The student in us should always be alive: PM Modi at Banaras Hindu University

Published By : Admin | February 22, 2016 | 18:49 IST
People who studied here have contributed through various ways, be it as a doctor, a teacher, a civil servant: PM at BHU
I congratulate those who were conferred their degrees today. I also convey my good wishes to their parents: PM Modi
The student is us has to be alive always: PM Narendra Modi
Being inquisitive is good. We must have the thirst for knowledge: PM Modi
After you receive your certificate, the way the world will look at you changes: PM Modi to students at the BHU convocation
World faces several challenges. We should think about what role India can play in overcoming these challenges: PM

सभी विद्यार्थी दोस्‍तों और उनके अभिभावकों, यहां के सभी faculty के members, उपस्थित सभी महानुभाव!

दीक्षांत समारोह में जाने का अवसर पहले भी मिला है। कई स्‍थानों पर जाने का अवसर मिला है लेकिन एक विश्‍वविद्यालय की शताब्‍दी के समय दीक्षांत समारोह में जाने का सौभाग्‍य कुछ और ही होता है। मैं भारत रत्‍न महामना जी के चरणों में वंदन करता हूं कि 100 वर्ष पूर्व जिस बीज उन्‍होंने बोया था वो आज इतना बड़ा विराट, ज्ञान का, विज्ञान का, प्रेरणा का एक वृक्ष बन गया।

दीर्घदृष्‍टा महापुरुष कौन होते हैं, कैसे होते हैं? हमारे कालखंड में हम समकक्ष व्‍यक्ति को कभी कहें कि यह बड़े दीर्घदृष्‍टा है, बड़े visionary है तो ज्‍यादा समझ में नहीं आता है कि यह दीर्घदृष्‍टा क्‍या होता है visionary क्‍या होता है। लेकिन 100 साल पहले महामना जी के इस कार्य को देखें तो पता चलता है कि दीर्घदृष्‍टा किसे कहते हैं, visionary किसे कहते हैं। गुलामी के उस कालखंड में राष्‍ट्र के भावी सपनों को हृदयस्‍थ करना और सिर्फ यह देश कैसा हो, आजाद हिंदुस्‍तान का रूप-रंग क्‍या हो, यह सिर्फ सपने नहीं है लेकिन उन सपनों को पूरा करने के लिए सबसे प्राथमिक आवश्‍यकता क्‍या हो सकती है? और वो है उन सपनों को साकार करे, ऐसे जैसे मानव समुदाय को तैयार करना है। ऐसे सामर्थ्‍यवान, ऐसे समर्पित मानवों की श्रृंखला, शिक्षा और संस्कार के माध्‍यम से ही हो सकती है और उस बात की पूर्ति को करने के लिए महामना जी ने यह विश्‍वविद्यालय का सपना देखा।

अंग्रेज यहां शासन करते थे, वे भी यूनिवर्सिटियों का निर्माण कर रहे थे। लेकिन ज्‍यादातर presidencies में, चाहे कोलकाता है, मुंबई हो, ऐसे स्‍थान पर ही वो प्रयास करते हैं। अब उस प्रकार से मनुष्‍यों का निर्माण करना चाहते थे, कि जिससे उनका कारोबार लंबे समय तक चलता रहे। महामना जी उन महापुरुषों को तैयार करना चाहते थे कि वे भारत की महान परंपराओं को संजोए हुए, राष्‍ट्र के निर्माण में भारत की आजादी के लिए योग्‍य, सामर्थ्‍य के साथ खड़े रहे और ज्ञान के अधिष्‍ठान पर खड़े रहें। संस्‍कारों की सरिता को लेकर के आगे बढ़े, यह सपना महामना जी ने देखा था।

जो काम महामना जी ने किया, उसके करीब 15-16 साल के बाद यह काम महात्‍मा गांधी ने गुजरात विद्यापीठ के रूप में किया था। करीब-करीब दोनों देश के लिए कुछ करने वाले नौजवान तैयार करना चाहते थे। लेकिन आज हम देख रहे हैं कि महामना जी ने जिस बीज को बोया था, उसको पूरी शताब्‍दी तक कितने श्रेष्‍ठ महानुभावों ने, कितने समर्पित शिक्षाविदों ने अपना ज्ञान, अपना पुरूषार्थ, अपना पसीना इस धरती पर खपा दिया था। एक प्रकार से जीवन के जीवन खपा दिये, पीढ़ियां खप गई। इन अनगिनत महापुरूषों के पुरूषार्थ का परिणाम है कि आज हम इस विशाल वट-वृक्ष की छाया में ज्ञान अर्जित करने के सौभाग्‍य बने हैं। और इसलिए महामना जी के प्रति आदर के साथ-साथ इस पूरी शताब्‍दी के दरमियान इस महान कार्य को आगे बढ़ाने में जिन-जिन का योगदान है, जिस-जिस प्रकार का योगदान है जिस-जिस समय का योगदान है, उन सभी महानुभवों को मैं आज नमन करता हूं।

एक शताब्‍दी में लाखों युवक यहां से निकले हैं। इन युवक-युवतियों ने करीब-करीब गत 100 वर्ष में दरमियान जीवन के किसी न किसी क्षेत्र में जा करके अपना योगदान दिया है। कोई डॉक्‍टर बने हुए होंगे, कोई इंजीनियर बने होंगे, कोई टीचर बने होंगे, कोई प्रोफेसर बने होंगे, कोई सिविल सर्विस में गये होंगे, कोई उद्योगकार बने हुए होंगे और भारत में शायद एक कालखंड ऐसा था कि कोई व्‍यक्ति कहीं पर भी पहुंचे, जीवन के किसी भी ऊंचाई पर पहुंचे जिस काम को करता है, उस काम के कारण कितनी ही प्रतिष्‍ठा प्राप्‍त क्‍यों न हो, लेकिन जब वो अपना परिचय करवाता था, तो सीना तानकर के कहता था कि मैं BHU का Student हूं।

मेरे नौजवान साथियों एक शताब्‍दी तक जिस धरती पर से लाखों नौजवान तैयार हुए हो और वे जहां गये वहां BHU से अपना नाता कभी टूटने नहीं दिया हो, इतना ही नहीं अपने काम की सफलता को भी उन्‍होंने BHU को समर्पित करने में कभी संकोच नहीं किया। यह बहुत कम होता है क्‍योंकि वो जीवन में जब ऊंचाइयां प्राप्‍त करता है तो उसको लगता है कि मैंने पाया है, मेरे पुरुषार्थ से हुआ, मेरी इस खोज के कारण हुआ, मेरे इस Innovation के कारण हुआ। लेकिन ये BHU है कि जिससे 100 साल तक निकले हुए विद्यार्थियों ने एक स्‍वर से कहा है जहां गये वहां कहा है कि यह सब BHU के बदौलत हो रहा है।

एक संस्‍था की ताकत क्‍या होती है। एक शिक्षाधाम व्‍यक्ति के जीवन को कहां से कहां पहुंचा सकता है और सारी सिद्धियों के बावजूद भी जीवन में BHU हो सके alumni होने का गर्व करता हो, मैं समझता हूं यह बहुत बड़ी बात है, बहुत बड़ी बात है। लेकिन कभी-कभी सवाल होता है कि BHU का विद्यार्थी तो BHU के गौरव प्रदान करता है लेकिन क्‍या भारत के कोने-कोने में, सवा सौ करोड़ देशवासियों के दिल में यह BHU के प्रति वो श्रद्धा भाव पैदा हुआ है क्‍या? वो कौन-सी कार्यशैलियां आई, वो कौन से विचार प्रवाह आये, वो कौन-सी दुविधा आई जिसने इतनी महान परंपरा, महान संस्‍था को हिंदुस्‍तान के जन-जन तक पहुंचाने में कहीं न कहीं संकोच किया है। आज समय की मांग है कि न सिर्फ हिंदुस्‍तान, दुनिया देखें कि भारत की धरती पर कभी सदियों पहले हम जिस नालंदा, तक्षशिला बल्लभी उसका गर्व करते थे, आने वाले दिनों में हम BHU का भी हिंदुस्‍तानी के नाते गर्व करते हैं। यह भारत की विरासत है, भारत की अमानत है, शताब्दियों के पुरुषार्थ से निकली हुई अमानत है। लक्षाविद लोगों की तपस्‍या का परिणाम है कि आज BHU यहां खड़ा है और इसलिए यह भाव अपनत्‍व, अपनी बातों का, अपनी परंपरा का गौरव करना और हिम्‍मत के साथ करना और दुनिया को सत्‍य समझाने के लिए सामर्थ्‍य के साथ करना, यही तो भारत से दुनिया की अपेक्षा है।

मैं कभी-कभी सोचता हूं योग। योग, यह कोई नई चीज नहीं है। भारत में सदियों से योग की परंपरा चली आ रही है। सामान्‍य मानविकी व्‍यक्तिगत रूप से योग के आकर्षित भी हुआ है। दुनिया के अलग-अलग कोने में, योग को अलग-अलग रूप में जिज्ञासा से देखा भी गया है। लेकिन हम उस मानसिकता में जीते थे कि कभी हमें लगता नहीं था कि हमारे योग में वह सामर्थ्‍य हैं जो दुनिया को अपना कर सकता है। पिछले साल जब United nation ने योग को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में स्‍वीकार किया। दुनिया के 192 Country उसके साथ जुड़ गये और विश्‍व ने गौरव ज्ञान किया, विश्‍व ने उसके साथ जुड़ने का आनंद लिया। अगर अपने पास जो है उसके प्रति हम गौरव करेंगे तो दुनिया हमारे साथ चलने के लिए तैयार होती हैं। यह विश्‍वास, ज्ञान के अधिष्‍ठान पर जब खड़ा रहता है, हर विचार की कसौटी पर कसा गया होता है, तब उसकी स्‍वीकृति और अधिक बन जाती है। BHU के द्वारा यह निरंतर प्रयास चला आ रहा है।

आज जिन छात्रों का हमें सम्‍मान करने का अवसर मिला, मैं उनको, उनके परिवार जनों को हृदय से बधाई देता हूं। जिन छात्रों को आज अपनी शिक्षा की पूर्ति के बाद दीक्षांत समारोह में डिग्रियां प्राप्‍त हुई हैं, उन सभी छात्रों का भी मैं हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। यह दीक्षांत समारोह है, हम यह कभी भी मन में न लाएं कि यह शिक्षांत समारोह है। कभी-कभी तो मुझे लगता है दीक्षांत समारोह सही अर्थ में शिक्षा के आरंभ का समारोह होना चाहिए। यह शिक्षा के अंत का समारोह नहीं है और यही दीक्षांत समारोह का सबसे बड़ा संदेश होता है कि हमें अगर जिन्‍दगी में सफलता पानी है, हमें अगर जिन्‍दगी में बदलते युग के साथ अपने आप को समकक्ष बनाए रखना है तो उसकी पहली शर्त होती है – हमारे भीतर का जो विद्यार्थी है वो कभी मुरझा नहीं जाना चाहिए, वो कभी मरना नहीं चाहिए। दुनिया में वो ही इस विशाल जगत को, इस विशाल व्‍यवस्‍था को अनगिनत आयामों को पा सकता है, कुछ मात्रा में पा सकता है जो जीवन के अंत काल तक विद्यार्थी रहने की कोशिश करता है, उसके भीतर का विद्यार्थी जिन्‍दा रहता है।

आज जब हम दीक्षांत समारोह से निकल रहे हैं तब, हमारे सामने एक विशाल विश्‍व है। पहले तो हम यह कुछ square किलोमीटर के विश्‍व में गुजारा करते थे। परिचितों से मिलते थे। परिचित विषय से संबंधित रहते थे, लेकिन अब अचानक उस सारी दुनिया से निकलकर के एक विशाल विश्‍व के अंदर अपना कदम रखने जा रहे हैं। ये पहल सामान्‍य नहीं होते हैं। एक तरफ खुशी होती है कि चलिए मैंने इतनी मेहनत की, तीन साल - चार साल - पांच साल इस कैंपस में रहा। जितना मुझसे हो सकता था मैं ले लिया, पा लिया। लेकिन अब निकलते ही, दुनिया का मेरी तरफ नजरिया देखने का बदल जाता है।

जब तक मैं विद्यार्थी था, परिवार, समाज, साथी, मित्र मेरी पीठ थपथपाते रहते थे, नहीं-नहीं बेटा अच्‍छा करो, बहुत अच्‍छा करो, आगे बढ़ो, बहुत पढ़ो। लेकिन जैसे ही सर्टिफिकेट लेकर के पहुंचता हूं तो सवाल उठता है बताओ भई, अब आगे क्‍या करोगे? अचानक, exam देने गया तब तक तो सारे लोग मुझे push कर रहे थे, मेरी मदद कर रहे थे, प्रोत्‍साहित कर रहे थे। लेकिन सर्टिफिकेट लेकर घर लौटा तो सब पूछ रहे थे, बेटा अब बताओ क्‍या? अब हमारा दायित्‍व पूरा हो गया, अब बताओ तुम क्‍या दायित्‍व उठाओगे और यही पर जिन्‍दगी की कसौटी का आरंभ होता है और इसलिए जैसे science में दो हिस्‍से होते हैं – एक होता है science और दूसरा होता है applied science. अब जिन्‍दगी में जो ज्ञान पाया है वो applied period आपका शुरू होता है और उसमें आप कैसे टिकते है, उसमें आप कैसे अपने आप को योग्‍य बनाते हैं। कभी-कभार कैंपस की चारदीवारी के बीच में, क्‍लासरूम की चारदीवारी के बीच में शिक्षक के सानिध्‍य में, आचार्य के सानिध्‍य में चीजें बड़ी सरल लगती है। लेकिन जब अकेले करना पड़ता है, तब लगता है यार अच्‍छा होता उस समय मैंने ध्‍यान दिया होता। यार, उस समय तो मैं अपने साथियों के साथ मास्‍टर जी का मजाक उड़ा रहा था। यार ये छूट गए। फिर लगता है यार, अच्‍छा होता मैंने देखा होता। ऐसी बहुत बातें याद आएगी। आपको जीवन भर यूनिवर्सिटी की वो बातें याद आएगी, जो रह गया वो क्‍या था और न रह गया होता तो मैं आज कहा था? ये बातें हर पल याद आती हैं।

मेरे नौजवान साथियों, यहां पर आपको अनुशासन के विषय में कुलाधिपति जी ने एक परंपरागत रूप से संदेश सुनाया। आप सब को पता होगा कि हमारे देश में शिक्षा के बाद दीक्षा, यह परंपरा हजारों साल पुरानी है और सबसे पहले तैतृक उपनिषद में इसका उल्‍लेख है, जिसमें दीक्षांत का पहला अवसर रेखांकित किया गया है। तब से भारत में यह दीक्षांत की परंपरा चल रही है और आज भी यह दीक्षांत समारोह एक नई प्रेरणा का अवसर बन जाता है। जीवन में आप बहुत कुछ कर पाएंगे, बहुत कुछ करेंगे, लेकिन जैसा मैंने कहा, आपके भीतर का विद्यार्थी कभी मरना नहीं चाहिए, मुरझाना नहीं चाहिए। जिज्ञासा, वो विकास की जड़ों को मजबूत करती है। अगर जिज्ञासा खत्‍म हो जाती है तो जीवन में ठहराव आ जाता है। उम्र कितनी ही क्‍यों न हो, बुढ़ापा निश्‍चित लिख लीजिए वो हो जाता है और इसलिए हर पल, नित्‍य, नूतन जीवन कैसा हो, हर पल भीतर नई चेतना कैसे प्रकट हो, हर पल नया करने का उमंग वैसा ही हो जैसा 20 साल पहले कोई नई चीज करने के समय हुआ था। तब जाकर के देखिए जिन्‍दगी जीने का मजा कुछ और होता है। जीवन कभी मुरझाना नहीं चाहिए और कभी-कभी तो मुझे लगता है मुरझाने के बजाए अच्‍छा होता मरना पसंद करना। जीवन खिला हुआ रहना चाहिए। संकटों के सामने भी उसको झेलने का सामर्थ्‍य आना चाहिए और जो इसे पचा लेता है न, वो अपने जीवन में कभी विफल नहीं जाता है। लेकिन तत्‍कालिक चीजों से जो हिल जाता है, अंधेरा छा जाता है। उस समय यह ज्ञान का प्रकाश ही हमें रास्‍ता दिखाता है और इसलिए ये BHU की धरती से जो ज्ञान प्राप्‍त किया है वो जीवन के हर संकट के समय हमें राह दिखाने का, प्रकाश-पथ दिखाने का एक अवसर देता है।

देश और दुनिया के सामने बहुत सारी चुनौतियां हैं। क्‍या उन चुनौतियों में भारत अपनी कोई भूमिका अदा कर सकता है क्‍या? क्‍यों न हमारे ये संस्‍थान, हमारे विद्यार्थी आने वाले युगों के लिए मानव जाति को, विश्‍व को, कुछ देने के सपने क्‍यों न देखे? और मैं चाहूंगा कि BHU से निकल रहे छात्रों के दिल-दिमाग में, यह भाव सदा रहना चाहिए कि मुझे जो है, उससे अच्‍छा करू वो तो है, लेकिन मैं कुछ ऐसा करके जाऊं जो आने वाले युगों तक का काम करे।

समाज जीवन की ताकत का एक आधार होता है – Innovation. नए-नए अनुसंधान सिर्फ पीएचडी डिग्री प्राप्‍त करने के लिए, cut-paste वाली दुनिया से नहीं। मैं तो सोच रहा था कि शायद यह बात BHU वालों को तो पता ही नहीं होगी, लेकिन आपको भली-भांति पता है। लेकिन मुझे विश्‍वास है कि आप उसका उपयोग नहीं करते होंगे। हमारे लिए आवश्‍यक है Innovation. और वो भी कभी-कभार हमारी अपनी निकट की स्‍थितियों के लिए भी मेरे मन में एक बात कई दिनों से पीड़ा देती है। मैं दुनिया के कई noble laureate से मिलने गया जिन्‍होंने medical science में कुछ काम किया है और मैं उनके सामने एक विषय रखता था। मैंने कहा, मेरे देश में जो आदिवासी भाई-बहन है, वो जिस इलाके में रहते हैं। उस belt में परंपरागत रूप से एक ‘sickle-cell’ की बीमारी है। मेरे आदिवासी परिवारों को तबाह कर रही है। कैंसर से भी भयंकर होती है और व्‍यापक होती है। मेरे मन में दर्द रहता है कि आज का विज्ञान, आज की यह सब खोज, कैंसर के मरीज के लिए नित्‍य नई-नई चीजें आ रही हैं। क्‍या मेरे इस sickle-cell से पीड़ित, मेरे आदिवासी भाइयो-बहनों के लिए शास्‍त्र कुछ लेकर के आ सकता है, मेरे नौजवान कुछ innovation लेकर के आ सकते हैं क्‍या? वे अपने आप को खपा दे, खोज करे, कुछ दे और शायद दुनिया के किसी और देश में खोज करने वाला जो दे पाएगा, उससे ज्‍यादा यहां वाला दे पाएगा क्‍योंकि वो यहां की रुचि, प्रकृति, प्रवृत्‍ति से परिचित है और तब जाकर के मुझे BHU के विद्यार्थियों से अपेक्षा रहती है कि हमारे देश की समस्‍याएं हैं। उन समस्‍याओं के समाधान में हम आने वाले युग को देखते हुए कुछ दे सकते हैं क्‍या?

आज विश्‍व Global warming, Climate change बड़ा परेशान है। दुनिया के सारे देश अभी पेरिस में मिले थे। CoP-21 में पूरे विश्‍व का 2030 तक 2 डिग्री temperature कम करना है। सारा विश्‍व मशक्‍कत कर रहा है, कैसे करे? और अगर यह नहीं हो पाया तो पता नहीं कितने Island डूब जाएंगे, कितने समुद्री तट के शहर डूब जाएंगे। ये Global warming के कारण पता नहीं क्‍या से क्‍या हो जाएगा, पूरा विश्‍व चिंतित है। हम वो लोग है जो प्रकृति को प्रेम करना, हमारी रगों में है। हम वो लोग है जिन्‍होंने पूरे ब्रह्मांड को अपना एक पूरा परिवार माना हुआ है। हमारे भीतर, हमारे ज़हन में वो तत्‍व ज्ञान तो भरा पड़ा है और तभी तो बालक छोटा होता है तो मां उसे शिक्षा देती है कि देखो बेटे, यह जो सूरज है न यह तेरा दादा है और यह चांद है यह तेरा मामा है। पौधे में परमात्‍मा देखता है, नदी में मां देखता है। ये जहां पर संस्‍कार है, जहां प्रकृति का शोषण गुनाह माना जाता है। Exploitation of the nature is a crime. Milking of the nature यही हमें अधिकार है। यह जिस धरती पर कहा जाता है, क्‍या दुनिया को Global warming के संकट से बचाने के लिए कोई नए आधुनिक innovation के साथ मेरे भारत के वैज्ञानिक बाहर आ सकते हैं क्‍या, मेरी भारत की संस्‍थाएं बाहर आ सकती हैं क्‍या? हम दुनिया को समस्‍याओं से मुक्‍ति दिलाने का एक ठोस रास्‍ता दिखा सकते हैं क्‍या? भारत ने बीड़ा उठाया है, 2030 तक दुनिया ने जितने संकल्‍प किए, उससे ज्‍यादा हम करना चाहते हैं। क्‍योंकि हम यह मानते हैं, हम सदियों से यह मानते हुए आए हैं कि प्रकृति के साथ संवाद होना चाहिए, प्रकृति के साथ संघर्ष नहीं होना चाहिए।

अभी हमने दो Initiative लिए हैं, एक अमेरिका, फ्रांस, भारत और बिल गेट्स का NGO, हम मिलकर के Innovation पर काम कर रहे हैं। Renewal energy को affordable कैसे बनाए, Solar energy को affordable कैसे बनाए, sustainable कैसे बनाए, इस पर काम कर रहे हैं। दूसरा, दुनिया में वो देश जहां 300 दिवस से ज्‍यादा सूर्य की गर्मी का प्रभाव रहता है, ऐसे देशों का संगठन किया है। पहली बार दुनिया के 122 देश जहां सूर्य का आशीर्वाद रहता है, उनका एक संगठन हुआ है और उसका world capital हिन्‍दुस्‍तान में बनाया गया है। उसका secretariat, अभी फ्रांस के राष्‍ट्रपति आए थे, उस दिन उद्घाटन किया गया। लेकिन इरादा यह है कि यह समाज, देश, दुनिया जब संकट झेल रही है, हम क्‍या करेंगे?

हमारा उत्‍तर प्रदेश, गन्‍ना किसान परेशान रहता है लेकिन गन्‍ने के रास्‍ते इथनॉल बनाए, petroleum product के अंदर उसको जोड़ दे तो environment को फायदा होता है, मेरे गन्‍ना किसान को भी फायदा हो सकता है। मेरे BHU में यह खोज हो सकती है कि हम maximum इथनॉल का उपयोग कैसे करे, हम किस प्रकार से करे ताकि मेरे उत्‍तर प्रदेश के गन्‍ने किसान का भी भला हो, मेरे देश के पर्यावरण और मानवता के कल्‍याण का काम हो और मेरा जो vehicle चलाने वाला व्‍यक्‍ति हो, उसको भी कुछ महंगाई में सस्‍ताई मिल जाए। यह चीजें हैं जिसके innovation की जरूरत है।

हम Solar energy पर अब काम कर रहे हैं। भारत ने 175 गीगावॉट Solar energy का सपना रखा है, renewal energy का सपना रखा है। उसमें 100 गीगावॉट Solar energy है, लेकिन आज जो Solar energy के equipment हैं, उसकी कुछ सीमाएं हैं। क्‍या हम नए आविष्‍कार के द्वारा उसमें और अधिक फल मिले, और अधिक ऊर्जा मिले ऐसे नए आविष्‍कार कर सकते हैं क्‍या? मैं नौजवान साथियों को आज ये चुनौतियां देने आया हूं और मैं इस BHU की धरती से हिन्‍दुस्‍तान के और विश्‍व के युवकों को आह्वान करता हूं। आइए, आने वाली शताब्‍दी में मानव जाति जिन संकटों से जूझने वाली है, उसके समाधान के रास्‍ते खोजने का, innovation के लिए आज हम खप जाए। दोस्‍तों, सपने बहुत बड़े देखने चाहिए। अपने लिए तो बहुत जीते हैं, सपनों के लिए मरने वाले बहुत कम होते हैं और जो अपने लिए नहीं, सपनों के लिए जीते हैं वही तो दुनिया में कुछ कर दिखाते हैं।

आपको एक बात का आश्‍चर्य हुआ होगा कि यहां पर आज मेरे अपने personal कुछ मेहमान मौजूद है, इस कार्यकम में। और आपको भी उनको देखकर के हैरानी हुई होगी, ये मेरे जो personal मेहमान है, जिनको मैंने विशेष रूप से आग्रह किया है, यूनिवर्सिटी को कि मेरे इस convocation का कार्यक्रम हो, ये सारे नौजवान आते हो तो उस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उनको बुलाइए। Government schools सामान्‍य है, उस स्‍कूल के कुछ बच्‍चे यहां बैठे हैं, ये मेरे खास मेहमान है। मैंने उनको इसलिए बुलाया है और मैं जहां-जहां भी अब यूनिवर्सिटी में convocation होते हैं। मेरा आग्रह रहता है कि उस स्‍थान के गरीब बच्‍चे जिन स्‍कूलों में पढ़ते हैं ऐसे 50-100 बच्‍चों को आकर के बैठाइए। वो देखे कि convocation क्‍या होता है, ये दीक्षांत समारोह क्‍या होता है? ये इस प्रकार की वेशभूषा पहनकर के क्‍यों आते हैं, ये हाथ में उनको क्‍या दिया जाता है, गले में क्‍या डाला जाता है? ये बच्‍चों के सपनों को संजोने का एक छोटा-सा काम आज यहां हो रहा है। आश्‍चर्य होगा, सारी व्‍यवस्‍था में एक छोटी-सी घटना है, लेकिन इस छोटी-सी घटना में भी एक बहुत बड़ा सपना पड़ा हुआ है। मेरे देश के गरीब से गरीब बच्‍चे जिनको ऐसी चीजें देखने का अवसर नहीं मिलता है। मेरा आग्रह रहता है कि आए देखे और मैं विश्‍वास से कहता हूं जो बच्‍चे आज ये देखते है न, वो अपने मन में बैठे-बैठे देखते होंगे कि कभी मैं भी यहां जाऊंगा, मुझे भी वहां जाने का मौका मिलेगा। कभी मेरे सिर पर भी पगड़ी होगी, कभी मेरे गले में भी पांच-सात गोल्‍ड मेडल होंगे। ये सपने आज ये बच्‍चे देख रहे हैं।

मैं विश्‍वास करूंगा कि जिन बच्‍चों को आज गोल्‍ड मेडल मिला है, वो जरूर इन स्‍कूली बच्‍चों को मिले, उनसे बातें करे, उनमें एक नया विश्‍वास पैदा करे। यही तो है दीक्षांत समारोह, यही से आपका काम शुरू हो जाता है। मैं आज जो लोग जा रहे हैं, जो नौजवान आज समाज जीवन की अपनी जिम्‍मेवारियों के कदम रखते हैं। बहुत बड़ी जिम्‍मेवारियों की ओर जा रहे हैं। दीवारों से छूटकर के पूरे आसमान के नीचे, पूरे विश्‍व के पास जब पहुंच रहे है तब, यहां से जो मिला है, जो अच्‍छाइयां है, जो आपके अंदर सामर्थ्‍य जगाती है, उसको हमेशा चेतन मन रखते हुए, जिन्‍दगी के हर कदम पर आप सफलता प्राप्‍त करे, यही मेरी आप सब को शुभकामनाएं हैं, बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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উত্তর প্রদেশকি হরদোইদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে শঙ্গাবা মতমদা প্রধান মন্ত্রীনা পিখিবা ৱারোল
April 29, 2026
This transformative infrastructure project will boost connectivity and drive progress across Uttar Pradesh: PM
Just as Maa Ganga has been the lifeline of UP and this country for thousands of years, similarly, in this era of modern progress, this expressway passing near her, will become the new lifeline of UP's development: PM
Recently, I had the opportunity to dedicate the Delhi-Dehradun Expressway to the nation.
I had then remarked that these emerging expressways are the lifelines shaping the destiny of a developing India, and these modern pathways are today heralding India's bright future: PM
Ganga Expressway will not only connect one end of UP to the other, it will also bring limitless possibilities of the NCR closer: PM

ভারত মাতা কি জয়।

গঙ্গা মৈয়া কি জয়।

গঙ্গা মৈয়া কি জয়।

উত্তর প্রদেশকি রাজ্যপাল, অনন্দিবেন পতেল, উত্তর প্রদেশকি মুখ্য মন্ত্রী শ্রী য়োগী আদিত্যনাথ, উপ মুখ্য মন্ত্রী কেসৱা প্রসাদ মৌর্য়, ব্রিজেস পাথক, কেন্দ্রগী মন্ত্রীমন্দলদা লৈবিরিবা ঐহাক্কি মরুপ জিতিন প্রসাদ অমদি পঙ্কজ চৌধরিজি, য়ু.পি. সরকারগী মন্ত্রীশিং, সাংসদ অমসুং লেজিস্লেতিব এসেম্বলীগী মীহুৎশিং, অতৈ মীয়ামগী মীহুৎশিং অমদি ঐহাক্কী নুংশিজরবা ইচিল-ইনাও অমসুং ইচে-ইচলশিং ময়াম অমা মফম অসিদা তিনবিরি।

 

খ্বাইদগী ইহান হান্না ঐহাক্না ভগবান নরসিংহগী শেংলবা লম অসিবু ইকায় খুম্নজরি। ইমা গঙ্গানা মফম অসিদগী কিলোমিতর খরখক্তদা মহাক্কি থৌজাল পিবিদুনা চৎলি। মরম অদুনা মফম পুম্নমক অসি তিরথ চৎপাগী মফম অমদগী হেনবা নত্তে। অদুগা ঐহাক্না থাজৈ মদুদি উত্তর প্রদেশকি এক্সপ্রেশৱেগী থৌজাল অসিসু ইমা গঙ্গাগী থৌজাল অমনি। হৌজিক্তি অদোম্না পূং খরখক্তদা শঙ্গমদা য়ৌবা ঙম্লে, অমসুং কাশিদা লৈবা বাবাদা চৎলবা মতুংদা হল্লকপা য়ারে।

মরুপশিং,

ইমা গঙ্গানা চহি লিশিং কয়াদগী উত্তর প্রদেশ অমসুং লৈবাক অসিগী পুন্সি মহিং ওইদুনা লাকলিবা অদুগুম্না মোদর্ন প্রোগ্রেশকি মতম অসিদা মহাক্কি মনাক্তা চৎলিবা এক্সপ্রেশৱে অসিনা উত্তর প্রদেশকি চাওখৎ-থৌরাংগী অনৌবা পুন্সি মহিং অমা ওইরগনি। মসিসু অঙকপা থৌদোক অমনি মদুদি হৌখিবা নুমীৎ মরি-মঙা অসিদা ঐহাক ইমা গঙ্গাগী কম্পেনিদা লৈরি। এপ্রিল ২৪দা ঐহাক বঙ্গালদা লৈবা মতমদা ইমা গঙ্গাদা চৎখি, মদুগী মতুংদা ঙরাং ঐহাক কাসিদা লৈখি। ঙসি অয়ুক ঐহাক্না অমুক হন্না বাবা বিশ্বনাথ, ইমা অন্নপুরনা, অমসুং ইমা গঙ্গা চৎপগী লাইবক ফবা অমা ফংজরে। অদুগা হৌজিক, ইমা গঙ্গাগী মমিং থোনবা এক্সপ্রেশৱে অসি শঙ্গাবগী খুদোংচাবা ফংজরে। উত্তর প্রদেশ সরকারনা এক্সপ্রেশৱে অসিগী মমিং ইমা গঙ্গাগী মমিং থোনবদা ঐ হরাওই। মসিনা ঐখোয়গী চাওখৎ-থৌরাংগী মীৎয়েং অদু উৎলি অমসুং ঐখোয়গী হেরিতেজসু উৎলি। উত্তর প্রদেশকি মীওই লাখ কয়াবু গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদা নুংঙাইবা ফোঙদোকচরি ।

মরুপশিং,

ঙসি অসি গনতন্ত্রগী থৌরমদসু মরুওইবা নুমীৎ অমনি। হৌজিক বঙ্গালদা ভোৎ থাদবগী অনিশুবা তাঙ্কক চত্থরি, অমসুং রিপোরতশিংনা ভোৎ থাদবগী চাং য়াম্না ৱাংনা উবা ফংলি। অহানবা ফেজগুম্না মীয়াম্না মশিং য়াম্না ভোৎ থাদনবা লাকলি, অমসুং সোসিয়েল মীদিয়াদা শাংলবা ক্যুগী ইমেজশিং শন্দোকলি। বঙ্গালদা ভোৎ থাদবা অসি অকিবা লৈতবা এতমোশ্ফিয়ার অমদা পাঙথোক্লি, হৌখিবা চহি তরাগী খুজিং ৬-৭ অসিদা খনবদা ৱাবা থৌদোক অমনি। মীয়ামনা অকিবা লৈতনা মখোয়গী ভোৎ থাদরি। মসি লৈবাক অসিগী সংবিধান অমসুং লৈবাক অসিগী মপাঙ্গল কনখৎলকলিবা গনতন্ত্রগী গুন লৈবা খুদম অমনি। ঐহাক্না বঙ্গালগী অথোইবা মীয়াম্বু মখোয়গী হকশিংগী মতাংদা অসুক য়াম্না চেকশিন্না অমসুং মশিং য়াম্না ভোৎ থাদবগীদমক থাগৎপা ফোঙদোকচরি। ভোৎ থাদবা লোয়দ্রিঙৈদা হৌজিকসু পূং কয়া লেপ্লি, অমসুং গনতন্ত্রগী কুম্মৈ অসিদা চপ মান্নবা থৌনাগা লোয়ননা বঙ্গালগী মীয়ামদা শরুক য়ানবা ঐনা তকশিল্লি।

 

মরুপশিং,

মতম খরগী মমাঙদা বিহারদা মীখল পাংথোকখিবা মতমদা বিজেপি-এন.দি.এ.না অচৌবা মায়পাকাপা অমা মায়পাকাখি, মসিনা পুৱারি অমা শেমখি। ঙরাং খক্তদা গুজরাৎতা ম্যুনিসিপাল কোরপোরেশনশিং, ম্যুনিসিপালিতিশিং, দিস্ত্রিক্তা পঞ্চায়ৎশিং, তাওন পঞ্চায়ৎশিং, অমসুং তেহসিল পঞ্চায়ৎকি মীখলগী ফলশিং লাওথোকখ্রে। অদুগা অদোম উত্তর প্রদেশকি ঐহাক্কি ইচিল-ইনাওশিং, ম্যুনিসিপালিতি অমসুং পঞ্চায়ৎকি চাদা ৮০দগী ৮৫ ফাওবা বি.জে.পি. অমসুং ঐহাক্না থাজবা থম্লি মদুদি বি.জে.পি.না রাজ্য মঙা অসিদাসু পুৱারি ওইরবা মায়পাকপগী হেৎরিক অমা ফংলগনি। মে ৪গী ফলশিং অসিনা চাওখৎলবা ভারত অমগী রিজোল্ব মপাঙ্গল কনখৎহল্লগনি অমসুং লৈবাক অসিগী চাওখৎপদা অনৌবা ইনর্জি ইনজেক্ত তৌরগনি।

মরুপশিং,

লৈবাক অসিগী খোঙজেল য়াংনা চাওখৎনবগীদমক, ঐখোয়না মোদর্ন ইনফ্রাস্ত্রকচরসু য়াম্না থুনা শেমগৎকদবনি। ২০২১গী দিসেম্বরদা ঐহাক শাহজাহানপুরদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেগী য়ুমফমদা লাকখি। চহি মঙা শুদ্রি, অদুগা অদোম্না উবিরমগনি, লৈবাক অসিগী খ্বাইদগী চাওবা এক্সপ্রেশৱেশিংগী মনুংদা অমা ওইরিবা উত্তর প্রদেশকি খ্বাইদগী শাংবা গ্রীন কোরিদোর এক্সপ্রেশৱে অসি চহি মঙাগী মনুংদা লোয়শিনখ্রে। ঙসি, মসি হারদোইদসু শঙ্গাবা হৌরি। মসি খক্তা নত্তনা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে শাবগী থবক লোয়রবা মতুংদা মসিগী শাংদোকপগী থবকসু হৌখ্রে। অথুবা মতমদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি মীরুৎকি মপানদা হরিদ্বার ফাওবা শাংদোক্লগনি। মসিবু মখা তানা শিজিন্ননবগীদমক ফররুখাবাদা লিঙ্ক্ এক্সপ্রেশৱে শাগনি, মসিবু অতোপ্পা এক্সপ্রেশৱেশিংগা শম্নহনগনি। মসি দবল ইনজিন সরকারগী মীৎয়েংনি! মসি বি.জে.পি.গী সরকারগী থবক্কি খোঙজেলনি! মসি বি.জে.পি.গী সরকারগী থবক তৌবগী মওংনি!

 

ইচিল-ইনাও অমসুং ইচল-ইচেশিং,

নুমীৎ খরনিগী মমাঙদা ঐহাক্না দিল্লী-দেহরাদুন এক্সপ্রেশৱে শঙ্গাবগী খুদোংচাবা ফংজখি। ঐহাক্না মতম অদুদা হায়খি মদুদি নৌনা শাবা এক্সপ্রেশৱেশিং অসি চাওখৎলকলিবা ভারতকি পাম লায়নাশিংনাি, অমসুং মোদর্ন পাম লায়নাশিং অসিনা ঙসি ভারতকি মঙাল নাইরবা তুংলমচৎকি পাওজেল পিরি।

মরুপশিং,

লম্বি অমগীদমক চহি তরাগী খুজিং কয়া ঙাইদুনা লৈবা মতম অদু লোয়খ্রে! লাওথোকখ্রবা মতুংদা ফাইলশিং অসি চহি কয়া লেংদনা লৈগনি! মীখলগী য়ুম্ফম থোনগনি, মদুগী মতুংদা সরকারশিং লাক্কনি অমসুং চৎকনি, অদুবু থবক অদুগাি খুদম অমত্তাা লৈরমলোই। করিগুম্বা মতমদা মকোক থোঙবা ওফিসিএলশিং না অরিবা ফাইলশিং থিনবা চহি অনি থবক তৌবা তাখি। দবল ইনজিন সরকার অমদা য়ুমফম শ্তোনশিং থম্মি, অমসুং হৌদোকপগী থৌরমশিংসু মতম চা না পাংথোকই। মরম অসিনা, ঙসি য়ু.পি.গী এক্সপ্রেশৱেদগী হেন্না য়াংনা করিগুম্বা অমত্তাা লৈরবদি, মসি য়ু.পি.গী চাওখৎপগী খোঙজেলনি।

মরুপশিং,

মসিগী এক্সপ্রেশৱে অসি খোঙজেল য়াংনা চেনবা লম্বি খক্তামক নত্তে। মসি অনৌবা ওইথোকপা য়াবশিং, অনৌবা মংলানশিং, অমসুং অনৌবা খুদোংচাবশিংগী থোঙ অমনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি চাওরাক্না কিলোমীতর ৬০০ শাংই। মসিনা ৱেস্তরন য়ু.পি.দা লৈবা মীরুৎ, বুলন্দশাহর, হাপুর, অমরোহা, শম্ভল, অমসুং বদাওন কোন্সিল্লি; সেন্ৎরেল য়ু.পি.দা লৈবা শাহজাহানপুর, হারদোই, উন্নাও, অমসুং রায় বরেলি; প্রতাপগর অমসুং প্রয়াগ্রাজগা লোয়ননা নোংপোক য়ু.পি.গী অতোপ্পা অকোয়বদা লৈবা জিলাশিংগা লোয়ননা য়ু.পি. গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা মফমশিং অসিদা লৈরিবা মীওই লাখ কয়াগী পুন্সিদা অহোঙবা পুরক্লগনি।

 

মরুপশিং,

হায়রিবা মফমশিং অসি গঙ্গা তুরেল অমসুং মসিগী মনাক নকপদা লৈবা লমহাংদা খোঙহামদবা লৈমায়না থৌজাল ফংলে। অদুবু মমাঙগী সরকারশিং না লৌমীশিংবু য়েংশিনবিদবনা মরম ওইদুনা মখোয় অৱাবা তারবা মতমদা থুংলখি! লৌমীশিংগী মহৈ-মরোংশিং অচৌবা কৈথেলশিংদা য়ৌবা ঙমখিদে। কোল্দা শ্তোরেজ ফেসিলিতি অমসুং লোজিশ্তিক্সকি অৱাৎপা লৈখি। লৌমীশিং না মখোয়গী কন্না হোৎনজমলগীদমক মতিক চাবা মমল পিখিদে। হৌজিক খুদোংচাদবশিং অসি য়াম্না থুনা কোকহনবা ঙম্লগনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা অতেনবা মতমগী মনুংদা অচৌবা কৈথেলশিংদা য়ৌবা ঙম্লগনি। মফম অসিদা লৌউ-শিংউগীদমক্তা দরকার ওইবা ইনফ্রাস্ত্রকচর শেমগৎলগনি, মসিনা ঐখোয়গী লৌমীশিংগী শেন্থোক হেনগৎহনগনি।

মরুপশিং,

গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা উত্তর প্রদেশকি মতোন অমখক্কা অতোপ্পা ময়ায় অমগা শম্নহনবতা নত্তনা মসিনা এন.সি.আর.গী অচৌবা পোতেন্সিয়েলসু নক্না পুরক্লগনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদা গাড়ীশিং চেনবা খক্তা নত্ত না মসিগী বেঙ্কতা অনৌবা ইন্দস্ত্রিগী খুদোংচাবশিংসু শেমগৎলগনি। মসিগীদমক্তা হরদোইগুম্বা অতোপ্পা জিলাশিংদা ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরশিং শেমগৎলি। মসিনা হরদোই, শাহজাহানপুর, অমসুং উন্নাও য়াওনা জিলা ১২ পুম্নমক্তা অনৌবা ইন্দস্ত্রিশিং পুরক্লগনি। ফার্মাসিয়ুতিকেল অমসুং তেক্সতাইলগুম্বা তোঙান তোঙানবা সেক্তরশিংদা ক্লস্তরশিং শেমগৎলগনি। নহারোলশিংগীদমক অনৌবা থবক ফংনবগী খুদোংচাবশিংসু শেমগৎলগনি।

মরুপশিং,

ঐখোয়গী নহারোলশিং মশামক্না মুদ্রা য়োজনা অমসুং ও.দি.ও.পি.গুম্বা স্কীমশিংগী শক্তিগা লোয়ননা অনৌবা রেকোরদশিং থম্লি। মফম অসিদা অপিকপা ইন্দস্ত্রিশিং অমসুং এম.এস.এম.ই. কনেক্তিবিতি ফগৎহনবনা মখোয়গীদমক্তসু অনৌবা লম্বি হাংদোক্লগনি। মীরুৎকি শান্ন-খোৎনবগী ইন্দস্ত্রি, শম্ভলগী খুৎ-শা হৈবা, বুলন্দশহরগী সেরামীক, হরদোইগী হেন্দলুম, উন্নাওগী লেদর, অমসুং প্রতাপগরগী অম্লাগী পোৎথোকশিং পুম্নমক অসি নেশ্নেল অমসুং ইনতরনেশ্নেল মারকেৎতা অচৌবা মওংদা য়ৌরগনি। মসিনা ইমুং লাখ কয়াগী শেন্থোক হেনগৎহনগনি। ঐঙোন্দা হায়বিয়ু, মমাঙগী এস.পি.গী সরকারনা হারদোই অমসুং উন্নাওগুম্বা জিলাশিংদা ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরশিং শাবগী ৱাখল ফাওবা খনবা ঙম্লমগদ্রা? ঐখোয়গী হারদোইদা চৎপাা এক্সপ্রেশৱে অমা কনাগুম্বা অমনা খনবিরমগনি? মসিগী থবক অসি বি.জে.পি.গী সরকারগী মখাদা খক্তদা ওইথোকপা য়াই।

 

মরুপশিং,

মতম অমদা উত্তর প্রদেশ অসি তুং কোয় না চৎপা অমসুং অনাবা লৈবা রাজ্য অমা ওই না লৌনরমমী। ঙসিদি চপ মান্নবা উত্তর প্রদেশ অসি দোল্লর ত্ৃলিয়ন ১গী ইকোনোমী অমা ওইনাবা মাংলোমদা চঙশিল্লি। মসি অচৌবা পান্দম অমনি। অদুবু মসিগী মতুংদা লৈরিবা শেম শাবা অসিদি চপ মান্ননা চাওই। মরমদি উত্তর প্রদেশতা অসিগুম্বা অচৌবা পোতেন্সিয়েল লৈরি। উত্তর প্রদেশতা লৈবাক অসিগী খ্বাইদগী চাওবা নহা ওইরিবা মীশিংগী পোতেন্সিয়েল লৈরি। মসিগী পাঙ্গল অসি ঐখোয়না উত্তর প্রদেশপু মেন্যুফেকচরিং হবা অমা ওইহন্নবা শিজিন্নরি। উত্তর প্রদেশতা অনৌবা ইন্দস্ত্রিশিং অমসুং ফেক্তারিশিং লিংখৎলগনি। মফম অসিদা অচৌবা ইনভেস্তমেন্তশিং লাকপা মতমদা খক্তদা ইকোনোমীক প্রোগ্রেশকি থোঙ হাংদোক্কনি, নহারোলশিংদা থবক ফংবগী খুদোংচাবা পিরগনি।

ইচিল-ইনাও অমসুং ইচল-ইচেশিং,

মসিগী মীৎয়েং অসি ৱাখলদা থমদুনা চহি কয়াদগী লেপ্ত না থবক পায়খত্তুনা লাকলি। মতম অমদা মায়গ্রেসনগীদমক্তা খঙনরম্বা উত্তর প্রদেশ অসি হৌজিক্তি ইনভেস্তর্স সমীৎ অমসুং ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরগীদমক খঙনরে হায়বা অদোম পুম্নমক্না মশামক্না উবা ফংলি। লৈবাক শিনবা থুংনা অমসুং মালেমগী কম্পেনিশিংনা উত্তর প্রদেশকি ইনভেস্তর শমীৎতা শরুক য়ারি। উত্তর প্রদেশতা লুপা কোতি লিশিং কয়া শেল থাদরি। করিগুম্বা ঙসি মালেমদা ভারত অসি অনিসুবা খ্বাইদগী চাওবা মোবাইল ফোন মেন্যুফেকচরর ওইরবদি, মসিদা উত্তর প্রদেশকি মশক থোকপা কন্ত্রীব্য়ুশন অমা লৈরি। ঙসিদি ভারতনা পুথোকপা মোবাইল ফোনশিংগী শরুক অহুম থোকপগী অমদি ঐখোয়গী রাজ্যদা শাবনি। নুমীৎ খরনিগী মমাঙদা ঐহাক্না নোইদাদা সেমিকন্দক্তর প্লান্ত অমগী য়ুম্ফম থোনখি।

মরুপশিং,

ময়াম পুম্নমক্না খঙবিরিবা অদুনি মদুদি এ.আই.গী মতম অসিদা সেমিকন্দক্তরশিং অসি অচৌবা লম অমা ওইরক্লি। মসিদাসু মাংজিল থানবা উত্তর প্রদেশনা মাংলোমদা চঙশিল্লি। তুংদা ঙমখৈ লৈতবা খুদোংচাবশিং লৈবা পাক চাওরবা লম অমা উত্তর প্রদেশকি মীয়ামগীদমক হাংদোক্লি।

 

মরুপশিং,

উত্তর প্রদেশকি ইন্দস্ত্রিগী চাওখৎ-থৌরাং অসিসু ভারতকি স্ত্রেতেজিক পাঙ্গল ওইরক্লি। ঙসি লৈবাক অসিগী দিফেন্স কোরিদোর অনিগী মনুংদা অমদি উত্তর প্রদেশতা লৈরে। অচৌবা দিফেন্স কম্পেনিশিং না মফম অসিদা ফেক্তারিশিং লিংখৎলি। মালেমগী ওইনা শকখঙলবা ব্রহমোশগুম্বা মীশাইলশিং উত্তর প্রদেশতা শারি। দিফেন্স ইক্বিপমেন্তশিং শাবদা মথৌ তাবা অপিকপা শরুকশিং শপ্লাই তৌনবা এম.এস.এম.ই. মসিনা উত্তর প্রদেশকি এম.এস.এম.ই. অপিকপা জিলাশিংদসু হৌজিক্তি নহারোলশিংনা অচৌবা ইন্দস্ত্রিশিংদা য়াওবগী মংলান মংফাওনহনবা ঙম্লে।

মরুপশিং,

ঙসি উত্তর প্রদেশ অসি অসুক য়াম্না য়াংনা চাওখৎলক্লি মরমদি উত্তর প্রদেশনা অরিবা রাজনিতিদা অহোঙবা পুরকপগা লোয়ননা অনৌবা মশক অমা শেমগৎলে । নিংশিংবিয়ু, মতম অমদা উত্তর প্রদেশ অসি পোৎচৈশিংগীদমক খঙনরম্মি। ঙসিদি চপ মান্নবা রাজ্য অদু লৈবাক অসিদা খ্বাইদগী য়াম্না এক্সপ্রেশৱে লৈবা রাজ্য ওইরে। হান্নদি য়ুমলোননরিবা জিলাশিং ফাওবা চৎপাদা অৱাবা ওইরম্মি। অদুবু ঙসিদি উত্তর প্রদেশতা ইনতরনেশ্নেল এয়রপোরৎ মঙা য়াওনা এয়রপোরৎ ২১ লৈরে । নোইদা ইনতরনেশনেল এয়ারপোরতসু হৌদোকখ্রে। নোইদা ইনতরনেশ্নেল এয়রপোরৎ অসি গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদগী পূং খরগী মনুংদা চৎলগা লৈ।

মরুপশিং,

ঐখোয়গী উত্তর প্রদেশ অসি ভগবান রাম অমসুং ভগবান কৃষ্ণগী লমনি। অদুবু মমাঙগী সরকারশিংগী থবকশিং না মরম ওইদুনা ক্রাইম অমসুং জঙ্গল রাজ অসি য়ু.পি. য়ু.পি.গী মাফিয়াশিংদা ফিল্মশিং শেমখি। অদুবু হৌজিক্তি লৈবাক শিনবা থুংনা য়ু.পি.গী লো অমসুং ওরদর অসি খুদম ওই না পনখ্রে।

 

মরুপশিং,

শক্তি মাংখ্রবা অমসুং রিসোর্স লৌথোকপগী থবক্তা য়াওরবা সমাজৱাদি পার্তিনা উত্তর প্রদেশকি প্রোগ্রেশ অসিবু নুংঙাইহনবা ঙমদ্রি। মখোয়না উত্তর প্রদেশপু অমুক হন্না হৌখিবা মতমদা পুশিল্লকপা পামলি। মখোয়না খুন্নাই অসিবু অমুক হন্না খায়দোকপা অমসুং খায়দোকপা পাম্মী।

মরুপশিং,

সমাজৱাদি পার্তি অসি চাওখৎ-থৌরাংগী মায়োক্তা অমসুং নুপীগী মায়োক্তা লৈবা অনিমক ওইরি। হন্দক্কী মতম অসিদা লৈবাক অসিনা সমাজৱাদি পার্তি অমসুং কংগ্রেশগুম্বা পার্তিশিংগী অশেংবা মওং মতৌ অদু অমুক হন্না উবা ফংলে। কেন্দ্রদা লৈবা এন.দি.এ.গী সরকারনা পার্লিয়ামেন্ততা নারি শক্তি বন্ধন এমেন্দমেন্ত হৌদোকখি। করিগুম্বা মসিগী এমেন্দমেন্ত অসি পাস তৌরম্লবদি, নুপীশিংনা ২০২৯গী মীখলদগী হৌনা লেজিস্লেতিবা এশেম্বালি অমসুং লোক শভাদা রিজরবেশন ফংলমগনি! ঐখোয়গী ইমা অমসুং ইচে মশিং য়াম্না এম.পি., এম.এল.এ. ওইরমগনি অমসুং দিল্লী অমসুং লখনৌদা য়ৌরম্লগনি। অমসুং মদুসু, অতোপ্পা ক্লাস অমত্তগী সিৎ হন্থহনদনা! অদুবু সমাজৱাদি পার্তিনা মসিগী এমেন্দমেন্ত বিল অসিগী মায়োক্তা ভোৎ থাদখি।

মরুপশিং,

মসিগী বিল অসিনা রাজ্য পুম্নমক্কি সিৎশিং হেঙ্গৎলম্লগনি। ঐখোয়না পার্লিয়ামেন্ততা ময়েক শেঙনা হায়খি মদুদি রাজ্য পুম্নমক্কি সিৎশিং অসি চপ মান্নবা চাংদা হেনগৎলগনি। অদুবু উত্তর প্রদেশপু লান্না লমজিংদুনা রাজনিতি তৌরিবা দি.এম.কে.গুম্বা পার্তিশিংনা উত্তর প্রদেশকি সিৎশিং হেনগৎলক্কনি হায়বগী ৱাফম অসি য়ানিংদবা ফোঙদোকখি। অদোম্না উবিরমগনি, সমাজৱাদি পার্তিনা পার্লিয়ামেন্ততা মখোয়গী খোঞ্জেল অদু ইকোক নোঞ্জরম্মি। এস.পি.গী মেম্বরশিং অসিনা অদোমগী ভোৎ লৌদুনা পার্লিয়ামেন্ততা চৎলু, মদুগী মতুংদা পার্লিয়ামেন্ততা উত্তর প্রদেশকি মীয়াম্বু লান্না লমজিংবিরিবা মীওইশিংগা লোয়ননা লেপ্লি। মরম অসিনা উত্তর প্রদেশকি মীয়ামনা সমাজৱাদি পার্তিনা কৈদৌঙৈদা অহোঙবা পুরকপা ঙম্লোই হায়না হায়রি। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এন্তি-ৱুমেন পোলিতিক্সতা য়াওগনি। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এপিজমেন্ত অমসুং ক্রিমিনেলশিংগা লোয়ননা লৈরনি। এস.পি.না কৈদৌঙৈদসু নেপোতিজম অমসুং কাশ্তিজমগী মথকতা ৱাংখৎপা ঙম্লোই। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এন্তি-দিবেলপমেন্ত পোলিতিক্সতা য়াওগনি। উত্তর প্রদেশনা এস.পি. অমসুং মসিগী মরুপশিংদগী চেকশিনগদবনি।

মরুপশিং,

ঙসি লৈবাক অসিনা ৱারেপ অমখক্তংগা লোয়ননা মাংলোমদা চঙশিল্লি- চাওখৎলবা ভারতকি ৱারেপ! মসিগী ৱারেপ অসি মপুঙ ফাহনবদা উত্তর প্রদেশকি মরুওইবা থৌদাং লৈরি। ঙসি মালেম পুম্বসি করমনা লৈবগে হায়বদু অদোম পুম্নমক্না উবিরমগনি—

লান, তংদু লৈতাবা অমসুং তংদু লৈতাদবদা থুংলখি। অচৌবা লৈবাকশিংগী ফীভম অসি য়াম্না শাথিনা শোকহল্লি। অদুম ওইনমক ভারতনা চাওখৎপগী লম্বিদা চপ মান্নবা খোঙজেলদা মাংলোমদা চঙশিল্লি। মপানগী য়েক্নবশিংনা মসি পামদে। মখোয়গী শক্তিগী লমহাংদা খোঙহামদবা ইনতরনেল ফোরশ খরনা ভারতপু শোকহন্নবা হোৎনরি। অদুম ওইনমক, ঐখোয়না শাফবখক্তা নত্তনা চাওখৎ-থৌরাংগী লমদা অনৌবা মায়লশ্তোনশিংসু ফংলি। ঐখোয়না আৎমনিরভর ভারত অভিয়ান অসি মাংলোমদা পুখৎলি। ঐখোয়না খ্বাইদগী মোদর্ন ইনফ্রাস্ত্রকচর শেমগৎলি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি মায়কৈ অসিদা অতোপ্পা অচেৎপা খোঙথাং অমনি। ঐহাক্না থাজবা থমলি মদুদি উত্তর প্রদেশকি মীয়ামনা মখোয়গী কন্না হোতনবা অমসুং তেলেন্তকি খুৎথাংদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেনা ঐখোয়গী য়ুমথোঙদা পুরক্কদবা ওইথোকপা য়াবশিং অদু খঙলগনি। মসিগী ৱারেপ অসিগা লোয়ননা অদোম পুম্নমকপু থম্মোই শেঙনা নুংঙাইবা ফোঙদোকচরি। অদোম্বু য়াম্না থাগৎচরি!

ভারত মাতা কি জয়।

ভারত মাতা কি জয়।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

অদোম্বু হন্না হন্না থাগৎচরি!