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The TMC government will soon understand that ignoring the needs and wishes of the people comes at a heavy cost: PM Modi
The high voting percentages in Bengal till now have shown that the people have resolved to get rid of their corrupt government: Prime Minister Modi
‘Speed-Breaker Didi’ totally decieved the people and their aspirations in the name of ‘Maa, Maati, Maanush’: PM Modi in Bengal

भारत माता की…जय
भारत माता की…जय

मैं हेलीकॉप्टर से देख रहा था, करीब पांच किलोमीटर के दायरे पे, चारों तरफ से लोग यहां लोग आ रहे हैं, पैदल आ रहे हैं। मैं यहां से भी दूर -दूर देख रहा हूं लोग आ रहे है, मैं इधर भी देख रहा हूं ऐसा लग रहा है, ऐसी ही एक सभा वहां से रोड पर चल के आ रही है, उधर रोड़ पर से चल के आ रही है।

भाइयो-बहनो, कमाल कर दिया आपने कमाल कर दिया। ये जो लोग पेड़ पर चढ़े हैं सुरक्षित हैं ना, अपने आप को संभालिए क्योंकि आप को इस विजय को भी देखना है और विजयी बंगाल में आपको अपने सपने भी पूरे करने हैं।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण और इतनी विशाल संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए हुए मेरे प्यारे उत्साही भाइयो-बहनो, मां काली और भगवान शिवजी की धरती को मेरा शत-शत नमन। पूरा देश कह रहा है की पश्चिम बंगाल में इस बार कुछ बड़ा हो रहा है। क्या बड़ा हो रहा है, कैसी लहर उठी है, वो आपका ये स्नेह, ये विश्वास दिखा रहा है।
भाइयो-बहनो, आपके प्यार के लिए आपको सलाम, अब जगह बची नहीं जहां है वहां खड़े रहिए। आगे माताएं बहने हैं आप आगे आने की कोशिश मत कीजिए भैया, तो वहीं रुकेंगे? आपकी इजाजत है तो बोलना शुरू करूं?

बोलो भारत माता की...जय
अद्भुत प्यार है आपका अद्भुत।

साथियो, इस बार वाकई पश्चिम बंगाल के लोगों ने ठान लिया है। स्पीड ब्रेकर दीदी को अब 23 मई के बाद समझ आ जाएगा की जनता के साथ गुंडागर्दी करने का, उनके पैसे लूटने का, उनका विकास रोकने का नतीजा क्या होता है। मैं मीडिया में देख रहा था की कैसे सामान्य लोगों ने हमारी बहनों ने टीएमसी के गुंडों को सबक सिखाया। उनकी लाख-लाख कोशिशों के बावजूद, धमकियों के बावजूद, भारी संख्या में किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, हमारी माताएं-बहनें और हमारे नौजवान साथी वोट देने के लिए निकल पड़े।

भाइयो, बंगाल में पहले और दूसरे चरण में मतदान की जो रिपोर्ट आई है, उसने स्पीड ब्रेकर दीदी की नींद पर भी ब्रेक लगा दिया है, इसी बौखलाहट में किस तरह के जघन्य अपराध हो रहे हैं, वो भी देश देख रहा है। पुरुलिया में हमारे एक और कार्यकर्ता की हत्या की गई। अपने साथी परिजनों के साथ मैं खुद और पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता खड़ा है। मैं पश्चिम बंगाल बीजेपी के हर कार्यकर्ता को यहां के हर मतदाता को यहां के बच्चे-बच्चे को आश्वासन दिलाता हूं की इस अत्याचार का पूरा न्याय होगा। बीजेपी के हर कार्यकर्ता, बंगाल के हर व्यक्ति के साथ जो हिंसा हुई है, उस हिंसा करने वालों के उस साजिश करने वालों को, अब कानून सजा कर के रहेगा, न्याय होके रहेगा। ऐसे लोगों को कठोर से कठोर सजा दी जाएगी।

साथियो, पश्चिम बंगाल में धमकी, लूट और भ्रष्टाचार का ये खेल ऐसे ही चलते रहना चाहिए क्या? ऐसे ही चलता रहना चाहिए क्या? क्या स्पीड ब्रेकर दीदी को कड़ी सजी मिलनी चाहिए की नहीं मिलनी चाहिए? कड़ी से कड़ी सजा दोगे? हिम्मत के साथ दोगे, पूरे बंगाल में दोगे, गांव -गांव में दोगे, हर गली-गली मोहल्ले में दोगे, हर पोलिंग बूथ में दोगे। भाइयो-बहनो, मुझे आप पर भरोसा है और आप दने वालें है ये पहले और दूसरे चरण में मैं देख चुका हूं भाइयो।

भाइयो और बहनो, ममता दीदी ने जो पश्चिम बंगाल में किया है, उसके लिए उन्हें ना इस धरती का महान इतिहास माफ करेगा और ना ही भविष्य माफ करेगा। आप लोगों ने ममता दीदी पर बहुत विश्वास किया था। लेकिन उन्होंने आपके मां-माटी-मानुष के नाम पर सिर्फ धोखा दिया। ये गलती सिर्फ आपने नहीं की है, मैंने भी की है क्योंकि जब मैं उनको देखता था उनको टीवी पे, कभी-कभार मिलता था, तो मुझे लगता था सचमुच में सादगी की मूर्ति है, मेहनत करती हैं, बंगाल का भला चाहती हैं, लेफ्टिस्टों से बंगाल को मुक्ति दिलाना चाहती थी, मैं भी ऐसा मानता था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद यहां के उनके कारनामे देखे, मेरा माथा शर्म से झुक गया भाइयो शर्म से झुक गया। अगर मेरे जैसे व्यक्ति ने गलती की है तो बंगाल के लोगों से गलती होना बहुत स्वाभाविक है लेकिन अब मैं भी उनको पहचान गया हूं और बंगाल का तो बच्चा-बच्चा पहचान गया है। पहले गरीबों के पसीने की कमाई, नारदा, शारदा और रोज वैली ने लूट ली और फिर दीदी ने घोटालेबाजों को ही सांसद और मंत्री बना दिया। इतना ही नहीं, भ्रष्टाचारियों के लिए वो धरने तक पर बैठ गई।

साथियो, आपके आशीर्वाद से, आपका ये चौकीदार गरीब की पाई-पाई का हिसाब लेगा। अब टीएमसी के जगाई-मथाई जितनी ताकत लगा लें, इंसाफ होने से नहीं रोक पाएंगे। चिटफंड घोटाले के एक-एक आरोपी को गरीब के आंसुओं का हिसाब देना ही पड़ेगा।

साथियो, जिस तरह बुआ-भतीजा मिलकर पश्चिम बंगाल की संस्कृति को, यहां की पहचान को, यहां के लोगों को बदनाम कर रहे हैं, वो शर्मनाक है। दीदी अपनी पार्टी में जगाई-मथाई की भारी भर्ती कर रही है लेकिन जिन युवाओं ने एग्जाम पास किया है, उनको नौकरी नहीं देती। दीदी के पास गुंडों को देने के लिए पैसा है, लेकिन कर्मचारियों को डीए देने के पैसे नहीं हैं। दिल्ली की केंद्र सरकार ने सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया। अरे बगल में त्रिपुरा ने भी भाजपा की सरकार बनते ही सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया लेकिन ये दीदी, गरीबों की बातें करने वाली दीदी यहां के सरकार के कर्मचारियों को छठवां वेतन आयोग भी लागू नहीं करती है, बताइए।

भाइयो और बहनो, हद देखिए, कहती है की पश्चिम बंगाल का ये मॉडल वो पूरे देश में लागू करना चाहती है। अरे जहां टोलेबाजी टैक्स के बगैर जीवन नहीं चलता। जहां गरीबों को गरीब रखने का षडयंत्र होता है, जहां गरीब की कमाई को टीएमसी के नेता लूट लेते हैं, जहां पर पूजा तक करना मुश्किल होता है, यात्राएं निकालना मुश्किल होता है। जहां तुष्टिकरण के लिए दूसरे देशों के लोगों के बुलाकर चुनाव प्रचार करवाया जाता है। क्या कभी हिन्दुस्तान में ऐसा हुआ है की दुनिया के किसी देश के लोग आकर के भारत में चुनाव प्रचार करें? अपनी तिजोरी भरने के लिए, अपने वोट बैंक के लिए, तुष्टिकरण के लिए दीदी किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है।

साथियो, ऐसा मॉडल देश के लिए तो दूर, पश्चिम बंगाल के लिए भी मंजूर नहीं है, भाइयो और बहनो देश को ऐसा विकास का मॉडल चाहिए जहां सबको सुरक्षा और सबको सम्मान मिले, देश को ऐसा विकास का मॉडल चाहिए जिसे दुनिया में भारत का नाम हो, दुनिया भारत की जय-जय कार करे, आज भारत की जय-जय कार सारी दुनिया में हो रही है की नहीं हो रही है? सारी दुनिया में हिन्दुस्तान की जय जय कार हो रही है। देश को ऐसा विकास का मॉडल चाहिए जहां आतंकवाद की दहशत ना हो, आतंकवादियों में डर पैदा हो। याद है ना आपको, कुछ साल पहले खगरागढ़ में दुर्गा अष्टमी के दिन जो धमाका हुआ था। उस धमाके की जांच को रोकने की किसने कोशिश की? क्या ऐसे लोग आतंक का मुकाबला कर पाएंगे?

साथियो, आतंक से लड़ाई भी दीदी जैसे कुछ लोग अपना वोटबैंक देख कर तय करते हैं। लेकिन आपका ये चौकीदार आतंकवाद को उसी भाषा में जवाब देता है जिसे वो समझते हैं।
भाइयो-बहनो, आप बताइए आज आतंकी डर रहे हैं की नहीं डर रहे हैं? भारत आतंकियों को घर में घुसकर मार रहा है, आप खुश है, आपको गर्व हो रहा है, मोदी सही कर रहा है? आतंकवादियों के साथ यही करना चाहिए की नहीं करना चाहिए, मोदी की ताकत बढ़नी चाहिए की नहीं बढ़नी चाहिए? आप बढ़ाएंगे की नहीं बढ़ाएंगे, पूरा बंगाल बढ़ाएगा की नहीं बढ़ाएगा? भाइयो-बहनो, जब हमारे सपूतों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों को साफ किया, तब दीदी उन लोगों में से थी, जिन्होंने इसका सबूत मांगा। आपको सबूत चाहिए क्या? आपको सबूत चाहिए क्या? हमारे सपूतों ने सही काम किया, इसका आपको विश्वास है? आपको भरोसा है? सेना की बात पे भरोसा है, मोदी की बात पे भरोसा है?

अरे दीदी, सबूत ही खोजने है तो जरा चिटफंड के घोटालेबाजों के सबूत खोजो। अरे सपूतों के शौर्य के सबूत, सपूत खुद होता है। अरे दीदी सबूत ही खोजने हैं तो घुसपैठियों के सबूत खोजो, देश भक्त की वीरता के सबूत खोजना बंद करो।

साथियो, वाकई दीदी के राज में यहां एक काम बहुत तेज़ी से होता है, घुसपैठ और तस्करी। 23 मई को आपको मालूम है ना 23 मई को क्या है? 23 मई को चुनाव का नतीजा आएगा, चुनाव का रिजल्ट आएगा और 23 मई को जब फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार, 23 मई को जब फिर एक बार...मोदी सरकार आएगी, तब हम घुसपैठ को रोकने के लिए, घुसपैठियों को पहचानने के लिए और कड़े कदम उठाने वाले हैं, सीमा पर जो फेंसिंग लगाने के काम में जो रुकावट डाल रहे हैं, उन्हें भी इस चुनाव के नतीजे सच्चाई समझा देंगे।

साथियो, एक और बहुत अहम विषय है नागरिकता कानून का, जिसे लेकर बहुत अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उसमें भी कुछ लोगों द्वारा अपना वोटबैंक साधा जा रहा है। भाइयो और बहनो, जब देश का बंटवारा हुआ, जब भारत को विभाजन हुआ तो मां भारती में आस्था रखने वाले हजारों लाखों लोग दूसरे देशों में वहीं रह गए, उन्होंने उस समय के नेताओं की बातों का भरोसा किया था, उन नेताओं ने उन्हें कहा था की वहां वे लोग सुख चैन की जिंदगी जी पाएंगे। उन नेताओं की बात मां भारती की उन संतानों ने मान ली थी लेकिन उनके भरोसे को तोड़ दिया गया। इसके बाद दशकों तक केंद्र सरकार में बैठे लोगों ने इन लोगों की परवाह नहीं की, अपने ही लोगों को उन्होंने पराया बना दिया। इतिहास की इस गलती को सुधारा जाना बहुत जरुरी था। ये लोग जो मां भारती की जय बोलते हैं वो और किस देश में जाएंगे, आज जब वहां उनके साथ उनकी आस्था की वजह से अत्याचार बढ़ रहा है तो वो कहां जाएंगे उन्हें नर्क की जिंदगी से निकालना, उन्हें वहां से बचाना ये हर हिन्दुस्तानी का कर्तव्य है, हर सरकार का कर्त्तव्य है। और इसीलिए हमारा संकल्प है की नागरिकता से जुड़े कानून को संसद में पारित करा कर ही रहेंगे। भाइयो-बहनो, टीएमसी हो, कांग्रेस हो या लेफ्ट फ्रंट वाले हो, ये सिर्फ भेद-भाव की राजनीति जानते हैं। जबकि चौकीदार की सरकार, सबका साथ-सबका विकास इसी एक मंत्र पर काम कर रही है। हमारी सरकार की योजनाओं से बड़ी संख्या में दलितों, पिछड़ों, शोषितों, वंचितों को लाभ हो रहा है। गरीबों को अपने पक्के घर दिए जा रहे हैं। इसके लाभार्थी हर जाति, हर प्रांत के लोग हैं। इस चौकीदार का संकल्प है की 2022 तक एक भी गरीब झोंपड़ी में ना रहे, फुटपाथ पर जिंदगी ना गुजारे, बेघर ना रहे, सबके पास अपना पक्का घर हो, इस संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।

साथियो, रेल हो, हाइवे हो, एयरपोर्ट हो पहले की तुलना में दो गुनी गति से काम हमने किया है, यही हमारी पहचान है। यहां बालुरघाट के एयरपोर्ट का काम भी पूरा हो चुका है, जल्द ही यहां से उड़ाने भी शुरू हो जाएंगी। इस क्षेत्र में बरसों से रेलवे के बड़े-बड़े काम ठप पड़े हुए थे। अब हमारी सरकार ने यहां नए सिरे से रेलवे के काम शुरू करवाए हैं। यही बालुरघाट में ही करीब 700 किलोमीटर की नई रेलवे लाइन पर काम हो रहा है, पुरानी लाइनों का दोहरीकरण हो रहा है, बिजलीकरण हो रहा है, और आप याद करिए दीदी भी तो रेलमंत्री थी क्या उन्होंने आपके लिए कुछ किया क्या?
साथियो, यहां की सरकार को सिर्फ अड़ंगे लगाना ही आता है। आपके इस चौकीदार की सरकार ने गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की योजना बनाई है लेकिन उससे भी टोलाबाजों की सरकार बाहर निकल गई। असल में भाजपा-एनडीए सरकार की इस योजना से टोलबाजी नहीं हो पा रही है। इसीलिए गरीब के जीवन से भी दीदी की सरकार ने खिलवाड़ कर दिया। इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसानों के खाते में सीधी मदद देने की योजना बनाई है लेकिन यहां की सरकार ने लाभार्थियों की लिस्ट ही नहीं भेजी। क्योंकि इसमें भी टोलाबाजी का कोई स्कोप नहीं है, ये सीधा आपके बैंक खाते में जमा होता है।

भाइयो-बहनो, मालदा के आम देश भर में बहुत मशहूर हैं। इस फल ने मालदा को एक अलग पहचान दी है लेकिन कांग्रेस ने पी एम के शासन में इस क्षेत्र की मिठास में कड़वाहट घोलने का ही काम किया गया है। उसका विकास भी रोका है इस क्षेत्र में तो धान भी तो बहुत होता है। इसीलिए यहां एग्रो इंडस्ट्रीज की बहुत संभावना है, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की बहुत संभावना है लेकिन जब कानून व्यवस्था इतनी चौपट हो तो कोई भी यहां आ कर निवेश करने से डरेगा।

साथियो, जब तक यहां से गुंडागर्दी साफ नहीं होगी तब तक यहां पढ़ाई का माहौल नहीं बनेगा, उच्च शिक्षा के स्थान नहीं आएंगे, उद्योग धंधे नहीं लगेंगे। भाइयो और बहनो, इस स्थिति को हम बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने यूपी में कानून व्यवस्था को सुधार कर दिखाया है। त्रिपुरा, असम में भी कर के भी हमने दिखाया वो तो आप सामने देख रहे हैं और भविष्य में भी पश्चिम बंगाल में हम ऐसा कर के दिखाएंगे। इस बार आपका वोट पश्चिम बंगाल को उसी दिशा में ले जाएगा। इस बार आपका वोट पूर्वी भारत के विकास में मदद करेगा।

साथियो, सबको सुरक्षा और सबको सम्मान, ये हमारा प्रण है। बहन-बेटियों को अपमान ना सहना पड़े, इसके लिए हमने दो बड़े कानून बनाए हैं। बलात्कार जैसे अपराध में हमने फांसी का प्रावधान किया है। इसी तरह मानव तस्करी से जुड़ा एक बहुत ही सख्त कानून हमने बनाया है। तीन तलाक से जुड़े कानून को संसद से पारित कर मुस्लिम बेटियों को सुरक्षा देने के लिए भी ये चौकीदार प्रतिबद्ध है और याद रखिए केंद्र सरकार में जिस पार्टी का साशन होगा उसी पार्टी का सांसद होगा तो आपके इस क्षेत्र का विकास भी और तेज होगा।

भाइयो और बहनो, ये संकल्प तभी सिद्धि में बदलेगा, जब भारी संख्या में आप कमल के फूल के सामने बटन दबाएंगे। आपका एक-एक वोट, भाइयो-बहनो, कमल पर जब आप बटन दबाएंगे, आपका एक एक वोट मोदी के खाते में ही जाएगा, इस चौकीदार के खाते में ही जाएगा।

भाइयो-बहनो, मुझे बताइए देश मजबूत होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? उसके लिए सरकार मजबूत होनी चाहिए की नहीं होनी चाहिए? मजबूत सरकार के लिए चौकीदार भी मजबूत चाहिए की नहीं चाहिए? इस चौकीदार को मजबूत करेंगे? मेरे साथ एक नारा देंगे? मैं कहूंगा मैं भी..आप बोलिए चौकीदार।

मैं भी.....चौकीदार, मैं भी...चौकीदार, मैं भी...चौकीदार। आपका बहुत बहुत धन्यवाद। पूरी ताकत से बोलिए।

भारत माता की...जय
भारत माता की...जय
भारत माता की...जय।

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Prime Minister chairs first meeting of National Ganga Council
December 14, 2019
शेअर करा
 
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Prime Minister Shri Narendra Modi chaired the first meeting of the National Ganga Council in Kanpur, Uttar Pradesh today.

The Council has been given overall responsibility for superintendence of pollution prevention and rejuvenation of River Ganga Basin, including Ganga and its tributaries. The first meeting of the Council was aimed at reinforcing the importance of a ‘Ganga-centric’ approach in all departments of the concerned states as well as relevant Central Ministries.

Today’s meeting was attended by Union Ministers for Jal Shakti, Environment, Agriculture and Rural Development, Health, Urban Affairs, Power, Tourism, Shipping and Chief Ministers of Uttar Pradesh and Uttarakhand, Deputy Chief Minister of Bihar, Vice Chairman Niti Aayog and other senior officials. The state of West Bengal was not present in the meeting and Jharkhand did not participate because of the ongoing elections and the Model Code of Conduct being in force.

Prime Minister, while reviewing the progress of work done and deliberating on various aspects of cleaning river Ganga with a focus on ‘swachhta’, ‘aviralta’ and ‘nirmalta’. He observed that Maa Ganga is the holiest river on the sub-continent and its rejuvenation should embody a shining example of cooperative federalism. Prime Minister said that rejuvenation of Ganga has been a long pending challenge for the country. He noted that a lot had been accomplished since the Government took up ‘Namami Gange’ in 2014 as a comprehensive initiative integrating various government efforts and activities with the aim of pollution abatement, conservation and rejuvenation of Ganga, notable achievements being zero waste creation by paper mills and reduction in pollution from tanneries; but much more needs to be done.

For the first time, the Central Government had made commitment of Rs. 20,000 crores for the period 2015-20 to the five states through which Ganga passes, to ensure adequate as well as uninterrupted water flows in the river. Rs. 7700 crores have already been spent so far, prominently for construction of new sewage treatment plants.

Prime Minister emphasized that an improvement framework for Nirmal Ganga would require fullest cooperation from the public at large and greater awareness through dissemination of best practices from cities situated along the banks of national rivers. Efficiency of District Ganga Committees should be improved in all districts, in order to provide a effective framework for expeditious implementation of plans.

The Government has set up the Clean Ganga Fund (CGF) to facilitate contributions from individuals, NRIs, corporate entities for funding Ganga rejuvenation projects. Hon’ble PM has personally donated Rs. 16.53 crores to CGF, from the amount realized from auction of the gifts he received since 2014 and the prize money of the Seoul Peace prize.

Prime Minister urged for a holistic thinking process where ‘Namami Gange’ evolves to ‘Arth Ganga’ or a sustainable development model with a focus on economic activities related to Ganga. As part of this process, farmers should be encouraged to engage in sustainable agriculture practices, including zero budget farming, planting of fruit trees and building plant nurseries on the banks of Ganga. Priority could be given to women Self Help Groups and ex-servicemen organizations for these programs. Such practices, along with creation of infrastructure for water sports and development of camp sites, cycling and walking tracks etc , would help to tap the ‘hybrid’ tourism potential of the river basin area- for purposes of religious as well as adventure tourism. The income generated from encouraging eco-tourism and Ganga wildlife conservation and cruise tourism etc. would help to generate sustainable income streams for cleaning of Ganga.

For monitoring the work progress and activities from various schemes and initiatives under Namami Gange and Arth Ganga, PM also gave directions for the setting up of a Digital Dashboard where data from villages and urban bodies should be monitored on a daily basis by Niti Ayog and Ministry of Jal Shakti. Prime Minister also said that like aspirational districts, all districts bordering Ganga should be made a focus area for monitoring efforts under Namami Gange.

Prior to the meeting, Prime Minister paid floral tributes to legendary freedom fighter Chandrashekhar Azad and viewed an exhibition on ‘Namami Gange’ interventions and projects at the Chandrashekhar Azad Agriculture University. Later in the day, Prime Minister visited Atal Ghat and also inspected the successfully completed work of cleaning at Sisamau Nala.