Published By : Admin |
December 9, 2024 | 19:38 IST
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દેશભરના 51 નોડલ કેન્દ્રો પર એસઆઈએચ 2024ના ગ્રાન્ડ ફિનાલેમાં ભાગ લેવા માટે 1300થી વધુ વિદ્યાર્થી ટીમો
આ વર્ષે સંસ્થા સ્તરે આંતરિક હેકાથોનમાં 150%નો વધારો નોંધાયો છે, જે આ અત્યાર સુધીની સૌથી મોટી આવૃત્તિ બનાવે છે
પ્રધાનમંત્રી શ્રી નરેન્દ્ર મોદી 11 ડિસેમ્બર, 2024નાં રોજ સાંજે 4:30 વાગ્યે સ્માર્ટ ઇન્ડિયા હેકેથોન 2024નાં ગ્રાન્ડ ફિનાલેમાં યુવાન ઈનોવેટર્સ સાથે વીડિયો કોન્ફરન્સિંગ મારફતે વાતચીત કરશે. ગ્રાન્ડ ફિનાલેમાં ૧૩૦૦ થી વધુ વિદ્યાર્થી ટીમો ભાગ લેશે. પ્રધાનમંત્રી આ પ્રસંગે જનમેદનીને સંબોધન પણ કરશે.
સ્માર્ટ ઇન્ડિયા હેકેથોન (એસઆઈએચ)ની સાતમી એડિશન 11 ડિસેમ્બર, 2024થી દેશભરમાં 51 નોડલ કેન્દ્રો પર એક સાથે શરૂ થશે. સોફ્ટવેર એડિશન 36 કલાક નોનસ્ટોપ ચાલશે, જ્યારે હાર્ડવેર એડિશન 11થી 15 ડિસેમ્બર 2024 સુધી ચાલુ રહેશે. ભૂતકાળની આવૃત્તિઓની જેમ, વિદ્યાર્થી ટીમો મંત્રાલયો અથવા વિભાગો અથવા ઉદ્યોગો દ્વારા આપવામાં આવેલા સમસ્યાનિવેદનો પર કામ કરશે અથવા રાષ્ટ્રીય મહત્વના ક્ષેત્રો સાથે જોડાયેલા 17 વિષયોમાંથી કોઈ પણ એકની સામે વિદ્યાર્થી નવીનીકરણ કેટેગરીમાં તેમના વિચારો રજૂ કરશે. આ ક્ષેત્રોમાં હેલ્થકેર, સપ્લાય ચેઇન અને લોજિસ્ટિક્સ, સ્માર્ટ ટેકનોલોજી, હેરિટેજ અને કલ્ચર, સસ્ટેઇનેબિલિટી, એજ્યુકેશન એન્ડ સ્કિલ ડેવલપમેન્ટ, વોટર, એગ્રિકલ્ચર એન્ડ ફૂડ, ઇમર્જિંગ ટેકનોલોજીઝ અને ડિઝાસ્ટર મેનેજમેન્ટ સામેલ છે.
આ વર્ષની આવૃત્તિના કેટલાક રસપ્રદ સમસ્યા નિવેદનોમાં ઇસરો દ્વારા પ્રસ્તુત 'ચંદ્ર પર ઘાટા પ્રદેશોની તસવીરોમાં વધારો', જલ શક્તિ મંત્રાલય દ્વારા પ્રસ્તુત એઆઇનો ઉપયોગ કરીને રિયલ-ટાઇમ ગંગા વોટર ક્વોલિટી મોનિટરિંગ સિસ્ટમ વિકસાવવી, સેટેલાઇટ ડેટા, આઇઓટી અને ડાયનેમિક મોડલ્સ અને આયુષ મંત્રાલય દ્વારા પ્રસ્તુત 'એઆઇ સાથે સંકલિત સ્માર્ટ યોગ મેટ વિકસાવવી'નો સમાવેશ થાય છે.
ચાલુ વર્ષે 54 મંત્રાલયો, વિભાગો, રાજ્ય સરકારો, પીએસયુ અને ઉદ્યોગો દ્વારા 250થી વધારે સમસ્યાઓનાં નિવેદનો સુપરત કરવામાં આવ્યાં છે. સંસ્થાના સ્તરે આંતરિક હેકાથોનમાં 150 ટકાનો વધારો નોંધવામાં આવ્યો છે, જે એસઆઈએચ 2023માં 900થી વધીને 2024માં 2,247ની આસપાસ પહોંચી ગયો છે, જે આ અત્યાર સુધીની સૌથી મોટી આવૃત્તિ બનાવે છે. સંસ્થા કક્ષાએ એસઆઈએચ 2024માં 86,000થી વધુ ટીમોએ ભાગ લીધો છે અને રાષ્ટ્રીય સ્તરના રાઉન્ડ માટે આ સંસ્થાઓ દ્વારા આશરે 49,000 વિદ્યાર્થી ટીમો (દરેકમાં 6 વિદ્યાર્થીઓ અને 2 માર્ગદર્શકોનો સમાવેશ થાય છે)ની ભલામણ કરવામાં આવી છે.
India’s democracy and demography are a beacon of hope for the world: PM Modi’s statement to the media ahead of the Budget Session of Parliament
January 29, 2026
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The President’s Address Reflects Confidence and Aspirations of 140 crore Indians: PM
India-EU Free Trade Agreement Opens Vast Opportunities for Youth, Farmers, and Manufacturers: PM
Our Government believes in Reform, Perform, Transform; Nation is moving Rapidly on Reform Express: PM
India’s Democracy and Demography are a Beacon of Hope for the World: PM
The time is for Solutions, Empowering Decisions and Accelerating Reforms: PM
नमस्कार साथियों!
कल राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ का लेखा-जोखा था और 140 करोड़ देशवासी और उसमें भी ज्यादातर युवा, उनके एस्पिरेशन को रेखांकित करने का बहुत ही सटीक उद्बोधन, सभी सांसदों के लिए कई मार्गदर्शक बातें भी, कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सदन में सबके सामने रखी हैं। सत्र के प्रारंभ में ही और 2026 के प्रारंभ में ही, आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में राष्ट्र के मुखिया के रूप में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि सभी माननीय सांसदों ने उसको गंभीरता से लिया ही होगा और यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है, 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, यह दूसरी चौथाई का प्रारंभ हो रहा है, और 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है और यह दूसरे क्वार्टर का, इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का यह पहला बजट आ रहा है और वित्त मंत्री निर्मला जी, देश की पहली वित्त मंत्री ऐसी हैं, महिला वित्त मंत्री ऐसी हैं, जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में रजिस्टर हो रहा है।
साथियों,
इस वर्ष का प्रारंभ बहुत ही पॉजिटिव नोट के साथ शुरू हुआ है। आत्मविश्वास से भरा हिंदुस्तान आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है, आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय यूनियन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है, उसकी एक झलक है। यह फ्री ट्रेड फॉर एंबिशियस भारत है, यह फ्री ट्रेड फॉर एस्पिरेशनल यूथ है, यह फ्री ट्रेड फॉर आत्मनिर्भर भारत है और मुझे पक्का विश्वास है, खास करके जो भारत के मैन्युफैक्चरर्स हैं, वे इस अवसर को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। और मैं सभी प्रकार के उत्पादकों से यही कहूंगा कि जब भारत यूरोपियन यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स जिसको कहते हैं, वैसा समझौता हुआ है तब, मेरे देश के उद्योगकार, मेरे देश के मैन्युफैक्चरर्स, अब तो बहुत बड़ा बाजार खुल गया, अब बहुत सस्ते में हमारा माल पहुंच जाएगा, इतने भाव से वो बैठे ना रहे, यह एक अवसर है, और इस अवसर का सबसे पहले मंत्र यह होता है, कि हम क्वालिटी पर बल दें, हम अब जब बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के बाजार में जाएं और अगर उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के जाते हैं, तो हम यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के खरीदारों से पैसे ही कमाते हैं इतना ही नहीं, क्वालिटी के कारण से उनका दिल जीत लेते हैं, और वो लंबे अरसे तक प्रभाव रहता है उसका, दशकों तक उसका प्रभाव रहता है। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को प्रस्थापित कर देता है और इसलिए 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता, हमारे देश के मछुआरे, हमारे देश के किसान, हमारे देश के युवा, सर्विस सेक्टर में जो लोग विश्व में अलग-अलग जगह पर जाने के उत्सुक हैं, उनके लिए बहुत बड़े अवसर लेकर के आ रहा है। और मुझे पक्का विश्वास है, एक प्रकार से कॉन्फिडेंस कॉम्पिटेटिव और प्रोडक्टिव भारत की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है।
साथियों,
देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की यह पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। और अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं, बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं, इस रिफॉर्म एक्सप्रेसवे को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति को लगा रहे हैं और उसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को भी लगातार गति मिल रही है। देश लॉन्ग टर्म पेंडिंग प्रॉब्लम अब उससे निकल करके, लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर मजबूती के साथ कदम रख रहा है। और जब लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस होते हैं, तब predictivity होती है, जो विश्व में एक भरोसा पैदा करती है! हमारे हर निर्णय में राष्ट्र की प्रगति यह हमारा लक्ष्य है, लेकिन हमारे सारे निर्णय ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हमारी भूमिका, हमारी योजनाएं, ह्यूमन सेंट्रिक है। हम टेक्नोलॉजी के साथ स्पर्धा भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी को आत्मसात भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को स्वीकार भी करेंगे, लेकिन उसके साथ-साथ हम मानव केंद्रीय व्यवस्था को जरा भी कम नहीं आकेंगे, हम संवेदनशीलताओं की महत्वता को समझते हुए टेक्नोलॉजी की जुगलबंदी के साथ आगे बढ़ने के व्यू के साथ आगे सोचेंगे। जो हमारे टिकाकार रहते हैं साथी, हमारे प्रति पसंद ना पसंद का रवैया रहता है और लोकतंत्र में बहुत स्वाभाविक है, लेकिन एक बात हर कोई कहता है, कि इस सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजनाओं को फाइलों तक नहीं, उसे लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। और यही हमारी जो परंपरा है, उसको हम आने वाले दिनों में रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म के साथ आगे बढ़ाने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और भारत की डेमोग्राफी, आज दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है, तब इस लोकतंत्र के मंदिर में हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें, हमारे सामर्थ्य का, हमारे लोकतंत्र के प्रति समर्पण का, लोकतंत्र की प्रक्रियाओं के द्वारा हुए निर्णय का सम्मान करने का यह अवसर है, और विश्व इसका जरूर स्वागत भी करता है, स्वीकार भी करता है। आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान के माध्यम से रोते बैठने का नहीं है, आज हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णयों का कालखंड है। मैं सभी माननीय सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे आएं, राष्ट्र के लिए आवश्यक समाधानों के दौर को हम गति दें, निर्णयों को हम शक्ति दें और लास्ट माइल डिलीवरी में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ें, साथियों आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।