Work is on for developing 21st century attractions in Delhi: PM

প্রধান মন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদীনা ঙসি লৈবাকসিগী অচৌবা অমদি অপিকপা ময়োল্লম খুদিংমক ভারতকী শেন্মিৎলোনগী মকোন ওইরক্লগনি, অদুম ওইনমক, দিল্লীনা লৈবাক্কী কোনুং ওইনা ভারতবু মালেমদা মফম কল্লিবা ২১ শুবা চহীচাগী মতিংগী মমি তাহনগদবনি হায়না ফোঙদোকখ্রে‍। লিরবা ময়োল্লম অসি অনৌবা মতমগা চুননবা শেমগৎপগী থৌরাং কয়া পায়খৎলি হানা মহাক্না হায়খি‍। ৱাফমসি ভিদিও কন্ফরেন্সিংগী খুত্থাঙদা লৈবাকসিগী অহানবা দ্রাইভর য়াওদবা শঙ্গাবা অমদি দিল্লী মেত্রোগী এয়রপোর্ত এক্সপ্রেস লাইন্দা নেসনেল কম্মন মোবিলিতী কার্দ হৌদোক্লবা মতুংদা ৱা ঙাঙবদা ফোঙদোকখিবনি‍।

শ্রী মোদীনা হায়খিবদা ইলেক্ত্রিক মোবিলিতীবু তেক্স রিবেত পীদুনা ইন্সেন্তিভাইজ তৌরে‍। কোনুং অসিগী অরিবা মচাক মথুমশিং অনৌবা তেক্নোলোজীদা য়ুম্ফম ওইদুনা অহোংবা পুরক্লি‍। ৱাখল্লোন অসি কোল্লুপ কয়া রিগুলরাইজ তৌদুনা স্লমদা লৈবা মীওইশিংগী পুন্সি মহিং ফগৎহনবা অমদি লৈঙাক্কী অরিবা শঙশিংবু অকোয়বগী ফীভমগা চুনবা অনৌবা স্ত্রকচর ওন্থোকপসিদা মমি তারি হায়না মহাক্না হায়খি‍।

দিল্লী অসি লিরবা লম কোয়বশিংগী লমথুংফম ওইবগা লোয়ননা ময়োল্লম অসিদা ২১শুবা চহীচাগী পুম্নিং চিংশিনগদবা মচাকশিং শেমগৎনবা থবক পায়খৎলি হায়না প্রধান মন্ত্রীনা ফোঙদোকখি‍। দিল্লী অসি মালেমগী কন্ফরেন্স, মালেমগী একজিবিসন অমদি মালেমগী বিজিনেস তুরিজমগী পাম্নবা লমথুংফম ওইরকপগা লোয়ননা লৈবাকসিগী খ্বাইদগী চাউবা সেন্তর কোনুংগী দ্বারকা লোকেলিতীদা শাগৎলি‍। মতৌ অসুম্না অনৌবা পার্লিয়ামেন্ত বিল্দিংগী থবক য়াম্না চাউবা ভারত ভন্দনা পার্ক্কা লোয়ননা শেমগৎনবা থবক হৌখ্রে‍। মসিনা দিল্লীদা লৈবা মীওই লিশিং কয়াদা থবক পীবতা নত্তনা ময়োল্লম অসিগী শক্তমসু হোংহল্লগনি‍।

কোনুংদা লৈরিবা মিয়ামদা অহানবা দ্রাইভর য়াওদবা মেত্রো ওপরেসনগী অমদি দিল্লী মেত্রোগী এয়রপোর্ত এক্সপ্রেস লাইন্দা নেসনেল মোবিলিতী কার্দ হৌদোকপগী য়াইফ পাউজেল পীরদুনা প্রধান মন্ত্রীনা “দিল্লী অসি মীওই করোর ১৩০ হেনবগী শেন্মিৎলোন অমসুং মরুওইবা শক্তিগী কোনুংনি, মসিগী মতিং ফুদোকহনগদবনি” হায়না ফোঙদোকখি‍।

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!