Published By : Admin |
October 5, 2022 | 15:06 IST
Share
প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী আজ বিলাসপুরে এইমস পরিদর্শন করেছেন।
প্রধানমন্ত্রী হাসপাতাল ভবনের ‘সি’ ব্লকে এসে পৌঁছন। তারপর তিনি এইমস-এর বিলাসপুর ক্যাম্পাসের থ্রি-ডি মডেলটির প্রদর্শন প্রত্যক্ষ করেন এবং তার উদ্বোধনী অনুষ্ঠানে যান। প্রধানমন্ত্রী হাসপাতালের সিটি স্ক্যান সেন্টার এবং এমার্জেন্সি ও ট্রমা বিভাগের মধ্য দিয়ে যান।
দেশজুড়ে স্বাস্থ্যক্ষেত্রকে শক্তিশালী করার জন্য প্রধানমন্ত্রীর দূরদৃষ্টি এবং দায়বদ্ধতা আরও একবার দেখা গেল জাতির উদ্দেশে বিলাসপুর এইমস উৎসর্গ করার মাধ্যমে। এই হাসপাতালের শিলান্যাসও করেছিলেন প্রধানমন্ত্রী ২০১৭-র অক্টোবরে এবং এটি স্থাপিত হচ্ছে ‘প্রধানমন্ত্রী স্বাস্থ্য সুরক্ষা যোজনা’র অধীন।
বিলাসপুরের এইমস তৈরি করতে খরচ ১,৪৭০ কোটি টাকারও বেশি। এই অত্যাধুনিক হাসপাতালে আছে ১৮টি স্পেশালিটি ও ১৭টি সুপার স্পেশালিটি বিভাগ, ১৮টি মডিউলার অপারেশন থিয়েটার এবং ৬৪টি আইসিইউ শয্যা সহ ৭৫০টি শয্যা। ২৪৭ একরের বেশি এলাকা জুড়ে থাকা এই হাসপাতালে আছে ২৪ ঘন্টার এমার্জেন্সি এবং ডায়ালিসিসের সুবিধা, আল্ট্রা-সোনোগ্রাফি, সিটি স্ক্যান, এমআরআই ইত্যাদির মতো আধুনিক ডায়াগনস্টিক যন্ত্র, অমৃত ফার্মাসি ও জন ঔষধি কেন্দ্র এবং ৩০ শয্যার আয়ুষ ব্লকও। এই হাসপাতালে ডিজিটাল হেলথ সেন্টারও আছে হিমাচল প্রদেশের আদিবাসী এবং দুরধিগম্য এলাকায় স্বাস্থ্য পরিষেবা প্রদানের জন্য। কাজা, সালুনি এবং কেলং-এর মতো দুর্গম আদিবাসী এবং হিমালয় সন্নিহিত অঞ্চলের স্বাস্থ্য শিবিরের মাধ্যমে বিশেষ স্বাস্থ্য পরিষেবা দেওয়ারও সুবিধা রয়েছে এই হাসপাতালে। প্রতি বছর এই হাসপাতালে এমবিবিএস পাঠক্রমে ১০০ জন এবং নার্সিং পাঠক্রমে ৬০ জন ছাত্রছাত্রীকে ভর্তি করা হয়।
প্রধানমন্ত্রীর সঙ্গে ছিলেন হিমাচল প্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী শ্রী জয়রাম ঠাকুর, রাজ্যের রাজ্যপাল শ্রী রাজেন্দ্র বিশ্বনাথ আর্লেকর, কেন্দ্রীয় মন্ত্রী শ্রী অনুরাগ সিং ঠাকুর এবং সাংসদ ও বিজেপি জাতীয় সভাপতি শ্রী জগৎ প্রকাশ নাড্ডা।
Today’s projects will further strengthen the logistics system of Eastern India: PM Modi in Kolkata, West Bengal
March 14, 2026
Share
These initiatives will boost connectivity and improve the quality of life for people: PM
Today, a vigorous nationwide campaign to modernise railways is underway, and we are determined that West Bengal should not be left behind in this effort: PM
The central government is rapidly expanding the railway infrastructure in West Bengal: PM
Ports like Kolkata and Haldia have long been major centers of trade in Eastern India: PM
Mechanisation at the Haldia Dock Complex will speed up cargo operations, enhance port capacity and strengthen trade facilities: PM
राज्यपाल श्रीमान आर एन रवि जी, केंद्र में मेरे सहयोगी शांतनु ठाकुर जी, सुकांता मजूमदार जी, पश्चिम बंगाल के नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी जी, संसद में मेरे साथी शॉमिक भट्टाचार्य जी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों,
आज कोलकाता की धरती से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। सड़क, रेलवे और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, इनसे जुड़ी 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक, 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। यह प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत को नई रफ्तार देंगे, इनसे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, लाखों लोगों का जीवन आसान होगा, उन्हें नए अवसर मिलेंगे, खड़गपुर–मोरेग्राम एक्सप्रेसवे के पूरा होने से पश्चिम बंगाल के अनेक हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। दुबराजपुर बाईपास, कांग्सावती, शीलावती नदियों पर बनने वाले बड़े पुल और इनसे भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मैं इन परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल समेत पूरे पूर्वी भारत के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
आज देश में रेलवे को आधुनिक बनाने का तेज अभियान चल रहा है। हमारा यह संकल्प है कि पश्चिम बंगाल इस अभियान में पीछे न रहे! इसलिए, केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेज विस्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। आज कलाईकुंडा और कानिमहुली सेक्शन में ऑटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग प्रणाली को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इनसे व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी, यात्रा सुरक्षित होगी, साथ ही, यात्रियों के लिए स्पीड और सुविधा भी बढ़ेगी।
साथियों,
आज कामाख्या गुड़ी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी, इन छह स्टेशनों का अमृत स्टेशन के तौर पर उद्घाटन हुआ है। हमारे बंगाल की महान संस्कृति की झलक अब इन स्टेशनों पर और भी निखर कर आ रही है। अभी यहां कई और स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है। पुरुलिया और आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इस ट्रेन सेवा का लाभ पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लोगों को भी मिलेगा।
साथियों,
सड़क और रेल कनेक्टिविटी जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही अहम भूमिका पोर्ट और वाटर ट्रांसपोर्ट भी निभाते हैं। दशकों तक, पूर्वी भारत के इस सामर्थ्य की बड़ी उपेक्षा हुई है। लेकिन, आज वॉटरवेज व्यापार और औद्योगिक प्रगति के नए रास्ते खोल रहे हैं। इसी दिशा में, आज पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अहम परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ। कोलकाता और हल्दिया जैसे बंदरगाह लंबे समय से पूर्वी भारत में व्यापार के प्रमुख केंद्र रहे हैं। हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स, इसका मशीनीकरण हो रहा है। इससे कार्गो ऑपरेशन और तेज होगा, बंदरगाह की क्षमता बढ़ेगी और व्यापार के लिए नई सुविधाएं तैयार होंगी। कोलकाता डॉक सिस्टम में बास्कुल ब्रिज का रिनोवेशन भी किया जा रहा है। खिदिरपुर डॉक में कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने पर भी हमारा जोर है। इन सभी परियोजनाओं से पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक सिस्टम और मजबूत होगा।
साथियों,
सड़क, रेल और पोर्ट से जुड़ी नई-नई परियोजनाएं, यह पश्चिम बंगाल के आधुनिक भविष्य के लिए नया रास्ता खोल रही हैं। इसका फायदा किसान, व्यापारी, उद्यमी, स्टूडेंट्स, हर किसी को मिलेगा। पर्यटन जैसे सेक्टर्स में भी नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय उद्योग और सेवाओं को गति मिलेगी। हमारा संकल्प है, बंगाल ने हमेशा जिस तरह भारत को दिशा दिखाई है, बंगाल एक बार फिर ‘विकसित बंगाल’ बनकर उस गौरव को हासिल करे। मुझे पूरा विश्वास है, मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, यह विकसित बंगाल की बुनियाद बनेंगे। इसी कामना के साथ, मैं एक बार फिर आप सभी को इन विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। अब यह सरकारी कार्यक्रम पूरा होते ही मैं जरा खुले मैदान में जाऊंगा, वहां पूरा बंगाल आज इकट्ठा हुआ है, मुझे पूरे बंगाल के दर्शन होने वाले हैं और बहुत महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा बंगाल की जनता जनार्दन के बीच में करूंगा। इस कार्यक्रम में इतना काफी है।