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PM Modi lays foundation Stone of NHAI Projects in Sonepat, Haryana
If Infrastructure improves, quality of life also enhances: PM Modi
Good infrastructure has the potential to transform nations: PM
These roads won't only carry the vehicles, these roads would lead Haryana towards development: PM
There are so many districts not connected with a national highway. Bharat Mala project will change that: PM
We have made attempts to transform the railways- increase speed, extension, expansion, better stations. Lot of initiatives are happening: PM
We are dedicated to provide 24/7 power supply to the 18,000 villages that still don not have electrification: PM Modi

कभी-कभी लोगों के मन में विचार आता है कि पैसे होते हैं तो रास्‍ते बनते हैं लेकिन हकीकत ये है अगर रास्‍ते बनते हैं तो फिर पैसे अपने-आप बनना शुरू हो जाते हैं। आज के युग में विकास की सबसे पहली प्राथमिक आवश्‍यकता होती है Infrastructure चाहे वो बिजली की बात हो, पानी की हो, सड़क की हो, और जहां-जहां Infrastructure पहुंचता है वहां-वहां विकास की रफ्तार तेज होती है। Quality of life में भी बहुत बड़ा बदलाव, जब इस प्रकार की सुविधाएं तैयार होती हैं तब होता है। लेकिन ज्‍यादातर हमारे देश में सरकारें दुविधा में रहती हैं, उनको लगता है कि किसी मतदाता को कोई लाभ मिलेगा तो, तो चुनाव में लाभ मिलेगा लेकिन अगर सड़क बनती है तो लोगों को लगता है उसमें क्‍या है भई ये तो सरकार का काम है, मेरा क्‍या हुआ। और ये दुविधा कई वर्षों से हमारे देश में चल रही है। और शायद ये दुविधा ही हमारे देश में विकास की सबसे बड़ी रुकावट है। जो समाज में दलित है, पीडि़त है, शोषित है, वंचित है, उनकी चिंता करना, विकास के फल उन तक पहुंचें, विकास की यात्रा में उनकी समान भागीदारी हो, ये तो सुनिश्चित करना राज्‍य की प्राथमिकता होती ही है, होनी भी चाहिए। लेकिन साथ-साथ अगर सर्वांगीण विकास करना है, लंबे अर्से तक लोगों को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है, ये बहुत आवश्‍यक होता है कि Infrastructure को बल दिया जाए।

हरियाणा छोटा प्रदेश है लेकिन करीब-करीब 32 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं सिर्फ roads के लिए आएं, ये छोटी बात नहीं है। ये 32 हजार करोड़ रुपये लगते हैं तो इलाके के नौजवानों को रोजगार भी मिलता है, मजदूरी करने वालों को भी काम मिलता है, लेकिन जब व्‍यवस्‍था खड़ी होती है तो विकास की गति भी बहुत तेज होती है।

आप में से अगर किसी को अध्‍ययन करना है तो कोरिया एक उत्‍तम नमूना है कि कोरिया कहां-से-कहां पहुंचा और वहां की शुरूआत, वहां के शासकों ने इस बात से की कि कोरिया के बीच से गुजरता हुआ एक बहुत बड़ा आधुनिक Highway बनाया जाए। बड़ा विवाद हुआ था उस देश में। विवाद इस बात का हुआ कि देश गरीब है, एक रोड के लिए इतने पैसे लगा रहे हो, स्‍कूल नहीं है, अस्‍पताल नहीं है, गरीबी है, और अब रोड के लिए इतने अरबों-खरबों लगा रहे हो। बड़ा विवाद हुआ था लेकिन उस समय के शासकों ने इन सारे आरोप-प्रत्‍यारोपों के बीच भी पूरे कोरिया के बीच से एक उत्‍तम रास्‍ता बनाने का तय कर लिया और बनाया। और उस एक रास्‍ते ने पूरे कोरिया के जीवन को बदल दिया। आज दुनिया के समृद्ध देशों में कोरिया का नाम आ गया है।

Infrastructure की ये ताकत होती है और इसलिए मार्ग के क्षेत्र में, हमारे नितिन गडकरी जी के नेतृत्‍व में शायद पिछले 60 साल में इतने व्‍यापक रूप से मार्ग निर्माण के काम पर कल्‍पना तक नहीं की गई होगी। एक तरफ भारतमाला योजना है, दूसरी तरफ सेतुभारतम योजना है। अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत को उत्‍तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम जोड़ने के लिए एक Golden चतुष्‍क का निर्माण करने का बीड़ा उठाया और उस काम में इतनी तेजी आई कि उनके कार्यकाल में जितना काम पूरा हुआ, उस काम को आज भी हिन्‍दुस्‍तान के विकास में एक अहम भूमिका अदा हो रही है, इस रूप में माना गया से है।

ये जो रास्‍ते बनने वाले हैं, वो रास्‍ते सिर्फ हमारे Vehicles को ले जाने वाले रास्‍ते नहीं हैं। ये मार्ग का निर्माण हरियाणा को गति देने वाला निर्माण है, ये मार्ग का निर्माण हरियाणा को विकास की नई ऊंचाईयों पर तेज गति से पहुंचाने का अभियान है।

सागरमाला योजना के तहत हिन्‍दुस्‍तान के समुद्र तट, उस समुद्र तट के साथ वो Infrastructure जोड़ा जाए ताकि हिन्‍दुस्‍तान का हर कोना सामुद्रिक व्‍यापार के लिए जहां जाना हो, उसको अच्‍छे से अच्‍छा तेज गति से connectivity मिले ताकि देश में व्‍यापार को बढ़ावा मिल सकता है। अगर अच्‍छा Infrastructure है और हिमाचल के apple हैं, उनको समुद्री मार्ग से दुनिया में कहीं पहुंचाना है, तेज गति से अगर पहुंचा दिया तो वो किसान भी सुखी होता है, और जहां पहुंचता है वहां भी अच्‍छा माल पहुंचता है। यानी एक प्रकार से इन सुविधाओं से गांव गरीब किसान भी जो मेहनत करके पैदा करता है, अच्‍छे बाजार में सही समय पर पहुंच करके अपने आर्थिक विकास की यात्रा को गति दे सकते हैं। और इसलिए हमारे बंदरों के साथ, सामुद्रिक बंदरों के साथ, सागरमाला के तहत road connectivity देने का अभियान है।

सेतुभारतम, आपने देखा होगा हमारे देश में दो तरफ सड़क बनी है, बीच में से रेल जा रही है, ऊपर पुलियां नहीं बन रही हैं, रोड खराब हो रहा है। वर्षों तक ये चलता था, कभी रेल permission नहीं दे रही है, कभी रोड वाले काम नहीं करते हैं। नितिन जी ने आ करके बीड़ा उठाया, रेल और रोड के बीच में सामंजस्‍य बन गया, और एक formula बनाएं कि अगर इतने parameter पूरे होते हैं तो permission आपो-आप मिल जाएगी, अब नीचे भले रेल जाती है, ऊपर bridge बनाने का काम चालू करो।

इतनी तेज गति से काम बढ़ रहा है, आपको हैरानी होगी। हमारे देश में कहीं रेल गुजर रही है और गांव विकसित हुआ। गांव को एक छोर इस तरफ है रेलवे के, दूसरा उस तरफ है। पानी की पाईप लाईन डालनी है तो railway department दो-दो, चार-चार साल तक permission नहीं देता। और उसके कारण एक ही गांव, बीच में से रेल जा रही, उधर पानी नहीं पहुंच रहा है। हमने कुछ नियम ऐसे बनाए हैं कि Infrastructure में इस प्रकार की जो कठिनाईयां हैं वो समय-सीमा में निश्चित parameter के तहत तत्‍काल लागू की जाएं और इसके कारण इतने काम जो अटके पड़े थे उनको गति मिली।

मैं इन दिनों हर महीने में एक बार राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठता हूं, video conference करता हूं और जितने project अटके पड़े हें, वो क्यों अटके हैं, किसके कारण अटके हैं, उसकी जरा पूछताछ करता हूं। आपको हैरानी होगी, पिछले 5-6 महीनों से मेरा ये अभियान चल रहा है। अब तक करीब चाल लाख करोड़ रुपए के अटके हुए project काम करना शुरू कर दिए हैं। सेतू भारतम के द्वारा इस देश में करीब पौने 400 ऐसे bridge बनाने की जरूरत है जो विकास के लिए bottle neck बने हुए हैं, रुकावट बने हुए हैं। अगर ये 400 सेतु बन जाते हैं तो पूरे देश में एक गति को नया आयाम मिलेगा।

सेतुभारतम के तहत अरबों-खरबों रुपया लगाकर के, एक focus के रूप में कि bridge बनाने के काम को बल देना है, कभी चौड़ा करना है, कहीं नया Parallel bridge बनाना है, कहीं नए bridge बनाने हैं। एक साथ सर्वे करके उसका काम करने का अभियान उठाया है, एक भारतमाला योजना बनाई है। आपको हैरानी होगी 60 साल के बाद इस देश में 123 district ऐसे हैं, यानी करीब-करीब 20 percent, 20 percent district ऐसे हैं, जो आज भी National Highway के साथ connectivity नहीं है और इसलिए भारतमाला project के तहत एक अभियान उठाया है कि जल्द से जल्द हिन्दुस्तान के 123 district जो National Highway से link नहीं हैं, उनको जोड़ने के लिए भारतमाला project चलाया है और आने वाले वर्षों में focus target योजना के साथ इस काम को करने की दिशा में हम आगे बढ़े जा रहे हैं।

दिल्ली के चारों तरफ पूरब और पश्चिम नई सड़क, दिल्ली को तो अनेक समस्याओं से तो मुक्त करेंगे ही करेंगे लेकिन इसके बाद हरियाणा के व्यक्ति को अगर राजस्थान जाना, या हरियाणा के व्यक्ति को उत्तर प्रदेश के किसी छोर पर जाना है, उसकी सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा, तेज गति से वो बाहर से बाहर अपना आगे बढ़ जाएगा और ये road की रचना ऐसी है कि भविष्य में वहां पर urban development तो होना ही होना है। जब road आता है तो विकास अपने आप होता ही होता है, कई कालोनियां बनना शुरू हो जाती है लेकिन ये road की रचना ऐसी है कि साथ में अगर नए शहर विकसित भी हो जाएंगे, नई locality विकसित भी हो जाएगी तो भी दोनों के बीच में कोई contradiction नहीं होगा, तकलीफ नहीं होगी। ऐसा सुरक्षित मार्ग बनाने के पीछे ये इतने अरबों-खरबों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

मैं हरियाणा सरकार को, श्रीमान नितिन जी को और उनके department की पूरी team को हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं कि इस काम को वो बहुत तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं और भारत को गति देने में एक बहुत बड़ी अहम भूमिका, railway हमने railway में आमूल-चूल परिवर्तन करने कि दिशा में प्रयास शुरू किया है, railway स्टेशनों में बदलाव लाने का प्रयास शुरू किया है, रेल की गति बढ़े, रेल expansion हो, रेल के नए area extension हो, रेल में जहां diesel से चल रहा है, वहां electricity कैसे आए, एक साथ अनेकों प्रकार के initiative लेकर के, भारत के रेल युग को एक आधुनिक रेल युग में परिवर्तन करने का प्रयास बहुत तेज गति से हमने उठाया है। बिजली, 2022 जब भारत आजादी के 75 साल मनाएं, हमारा सपना है कि तब हिंदुस्तान के हर गांव में सातों दिन, 24 घंटे, पूरे सालभर बिजली मिलनी चाहिए। ये काम सरल नहीं है, मैं जानता हूं, बिजली के उत्पादन में कितनी ताकत लगेगी, मैं जानता हूं, बिजली पहुंचाने में कितनी ताकत लेगगी, मैं जानता हूं लेकिन किसी ने तो कठिन काम भी हाथ में लेने पड़ते हैं और हमने बीड़ा उठाया है कि 2022 जब भारत आजादी के 75 साल मनाता होगा, हिंदुस्तान के अंदर जहां-जहां बिजली पहुंचानी होगी, वहां पहुंचेगी और 24 घंटे बिजली उपलब्ध होगी, इस दिशा में हम काम रहे हैं।

युग बदला है, बदले हुए युग में अब highway से ही काम सिर्फ नहीं है। Highways भी चाहिए, information wave भी चाहिए, Digital India का जो हमारा सपना है, उस Digital India के सपने का पूरा करने के लिए 21वीं सदी का जो महत्वपूर्ण Infrastructure है, वो है Highways के साथ-साथ eye ways आज सारी दुनिया आपके mobile phone में है और इसलिए उसके infrastructure को भी बल देना पड़ेगा। आधुनिक भारत की पहली शर्त बन गया है, eye ways होना और इसलिए Digital India के माध्यम से Optical Fiber Network का काम पूरा हिंदुस्तान में तेज गति से चल रहा है। मैं जब इन चीजों का review करता हूं तो मेरे ध्यान में आया, लाखों गांव ऐसे हैं कि जहां पर आज के युग में Digital connectivity नहीं है, वो भी एक कठिन काम है, हमने उसका बीड़ा उठाया है, काम तेजी से चल रहा है। जब मैं बिजली के लिए पूछ रहा था, मैं हैरान था 21वीं सदी के 15 साल बीत चुके हैं, आजादी के 70 साल होने जा रहे हैं लेकिन इस देश में 18 हजार गांव ऐसे हैं, जहां बिजली का खंभा तक नहीं लगा है, एक तार भी नहीं पहुंचा है। हमने बीड़ा उठाया है, मैंने लाल किले से इसकी घोषणा की थी कि एक हजार दिन में 18 हजार गांव जहां बिजली पहुंची नहीं है, वो दुर्गम से दुर्गम इलाके होंगे, पहाड़ की चोटी पर हो या रेगिस्तान में हो, हम वहां पर बिजली पहुंचाएंगे, इसका एक अभियान चलाया है।

भाइयों-बहनों आधुनिक भारत को बनाने के लिए Infrastructure की जितनी आवश्यकता है, उस पर हम तेज गति से काम पर लगे हैं, हरिय़ाणा उसमें बहुत प्रगति कर सकता है, सबसे ज्यादा फायदा हरियाणा ले सकता है और मनोहर जी इस बात को बल देकर के आगे बढ़ा रहे हैं। मैं फिर एक बार हरियाणा को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए भारत माता की, भारत माता की।

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Relationship between India and the Netherlands is based on the shared values of democracy and rule of law: PM
April 09, 2021
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Relationship between India and the Netherlands is based on the shared values of democracy and rule of law: PM
Approach of India and the Netherlands towards global challenges like climate change, terrorism and pandemic are similar: PM

Excellency,

Greetings and thank you very much for sharing your thoughts.

Your party has achieved its fourth consecutive major victory under your leadership. I had immediately congratulated you on Twitter for the same, but today as we are meeting up virtually, I wish to take this opportunity to congratulate you once again and wish you all the best!

Excellency,

Our relations are based on shared values ​​like democracy and the rule of law. Our approach towards global challenges like climate change, terrorism, pandemics is also the same. Convergence is also emerging on our thoughts about new areas like Indo-Pacific resilient supply chains and Global Digital Governance. Today, we will give a new dimension to this bond with our Strategic Partnership on Water. The establishment of a fast track mechanism for promoting investment will also add new momentum to our strong economic cooperation. I am confident that in the post-Covid period many new opportunities will open up in which like-minded countries like ours can increase mutual cooperation.

Excellency,

The visit of Their Majesties to India in 2019 has given a boost to India-Netherlands relations. I believe that today our Virtual Summit will add further momentum to the relations.

Excellency,

Just as you mentioned about the Indian diaspora, it is true that a large number of people of Indian origin are living there in Europe, but I want to express my heartfelt gratitude to you for the care and concern that you have shown to the people of Indian origin in this corona period, in this pandemic. We will also get the opportunity to discuss various issues during the COP-26 as well as the India-EU summit with the European Union.