लगभग 14,850 करोड़ रुपये की लागत से 296 किलोमीटर चार लेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया गया है
क्षेत्र में संपर्क सुविधा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक्सप्रेस-वे
उत्‍तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं राज्य के कई उपेक्षित क्षेत्रों को जोड़ रही हैं
उत्तर प्रदेश का हर भाग नए सपनों और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने को तैयार है
उत्तर प्रदेश की पहचान देश भर में बदल रही है क्योंकि यह कई उन्नत राज्यों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है
समय से पहले परियोजनाओं को पूरा करके, हम लोगों के जनादेश और उनके विश्वास का सम्मान कर रहे हैं
हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद रखना चाहिए और अगले एक माह में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करके नए संकल्प का वातावरण बनाना चाहिए
देश को नुकसान पहुंचाने वाली, देश के विकास को प्रभावित करने वाली हर बाधा को दूर रखना होगा
डबल इंजन वाली सरकारें नि:शुल्‍क उपहारों और 'रेवड़ी' संस्कृति के शॉर्ट-कट को नहीं अपना रही हैं और कड़ी मेहनत के माध्यम से सेवाओं का वितरण कर रही हैं
देश की राजनीति से मुफ्तखोरी की संस्कृति को हराना और हटाना है
संतुलित विकास सामाजिक न्याय के समान है


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के जालौन की उरई तहसील के कैथेरी गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और राज्यमंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र की कड़ी मेहनत, वीरता और सांस्कृतिक समृद्धि की गौरवशाली परंपरा को याद किया। उन्होंने कहा कि इस भूमि ने अनगिनत योद्धाओं को जन्म दिया है और भारत के प्रति समर्पण उनके खून में बहता है। उन्‍होंने कहा कि स्थानीय बेटे-बेटियों के कौशल और कड़ी मेहनत ने हमेशा देश का नाम रोशन किया है।

नए एक्सप्रेस-वे से आने वाले बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद चित्रकूट से दिल्ली की दूरी में 3 से 4 घंटों की कमी होगी। उन्‍होंने कहा कि एक्‍सप्रेस-वे का लाभ इससे कहीं अधिक है। यह एक्सप्रेस-वे न केवल यहां वाहनों को गति देगा, बल्कि पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को भी गति प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि वे दिन गए जब इस तरह के व्‍यापक बुनियादी ढांचे और सुविधाएं बड़े शहरों और देशों के चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित थीं। अब सबका साथ, सबका विकास की भावना के तहत दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्र भी अभूतपूर्व संपर्क व्‍यवस्‍था के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे से इस क्षेत्र को विकास, रोजगार और स्वरोजगार के कई अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी परियोजनाएं कई क्षेत्रों को जोड़ रही हैं जिन्हें अतीत में नजरअंदाज कर दिया गया था। उदाहरण के लिए, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे सात जिलों- चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरता है और इसी तरह, अन्य एक्सप्रेस-वे राज्य के हर सिरे को जोड़ रहे हैं, जिससे उत्‍पन्‍न विकासात्‍मक स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश का हर भाग नए सपनों और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार इस दिशा में नए जोश के साथ काम कर रही है।

प्रदेश में हवाई संपर्क में सुधार पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में नए हवाई अड्डे का टर्मिनल बना है। कुशीनगर को नया हवाई अड्डा मिल गया है और जेवर, नोएडा में एक नए हवाई अड्डे के लिए काम चल रहा है और कई और शहरों को हवाई यात्रा सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है जिससे पर्यटन और अन्य विकास के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से इस क्षेत्र में स्थित कई किलों के आसपास पर्यटन सर्किट विकसित करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री से किले से संबंधी कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं को भी आयोजित करने को कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश में जहां सरयू नहर परियोजना को पूरा होने में 40 वर्ष लगे, गोरखपुर उर्वरक संयंत्र पिछले 30 वर्षों से बंद था, प्रदेश में अर्जुन बांध परियोजना को पूरा होने में 12 साल लगे और अमेठी राइफल फैक्ट्री के नाम पर सिर्फ एक बोर्ड लगा था, रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री सिर्फ कोचों को पेंट करके चल रही थी, उसी उत्‍तर प्रदेश में अब बुनियादी ढांचे का काम इतनी गंभीरता से किया जा रहा है कि प्रदेश ने बहुत से शानदार प्रदर्शन करने वाले राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है और पूरे देश में उत्‍तर प्रदेश की पहचान बदल रही है।

श्री मोदी ने गति में बदलाव पर कहा कि रेलवे लाइन का दोहरीकरण 50 किलोमीटर प्रति वर्ष से बढ़ाकर 200 किलोमीटर कर दिया गया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में कॉमन सर्विस सेंटर की संख्या 2014 के 11,000 से बढ़कर आज 1 लाख 30 हजार कॉमन सर्विस सेंटर हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर आज 35 हो गई हैं और 14 और नए मेडिकल कॉलेजों पर काम चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश जिस विकासधारा की ओर बढ़ रहा है उसके मूल में दो पहलू हैं। एक है इरादा और दूसरा है शिष्‍टाचार। हम न केवल देश के वर्तमान के लिए नई सुविधाएं जुटा रहे हैं बल्कि देश के भविष्य का भी निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पूर्ण हुईं परियोजनाएं मर्यादा और निर्धारित समय सीमा का पूरा सम्मान करती हैं। बाबा विश्वनाथ धाम, गोरखपुर एम्स, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सुविधाओं के उन्नयन और नवीनीकरण जैसी परियोजनाएं इसके उदाहरण हैं क्योंकि वर्तमान सरकार ने ही इन परियोजनाओं की नींव रखी और इन्‍हें पूर्ण करके राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करके हम लोगों के जनादेश और उनके विश्वास का सम्मान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आगामी स्वतंत्रता दिवस तक कई कार्यक्रमों को आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद रखना चाहिए और अगले एक महीने में नए संकल्प का वातावरण बनाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्णय लेने और नीति बनाने के पीछे बड़ी सोच देश के विकास को और तीव्र करने की होनी चाहिए। देश को नुकसान पहुंचाने वाली, देश के विकास को प्रभावित करने वाली हर बाधा को दूर रखना होगा। उन्होंने कहा कि 'अमृत काल' एक दुर्लभ अवसर है और देश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए हमें इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए।

प्रधानमंत्री ने हमारे देश में मुफ्त उपहार बांटकर वोट मांगने की संस्कृति के मुद्दे पर भी लोगों का ध्यान आकृष्‍ट किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मुफ्तखोरी की संस्कृति देश के विकास के लिए बहुत खतरनाक है। इस मुफ्तखोरी की संस्कृति ('रेवड़ी' संस्कृति) से देश के लोगों को बहुत सावधान रहना होगा। फ्रीबीज कल्चर वाले लोग कभी भी आपके लिए नए एक्सप्रेस-वे, नए एयरपोर्ट या डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनाएंगे। फ्रीबीज कल्चर के लोगों को लगता है कि वे आम आदमी को नि:शुल्‍क रेवडि़यां बांटकर वोट खरीद सकते हैं। उन्होंने इस सोच को सामूहिक रूप से हराने और देश की राजनीति से मुफ्त की संस्कृति को हटाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब सरकार इस 'रेवड़ी' संस्कृति से हटकर पक्के मकान, रेलवे लाइन, सड़क व अवसंरचना, सिंचाई, बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी परियोजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दोहरे इंजन वाली सरकारें मुफ्त में मिलने वाली सुविधाओं की कमी को नहीं अपना रही हैं और कड़ी मेहनत से सुविधाओं की आपूर्ति कर रही हैं।

संतुलित विकास पर अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे विकास की पहुंच उपेक्षित और छोटे शहरों तक होती है, यह हमें सामाजिक न्याय दिलाता है। पूर्वी भारत और बुंदेलखंड के लिए वर्तमान में उपलब्‍ध आधुनिक बुनियादी ढांचे इन क्षेत्रों के लिए सामाजिक न्याय के समान है जबकि पहले इनकी उपेक्षा की गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उपेक्षित पिछड़े जिले अब विकास के साक्षी बन रहे हैं, यह भी उनके लिए सामाजिक न्याय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों के लिए शौचालय, गांवों को सड़कों और नल के पानी से जोड़ना भी सामाजिक न्याय है। उन्‍होंने कहा कि सरकार बुंदेलखंड की एक और चुनौती को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सरकार हर घर में पाइपलाइन के माध्‍यम पानी उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने रतौली बांध, भवानी बांध, मझगांव-चिली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना को बुंदेलखंड नदियों के पानी को अधिक से अधिक स्थानीय लोगों तक पहुंचाने के प्रयास के रूप में सूचीबद्ध किया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना इस क्षेत्र के लोगों की जिंदगी बदल देगी।

प्रधानमंत्री ने हर जिले में 75 अमृत सरोवर के अभियान में बुंदेलखंड के लोगों के योगदान के लिए अपना अनुरोध दोहराया।

लघु और कुटीर उद्योग को मजबूत करने में मेक इन इंडिया अभियान की भूमिका का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने खिलौना उद्योग की सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार कारीगरों, उद्योग जगत और नागरिकों के प्रयासों से खिलौनों के आयात में भारी कटौती हुई है। उन्होंने कहा कि इससे गरीब, वंचित, पिछड़े, जनजातियों, दलितों और महिलाओं को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने खेल के क्षेत्र में बुंदेलखंड के योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च खेल सम्मान स्थानीय पुत्र मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा गया है। उन्होंने इस क्षेत्र की अंतर्राष्ट्रीय एथलीट शैली सिंह का भी उल्लेख किया, जिन्होंने अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ख्याति अर्जित की।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे

सरकार देश भर में संपर्क सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसकी एक प्रमुख विशेषता सड़क के बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में कार्य करना है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के अंतर्गत प्रधानमंत्री द्वारा 29 फरवरी, 2020 को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण की आधारशिला रखना भी था। एक्सप्रेसवे का काम 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है, जो न्यू इंडिया की कार्य संस्कृति का एक संकेत है, जहां परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाता है।

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) के तत्वावधान में लगभग 14,850 करोड़ रुपये की लागत से 296 किलोमीटर, चार-लेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया गया है, और बाद में इसे छह लेन तक भी विस्तारित किया जा सकता है। यह चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास गोंडा गांव में एनएच-35 से लेकर इटावा जिले के कुदरैल गांव तक फैला हुआ है, जहां यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिल जाता है। यह सात जिलों - चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरता है।

क्षेत्र में संपर्क सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों के लिए हजारों नौकरियों का सृजन होगा। एक्सप्रेस-वे के बगल में बांदा और जालौन जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर बनाने के कार्य का भी शुभारंभ हो चुका है।

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Text of PM Modi's speech at public meeting in Janjgir-Champa, Chhattisgarh
April 23, 2024
देश अयोध्या में मंदिर की उम्मीद छोड़ चुका था, भाजपा ने उसे पूरा करके दिखाया।
कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि दलित, पिछड़े और आदिवासियों की भागीदारी बढ़े।
कांग्रेस के पास न देश के लिए कोई विजन है, न गरीब कल्याण से उसका कोई वास्ता है।

कोसा, कासा और कंचन की धरती पर आज एक अलग ही उत्साह नज़र आ रहा है। कुछ महीने पहले मैं विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए आपसे आशीर्वाद मांगने आया था। भाजपा के हर साथी को आप सबने बहुत आशीर्वाद दिया, हमारे सेवाभाव को मान दिया, इसके लिए सबसे पहले तो मैं आप सबका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। अब मैं आज फिर से आपके पास आशीर्वाद मांगने आया हूं। तीसरी बार भाजपा सरकार के लिए आपके भरपूर आशीर्वाद लेने के लिए मैं आपके पास आया हूं। पिछले 10 साल में अपना देश बहुत आगे आया है, लेकिन बहुत सारा काम बाकी है। और छत्तीसगढ़ में तो मुझे पिछली सरकार ने मेरे कोई काम यहां आगे बढ़ने ही नहीं दिए। अब विष्णुदेव जी हैं तो वो काम भी मुझे पूरे करने हैं।

10 साल आपने मुझे देखा है, मैं लागातार आपके लिए दौड़ता रहता हूं कि नहीं दौड़ता हूं। काम करता रहता हूं कि नहीं करता रहता हूं। एक भी छुट्टी लिए बिना करता हूं कि नहीं करता हूं। भरपूर मेहनत करता हूं कि नहीं करता हूं। और सब आप ही के लिए कर रहा हूं न। मुझे बताइए आप ही के लिए कर रहा हूं न। मेरे लिए तो नहीं कर रहा हूं न। बाकी नेताओं को तो अपने बच्चों के लिए कुछ करना होता है। मोदी के लिए तो आप ही मेरा परिवार हैं। अब मुझे बताइए, आपलोग तो बहुत उदार हैं, बहुत आशीर्वाद देने वाले लोग हैं। और मैंने जब-जब आपसे आशीर्वाद मांगा, आपने कोई कमी नहीं रखी। लेकिन आज मैं आपसे आग्रह करने आया हूं। अगर मोदी आप कहते हैं इतना काम करता है, सबलोग। सोशल मीडिया में कहते हैं मोदी कितना काम करता है। अब मैं आपसे एक और बात कहना चाहता हूं। अब मोदी इतना सारा करता है, क्या आपको मोदी के लिए एक घंटा निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए। 7 मई को वोट देने के लिए, मोदी के लिए एक घंटा निकालोगे। जरा हाथ ऊपर करके बताओ निकालोगे। मोदी को वोट करोगे। पक्का करोगे। आपको जांजगीर-चंपा से हमारी छोटी बहन कमलेश जांगडे और रायगढ़ से हमारा छोटा भाई राधेश्याम राठिया जी को भारी मतों से जिताकर दिल्ली में मेरी मदद के लिए भेजना है। भेजेंगे। ये दोनों मेरे साथी, भारत को शक्तिशाली बनाने के लिए एक मजबूत सरकार बनाने के लिए दिल्ली में मेरा साथ देने वाले हैं। करेंगे? मुझे मां चंद्रहासिनी, अष्टभुजी मैया, शिवरीनारायण, गिरोधपुरी धाम, तुर्री धाम, दमाखेड़ा की कृपा, और आप जनता-जनार्दन के आशीर्वाद पर अटूट भरोसा है। इसी भरोसे के कारण ही छत्तीसगढ़ कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,
आज मेरा सौभाग्य है। आज यहां मंच पर मेरे साथ पूज्य आचार्य मेहत्तर राम जी रामनामी और माता सेत बाई रामनामी भी रूबरू हमें आशीर्वाद देने आए हैं। मेरे लिए तो खुशी है कि 22 जनवरी को अयोध्या में आकरके भी मुझे आशीर्वाद दिया था। रामनामी समाज, अपनी भक्ति, अपने भजन, श्रीराम के प्रति अपने समर्पण और प्रकृति प्रेम के लिए जाना जाता है। कहते हैं, रामनामी समाज के पूर्वजों ने डेढ़ सौ साल पहले ही बता दिया था कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कब होगी। मोदी को जिस मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा का सौभाग्य मिला। अयोध्या के जिस मंदिर की उम्मीद देश छोड़ चुका था, सबने मान लिया था, अब मामला खतम, नहीं होगा, उस उम्मीद को पूरा करने का काम भाजपा ने किया है। ये कमल वालों ने किया है। कांग्रेस के लोग हम पर तंज करते थे, हर चुनाव में हमें पूछा जाता था मंदिर कब बनेगा। कांग्रेस वाले तो आए-दिन गली मोहल्ले में अरे बताओ मंदिर कब बनेगा। और नारा देते थे - मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे। हमने उन्हें तारीख भी बताई, समय भी बताया, निमंत्रण भी भेजा, लेकिन कांग्रेस के सातवें आसमान के अहंकार ने वो अपने आप को राम से भी बड़ा मानते हैं। प्रभु राम से भी बड़ा मानते हैं, और उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का निमंत्रण ठुकरा दिया। हमारे ऐसे संतों का अपमान है कि नहीं है। माता शबरी का अपमान है कि नहीं है। और ये क्षेत्र तो माता शबरी का स्थान है, छत्तीसगढ़ तो प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। मैं आपसे पूछता हूं क्या ये छत्तीसगढ़ का अपमान नहीं है? ये छत्तीसगढ़ का अपमान है कि नहीं है? क्या ये माता शबरी का अपमान है कि नहीं है?

साथियों,
धर्म के नाम पर देश को बांटने वाली कांग्रेस आजादी के बाद भी, पहले दिन से तुष्टिकरण में लगी हुई थी। तुष्टिकरण, वोट बैंक की राजनीति कांग्रेस के DNA में है। तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस को दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों का हक भी छीनना पड़े तो वो एक सेकेंड नहीं लगाएंगे। जबकि भाजपा, सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चलने वाली पार्टी है। हमारी प्राथमिकता गरीब, युवा, महिला और किसानों का कल्याण है। कांग्रेस ने 60 साल तक देश में गरीबी हटाओ का नारा दिया और अपने नेताओं की तिजोरी भरती रही। लेकिन मोदी ने नारेबाजी नहीं की, मोदी ने आपसे नाता जोड़ा, नारा नहीं दिया और मोदी ने 10 वर्ष में 25 करोड़ देशवासियों को जो गरीबी में जिंदगी जीते थे, जो मुसीबत में जीते थे, जिनके सपने बचे नहीं थे। उन 25 करोड़ गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला है।

साथियों,
गरीब कल्याण के लिए हमारी नीति भी सही है और उससे भी ज्यादा हमारी नीयत सही है। और जब नीयत सही होते हैं नतीजे भी सही मिलते हैं। और उसके कारण 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। हमारे पिछले 10 साल का ट्रैक रिकॉर्ड यही है। हम जो कहते हैं, उसको करने के लिए मेहनत करने में कोई कमी नहीं रखते। हर चुनौती को चुनौती देते हैं। और उसे पूरा करके रहते हैं। अब देखिए यहां हमारा धान का उदाहरण ले लो। पानी होने के बावजूद यहां का किसान कम फसल उगाता था। फसल कम इसलिए उगाता था क्योंकि खरीद कम होती थी, भाव कम मिलता था, ऊपर से पैसा समय पर नहीं मिलता था। लेकिन आपने देखा है, हमारे नए मुख्यमंत्री भाई विष्णु देव साय जी और उनकी पूरी टीम ने आते ही कमाल कर दिया है। 2 साल का बाकी बकाया था न वो भी आपके चरणों में सुपुर्द कर दिया। रिकॉर्ड MSP पर प्रति एकड़ रिकॉर्ड खरीद भी की गई है। 45 हज़ार करोड़ रुपए इतने कम समय में यहां धान किसानों को मिल चुके हैं। छत्तीसगढ़ में तेंदुपत्ता संग्राहकों को दी गारंटी भी पूरी हुई है। छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के भी 7 हज़ार करोड़ रुपए मिले हैं। और अब मोदी की गारंटी है कि ये पैसे ऐसे ही आगे भी किसानों को मिलता रहेगा।

साथियों,
भाजपा सरकार खेती में हमारी माताओं-बहनों की भागीदारी को भी कई गुणा बढ़ाने में जुटी है। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक खेती की लागत कम करने वाली है। और ये जो ड्रोन क्रांति आने वाली है, इसका नेतृत्व हमारी बहनें करेंगी, आदिवासी बहनें करेंगी। नमो ड्रोन दीदी योजना से बहनों को पहले ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दी जा रही है और सरकार उनको महंगे ड्रोन भी दे रही है। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना की देशभर में बहुत चर्चा है। यहां लाखों बहनों को हर महीने सीधी मदद पहुंच रही है। मोदी ने भी गारंटी दी है कि 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाएंगे। (बेटी आप कबसे ये फोटो लेकर खड़ी हो, थक जाओगी। क्या करना है, मुझे देना चाहती हो। मुझे देने के लिए लाई हो, भाई जरा लेकरके मेरे एसपीजी के लोगों को दे दीजिए। बेटा पीछे अपना नाम पता लिख देना। अपना नाम पता लिख देना, मैं तुम्हे चिट्ठी भेजूंगा। अच्छा इधर भी है। ये कौन है, किसने किया है। ये बहुत मेहरबान लोग हैं।) साथियों, ये जो नमो ड्रोन दीदी वाला मेरा अभियान है, इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी, वनधन केंद्रों से जुड़ी यहां की लाखों बहनों को सीधा लाभ होगा।

साथियों,
भाजपा सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है। यहां जांजगीर-चांपा में करीब पचास हजार परिवारों को पक्के घर मिले हैं। जांजगीर-चांपा में ही, करीब 2 लाख नल कनेक्शन दिए हैं। करीब 3 लाख बहनों को यहां सस्ते सिलेंडर वाला उज्जवला कनेक्शन मिला है। भाइयों और बहनों, मेरे लिए आप ही मेरा परिवार है। मेरा भारत, मेरा परिवार। परिवार के हर सुख-दुख की चिंता करना मेरा भी दायित्व है। इसलिए मैंने तय किया है कि मुफ्त राशन देने वाली योजना आने वाले 5 साल तक चलती रहेगी। आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की गारंटी यहां के लाखों परिवारों को मिल रही है। अब छत्तीसगढ़ के जितने भी परिवार हैं, उनमें जो भी बुजुर्ग हैं, 70 साल से ऊपर के जो भी लोग हैं। अब अगर आपके परिवार में 70 साल से ऊपर के माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची अगर कोई बीमार हो जाए। तो आप इलाज कराने में जरा भी कंजूसी मत करना। अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज करना, खर्चा आपका बेटा देगा।

भाइयों और बहनों,
2014 से पहले करीब 60 वर्ष तक कांग्रेस के एक ही परिवार ने सीधा या रिमोट से सरकार चलाई। कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि दलित-पिछड़े-आदिवासियों की भागीदारी बढ़े। 2014 में आपने अपने बीच से आए मोदी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। मैं आपलोगों के बीच निकला हुआ हूं। मैं गरीबी को जी करके आया हूं। जिन मुसीबतों को आपके माता-पिता ने झेला है न, वो मैंने भी झेली है। आज देखिए इसी के कारण भाजपा ने एक दलित परिवार के बेटे को देश का राष्ट्रपति बनाया। और कांग्रेस ने उनका विरोध किया। आजादी के इतने साल बाद भाजपा ने देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति देने का फैसला किया। अब मुझे बताइए कांग्रेस का क्या जाता था भाई। कांग्रेस ने स्वागत करना चाहिए था नहीं करना चाहिए था। कांग्रेस ने साथ देना चाहिए था कि नहीं देना चाहिए था। लेकिन आदिवासियों की घोऱ विरोधी कांग्रेस ने एक आदिवासी बेटी जब राष्ट्रपति बन रही थी, उनका भी विरोध किया और जीत गई तो अनाप-शनाप बोल करके उनका अपमान भी किया। यहां छत्तीसगढ़ में आपने भरोसा जताया तो हमने मेरे साथी अरुण साव जी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। लेकिन कांग्रेस को गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों की सत्ता में ये भागीदारी पच नहीं रही।

भाइयों और बहनों,
कांग्रेस ने अब एक और बड़ा खेल शुरु कर दिया है। पहले कर्नाटका से कांग्रेस के सांसद ने कहा कि दक्षिण भारत को अलग देश घोषित कर देंगे। अब कांग्रेस के गोवा के उम्मीदवार कह रहे हैं कि गोवा पर भारत का संविधान लागू नहीं होता। वो साफ-साफ कह रहे हैं कि गोवा पर देश का संविधान थोपा गया और उन्होंने ये बातें कांग्रेस के शहज़ादे को बताई हैं। ये बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान है कि नहीं है। ये बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान है कि नहीं है। ये भारत के संविधान का अपमान है कि नहीं है। ये भारत के संविधान के साथ छेड़छाड़ है नहीं है। कांग्रेस का उम्मीदवार कह रहा है कि गोवा में संविधान नहीं चलेगा। ये जम्मू कश्मीर के लोग भी कहा करते थे। आपने मोदी को आशीर्वाद दिया आज उनकी बोलती बंद हो गई, और देश का संविधान वहां चल रहा है। बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान जो जम्मू-कश्मीर में नहीं चलता था वो भी लागू हो गया। भाइयों-बहनों कांग्रेस का उम्मीदवार कह रहा है कि उसने उनके नेता को कहा है। और ये सार्वजनिक करता है उसका मतलब, उस नेता ने उसको मूक सहमति दी है। ये सोची समझी चाल है देश को तोड़ने की। कांग्रेस को देश के एक बड़े हिस्से ने नकार दिया है। इसलिए वो देश में ही ऐसे टापू बनाना चाहती है। आज गोवा में संविधान को नकार रहे हैं, कल पूरे देश में बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को नकारने का पाप करेंगे। यही करेंगे।

भाइयों और बहनों,
कांग्रेस के पास ना देश के लिए कोई विजन है और ना ही गरीब कल्याण की उसे ABCD आती है। अब आप मुझे बताइए गरीब मां बेटा भी डॉक्टर बनना चाहे तो बनना चाहिए कि नहीं बनना चाहिए। गरीब मां बेटा इंजीनियर बनना चाहिए कि नहीं बनना चाहिए। गरीब मां बेटा साइंटिस्ट बनना चाहिए कि नहीं बनना चाहिए। लेकिन उन्होंने ऐसी स्थिति बनाई थी कि अगर आप अंग्रेजी नहीं पढ़े हैं तो डॉक्टर नहीं बन सकते, इंजीनियर नहीं बन सकते, साइंटिस्ट नहीं बन सकते। मोदी ने आकर तय कर दिया, अब गरीब मां का बेटा भी डॉक्टर बनेगा, वो अपनी मातृभाषा में पढ़ेगा। अंग्रेजी नहीं आएगी, गांव के स्कूल में पढ़कर आएगा, अगर डाक्टर बनना चाहता है तो वो बनेगा। ये काम हम करते हैं। मोदी आत्मनिर्भर भारत की बात करता है तो कांग्रेस कहती है ये तो मुद्दा ही नहीं है। यहां का कोसा, हमारा कोसा सिल्क दुनियाभर में छा जाए, मोदी इसके लिए समर्पित है। इसलिए मैं वोकल फॉर लोकल की बात करता हूं। यहां जो हमारे विश्वकर्मा साथी हैं, कांसे को शानदार कला में ढालते हैं, दूसरे शिल्प में जुटे हैं। ऐसे साथियों के लिए हमने 13 हजार करोड़ रुपए की विश्वकर्मा योजना बनाई है। हम ऐसे विश्वकर्मा साथियों को आर्थिक मदद दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जो सबसे पिछड़ी जनजातियां हैं, उनके लिए भी पीएम जनमन योजना बनाई है। इस योजना पर भी करीब 25 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन साथियों, गरीब सेवा के मोदी के इन प्रयासों पर यहां कांग्रेस वाले क्या कहते हैं? यहां कांग्रेस वाले कहते हैं- मोदी का सिर फोड़ देंगे। अरे जबतक मेरे देश की माताएं-बहनें बैठी हैं न कोई मोदी को कुछ नहीं कर सकता। ये माताएं-बहनें मेरा रक्षा कवच है। ये माताएं-बहनें मेरा रक्षा कवच है। कोई कुछ नहीं कर सकता है। अब ये कैसे लोग हैं, कांग्रेस के नेता ने पूरे मोदी समाज को गालियां दी थी। साहू समाज को गालियां दी थी। अब मोदी का सिर फोड़ने की बात करते हैं। ओबीसी समाज को गालियां दी थी। भाजपा ने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया...मेडिकल की पढ़ाई में आरक्षण दिया। गरीबों की संतानें भी डॉक्टर-इंजीनियर बन सकें, इसलिए मैंने मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई स्थानीय भाषा में भी शुरू करने का काम किया। लेकिन यहां कांग्रेस के एक नेता कहते हैं कि मोदी मर जाए। अब बताइए माला जप रहे, जहां 140 करोड़ लगों का आशीर्वाद होता है न वहां मौत को भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।

साथियों,
ये जो बौखलाहट है, ये मोदी से नहीं है, ये आपके एक वोट की ताकत है न इसलिए ये कांप रहे हैं। ये महादेव घोटाले, शराब घोटाले, भर्ती घोटाले में चल रही तेज़ जांच की बौखलाहट है। मैं कहता हूं भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं भ्रष्टाचारी बचाओ। ये कितनी भी गालियां दें, धमकियां दें, सर फोड़ने की बातें करें, मारने-मरने की बातें करें, जब तक आपका सुरक्षा कवच है, छत्तीसगढ़ महतारी का आशीर्वाद है, ये मोदी का कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। और साथियों, आपने देखा होगा पिछले 30 साल जब भी चुनाव आता है तो एक ही घिसी पिटी टेप रिकार्ड बजाते रहते हैं...कानों-कानों में कहते रहते, देखो भाजपा वाले आएंगे संविधान खतम कर देंगे। भाजपा वाले आएंगे आरक्षण खतम कर देंगे। अरे कितने दिन झूठ चलाते रहोगे। मेरे शब्द लिख के रखिए, मोदी तो छोड़िए, भाजपा तो छोड़िए, अरे खुद बाबासाहेब अंबेडकर भी आकरके के कहे न तो भी होने वाला नहीं है। कोई संविधान बदल नहीं सकता है। और मेरी एक बात याद रखेंगे? इंडी गठबंधन को दिया आपका वोट केंद्र में सरकार नहीं बना सकता। BJP-NDA को दिया आपका वोट विकसित भारत बनाएगा। इसलिए, आपको हर बूथ पर कमल खिलाना है। कमल खिलाएंगे? घर-घर जाएंगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे। पोलिंग बूथ जीतेंगे। अच्छा मेरा एक काम करेंगे। मेरा काम करेंगे। जरा हाथ ऊपर करके बताओ न करेंगे। देखिए घर-घर जाना और कहना मोदी जी आए थे, मोदी जी ने जोहार कहा है, मोदी जी ने राम-राम कहा है। कह देंगे।

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!