोग्य का काम करना है, बिजली का काम करना है, नदियों का काम करना है, किसानों के कल्याण का काम करना है। आप बस एक काम कर दीजिये, ये जो रूकावट करने वाली सरकार है, उसे हटा दीजिये और बिहार में यहाँ आकर शैतान बैठना नहीं चाहिए। अब शैतान को बिहार में नहीं बल्कि हिन्दुस्तान में कहीं पर भी ठिकाना नहीं मिलना चाहिए। इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि भारी संख्या में मतदान कीजिये, एनडीए के सभी साथी दलों के साथ भाजपा को विजयी बनाईये। मेरे साथ दोनों मुट्ठी बांधकर पूरी ताक़त से बोलिये-

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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India’s Agricultural Transformation: How India’s Agri sector transformed over the last decade

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డామన్‌లో వివిధ అభివృద్ధి పనులకు శంకుస్థాపన...జాతికి అంకితం చేసిన సందర్భంగా ప్రధానమంత్రి ప్రసంగం
June 05, 2026
The launch of projects across healthcare, aviation, tourism and infrastructure marks a new development push for Daman that will transform lives across the UT: PM
The data released today reflects the strength of India's economy, with growth of 7.7% in FY 2025–26 and 7.8% in the quarter ending March 31: PM
Even amid severe global challenges, the collective efforts of 1.4 billion Indians have ensured that India is not only sustaining itself but also staying ahead of the curve: PM
The National Family Health Survey clearly reflects the government's focus on healthcare. While most deliveries in India earlier took place outside hospitals, today over 90% of all deliveries occur in hospitals: PM
Thanks to Mission Indradhanush, child immunization coverage in India has risen from 60% before 2014 to nearly 90% today: PM

భారత్ మాతా కీ జై! 

భారత్ మాతా కీ జై!

దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూ అడ్మినిస్ట్రేటర్ ప్రఫుల్ భాయ్ పటేల్, పార్లమెంటులో నా సహచరులు కళాబెన్ డెల్కర్, డామన్ మున్సిపల్ కౌన్సిల్ ప్రెసిడెంట్ దీపికా తాండేల్ , డామన్ జిల్లా పంచాయతీ చైర్మన్ ధర్మ్ బాబు పటేల్, సిల్వస్సా మున్సిపల్ కౌన్సిల్ చైర్మన్ సోమనాథ్ దేవ్ రే , దాద్రా, నగర్ హవేలీ జిల్లా పంచాయతీ చైర్‌పర్సన్ నిషా భవ్‌సార్, డయ్యూ  మున్సిపల్ కౌన్సిల్ చైర్మన్ హరీష్ కపాడియా , డయ్యూ జిల్లా పంచాయతీ చైర్‌పర్సన్ కోటియా రంజితాబెన్, పెద్ద సంఖ్యలో తరలివచ్చిన నా ప్రియమైన సోదరీ సోదరులారా,

మీరంతా ఇక్కడకు ఎలాగైతే వచ్చారో అలాగే లక్షద్వీప్‌లో కూడా పెద్ద సంఖ్యలో ప్రజలు వీడియో కాన్ఫరెన్స్ ద్వారా మనతో అనుసంధానమయ్యారు. ఈరోజు లక్షద్వీప్‌లో అభివృద్ధికి ఒక కొత్త ఆరంభం జరిగింది. లక్షద్వీప్ ప్రజల జీవితాల్లో విప్లవాత్మక మార్పులు తీసుకువచ్చే ఒక కొత్త ప్రాజెక్టును ఈరోజు ప్రారంభించడంతో పాటు కొన్ని పథకాలకు శంకుస్థాపనలు కూడా చేశాం. 

 

మిత్రులారా, 

కొన్నేళ్ల క్రితం నేను మీ మధ్యకు  వచ్చినప్పుడు, మన డామన్ వేగంతో మినీ ఇండియాగా మారుతోందని చెప్పాను. ఈరోజు చూస్తుంటే, ఎడమ వైపు మొత్తం బెంగాల్,  కుడి వైపున మొత్తం అస్సాం కనిపిస్తోంది. డామన్ నిజంగానే మినీ ఇండియాకు  సజీవ ఉదాహరణగా మారింది. ఇక్కడి వైవిధ్యం, వివిధ ప్రాంతాల నుంచి వచ్చి ఇక్కడ కలసి నివసిస్తున్న మీరంతా మొత్తం భారత్ అందమైన రూపాన్ని ఆవిష్కరిస్తున్నారు. మాకు ఆశీస్సులు అందించడానికి ఇంత పెద్ద సంఖ్యలో ఇక్కడికి తరలివచ్చినందుకు మీ అందరికీ నా హృదయపూర్వక ధన్యవాదాలు.

సోదరీ,సోదరులారా,

డామన్, డయ్యూకు అనేకసార్లు వచ్చే అవకాశం నాకు లభించింది.  దాద్రా, నగర్ హవేలీలను కూడా నేను సందర్షిస్తూనే ఉంటాను. నేను ముఖ్యమంత్రిగా లేదా ప్రధాన మంత్రిగా లేని రోజుల్లో కూడా ఇక్కడికి ఎన్నోసార్లు వచ్చేవాడిని. కానీ ఇప్పుడు నేను ఇక్కడికి వచ్చి ఇక్కడి సుపరిపాలనను, పాలనా నమూనాను చూస్తుంటే చాలా సంతోషంగా అనిపిస్తోంది. ప్రతిసారీ నేను గతంతో పోల్చి చూసుకున్నప్పుడు ఈ ప్రాంతం అభివృద్ధి పథంలో ఎన్నో మైళ్ల దూరం ముందుకు సాగిందని నాకు అనిపిస్తుంది.

మిత్రులారా, 

దశాబ్దాలుగా దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్,  డయ్యూ ప్రజలు అభివృద్ధి గురించి కలలు కన్నారు. ఆ కలలు కన్న పూర్వ తరాల వారు వెళ్లిపోయారు. కానీ, తమ తల్లిదండ్రులు, తాతముత్తాతలు కన్న కలలు ఈరోజు తమ కళ్ల ముందే సాకారం కావడం ప్రస్తుత తరం వారు స్వయంగా చూస్తున్నారు. ఈరోజు కూడా ఇక్కడ అనుసంధానం, ఆరోగ్యం, విద్య, పర్యాటకం, పట్టణ మౌలిక సదుపాయాలకు సంబంధించిన అనేక ప్రాజెక్టులను ప్రారంభించడంతో పాటు, కొన్నింటికి శంకుస్థాపనలు కూడా చేశాం. ఈ అభివృద్ధి పనులు డామన్ ప్రజలకే కాకుండా ఈ కేంద్రపాలిత ప్రాంతం మొత్తానికి జీవనాన్ని మరింత సులభతరం చేస్తాయి. యువతకు సరికొత్త అవకాశాలను సృష్టిస్తాయి. ఈ పనుల వెనుక ప్రఫుల్ భాయ్ పటేల్  దూరదృష్టి, ఆయన, ఆయన బృందం పడిన కష్టం స్పష్టంగా కనిపిస్తోంది. ఇందుకు గాను నేను ప్రఫుల్ భాయ్‌ని, ఆయన బృందాన్ని కూడా అభినందిస్తున్నాను. లక్షద్వీప్, దాద్రా, నగర్ హవేలీ ప్రజలకు ఈ సందర్భంగా నా హృదయపూర్వక అభినందనలు, శుభాకాంక్షలు.

 

మిత్రులారా, 

నేను ఈరోజు మీ మధ్యకు వచ్చిన తరుణంలో, ఒక సంతోషకరమైన వార్త అందింది. నేను ఈ ఉదయం ఢిల్లీ నుంచి బయలుదేరినప్పటికీ, ఇప్పుడే అందిన గణాంకాలు, అందిన వార్త నిజంగా ఎంతో సంతోషాన్ని కలిగిస్తున్నాయి. ఈ ఆనందాన్ని నేను మీతో కూడా పంచుకోవాలని అనుకుంటున్నాను. ఈరోజు వచ్చిన గణాంకాలు భారత ఆర్థిక వ్యవస్థ పునాది ఎంత బలంగా ఉందో స్పష్టంగా తెలియజేస్తున్నాయి. ఇప్పుడే ముగిసిన 2025-26 ఆర్థిక సంవత్సరంలో భారత్ 7.7 శాతం వృద్ధి రేటును సాధించింది. మార్చి 31తో ముగిసిన చివరి త్రైమాసికంలో  కూడా భారత వృద్ధి రేటు 7.8 శాతంగా నమోదైంది. ప్రపంచంలోనే అత్యంత వేగంగా వృద్ధి చెందుతున్న పెద్ద ఆర్థిక వ్యవస్థ మనదే. ఇది ప్రతి భారతీయుడు గర్వించదగ్గ విషయం. ఇదే మన దేశ ప్రగతి వేగం. ఈరోజు దేశం సంస్కరణల  ఎక్స్ప్రెస్ లా  దూసుకుపోతోంది. ఇంతటి భారీ మౌలిక సదుపాయాల అభివృద్ధిని దేశం నేడు కళ్లారా చూస్తోంది. పేదల సంక్షేమం కోసం ఇంత పెద్ద ఎత్తున పనులు జరుగుతున్నాయి. ఈ అన్ని ప్రయత్నాల ఫలితంగానే, ఈరోజు మన దేశం ప్రపంచంలోనే అత్యంత వేగంగా వృద్ధి చెందుతున్న పెద్ద ఆర్థిక వ్యవస్థగా ముందుకు సాగుతోంది. ప్రపంచమంతా సంక్షోభాల్లో కొట్టుమిట్టాడుతోందని, ప్రపంచ దేశాల ఆర్థిక వ్యవస్థలన్నీ ప్రశ్నార్థకంలో మునిగిపోయాయని మనందరికీ తెలుసు. అయితే, అంతర్జాతీయంగా ఇంతటి గడ్డు కాలం నడుస్తున్నప్పటికీ, 140 కోట్ల మంది దేశప్రజల సామూహిక ప్రయత్నాలతో భారత్ తనను తాను నిలబెట్టుకోవడమే కాకుండా, అందరికంటే ముందుండటంలోనూ విజయం సాధిస్తోంది. ఆర్థిక రంగంలో ఈ సరికొత్త శిఖరాన్ని అధిరోహించినందుకు దేశప్రజలందరికీ నేను ఎన్నో అభినందనలు తెలియజేస్తున్నాను. ప్రపంచవ్యాప్తంగా నెలకొన్న ఈ సంక్షోభాలను ఎదుర్కొంటూనే, మన దేశం దృఢ సంకల్పంతో, సంస్కరణ, పనితీరు, మార్పు పథంలో అత్యంత వేగంగా ముందుకు సాగుతుందని నేను దేశానికి మరోసారి హామీ ఇస్తున్నా. ఇది దేశప్రజలకు నా హామీ.

మిత్రులారా, 

ఈరోజు మనకు అభివృద్ధి ఎంత ముఖ్యమో, మన అభివృద్ధి నమూనా సుస్థిరంగా ఉండేలా చూసుకోవడం కూడా అంతే ముఖ్యం. ఈరోజు ప్రపంచ పర్యావరణ దినోత్సవం రోజున మన కేంద్రపాలిత ప్రాంతం ఈ సంకల్పాన్ని నిజం చేస్తోంది. ఈరోజు ఒకవైపు వేల కోట్ల రూపాయల విలువైన అభివృద్ధి ప్రాజెక్టులకు ఇక్కడ శంకుస్థాపనలు, ప్రారంభోత్సవాలు జరిగాయి. అదే సమయంలో, అమ్మ పేరిట ఒక మొక్క (ఏక్ పేడ్ మా కే నామ్) కార్యక్రమం కింద ఇక్కడ దాదాపు లక్షా ఒక్క చెట్లను, లక్ష మొక్కలను నాటడం జరుగుతోంది. ఇది ప్రభుత్వ భవనాలలో 100 శాతం సౌరశక్తిని వినియోగించే అద్భుతమైన ఘనతను సాధించిన కేంద్రపాలిత ప్రాంతమని చెప్పడానికి నేను ఎంతో గర్విస్తున్నాను. ఈరోజు డయ్యూలో పగటిపూట విద్యుత్ అవసరాలన్నీ కేవలం సౌరశక్తి ద్వారానే తీరుతున్నాయి, ఈ ప్రక్రియను మనం మరింత ముందుకు తీసుకెళ్లాల్సి ఉంది. ఇళ్లలో కూడా సౌరశక్తి ద్వారానే విద్యుత్ అందుబాటులోకి రావాలి. అంతేకాదు, మిగిలిన అదనపు విద్యుత్ ద్వారా కుటుంబాలు ఆదాయాన్ని కూడా గడించాలి. ఇందుకోసం రూఫ్‌టాప్ సోలార్ ప్లాంట్ల ఏర్పాటుకు శ్రీకారం చుట్టాం. ఈ విజయాలను సాధించినందుకు మీ అందరికీ అభినందనలు. 

 

మిత్రులారా, 

దీనితో పాటు, ప్రస్తుతం డామన్ ప్రజలు పరిశుభ్రత ప్రచారం నిర్వహిస్తున్నారని కూడా నాకు సమాచారం అందింది. డామన్ ప్రజా జీవిత సంస్కృతిలో పరిశుభ్రత ఎలా ఒక భాగమైపోయిందో ఇది తెలియజేస్తోంది. ఈ సంస్కృతి ఇక్కడి పరిశుభ్రత ప్రయత్నాలలో స్పష్టంగా కనిపిస్తోంది. ప్రజల భాగస్వామ్యంతో కూడిన ఈ ప్రయత్నాలకు గాను డామన్ ప్రజలను నేను అభినందిస్తున్నాను.

మిత్రులారా, 

కేంద్రపాలిత ప్రాంతాలుగా  దాద్రా,నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూ భారతదేశ అస్తిత్వానికి, వారసత్వానికి ప్రతీకలు. అందుకే, వీటి అభివృద్ధి కోసం మనం నిర్దేశించుకున్న లక్ష్యాలు సాధరణమైనవి  కావు. గత సంవత్సరం నేను సిల్వస్సాకు వచ్చినప్పుడు మీకు సింగపూర్ ఉదాహరణ చెప్పడం నాకు గుర్తుంది. ఒకప్పుడు సింగపూర్ కేవలం ఒక చిన్న మత్స్యకార గ్రామం అని నేను చెప్పాను. కానీ సింగపూర్ ప్రజలు కలలు కన్నారు. పెద్ద పెద్ద లక్ష్యాలను నిర్దేశించుకున్నారు. ఈరోజు అదే సింగపూర్ ప్రపంచంలోనే అతిపెద్ద వ్యాపార కేంద్రంగా అవతరించింది. ఈరోజు దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూ కూడా సరిగ్గా అలాంటి కలనే కంటున్నాయి. నమో ఎయిర్‌పోర్ట్, దమన్‌గంగా నదిపై నిర్మించనున్న ఐకానిక్ బ్రిడ్జి, బీచ్ ఫ్రంట్ లో నిర్మించబోయే కన్వెన్షన్ సెంటర్ వంటి ప్రాజెక్టులు -  ఇలాంటి మౌలిక సదుపాయాల ద్వారా మనం భవిష్యత్తు కోసం పెద్ద పెద్ద సంకల్పాలకు పునాది వేస్తున్నాం. ఈ ప్రాజెక్టుల వల్ల మీ ప్రయాణాలు మరింత సులభతరం అవుతాయి. ఇక్కడ వ్యాపార రంగంలో సరికొత్త అవకాశాలు వస్తాయి. డామన్‌కు ఇరువైపులా అభివృద్ధి వేగం మరింత పుంజుకుంటుంది.

మిత్రులారా, 

ఇక్కడ ఆతిథ్య రంగ ఆర్థిక వ్యవస్థకి సంబంధించిన అవకాశాలు పెరుగుతాయి, దీనితో పాటు ట్రాన్స్‌పోర్ట్ నగర్ వంటి సౌకర్యాలు కూడా ఇక్కడి వాణిజ్యానికి, రవాణా రంగానికి సరికొత్త వేగాన్ని అందిస్తాయి.

మిత్రులారా, 

ఈ ప్రాంతంలో సముద్ర ఆధారిత ఆర్థిక వ్యవస్థ కోసం మనం సిద్ధం చేసిన లక్ష్యం అత్యాధునిక మౌలిక సదుపాయాల బలం ద్వారానే సాకారం అవుతుంది. అందువల్లనే, ఈరోజే లక్షద్వీప్‌లోని కల్పేని,  కద్మత్ దీవులలో ఆధునిక నౌకాశ్రయాలకు శంకుస్థాపన జరుగుతోంది. ఈ ప్రయత్నాలన్నీ బ్లూ ఎకానమీ రంగంలో దేశ బలాన్ని మరింత పెంచుతాయి. నేను ముందు చెప్పినట్లుగా, ఇవి లక్షద్వీప్ రూపురేఖలను, భవితవ్యాన్ని మార్చివేసే సరికొత్త కార్యక్రమాలు.

మిత్రులారా, 

పేదలు, వెనుకబడినవారు, గిరిజనులు, మధ్యతరగతి ప్రజల జీవితాలలో మార్పు రావడం బీజేపీ ప్రభుత్వంలో, మా ఎన్డీయే ప్రభుత్వంల, మాకు అభివృద్ధికి సంబంధించిన మొదటి ప్రామాణికం.  ఇందుకోసం ఆరోగ్య రంగం మాకు అత్యంత ప్రాధాన్యత కలిగిన రంగం. గత కొన్నేళ్లుగా, దేశం ఆరోగ్య సంరక్షణ దిశగా ఒక సమగ్రమైన దృక్పథంతో ముందుకు సాగింది. చికిత్సకు సంబంధించిన ప్రతి సమస్యనూ మేం పరిష్కరించాం. ఈరోజు అత్యంత పేదవాడికి కూడా ఆయుష్మాన్ కార్డ్ అందుబాటులో ఉంది. వారికి 5 లక్షల రూపాయల వరకు ఉచిత వైద్య చికిత్స భరోసా లభిస్తోంది. వ్యాధులను సకాలంలో గుర్తించడానికి  ప్రధానమంత్రి ఆయుష్మాన్ ఆరోగ్య కేంద్రాలు ఏర్పాటయ్యాయి. జన ఔషధి కేంద్రాల ద్వారా తక్కువ ధరలకే మందులు కూడా లభిస్తున్నాయి. ఈ సౌకర్యాలను మరింత మెరుగ్గా, ఆధునికంగా మార్చేందుకు ఈరోజు  ఆయుష్మాన్ భారత్ డిజిటల్ మిషన్ ద్వారా ఆరోగ్య సేవలను సాంకేతికతతో అనుసంధానించడం జరుగుతోంది.

 

మిత్రులారా, 

ఆయుష్మాన్ కార్డులు, జన ఔషధి కేంద్రాల వల్ల పేద మధ్యతరగతి ప్రజలకు దాదాపు 2.25 లక్షల కోట్ల రూపాయలు వృథాగా ఖర్చు కాకుండా ఆదా అయ్యాయి.

సోదరీ,సోదరులారా

కేంద్ర ప్రభుత్వ విధానాల వల్ల ఈ ప్రాంత ప్రజలకు కూడా ఎంతో మేలు చేకూరింది. ఒకప్పుడు ఇక్కడ మెరుగైన చికిత్సా సౌకర్యాల కొరత ఉండేది. కనీసం ఒక మెడికల్ కాలేజీ కూడా ఇక్కడ ఉండేది కాదు. కానీ ఇప్పుడు ఇక్కడ ఒక మెడికల్ కాలేజీ ఏర్పాటయింది. అందులో పోస్ట్-గ్రాడ్యుయేషన్ చదువులు కూడా ప్రారంభమయ్యాయి. సిల్వస్సాలోని నమో హాస్పిటల్ గత ఏడాది కాలంగా వేలాది మంది ప్రజలకు సేవలందిస్తోంది. ఈరోజు డామన్‌లో కూడా నమో హాస్పిటల్ ప్రారంభోత్సవం జరిగింది. ఈ ప్రాంత ప్రజలకు ఇప్పుడు మరింత మెరుగైన ఆరోగ్య సంరక్షణ సౌకర్యాలు అందుబాటులోకి వస్తాయి.

మిత్రులారా, 

జాతీయ కుటుంబ ఆరోగ్య సర్వే ఫలితాలను చూస్తే మా ప్రభుత్వం ఆరోగ్య రంగానికి ఎంతటి ప్రాధాన్యత ఇస్తుందో స్పష్టంగా అర్థమవుతుంది. ఒకానొక సమయంలో భారతదేశంలో అత్యధిక శాతం ప్రసవాలు ఆసుపత్రులలో జరిగేవి కావు. కానీ ఈరోజు దేశంలో 90 శాతానికి పైగా ప్రసవాలు ఆసుపత్రులలోనే జరుగుతున్నాయి. దీనివల్ల మాతృ మరణాల రేటు, శిశు మరణాల రేటు గణనీయంగా తగ్గాయి. మిషన్ ఇంద్రధనుష్ కారణంగా, బాలల వ్యాక్సినేషన్ రంగంలో కూడా భారత్ అద్భుతమైన పురోగతిని సాధించింది. 2014 కంటే ముందు, దేశంలో కేవలం 60 శాతం మంది పిల్లలకు మాత్రమే పూర్తి స్థాయిలో వ్యాక్సినేషన్  అందేది. కానీ ఈరోజు ఆ సంఖ్య దాదాపు 90 శాతానికి పెరిగింది. ఆరోగ్య భద్రత రంగంలో కూడా ఒక పెద్ద మార్పు వచ్చింది. 2014 కంటే ముందు, 30 శాతం కంటే తక్కువ కుటుంబాలు మాత్రమే ఆరోగ్య బీమా పథకాలతో అనుసంధానమై ఉండేవి. ఈరోజు ఆయుష్మాన్ భారత్ ఆ గణాంకాలను కూడా పూర్తిగా మార్చేసింది. ఇప్పుడు 60 శాతానికి పైగా కుటుంబాలు ఈ ఆరోగ్య భద్రతా రక్షణను పొందుతున్నాయి.

 

మిత్రులారా, 

ఆరోగ్య రంగంలో ప్రభుత్వం చేపట్టిన ఈ ప్రయత్నాల వల్ల ఎవరైనా అత్యధికంగా లబ్ధి పొంది ఉంటే, అది నా దేశంలోని మహిళా శక్తి మాత్రమే.

మిత్రులారా, 

ఇంతకుముందు ఈ ప్రాంతానికి చెందిన యువత ఉన్నత చదువుల కోసం వెలుపలి ప్రాంతాలకు వెళ్లాల్సి వచ్చేది. కానీ ఈరోజు ఇక్కడ ఒకటి కాదు, అనేక జాతీయ స్థాయి విద్యాసంస్థలు ఏర్పాటయ్యాయి. ఇటీవలి సంవత్సరాలలో ఇక్కడ సరికొత్త పాఠశాల భవనాలను నిర్మించారు. పాఠశాలల్లో స్మార్ట్ తరగతి గదులు  కూడా అందుబాటులోకి వచ్చాయి. వీటి ద్వారా 40 వేల మందికి పైగా విద్యార్థులు లబ్ధి పొందుతున్నారు. ఈ కేంద్రపాలిత ప్రాంతం విద్యారంగంలో క్రమక్రమంగా ముందుకు సాగుతుండటం నాకు ఎంతో సంతోషాన్ని కలిగిస్తోంది. ఇక్కడ స్వామి వివేకానంద ఎడ్యుకేషన్ హబ్ వంటి అనేక నిర్మాణ పనులు జరుగుతున్నాయి.

సొదరీ,సోదరులారా, 

ఈ విద్యా విప్లవంలో మన కుమార్తెలు వెనుకబడిపోకూడదన్నది కూడా మా సంకల్పం. ఇందుకోసం ఎన్నో పెద్ద పెద్ద ప్రయత్నాలు జరుగుతున్నాయి. ఇక్కడి కుమార్తెలకు సరస్వతి సైకిల్ యోజన, సరస్వతి విద్యా యోజన'వంటి పథకాలు ఎంతగానో సహాయపడుతున్నాయి.

మిత్రులారా, 

ఈరోజు దేశంలోని యువతకు డిగ్రీలతో పాటు సరైన దిశా నిర్దేశం కూడా లభించాలన్నదే భారతదేశ ప్రయత్నం. స్థానిక ప్రతిభను ప్రపంచవ్యాప్త అవకాశాలతో అనుసంధానించేలా వారికి తగిన అవకాశాలు, పరిజ్ఞానం లభించాలి. డిజైన్, న్యాయశాస్త్రం, ఇంజనీరింగ్, వైద్య విద్య, ఐటీ, డ్రోన్, పునరుత్పాదక ఇంధనం వంటి రంగాలలో మన ప్రస్తుత సన్నద్ధత భారతదేశ మానవ వనరులను మరింత బలోపేతం చేస్తుంది. అందువల్లనే, వృత్తివిద్యా సంస్థల విస్తరణ అత్యంత ప్రాధాన్యత సంతరించుకుంది.

 

మిత్రులారా, 

ఈరోజు  నేషనల్ ఇన్‌స్టిట్యూట్ ఆఫ్ ఫ్యాషన్ టెక్నాలజీ 18వ క్యాంపస్‌కు శంకుస్థాపన జరిగింది. ఈ సంస్థ ఇక్కడి యువతకు అంతర్జాతీయ స్థాయి పరిజ్ఞానాన్ని, అవకాశాలను అందిస్తుంది. ఐటీఐ, డామన్‌లో డ్రోన్ టెక్నీషియన్ వంటి సరికొత్త కోర్సులు కూడా ప్రారంభమయ్యాయి. పీఎం విశ్వకర్మ, పీఎం సూర్య ఘర్ ఉచిత విద్యుత్ పథకానికి  సంబంధించిన శిక్షణా కార్యక్రమాలు కూడా ఇక్కడి యువతకు ఎంతో ప్రయోజనంచేకూరుస్తున్నాయి.

మిత్రులారా, 

దేశంలో క్రీడలను కూడా ఒక సరికొత్త ఆలోచనతో ముందుకు తీసుకువెడుతున్నాం. మన క్రీడలు ఇకపై కేవలం పెద్ద నగరాలకో లేదా పెద్ద పెద్ద స్టేడియాలకో మాత్రమే పరిమితం కాదు. ఖేలో ఇండియా వంటి ప్రయత్నాలు యువత తమ ప్రతిభను చాటుకోవడానికి ఒక సరికొత్త వేదికను అందించాయి. దీనివల్ల, క్రీడల రంగంలో చిన్న చిన్న ప్రాంతాల నుంచి కూడా పిల్లలు జాతీయ స్థాయికి దూసుకువస్తున్నారు. ఈ ప్రాంతం కూడా దానివల్ల ఎంతో లబ్ధి పొందింది. ఈరోజు డయ్యూ సముద్ర తీర క్రీడలకు ఒక పెద్ద కేంద్రంగా ఆవిర్భవించింది. ఘోఘ్లా బీచ్‌లో నిర్వహించిన బీచ్ గేమ్స్ ఈ ప్రాంతం వైపు దేశం దృష్టిని ఆకర్షించేలా చేశాయి. ఈరోజు ఇక్కడ ఆధునిక క్రీడా మౌలిక సదుపాయాలు నిరంతరం అభివృద్ధి చెందుతున్నాయి. ఖాన్వేల్‌లోని ఫుట్‌బాల్ సెంటర్,  డామన్‌లోని వాలీబాల్ ట్రైనింగ్ సెంటర్ ఇక్కడి క్రీడా సంస్కృతిని మరింత బలోపేతం చేస్తున్నాయి.

మిత్రులారా, 

ఈరోజు దేశం ప్రధాన దృష్టి పర్యాటక రంగం పైనే ఉంది. పర్యాటక రంగం ద్వారా స్థానిక కళలు, సంస్కృతిని ప్రోత్సహించాలన్నదే మా ప్రయత్నం. చిన్న చిన్న ప్రాంతాలను కూడా పెద్ద పెద్ద అవకాశాలతో అనుసంధానించాలి. దేఖో అప్నా దేశ్ వంటి ప్రయత్నాలు దేశంలోని వైవిధ్యాన్ని తెలుసుకోవడానికి ప్రజలను ఎంతగానో ప్రేరేపించాయి. ఈరోజు భారతదేశంలో వారసత్వ పర్యాటకం, సముద్ర తీర పర్యాటకం, పర్యావరణ హిత పర్యాటకం, సాహస పర్యాటకం వంటివి సరికొత్త శక్తిని పుంజుకుంటున్నాయి.

మిత్రులారా, 

దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్,డయ్యూలలో పర్యాటక రంగం  కూడా అపారమైన అవకాశాలు ఉన్న రంగం. ఈ ప్రాంతంలో సహజసిద్ధమైన అందాలున్నాయి. అందుకే పర్యాటక రంగానికి సంబంధించి దేశం అమలు చేసిన విధానాల వల్ల దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూలకు ఎంతో మేలు జరిగింది. 2021లో దాదాపు 6 లక్షల మంది పర్యాటకులు ఇక్కడికి వచ్చారు. 2025 నాటికి ఈ సంఖ్య దాదాపు 50 లక్షలకు పెరిగింది. అంటే కేవలం కొద్ది సంవత్సరాల వ్యవధిలోనే పర్యాటకుల రాక దాదాపు పది రెట్లు పెరిగింది. మెరుగైన మౌలిక సదుపాయాలు, మెరుగైన వసతులు, పరిశుభ్రమైన సముద్ర తీరాల వల్లే ఇది సాధ్యమైంది. డామన్ నైట్ మార్కెట్, రామ్‌సేతు సీ-ఫ్రంట్, నమోపథ్ సీ-ఫ్రంట్, నానీ డామన్ కోట, గంగేశ్వర్ ఆలయ సముదాయం వంటి అనేక ప్రదేశాలు ఈరోజు ఈ మొత్తం ప్రాంతానికి ఒక సరికొత్త గుర్తింపుగా మారుతున్నాయి.

మిత్రులారా, 

దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్,డయ్యూల కలలను సాకారం చేయడానికి మనం ఇక్కడి పారిశ్రామిక బలాన్ని కూడా మరింత పెంచాల్సి ఉంది. ఈ కేంద్రపాలిత ప్రాంతం మనిషి తయారీ నూలు రంగంలో తనకంటూ ఒక ప్రత్యేక గుర్తింపును సంపాదించుకోవడం ఎంతో గర్వకారణం. దాద్రా,నగర్ హవేలీలను జాతీయ మ్యాన్-మేడ్ ఫైబర్ క్యాపిటల్ గా గుర్తిస్తారు. ప్లాస్టిక్ ఎగుమతుల్లో కూడా ఈ ప్రాంతం నిరంతరం పురోగమిస్తోంది. ఇక్కడి పరిశ్రమలకు, ఎంఎస్ఎంఈలకు మద్దతుగా నిలిచేందుకు ప్రభుత్వం కూడా నిరంతర ప్రయత్నాలు చేస్తోంది. ఇక్కడి ఎంఎస్ఎంఈలు, ఇతర పరిశ్రమలకు కోట్ల రూపాయల పైగా ఆర్థిక సహాయం అందించాం. ఈ కేంద్రపాలిత ప్రాంతంలోని చిన్న, కుటీర పరిశ్రమలకు సరికొత్త అవకాశాలు లభిస్తున్నాయి. రాబోయే కాలంలో ఈ ప్రాంతం తయారీ రంగానికి ఒక పెద్ద కేంద్రంగా మారుతుందని నా గట్టి విశ్వాసం. 

మిత్రులారా, 

సున్నితమైన పాలన, అభివృద్ధి దృక్పథం  తోడైనప్పుడు క్షేత్రస్థాయిలో మార్పు అనేది అత్యంత వేగంగా రూపుదిద్దుకుంటుంది. దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూలలో మా ప్రయత్నాల ఫలితాలను చూడటం ఎంతో సంతృప్తిని కలిగిస్తోంది. ఈ గడ్డపై ఉన్న ప్రజలపై నాకు పూర్తి నమ్మకం ఉంది. ఇక్కడి యువత, ఇక్కడి తల్లులు,  అక్కాచెల్లెళ్ళు, ఇక్కడి రైతులు, కళాకారులు, కార్మికులు,  పారిశ్రామికవేత్తలు రాబోయే సంవత్సరాల్లో ఈ అభివృద్ధి ప్రయాణాన్ని మరింత ముందుకు తీసుకువెళతారు. మీ కలలను సాకారం చేసుకోవడానికి కేంద్ర ప్రభుత్వం మీకు ఎల్లప్పుడూ అండగా, భుజం భుజం కలిపి నిలుస్తుందని నేను మీకు హామీ ఇస్తున్నాను. ఈ నమ్మకంతో, ఈ అభివృద్ధి ప్రాజెక్టుల సందర్భంగా మీ అందరికీ మరొక్కసారి నా హృదయపూర్వక అభినందనలు.  నాతో కలిసి పలకండి.. భారత్ మాతా కీ జై! భారత్ మాతా కీ జై! భారత్ మాతా కీ జై!

మీ అందరికీ ధన్యవాదాలు.