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PM Modi speaks at the launch of #DigitalIndia Week
Our demographic dividend must get digital strength: PM
dream of a #DigitalIndia cyber security becomes an integral part of national security: PM Modi
dream of a #DigitalIndia where the world looks to #India for the next big idea: PM Modi
dream of #DigitalIndia where 1.2 billion connected Indians drive the nation: PM Modi

मंच पर विराजमान मंत्रि परिषद के मेरे सभी साथी, उद्योग जगत के सभी मित्र भिन्‍न भिन्‍न देशों के सभी राजदूत और बहुत बड़ी संख्‍या में पधारे हुए नौजवान दोस्‍तों,

मैं श्रीमान रविशंकर प्रसाद और उनकी टीम को ह्दय से बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं बधाई देता हूं कि उन्‍होंने comprehensive integrated approach के साथ भारत के भविष्‍य को बदलने का एक खाका खींचा है और जिस बारीकी से सारी योजनाओं की रचना की है, मुझे विश्‍वास है कि करोड़ों देशवासी जिन सपनो को संजो रहे हैं वे सपने साकार हो कर रहेंगे।

उद्योग जगत के कुछ मित्रों को यहां मंच पर, डिजिटल इंडिया के संदर्भ में वे क्‍या सोचते हैं वे क्‍या कर सकते हैं के विचार हमे सुनने को मिले। हमारे रविशंकरप्रसाद जी हिसाब लगा रहे थे बैठे बैठे, कि वो क्‍या बोल रहे हैं और उन्‍होंने मुझे बताया है कि करीब करीब साढे चार लाख करोड़ रूपये का investment.. और करीब करीब 18 लाख लोगों को रोजगार.. और यह तो जो ऊपर बैठे हैं उन्‍होंने बताया हैं और नीचे बहु‍त बड़ी मात्रा में बैठे हैं.. उनका अभी सुनना बाकी है। यहां बहुत बड़ी मात्रा में इस क्षेत्र में पहले से ही काम करने वाले उद्योग जगत के मित्र बैठे हैं।

वक्‍त बहुत तेजी से बदल चुका है। पहले हम लोग कभी किसी परिवार में जाते थे और छोटे बच्‍चे से बात करते थे तो बच्‍चा क्‍या करता था? अगर आपका चश्‍मा है तो खींच के ले जाता था या आपकी जेब में पेन है तो उसको उठाता था। लेकिन आज आप मार्क करना कि वह न चश्‍मे को हाथ लगाता है न पेन को हाथ लगाता है वह आपका मोबाइल फोन छीनता है। मोबाईल फोन हाथ में आते ही ठीक से पकड़ता है, आप मार्क करना.. और अपना शुरू कर देता है और अगर, जैसा चाहे वैसा आपरेशन नहीं होता तो रोने लगता है यानी बाकी वह कुछ समझे या ना समझे डिजिटल ताकत को समझता है। समय की मांग है कि हम इस बदलाव को समझें और अगर हम इस बदलाव को नहीं समझेंगे तो हम कहीं पड़ रहेंगे कोने में दुनिया दूर चली जाएगी और हम देखते ही रह जायेंगे एक समय था कि सदियों पहले लोग बसते थे, नदी के तट पर। गांव बसते थे, शहर बसते थे नदी के तट पर या समुंदर के किनारे पर।

वक्‍त बदल गया बाद में जहां जहां से हाइवे गुजरते थे, शहर वहां बसना शुरू हुए लेकिन अब मानव जा‍ति वहीं पर बसेगी जहां से ऑप्टिकल फाइबर गुजरता होगा। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है और इसलिए अगर विश्‍व के अंदर सवा सौ करोड़ का देश, अपनी ताकत का अहसास कराना चाहता है तो जो हजारो साल पुरानी महान संस्‍कति है.. हम सवा सौ करोड़ देश वासी हैं, हम 65 प्रतिशत 35 साल से कम उम्र के हैं, ये गीत गाने से बात बनने वाली नहीं है। ये जो भी विरासत है, जो सामर्थ्‍य है, उसके साथ आधुनिक विज्ञान को, आधुनिक टेक्‍नॉलॉजी को जोड़ना अनिवार्य है। अगर demographic dividend.. इसको अगर digital strength नहीं मिलेगी तो ये demographic dividend ..हम global level पर जितनी मात्रा में फायदा उठाना चाहिए नहीं उठा पायेंगे। इसलिए देश को तैयार करने की आवश्‍यकता है। आज हमारे देश में करीब करीब 25 करोड़-तीस करोड़ internet users हैं। users की संख्‍या में तो दुनिया में ये संख्‍या बहुत बड़ी है लेकिन जो इससे वंचित है वो संख्‍या भी दुनिया के हिसाब से बड़ी है। जिनकी अपनी पहुंच थी जिनकी अपनी ताकत थी जो खुद कर सकता था, जिसको ज़रूरत थी, उन्‍होंने तो अपना कर लिया। लेकिन जो खुद नहीं कर सकता है, उसको उसके नसीब पर छोड़ देना चाहिए क्‍या? देश का एक तबका.. वो तो Digital world के साथ बहुत तेज गति से आगे बढ़ता हो और देश का बहुत बड़ा तबका उससे वंचित रह जाए तो जो अमीर और गरीब की खाई के कारण समस्‍याएं पैदा होती हैं, शहर और गांव में सुविधा के कारण जो खाई पैदा होती है, उससे भंयकर स्थिति Digital Divide के कारण पैदा हो सकती है।

इसलिए यह हमारा दायितव बनता है, हमारी जिम्‍मेवारी बनती है कि हम इस आधुनिक विज्ञान, जो कि मानव की आवश्‍यकताओं की पूर्ति का एक बहुत बड़ा catalyst agent बना हुआ है, उससे गरीब से गरीब भी वंचित नहीं रहना चाहिए। यह सुविधा जब तक हम गांव, गरीब, किसान तक नहीं पहुंचाएंगे तो यह विकास की जो बातें हैं, न वो उसका लाभ उठा पाएगा, न हम उसको सेवा दे पाएंगे। इसलिए इस चुनौती को हमने स्‍वीकार किया है कि आने वाले वर्षों में, दूर-सुदूर गांव में भी गरीब से गरीब व्‍यक्ति को भी इस platform को उपलब्‍ध कराना चाहिए, जिस platform से वो अपनी आवश्‍यकताओं की पूर्ति का माध्‍यम..आवश्‍यकता के अनुसार उपयोग करता रहे। दुनिया जिस प्रकार से बदल रही है, आपने देखा होगा आपको घर में.. मान लीजिए कभी तय करें कि चलो भई किसी restaurant में आज अच्‍छा खाने जाना है, परिवार के चार लोग बैठकर के चर्चा करें कि कहां जाएंगे और आपका 15-16 साल का बच्‍चा है, वो सुनता है, तो वो क्‍या करता है.. तुरंत वो Google गुरू के पास जाता है। Google गुरू से पूछता है कि नजदीक में अच्‍छे से अच्‍छा restaurant कौन सा है, अच्‍छे से अच्‍छा menu कौन सा है? और वो table पर वहां बैठे बैठे बुक करा देता है। यह इतना बड़ा बदलाव है, इस बदलाव को समझते हुए हमने भी अपनी व्‍यवस्‍थाओं को विकसित करना चाहिए। minimum government maximum governance, इस सपने को साकार करने में technology बहुत बड़ा रोल प्‍ले करती है। e-governance, सामान्‍य मानव की.. जो शासकीय सेवाओं में उसका हक है, उसको प्राप्‍त करने के लिए उत्‍तम से उत्‍तम मार्ग है। e-governance बहुत ही तेजी से m-governanceमें बदलने वाला है। ‘m’ does not mean Modi Governance, it is mobile governance. सारा कारोबार, सारी आवश्‍यकतांए, सारी व्‍यवस्‍थाएं मोबाइल फोन के ईद-गिर्द.. पूरी सरकार आपके मोबाइल फोन में मौजूद होने वाली है, वो दिन दूर नहीं है।

लेकिन इसके लिए हमें अपने आप को सजग करना होगा, व्‍यवस्‍थाएं विकसित करनी होगी। e-governances easy governance, is economical governance.. आर्थिक रूप से अनुकुल यह governance.. और उसको हम जितना बल दे सकें, हमें उसको बल देना है। उसी प्रकार से हमारे सामने समस्‍या रहती है, सरकार में, एक ही काम के लिए इतनी multiple activity करनी पड़ती है, इतना समय बर्बाद होता है। आधुनिक विज्ञान के माध्‍यम से conversion इतना सरल होता है.. और जैसा अभी आपको presentation में बताया कि आज सरकार में 10 जगह पर 10 काम हैं तो सारे certificate दस जगह पर देने पड़ते हैं। अब वो सारी मुसीबत चली जाएगी। जब व्‍यवस्‍थाएं खड़ी हो जाएंगी तो आपके एक Digital number से उसको सारी चीजें उपलब्‍ध हो जाएंगी और कारोबार आगे चलता चला जाएगा। आने वाले दिनों में.. आज हम चर्चा करते हैं कि बच्‍चों को इतना बोझ उठाकर के स्‍कूल जाना पड़ता है। उनके बक्‍से में उनके वजन से ज्‍यादा किताबों का वजन होता है। इन बालकों की समस्‍या का समाधान भी Digital India में है। सारा syllabus एक छोटे से equipment में वो अपने साथ लेकर के घूम सकता है। इसलिए कुछ लोग, ऐसी जब बात होती है तो उनको लगता है कि यह तो बड़ा elite class के लिए काम है, बड़े लोगों के लिए काम है.. हकीकत नहीं है।

जब satellite छोड़े जाते थे, आज से कुछ वर्षों पहले, तो कुछ लोग डिबेट करते थे कि भारत जैसा गरीब देश! यह satellite किस के लिए छोड़े जा रहे हैं! क्‍या उपयोग है! लेकिन आज वही satellite, weather forecast अगर सही ढंग से करता है तो सीधा-सीधा फायदा गरीब किसान को होता है। जब खर्चा करते हैं तो आलोचना होती है लेकिन वही बाद में मानव की आवश्‍यकताओं की पूर्ति करता है। यह सारी योजनाएं जो आपने देखीं.. अब देखिए आज, तो बैंक में जाना वगैरह सब है लेकिन वो दिन अब दूर नहीं है कि बैंक पेपर लेस होने वाला है, बैंक premises less होने वाला है। पूरा बैंकिंग कारोबार आपके मोबाइल फोन से चलने वाला है।

यह जो बदलाव आ रहा है, इस बदलाव के लिए हमें अपने आप को सजग करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। अगर हम देखें तो हम 19वीं शताब्‍दी से.. तब से इन कामों को तेज गति से आगे बढ़ाने की आवश्‍यकता थी। जब दुनिया ने Industrial revolution देखा, हम पिछड़ गए, क्‍यों? क्‍योंकि हम गुलाम थे। औद्योगिक क्रांति का हमें लाभ नहीं मिला। लेकिन आज जब IT revolution आया, हम आजाद हैं, हम youthful nation हैं और हमारे पास talent है। जहां तक IT की बात होगी, दुनिया हिंदुस्‍तान का लोहा मानती है। हमें यह मौका गंवाना नहीं है। गुलामी के कालखंड में हमने जो मौका गंवाया, यह मौका हमें IT revolution में गंवाना नहीं है। इसके सामने कुछ और चीजों पर भी बल देने की आवश्‍यकता है। Petroleum Import की हमारी मजबूरी है, ऊर्जा की आवश्‍कयता है, जरूरत पड़ती है, हमारे पास source कम है, लाना पड़ता है। लेकिन यह बात गले नहीं उतरती है कि हिंदुस्‍तान का second highest import electronic goods हैं। क्‍या यह देश, जहां पर इतने IT Professionals हो, जहां इतनी बड़ी मात्रा में उद्योगकार हों.. और कोई इतनी बड़ी technology भी नहीं है। क्‍या हम हमारे देश में electronic goods इतनी बड़ी मात्रा में न बना पाएं कि जो qualitatively globally competitive हों, और भारत का बना हुआ हो ताकि भारत को कभी बाहर से import न करना पड़े।

Digital India के माध्‍यम से हम electronic good को हिंदुस्‍तान में manufacture करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हम देश के उद्योग जगत को निमंत्रित करना चाहते हैं। मैं नौजवानों को भी, start-up के लिए जो मदद चाहिए, सरकार देने के लिए तैयार है। और आज दुनिया में start-up की दिशा में हिंदुस्‍तान के नौजवानों की संख्‍या बहुत बड़ी मात्रा में है। आने वाले दिनों में शायद अमेरिका के बाद हम नंबर दो पर आ जाएंगे, start-up के लिए। लेकिन इसे और बढ़ाना है। मैं देश के नौजवानों को भी चुनौती देता हूं, अगर IT Professional हमारे हैं, दुनिया के IT कंपनियों में ढेर सारी मात्रा में भारतीय मूल के लोग नजर आते हैं, लेकिन क्‍या कारण है कि Google का innovation हमारे यहां नहीं होता है। क्‍या कारण है कि innovation बाहर होते हैं। Digital India के माध्‍यम से हम देश के नौजवानों कोinnovations के लिए आह्वान कर रहे हैं, कि आप आइए, इस चुनौती को स्‍वीकार कीजिए।

भारत जैसे देश को सबसे पहली आवश्‍यकता है.. जैसे Make in India का महत्‍व है, वैसे ही Design in India भी उतना ही महत्‍वपूर्ण है। हमारे देश के नागरिकों की रूचि, प्रकृति, प्रवृति के अनुसार हमारा प्रोडक्‍ट तैयार हो। वो जिस भाषा में समझता है, उस भाषा में प्रोडक्‍ट तैयार है। जिस age group को address करना है, उसकी आवश्‍यकता है के अनुसार प्रोडक्‍ट तैयार हो। सवा सौ करोड़ देशवासियों का बाजार है। हमारे देश के नौजवान अपने talent का उपयोग करते हुए, innovations को ध्‍यान में रखते हुए Design in India.. इस concept को पकड़ते हुए Digital India के अंदर नई ताकत, नए प्राण भर सकते हैं.. और उसको बल देने के लिए मैं देश के नौजवानों का आह्वान करता हूं। विश्‍व की ओर नजर करें, मैं मानता हूं कि भारत को एक बहुत बड़ी जिम्‍मेवारी अदा करने का समय आ गया है। हम देख सकते हैं कि दुनिया में रक्‍तविहीन युद्ध.. और मैं बहुत जिम्‍मेवारी के साथ बोल रहा हूं, रक्‍तविहीन युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। इस रक्‍तविहीन युद्ध के जब बादल मंडरा रहे हैं तो ऐसे में सुख-चैन की जिंदगी जी सके, क्‍या भारत इसका नेतृत्‍व कर सकता है कि नहीं कर सकता है?विश्‍व को सुख-चैन की जिंदगी जीने के लिए रक्‍तहीन युद्ध से सुरक्षा देने के लिए क्‍या भारत का talent काम आ सकता है कि नहीं आ सकता है? मैं जो रक्‍तहीन युद्ध की बात करता हूं, वो मु्द्दा है – cyber security का, उस पर हम बल देना चाहते हैं। और आज जब हम इस Digital India को launch कर रहे हैं तब उनको सपनों को साकार करने का हमारा प्रयास है तब मैं जरूर कहना चाहूंगा...

I dream of a DIGITAL INDIA where:

High-speed Digital Highwaysunite the Nation

एक जमाना था Highwaysके लिए मांग होती थीअब अकेले Highwaysसे चलने वाला नहीं है Highwaysभी चाहिए information Highwaysभी चाहिए

I dream of a DIGITAL INDIA where:1.2 billion Connected Indians drive Innovation

I dream of a DIGITAL INDIA where:Knowledge is strength – and empowers the People

I dream of a DIGITAL INDIA where:Access to Information knows no barriers

I dream of a DIGITAL INDIA where:Government is Open - and Governance Transparent...और मैं जब कह रहा हूं भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने में technology बहुत बड़ी मदद कर सकती है। सारे लीकेजेस को रोका जा सकता है। हमने जो अभी कोयले का auction किया सारा Digital platform का उपयोग किया था। अनेक खादानों का auction हुआ, लाखों करोड़ों का काम हुआ, लेकिन यह सरकार पर एक भी इल्‍जाम नहीं लगा। क्‍यों, क्‍योंकि हमने इस Digital platform का उपयोग किया, सम्‍पूर्ण रूप से transparency पर हमने बल दिया। और इसलिए भ्रष्‍टाचार को रोकने के लिए भी information and communication technology एक बहुत बड़ा instrument के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

I dream of a DIGITAL INDIA where: Technology ensures the Citizen-Government Interface is Incorruptible

I dream of a DIGITAL INDIA where:Government Services are easily and efficiently available to citizens on Mobile devices

I dream of a DIGITAL INDIA where: Government proactively engages with the people through Social Media

I dream of a DIGITAL INDIA where:Quality Education reaches the most inaccessible corners driven by Digital Learning

I dream of a DIGITAL INDIA where: Quality Healthcare percolates right up to the remotest regions powered by e-Healthcare

I dream of a DIGITAL INDIA where: Farmers are empowered with Real-time Information to be connected with Global Markets

I dream of a DIGITAL INDIA where: Mobile enabled Emergency Services ensure Personal Security

I dream of a DIGITAL INDIA where: Cyber Security becomes an integral part of our National Security

I dream of a DIGITAL INDIA where: Mobile and e-Banking ensures Financial Inclusion

I dream of a DIGITAL INDIA where:e-Commerce drives Entrepreneurship

I dream of a DIGITAL INDIA where: the World looks to India for the next Big Idea

I dream of a DIGITAL INDIA where: the Netizen is an Empowered Citizen

Thank you.

Pariksha Pe Charcha with PM Modi
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Text of PM’s Address during interaction with State & District officials on Covid-19 management
May 18, 2021
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PM Modi appreciates dedication and perseverance shown by the nation’s healthcare workers, frontline workers and administrators during these difficult times
All the officials have a very important role in the war against Corona like a field commander: PM Modi
Work is being done rapidly to install oxygen plants in hospitals in every district of the country through PM CARES Fund: PM Modi
Continuous efforts are being made to increase the supply of Corona vaccine on a very large scale: PM Modi

साथियों,

आप सभी ने कोरोना की सेकेंड वेव से मुकाबले में बहुत परिश्रम से काम किया है और लगातार कर रहे हैं।आपमें से कई लोग ऐसे हैं जो खुद कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद अपने जिले में स्थिति संभालने के लिए लगातार काम करते रहे। इससे जिले में अन्य लोगों का हौसला भी बढ़ा और आपसे प्रेरणा भी मिली। बहुत से ऐसे हैं जो कई-कई दिनों तक घर नहीं जा पाए, अपने घरवालों से नहीं मिल पाए। कई लोगों ने अपने परिवार के अहम सदस्यों, अपने करीबियों को खोया भी है।इस मुश्किल के बीच, आपने अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अभी आपमें से कई साथियों से अपने अनुभव सुनने का मुझे अवसर मिला हैं। वैसे मेरे सामने काफी लोग हैं। तो ये हरेक को तो संभव नहीं हुआ है। लेकिन हरेक के पास कुछ न कुछ नया था।

कुछ न कुछ Innovative था। और अपने तरीके से रास्ते खोजे थे। और सफलता के लिए ये ही सबसे बड़ा काम होता है। कि आप मूलभूत विचार को कितना localize बना करके set करके उसका उपयोग करते हैं। कई अच्छे Innovative रहे हैं। जिन लोगों को आज बता करने का मौका नहीं मिला है। उनके पास भी बहुत कुछ होगा। मेरा आप सब से आग्रह है कि आप बिना संकोच आपको लगता है कि जो चीज आपने अच्छी की है, अच्छे ढ़ग से की है, वो मुझे जरूर भेजिये लिखकर के। मेरे तक पहुंचाइए। और में इसका अन्य जिलों में उपयोग केसे हो इसकी जरूर चिंता करुंगा। क्योंकि आपकी मेहनत आपके Innovations ये देश के भी काम आने चाहिए। और मुझे विश्वास है आज जितनी बातें मेरे सामने आई हैं। ऐसी बहुत सी बाते हैं। जो हमे काम आएगी। और इसलिए मैं आपसे इंतजार करूंगा। कि आप अपनी कुछ चीजें जरूर मुझे मैसेज शेयर करिये। आपके हर प्रयास की मैं भूरी भूरी प्रशंसा करता हूं सराहना करता हूं।

साथियों,

हमारे देश में जितने जिले हैं, उतनी ही अलग-अलग चुनौतियाँ भी हैं। एक तरह से हर जिले के अपने अलग challenges हैं।आप अपने जिले के challenges को बहुत बेहतर तरीके से समझते हैं। और इसलिए, जब आपका जिला अगर जीतता है, तो मतलब देश जीतता है। जब आपका जिला कोरोना को हराता है, तो देश कोरोना को हराता है। इसलिए जिले का मिजाज गांव-गांव मैसेज के मेरा गांव मैं कोरोना मुक्त रखुंगा। मेरे गांव में मैं कोरोना को प्रवेश नहीं करने दू्ंगा। ये गांव के लोग संकल्प लें और गांव के लोग जिस प्रकार से व्यव्स्था करते हैं। मैं तो हैरान था पिछले बार जबकि ये कालखंड था। और पता नहीं था कि स्थिति में कैसे करना, फिर भी हमने गांव में agriculture sector के लिए कोई लॉकडाउन नहीं लगाया था। और मजा ये है कि खेतों में गांव के लोग काम करते थे तो खेत में भी social distancing के साथ खेती के काम शुरू किए थे। पिछली बार आपको याद होगा मतलब हमारे गांव कितनी तेजी से संदेश को पकड़ भी लेते हैं और अपनी जरूरत के हिसाब से उसको modify करके पक्का कर लेते हैं। गांव की ये ताकत है, मैने देखा है आज भी कई गावों ने अपने यहां आना जाना सब बहुत अच्छे ढ़ग से manage किया है। गांव की जरूरत के लिए एक ये दो लोग बाहर जाते हैं। चीजें लेकर के आते हैं। गांव में बाट देते हैं। और गांव में से कोई मेहमान भी आए तो उसको पहले बाहर रखते हैं। गांव की अपनी एक ताकत होती है।

उस ताकत का अपना एक उपयोग होता है। और में साथियों कहना चाहुंगा कि कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में आप सब लोग एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका में है। आप एक तरह से इस युद्ध के field commander हैं। जैसा की किसी भी युद्ध में होता है field commander बड़ी योजना को मूर्तरूप देता है, जमीन पर उस लड़ाई को लड़ता है, परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेता है। आप सब भारत की इस लड़ाई के महत्वपूर्ण field commander के रूप में आज नेतृत्व संभाल रहे हैं और इस वायरस के खिलाफ हमारे हथियार क्या हैं? हमारे हथियार हैं- Local containment zones, aggressive testing और लोगों तक सही और पूरी जानकारी। हॉस्पिटल्स में कितने बेड्स उपलब्ध हैं, कहाँ उपलब्ध हैं, ये जानकारी आसानी से उपलब्ध होने पर लोगों की सहूलियत बढ़ती है। इसी तरह, कालाबाजारी पर लगाम हो, ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई हो, या फ्रंटलाइन वर्कर्स का morale high रखकर उन्हें mobilise करना हो, एक फील्ड कमांडर के रूप में आपके प्रयास,कमांडर के रूप में आपके प्रयास पूरे जिले को मजबूती देते हैं। फ्रंटलाइन वर्कर्स को आपके कंडक्ट और एक्शन से हमेशा प्रेरणा मिलती है। मिलती है, उनका भरोसा और बढ़ता है। मैं आपसे एक और बात कहना चाहूंगा। इसलिए, अगर आपको कहीं लगता है कि सरकार द्वारा बनाई पॉलिसी में जिला स्तर पर किसी इनोवेशन की जरूरत है, उस इनोवेशन से पॉलिसी को ताकत मिलेगी, तो मेरा आपको खुली छूट है।

उसे जरूर करिए। अगर ये इनोवेशन आपके जिले की स्थानीय जरूरतों के हिसाब से है, तो उसे उसी हिसाब से करिए। अगर आपको लगता है कि आपने जो इनोवेशन किया है, वो पूरे प्रदेश के लिए, या पूरे देश के लिए beneficial है, तो उसे सरकार तक भी पहुंचाइए। अगर आपको अपने अनुभवों से, तेजी से बदलती परिस्थितियों के हिसाब से policies में किसी सुधार की जरूरत लगती है, तो उसका भी feedback जरूर पहुंचाएँ। बिना संकोच पहुंचाये। क्योंकि ये लड़ाई ऐसी है कि हम सब मिलकर के सोचेंगे, सब मिलकर के नई-नई चीजें लाएंगे। तब जाकर के हम कर पाएंगे।

साथियों,

आपके जिले की सफलता बाकी जिलों के लिए एक उदाहरण बन सकती है, उनकी भी मदद कर सकती है। कोरोना से निपटने के लिए जो भी बेस्ट प्रैक्टिसेज हैं उनको भी हमें अडॉप्ट करते चलना है। आपके बहुत से साथी ऐसे जिलों में होगें जहां कोरोना संक्रमण पीक पर पहुंचने के बाद अब कम हो रहा है। आपके बहुत से साथी, ऐसे जिलों में होंगे जहां कोरोना संक्रमण, उनके अनुभवों से सीखकर आप अपने जिलों में अपनी रणनीति को और मजबूत करते रहेंगे तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई और आसान होगी।

साथियों,

इस समय कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के आंकड़े कम हो रहे हैं। कई राज्यों में बढ़ भी रहे हैं। साथियों,कम होते आंकड़ों के बीच हमें ज्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। बीते एक साल में करीब-करीब हर मीटिंग में मेरा यही आग्रह रहा है कि हमारी लड़ाई एक एक जीवन बचाने की है। एक- एक जीवन बचाने की है। हमारी जिम्मेदारी संक्रमण को फैलने से रोकने की भी है और ये तभी संभव है जब हमें संक्रमण की स्केल की सही जानकारी होगी। Testing, Tracking, Isolation, Treatment और Covid appropriate behavior, इस पर लगातार बल देते रहना जरूरी है। कोरोना की इस दूसरी वेव में, अभी ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में हमें बहुत ध्यान देना है। इसमें फील्ड में बिताया हुआ आप सभी का अनुभव और आपकी कुशलता ये बहुत काम आने वाली है।

हमें गांव-गांव में जागरूकता भी बढ़ानी है और उन्हें कोविड के इलाज की सुविधाओं से भी जोड़ना है। बढ़ते हुए केसों के और संसाधनों की सीमाओं के बीच, और संसाधनों की सीमाओं के बीच, लोगों की अपेक्षाओं को उचित समाधान देना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सारी चुनौतियों के बीच समाज के सबसे निचले छोर पर खड़े व्यक्ति का चेहरा ध्यान में रखते हुए हमें काम करना है। उसका कष्ट दूर हो, उसको मदद मिले हमें ऐसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना है। इस बहुत बड़े वर्ग तक जब प्रशासन का एक भी व्यक्ति पहुंचता है। या उससे संपर्क करता है। उसकी बात सुनता है। तो उससे बहुत बड़ा विश्वास जगता है। बीमारी से लड़ने की उसकी ताक़त कई गुना बढ़ जाती है। जैसे हम देखते है जब होम isolation में रह रहे परिवार के पास प्रशासन के लोग oximeter लेकर जाते है, दवाएं लेकर जाते है तो उसकी खोज खबर लेते है तो उस परिवार को संबल मिलता है कि हम अकेले नहीं हैं।

साथियों,

कोविड के अलावा आपको अपने जिले के हर एक नागरिक की ‘Ease of Living’ का भी ध्यान रखना है। हमें संक्रमण को भी रोकना है और दैनिक जीवन से जुड़ी ज़रूरी सप्लाई को भी बेरोकटोक चलाना है। इसलिए स्थानीय स्तर पर कंटेनमेंट के लिए लिए जो भी गाइडलाइंस जारी की गई हैं, लिए जो भी guidelines जारी की गई है। उनका पालन कराते समय इस पर भी गौर करना है कि गरीब को परेशानी कम से कम हो। किसी भी नागरिक को परेशानी न हो।

साथियों,

पीएम केयर्स के माध्यम से देश के हर जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने पर तेज़ी से काम किया जा रहा है। कई अस्पतालों में ये प्लांट काम करना शुरु भी कर चुके हैं। जैसे अभी चंडीगढ़ को हमने सुना। कितना benefit हुआ उनको। और इसलिए आपसे मेरा आग्रह है कि जिस भी जिलों को ये प्लांट allot होने वाले हैं वहां हर जरूरी तैयारी पहले से पूरी होने पर ऑक्सीजन प्लांट और तेजी से सेटअप हो पाएंगे। अस्पतालों में आक्सीजन मॉनीटरिंग कमिटी जितना सही काम करेगी उतना ही ऑक्सीजन का सही इस्तेमाल हो पाएगा।

साथियों,

टीकाकरण कोविड से लड़ाई का एक सशक्त माध्यम है। इसलिए इससे जुड़े हर भ्रम को हमें मिलकर के उसको निरस्त करना है। कोरोना के टीके की सप्लाई को बहुत बड़े स्तर पर बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वैक्सीनेशन को लेकर व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं को हेल्थ मिनिस्ट्री लगातार स्ट्रीमलाइन कर रही है। कोशिश ये है कि अगले 15 दिन का शिड्यूल राज्यों को advance में मिल जाए। इससे आपको भी पता रहेगा कि जिले में कितने लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होने जा रही है और आपको किस हिसाब से तैयारी करनी है। वैक्सीन वेस्टेज रोकने में जिला स्तर पर सही प्रबंधन की भूमिका के बारे में भी आप अच्छी तरह जानते हैं। आपके सहयोग से वैक्सीन वेस्टेज पूरी तरह रुक सकती है। इतना ही नहीं optimum utilization की दिशा में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकते हैं।

साथियों,

ये समय एक प्रशासक के साथ ही एक ह्यूमेन रिसोर्स और लॉजिस्टिक्स मैनेजर के रूप में भी आपकी भूमिका को टेस्ट कर रहा है। मेडिकल से जुड़ी सप्लाई ही नहीं बल बल्कि आपके जिले में दूसरी जरूरी सप्लाई भी पर्याप्त हो, आपके जिले में दूसरी जरूरी सप्लाई भी पर्याप्त हो। ये बहुत ज़रूरी है। बरसात के मौसम से हम सब जानते हैं। कि आप जो रोजमर्रा सरकार के कामों में जुड़े होते हैं लेकिन जैसे ही जून महीना सामने आना शुरू होता है। आपका ध्यान मौसम, बारिश क्या हो सकता है, क्या करूं, उसमें जाता ही है। काफी आपको attention देना पड़ता है। और इस बार भी बारिश अब शुरू होने जा रही है। तो स्वाभाविक आपको बरसात के मौसम की जो चुनौतियां हैं। जो extra आपके लिए burden भी होती हैं। जिम्मेवारी भी होती हैं। और इसलिए आपको बहुत तेज़ी से अपनी ज़रूरतों को मैप करना है और ज़रूरी प्रबंध करना है। अब कई बार तेज बारिश के कारण बिजली चली जाती है। और कहीं अस्पताल में बिजली चली गई तो बहुत बड़ा संकट हो जाएगा ऐसे समय। तो ये चीजें हमको अभी से सोचनी पड़ेगीं। चुनौती बड़ी है लेकिन हमारा हौसला उससे भी बड़ा है, और हमारा response न भूतों न भविष्यती …ऐसा होना ही चाहिये। इसी हौसले और संकल्न के साथ, इसी इरादे और संकल्प के साथ हम देश को इस संकट से बाहर निकालेंगे। अभी कोरोना के खिलाफ आपको जो अनुभव मिलेंगे, वो भविष्य में भी आपके भी और देश के भी बहुत काम आने वाले हैं।

इन अनुभवों का सही इस्तेमाल करके आप आगे भी देश की बड़ी सेवा कर सकते हैं। मुझे विश्वास है। कि आपके सहयोग से, आपके कुशल नेतृत्व से, आपके कुशल प्रबंधन से भारत कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में मजबूती से आगे बढ़ेगा। मुझे खुशी है कि आज जो जो राज्य इस मीटिंग में हैं उनके सभी माननीय मुख्यमंत्रियों भी समय निकाला। जब कार्यक्रम की रचना कर रहे थे, तब लग रहा था कि मुख्यमंत्रियों का समय इसमें व्यस्त करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जिले के लोगों से बात करना वो तो जानते ही थे। लेकिन फिर भी इस विषय के प्रति गंभीरता को लेकर के मुख्यमंत्री भी इसमें जुड़े हैं। ये बहुत ही स्वागत योग्य है। मैं सभी आदरणीय मुख्यमंत्रियों का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। और मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में आपकी जिले की सारी टीमें एक विश्वास के साथ, संकल्प के साथ एक-एक गांव को कोरोना से बचाना है। इस मंत्र को लेकर के आप आगे बढ़ें। और तेजी से रिकवरी रेट बढ़े, तेजी से negative केसों की संख्या बढ़ें, तेजी से टेस्ट ज्यादा हों।

इन सभी बातों पर बल देते हुए हम सफलता कि दिशा में एक भी प्रयास न छोड़ें, एक भी प्रयोग न छोड़ें। मुझे विश्वास है कि जो आपसे सुना है उसमे एक आत्मविश्वास भी है। अनुभव भी है। नए नए तौर-तरीके भी हैं। ये सारी चीजें अपने-आपमे बहुत बड़ा विश्वास पैदा करती हैं। मैं फिर एक बार आप सब का बहुत –बहुत धन्यवाद करता हूं। और बहुत बड़ा काम है। Field में रहना है, आपके स्वास्थ्य का भी जरूर ख्याल रखिये। अपने परिवारजनों के स्वास्थ्य का ख्याल रखिये। और आप जिस क्षेत्र को संभाल रहे हैं। वहां के एक – एक नागरिक के स्वास्थ्य को बनाये रखने में आपका नेतृत्व काम आए, इसी अपेक्षा के साथ मुझे विश्वास है कि आपके सहयोग से, बहुत बहुत धन्यवाद, बहुत बहुत शुभकामनाएं!