भारत-इंडोनेशिया संबंध विशेष हैं: प्रधानमंत्री मोदी
हम सभी इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि भारतीय समुदाय ने इंडोनेशिया में खुद को प्रतिष्ठित किया है: पीएम मोदी
पिछले 4 सालों में भारत ने अद्वितीय बदलाव देखा है: प्रधानमंत्री
भारत और इंडोनेशिया, दोनों को अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था और विविधता पर गर्व है: प्रधानमंत्री मोदी
2014 में भारत के लोगों ने एक गरीब पृष्ठभूमि से संबंधित एक व्यक्ति के नेतृत्व में सरकार के लिए मतदान किया, इसी तरह इंडोनेशिया के लोगों ने राष्ट्रपति जोको विडोडो को चुना, जिनकी पृष्ठभूमि भी विनम्र है: पीएम मोदी
भारतीयों का यहां बसना हमारे रिश्तों की मजबूत कड़ी है। आप इंडोनेशिया के विकास में भी बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं: प्रधानमंत्री
हमारी पहली प्राथमिकता देश को भ्रष्टाचार मुक्त, नागरिक केंद्रित और विकास अनुकूल बनाना है: प्रधानमंत्री मोदी
जीएसटी ने भारत को एक बेहतर कर अनुपालन प्रणाली दी है; इससे बेहतर राजस्व प्रणाली सुनिश्चित हुई है: पीएम मोदी
‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने के लिए हम आधुनिक आधारभूत संरचना पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं; हम एक ऐसी प्रणाली बना रहे हैं जो पारदर्शी और संवेदनशील है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के बीच विशेष संबंधों का जिक्र किया और इस वर्ष के प्रारंभ में नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह को याद किया, जहां इंडोनेशिया समेत 10 आसियान देशों के राजनेता उपस्थित हुए थे। उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है कि 1950 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति नई दिल्ली के गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि थे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इंडोनिशिया में भारतीय प्रवासी इंडोनेशिया के स्वाभिमानी नागरिक हैं परंतु वे भारत से भी जुड़े रहना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में भारत में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने एफडीआई, अर्थव्यवस्था का उदारीकरण, व्यापार करने में आसानी तथा भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धा का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपने लोकतांत्रिक प्रकृति तथा विभिन्नता पर गर्व है। उन्होंने दोनों देशों के मध्य गहरे सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करने के लिए बाली-जात्रा तथा खान-पान व भाषा की समानता का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने और राष्ट्रपति विडोडो ने आज संयुक्त रूप से पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया जिसमें रामायण और महाभारत की थीम ली गयी है।

भारत के विकास के संबंध में उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ऐसी प्रणालियों का निर्माण कर रही है जो विकास-अनुकुल और भ्रष्टाचार-मुक्त हैं। “व्यापार करने में आसानी” से आगे जाकर “जीवन यापन में आसानी” पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी प्रक्रियाएं पारदर्शी और संवेदनशील हैं। उन्होंने आधारभूत संरचना विकास के कई क्षेत्रों में हुए नाटकीय विकास कार्यों का विवरण दिया। उन्होंने जीवंत स्टार्टअप पारितंत्र और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि जरूरतमंदों को सहायता करने के मामले में भारत और इंडोनेशिया संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत किसी के पासपोर्ट का रंग नहीं देखता और सभी लोगों की सहायता करता है जिन्हें मदद की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के केवल नामों में ही लय नहीं है बल्कि संस्कृति, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों में भी लय विद्यमान है। 

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को देश में हो रहे बदलावों का जायजा लेने के लिए भारत-भ्रमण का आमंत्रण दिया।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
99.92% villages in India covered with banking outlets within 5 km radius: Govt

Media Coverage

99.92% villages in India covered with banking outlets within 5 km radius: Govt
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए आचार्य श्री कैलाश सागर सूरी ज्ञान मंदिर के प्रयासों की सराहना की
March 31, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए आचार्य श्री कैलाश सागर सूरी ज्ञान मंदिर के किए जा रहे कार्यों की सराहना की। श्री मोदी ने कहा, “मुझे गर्व है कि हमारे देश में ऐसी कई समर्पित टीमें हैं जो इस कार्य में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आने वाली पीढ़ियां हमारे समृद्ध इतिहास से जुड़ी रहें।”

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया;

“मैंने आचार्य श्री कैलाश सागर सूरी ज्ञान मंदिर द्वारा पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की एक झलक देखी। मुझे गर्व है कि हमारे देश में ऐसी कई समर्पित टीमें हैं जो इस कार्य में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आने वाली पीढ़ियां हमारे समृद्ध इतिहास से जुड़ी रहें।”