Published By : Admin |
February 19, 2026 | 22:05 IST
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट में आयोजित सीईओ राउंडटेबल के परिणामों का स्वागत किया, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र के अग्रणी हितधारक एकत्र हुए।
चर्चाएँ गहन एवं भविष्योन्मुख रहीं, जिनमें ध्यान मुख्यत: जि़म्मेदार तरीके से एआई का विस्तार करने, वैश्विक सहयोग सुदृढ़ करने तथा विकास के अवसरों को साकार करने पर केंद्रित रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मानव प्रगति और सतत् विकास के लिए एआई के उपयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता देखना सुखद था।
एक्स पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने कहा:
“एआई इम्पैक्ट समिट में आयोजित सीईओ राउंडटेबल में एआई, प्रौद्योगिकी और नवाचार की दुनिया से विभिन्न हितधारक एकत्र हुए। चर्चाएँ गहन एवं भविष्योन्मुख रहीं, जिनमें ध्यान मुख्यत: उत्तरदायित्वपूर्ण ढंग से एआई का विस्तार करने, वैश्विक सहयोग सुदृढ़ करने तथा विकास के अवसरों को साकार करने पर केंद्रित रहा।”
मानव प्रगति और सतत् विकास के लिए एआई के उपयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता देखना सुखद था।”
The CEO Roundtable at the AI Impact Summit brought together various stakeholders from the world of AI, technology and innovation. The discussions were insightful and forward-looking, focused on scaling AI responsibly, strengthening global collaboration and unlocking opportunities… pic.twitter.com/ZFbrfksL86
कैबिनेट ने बिहार में ₹3,590.73 करोड़ की लागत वाले रोड अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी
August 19, 2026
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (एनएच-22) के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन मानक में उन्नयन करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत किया जाएगा। इसकी कुल पूंजी लागत 3590.73 करोड़ रुपये होगी और इसकी कुल लंबाई 82.578 किलोमीटर है।
प्रस्तावित परियोजना बिहार के विस्तारित राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण के कारण महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखती है। यह एक प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम गलियारा) पर स्थित मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ेगा। परियोजना से मुजफ्फरपुर, मुक्सुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भुतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात की भीड़ को काफी कम करने में मदद मिलती है।
इस परियोजना से यात्रियों और माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही, यात्रा दक्षता में सुधार होगा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसे 100 किमी प्रति घंटे और 80 किमी प्रति घंटे की औसत गति के डिजाइन किया गया है। इसमें सड़क के मध्य विभाजक में समतल-स्तरीय कोई खुला मार्ग नहीं होगा, जिससे तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के सिद्धांतों के अनुरूप नियोजित ये परियोजना औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों सहित प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों से सम्पर्क में सुधार करके मल्टी-मॉडल एकीकरण को बढ़ाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी से माल और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं की कुशल आवाजाही सुगम होगी, क्षेत्रीय आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा और बौद्ध सर्किट तथा सीतामढ़ी स्थित ऐतिहासिक जानकी पुनौरा धाम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध होगी।
एनएच-22 का मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय माल ढुलाई ग्रिड से निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करता है। यह एनएच-31 और एनएच-122 जैसे मौजूदा गलियारों के साथ तालमेल बिठाकर बरौनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा नदी के किनारे स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्रों से बेहतर संपर्क स्थापित करता है। साथ ही, यह भिटामोर स्थित निकटवर्ती लैंड पोर्ट के माध्यम से सीमा पार यात्री और माल की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है।
इसके अतिरिक्त, इस परियोजना में यातायात की सुचारू आवाजाही बनाए रखने और सुरक्षित, उच्च गति वाली यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सात प्रमुख पुलों (जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा एक प्रमुख पुल शामिल है), तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो फ्लाईओवर (1170 मीटर और 270 मीटर) का प्रावधान है।
इस परियोजना से औसत यात्रा गति में वृद्धि, यात्रा समय में कमी तथा समग्र सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहनों की परिचालन लागत में सुधार होगा। इससे क्षेत्रीय आवागमन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना बिहार के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध सम्पर्क प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, उन्नत कॉरिडोर से पीएम गति-शक्ति के पांच आर्थिक केंद्रों (चार औद्योगिक एस्टेट और एक मेगा फूड पार्क), चार सामाजिक केंद्रों (बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी आकांक्षी जिले) और दो लॉजिस्टिक्स केंद्रों (मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन) के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे इस पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की तेज आवाजाही सुगम होगी।
बिहार के चौतरफा विकास के हमारे प्रयासों में कनेक्टिविटी का तेज विस्तार बहुत जरूरी है। इसी दिशा में आज हमारी सरकार ने NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन पर 4-लेन के निर्माण को मंजूरी दी है। पूरे राज्य के लिए लाइफलाइन साबित होने वाली इस परियोजना से प्रगति का एक नया अध्याय…