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India-Indonesia ties are special: PM Modi
We are all proud of the manner in which the Indian diaspora has distinguished itself in Indonesia: PM Modi
In the last four years, India has witnessed unparalleled transformation, says PM Modi in Indonesia
Both India and Indonesia are proud of their democratic ethos and their diversity: PM Modi
In 2014 the people of India voted for a Government headed by a person belonging to a poor background. Similarly, the people of Indonesia elected President Widodo whose background is also humble: PM
Indian diaspora in Indonesia further strengthens the vibrant people-to-people ties between both our countries: PM Modi
Ensuring a corruption-free, citizen-centric and development-friendly ecosystem is our priority: PM Modi
GST has enhanced the tax compliance system in India; it has ensured a better revenue system: PM Modi
To enhance ‘Ease of Living’, we are focussing on modern infrastructure; we are creating a system which is transparent as well as sensitive: PM Modi

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ଆଜି ଜାକର୍ତ୍ତାଠାରେ ପ୍ରବାସୀ ଭାରତୀୟମାନଙ୍କୁ ଉଦବୋଧନ ଦେଇଛନ୍ତି ।

ସେ ଭାରତ ଏବଂ ଇଣ୍ଡୋନେସିଆ ମଧ୍ୟରେ ରହିଥିବା ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ସମ୍ପର୍କର ଅବତାରଣା କରିବା ସହିତ ଚଳିତ ବର୍ଷ ନୂଆଦିଲ୍ଲୀରେ ଆୟୋଜିତ ସାଧାରଣତନ୍ତ୍ର ଦିବସ ସମାରୋହର ସ୍ମୃତିଚାରଣ କରିଥିଲେ ଯେଉଁଠି ଇଣ୍ଡୋନେସିଆ ସମେତ 10ଟି ଆସିଆନ ରାଷ୍ଟ୍ରର ନେତାମାନେ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । ସେ ଉଲ୍ଲେଖ କରିଥିଲେ ଯେ 1950 ମସିହାରେ ଇଣ୍ଡୋନେସିଆର ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ନୂଆଦିଲ୍ଲୀ ଠାରେ ସାଧାରଣତନ୍ତ୍ର ଦିବସ ପରେଡରେ ଯୋଗ ଦେବା ସଂଯୋଗବଶତଃ ନଥିଲା ।

ସେ କହିଥିଲେ ଯେ ଇଣ୍ଡୋନେସିଆରେ ଥିବା ପ୍ରବାସୀ ଭାରତୀୟମାନେ ଏ ଦେଶର ଗର୍ବ, ତଥାପି ସେମାନେ ଭାରତରେ ଥିବା ସେମାନଙ୍କ ମୂଳସମ୍ପର୍କ ସହ ଯୋଡ଼ି ହୋଇ ରହିଛନ୍ତି ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ଯେ ଗତ ଚାରି ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଭାତରେ ଅସମାନ୍ତରାଳ ରୂପାନ୍ତରଣ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି । ଏହି ପରିପ୍ରେକ୍ଷୀରେ, ସେ ଏଫଡିଆଇ, ଅର୍ଥ ବ୍ୟବସ୍ଥାର ଉନ୍ମୁଖତା, ଇଜ ଅଫ ଡୁଇଂ ବିଜନେସ ବା ସହଜ ବ୍ୟବସାୟ ପଦ୍ଧତି ଏବଂ ଭାରତୀୟ ଅର୍ଥ ବ୍ୟବସ୍ଥାର ପ୍ରତିଦ୍ୱନ୍ଦ୍ୱିତା ବିଷୟରେ କହିଥିଲେ ।

ସେ କହିଥିଲେ ଯେ ଉଭୟ ଦେଶ ସେମାନଙ୍କ ଗଣତାନ୍ତ୍ରିକ ନୀତି ଏବଂ ବିବିଧତାକୁ ନେଇ ଗର୍ବିତ । ସେ ବାଲିଯାତ୍ରା, ଏବଂ ଖାଦ୍ୟ ଓ ଭାଷାରେ ରହିଥିବା ସମାନତାର ଉଦାହରଣ ଦେଇ ଦୁଇ ଦେଶର ସାଂସ୍କୃତିକ ସମ୍ପର୍କ ବିଷୟରେ ଉଲ୍ଲେଖ କରିଥିଲେ । ସେ ଉଲ୍ଲେଖ କରିଥିଲେ ଯେ ଆଜି ସେ ଏବଂ ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ୱିଡୋଡୋ ମିଳିତ ଭାବେ ଗୁଡ଼ି ପ୍ରଦର୍ଶନୀ ଉଦଘାଟନ କରିଥିଲେ, ଯାହାର ବିଷୟବସ୍ତୁ ରାମାୟଣ ଏବଂ ମହାଭାରତ ରହିଛି ।

ଭାରତରେ ହୋଇଥିବା ବିକାଶ ସମ୍ପର୍କରେ ସେ କହିଥିଲେ ଯେ କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ଏକ ବ୍ୟବସ୍ଥା ବିକଶିତ କରୁଛନ୍ତି ଯାହା ବିକାଶ ଅନୁକୂଳ ଏବଂ ଦୁର୍ନୀତିମୁକ୍ତ ହୋଇଥିବ । ସେ କହିଥିଲେ ଯେ ‘ବ୍ୟବସାୟିକ ସୁଗମତା’ରୁ ଏବେ ‘ସହଜ ଜୀବନଧାରଣ’ ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ୱାରୋପ କରାଯାଉଛି । ଆମର ପ୍ରକ୍ରିୟା ପାରଦର୍ଶୀ ଏବଂ ସମ୍ବେଦନଶୀଳ ବୋଲି ସେ କହିଥିଲେ । ବିଭିନ୍ନ ଭିତ୍ତିଭୂମି ବିକାଶ କ୍ଷେତ୍ରରେ ହୋଇଥିବା ଗଣତାନ୍ତ୍ରିକ ବିକାଶର ସେ ଉଦାହରଣ ଦେଇଥିଲେ । ଭାରତର ଉଜ୍ଜ୍ୱଳ ଷ୍ଟାର୍ଟ-ଅପ ଇକୋସିଷ୍ଟମ ଏବଂ ଅନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ସୌର ମେଂଟ ବିଷୟରେ କହିଥିଲେ ।

ବଞ୍ଚିତ ଲୋକମାନଙ୍କୁ ସହାୟତା ଲାଗି ଉଭୟ ଭାରତ ଏବଂ ଇଣ୍ଡୋନେସିଆ ସମ୍ବେଦନଶୀଳ ବୋଲି ସେ କହିଥିଲେ । ସେ କହିଥିଲେ ଯେ ଭାରତ କାହାର ପାସପୋର୍ଟର ରଙ୍ଗ ଦେଖିନଥାଏ, ଏବଂ ସହାୟତା ଆବଶ୍ୟକ କରୁଥିବା ସମସ୍ତ ନାଗରିକଙ୍କୁ ସହାୟତା କରିଥାଏ । ସେ କହିଥିଲେ ଯେ ଭାରତ ଏବଂ ଇଣ୍ଡୋନେସିଆ ନାମରେ କେବଳ ସମାନତା ନାହିଁ, ବରଂ ସେମାନଙ୍କ ସଂସ୍କୃତି, ପରମ୍ପରା ଏବଂ ଗଣତାନ୍ତ୍ରିକ ମୂଲ୍ୟବୋଧରେ ସମାନତା ରହିଛି ।

ଭାରତରେ ହେଉଥିବା ପରିବର୍ତ୍ତନ ଦେଖିବା ଲାଗି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ପ୍ରବାସୀ ଭାରତୀୟମାନଙ୍କୁ ନିମନ୍ତ୍ରଣ ଜଣାଇଥିଲେ ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀଙ୍କ 'ମନ କି ବାତ' ପାଇଁ ଆପଣଙ୍କ ବିଚାର ଏବଂ ଅନ୍ତର୍ଦୃଷ୍ଟି ପଠାନ୍ତୁ !
'ପରିକ୍ଷା ପେ ଚର୍ଚ୍ଚା 2022' ରେ ଅଂଶଗ୍ରହଣ ପାଇଁ ଆମନ୍ତ୍ରଣ କରିଛନ୍ତି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ
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ଉତରପ୍ରଦେଶର ବାରଣାସୀରେ କାଶୀ ବିଶ୍ୱନାଥ ଧାମର ଉଦଘାଟନ ଅବସରରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ସମ୍ବୋଧନ
Undoing efforts of past to obliterate many heroes: PM Modi

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Undoing efforts of past to obliterate many heroes: PM Modi
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Our youth has a key role in taking India to new heights in the next 25 years: PM Modi
January 24, 2022
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“Sacrifice of Sahibzadas of Guru Gobind Singh Ji for India's civilization, culture, faith and religion is incomparable”
“Today we feel proud when we see the youth of India excelling in the world of startups. We feel proud when we see that the youth of India are innovating and taking the country forward”
“This is New India, which does not hold back from innovating. Courage and determination are the hallmark of India today”
“Children of India have shown their modern and scientific temperament in the vaccination program and since January 3, in just 20 days, more than 40 million children have taken the corona vaccine”

कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रीपरिषद के हमारे साथी स्मृति ईरानी जी, डॉक्टर महेंद्रभाई, सभी अधिकारीगण, सभी अभिभावक एवं शिक्षकगण, और भारत के भविष्य, ऐसे मेरे सभी युवा साथियों!

आप सबसे बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। आपसे आपके अनुभवों के बारे में जानने को भी मिला। कला-संस्कृति से लेकर वीरता, शिक्षा से लेकर इनोवेशन, समाजसेवा और खेल, जैसे अनेकविध क्षेत्रों में आपकी असाधारण उपलब्धियों के लिए आपको अवार्ड मिले हैं। और ये अवार्ड एक बहुत बड़ी स्‍पर्धा के बाद आपको मिले हैं। देश के हर कोने से बच्‍चे आगे आए हैं। उसमें से आपका नंबर लगा है। मतलब कि अवार्ड पाने वालों की संख्‍या भले कम है, लेकिन इस प्रकार से होनहार बालकों की संख्‍या हमारे देश में अपरम्‍पार है। आप सबको एक बार फिर इन पुरस्कारों के लिए बहुत बहुत बधाई। आज National Girl Child Day भी है। मैं देश की सभी बेटियों को भी बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों

आपके साथ-साथ मैं आपके माता-पिता और टीचर्स को भी विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ। आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं, इसके पीछे उनका भी बहुत बड़ा योगदान है। इसीलिए, आपकी हर सफलता आपके अपनों की भी सफलता है। उसमें आपके अपनों का प्रयास और उनकी भावनाएं शामिल हैं।

मेरे नौजवान साथियों,

आपको आज ये जो अवार्ड मिला है, ये एक और वजह से बहुत खास है। ये वजह है- इन पुरस्कारों का अवसर! देश इस समय अपनी आज़ादी के 75 साल का पर्व मना रहा है। आपको ये अवार्ड इस महत्वपूर्ण कालखंड में मिला है। आप जीवन भर, गर्व से कहेंगे कि जब मेरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, तब मुझे ये अवार्ड मिला था। इस अवार्ड के साथ आपको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी मिली है। अब दोस्तों की, परिवार की, समाज की, हर किसी की आपसे अपेक्षाएँ भी बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं का आपको दबाव नहीं लेना है, इनसे प्रेरणा लेनी है।

युवा साथियों, हमारे देश के छोटे छोटे बच्चों ने, बेटे-बेटियों ने हर युग में इतिहास लिखा है। हमारी आज़ादी की लड़ाई में वीरबाला कनकलता बरुआ, खुदीराम बोस, रानी गाइडिनिल्यू जैसे वीरों का ऐसा इतिहास है जो हमें गर्व से भर देता है। इन सेनानियों ने छोटी सी उम्र में ही देश की आज़ादी को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, उसके लिए खुद को समर्पित कर दिया था।

आपने टीवी देखा होगा, मैं पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गया था। वहां मेरी मुलाकात श्रीमान बलदेव सिंह और श्रीमान बसंत सिंह नाम के ऐसे वीरों से हुई जिन्होंने आज़ादी के तुरंत बाद जो युद्ध हुआ था कश्‍मीर की धरती पर, अभी तो इनकी उम्र बहुत बड़ी है, तब वो बहुत छोटी उम्र के थे और उन्‍होंने उस युद्ध में बाल सैनिक की भूमिका निभाई थी। और हमारी सेना में पहली बार बाल-सैनिक के रूप में उनकी पहचान की गई थी। उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए उतनी कम उम्र में अपनी सेना की मदद की थी।

इसी तरह, हमारे भारत का एक और उदाहरण है- गुरु गोविन्द सिंह जी के बेटों का शौर्य और बलिदान! साहिबज़ादों ने जब असीम वीरता के साथ, धैर्य के साथ, साहस के साथ पूर्ण समर्पण भाव से बलिदान दिया था तब उनकी उम्र बहुत कम थी। भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था और धर्म के लिए उनका बलिदान अतुलनीय है। साहिबज़ादों के बलिदान की स्मृति में देश ने 26 दिसम्बर को 'वीर बाल दिवस' की भी शुरुआत की है। मैं चाहूँगा कि आप सब, और देश के सभी युवा वीर साहिबज़ादों के बारे में जरूर पढ़ें।

आपने ये भी जरूर देखा होगा, कल दिल्ली में इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नेताजी से हमें सबसे बड़ी प्रेरणा मिलती है- कर्तव्य की, राष्ट्रप्रथम की! नेताजी से प्रेरणा लेकर हम सबको, और युवा पीढ़ी को विशेष रूप से देश के लिए अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ना है।

साथियों,

हमारी आजादी के 75 साल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आज हमारे सामने अपने अतीत पर गर्व करने का, उससे ऊर्जा लेने का समय है। ये समय वर्तमान के संकल्पों को पूरा करने का है। ये समय भविष्य के लिए नए सपने देखने का है, नए लक्ष्य निर्धारित करके उन पर बढ़ने का है। ये लक्ष्य अगले 25 सालों के लिए हैं, जब देश अपनी आज़ादी के सौ साल पूरे करेगा।

अब आप कल्‍पना कीजिए, आज आप में से ज्‍यादातर लोग 10 और 20 के बीच की उम्र के हैं। जब आजादी के सौ साल होंगे तब आप जीवन के उस पड़ाव पर होंगे, तब ये देश कितना भव्‍य, दिव्‍य, प्रगतिशील, ऊंचाइयों पर पहुंचा हुआ, आपका जीवन कितना सुख-शांति से भरा हुआ होगा। यानी, ये लक्ष्य हमारे युवाओं के लिए हैं, आपकी पीढ़ी और आपके लिए हैं। अगले 25 सालों में देश जिस ऊंचाई पर होगा, देश का जो सामर्थ्य बढ़ेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारी युवा पीढ़ी की है।

साथियों,

हमारे पूर्वजों ने जो बोया, उन्‍होंने जो तप किया, त्‍याग किया, उसके फल हम सबको नसीब हुए हैं। लेकिन आप वो लोग हैं, आप एक ऐसे कालखंड में पहुंचे हैं, देश आज उस जगह पर पहुंचा हुआ है कि आप जो बोऐंगे उसके फल आपको खाने को मिलेंगे, इतना जल्‍दी से बदलाव होने वाला है। इसीलिए, आप देखते होंगे, आज देश में जो नीतियाँ बन रही हैं, जो प्रयास हो रहे हैं, उन सबके केंद्र में हमारी युवा पीढ़ी है, आप लोग हैं।

आप किसी सेक्टर को सामने रखिए, आज देश के सामने स्टार्टअप इंडिया जैसे मिशन हैं, स्टैंडअप इंडिया जैसे प्रोग्राम चल रहे हैं, डिजिटल इंडिया का इतना बड़ा अभियान हमारे सामने है, मेक इन इंडिया को गति दी जा रही है, आत्मनिर्भर भारत का जनआंदोलन देश ने शुरू किया है, देश के हर कोने में तेजी से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर विस्तार ले रहा है, हाइवेज़ बन रहे हैं, हाइस्पीड एक्सप्रेसवेज़ बन रहे हैं, ये प्रगति, ये गति किसकी स्पीड से मैच करती है? आप लोग ही हैं जो इन सब बदलावों से खुद को जोड़कर देखते हैं, इन सबके लिए इतना excited रहते हैं। आपकी ही जेनेरेशन, भारत ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी इस नए दौर को लीड कर रही है।

आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों के CEO, हर कोई उसकी चर्चा कर रहा है, ये CEO कौन हैं, हमारे ही देश की संतान हैं। इसी देश की युवा पीढ़ी है जो आज विश्‍व में छाई हुई है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि भारत के युवा स्टार्ट अप की दुनिया में अपना परचम फहरा रहे हैं। आज हमें गर्व होता है, जब हम देखते हैं कि भारत के युवा नए-नए इनोवेशन कर रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं। अब से कुछ समय बाद, भारत अपने दमखम पर, पहली बार अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने वाला है। इस गगनयान मिशन का दारोमदार भी हमारे युवाओं के पर ही है। जो युवा इस मिशन के लिए चुने गए हैं, वो इस समय कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

साथियों,

आज आपको मिले ये अवार्ड भी हमारी युवा पीढ़ी के साहस और वीरता को भी celebrate करते हैं। ये साहस और वीरता ही आज नए भारत की पहचान है। कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई हमने देखी है, हमारे वैज्ञानिकों ने, हमारे वैक्सीन Manufacturers ने दुनिया में लीड लेते हुये देश को वैक्सीन्स दीं। हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी बिना डरे, बिना रुके देशवासियों की सेवा की, हमारी नर्सेस गाँव गाँव, मुश्किल से मुश्किल जगहों पर जाकर लोगों को वैक्सीन लगा रही हैं, ये एक देश के रूप में साहस और हिम्मत की बड़ी मिसाल है।

इसी तरह, सीमाओं पर डटे हमारे सैनिकों की वीरता को देखिए। देश की रक्षा के लिए उनकी जांबाजी हमारी पहचान बन गई है। हमारे खिलाड़ी भी आज वो मुकाम हासिल कर रहे हैं, जो भारत के लिए कभी संभव नहीं माने जाते थे। इसी तरह, जिन क्षेत्रों में बेटियों को पहले इजाजत भी नहीं होती थी, बेटियाँ आज उनमें कमाल कर रही हैं। यही तो वो नया भारत है, जो नया करने से पीछे नहीं रहता, हिम्मत और हौसला आज भारत की पहचान है।

साथियों,

आज भारत, अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। इससे आपको पढ़ने में, सीखने में और आसानी होगी। आप अपनी पसंद के विषय पढ़ पाएं, इसके लिए भी शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश भर के हजारों स्कूलों में बन रही अटल टिंकरिंग लैब्स, पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही बच्चों में इनोवेशन का सामर्थ्य बढ़ा रही हैं।

साथियों,

भारत के बच्चों ने, युवा पीढ़ी ने हमेशा साबित किया है कि वो 21वीं सदी में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कितने सामर्थ्य से भरे हुए हैं। मुझे याद है, चंद्रयान के समय, मैंने देशभर के बच्चों को बुलाया था। उनका उत्साह, उनका जोश मैं कभी भूल नहीं सकता। भारत के बच्चों ने, अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी अपनी आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है। 3 जनवरी के बाद से सिर्फ 20 दिनों में ही चार करोड़ से ज्यादा बच्चों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ये दिखाता है कि हमारे देश के बच्चे कितने जागरूक हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का कितना एहसास है।

साथियों,

स्वच्छ भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा श्रेय भी मैं भारत के बच्चों को देता हूं। आप लोगों ने घर-घर में बाल सैनिक बनकर, स्‍वच्‍छाग्रही बनकर अपने परिवार को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित किया। घर के लोग, स्वच्छता रखें, घर के भीतर और बाहर गंदगी ना हो, इसका बीड़ा बच्चों ने खुद उठा लिया था। आज मैं देश के बच्चों से एक और बात के लिए सहयोग मांग रहा हूं। और बच्‍चे मेरा साथ देंगे तो हर परिवार में परिवर्तन आएगा। और मुझे विश्‍वास है ये मेरे नन्‍हें-मुन्‍हें साथी, यही मेरी बाल सेना मुझे इस काम में बहुत मदद करेगी।

जैसे आप स्वच्छता अभियान के लिए आगे आए, वैसे ही आप वोकल फॉर लोकल अभियान के लिए भी आगे आइए। आप घर में बैठ करके, सब भाई-बहन बैठ करके एक लिस्‍ट बनाइए, गिनती करिए, कागज ले करके देखिए, सुबह से रात देर तक आप जो चीजों का उपयोग करते हैं, घर में जो सामान है, ऐसे कितने Products हैं, जो भारत में नहीं बने हैं, विदेशी हैं। इसके बाद घर के लोगों से आग्रह करें कि भविष्य में जब वैसा ही कोई Product खरीदा जाए तो वो भारत में बना हो। उसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो, जिसमें भारत के युवाओं के पसीने की सुगंध हो। जब आप भारत में बनी चीजें खरीदेंगे तो क्‍या होने वाला है। एकदम से हमारा उत्‍पादन बढ़ने लग जाएगा। हर चीज में उत्पादन बढ़ेगा। और जब उत्पादन बढ़ेगा, तो रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। जब रोजगार बढ़ेंगे तो आपका जीवन भी आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए आत्मनिर्भर भारत का अभियान, हमारी युवा पीढ़ी, आप सभी से भी जुड़ा हुआ है।

साथियों,

आज से दो दिन बाद देश अपना गणतन्त्र दिवस भी मनाएगा। हमें गणतन्त्र दिवस पर अपने देश के लिए कुछ नए संकल्प लेने हैं। हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए, और पूरे विश्व के भविष्य के लिए हो सकते हैं। जैसे कि पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है, और इसका लाभ पूरे विश्व को मिलेगा।

मैं चाहूँगा कि आप उन संकल्पों के बारे में सोचें जो भारत की पहचान से जुड़े हों, जो भारत को आधुनिक और विकसित बनाने में मदद करें। मुझे पूरा भरोसा है, आपके सपने देश के संकल्पों से जुड़ेंगे, और आप आने वाले समय में देश के लिए अनगिनत कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

इसी विश्वास के साथ आप सभी को एक बार फिर बहुत बहुत बधाई,

सभी मेरे बाल मित्रों को बहुत-बहुत प्‍यार, बहुत-बहुत बधाई, बहुत बहुत धन्यवाद !