ক্রীড়াবিদ এবং তাদের পরিবারের সঙ্গে ঘরোয়া, স্বতঃস্ফূর্ত মতবিনিময়
আপনাদের সকলের জন্য ১৩৫ কোটি ভারতবাসীর আর্শীবাদ রয়েছে : প্রধানমন্ত্রী
খেলোয়াড়দের জন্য উন্নত প্রশিক্ষণ শিবির, সরঞ্জাম, আন্তর্জাতিক বিভিন্ন খেলার পরিবেশের যোগ দেবার সুযোগের ব্যবস্থা করা হয়েছে : প্রধানমন্ত্রী
নতুন ভাবনা এবং নতুন ধারায় আজ সারা দেশ ক্রীড়াবিদদের সঙ্গে রয়েছে : প্রধানমন্ত্রী
প্রথমবারের মতো অলিম্পিক্সে বিভিন্ন খেলায় এতো বেশি খেলোয়াড় অংশগ্রহণ করার যোগ্যতা অর্জন করেছে : প্রধানমন্ত্রী
এবারই প্রথম ভারত, এতো বেশি খেলায় অংশগ্রহণের সুযোগ পেয়েছে : প্রধানমন্ত্রী
দেশবাসীর দায়িত্ব হল “চিয়ারফরইন্ডিয়া”–য় সামিল হওয়া : প্রধানমন্ত্রী
আমি আপনাদের সঙ্গে কথা বলতে পেরে খুবই আনন্দিত। যদিও আমি সবার সঙ্গে কথা বলতে পারিনি,তবুও আজ সমগ্র দেশের মানুষ আপনাদের আবেগ এবং উৎসাহ অনুধাবন করতে পারছে। এই আলাপচারিতা কর্মসূচিতে আমার সঙ্গে উপস্থিত রয়েছেন দেশের ক্রীড়ামন্ত্রী শ্রী অনুরাগ ঠাকুর। ঠিক একইভাবে আমাদের বর্তমান আইনমন্ত্রী শ্রী কিরেন রিজিজু’জী, যিনি কিছুদিন আগে পর্যন্ত ক্রীড়ামন্ত্রী হিসেবে আপনাদের জন্য অনেক কাজ করেছেন। কনিষ্ঠতম ক্রীড়া প্রতিমন্ত্রী শ্রী নিতীশ প্রামাণিক’জী আমাদের সঙ্গে রয়েছেন। সমস্ত ক্রীড়া সংস্থার প্রধান, তাঁদের সদস্য এবং টোকিও অলিম্পিকে অংশ নিতে চলেছেন আমার সহকর্মী ও খেলোয়াড়ের পরিবারের সদস্যদ- তাঁদের সকলের সঙ্গে আজ এক ভার্চুয়াল মাধ্যমে আমার কথোপকথন হয়েছে। তবে আমি আপনাদের সকলকে আমার দিল্লীর বাড়িতে আমন্ত্রণ জানাতে পারলে আরও ভালো লাগত এবং আমি আপনাদের সঙ্গে ব্যক্তিগতভাবে দেখা করতে পারতাম। এর আগেও আমি এই ধরণের কাজ করেছি। আমার কাছে এই ধরণের অনুষ্ঠান খুবই আনন্দদায়ক। তবে এবার করোনার কারণে তা সম্ভব হচ্ছে না। তদুপরি অর্ধেকের বেশি খেলোয়াড় ইতিমধ্যেই বিদেশে প্রশিক্ষণ নিচ্ছেন। কিন্তু আপনাদের প্রতিশ্রুতি দিচ্ছি যে, আপনারা ফিরে এলে আমি অবশ্যই দেখা করবো। করোনা পরিস্থিতির অনেক কিছুর পরিবর্তন ঘটিয়েছে। অলিম্পিকের বছরও বদলেছে, যেভাবে আপনারা প্রস্তুতি নিচ্ছিলেন, তারও বদল ঘটিয়েছে। অলিম্পিক শুরু হতে এখন আর মাত্র ১০ দিন বাকি রয়েছে। আপনারা টোকিওতে এক ভিন্ন ধরণের পরিবেশ দেখতে চলেছেন।
বন্ধুগণ,
আজ আপনাদের সঙ্গে কথোপকথনের সময় দেশবাসী জানতে পেরেছে যে আপনারা এই কঠিন সময়ে দেশের জন্য কতটা পরিশ্রম করেছেন এবং কিভাবে ঘাম ঝরিয়েছেন। আমি আপনাদের কয়েকজন সহকর্মীর এই কঠোর পরিশ্রমের কথা ‘মন কি বাত’এর শেষ পর্বে আলোচনা করেছি। আপনাদের মনোবল বাড়াতে দেশবাসীর কাছে খেলোয়াড়দের উৎসাহ যোগানোর আহ্বান জানিয়েছি। আজ দেশবাসী আপনাদেরকে উৎসাহিত করছে, তা দেখে আমি খুব খুশি। সম্প্রতি ‘চিয়ার ফর ইন্ডিয়া’ হ্যাশট্যাগের সঙ্গে আমি অনেকগুলি ছবি দেখেছি। সামাজিক যোগাযোগ মাধ্যম থেকে শুরু করে দেশের বিভিন্ন প্রান্তের মানুষ আপনাদের সমর্থন জুগিয়েছে। ১৩৫ কোটি ভারতবাসীর এই শুভেচ্ছাই আপনাদের কাছে ক্রীড়াঙ্গনে প্রবেশের আগে দেশবাসীর আর্শীবাদ স্বরূপ। আমার পক্ষ থেকেও আপনাদের সবাইকে শুভেচ্ছা জানাচ্ছি। নমো অ্যাপে একটি বিশেষ সুবিধা রয়েছে, সেখানে আপনারা সকলে দেশবাসীর কাছ থেকে শুভেচ্ছা পেতে থাকবেন। সাধারণ মানুষ আপনাদের উৎসাহিত করছে, নমো অ্যাপের মাধ্যমে আপনাদের বার্তা পাঠাচ্ছে।
বন্ধুগণ,
আপনাদের সঙ্গে সমগ্র দেশের আবেগ জড়িয়ে রয়েছে। আমি যখন আপনাদের সবাইকে একসঙ্গে দেখছি তখন সাহস, আত্মবিশ্বাস এবং ইতিবাচক দিক দেখতে পাচ্ছি। আমি আপনাদের মধ্যে একটি সাধারণ বিষয় দেখতে পাচ্ছি, তা হল শৃঙ্খলাপরায়ণ, আত্মোৎসর্গ এবং সংকল্পপরায়ণ । আপনারা প্রতিযোগিতার জন্য প্রতিশ্রুতিবদ্ধ। এই গুণগুলিই হল নতুন ভারতের বৈশিষ্ট্য। এই কারণেই আপনারা সবাই নতুন ভারতের প্রতিচ্ছবি এবং দেশের ভবিষ্যতের প্রতীক। আপনারা কেউ কেউ দক্ষিণ, উত্তর, পূর্ব এবং উত্তরপূর্ব রাজ্য থেকে এসেছেন। কেউবা গ্রামের মাঠ থেকে খেলা শুরু করেছেন, আবার অনেক বন্ধু শৈশব থেকেই কোনো না কোনো ক্রীড়া প্রশিক্ষণ সংস্থার সাথে যুক্ত। তবে এখন আপনারা সবাই ‘টিম ইন্ডিয়া’র অঙ্গ। আপনারা সবাই দেশের হয়ে খেলতে যাচ্ছেন। এই বৈচিত্র্যই, ‘টিম স্পিরিট’ হল ‘এক ভারত শ্রেষ্ঠ ভারত’ এর পরিচয়।
বন্ধুগণ,
আপনারা প্রত্যেকেই প্রত্যক্ষদর্শী যে, দেশ কিভাবে তার প্রতিটি খেলোয়াড়ের সঙ্গে এক নতুন চিন্তাভাবনা এবং নতুন পদ্ধতির মাধ্যমে পাশে দাঁড়িয়েছে। আজ আপনার অনুপ্রেরণা দেশের জন্য অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। আপনাদের সর্বাধিক অগ্রাধিকার দেওয়া হয়েছে, যাতে আপনারা নির্দ্বিধায় খেলাধুলা করতে, ক্রীড়া ক্ষেত্রে মানোন্নয়ন ঘটাতে এবং কৌশলে বিকাশ সাধন করতে পারেন। আপনাদের মনে থাকতে পারে যে, অলিম্পিকের জন্য অনেক আগেই একটি উচ্চস্তরীয় কমিটি গঠন করা হয়েছে। 'লক্ষ্য অলিম্পিক মঞ্চ প্রকল্প', এর আওতায় সমস্ত খেলোয়াড়দের জন্য সম্ভাব্য সবরকম সহায়তা বৃদ্ধি করা হয়েছে। এর মাধ্যমে আপনারা এক অভিজ্ঞতাও অর্জন করেছেন। আপনারা আগের তুলনায় নতুন পরিবর্তনগুলি অনুভব করতে পারছেন।
আমার বন্ধুগণ,
দেশের জন্য আপনারা ঘাম ঝরাবেন, দেশের হয়ে পতাকা বহন করবেন; অথএব আপনাদের পাশে দৃঢ়ভাবে দাঁড়ানো দেশের দায়িত্ব। আমরা খেলোয়াড়দের আরও ভালো প্রশিক্ষণ শিবির এবং আরও ভালো সরঞ্জাম সরবরাহের চেষ্টা করছি। আজ খেলোয়াড়দের আরও বেশিকরে আন্তর্জাতিক স্তরের প্রচারের আলোয় নিয়ে আসা হয়েছে। ক্রীড়া সংস্থাগুলি আপনাদের পরামর্শগুলিকে সর্বোচ্চ গুরুত্ব দিয়েছে এবং এতো অল্প সময়ের মধ্যে এই পরিবর্তন নিয়ে এসেছে।
বন্ধুগণ,
খেলার মাঠে কঠোর পরিশ্রমের সঙ্গে সঠিক কৌশল যেমন জয় সুনিশ্চিত করে তেমনই একটি জিনিস মাঠের বাইরেও প্রযোজ্য।দেশ মিশন মোডে ‘খেলো ইন্ডিয়া’ এবং ‘ফিট ইন্ডিয়া’র মতো প্রচার চালিয়ে সঠিক কৌশল গ্রহণ করে কাজ করে চলেছে বলে আজ আপনারা এই ফলাফল দেখতে পাচ্ছেন। এই প্রথমবার এতো বেশি সংখ্যক খেলোয়াড় অলিম্পিকের জন্য যোগ্যতা অর্জন করেছেন। এমনকি এই প্রথমবার ভারত থেকে এতো বেশি সংখ্যক খেলোয়াড় এতোগুলি প্রতিযোগিতায় অংশ নিচ্ছেন। এমন অনেক প্রতিযোগিতা রয়েছে, যেখানে ভারত এই প্রথম যোগ্যতা অর্জন করেছে।
বন্ধুগণ,
আমাদের দেশকে বলা হয়- 'অভ্যাসত্ জয়তে নৃণাম্' অর্থাৎ যেমন আমরা অনুশীলন করবো, চেষ্টা করবো ধীরে ধীরে তা আমাদের অভ্যাসের অঙ্গ হয়ে উঠবে। আপনারা সবাই জয়ের জন্য এতোদিন অনুশীলন করে এসেছেন। আপনার এবং আপনাদের শক্তির দিকে তাকালে সে বিষয়ে কোনো সন্দেহ নেই। আপনাদের উৎসাহ এবং দেশের যুব সমাজকে দেখে আমি বলতে পারি যে, সেই দিন খুব বেশি দূরে নয়, যখন জয়লাভ করা নতুন ভারতের অভ্যাসে পরিণত হবে। এটি শুরু হতে চলেছে। আপনারা যখন টোকিও গিয়ে দেশের পতাকা উত্তোলন করবেন তখন সমগ্র বিশ্ব তা দেখতে পাবে। তবে আপনাদের অবশ্যই মনে রাখতে হবে যে, জয়ের জন্য খেলতে হবে বলে আপনাদের কখনোই কোনো চাপের মধ্যে থাকতে হবে না। আপনাদের হৃদয় এবং মনকে কেবল একটি জিনিসই বলুন- আমাকে আমার সেরাটা দিতে হবে। আমি আবারও দেশবাসীকে ‘চিয়ার ফর ইন্ডিয়া’র জন্য আহ্বান জানাবো। আমার দৃঢ় বিশ্বাস আছে যে, আপনারা সবাই দেশের হয়ে খেলবেন ও দেশের গৌরব বৃদ্ধি করবেন এবং দেশকে এক নতুন উচ্চতায় পৌঁছে দেবেন। এই দৃঢ় প্রত্যয়ের সঙ্গে আমি আপনাদেরকে অনেক ধন্যবাদ জানাচ্ছি! আপনাদের পরিবারের সদস্যদের জন্যও আমার বিশেষ শুভেচ্ছা রইলো! অনেক ধন্যবাদ।
आज मैं एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर विशेष कर देश की माता बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं! आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया है। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया! और मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों, उनसे मैं क्षमा प्रार्थी हूं।
साथियों,
हमारे लिए देश हित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सब कुछ हो जाता है, दल हित, देश हित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को, देश हित को, इसका खामियाजा उठना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश के नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।
साथियों,
कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी, देश की नारी शक्ति देख रही थी, मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ, कि जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा, जैसी परिवारवादी पार्टियां, खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छिनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर उसके आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती, इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोग के उन सबके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने, इन्हीं लोगों ने, संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था, खुशियां मनाई थीं। कल संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा, ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं, वो ये भूल रहे हैं, कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है, वो उनकी की मंशा भाप रही है और सच्चाई भी भली भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है और जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे।
साथियों,
सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से भी कुछ छिनने का नहीं था। नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ ना कुछ देने का था, देने के लिए संशोधन का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।
नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञन था। देश की 50% यानी आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नियत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था। नारी को भारत की विकास यात्रा में सहयात्री बनाने और सबको जोड़ने का प्रयास था। नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की हर राज्य की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। राज्य छोटा हो, राज्य बड़ा हो, राज्य की आबादी कम हो या राज्य की आबादी ज्यादा हो। सब की समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। लेकिन इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है, भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, टीएमके जैसे दल, इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं, ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं।
साथियों,
कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है, उसने हमेशा से ही महिला आरक्षण को रोकने के लिए षड्यंत्र किए हैं। इस दिशा में पहले जितनी बार भी प्रयास हुए, हर बार कांग्रेस ने इसमें रो़ड़े अटकाए हैं। इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला आरक्षण को रोकने के लिए एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया। कभी संख्या को लेकर, कभी किसी और तरीके से, कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह करने की कोशिश की। ऐसा करके इन दलों ने भारत के नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। अपना मुखौटा उतर दिया है।
साथियों,
मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेंगी। कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने का, महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का, अवसर खो दिया। कांग्रेस खुद देश के अधिकांश हिस्सों में अपना वजूद खो चुकी है। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों के पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए है। लेकिन कांग्रेस, ये भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े, इसलिए कांग्रेस ने इस संशोधन का विरोध करवारकर अनेक क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलना का राजनीतिक षड्यंत्र किया है।
साथियों,
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी और दूसरी पार्टियां, इतने वर्षों से हर बार वही बहाने, वही कुतर्क गढ़ते आए हैं, बनाते आए हैं, कोई ना कोई टेक्निकल पेंच फंसाकर, ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते रहे हैं। देश राजनीति का यह भद्दा पैटर्न बराबर समझ चुका है, और उसके पीछे की वजह भी जान चुका है।
भाइयों बहनों,
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है, इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है, अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। आज पंचायतों में, लोकल बॉडीज में, जिन हजारों लाखों महिलाओं ने अपनी क्षमता को साबित किया है, जब आगे बढ़कर लोकसभा और विधानसभाओं में आना चाहती हैं, देश की सेवा करना चाहती हैं, परिवारवादियों के भीतर उनसे असुरक्षा की भावना बैठी हुई है। परिसीमन के बाद महिलाओं के लिए कहीं ज्यादा सीटें होंगी, महिलाओं का कद बढ़ेगा, इसीलिए, इन लोगों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध किया है। देश की नारीशक्ति कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इस पाप के लिए कभी माफ नहीं करेगी।
मेरे प्रिय देशवासियों,
कांग्रेस और उसके साथी दल, डिलिमिटेशन पर लगातार, लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। क्योंकि, बांटो और राज करो, काँग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है। और, कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। इसलिए, ये झूठ फैलाया गया कि डिलिमिटेशन यानी परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा! जबकि, सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है, कि न किसी
राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का representation कम होगा। बल्कि,सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी काँग्रेस,DMK,TMC और समाजवादी पार्टी जैसे दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए।
साथियों,
ये संशोधन बिल सभी दलों, और सभी राज्यों के लिए एक मौका था, एक अवसर था। ये बिल पास होता तो तमिलनाडु, बंगाल, यूपी, केरलम, हर राज्य की सीटें बढ़तीं। लेकिन अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से इन दलों ने, अपने राज्य के लोगों को भी धोखा दे दिया। जैसे कि, DMK के पास मौका था कि वो और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद, विधायक बना सकती थी, तमिलनाडु की आवाज़ और मजबूत कर सकती थी! लेकिन, उसने वो मौका खो दिया। TMC के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था। लेकिन TMC ने भी ये मौका गवां दिया। समाजवादी पार्टी के पास भी मौका था कि वो महिला विरोधी छवि होने के दाग को कुछ कम कर सके। लेकिन सपा भी इसमें चूक गई। समाजवादी पार्टी लोहिया जी को तो पहले ही भूल चुकी है। सपा ने नारीशक्ति वंदन संशोधन का विरोध करके, लोहिया जी के सारे सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। सपा महिला आरक्षण विरोधी है, ये यूपी की और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।
साथियों,
महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके, कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है। कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। 21वीं सदी के विकसित भारत के लिए, जो भी निर्णय, जो भी रिफॉर्म्स ज़रूरी हैं, जो भी निर्णय देश ले रहा है, कांग्रेस उन सबका विरोध करती है, उसे खारिज कर देती है, उस काम के अंदर खलल डालती है। यही कांग्रेस का इतिहास है और यही कांग्रेस की नेगेटिव पॉलिटिक्स है।
साथियों,
ये वही कांग्रेस है, जिसने जनधन-आधार-मोबाइल की त्रिशक्ति का विरोध किया। कांग्रेस ने, डिजिटल पेमेंट्स का विरोध किया, कांग्रेस ने, GST का विरोध किया, कांग्रेस ने, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का विरोध किया, कांग्रेस ने, ट्रिपल तलाक के विरुद्ध कानून का विरोध किया। कांग्रेस ने, आर्टिकल 370 हटाने का विरोध किया। हमारा संविधान, हमारे कोर्ट, जिस यूनिफॉर्म सिविल कोड, समान नागरिक आचार संहिता को, यूसीसी को ज़रूरी बताते हैं, कांग्रेस उसका भी विरोध करती है। Reform का नाम सुनते ही कांग्रेस, विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। ऐसा कोई भी काम जिससे देश मजबूत होता है, कांग्रेस उसमें बाधाएं खड़ी करने के लिए पूरी शक्ति लगा देती है। कांग्रेस, वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करती है, कांग्रेस, देश से घुसपैठियों को भगाने का विरोध करती है, कांग्रेस, मतदाता सूची के शुद्धिकरण, SIR का विरोध करती है, कांग्रेस, वक्फ बोर्ड में Reform का विरोध करती है।
साथियों,
कांग्रेस ने, शरणार्थियों को सुरक्षा देने वाले CAA कानून तक का विरोध किया। इस पर झूठ बोलकर-अफवाहें फैलाकर देश में बवंडर खड़ा कर दिया। कांग्रेस, माओवादी-नक्सली हिंसा को समाप्त करने के देश के प्रयासों में भी रुकावटें डालती है। कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है, कोई भी Reform आए तो झूठ बोलो, भ्रम फैलाओ। इतिहास साक्षी है, कांग्रेस ने हमेशा यही नेगेटिव रास्ता चुना है।
साथियों,
जो भी कार्य देश के लिए जरूरी फैसला होता है, कांग्रेस इसको कार्पेट के नीचे डाल देती है। कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से भारत विकास की उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया, जिसका भारत हकदार है। आजादी के समय, उस दौर में हमारे साथ और भी कई देश आजाद हुए थे। ज्यादातर देश हमसे बहुत आगे निकल गए, और इसकी वजह थी, कि कांग्रेस हर Reform को रोककर बैठी रही। लटकाना-भटकाना- अटकाना यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, यही कांग्रेस का वर्क कल्चर रहा है। कांग्रेस ने पड़ोसी देशों के साथ सीमा-विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने पाकिस्तान के साथ पानी के बंटवारे से जुड़े विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण के निर्णय को 40 साल तक लटकाए रखा। कांग्रेस ने सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन को 40 साल तक रोके रखा।
साथियों,
कांग्रेस के इस रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है। कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियों ने भुगता है। आज देश के सामने जितनी भी बड़ी चुनौतियां हैं, वो कांग्रेस के इसी रवैये से उपजी हुई हैं। इसलिए, ये लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है, ये लड़ाई, कांग्रेस की उस एंटी-रिफॉर्म मानसिकता के साथ है, जिसमें सिर्फ नेगेटिविटी है, नकारात्मकता है। और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है, कि देश की सभी बहनें-बेटियां, कांग्रेस की इस मानसकिता को करारा जवाब देकर रहेगी।
साथियों,
कुछ लोग देश की महिलाओं के सपने टूटने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं। लेकिन, ये विषय कामयाबी या नाकामयाबी क्रेडिट का था ही नहीं। मैंने संसद में भी कहा था, आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिये, मैं इसका क्रेडिट, विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के सभी लोगों को दे दूँगा। लेकिन, महिलाओं को दक़ियानूसी सोच से देखने वाले फिर भी अपने झूठ पर अड़े रहे, कायम रहे!
साथियों,
नारीशक्ति को भागीदारी दिलाने की लड़ाई दशकों से चल रही है। वर्षों से मैं भी इसके लिए प्रयास करने वालों में से एक हूं। कितनी ही महिलाएं ये विषय मेरे सामने उठाती रही हैं। कितनी ही बहनों ने पत्र के द्वारा मुझे सारी बातें बताई हैं। मेरे देश की माताएं-बहनें-बेटियां, मैं जानता हूं, आज आप सब दुखी हैं। मैं भी आपके इस दुःख में दुःखी हूँ। आज भले ही, बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 परसेंट नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे, हटाकर के रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है, हमारी हिम्मत भी अटूट है और हमारा इरादा भी अडिग है। महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से कभी भी रोक नहीं पाएंगे, सिर्फ वक्त का इंतजार है। नारी शक्ति के सशक्तीकरण का बीजेपी-एनडीए का संकल्प अक्षुण्ण है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम हार गए। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं। हमारे पास आगे अभी और मौके आएंगे, हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए, इस संकल्प को पूरा करना ही है। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।