It is due to this ‘Jan Shakti’ that a person born in a poor family can become the Prime Minister of India: Shri Modi
Advancement of budget would ensure better utilization of funds: PM Modi
Our struggle is for the poor. We will ensure that they get their due: PM
Demonetisation is a movement to clean India from corruption and black money: Prime Minister

രാഷ്ട്രപതിയുടെ നയപ്രഖ്യാപനത്തിന് നന്ദിരേഖപ്പെടുത്തിക്കൊണ്ടുള്ള പ്രമേയത്തിന്മേല്‍ നടന്ന ചര്‍ച്ചയില്‍ ഇന്ന് ലോക്‌സഭയില്‍ പ്രധാനമന്ത്രി നരേന്ദ്രമോദി മറുപടി നല്‍കി. ചര്‍ച്ചയ്ക്ക് ചൂടും വീറും പകരുകയും കൂടുതല്‍ ഉള്‍ക്കാഴ്ചയുള്ള നിര്‍ദ്ദേശങ്ങള്‍ അവതരിപ്പിക്കുകയും ചെയ്ത വിവിധ അംഗങ്ങള്‍ക്ക് അദ്ദേഹം നന്ദിരേഖപ്പെടുത്തി.

ജനങ്ങളുടെ കരുത്തായ ‘ജനശക്തി’യെക്കുറിച്ച് തന്റെ പ്രസംഗത്തില്‍ പ്രധാനമന്ത്രി പ്രത്യേകം ചൂണ്ടിക്കാട്ടി. ഈ ജനശക്തികൊണ്ടാണ് ഒരു പാവപ്പെട്ട കുടുംബത്തില്‍ ജനിച്ച വ്യക്തിക്ക് ഇന്ത്യയുടെ പ്രധാനമന്ത്രിയാകാന്‍ കഴിഞ്ഞതെന്ന് അദ്ദേഹം വ്യക്തമാക്കി.

തന്നെപ്പോലെ സ്വാതന്ത്ര്യസമരത്തിന് വേണ്ടി ജീവത്യാഗം ചെയ്യാന്‍ കഴിയാത്ത നിരവധിപേര്‍ ഇവിടെയുണ്ട്. സ്വതന്ത്ര ഇന്ത്യയില്‍ ജനിച്ച് ഇവിടെ ജീവിക്കുന്ന അവരും രാജ്യസേവനത്തില്‍ തന്നെയാണ് ഏര്‍പ്പെട്ടിരിക്കുന്നതെന്നും അദ്ദേഹം പറഞ്ഞു. ജനശക്തിയിലുള്ള വിശ്വാസം നല്ല ഫലങ്ങള്‍ നല്‍കുമെന്ന് പറഞ്ഞ പ്രധാനമന്ത്രി നമ്മുടെ ജനങ്ങളില്‍ അന്തര്‍ലീനമായിരിക്കുന്ന കഴിവുകളെ തിരിച്ചറിഞ്ഞ് അതിനെ അംഗീകരിച്ച് ഇന്ത്യയെ പുതിയ ഉയരങ്ങളിലേക്ക് കൊണ്ടുപോകാനും അംഗങ്ങളോട് ആഹ്വാനംചെയ്തു.

ബജറ്റ് തീയതി നേരത്തെയാക്കാന്‍ കൈകൊണ്ട തീരുമാനത്തിന്റെ യുക്തി വിശദീകരിച്ച പ്രധാനമന്ത്രി, അത് ഫണ്ടുകളുടെ കൂടുതല്‍ കാര്യക്ഷമമായ വിനിയോഗം ഉറപ്പുവരുത്തുമെന്ന് വ്യക്തമാക്കി. അതോടൊപ്പം ഇന്ത്യയുടെ ഗതാഗതമേഖലയ്ക്ക് ഇന്ന് വേണ്ടത് സമഗ്രമായ ഒരു സമീപനമാണെന്നും ചൂണ്ടിക്കാട്ടി. അതിന് എല്ലാം കൂടിചേരുന്ന ഒരു പൊതുബജറ്റ് കൊണ്ടു മാത്രമേ സാധിക്കുള്ളുവെന്നും അദ്ദേഹം പറഞ്ഞു.

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!