Share
 
Comments
The TMC government will soon understand that ignoring the needs and wishes of the people comes at a heavy cost: PM Modi
The high voting percentages in Bengal till now have shown that the people have resolved to get rid of their corrupt government: Prime Minister Modi
‘Speed-Breaker Didi’ totally decieved the people and their aspirations in the name of ‘Maa, Maati, Maanush’: PM Modi in Bengal

भारत माता की…जय
भारत माता की…जय

मैं हेलीकॉप्टर से देख रहा था, करीब पांच किलोमीटर के दायरे पे, चारों तरफ से लोग यहां लोग आ रहे हैं, पैदल आ रहे हैं। मैं यहां से भी दूर -दूर देख रहा हूं लोग आ रहे है, मैं इधर भी देख रहा हूं ऐसा लग रहा है, ऐसी ही एक सभा वहां से रोड पर चल के आ रही है, उधर रोड़ पर से चल के आ रही है।

भाइयो-बहनो, कमाल कर दिया आपने कमाल कर दिया। ये जो लोग पेड़ पर चढ़े हैं सुरक्षित हैं ना, अपने आप को संभालिए क्योंकि आप को इस विजय को भी देखना है और विजयी बंगाल में आपको अपने सपने भी पूरे करने हैं।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण और इतनी विशाल संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए हुए मेरे प्यारे उत्साही भाइयो-बहनो, मां काली और भगवान शिवजी की धरती को मेरा शत-शत नमन। पूरा देश कह रहा है की पश्चिम बंगाल में इस बार कुछ बड़ा हो रहा है। क्या बड़ा हो रहा है, कैसी लहर उठी है, वो आपका ये स्नेह, ये विश्वास दिखा रहा है।
भाइयो-बहनो, आपके प्यार के लिए आपको सलाम, अब जगह बची नहीं जहां है वहां खड़े रहिए। आगे माताएं बहने हैं आप आगे आने की कोशिश मत कीजिए भैया, तो वहीं रुकेंगे? आपकी इजाजत है तो बोलना शुरू करूं?

बोलो भारत माता की...जय
अद्भुत प्यार है आपका अद्भुत।

साथियो, इस बार वाकई पश्चिम बंगाल के लोगों ने ठान लिया है। स्पीड ब्रेकर दीदी को अब 23 मई के बाद समझ आ जाएगा की जनता के साथ गुंडागर्दी करने का, उनके पैसे लूटने का, उनका विकास रोकने का नतीजा क्या होता है। मैं मीडिया में देख रहा था की कैसे सामान्य लोगों ने हमारी बहनों ने टीएमसी के गुंडों को सबक सिखाया। उनकी लाख-लाख कोशिशों के बावजूद, धमकियों के बावजूद, भारी संख्या में किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, हमारी माताएं-बहनें और हमारे नौजवान साथी वोट देने के लिए निकल पड़े।

भाइयो, बंगाल में पहले और दूसरे चरण में मतदान की जो रिपोर्ट आई है, उसने स्पीड ब्रेकर दीदी की नींद पर भी ब्रेक लगा दिया है, इसी बौखलाहट में किस तरह के जघन्य अपराध हो रहे हैं, वो भी देश देख रहा है। पुरुलिया में हमारे एक और कार्यकर्ता की हत्या की गई। अपने साथी परिजनों के साथ मैं खुद और पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता खड़ा है। मैं पश्चिम बंगाल बीजेपी के हर कार्यकर्ता को यहां के हर मतदाता को यहां के बच्चे-बच्चे को आश्वासन दिलाता हूं की इस अत्याचार का पूरा न्याय होगा। बीजेपी के हर कार्यकर्ता, बंगाल के हर व्यक्ति के साथ जो हिंसा हुई है, उस हिंसा करने वालों के उस साजिश करने वालों को, अब कानून सजा कर के रहेगा, न्याय होके रहेगा। ऐसे लोगों को कठोर से कठोर सजा दी जाएगी।

साथियो, पश्चिम बंगाल में धमकी, लूट और भ्रष्टाचार का ये खेल ऐसे ही चलते रहना चाहिए क्या? ऐसे ही चलता रहना चाहिए क्या? क्या स्पीड ब्रेकर दीदी को कड़ी सजी मिलनी चाहिए की नहीं मिलनी चाहिए? कड़ी से कड़ी सजा दोगे? हिम्मत के साथ दोगे, पूरे बंगाल में दोगे, गांव -गांव में दोगे, हर गली-गली मोहल्ले में दोगे, हर पोलिंग बूथ में दोगे। भाइयो-बहनो, मुझे आप पर भरोसा है और आप दने वालें है ये पहले और दूसरे चरण में मैं देख चुका हूं भाइयो।

भाइयो और बहनो, ममता दीदी ने जो पश्चिम बंगाल में किया है, उसके लिए उन्हें ना इस धरती का महान इतिहास माफ करेगा और ना ही भविष्य माफ करेगा। आप लोगों ने ममता दीदी पर बहुत विश्वास किया था। लेकिन उन्होंने आपके मां-माटी-मानुष के नाम पर सिर्फ धोखा दिया। ये गलती सिर्फ आपने नहीं की है, मैंने भी की है क्योंकि जब मैं उनको देखता था उनको टीवी पे, कभी-कभार मिलता था, तो मुझे लगता था सचमुच में सादगी की मूर्ति है, मेहनत करती हैं, बंगाल का भला चाहती हैं, लेफ्टिस्टों से बंगाल को मुक्ति दिलाना चाहती थी, मैं भी ऐसा मानता था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद यहां के उनके कारनामे देखे, मेरा माथा शर्म से झुक गया भाइयो शर्म से झुक गया। अगर मेरे जैसे व्यक्ति ने गलती की है तो बंगाल के लोगों से गलती होना बहुत स्वाभाविक है लेकिन अब मैं भी उनको पहचान गया हूं और बंगाल का तो बच्चा-बच्चा पहचान गया है। पहले गरीबों के पसीने की कमाई, नारदा, शारदा और रोज वैली ने लूट ली और फिर दीदी ने घोटालेबाजों को ही सांसद और मंत्री बना दिया। इतना ही नहीं, भ्रष्टाचारियों के लिए वो धरने तक पर बैठ गई।

साथियो, आपके आशीर्वाद से, आपका ये चौकीदार गरीब की पाई-पाई का हिसाब लेगा। अब टीएमसी के जगाई-मथाई जितनी ताकत लगा लें, इंसाफ होने से नहीं रोक पाएंगे। चिटफंड घोटाले के एक-एक आरोपी को गरीब के आंसुओं का हिसाब देना ही पड़ेगा।

साथियो, जिस तरह बुआ-भतीजा मिलकर पश्चिम बंगाल की संस्कृति को, यहां की पहचान को, यहां के लोगों को बदनाम कर रहे हैं, वो शर्मनाक है। दीदी अपनी पार्टी में जगाई-मथाई की भारी भर्ती कर रही है लेकिन जिन युवाओं ने एग्जाम पास किया है, उनको नौकरी नहीं देती। दीदी के पास गुंडों को देने के लिए पैसा है, लेकिन कर्मचारियों को डीए देने के पैसे नहीं हैं। दिल्ली की केंद्र सरकार ने सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया। अरे बगल में त्रिपुरा ने भी भाजपा की सरकार बनते ही सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया लेकिन ये दीदी, गरीबों की बातें करने वाली दीदी यहां के सरकार के कर्मचारियों को छठवां वेतन आयोग भी लागू नहीं करती है, बताइए।

भाइयो और बहनो, हद देखिए, कहती है की पश्चिम बंगाल का ये मॉडल वो पूरे देश में लागू करना चाहती है। अरे जहां टोलेबाजी टैक्स के बगैर जीवन नहीं चलता। जहां गरीबों को गरीब रखने का षडयंत्र होता है, जहां गरीब की कमाई को टीएमसी के नेता लूट लेते हैं, जहां पर पूजा तक करना मुश्किल होता है, यात्राएं निकालना मुश्किल होता है। जहां तुष्टिकरण के लिए दूसरे देशों के लोगों के बुलाकर चुनाव प्रचार करवाया जाता है। क्या कभी हिन्दुस्तान में ऐसा हुआ है की दुनिया के किसी देश के लोग आकर के भारत में चुनाव प्रचार करें? अपनी तिजोरी भरने के लिए, अपने वोट बैंक के लिए, तुष्टिकरण के लिए दीदी किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है।

साथियो, ऐसा मॉडल देश के लिए तो दूर, पश्चिम बंगाल के लिए भी मंजूर नहीं है, भाइयो और बहनो देश को ऐसा विकास का मॉडल चाहिए जहां सबको सुरक्षा और सबको सम्मान मिले, देश को ऐसा विकास का मॉडल चाहिए जिसे दुनिया में भारत का नाम हो, दुनिया भारत की जय-जय कार करे, आज भारत की जय-जय कार सारी दुनिया में हो रही है की नहीं हो रही है? सारी दुनिया में हिन्दुस्तान की जय जय कार हो रही है। देश को ऐसा विकास का मॉडल चाहिए जहां आतंकवाद की दहशत ना हो, आतंकवादियों में डर पैदा हो। याद है ना आपको, कुछ साल पहले खगरागढ़ में दुर्गा अष्टमी के दिन जो धमाका हुआ था। उस धमाके की जांच को रोकने की किसने कोशिश की? क्या ऐसे लोग आतंक का मुकाबला कर पाएंगे?

साथियो, आतंक से लड़ाई भी दीदी जैसे कुछ लोग अपना वोटबैंक देख कर तय करते हैं। लेकिन आपका ये चौकीदार आतंकवाद को उसी भाषा में जवाब देता है जिसे वो समझते हैं।
भाइयो-बहनो, आप बताइए आज आतंकी डर रहे हैं की नहीं डर रहे हैं? भारत आतंकियों को घर में घुसकर मार रहा है, आप खुश है, आपको गर्व हो रहा है, मोदी सही कर रहा है? आतंकवादियों के साथ यही करना चाहिए की नहीं करना चाहिए, मोदी की ताकत बढ़नी चाहिए की नहीं बढ़नी चाहिए? आप बढ़ाएंगे की नहीं बढ़ाएंगे, पूरा बंगाल बढ़ाएगा की नहीं बढ़ाएगा? भाइयो-बहनो, जब हमारे सपूतों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों को साफ किया, तब दीदी उन लोगों में से थी, जिन्होंने इसका सबूत मांगा। आपको सबूत चाहिए क्या? आपको सबूत चाहिए क्या? हमारे सपूतों ने सही काम किया, इसका आपको विश्वास है? आपको भरोसा है? सेना की बात पे भरोसा है, मोदी की बात पे भरोसा है?

अरे दीदी, सबूत ही खोजने है तो जरा चिटफंड के घोटालेबाजों के सबूत खोजो। अरे सपूतों के शौर्य के सबूत, सपूत खुद होता है। अरे दीदी सबूत ही खोजने हैं तो घुसपैठियों के सबूत खोजो, देश भक्त की वीरता के सबूत खोजना बंद करो।

साथियो, वाकई दीदी के राज में यहां एक काम बहुत तेज़ी से होता है, घुसपैठ और तस्करी। 23 मई को आपको मालूम है ना 23 मई को क्या है? 23 मई को चुनाव का नतीजा आएगा, चुनाव का रिजल्ट आएगा और 23 मई को जब फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार, 23 मई को जब फिर एक बार...मोदी सरकार आएगी, तब हम घुसपैठ को रोकने के लिए, घुसपैठियों को पहचानने के लिए और कड़े कदम उठाने वाले हैं, सीमा पर जो फेंसिंग लगाने के काम में जो रुकावट डाल रहे हैं, उन्हें भी इस चुनाव के नतीजे सच्चाई समझा देंगे।

साथियो, एक और बहुत अहम विषय है नागरिकता कानून का, जिसे लेकर बहुत अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उसमें भी कुछ लोगों द्वारा अपना वोटबैंक साधा जा रहा है। भाइयो और बहनो, जब देश का बंटवारा हुआ, जब भारत को विभाजन हुआ तो मां भारती में आस्था रखने वाले हजारों लाखों लोग दूसरे देशों में वहीं रह गए, उन्होंने उस समय के नेताओं की बातों का भरोसा किया था, उन नेताओं ने उन्हें कहा था की वहां वे लोग सुख चैन की जिंदगी जी पाएंगे। उन नेताओं की बात मां भारती की उन संतानों ने मान ली थी लेकिन उनके भरोसे को तोड़ दिया गया। इसके बाद दशकों तक केंद्र सरकार में बैठे लोगों ने इन लोगों की परवाह नहीं की, अपने ही लोगों को उन्होंने पराया बना दिया। इतिहास की इस गलती को सुधारा जाना बहुत जरुरी था। ये लोग जो मां भारती की जय बोलते हैं वो और किस देश में जाएंगे, आज जब वहां उनके साथ उनकी आस्था की वजह से अत्याचार बढ़ रहा है तो वो कहां जाएंगे उन्हें नर्क की जिंदगी से निकालना, उन्हें वहां से बचाना ये हर हिन्दुस्तानी का कर्तव्य है, हर सरकार का कर्त्तव्य है। और इसीलिए हमारा संकल्प है की नागरिकता से जुड़े कानून को संसद में पारित करा कर ही रहेंगे। भाइयो-बहनो, टीएमसी हो, कांग्रेस हो या लेफ्ट फ्रंट वाले हो, ये सिर्फ भेद-भाव की राजनीति जानते हैं। जबकि चौकीदार की सरकार, सबका साथ-सबका विकास इसी एक मंत्र पर काम कर रही है। हमारी सरकार की योजनाओं से बड़ी संख्या में दलितों, पिछड़ों, शोषितों, वंचितों को लाभ हो रहा है। गरीबों को अपने पक्के घर दिए जा रहे हैं। इसके लाभार्थी हर जाति, हर प्रांत के लोग हैं। इस चौकीदार का संकल्प है की 2022 तक एक भी गरीब झोंपड़ी में ना रहे, फुटपाथ पर जिंदगी ना गुजारे, बेघर ना रहे, सबके पास अपना पक्का घर हो, इस संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।

साथियो, रेल हो, हाइवे हो, एयरपोर्ट हो पहले की तुलना में दो गुनी गति से काम हमने किया है, यही हमारी पहचान है। यहां बालुरघाट के एयरपोर्ट का काम भी पूरा हो चुका है, जल्द ही यहां से उड़ाने भी शुरू हो जाएंगी। इस क्षेत्र में बरसों से रेलवे के बड़े-बड़े काम ठप पड़े हुए थे। अब हमारी सरकार ने यहां नए सिरे से रेलवे के काम शुरू करवाए हैं। यही बालुरघाट में ही करीब 700 किलोमीटर की नई रेलवे लाइन पर काम हो रहा है, पुरानी लाइनों का दोहरीकरण हो रहा है, बिजलीकरण हो रहा है, और आप याद करिए दीदी भी तो रेलमंत्री थी क्या उन्होंने आपके लिए कुछ किया क्या?
साथियो, यहां की सरकार को सिर्फ अड़ंगे लगाना ही आता है। आपके इस चौकीदार की सरकार ने गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की योजना बनाई है लेकिन उससे भी टोलाबाजों की सरकार बाहर निकल गई। असल में भाजपा-एनडीए सरकार की इस योजना से टोलबाजी नहीं हो पा रही है। इसीलिए गरीब के जीवन से भी दीदी की सरकार ने खिलवाड़ कर दिया। इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसानों के खाते में सीधी मदद देने की योजना बनाई है लेकिन यहां की सरकार ने लाभार्थियों की लिस्ट ही नहीं भेजी। क्योंकि इसमें भी टोलाबाजी का कोई स्कोप नहीं है, ये सीधा आपके बैंक खाते में जमा होता है।

भाइयो-बहनो, मालदा के आम देश भर में बहुत मशहूर हैं। इस फल ने मालदा को एक अलग पहचान दी है लेकिन कांग्रेस ने पी एम के शासन में इस क्षेत्र की मिठास में कड़वाहट घोलने का ही काम किया गया है। उसका विकास भी रोका है इस क्षेत्र में तो धान भी तो बहुत होता है। इसीलिए यहां एग्रो इंडस्ट्रीज की बहुत संभावना है, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की बहुत संभावना है लेकिन जब कानून व्यवस्था इतनी चौपट हो तो कोई भी यहां आ कर निवेश करने से डरेगा।

साथियो, जब तक यहां से गुंडागर्दी साफ नहीं होगी तब तक यहां पढ़ाई का माहौल नहीं बनेगा, उच्च शिक्षा के स्थान नहीं आएंगे, उद्योग धंधे नहीं लगेंगे। भाइयो और बहनो, इस स्थिति को हम बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने यूपी में कानून व्यवस्था को सुधार कर दिखाया है। त्रिपुरा, असम में भी कर के भी हमने दिखाया वो तो आप सामने देख रहे हैं और भविष्य में भी पश्चिम बंगाल में हम ऐसा कर के दिखाएंगे। इस बार आपका वोट पश्चिम बंगाल को उसी दिशा में ले जाएगा। इस बार आपका वोट पूर्वी भारत के विकास में मदद करेगा।

साथियो, सबको सुरक्षा और सबको सम्मान, ये हमारा प्रण है। बहन-बेटियों को अपमान ना सहना पड़े, इसके लिए हमने दो बड़े कानून बनाए हैं। बलात्कार जैसे अपराध में हमने फांसी का प्रावधान किया है। इसी तरह मानव तस्करी से जुड़ा एक बहुत ही सख्त कानून हमने बनाया है। तीन तलाक से जुड़े कानून को संसद से पारित कर मुस्लिम बेटियों को सुरक्षा देने के लिए भी ये चौकीदार प्रतिबद्ध है और याद रखिए केंद्र सरकार में जिस पार्टी का साशन होगा उसी पार्टी का सांसद होगा तो आपके इस क्षेत्र का विकास भी और तेज होगा।

भाइयो और बहनो, ये संकल्प तभी सिद्धि में बदलेगा, जब भारी संख्या में आप कमल के फूल के सामने बटन दबाएंगे। आपका एक-एक वोट, भाइयो-बहनो, कमल पर जब आप बटन दबाएंगे, आपका एक एक वोट मोदी के खाते में ही जाएगा, इस चौकीदार के खाते में ही जाएगा।

भाइयो-बहनो, मुझे बताइए देश मजबूत होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? उसके लिए सरकार मजबूत होनी चाहिए की नहीं होनी चाहिए? मजबूत सरकार के लिए चौकीदार भी मजबूत चाहिए की नहीं चाहिए? इस चौकीदार को मजबूत करेंगे? मेरे साथ एक नारा देंगे? मैं कहूंगा मैं भी..आप बोलिए चौकीदार।

मैं भी.....चौकीदार, मैं भी...चौकीदार, मैं भी...चौकीदार। आपका बहुत बहुत धन्यवाद। पूरी ताकत से बोलिए।

भारत माता की...जय
भारत माता की...जय
भारत माता की...जय।

'من کی بات ' کے لئے اپنے مشوروں سے نوازیں.
وزیر اعظم نے ’پریکشا پے چرچا 2022‘ میں شرکت کے لیے مدعو کیا
Explore More
اترپردیش کے وارانسی میں کاشی وشوناتھ دھام کے افتتاح کے موقع پر وزیر اعظم کی تقریر کا متن

Popular Speeches

اترپردیش کے وارانسی میں کاشی وشوناتھ دھام کے افتتاح کے موقع پر وزیر اعظم کی تقریر کا متن
Undoing efforts of past to obliterate many heroes: PM Modi

Media Coverage

Undoing efforts of past to obliterate many heroes: PM Modi
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Our youth has a key role in taking India to new heights in the next 25 years: PM Modi
January 24, 2022
Share
 
Comments
“Sacrifice of Sahibzadas of Guru Gobind Singh Ji for India's civilization, culture, faith and religion is incomparable”
“Today we feel proud when we see the youth of India excelling in the world of startups. We feel proud when we see that the youth of India are innovating and taking the country forward”
“This is New India, which does not hold back from innovating. Courage and determination are the hallmark of India today”
“Children of India have shown their modern and scientific temperament in the vaccination program and since January 3, in just 20 days, more than 40 million children have taken the corona vaccine”

कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रीपरिषद के हमारे साथी स्मृति ईरानी जी, डॉक्टर महेंद्रभाई, सभी अधिकारीगण, सभी अभिभावक एवं शिक्षकगण, और भारत के भविष्य, ऐसे मेरे सभी युवा साथियों!

आप सबसे बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। आपसे आपके अनुभवों के बारे में जानने को भी मिला। कला-संस्कृति से लेकर वीरता, शिक्षा से लेकर इनोवेशन, समाजसेवा और खेल, जैसे अनेकविध क्षेत्रों में आपकी असाधारण उपलब्धियों के लिए आपको अवार्ड मिले हैं। और ये अवार्ड एक बहुत बड़ी स्‍पर्धा के बाद आपको मिले हैं। देश के हर कोने से बच्‍चे आगे आए हैं। उसमें से आपका नंबर लगा है। मतलब कि अवार्ड पाने वालों की संख्‍या भले कम है, लेकिन इस प्रकार से होनहार बालकों की संख्‍या हमारे देश में अपरम्‍पार है। आप सबको एक बार फिर इन पुरस्कारों के लिए बहुत बहुत बधाई। आज National Girl Child Day भी है। मैं देश की सभी बेटियों को भी बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों

आपके साथ-साथ मैं आपके माता-पिता और टीचर्स को भी विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ। आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं, इसके पीछे उनका भी बहुत बड़ा योगदान है। इसीलिए, आपकी हर सफलता आपके अपनों की भी सफलता है। उसमें आपके अपनों का प्रयास और उनकी भावनाएं शामिल हैं।

मेरे नौजवान साथियों,

आपको आज ये जो अवार्ड मिला है, ये एक और वजह से बहुत खास है। ये वजह है- इन पुरस्कारों का अवसर! देश इस समय अपनी आज़ादी के 75 साल का पर्व मना रहा है। आपको ये अवार्ड इस महत्वपूर्ण कालखंड में मिला है। आप जीवन भर, गर्व से कहेंगे कि जब मेरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, तब मुझे ये अवार्ड मिला था। इस अवार्ड के साथ आपको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी मिली है। अब दोस्तों की, परिवार की, समाज की, हर किसी की आपसे अपेक्षाएँ भी बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं का आपको दबाव नहीं लेना है, इनसे प्रेरणा लेनी है।

युवा साथियों, हमारे देश के छोटे छोटे बच्चों ने, बेटे-बेटियों ने हर युग में इतिहास लिखा है। हमारी आज़ादी की लड़ाई में वीरबाला कनकलता बरुआ, खुदीराम बोस, रानी गाइडिनिल्यू जैसे वीरों का ऐसा इतिहास है जो हमें गर्व से भर देता है। इन सेनानियों ने छोटी सी उम्र में ही देश की आज़ादी को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, उसके लिए खुद को समर्पित कर दिया था।

आपने टीवी देखा होगा, मैं पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गया था। वहां मेरी मुलाकात श्रीमान बलदेव सिंह और श्रीमान बसंत सिंह नाम के ऐसे वीरों से हुई जिन्होंने आज़ादी के तुरंत बाद जो युद्ध हुआ था कश्‍मीर की धरती पर, अभी तो इनकी उम्र बहुत बड़ी है, तब वो बहुत छोटी उम्र के थे और उन्‍होंने उस युद्ध में बाल सैनिक की भूमिका निभाई थी। और हमारी सेना में पहली बार बाल-सैनिक के रूप में उनकी पहचान की गई थी। उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए उतनी कम उम्र में अपनी सेना की मदद की थी।

इसी तरह, हमारे भारत का एक और उदाहरण है- गुरु गोविन्द सिंह जी के बेटों का शौर्य और बलिदान! साहिबज़ादों ने जब असीम वीरता के साथ, धैर्य के साथ, साहस के साथ पूर्ण समर्पण भाव से बलिदान दिया था तब उनकी उम्र बहुत कम थी। भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था और धर्म के लिए उनका बलिदान अतुलनीय है। साहिबज़ादों के बलिदान की स्मृति में देश ने 26 दिसम्बर को 'वीर बाल दिवस' की भी शुरुआत की है। मैं चाहूँगा कि आप सब, और देश के सभी युवा वीर साहिबज़ादों के बारे में जरूर पढ़ें।

आपने ये भी जरूर देखा होगा, कल दिल्ली में इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नेताजी से हमें सबसे बड़ी प्रेरणा मिलती है- कर्तव्य की, राष्ट्रप्रथम की! नेताजी से प्रेरणा लेकर हम सबको, और युवा पीढ़ी को विशेष रूप से देश के लिए अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ना है।

साथियों,

हमारी आजादी के 75 साल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आज हमारे सामने अपने अतीत पर गर्व करने का, उससे ऊर्जा लेने का समय है। ये समय वर्तमान के संकल्पों को पूरा करने का है। ये समय भविष्य के लिए नए सपने देखने का है, नए लक्ष्य निर्धारित करके उन पर बढ़ने का है। ये लक्ष्य अगले 25 सालों के लिए हैं, जब देश अपनी आज़ादी के सौ साल पूरे करेगा।

अब आप कल्‍पना कीजिए, आज आप में से ज्‍यादातर लोग 10 और 20 के बीच की उम्र के हैं। जब आजादी के सौ साल होंगे तब आप जीवन के उस पड़ाव पर होंगे, तब ये देश कितना भव्‍य, दिव्‍य, प्रगतिशील, ऊंचाइयों पर पहुंचा हुआ, आपका जीवन कितना सुख-शांति से भरा हुआ होगा। यानी, ये लक्ष्य हमारे युवाओं के लिए हैं, आपकी पीढ़ी और आपके लिए हैं। अगले 25 सालों में देश जिस ऊंचाई पर होगा, देश का जो सामर्थ्य बढ़ेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारी युवा पीढ़ी की है।

साथियों,

हमारे पूर्वजों ने जो बोया, उन्‍होंने जो तप किया, त्‍याग किया, उसके फल हम सबको नसीब हुए हैं। लेकिन आप वो लोग हैं, आप एक ऐसे कालखंड में पहुंचे हैं, देश आज उस जगह पर पहुंचा हुआ है कि आप जो बोऐंगे उसके फल आपको खाने को मिलेंगे, इतना जल्‍दी से बदलाव होने वाला है। इसीलिए, आप देखते होंगे, आज देश में जो नीतियाँ बन रही हैं, जो प्रयास हो रहे हैं, उन सबके केंद्र में हमारी युवा पीढ़ी है, आप लोग हैं।

आप किसी सेक्टर को सामने रखिए, आज देश के सामने स्टार्टअप इंडिया जैसे मिशन हैं, स्टैंडअप इंडिया जैसे प्रोग्राम चल रहे हैं, डिजिटल इंडिया का इतना बड़ा अभियान हमारे सामने है, मेक इन इंडिया को गति दी जा रही है, आत्मनिर्भर भारत का जनआंदोलन देश ने शुरू किया है, देश के हर कोने में तेजी से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर विस्तार ले रहा है, हाइवेज़ बन रहे हैं, हाइस्पीड एक्सप्रेसवेज़ बन रहे हैं, ये प्रगति, ये गति किसकी स्पीड से मैच करती है? आप लोग ही हैं जो इन सब बदलावों से खुद को जोड़कर देखते हैं, इन सबके लिए इतना excited रहते हैं। आपकी ही जेनेरेशन, भारत ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी इस नए दौर को लीड कर रही है।

आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों के CEO, हर कोई उसकी चर्चा कर रहा है, ये CEO कौन हैं, हमारे ही देश की संतान हैं। इसी देश की युवा पीढ़ी है जो आज विश्‍व में छाई हुई है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि भारत के युवा स्टार्ट अप की दुनिया में अपना परचम फहरा रहे हैं। आज हमें गर्व होता है, जब हम देखते हैं कि भारत के युवा नए-नए इनोवेशन कर रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं। अब से कुछ समय बाद, भारत अपने दमखम पर, पहली बार अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने वाला है। इस गगनयान मिशन का दारोमदार भी हमारे युवाओं के पर ही है। जो युवा इस मिशन के लिए चुने गए हैं, वो इस समय कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

साथियों,

आज आपको मिले ये अवार्ड भी हमारी युवा पीढ़ी के साहस और वीरता को भी celebrate करते हैं। ये साहस और वीरता ही आज नए भारत की पहचान है। कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई हमने देखी है, हमारे वैज्ञानिकों ने, हमारे वैक्सीन Manufacturers ने दुनिया में लीड लेते हुये देश को वैक्सीन्स दीं। हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी बिना डरे, बिना रुके देशवासियों की सेवा की, हमारी नर्सेस गाँव गाँव, मुश्किल से मुश्किल जगहों पर जाकर लोगों को वैक्सीन लगा रही हैं, ये एक देश के रूप में साहस और हिम्मत की बड़ी मिसाल है।

इसी तरह, सीमाओं पर डटे हमारे सैनिकों की वीरता को देखिए। देश की रक्षा के लिए उनकी जांबाजी हमारी पहचान बन गई है। हमारे खिलाड़ी भी आज वो मुकाम हासिल कर रहे हैं, जो भारत के लिए कभी संभव नहीं माने जाते थे। इसी तरह, जिन क्षेत्रों में बेटियों को पहले इजाजत भी नहीं होती थी, बेटियाँ आज उनमें कमाल कर रही हैं। यही तो वो नया भारत है, जो नया करने से पीछे नहीं रहता, हिम्मत और हौसला आज भारत की पहचान है।

साथियों,

आज भारत, अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। इससे आपको पढ़ने में, सीखने में और आसानी होगी। आप अपनी पसंद के विषय पढ़ पाएं, इसके लिए भी शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश भर के हजारों स्कूलों में बन रही अटल टिंकरिंग लैब्स, पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही बच्चों में इनोवेशन का सामर्थ्य बढ़ा रही हैं।

साथियों,

भारत के बच्चों ने, युवा पीढ़ी ने हमेशा साबित किया है कि वो 21वीं सदी में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कितने सामर्थ्य से भरे हुए हैं। मुझे याद है, चंद्रयान के समय, मैंने देशभर के बच्चों को बुलाया था। उनका उत्साह, उनका जोश मैं कभी भूल नहीं सकता। भारत के बच्चों ने, अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी अपनी आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है। 3 जनवरी के बाद से सिर्फ 20 दिनों में ही चार करोड़ से ज्यादा बच्चों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ये दिखाता है कि हमारे देश के बच्चे कितने जागरूक हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का कितना एहसास है।

साथियों,

स्वच्छ भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा श्रेय भी मैं भारत के बच्चों को देता हूं। आप लोगों ने घर-घर में बाल सैनिक बनकर, स्‍वच्‍छाग्रही बनकर अपने परिवार को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित किया। घर के लोग, स्वच्छता रखें, घर के भीतर और बाहर गंदगी ना हो, इसका बीड़ा बच्चों ने खुद उठा लिया था। आज मैं देश के बच्चों से एक और बात के लिए सहयोग मांग रहा हूं। और बच्‍चे मेरा साथ देंगे तो हर परिवार में परिवर्तन आएगा। और मुझे विश्‍वास है ये मेरे नन्‍हें-मुन्‍हें साथी, यही मेरी बाल सेना मुझे इस काम में बहुत मदद करेगी।

जैसे आप स्वच्छता अभियान के लिए आगे आए, वैसे ही आप वोकल फॉर लोकल अभियान के लिए भी आगे आइए। आप घर में बैठ करके, सब भाई-बहन बैठ करके एक लिस्‍ट बनाइए, गिनती करिए, कागज ले करके देखिए, सुबह से रात देर तक आप जो चीजों का उपयोग करते हैं, घर में जो सामान है, ऐसे कितने Products हैं, जो भारत में नहीं बने हैं, विदेशी हैं। इसके बाद घर के लोगों से आग्रह करें कि भविष्य में जब वैसा ही कोई Product खरीदा जाए तो वो भारत में बना हो। उसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो, जिसमें भारत के युवाओं के पसीने की सुगंध हो। जब आप भारत में बनी चीजें खरीदेंगे तो क्‍या होने वाला है। एकदम से हमारा उत्‍पादन बढ़ने लग जाएगा। हर चीज में उत्पादन बढ़ेगा। और जब उत्पादन बढ़ेगा, तो रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। जब रोजगार बढ़ेंगे तो आपका जीवन भी आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए आत्मनिर्भर भारत का अभियान, हमारी युवा पीढ़ी, आप सभी से भी जुड़ा हुआ है।

साथियों,

आज से दो दिन बाद देश अपना गणतन्त्र दिवस भी मनाएगा। हमें गणतन्त्र दिवस पर अपने देश के लिए कुछ नए संकल्प लेने हैं। हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए, और पूरे विश्व के भविष्य के लिए हो सकते हैं। जैसे कि पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है, और इसका लाभ पूरे विश्व को मिलेगा।

मैं चाहूँगा कि आप उन संकल्पों के बारे में सोचें जो भारत की पहचान से जुड़े हों, जो भारत को आधुनिक और विकसित बनाने में मदद करें। मुझे पूरा भरोसा है, आपके सपने देश के संकल्पों से जुड़ेंगे, और आप आने वाले समय में देश के लिए अनगिनत कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

इसी विश्वास के साथ आप सभी को एक बार फिर बहुत बहुत बधाई,

सभी मेरे बाल मित्रों को बहुत-बहुत प्‍यार, बहुत-बहुत बधाई, बहुत बहुत धन्यवाद !