Good infrastructure has the potential to transform the nation: PM

Published By : Admin | November 5, 2015 | 17:34 IST
PM Modi lays foundation Stone of NHAI Projects in Sonepat, Haryana
If Infrastructure improves, quality of life also enhances: PM Modi
Good infrastructure has the potential to transform nations: PM
These roads won't only carry the vehicles, these roads would lead Haryana towards development: PM
There are so many districts not connected with a national highway. Bharat Mala project will change that: PM
We have made attempts to transform the railways- increase speed, extension, expansion, better stations. Lot of initiatives are happening: PM
We are dedicated to provide 24/7 power supply to the 18,000 villages that still don not have electrification: PM Modi

कभी-कभी लोगों के मन में विचार आता है कि पैसे होते हैं तो रास्‍ते बनते हैं लेकिन हकीकत ये है अगर रास्‍ते बनते हैं तो फिर पैसे अपने-आप बनना शुरू हो जाते हैं। आज के युग में विकास की सबसे पहली प्राथमिक आवश्‍यकता होती है Infrastructure चाहे वो बिजली की बात हो, पानी की हो, सड़क की हो, और जहां-जहां Infrastructure पहुंचता है वहां-वहां विकास की रफ्तार तेज होती है। Quality of life में भी बहुत बड़ा बदलाव, जब इस प्रकार की सुविधाएं तैयार होती हैं तब होता है। लेकिन ज्‍यादातर हमारे देश में सरकारें दुविधा में रहती हैं, उनको लगता है कि किसी मतदाता को कोई लाभ मिलेगा तो, तो चुनाव में लाभ मिलेगा लेकिन अगर सड़क बनती है तो लोगों को लगता है उसमें क्‍या है भई ये तो सरकार का काम है, मेरा क्‍या हुआ। और ये दुविधा कई वर्षों से हमारे देश में चल रही है। और शायद ये दुविधा ही हमारे देश में विकास की सबसे बड़ी रुकावट है। जो समाज में दलित है, पीडि़त है, शोषित है, वंचित है, उनकी चिंता करना, विकास के फल उन तक पहुंचें, विकास की यात्रा में उनकी समान भागीदारी हो, ये तो सुनिश्चित करना राज्‍य की प्राथमिकता होती ही है, होनी भी चाहिए। लेकिन साथ-साथ अगर सर्वांगीण विकास करना है, लंबे अर्से तक लोगों को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है, ये बहुत आवश्‍यक होता है कि Infrastructure को बल दिया जाए।

हरियाणा छोटा प्रदेश है लेकिन करीब-करीब 32 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं सिर्फ roads के लिए आएं, ये छोटी बात नहीं है। ये 32 हजार करोड़ रुपये लगते हैं तो इलाके के नौजवानों को रोजगार भी मिलता है, मजदूरी करने वालों को भी काम मिलता है, लेकिन जब व्‍यवस्‍था खड़ी होती है तो विकास की गति भी बहुत तेज होती है।

आप में से अगर किसी को अध्‍ययन करना है तो कोरिया एक उत्‍तम नमूना है कि कोरिया कहां-से-कहां पहुंचा और वहां की शुरूआत, वहां के शासकों ने इस बात से की कि कोरिया के बीच से गुजरता हुआ एक बहुत बड़ा आधुनिक Highway बनाया जाए। बड़ा विवाद हुआ था उस देश में। विवाद इस बात का हुआ कि देश गरीब है, एक रोड के लिए इतने पैसे लगा रहे हो, स्‍कूल नहीं है, अस्‍पताल नहीं है, गरीबी है, और अब रोड के लिए इतने अरबों-खरबों लगा रहे हो। बड़ा विवाद हुआ था लेकिन उस समय के शासकों ने इन सारे आरोप-प्रत्‍यारोपों के बीच भी पूरे कोरिया के बीच से एक उत्‍तम रास्‍ता बनाने का तय कर लिया और बनाया। और उस एक रास्‍ते ने पूरे कोरिया के जीवन को बदल दिया। आज दुनिया के समृद्ध देशों में कोरिया का नाम आ गया है।

Infrastructure की ये ताकत होती है और इसलिए मार्ग के क्षेत्र में, हमारे नितिन गडकरी जी के नेतृत्‍व में शायद पिछले 60 साल में इतने व्‍यापक रूप से मार्ग निर्माण के काम पर कल्‍पना तक नहीं की गई होगी। एक तरफ भारतमाला योजना है, दूसरी तरफ सेतुभारतम योजना है। अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत को उत्‍तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम जोड़ने के लिए एक Golden चतुष्‍क का निर्माण करने का बीड़ा उठाया और उस काम में इतनी तेजी आई कि उनके कार्यकाल में जितना काम पूरा हुआ, उस काम को आज भी हिन्‍दुस्‍तान के विकास में एक अहम भूमिका अदा हो रही है, इस रूप में माना गया से है।

ये जो रास्‍ते बनने वाले हैं, वो रास्‍ते सिर्फ हमारे Vehicles को ले जाने वाले रास्‍ते नहीं हैं। ये मार्ग का निर्माण हरियाणा को गति देने वाला निर्माण है, ये मार्ग का निर्माण हरियाणा को विकास की नई ऊंचाईयों पर तेज गति से पहुंचाने का अभियान है।

सागरमाला योजना के तहत हिन्‍दुस्‍तान के समुद्र तट, उस समुद्र तट के साथ वो Infrastructure जोड़ा जाए ताकि हिन्‍दुस्‍तान का हर कोना सामुद्रिक व्‍यापार के लिए जहां जाना हो, उसको अच्‍छे से अच्‍छा तेज गति से connectivity मिले ताकि देश में व्‍यापार को बढ़ावा मिल सकता है। अगर अच्‍छा Infrastructure है और हिमाचल के apple हैं, उनको समुद्री मार्ग से दुनिया में कहीं पहुंचाना है, तेज गति से अगर पहुंचा दिया तो वो किसान भी सुखी होता है, और जहां पहुंचता है वहां भी अच्‍छा माल पहुंचता है। यानी एक प्रकार से इन सुविधाओं से गांव गरीब किसान भी जो मेहनत करके पैदा करता है, अच्‍छे बाजार में सही समय पर पहुंच करके अपने आर्थिक विकास की यात्रा को गति दे सकते हैं। और इसलिए हमारे बंदरों के साथ, सामुद्रिक बंदरों के साथ, सागरमाला के तहत road connectivity देने का अभियान है।

सेतुभारतम, आपने देखा होगा हमारे देश में दो तरफ सड़क बनी है, बीच में से रेल जा रही है, ऊपर पुलियां नहीं बन रही हैं, रोड खराब हो रहा है। वर्षों तक ये चलता था, कभी रेल permission नहीं दे रही है, कभी रोड वाले काम नहीं करते हैं। नितिन जी ने आ करके बीड़ा उठाया, रेल और रोड के बीच में सामंजस्‍य बन गया, और एक formula बनाएं कि अगर इतने parameter पूरे होते हैं तो permission आपो-आप मिल जाएगी, अब नीचे भले रेल जाती है, ऊपर bridge बनाने का काम चालू करो।

इतनी तेज गति से काम बढ़ रहा है, आपको हैरानी होगी। हमारे देश में कहीं रेल गुजर रही है और गांव विकसित हुआ। गांव को एक छोर इस तरफ है रेलवे के, दूसरा उस तरफ है। पानी की पाईप लाईन डालनी है तो railway department दो-दो, चार-चार साल तक permission नहीं देता। और उसके कारण एक ही गांव, बीच में से रेल जा रही, उधर पानी नहीं पहुंच रहा है। हमने कुछ नियम ऐसे बनाए हैं कि Infrastructure में इस प्रकार की जो कठिनाईयां हैं वो समय-सीमा में निश्चित parameter के तहत तत्‍काल लागू की जाएं और इसके कारण इतने काम जो अटके पड़े थे उनको गति मिली।

मैं इन दिनों हर महीने में एक बार राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठता हूं, video conference करता हूं और जितने project अटके पड़े हें, वो क्यों अटके हैं, किसके कारण अटके हैं, उसकी जरा पूछताछ करता हूं। आपको हैरानी होगी, पिछले 5-6 महीनों से मेरा ये अभियान चल रहा है। अब तक करीब चाल लाख करोड़ रुपए के अटके हुए project काम करना शुरू कर दिए हैं। सेतू भारतम के द्वारा इस देश में करीब पौने 400 ऐसे bridge बनाने की जरूरत है जो विकास के लिए bottle neck बने हुए हैं, रुकावट बने हुए हैं। अगर ये 400 सेतु बन जाते हैं तो पूरे देश में एक गति को नया आयाम मिलेगा।

सेतुभारतम के तहत अरबों-खरबों रुपया लगाकर के, एक focus के रूप में कि bridge बनाने के काम को बल देना है, कभी चौड़ा करना है, कहीं नया Parallel bridge बनाना है, कहीं नए bridge बनाने हैं। एक साथ सर्वे करके उसका काम करने का अभियान उठाया है, एक भारतमाला योजना बनाई है। आपको हैरानी होगी 60 साल के बाद इस देश में 123 district ऐसे हैं, यानी करीब-करीब 20 percent, 20 percent district ऐसे हैं, जो आज भी National Highway के साथ connectivity नहीं है और इसलिए भारतमाला project के तहत एक अभियान उठाया है कि जल्द से जल्द हिन्दुस्तान के 123 district जो National Highway से link नहीं हैं, उनको जोड़ने के लिए भारतमाला project चलाया है और आने वाले वर्षों में focus target योजना के साथ इस काम को करने की दिशा में हम आगे बढ़े जा रहे हैं।

दिल्ली के चारों तरफ पूरब और पश्चिम नई सड़क, दिल्ली को तो अनेक समस्याओं से तो मुक्त करेंगे ही करेंगे लेकिन इसके बाद हरियाणा के व्यक्ति को अगर राजस्थान जाना, या हरियाणा के व्यक्ति को उत्तर प्रदेश के किसी छोर पर जाना है, उसकी सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा, तेज गति से वो बाहर से बाहर अपना आगे बढ़ जाएगा और ये road की रचना ऐसी है कि भविष्य में वहां पर urban development तो होना ही होना है। जब road आता है तो विकास अपने आप होता ही होता है, कई कालोनियां बनना शुरू हो जाती है लेकिन ये road की रचना ऐसी है कि साथ में अगर नए शहर विकसित भी हो जाएंगे, नई locality विकसित भी हो जाएगी तो भी दोनों के बीच में कोई contradiction नहीं होगा, तकलीफ नहीं होगी। ऐसा सुरक्षित मार्ग बनाने के पीछे ये इतने अरबों-खरबों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

मैं हरियाणा सरकार को, श्रीमान नितिन जी को और उनके department की पूरी team को हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं कि इस काम को वो बहुत तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं और भारत को गति देने में एक बहुत बड़ी अहम भूमिका, railway हमने railway में आमूल-चूल परिवर्तन करने कि दिशा में प्रयास शुरू किया है, railway स्टेशनों में बदलाव लाने का प्रयास शुरू किया है, रेल की गति बढ़े, रेल expansion हो, रेल के नए area extension हो, रेल में जहां diesel से चल रहा है, वहां electricity कैसे आए, एक साथ अनेकों प्रकार के initiative लेकर के, भारत के रेल युग को एक आधुनिक रेल युग में परिवर्तन करने का प्रयास बहुत तेज गति से हमने उठाया है। बिजली, 2022 जब भारत आजादी के 75 साल मनाएं, हमारा सपना है कि तब हिंदुस्तान के हर गांव में सातों दिन, 24 घंटे, पूरे सालभर बिजली मिलनी चाहिए। ये काम सरल नहीं है, मैं जानता हूं, बिजली के उत्पादन में कितनी ताकत लगेगी, मैं जानता हूं, बिजली पहुंचाने में कितनी ताकत लेगगी, मैं जानता हूं लेकिन किसी ने तो कठिन काम भी हाथ में लेने पड़ते हैं और हमने बीड़ा उठाया है कि 2022 जब भारत आजादी के 75 साल मनाता होगा, हिंदुस्तान के अंदर जहां-जहां बिजली पहुंचानी होगी, वहां पहुंचेगी और 24 घंटे बिजली उपलब्ध होगी, इस दिशा में हम काम रहे हैं।

युग बदला है, बदले हुए युग में अब highway से ही काम सिर्फ नहीं है। Highways भी चाहिए, information wave भी चाहिए, Digital India का जो हमारा सपना है, उस Digital India के सपने का पूरा करने के लिए 21वीं सदी का जो महत्वपूर्ण Infrastructure है, वो है Highways के साथ-साथ eye ways आज सारी दुनिया आपके mobile phone में है और इसलिए उसके infrastructure को भी बल देना पड़ेगा। आधुनिक भारत की पहली शर्त बन गया है, eye ways होना और इसलिए Digital India के माध्यम से Optical Fiber Network का काम पूरा हिंदुस्तान में तेज गति से चल रहा है। मैं जब इन चीजों का review करता हूं तो मेरे ध्यान में आया, लाखों गांव ऐसे हैं कि जहां पर आज के युग में Digital connectivity नहीं है, वो भी एक कठिन काम है, हमने उसका बीड़ा उठाया है, काम तेजी से चल रहा है। जब मैं बिजली के लिए पूछ रहा था, मैं हैरान था 21वीं सदी के 15 साल बीत चुके हैं, आजादी के 70 साल होने जा रहे हैं लेकिन इस देश में 18 हजार गांव ऐसे हैं, जहां बिजली का खंभा तक नहीं लगा है, एक तार भी नहीं पहुंचा है। हमने बीड़ा उठाया है, मैंने लाल किले से इसकी घोषणा की थी कि एक हजार दिन में 18 हजार गांव जहां बिजली पहुंची नहीं है, वो दुर्गम से दुर्गम इलाके होंगे, पहाड़ की चोटी पर हो या रेगिस्तान में हो, हम वहां पर बिजली पहुंचाएंगे, इसका एक अभियान चलाया है।

भाइयों-बहनों आधुनिक भारत को बनाने के लिए Infrastructure की जितनी आवश्यकता है, उस पर हम तेज गति से काम पर लगे हैं, हरिय़ाणा उसमें बहुत प्रगति कर सकता है, सबसे ज्यादा फायदा हरियाणा ले सकता है और मनोहर जी इस बात को बल देकर के आगे बढ़ा रहे हैं। मैं फिर एक बार हरियाणा को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए भारत माता की, भारत माता की।

Explore More
শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ

জনপ্রিয় ভাষণ

শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ
India’s Agricultural Transformation: How India’s Agri sector transformed over the last decade

Media Coverage

India’s Agricultural Transformation: How India’s Agri sector transformed over the last decade
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
দমনে বিভিন্ন প্রকল্পের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন/উদ্বোধন অনুষ্ঠানে প্রধানমন্ত্রীর ভাষণের বঙ্গানুবাদ
June 05, 2026
The launch of projects across healthcare, aviation, tourism and infrastructure marks a new development push for Daman that will transform lives across the UT: PM
The data released today reflects the strength of India's economy, with growth of 7.7% in FY 2025–26 and 7.8% in the quarter ending March 31: PM
Even amid severe global challenges, the collective efforts of 1.4 billion Indians have ensured that India is not only sustaining itself but also staying ahead of the curve: PM
The National Family Health Survey clearly reflects the government's focus on healthcare. While most deliveries in India earlier took place outside hospitals, today over 90% of all deliveries occur in hospitals: PM
Thanks to Mission Indradhanush, child immunization coverage in India has risen from 60% before 2014 to nearly 90% today: PM

ভারত মাতা কি জয়!

ভারত মাতা কি জয়!

দাদরা ও নগর হাভেলি, দমন ও দিউ-এর প্রশাসক প্রফুল ভাই প্যাটেল, সংসদে আমার সহকর্মী কালাবেন দেলকর, দমন পৌর পরিষদের সভাপতি দীপিকা তান্ডেল জি, দমন জেলা পঞ্চায়েতের চেয়ারম্যান ধর্ম বাবু প্যাটেল, সিলভাসা পৌর পরিষদের চেয়ারম্যান সোমনাথ দেবরে জি, দাদরা নগর হাভেলি জেলা পঞ্চায়েতের চেয়ারপার্সন নিশা ভাবসার জি, দিউ পৌর পরিষদের চেয়ারম্যান হরিশ কাপাদিয়া জি, দিউ জেলা পঞ্চায়েতের চেয়ারপার্সন কোটিয়া রঞ্জিতাবেন, এবং এখানে এত বিপুল সংখ্যায় সমবেত আমার প্রিয় ভাই ও বোনেরা,
আপনারা যেমন এখানে সমবেত হয়েছেন, তেমনি লাক্ষাদ্বীপেরও বহু মানুষ ভিডিওর মাধ্যমে আমাদের সঙ্গে যুক্ত আছেন। আজ লাক্ষাদ্বীপে উন্নয়নের এক নতুন সূচনা হয়েছে। লাক্ষাদ্বীপের মানুষের জীবনে বৈপ্লবিক পরিবর্তন আনবে এমন একটি নতুন প্রকল্পেরও উদ্বোধন করা হয়েছে এবং কয়েকটি প্রকল্পের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হয়েছে।

বন্ধুগণ,

কয়েক বছর আগে, যখন আমি আপনাদের মধ্যে এসেছিলাম, তখন বলেছিলাম যে আমাদের দমন দ্রুত মিনি ইন্ডিয়া হয়ে উঠছে, আর আজ আমি দেখছি, বা-দিকে সমগ্র বাংলা এবং ডান দিকে সমগ্র আসাম। দমন মিনি ইন্ডিয়ার এক জীবন্ত উদাহরণ হয়ে উঠেছে। এখানকার বৈচিত্র্য, বিভিন্ন অঞ্চলের মানুষের বসবাস, আপনাদের মধ্যে সমগ্র ভারতের এক সুন্দর ঝলক তুলে ধরে। আপনারা সকলে এত বিপুল সংখ্যায় আমাদের আশীর্বাদ করতে এসেছেন, এর জন্য আমি আপনাদের সকলকে অনেক ধন্যবাদ জানাই।

ভাই ও বোনেরা,

আমার দমন ও দিউতে বহুবার আসার সুযোগ হয়েছে। আমি দাদরা ও নগর হাভেলিতেও নিয়মিত যাই। আমি যখন মুখ্যমন্ত্রী বা প্রধানমন্ত্রী ছিলাম না, তখনও এখানে বহুবার এসেছি। কিন্তু এখন যখন আমি এখানে এসে সুশাসনের মডেল দেখি, তখন খুব ভালো লাগে। প্রতিবারই আমার মনে হয় যে আগের বারের তুলনায় এই অঞ্চলটি উন্নয়নের পথে বহু মাইল এগিয়ে গেছে।

 

বন্ধুগণ,

দাদরা ও নগর হাভেলি, দমন ও দিউ কয়েক দশক ধরে উন্নয়নের স্বপ্ন দেখেছিল। আগের প্রজন্ম যারা স্বপ্ন দেখেছিলেন, তারা চলে গেছেন। কিন্তু বর্তমান প্রজন্ম নিজেদের চোখে দেখছে যে, তাদের বাবা-মা ও দাদু-ঠাকুমারা যে স্বপ্নগুলো দেখতেন, তা এখন তাদের চোখের সামনেই পূরণ হচ্ছে। আজও এখানে যোগাযোগ, স্বাস্থ্য, শিক্ষা, পর্যটন এবং নগর পরিকাঠামো সম্পর্কিত অনেক প্রকল্পের উদ্বোধন ও ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হয়েছে। এই উন্নয়নমূলক কাজগুলো দমন এবং সমগ্র কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলের মানুষের জীবনকে আরও সহজ করে তুলবে। এগুলো যুবকদের জন্য নতুন সুযোগ তৈরি করবে। এই কাজগুলোর পেছনে প্রফুল ভাই প্যাটেলের দূরদৃষ্টি এবং তাঁর ও তাঁর দলের কঠোর পরিশ্রম স্পষ্টভাবে দৃশ্যমান। এর জন্য আমিও প্রফুল ভাই এবং তাঁর পুরো দলকে সাধুবাদ জানাই। আমি লাক্ষাদ্বীপ এবং দাদরা-নগর হাভেলির জনগণকে অনেক অভিনন্দন ও শুভেচ্ছা জানাই।

বন্ধুগণ,

আজ আপনাদের মধ্যে আসার সময় একটি সুখবর পেলাম। আজ সকালেই আমি দিল্লি থেকে রওনা হয়েছিলা। এইমাত্র যে পরিসংখ্যান ও খবরটি এসেছে তা সত্যিই আনন্দদায়ক; আর আমি আপনাদের সঙ্গে এই আনন্দ ভাগ করে নিতে চাই। আজকের এই পরিসংখ্যান স্পষ্টভাবে প্রমাণ করে যে ভারতের অর্থনীতির ভিত্তি কতটা মজবুত। ২০২৫-২৬ সালে - অর্থাৎ যে অর্থবছরটি সদ্য শেষ হলো তাতে—ভারত ৭.৭ শতাংশ প্রবৃদ্ধির হার অর্জন করেছে। এমনকি ৩১শে মার্চ শেষ হওয়া সর্বশেষ ত্রৈমাসিকেও ভারতের প্রবৃদ্ধির হার ছিল ৭.৮ শতাংশ। এর ফলে ভারত বিশ্বের দ্রুততম উন্নয়নশীল বৃহৎ অর্থনীতিতে পরিণত হয়েছে। প্রত্যেক ভারতীয়রই এতে গর্ববোধ করা উচিত। এটাই আমাদের অগ্রগতির গতি। দেশ আজ 'রিফর্ম এক্সপ্রেস'-এর গতিতে এগিয়ে চলেছে। দেশ আজ বিশাল পরিকাঠামোগত উন্নয়ন এবং দরিদ্রদের কল্যাণে ব্যাপক কর্মযজ্ঞ প্রত্যক্ষ করছে। আর এসব প্রচেষ্টারই ফলস্বরূপ, দেশ আজ দ্রুততম  উন্নয়নশীল বৃহৎ অর্থনীতি হিসেবে এগিয়ে যাচ্ছে। আমরা সবাই জানি যে বিশ্ব আজ নানা সংকটে জর্জরিত এবং বিশ্বের বিভিন্ন দেশের অর্থনীতি অনিশ্চয়তার মুখে পড়েছে। কিন্তু বিশ্বব্যাপী এই চরম সংকটের সময়েও ১৪০ কোটি দেশবাসীর সম্মিলিত প্রচেষ্টায় ভারত কেবল নিজের অবস্থানই ধরে রাখেনি, বরং অন্যদের চেয়ে এগিয়েও রয়েছে। অর্থনৈতিক ক্ষেত্রে এই নতুন উচ্চতা অর্জনের জন্য আমি দেশবাসীকে অনেক অনেক অভিনন্দন জানাই। আমি আবারও দেশবাসীকে আশ্বস্ত করছি যে, বিশ্বজুড়ে বিদ্যমান নানা সংকট সত্ত্বেও দেশ দৃঢ় সংকল্প নিয়ে 'রিফর্ম, পারফর্ম এবং ট্রান্সফর্ম'-এর পথে দ্রুত গতিতে এগিয়ে যাবে। দেশবাসীর কাছে এটাই আমার নিশ্চয়তা।

বন্ধুগণ,

আমাদের কাছে এখন উন্নয়নের পাশাপাশি আমাদের উন্নয়ন মডেলটি যাতে টেকসই হয়, তা নিশ্চিত করাও সমান গুরুত্বপূর্ণ। বিশ্ব পরিবেশ দিবসে আজ আমাদের এই কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলটি সেই সংকল্পই বাস্তবায়িত করছে। একদিকে যেমন এখানে হাজার হাজার কোটি টাকার উন্নয়ন প্রকল্পের উদ্বোধন ও ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হয়েছে, তেমনই একই সঙ্গে 'মায়ের নামে একটি গাছ' কর্মসূচির আওতায় প্রায় এক লক্ষ চারাগাছও রোপণ করা হচ্ছে। আমি গর্বিত যে, এটি এমন একটি কেন্দ্রশাসিত অঞ্চল যা সরকারি ভবনগুলোতে সৌরশক্তির শতভাগ ব্যবহারের কৃতিত্ব অর্জন করেছে। আজ দিউ-তে দিনের বেলার বিদ্যুতের সম্পূর্ণ চাহিদা কেবল সৌরশক্তি দিয়েই মেটানো হচ্ছে এবং আমাদের এই উদ্যোগকে আরও এগিয়ে নিয়ে যেতে হবে। সৌরশক্তির মাধ্যমে বাড়িঘরেও বিদ্যুৎ পৌঁছানো উচিত। শুধু তাই নয়, উদ্বৃত্ত বিদ্যুৎ থেকে পরিবারগুলোর আয় করার ব্যবস্থাও থাকা প্রয়োজন। এ লক্ষ্যে বাড়ির ছাদে সৌরবিদ্যুৎ কেন্দ্র স্থাপনের উদ্যোগ শুরু হয়েছে। এসব সাফল্য অর্জনের জন্য আমি আপনাদের সবাইকে সাধুবাদ জানাই।

 

বন্ধুগণ,

আমি এটাও জেনেছি যে, আজকাল দমন-এর মানুষজন একটি পরিচ্ছন্নতা অভিযান চালাচ্ছেন। এটি প্রমাণ করে যে পরিচ্ছন্নতা কীভাবে দমন-এর জনজীবনের সংস্কৃতির একটি অবিচ্ছেদ্য অংশ হয়ে উঠেছে এবং সেই সংস্কৃতির প্রতিফলন তাদের পরিচ্ছন্নতা বিষয়ক প্রচেষ্টায় স্পষ্ট। এই ধরনের গণ-অংশীদারিত্বমূলক প্রচেষ্টার জন্য আমি দমন-এর জনগণকে অভিনন্দন জানাই।

বন্ধুগণ,

দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ - কেন্দ্রশাসিত অঞ্চল হিসেবে ভারতীয় ঐতিহ্যের অংশ। তাই এদের উন্নয়নের জন্য আমাদের লক্ষ্য কোনো সাধারণ বিষয় নয়। আমার মনে আছে, গত বছর যখন আমি সিলভাসায় এসেছিলাম, তখন আপনাদের সিঙ্গাপুরের উদাহরণ দিয়েছিলাম। আমি বলেছিলাম যে, একসময় সিঙ্গাপুর ছিল একটি ছোট মৎস্যজীবী গ্রাম। কিন্তু সিঙ্গাপুরের মানুষ স্বপ্ন দেখেছিলেন, বড় লক্ষ্য স্থির করেছিলেন এবং আজ সেই সিঙ্গাপুরই বিশ্বের বৃহত্তম বাণিজ্যিক কেন্দ্রে পরিণত হয়েছে। আজ দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ-ও ঠিক তেমনই স্বপ্ন দেখছে। ‘নমো বিমানবন্দর’, দমনগঙ্গা নদীর ওপর আইকনিক সেতু এবং ‘বিচ ফ্রন্ট’-এ কনভেনশন সেন্টারের মতো প্রকল্পের মাধ্যমে আমরা ভবিষ্যতের বড় বড় সংকল্প বাস্তবায়নের ভিত্তি স্থাপন করছি। এই প্রকল্পগুলোর ফলে আপনাদের যাতায়াত সহজ হবে। এখানে ব্যবসার নতুন নতুন সুযোগ সৃষ্টি হবে। দমন-এর উভয় প্রান্তেই উন্নয়নের গতি ত্বরান্বিত হবে।

বন্ধুগণ,

এখানে হসপিটালিটি বা আতিথেয়তা-কেন্দ্রিক অর্থনীতির সুযোগ বাড়বে এবং সেই সঙ্গে ‘ট্রান্সপোর্ট নগর’-এর মতো সুবিধাগুলো বাণিজ্য ও লজিস্টিকস ব্যবস্থায় নতুন গতি সঞ্চার করবে।

 

বন্ধুগণ,

এই অঞ্চলে ‘ব্লু ইকোনমি’বা সমুদ্র-অর্থনীতি নিয়ে আমরা যে রূপরেখা তৈরি করেছি, তা-ও অত্যাধুনিক পরিকাঠামোর শক্তির মাধ্যমেই বাস্তবায়িত হবে। আর তাই, আজই লাক্ষাদ্বীপের কালপেনি ও কাদমাত দ্বীপে আধুনিক বন্দরের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হচ্ছে। এই সমস্ত প্রচেষ্টা ‘ব্লু ইকোনমি’-র ক্ষেত্রে দেশের শক্তি বৃদ্ধি করবে এবং আমি আগেই বলেছি, এই উদ্যোগগুলি লাক্ষাদ্বীপের ভাগ্য বদলে দেবে।

বন্ধুগণ,

বিজেপি সরকার তথা আমাদের এনডিএ সরকারের কাছে উন্নয়নের প্রধান মাপকাঠি হলো - দরিদ্র, বঞ্চিত, আদিবাসী এবং মধ্যবিত্ত মানুষের জীবনে পরিবর্তন আনা! আর এ কারণেই স্বাস্থ্য  ক্ষেত্র আমাদের কাছে অত্যন্ত অগ্রাধিকারের বিষয়। বিগত বছরগুলোতে স্বাস্থ্যসেবার ক্ষেত্রে দেশ একটি সামগ্রিক দৃষ্টিভঙ্গি নিয়ে এগিয়ে চলেছে। চিকিৎসা সংক্রান্ত প্রতিটি সমস্যার সমাধান আমরা করেছি। আজ  দরিদ্রতম মানুষেরাও 'আয়ুষ্মান কার্ড'-এর সুবিধা পাচ্ছেন। ৫ লক্ষ টাকা পর্যন্ত বিনামূল্যে চিকিৎসার নিশ্চয়তা তাঁদের রয়েছে।  সময়মতো রোগনির্ণয় নিশ্চিত করতে 'প্রধানমন্ত্রী আয়ুষ্মান আরোগ্য মন্দির'-এর ব্যবস্থা করা হয়েছে। 'জন ঔষধি কেন্দ্র'-এর মাধ্যমে সাশ্রয়ী মূল্যে ওষুধও পাওয়া যাচ্ছে। এই পরিষেবাগুলিকে আরও উন্নত ও আধুনিক করে তুলতে, আজ 'আয়ুষ্মান ভারত ডিজিটাল মিশন'-এর মাধ্যমে স্বাস্থ্যসেবাকে প্রযুক্তির  সঙ্গে যুক্ত করা হচ্ছে।

বন্ধুগণ,

শুধুমাত্র আয়ুষ্মান কার্ড এবং জন-ঔষধি কেন্দ্রের সুবাদেই দরিদ্র ও মধ্যবিত্ত শ্রেণীর প্রায় ২.২৫ লক্ষ কোটি টাকা সাশ্রয় হয়েছে।

ভাই ও বোনেরা,

কেন্দ্রীয় সরকারের নীতির ফলে এই অঞ্চলের মানুষও ব্যাপকভাবে উপকৃত হয়েছেন। এক সময় এখানে উন্নত চিকিৎসার সুযোগ-সুবিধার অভাব ছিল। এমনকি এখানে কোনো মেডিকেল কলেজও ছিল না। কিন্তু এখন এখানে একটি মেডিকেল কলেজ রয়েছে এবং সেখানে স্নাতকোত্তর পড়াশোনাও শুরু হয়েছে। সিলভাসার ‘নমো হাসপাতাল’গত এক বছর ধরে হাজার হাজার মানুষের সেবা করে আসছে। আজ দমন-এও ‘নমো হাসপাতাল-এর উদ্বোধন করা হলো। এই অঞ্চলের মানুষ এখন আরও উন্নত স্বাস্থ্যসেবার সুবিধা পাবেন।

 

বন্ধুগণ,

স্বাস্থ্যক্ষেত্রকে আমাদের সরকার কতটা অগ্রাধিকার দিচ্ছে, তা ‘জাতীয় পরিবার স্বাস্থ্য সমীক্ষা’-র ফলাফলেও স্পষ্ট। এক সময় ভারতে অধিকাংশ সন্তান প্রসব হাসপাতালে হতো না। আজ দেশে ৯০ শতাংশেরও বেশি প্রসব হাসপাতালে হচ্ছে। এর ফলে মাতৃমৃত্যু ও শিশুমৃত্যুর হার উল্লেখযোগ্যভাবে কমেছে। ‘মিশন ইন্দ্রধনুষ’-এর কারণে শিশু টিকাকরণের ক্ষেত্রেও ভারত ভালো সাফল্য অর্জন করেছে। ২০১৪ সালের আগে মাত্র ৬০ শতাংশ শিশু সম্পূর্ণ টিকা পেয়েছিল। আজ এই সংখ্যা বেড়ে প্রায় ৯০ শতাংশে পৌঁছেছে। স্বাস্থ্য সুরক্ষার ক্ষেত্রেও বড় পরিবর্তন এসেছে। ২০১৪ সালের আগে ৩০ শতাংশেরও কম পরিবার স্বাস্থ্য বিমা প্রকল্পের আওতাভুক্ত ছিল। আজ ‘আয়ুষ্মান ভারত’সেই পরিসংখ্যানও বদলে দিয়েছে। এখন ৬০ শতাংশেরও বেশি পরিবার এই সুরক্ষার সুবিধা পাচ্ছে।

বন্ধুগণ,

স্বাস্থ্যক্ষেত্রে সরকারের এসব প্রচেষ্টার ফলে যদি কেউ সবচেয়ে বেশি উপকৃত হয়েছেন আমার দেশের মহিলারা।

বন্ধুগণ,

আগে এই অঞ্চলের তরুণ-তরুণীদের উচ্চশিক্ষার জন্য বাইরে যেতে হতো। কিন্তু আজ এখানে একটি নয়, বরং জাতীয় পর্যায়ের অনেক প্রতিষ্ঠান গড়ে উঠেছে। সাম্প্রতিক বছরগুলোতে এখানে নতুন স্কুল ভবন নির্মিত হয়েছে এবং স্কুলগুলোতে ‘স্মার্ট ক্লাসরুম’ও তৈরি করা হয়েছে। ৪০ হাজারেরও বেশি শিক্ষার্থী এর সুফল পাচ্ছে। আমি আনন্দিত যে, এই কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলটি শিক্ষার ক্ষেত্রে ক্রমশ এগিয়ে চলেছে। এখানে ‘স্বামী বিবেকানন্দ এডুকেশন হাব’-এর মতো অনেক নির্মাণকাজ হচ্ছে। 

 

ভাই ও বোনেরা,

শিক্ষার এই বিপ্লবে যেন আমাদের মেয়েরা পিছিয়ে না থাকে আমরা সেজন্য দৃঢ় সংকল্প । এ লক্ষ্যে বড় ধরনের অনেক প্রচেষ্টা চালানো হচ্ছে। ‘সরস্বতী সাইকেল যোজনা’ এবং ‘সরস্বতী বিদ্যা যোজনা’-র মতো কর্মসূচিগুলো এখানকার মেয়েদের ব্যাপকভাবে সহায়তা করছে।

বন্ধুগণ,

ভারত আজ এমন এক প্রচেষ্টা চালাচ্ছে যাতে দেশের যুবসমাজ কেবল ডিগ্রির পাশাপাশি সঠিক দিকনির্দেশনাও পায়। তাদের এমন অভিজ্ঞতা ও সুযোগের  সঙ্গে পরিচিত করা প্রয়োজন, যা স্থানীয় প্রতিভাকে বিশ্বমানের সুযোগ-সুবিধার সঙ্গে যুক্ত করতে পারে। ডিজাইন, আইন, প্রকৌশল, চিকিৎসা শিক্ষা, তথ্যপ্রযুক্তি ,ড্রোন এবং নবীকরনযোগ্য শক্তির মতো ক্ষেত্রগুলোতে আমাদের বর্তমান প্রস্তুতি ভারতের কর্মীবাহিনীকে আরও শক্তিশালী করে তুলবে। তাই পেশাগত শিক্ষা প্রতিষ্ঠানের সম্প্রসারণ অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ।

বন্ধুগণ,

আজ এনআইএফটি-এর অষ্টাদশ ক্যাম্পাসের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হলো। এই প্রতিষ্ঠানটি এখানকার যুবসমাজকে বিশ্বমানের অভিজ্ঞতার সাথে যুক্ত করবে। আইটিআই দমন-এ ড্রোন টেকনিশিয়ানের মতো নতুন কোর্সও চালু হয়েছে। ‘পিএম বিশ্বকর্মা এবং ‘পিএম সূর্য ঘর বিনামূল্যে বিদ্যুৎ যোজনা’-র মতো প্রশিক্ষণ কর্মসূচিগুলোও যুবসমাজকে উপকৃত করছে।

বন্ধুগণ,

নতুন চিন্তাধারার মাধ্যমে দেশের ক্রীড়াক্ষেত্রকেও এগিয়ে নেওয়া হয়েছে। আমাদের খেলাধুলা এখন আর কেবল বড় শহর বা বড় স্টেডিয়ামের মধ্যে সীমাবদ্ধ নেই। ‘খেলো ইন্ডিয়া’-র মতো উদ্যোগ যুবসমাজকে তাদের প্রতিভা প্রদর্শনের এক নতুন মঞ্চ দিয়েছে। এর ফলে ছোট অঞ্চলের ছেলেমেয়েরাও খেলাধুলার ক্ষেত্রে জাতীয় পর্যায়ে উঠে আসছে এবং এই অঞ্চলটিও এর সুফল পেয়েছে। দিউ আজ বিচ স্পোর্টস বা সমুদ্রতট-কেন্দ্রিক খেলাধুলার একটি বড় কেন্দ্র হিসেবে গড়ে উঠেছে। ঘোগলা বিচে আয়োজিত ‘বিচ গেমস’ও দেশের দৃষ্টি এই অঞ্চলের দিকে আকর্ষণ করেছে। আজ এখানে ক্রমাগত আধুনিক ক্রীড়া পরিকাঠামো গড়ে তোলা হচ্ছে। খানভেল-এর ফুটবল সেন্টার এবং দমন-এর ভলিবল প্রশিক্ষণ কেন্দ্র এখানকার ক্রীড়া সংস্কৃতিকে আরও শক্তিশালী করে তুলছে।

 

বন্ধুগণ,

আজ দেশের বিশেষ মনোযোগ রয়েছে পর্যটন ক্ষেত্রের ওপরও। আমাদের লক্ষ্য হলো পর্যটনের মাধ্যমে স্থানীয় শিল্প ও সংস্কৃতির প্রসার ঘটানো। ছোট ছোট জায়গাকেও বড় বড় সুযোগ-সুবিধার সঙ্গে যুক্ত করা। ‘দেখো আপনা দেশ’-এর মতো উদ্যোগ মানুষকে দেশের বৈচিত্র্য সম্পর্কে জানতে অনুপ্রাণিত করেছে। আজ ভারতে হেরিটেজ ট্যুরিজম, বিচ ট্যুরিজম, ইকো-ট্যুরিজম এবং অ্যাডভেঞ্চার ট্যুরিজম নতুন প্রাণশক্তি পাচ্ছে।

বন্ধুগণ,

দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ-তেও পর্যটন এক বিপুল সম্ভাবনাময় ক্ষেত্র। এই অঞ্চলটি প্রাকৃতিক সৌন্দর্যে সমৃদ্ধ। তাই পর্যটন নিয়ে দেশ যে নীতিগুলো গ্রহণ করেছে, তার ফলে দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ ব্যাপকভাবে উপকৃত হয়েছে। ২০২১ সালে এখানে প্রায় ৬ লক্ষ পর্যটক এসেছিলেন। ২০২৫ সালে এই সংখ্যা বেড়ে প্রায় ৫০ লক্ষে পৌঁছেছে। অর্থাৎ, মাত্র কয়েক বছরের মধ্যেই পর্যটকদের সংখ্যা প্রায় দশগুণ বেড়েছে। উন্নত পরিকাঠামো, ভালো সুযোগ-সুবিধা এবং পরিচ্ছন্ন সমুদ্রতটের কারণেই এটি সম্ভব হয়েছে। দমন নাইট মার্কেট, রামসেতু সি-ফ্রন্ট, নামোপথ সি-ফ্রন্ট, নানি দমন দুর্গ, গঙ্গেশ্বর মন্দির চত্বর - এমন অসংখ্য স্থান আজ এই পুরো অঞ্চলের নতুন পরিচয় হয়ে উঠছে।

বন্ধুগণ,

দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ-এর স্বপ্ন পূরণের জন্য আমাদের এখানকার শিল্প-সামর্থ্যও বৃদ্ধি করতে হবে। এটি অত্যন্ত গর্বের বিষয় যে, এই কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলটি কৃত্রিম তন্তু বা 'ম্যান-মেড ফাইবার'-এর ক্ষেত্রে নিজের এক স্বতন্ত্র পরিচিতি গড়ে তুলেছে। দাদরা ও নগর হাভেলি আজ 'জাতীয় ম্যান-মেড ফাইবার রাজধানী' হিসেবে স্বীকৃতি পেয়েছে। প্লাস্টিক পণ্য রপ্তানির ক্ষেত্রেও এই অঞ্চলটি ক্রমাগত এগিয়ে চলেছে। এখানকার শিল্প ও এমএসএমই-গুলোকে সহায়তা করার জন্য সরকার নিরন্তর প্রচেষ্টা চালিয়ে যাচ্ছে। এখানকার এমএসএমই এবং অন্যান্য শিল্পকে কোটি কোটি টাকার আর্থিক সহায়তা প্রদান করা হয়েছে। এই কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলের ক্ষুদ্র ও কুটির শিল্পের জন্য নতুন নতুন সুযোগ সৃষ্টি হচ্ছে। আমি নিশ্চিত যে, আগামী দিনে এই অঞ্চলটি উৎপাদন শিল্পের এক বিশাল কেন্দ্রে পরিণত হবে।

বন্ধুগণ,

যখন সংবেদনশীল শাসনব্যবস্থার সঙ্গে উন্নয়নের দূরদর্শী চিন্তাধারার মেলবন্ধন ঘটে, তখন বাস্তবে দ্রুত রূপান্তর হয়। দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ-তে আমাদের প্রচেষ্টার সুফল দেখে আমি অত্যন্ত সন্তোষ বোধ করছি। এ অঞ্চলের মানুষের ওপর আমার পূর্ণ আস্থা রয়েছে। এখানকার যুবসমাজ, মা ও বোনেরা, কৃষক, কারিগর, শ্রমিক এবং উদ্যোক্তারা আগামী বছরগুলোতে উন্নয়নের এই যাত্রাকে আরও এগিয়ে নিয়ে যাবেন। আমি আপনাদের নিশ্চিত করছি যে, আপনাদের স্বপ্ন পূরণে কেন্দ্রীয় সরকার সর্বদা আপনাদের পাশে থাকবে। এই বিশ্বাস নিয়ে, উন্নয়নমূলক প্রকল্পগুলোর জন্য আমি আপনাদের আবারও অনেক অনেক অভিনন্দন জানাচ্ছি। আমার সঙ্গে বলুন - ভারত মাতা কি জয়! ভারত মাতা কি জয়! ভারত মাতা কি জয়!
আপনাদের অনেক ধন্যবাদ।