पंतप्रधान करणार भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 चे उदघाटन
जागतिक इंधन आणि नैसर्गिक वायू क्षेत्रातील तज्ञ आणि मुख्य कार्यकारी अधिकाऱ्यांशी पंतप्रधान साधणार संवाद
विकसित भारत, विकसित गोवा 2047 कार्यक्रमात पंतप्रधान 1,330 कोटी रुपये खर्चाच्या प्रकल्पांची करणार पायाभरणी
राष्ट्रीय तंत्रज्ञान संस्था गोव्याच्या स्थायी संकुलाचे पंतप्रधानांच्या हस्ते होणार उदघाटन
रोजगार मेळावा अंतर्गत पंतप्रधान सरकारी विभागांमध्ये नव्याने भरती झालेल्या 1930 नवीन कर्मचाऱ्यांना नियुक्ती पत्रांचे वितरण करणार

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी 6 फेब्रुवारी 2024 रोजी गोव्याला भेट देणार आहेत. साधारण सकाळी साडे दहा वाजता पंतप्रधान ओ एन जी सी  सी सर्व्हायव्हल सेंटरचे उदघाटन करतील. पावणे आकाराच्या सुमारास, पंतप्रधानांच्या हस्ते भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 चे उदघाटन होणार आहे. त्यांनतर दुपारी  2:45 वाजता, ते विकसित भारत, विकसित गोवा 2047 कार्यक्रमात सहभागी होणार आहेत.

भारत ऊर्जा सप्ताह 2024

ऊर्जा क्षेत्रात आत्मनिर्भरता साध्य करण्याच्या क्षेत्राला पंतप्रधानांचे प्राधान्य आहे. याच दिशेने टाकलेले आणखी एक पाऊल म्हणजे गोवा इथे 6 – 9 फेब्रुवारी दरम्यान आयोजित केलेला भारत ऊर्जा सप्ताह  2024. संपूर्ण ऊर्जा मूल्य साखळी एकत्र आणणारे हे भारतातील सर्वात मोठे आणि एकमेव सर्वसमावेशक ऊर्जा प्रदर्शन आणि परिषद असेल आणि भारताच्या ऊर्जा संक्रमणाच्या उद्दिष्टांसाठी ते प्रेरणादायी ठरेल. पंतप्रधान, इंधन आणि नैसर्गिक वायू क्षेत्रातील तज्ञ आणि मुख्य कार्यकारी अधिकाऱ्यांशी गोलमेज परिषदेत संवाद साधतील. स्टार्ट अप्सना प्रोत्साहन देऊन त्यांच्या वाढीसाठी प्रयत्न करणे आणि त्यांना ऊर्जा मूल्य साखळीत समाविष्ट करणे यावर भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 चा अधिक भर असेल. यात जगभरातून 17 हून अधिक मंत्र्यांची उपस्थिती असेल. 35,000 हून अधिक प्रतिनिधी, 900 प्रदर्शक यामध्ये सहभागी होतील अशी अपेक्षा आहे. यात कॅनडा, जर्मनी, नेदरलँड, रशिया, यूके आणि यूएसए असे सहा समर्पित कंट्री पॅव्हेलियन असतील. याशिवाय  भारतातील सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योगांची ऊर्जा क्षेत्रातील कामगिरी दर्शवण्यासाठी एका  विशेष मेक इन इंडिया पॅव्हेलियनचे देखील आयोजन करण्यात येणार आहे.

विकसित भारत, विकसित गोवा 2047
गोव्यातील सार्वजनिक कार्यक्रमात पंतप्रधान 1330 कोटी रुपयांच्या प्रकल्पांचे लोकार्पण आणि पायाभरणी करणार आहेत. 
पंतप्रधानांच्या हस्ते राष्ट्रीय तंत्रज्ञान संस्था गोवा या संस्थेच्या स्थायी परिसराचे राष्ट्रार्पण होणार आहे. नव्याने बांधलेल्या या परिसरामध्ये शिकवणी संकुल, विभागीय संकुल, चर्चासत्रासाठी संकुल, प्रशासकीय संकुल, वसतिगृहे, आरोग्य केंद्र, कर्मचारी निवासस्थान, सुविधा केंद्र, खेळाचे मैदान आणि संस्थेतील विद्यार्थी, प्राध्यापक आणि कर्मचारी यांच्या गरजा पूर्ण करण्यासाठी इतर सुविधा आहेत.
राष्ट्रीय जलक्रीडा संस्थेच्या नवीन परिसराचे लोकार्पणही पंतप्रधान करणार आहेत. ही संस्था जलक्रीडा आणि पाण्यातून बचाव करण्याच्या उपक्रमांच्या विकासाला चालना देण्याच्या उद्देशाने, सार्वजनिक आणि सशस्त्र दलांसाठी 28 विशेष अभ्यासक्रम उपलब्ध करून देईल. दक्षिण गोव्यात 100 टीपीडी एकात्मिक कचरा व्यवस्थापन सुविधेचे उद्घाटनही पंतप्रधान करणार आहेत. 60 टीपीडी ओला कचरा आणि 40 टीपीडी सुक्या कचऱ्याच्या वैज्ञानिक प्रक्रियेच्या दृष्टीने त्याची रचना करण्यात आली आहे तसेच अतिरिक्त वीज निर्माण करणारा 500 किलोवॅट वीज निर्मितीच्या सौर ऊर्जा प्रकल्पाचा देखील यात समावेश आहे.
पणजी आणि रेइश मागूश यांना जोडणाऱ्या पर्यटन उपक्रमांसह प्रवासी रोपवेची पायाभरणी पंतप्रधानांच्या हस्ते होणार आहे. दक्षिण गोव्यात 100 एमएलडी जलशुद्धीकरण प्रकल्पाची पायाभरणी देखील पंतप्रधान करणार आहेत.
याशिवाय, ते रोजगार मेळाव्या अंतर्गत विविध विभागांमधील 1930 नवीन सरकारी नियुक्त्यांना नियुक्ती पत्रांचे वितरण देखील करणार आहेत आणि विविध कल्याणकारी योजनांच्या लाभार्थ्यांना देखील मंजुरी पत्रे सुपूर्द करतील.

ओएनजीसी सागरी टिकाव (सी सर्व्हायव्हल) केंद्र
भारतीय सागरी टिकाव (सर्व्हायव्हल) प्रशिक्षण व्यवस्थेला जागतिक मानकांनुसार अत्याधुनिक करण्यासाठी ओएनजीसी सागरी सर्व्हायव्हल केंद्र हे एक प्रकारचे एकात्मिक सागरी शाश्वत प्रशिक्षण केंद्र म्हणून विकसित करण्यात आले आहे. या केंद्राच्या माध्यमातून दरवर्षी 10,000-15,000 कर्मचाऱ्यांना प्रशिक्षण देणे अपेक्षित आहे. सिम्युलेटेड आणि नियंत्रित तीव्र हवामानातील सराव प्रशिक्षणार्थींच्या समुद्रात टिकून राहण्याच्या कौशल्यांमध्ये वाढ करेल आणि त्यामुळे प्रत्यक्ष  जीवनातील आपत्तींपासून सुरक्षित बचाव करण्याच्या शक्यतांमध्ये वाढ करेल.

ONGC Sea Survival Centre has been developed as a one-of-a-kind Integrated Sea Survival Training Centre to advance the Indian sea survival training ecosystem to global standards. It is expected to train 10,000-15,000 personnel annually. Exercises in simulated and controlled harsh weather conditions shall enhance Sea Survival skills of trainees and thus potentially increase the chances of safe escape from real life disasters.

 

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।