'राष्ट्रीय खेल भारत की असाधारण खेल शक्ति का उत्सव है'
'भारत की हर गली, हर कोने में प्रतिभा मौजूद है इसलिए 2014 के बाद हमने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्रतिबद्धता जताई'
'गोवा की आभा तुलना से परे है'
'खेल की दुनिया में भारत को मिली हाल की सफलता हर युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी प्रेरणा है'
'खेलो इंडिया के जरिए प्रतिभाओं की खोज, उन्हें आगे बढ़ाना, प्रशिक्षण देना और टॉप्स द्वारा ओलंपिक पोडियम तक पहुंचाने का प्रयास हमारा रोडमैप है'
'भारत आज कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और अभूतपूर्व मानक स्थापित कर रहा है'
'भारत की स्पीड और स्केल की बराबरी कर पाना मुश्किल है'
'भारत की युवा शक्ति के विकसित भारत की युवा शक्ति बनने में माई भारत एक माध्यम बनेगा'
'भारत 2030 में यूथ ओलंपिक और 2036 में ओलंपिक का आयोजन करने के लिए तैयार है, ओलंपिक के आयोजन की हमारी आकांक्षा सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि इसके ठोस कारण हैं'

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

गोवा के राज्यपाल श्रीमान पीएस श्रीधरन पिल्लई जी, यहां के लोकप्रिय और युवा, ऊर्जावान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत जी, खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे अन्य साथी, मंच पर विराजमान अन्य जनप्रतिनिधिगण, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष बहन पी टी ऊषा जी, देश के कोने-कोने से आए हुए सभी मेरे खिलाड़ी साथी, supporting staff, अन्य पदाधिकारी और नौजवान दोस्तों, भारतीय खेल के महाकुंभ का महासफर आज गोवा आ पहुंचा है। हर तरफ रंग है... तरंग है... रोमांच है...रवानगी है। गोवा की हवा में बात ही कुछ ऐसी है। आप सभी को सैंतीसवें national games के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं, अनेक- अनेक बधाईयां।

साथियों,

गोवा वो धरती है जिसने देश को ऐसे अनेक sports stars दिए हैं। जहां football के प्रति दीवानगी तो गली-गली में दिखती है। और देश के सबसे पुराने football clubs में कुछ यहां हमारे गोवा में हैं। ऐसे खेल प्रेमी गोवा में राष्ट्रीय खेलों का होना, अपने आप में नई ऊर्जा भर देता है।

मेरे परिवारजनों,

ये राष्ट्रीय खेल, ऐसे समय में हो रहे हैं, जब भारत का खेल जगत एक के बाद एक सफलता की नई ऊंचाई प्राप्त कर रहा है। 70 सालों में जो ना हुआ, वो इस बार हमने एशियाई खेलों में होते हुए देखा है और अभी Asian Para Games भी चल रहे हैं। इनमें भी भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 70 से ज्यादा मेडल जीतकर अब तक के सारे records तोड़ दिए हैं। इससे पहले World University Games हुए थे। इसमें भी भारत ने एक नया इतिहास रच दिया। ये सफलताएं यहां आए हर खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। ये National Games, एक प्रकार से आपके लिए, सभी नौजवानों के लिए, सभी खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत launchpad है। आपके सामने कितने अवसर हैं, उनको ध्यान में रखते हुए पूरे दम-खम के साथ आपको श्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। करोगे ना? पक्का करोगे ? पुराने record तोड़ोगे? मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

मेरे युवा साथियों,

भारत के गांव-गांव, गली-गली में talent की कोई कमी नहीं है। हमारा इतिहास साक्षी है कि अभाव में भी भारत ने champions पैदा किए हैं। मेरे साथ मंच पर हमारी बहन पी टी ऊषा जी बैठी हैं। लेकिन फिर भी हर देशवासी को हमेशा एक कमी खलती थी। हमारा इतना बड़ा देश international sports events की medal tally में, हम बहुत पीछे रह जाते थे। इसलिए 2014 के बाद, हमने देश की इस पीड़ा को राष्ट्रीय संकल्प से पीड़ा को दूर करने का बीड़ा उठाया। हम बदलाव लाए sports infrastructure में, हम बदलाव लाए चयन प्रक्रिया में, हमने उसे और पारदर्शी बनाया। हम बदलाव लाए खिलाड़ियों को आर्थिक मदद देने वाली योजनाओं मेंI हम बदलाव लाए खिलाड़ियों को training देने वाली योजनाओं में। हम बदलाव लाए, समाज की मानसिकता में, पुरानी सोच, पुरानी approach के कारण, हमारे sports infrastructure में जो roadblocks थे, हमने उन्हें एक-एक करके दूर हटाने का काम शुरु किया। सरकार ने talent की खोज से लेकर उनकी handholding कर, Olympic podium तक पहुंचाने का एक roadmap बनाया। इसका परिणाम हम आज पूरे देश में देख रहे हैं।

साथियों,

पहले की सरकारों में sports के budget को लेकर भी संकोच का भाव रहता था। लोग सोचते थे कि - खेल तो खेल ही है, खेल ही है और क्या है? इस पर खर्च क्यों करना! हमारी सरकार ने इस सोच को भी बदला। हमने sports का budget बढ़ाया। इस वर्ष का central sport budget, 9 वर्ष पहले की तुलना में 3 गुणा अधिक है। सरकार ने खेलो इंडिया से लेकर TOPS scheme तक, देश में खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए एक नया ecosystem बनाया है। इन योजनाओं के तहत देशभर से school, college, university स्तर से आप जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा रही है। उनकी training, उनकी diet, उनके दूसरे खर्चों पर सरकार बहुत पैसा खर्च कर रही है। TOPS यानि Target Olympic Podium Scheme, इसके तहत देश के शीर्ष खिलाड़ियों को दुनिया की श्रेष्ठ training दी जाती है। आप कल्पना कीजिए, खेलो इंडिया योजना के तहत अभी देशभर के 3 हज़ार युवा, ये हमारे खिलाड़ियों की training चल रही है। इतना बड़ा talent pool खिलाड़ियों का तैयार हो रहा है। और इसमें से हर खिलाड़ी को प्रतिवर्ष 6 लाख रुपए से अधिक की scholarship दी जा रही है। खेलो इंडिया अभियान से निकलने वाले करीब सवा सौ युवा खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। पुराना system होता तो शायद ही इस प्रतिभा को कभी पहचान मिल पाती। इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 36 medals जीते हैं। खेलो इंडिया से खिलाड़ियों की पहचान करो, उन्हें तैयार करो, और फिर TOPS से उन्हें Olympic Podium Finish की training और temperament दो। ये हमारा roadmap है।

मेरे युवा साथियों,

किसी भी देश के sports sector की प्रगति का सीधा नाता, उस देश की अर्थव्यवस्था की प्रगति से भी जुड़ा होता है। जब देश में negativity हो, निराशा हो, नकारात्मकता हो, तो मैदान पर भी, जीवन के हर क्षेत्र पर भी इसका बहुत बुरा असर दिखता है। भारत की ये successful sports story, भारत की overall success story से अलग नहीं है। भारत आज हर sector में आगे बढ़ रहा है, नए record बना रहा है। भारत की speed और scale का मुकाबला आज मुश्किल है। भारत कैसे आगे बढ़ रहा है, इसका अंदाज़ा आपको बीते 30 दिनों के काम और उपलब्धियों से मिलेगा।

साथियों,

मैं आपका ज्यादा समय नहीं ले रहा हूं। आप कल्पना कीजिए आपका उज्जवल भविष्य कैसे तैयार किया जा रहा है। मेरे नौजवान गौर से सुनिये सिर्फ 30 दिन का मैं काम बताता हूं आपको। बीते 30-35 दिन में क्या हुआ है और आपको लगेगा अगर इस speed और इस scale से देश आगे बढ़ रहा है तो आपके उज्जवल भविष्य की मोदी की गारंटी पक्की है।

बीते 30-35 दिनों में ही,

- नारीशक्ति वंदन अधिनियम, कानून बना।

- गगनयान से जुड़ा एक बहुत ही अहम टेस्ट सफलता से किया गया।

- भारत को अपनी पहली regional rapid rail, नमो भारत मिली।

- बेंगुलुरु metro सेवा का विस्तार हुआ।

- जम्मू-कश्मीर की पहली vistadome train सेवा की शुरुआत हुई।

- इन्हीं 30 दिनों में दिल्ली-वड़ोदरा expressway का उदघाटन हुआ

- भारत में G-20 देशों के सांसदों और speakers का सम्मेलन हुआ।

- भारत में Global Maritime Summit हुई, इसमें 6 लाख करोड़ रुपए के समझौते हुए।

- इज़रायल से भारतीयों की वापसी के लिए ऑपरेशन अजय शुरु किया गया।

- 40 साल बाद भारत और श्रीलंका के बीच ferry service शुरु हुई।

- यूरोप को पीछे छोड़ते हुए भारत, 5G user base के मामले में दुनिया के top-3 देशों में पहुंचा।

- Apple के बाद Google ने भी मेड इन इंडिया smartphone बनाने का ऐलान किया।

- हमारे देश ने अन्न और फल-सब्जी उत्पादन का नया record बनाया।

साथियों,

ये तो अभी halftime हुआ है अभी मेरे पास गिनाने को और भी बहुत कुछ है। आज ही मैंने महाराष्ट्र में नलवंडे डैम पर भूमिपूजन किया है , जो 50 साल से अटका हुआ था।

- बीते 30 दिनों में ही तेलंगाना में 6 हजार करोड़ रुपए के super thermal power project का लोकार्पण हुआ।

- छत्तीसगढ़ के बस्तर में 24 हजार करोड़ रुपए के आधुनिक steel plant का लोकार्पण हुआ।

- राजस्थान में मेहसाणा-भटिंडा-गुरदासपुर gas pipeline के एक section का लोकार्पण हुआ।

- जोधपुर में नई airport terminal building और IIT कैंपस का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ।

- बीते 30 दिनों में ही महाराष्ट्र में 500 से अधिक skill development केंद्र launch किए गए हैं।

- कुछ दिन पहले गुजरात के धोरडो को best tourism village का पुरस्कार मिला1

- जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती स्मारक का भूमि पूजन हुआ।

- हल्दी किसानों के लिए turmeric board की घोषणा हुई।

- तेलंगाना में central tribal university को स्वीकृति मिली।

- मध्य प्रदेश में एक साथ सवा-2 लाख गरीब परिवारों को पीएम आवास योजना के घर मिले।

- इन्हीं 30 दिनों में पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों की संख्या 50 लाख पहुंची।

- आयुष्मान भारत योजना के तहत 26 करोड़ कार्ड बनने का पड़ाव पार हुआ।

- आकांक्षी जिलों के बाद देश में आकांक्षी ब्लॉक्स के विकास का अभियान शुरु किया।

- गांधी जयंति पर दिल्ली में खादी की एक ही दुकान पर डेढ़-करोड़ रुपए की सेल हुई।

 

और साथियों,

इन्हीं 30 दिनों में खेलों की दुनिया में भी बहुत कुछ हुआ।

- भारत ने एशियाई खेलों में 100 से ज्यादा medals जीते।

- 40 साल बाद भारत में International Olympic Committee का session हुआ।

- उत्तराखंड को हॉकी astro-turf और velodrome stadium मिला।

- वाराणसी में आधुनिक cricket stadium पर काम शुरु हुआ।

- ग्वालियर को अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग sports centre मिला।

- और यहां गोवा में ये National Games भी तो हो रहे हैं।

सिर्फ 30 दिन के, मेरे नौजवान सोचिये, सिर्फ 30 दिन के कार्यों की ये list बहुत लंबी है। मैंने आपको बस एक छोटी सी झलक दिखाई है। आज देश के हर sector में, देश के हर हिस्से में अभूतपूर्व तेजी से काम हो रहा है, हर कोई विकसित भारत के निर्माण में जुटा है।

साथियों,

ये जितने भी काम हो रहे हैं, इनके मूल में मेरे देश का युवा है, मेरे भारत का युवा है। आज भारत का युवा, अभूतपूर्व आत्मविश्वास से भरा हुआ है। भारत के युवा के इसी आत्मविश्वास को राष्ट्रीय संकल्पों से जोड़ने के लिए हाल में एक और बड़ा काम हुआ है। मेरा युवा भारत, यहां आपने boards देखे हैं सब जगह पर, मेरा युवा भारत, यानि MY भारत नाम से एक नए platform को स्वीकृति दी गई है। ये ग्रामीण और शहरी, यानि देश के हर युवा को आपस में भी और सरकार के साथ connect करने का भी one stop centre होगा। ताकि उनकी आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए, राष्ट्र निर्माण के लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा अवसर भी प्रदान किए जा सकें। ये भारत की युवा शक्ति को, विकसित भारत की शक्ति बनाने का माध्यम बनेगा। अब से कुछ दिन बाद, 31 अक्टूबर को एकता दिवस पर मैं MY भारत अभियान की शुरुआत करने जा रहा हूं। और देशवासियों को मालूम है 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती पर हम देश भर में Run for Unity बड़ा कार्यक्रम करते हैं। मैं चाहु्ंगा गोवा में भी और देश के हर कोने में 31 अक्टूबर को देश की एकता के लिए Run for Unity का शानदार कार्यक्रम भी होना चाहिए। आप सब भी इस अभियान से जरूर जुड़िएगा।

साथियों,

आज जब भारत के संकल्प और प्रयास, दोनों इतने विराट हैं, तब भारत की आकांक्षाओं का बुलंद होना भी स्वभाविक है। इसलिए ही IOC के session के दौरान मैंने 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षा को सामने रखा है। मैंने Olympics की Supreme committee को आश्वस्त किया कि भारत 2030 में Youth Olympics और 2036 में Olympics के आयोजन के लिए तैयार है।

साथियों,

Olympics के आयोजन के लिए हमारी आकांक्षा सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं है। बल्कि इसके पीछे कुछ ठोस कारण हैं। 2036 यानि आज से करीब 13 साल बाद भारत दुनिया की अग्रणी आर्थिक ताकतों में से एक होगा। उस समय तक आज के मुकाबले हर भारतीय की आय, कई गुना अधिक होगी। तब तक भारत में एक बहुत बड़ा middle class होगा। Sports से लेकर space तक, भारत का तिरंगा और शान से लहरा रहा होगा। Olympics के आयोजन के लिए connectivity और दूसरे आधुनिक infrastructure की जरूरत होती है। आज भारत आधुनिक infra पर 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की तैयारी में है। इसलिए Olympics भी हमारे लिए उतना ही आसान हो जाएगा।

साथियों,

हमारे National Games, एक भारत, श्रेष्ठ भारत का भी प्रतीक हैं। ये भारत के हर राज्य को अपना सामर्थ्य दिखाने का बहुत बड़ा माध्यम होता है। इस बार गोवा को ये अवसर मिला है। गोवा सरकार ने, गोवा वासियों ने जिस प्रकार की तैयारियां की हैं, वो वाकई ही बहुत सराहनीय है। ये जो sports infrastructure यहां बना है, वो आने वाले अनेक दशकों तक गोवा के युवाओं के काम आएगा। यहां से अनेक नए खिलाड़ी भारत को मिलेंगे। इससे यहां और ज्यादा national और international sports events आयोजित करना संभव होगा। बीते कुछ वर्षों में गोवा में connectivity से जुड़ा आधुनिक infrastructure भी बना है। National Games से गोवा के tourism को, यहां की economy को भी लाभ बहुत होगा।

साथियों,

गोवा, ये गोवा तो उत्सवों के लिए, celebrations के लिए जाना जाता है। गोवा International Film Festival की चर्चा अब पूरी दुनिया में होने लगी है। हमारी सरकार, गोवा को international conferences, meetings और summits का भी महत्वपूर्ण centre बना रही है। साल 2016 में हमने BRICS सम्मेलन गोवा में आयोजित किया था। G-20 से जुड़ी कई महत्वपूर्ण meetings भी यहां गोवा में हुई हैं। मुझे खुशी है कि दुनिया में tourism की sustainable growth के लिए, Goa Roadmap for Tourism को G-20 देशों ने आम सहमति से स्वीकार किया है। ये गोवा के लिए तो गर्व का विषय है ही, भारत के tourism के लिए भी बहुत बड़ी बात है।

साथियों,

मैदान कोई भी हो, चुनौती कैसी भी हो, हमें हर हाल में अपना best देना है। इस अवसर को हमें खोना नहीं है। इसी आह्वान के साथ मैं 37वें (सैंत्तीसवें) राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत की घोषणा करता हूं। आप सभी athletes को फिर से अनेक शुभकामनाएं। गोवा है तैयार! गोंय आसा तयार! Goa is ready ! बहुत-बहुत धन्यवाद।

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पीएम ने 53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की
August 25, 2026
प्रधानमंत्री कार्यालयपीएम ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की छह अहम ढ़ांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की
समीक्षा किए गए प्रोजेक्ट्स 9 राज्यों में फैले हैं और इनमें कुल ₹30,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया गया है
पीएम ने कहा, ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों या पैकेज के बजाय एकीकृत प्रयास के तौर पर देखा जाना चाहिए
पीएम ने परियोजनाओं को लागू करने के सभी चरणों में लगातार सुधार और मंत्रालयों तथा राज्यों में सक्रियता से काम करने की संस्कृति पर ज़ोर दिया
पीएम ने कहा, रफ्तार के साथ-साथ गुणवत्ता भी ज़रूरी है
एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, पीएम ने कृषि डेटा से ज़्यादा फायदा उठाने के लिए एआई समेत नवीन डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया
साइबर फ्रॉड और 'डिजिटल अरेस्ट' के मामले में, पीएम ने प्रशिक्षण, जन-जागरूकता, साइबर-सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करने के लिए बनाए गए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म प्रगति की 53वीं बैठक की आज सेवा तीर्थ में अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी छह प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं नौ राज्यों में फैली हुई हैं और इनकी कुल लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। संपर्क को मजबूत करने, औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा करते वक्त समय-सीमा का पालन, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल, लंबित मुद्दों के समाधान और काम को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ढ़ांचागत परियोजनाओं में देरी से सिर्फ़ लागत ही नहीं बढ़ती, बल्कि नागरिकों, व्यवसायों और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों, टुकड़ों या पैकेजों के बजाय एक एकीकृत इकाई के तौर पर देखा और उनकी निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पैकेजों में हो रही प्रगति का नतीजा आखिर में संपूर्ण परियोजना के वक्त पर पूरा होने और उसके चालू होने के रूप में निकलना चाहिए। इसलिए मंत्रालयों और राज्यों से कहा गया कि वे काम को शुरू से लेकर अंत तक पूरा करने का नज़रिया अपनाएं और उन अहम कमियों को दूर करें, जिनसे पूरे प्रोजेक्ट के चालू होने और फ़ायदे मिलने में देरी हो सकती है। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने और परियोजनाओं को लागू करने के हर स्तर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बड़े परिवहन और ढ़ांचागत परियोजनाओं की योजना बनाते समय, जहाँ भी संभव हो, ढ़ांचागत सेवाओं के लिए कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर की संभावना तलाशने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मंत्रालयों और राज्यों से कहा कि वे योजना बनाने के चरण में ही ऐसी एकीकृत कार्यप्रणालियों पर विचार करें और उनकी तकनीकी व आर्थिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काम को तेज़ी से पूरा करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों, राज्यों और काम को लागू करने वाली एजेंसियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और हर चरण पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने व निगरानी को मज़बूत करने का आह्वान किया।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कृषि डेटा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए एआई जैसी नई डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इनपुट प्लानिंग से लेकर प्रोसेसिंग तक, पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में डेटा इकोसिस्टम का असरदार ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर जानकारी के आधार पर कदम उठाए जा सकें, सही लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके और डेटा के आधार पर फ़ैसले लिए जा सकें। उन्होंने एग्रीस्टैक व्यवस्था बनाने में राज्यों और केंद्र सरकार की कोशिशों की तारीफ की और किसानों के लिए बेहतर नतीजे पाने के लिए इसके इस्तेमाल को और मज़बूत करने का आह्वान किया।

साइबर धोखाधड़ी के मामलों, जिनमें डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं भी शामिल हैं, की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देकर ऐसे मामलों की रोकथाम को मज़बूत किया जाना चाहिए। उन्होंने लगातार और खास तौर पर बुज़ुर्गों, युवाओं और कमज़ोर वर्गों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि उन्हें धोखाधड़ी के आम तरीकों, चेतावनी के संकेतों और सुरक्षित डिजिटल तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी जा सके। उन्होंने इससे जुड़े कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित ट्रेनिंग की भी बात कही, ताकि साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों की पहचान की जा सके और उन पर तेज़ी से कार्रवाई की जा सके।