য়োর এক্সিলেন্সী, রাস্ত্রপতিজী,

লৈবাক অনিমক্কী দেলিগেৎশিং,

মীদিয়াগী মরুপশিং,

খুরুমজরি!
মবু-হায়!

হৌরকপদা, ঐহাক্না রাস্ত্রপতি অমসুং মহাক্কী মীহুৎ কাংবুবু ভারত্তা তরাম্না ওকচরি। চহি অসিদা ভারত অমসুং ফিলীপিন্সনা মখোয়গী দিপ্লোমেতিক মরিগী চহি 75শুবা মপোক কুমওন পালন তৌরি। মতাং অসিদা, মহাক্কী খোঙচৎ অসিগী অখন্নবা ৱাহন্থোক লৈ। ঐখোয়গী দিপ্লোমেতিক রিলেসনশিপশিং অসি অনৌবা ওইরম্বা য়াই, অদুবু ঐখোয়গী সিভিলাইজেসনগী মরীদি অরিবা মতমদগী লৈরক্লি। ফিলীপিন্সকী রামায়ন - "মহারাদিয়া লাবনা" - অসি ঐখোয়গী চহি চা কয়াগী কলচরেল বোন্দশিংগী অহিংবা খুদম্নি। লৈবাক অনিগী নেস্নেল ফ্লাৱরশিং য়াওবা নৌনা পুথোকখিবা পোস্তেজ স্তাম্পশিংনা ঐখোয়গী মরুপ-মপাং ওইবগী মগুন অদু উৎলি।

মরুপশিং,
লেভেল খুদিংমক্তা দাইলোগ অমসুং হীরম খুদিংমক্তা তেংবাং পীনবা অসি মতম কয়াগী মমাংদগী ঐখোয়গী মরীশিংগী মগুন অমনি। ঙসি রাস্ত্রপতি অমসুং ঐহাক্না ম্যুচেল কোওপরেসন, রিজনেল ইসুশিং অমসুং মালেমগী ওইরিবা ফীভমশিং কুপ্না খন্নখি। ঙসি ঐখোয়না ঐখোয়গী মরীশিংবু স্ত্রেতেজিক পার্তনরশিপকী থাক পীনবা ৱারেপ লৌখিবা অসি য়াম্না নুংঙাইবা ৱাফম অমনি। মসিগী পার্তনরশিপ অসিগী পোতেন্সিএল অদু মহৈ ওইনা ওন্থোক্নবগীদমক মপুংফাবা এক্সন প্লান অমা শেমখ্রে।

ঐখোয়গী বাইলেতরেল ত্রেদ অসি লেপ্পা লৈতনা হেনগৎলক্লি অমসুং বিলিয়ন দোল্লর 3গী মার্ক অদু লানখ্রে। মসিবু হেন্না মপাঙ্গল কনখৎহন্নবা, ভারত-আসিয়ান ফ্রী ত্রেদ এগ্রীমেন্তকী রিভিয়ু অসি অথুবা মতমদা লোইশিনবা অসি ঐখোয়গী প্রাইওরিতিনি। লোয়ননা, ঐখোয়না বাইলেতরেল প্রিফরেন্সিয়েল ত্রেদ এগ্রীমেন্ত অমগী মায়কৈদা থবক তৌনবা ৱারেপ লৌখ্রে।

ইনফোর্মেসন অমসুং দিজিতেল তেক্নোলোজী, হকশেল, ওতোমোবাইল, ইনফ্রাস্ত্রকচর, মিনরেলস ওইগেরা, সেক্তর খুদিংমক্তা ঐখোয়গী কম্পনীশিংনা থৌনা লৈনা থবক তৌরি। সাইন্স অমসুং তেক্নোলোজীগী লমদা, ভাইরোলোজীদগী AI অমসুং এদিতিব মেনুফেকচরিং ফাওবদা, জোইন্ত রিসর্চ চত্থরি। ঙসি লোইশিনখিবা সাইন্স অমসুং তেক্নোলোজী কোওপরেসন প্লান অসিনা মসিবু মখা তানা শাহৌ পীরগনি।

 

বারানসীদা লৈবা ইন্তরনেস্নেল রাইস রিসর্চ ইন্সতিত্যুৎকী রিজনেল সেন্তরনা অলত্রা-লো গ্লাইসেমিক ইন্দেক্স লৈবা রাইসতা থবক তৌরি। মরম অদুনা, ঐখোয় পুন্না মহাও অমসুং হেল্থ অনিমক্তা থবক তৌরি! দিবেলপমেন্ত পার্তনরশিপকী মখাদা, ঐখোয়না ফিলীপিন্সতা ক্বিক ইম্পেক্ত প্রোজেক্তশিংগী মশিং হেনগৎহল্লগনি হায়না ঐহাক্না নুংঙাইবা ফোংদোকচরি। অমসুং, ঐখোয়না ফিলীপিন্সতা সোভরেন দেতা ক্লাউদ ইনফ্রাস্ত্রকচর শেমগৎপদসু মতেং পাংগনি।

ঐখোয়গী পার্তনরশিপ অসি পৃথীবিদা মপাঙ্গল কনখৎলে, অমসুং হৌজিক ঐখোয়না স্পেসকীদমক শেম-শাবা হৌরে। মসিগীদমক ঙসি এগ্রীমেন্ত অমা খুৎয়েক পীনখ্রে।

মরুপশিং,

দিফেন্সকী লমদা হেনগৎলক্লিবা মরীশিং অসি অচেৎপা নাকল অনিগী থাজবগী খুদম অমনি। মেরিতাইম নেসনশিং ওইনা লৈবাক অনিগী মরক্তা মেরিতাইম কোওপরেসন অসি মহৌশাগী ওইবা অমদি তঙাইফদবা অমনি। ঐখোয়না হ্যুমেনিতরিয়ান এদ, দিজাস্তর রিলিফ, অমসুং সর্চ অমসুং রেস্ক্যু ওপরেসনশিংদা পুন্না থবক তৌমিন্নরি। ঙসি, রাস্ত্রপতি ভারত্তা লৈরিঙৈদা, ইন্দিয়ন নেভীগী জহাজ অহুম্না ইহান হানবা ওইনা ফিলীপিন্সতা নেভী এক্সরসাইজ অমদা শরুক য়াখ্রে। ভারতকী হায়দ্রোগ্রাফিগী জহাজ অসিসু মসিদা য়াওরি।

ভারত্তা লিংখৎখিবা ইন্তর্নেস্নেল ফ্যুজন সেন্তর ফোর দি ইন্দিয়ন ওসিন রিজনদা ফিলীপিন্সনা য়াওরকপদা ঐখোয়না নুংঙাইবা ফোংদোকচরি। ঐখোয়না ফিলীপিন্সকী সরকার অমসুং রাস্ত্রপতিবু পহলগামগী তেরোরিস্ত এতেক্ত অদু অকনবা মওংদা য়ানিংদবা ফোঙদোকপগীদমক অমসুং তেরোরিজমগী মায়োক্তা ঐখোয়গী লান্থেং অসিদা লেপ্লিবা অসিগীদমক থাগৎপা ফোংদোকচরি।

ঙসি খুৎয়েক পীনখিবা ম্যুচেল লিগেল এসিস্তেন্স অমসুং সেঙ্কসন তৌরবা মীওইশিং ত্রান্সফর তৌনবগী মতাংদা য়ানা ৱারোলশিং অসিনা ঐখোয়গী সেক্যুরিতী পার্তনরশিপ অদু হেন্না মপাঙ্গল কনখৎহল্লগনি।

 


মরুপশিং,

ভারতকী তুরিস্তশিংদা ভিজা য়াওদনা চঙবগী ফিলীপিন্সকী ৱারেপ অদু ঐখোয়না তরাম্না ওক্লি। ভারতনা ফিলীপিন্সতগী লাকপা তুরিস্তশিংদা লেম্না ই-ভিজা ফংহন্নবা ৱারেপ লৌখ্রে। চহি অসিদা দিল্লী অমসুং মনিলাগী মরক্তা হকথেংননা ফ্লাইৎশিং হৌনবা থবক পায়খৎকনি। ঙসি লোইশিনখিবা কলচরেল একচেঞ্জ প্রোগ্রাম অসিনা ঐখোয়গী পুৱারী ওইরবা কলচরেল কন্তেক্তশিংবু হেন্না চাউখৎহল্লগনি।

মরুপশিং,

ফিলিপিন্স অসি ঐখোয়গী এক্ত ইস্ত পোলিসী অমসুং 'ওসিয়ন' ভিজনগী মরু ওইবা পার্তনর অমনি। ঐখোয়না ইন্দো-পেসিফিক লমদমদা শান্তি, সেক্যুরিতী, চাউখৎপা অমসুং কাংলোনশিংদা য়ুম্ফম ওইবা কাংলোনগীদমক ৱাশক্লি। ঐখোয়না ইন্তর্নেস্নেল লোশিংগী মতুং ইন্না নেভিগেসনগী নীংতম্বা শৌগৎলি।

মথং চহিদা ফিলীপিন্সনা ASEANগী প্রসিদেন্ত ওইগনি। মসিগী মাইপাকপদা ঐখোয়না মপুং ফানা মতেং পাংগনি।

এক্সিলেন্সী,

ভারত অমসুং ফিলীপিন্স অসি অপাম্বগী মতুং ইন্না মরুপ ওইরি, অমসুং লাইবকনা পার্তনরশিং ওইহল্লি। ভারত মহাসাগরদগী পেসিফিক ফাওবদা, ঐখোয়না মান্নবা ভেল্যুশিংনা পুনশিন্নরি। ঐখোয়গী মরুপ ওইবগী মরী অসি মমাংঙৈ মতমদা মরুপ ওইবতা নত্তে, মসি তুংলমচৎকীদমক থাজবা অমনি।

মহামিঙ্গ সলামত পো।

 

Explore More
প্রধান মন্ত্রীনা শ্রী রাম জন্মভুমি মন্দির দ্বাজরোহন উৎসবতা পীখিবা ৱারোলগী মৈতৈলোন্দা হন্দোকপা

Popular Speeches

প্রধান মন্ত্রীনা শ্রী রাম জন্মভুমি মন্দির দ্বাজরোহন উৎসবতা পীখিবা ৱারোলগী মৈতৈলোন্দা হন্দোকপা
UP's exports to BRICS nations, partners cross $5.36 billion in FY26: Govt

Media Coverage

UP's exports to BRICS nations, partners cross $5.36 billion in FY26: Govt
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of PM’s address on the occasion of completion of two years of the Government of Odisha
June 20, 2026
I extend my heartfelt birthday greetings to President Smt. Droupadi Murmu Ji, I wish her long life and excellent health: PM
Pahadpur village will now be rapidly developed as a solar village, that is, solar power will be ensured in every home here: PM
The vision of the Central Government is the development of India through the development of Eastern India: PM
To uplift tribal society, we are connecting tribal youth with opportunities for education and employment: PM
These children should get better facilities for studies; for this, around 500 Eklavya Model Schools have been opened across the country: PM

जॉय जगन्नाथ! जॉय मां किचकेश्वरी! मोर सबू भाई,भौणी,मां,मौसी मानंकु मोर नमोस्कार।

माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, राज्यपाल श्री हरि बाबु जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी, उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव जी, प्रवती परीदा जी, ओडिशा के मंत्री गणेश सिंह खूंटिया जी, कृष्ण चंद्र महापात्र जी, सांसद नबा चरण माझी जी, मनमोहन सामल जी, बैजयंत पांडा जी, अन्य महानुभाव, भाइयों और बहनों।

हमारा ओडिशा इन दिनों उत्सवों के आनंद में डूबा हुआ है। यहाँ का गणपर्व रज, पिछले हफ्ते ही धूमधाम से मनाया गया है। महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की तैयारियां भी पुरजोश चल रही है। मयूरभंज के बारीपदा रथ यात्रा को लेकर भी उत्साह का माहौल है। और, इस सबके बीच ही लोकतन्त्र का विकास का उत्सव भी चल रहा है। ओडिशा की बीजेपी सरकार ने अपने 2 साल भी पूर्ण किए हैं। इस मौके पर, आप सबके बीच आना, मयूरभंज आने का ये सौभाग्य, और इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति, ये अवसर मेरे लिए बहुत खास है। आपका अपनापन मुझे बार-बार यहां खींच लाता है। मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूँ। और ओडिशा की जनता को डबल इंजन सरकार में विकास यात्रा की भी बधाई देता हूँ, शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, इस अवसर पर मैं पंडित रघुनाथ मुर्मू जी, डॉ. दमयंती बेश्रा जी, और श्री चरण हेम्ब्रम जी जैसी विभूतियों को भी नमन करता हूँ। रघुनाथ मुर्मू जी ने संथाली भाषा के लिए ओल चिकी लिपि का निर्माण किया था। हमारी सरकार ने संथाली भाषा में भारत के संविधान को प्रस्तुत किया है। ओडिशा की संतानों को पद्म सम्मान देकर सम्मानित किया है। पिछले 2 वर्षों में ओडिशा सरकार भी इन सभी विभूतियों के सपनों को पूरा करने में दिन रात पुरुषार्थ कर रही है।

साथियों,

आज का ये अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ीं, ओडिशा की बेटी, माननीय राष्ट्रपति जी हमारे बीच उपस्थित हैं। आज उनका जन्मदिन भी है। मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकमानाएं देता हूं, मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। जनगन्नाथ जी भगवान के श्री चरणों में प्रार्थना करता हूं। ओडिशा की बेटी आज देश के इतने बड़े पद पर पहुंची हैं, हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं, ये हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। राष्ट्रपति जी का व्यक्तित्व, उनका उदार और सहृदय स्वभाव, राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए उनका अटल समर्पण, उन्होंने मयूरभंज ही नहीं, पूरे ओडिशा की पहचान सशस्त की है। मैं इस अवसर पर, उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,

ये कार्यक्रम जब बना, तो इसमें मूल कारण तो लॉजिस्टिक था, लंबे अर्से से यहां आने के लिए चर्चा चल रही थी, लेकिन कोई तालमेल नहीं बैठता था। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस कोलकाता में तय हुआ, तो फिर मैंने कहा अच्छा है, आज बंग दिवस भी है, तो क्यों न मैं सुबह मयूरभंज होकर के शाम को फिर कोलकाता के कार्यक्रम में जाऊं। और इसके कारण ये 20 जून तय हुई। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिसकी मंगल कामनाएं ईश्वरआधीन होती हैं, और इसलिए आज एक शुभ मंगल हो गया, कि राष्ट्रपति का जन्मदिन भी, मुझे आज उनके गांव में जाकर के, उनको शुभकामनाएं देने का अवसर मिला।

साथियों,

आज मैं राष्ट्रपति जी के साथ पहाड़पुर भी गया था। मैं इस क्षेत्र के बच्चों के लिए उनके द्वारा बनवाए गए स्कूल भी गया। बच्चों के साथ कुछ यादगार समय बिताने का अवसर मुझे मिला। मैं देख रहा था, बच्चों के चेहरों की चमक, राष्ट्रपति जी की उपस्थिति और आत्मीयता, वहां मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगा, किसी बच्चे को ये लगा हो कि राष्ट्रपति जी आई हैं, हर बच्चे को लगता था उनकी मां आई है। वे बच्चे भी बहुत भाग्यवान हैं, कैसे इस क्षेत्र के गरीब, वंचित और आदिवसी समाज के बच्चों को प्रेरणा मिल रही है, उन्हें देश के लिए कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास मिल रहा है। मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूं कि उन्होंने इन अनुभवों से गुजरने का आज मुझे अवसर दिया। ये मेरा दिन, एक प्रकार से मेरी शिक्षा का दिवस था, कुछ सीखने का अवसर था मेरे लिए।

साथियों,

मैं आपको सरकार का ये निर्णय भी बताना चाहता हूं कि पहाड़पुर गांव को, अब तेजी से सुर्यग्राम, सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी यहां हर घर में सोलर बिजली बने, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। और हम तो बड़ा गर्व के साथ कह सकते हैं कि यही ओडिशा है, जहां कोणार्क में सुर्य मंदिर की एक पहचान है, वैसे ही पहाड़पुर सुर्यग्राम की पहचान बन जाएगा। सुर्यग्राम, से पूरा गांव सोलर विलेज के रूप में पहचाना जाए, इस दिशा में काम तुरंत शुरू हो ऐसा मेरा प्रयास रहेगा। इस अभियान से, पहाड़पुर के लोगों को मुफ्त सोलर बिजली भी मिलेगी और जो ज्यादा बिजली होगी, वो उनकी आय भी बढ़ाएगी।

साथियों,

ओडिशा में डबल इंजन सरकार के 2 साल कई मायनों में ऐतिहासिक रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी के नेतृत्व में, आज ओडिशा तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। आज यहां गरीब कल्याण की योजनाओं से सामान्य मानवी का जीवन बदल रहा है। ओडिशा में आर्थिक गतिविधियाँ निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने का सामर्थ्य आज नज़र आ रहा है। यहाँ रोजगार के नए अवसरों के लिए तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

केंद्र सरकार का विज़न है- पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास। इसीलिए, हम पूर्वोदय की नीति पर काम कर रहे हैं। जिस पूर्वी भारत को काँग्रेस के दौर में पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वो प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है। आज ओडिशा खुद इस बदलाव का साक्षी बन रहा है।

साथियों,

ओडिशा के पास समुद्र है, खनिज संपदा है, कृषि की शक्ति है और सबसे सामर्थ्यवान यहां युवा प्रतिभा है। इस सामर्थ्य का पूरा उपयोग करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं। इसीलिए, आज ओडिशा में रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। नई सड़कें और आर्थिक कॉरिडोर बन रहे हैं। पोर्ट्स का विस्तार हो रहा है। ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक उद्योगों में निवेश आ रहा है। आज भी यहां ओडिशा के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इन परियोजनाओं पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी इन परियोजनाओं से, आप सभी लोगों को बहुत सुविधा होने वाली है। मैं इन परियोजनाओं के लिए ओडिशा के लोगों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारी सरकार ओडिशा के संसाधनों को, ओडिशा की संभावनाओं में बदल रही है। ओडिशा में बड़ा निवेश आए, यहाँ नए उद्योग लगें, इसके लिए उत्कर्ष ओडिशा जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत, अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की अनेक मेगा परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बने, इसके लिए ओडिशा के समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। पावर सेक्टर में 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश हो रहा है। समृद्ध शहर योजना के तहत शहरी विकास को गति दी जा रही है। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों का परिणाम हमें देखने को मिलने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार की बड़ी विशेषता ये है कि वो खुद जनता तक पहुँचती है। हमारा प्रयास है कि सामान्य नागरिक को किसी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम लोगों की अपेक्षाएँ आज पूरी हो रही हैं। आप देखिए, धान खरीद में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल देने का निर्णय लिया गया। सुभद्रा योजना के माध्यम से एक करोड़ से अधिक माताओं और बहनों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। आयुष्मान भारत को लागू करके ओडिशा के परिवारों के लिए देशभर के अस्पतालों में इलाज का रास्ता खोला गया। आदिवासी विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए माधो सिंह हाथ-खर्चा योजना शुरू की गई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए श्रीमंदिर के श्रद्धालुओं के लिए सारे द्वार खोल दिए गए, चारों-चार द्वार खोल दिए गए। डबल इंजन की ताकत मिलने से आज यहां चारों दिशाओं में विकास सुनिश्चित हो रहा है।

साथियों,

यहां बीते दिनों स्वच्छता को लेकर जो विशेष अभियान चला है, उसकी भी मुझे जानकारी मिली है। और मैं देख रहा था सोशल मीडिया में तो सफाई अभियान छाया हुआ है, यानी स्वच्छता से स्वागत, मैं ओडिशा की इस पहल के लिए, यहां के नगारिको का, सरकार का, मुख्यमंत्री जी का, इस प्रशंसनीय पहल के लिए बहुत ही प्रशंसा करता हूं, संतोष व्यक्त करता हूं।

साथियों,

स्वच्छता हमारे जीवन शैली का हिस्सा होनी चाहिए, हर रोज की आदत होनी चाहिए। मैं यहां स्वच्छता अभियान से जुड़े सभी लोगों का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

मैंने अपने जीवन का कुछ महत्वपूर्ण कालखंड जनजातीय क्षेत्रों में एक वालंटियर के रूप में काम करते हुए बिताया है। माननीय राष्ट्रपति जी तो बरसों तक ऐसे क्षेत्रों में चुनौतियां का सामना करती रही हैं। आप और हम जानते हैं कि जनजातीय क्षेत्रों में जीवन की सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंचती थीं। इसलिए, हमारी सरकार ने जनजातीय विकास को बहुत प्राथमिकता दी है। हमने ऐसे इलाकों को सुविधाओं से जोड़ने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, आवास से जुड़े विभाग मिलकर के सर्वागीण विकास के लिए काम कर रहे हैं। ताकि वहां रहने वाले लोगों की कठिनाइयां दूर हो सकें। इसी तरह, पीएम जनमन अभियान तो राष्ट्रपति जी के साथ हुई चर्चाओं का, उनके मार्गदर्शन का ही परिणाम है। ये विशेष रूप से देश के ऐसे जनजातीय समूहों के लिए है, जो जनजातीय समुदाय में भी सबसे पीछे रह गए हैं। ऐसे जनजातीय समुदायों तक अब सरकार स्वयं चलकर उनके गांव, उनके दरवाजे तक पहुंच रही है।

साथियों,

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए हम आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए देश में करीब 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं। करीब साढ़े सात सौ एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक लेवल पर, डेढ़ करोड़ से अधिक आदिवासी बच्चों को सैकड़ों करोड़ रुपए की स्कॉलर्शिप दी गई है। मुझे ये बताते हुए भी खुशी है कि यहां मयूरभंज में एक और नवोदय विद्यालय बनाने के लिए भी स्वीकृति दे दी गई है।

साथियों,

दूर-दराज इलाकों में रहने के कारण, जनजातीय समाज स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयों का भी शिकार रहा है। सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियाँ एक बहुत बड़ी चुनौती रही हैं। हमने इनके खिलाफ देश भर में अभियान चलाया, चार करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बांटे, मुफ्त इलाज के लिए करोड़ों आदिवासी लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिये। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम आज हमें दिख रहा है। आदिवासी समाज दशकों पुरानी कठिनाइयों से बाहर आ रहा है, और, विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है।

साथियों,

आने वाले समय में हमारे सामने दो महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। और, 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। यानी, ओडिशा और देश का लक्ष्य एक ही दिशा में है। ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा। मुझे ओडिशा के सामर्थ्य पर भरोसा है। हमें मिलकर ओडिशा को विकास की बुलंदियों पर पहुंचाना है।

साथियों,

कल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाना है। ज्ञान और योग की धरती ओडिशा, योग यहाँ के संस्कारों का हिस्सा रहा है। मैं ओडिशा की धरती से पूरे देश से, पूरी दुनिया के लोगों से आह्वान करता हूँ, आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में योग दिवस में हिस्सा लें। मैं एक बार फिर आप सभी को आज के अवसर, और विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं माननीय राष्ट्रपति जी का विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूं, कि मुझे उनके साथ उनकी कर्मभूमि को देखने का मौका मिला। एक बार फिर उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।